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राहु-केतु का कष्टकारी गोचर लाभ हेतु करें यह उपाय

राहु और केतु का वर्तमान गोचर अनेक प्रकार से कष्टदाई रहा है क्योंकि इस बार केतु का गोचर वृश्चिक अर्थात अग्नि तत्व ग्रह मंगल की राशि से था जिस कारण से राहु को सदैव ही नियंत्रण में रखने वाला केतु इस बार स्वम् नियंत्रण के बाहर था जिसको नियंत्रित राहु कर रहे हैं।

राहु के पास सर तो केतु के पास धर अर्थात शरीर है वैदिक ज्योतिष में राहु को अशुभ फल देने वाला ग्रह बताया गया है तो वहीं केतु को शुभ फल देने वाला ग्रह बताया गया है किंतु केतु, राहु के ठीक सामने अर्थात राहु से सप्तम में स्थित होने के कारण से वह भी अशुभ फल देने वाला ग्रह बन जाता है और इस बार राहु के पूर्ण अशुभ फल केतु भी प्रदान कर रहे हैं।

राहु-केतु का कष्टकारी गोचर
राहु-केतु का कष्टकारी गोचर

 

राहु व केतु के गोचर परिवर्तन के समय धनु लग्न व वृश्चिक राशि थी जहाँ चंद्रमा का अष्टमेश होकर अपनी नीच राशि में बैठना व पीड़ित होना समस्याओं को और बढ़ाने का सूचक था, ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है “चंद्रमा मनसो जात:” अर्थात चंद्रमा मन का कारक होता है जिस कारण से राहु व केतु के इस कष्टकारी गोचर के कारण से स्वास्थ्य जनित समस्याएं व मानसिक अशांति बनी रही किंतु यह स्थिति अब जल्द ही सामान्य होने लगेगी 9 अप्रैल 2022 की मध्य रात्रि 4 बजकर 21 मिनट को राहु व केतु का गोचर परिवर्तन होगा इसके बाद से स्थिति कुछ सामान्य होने लगेगी जिसका असर कोरोना पर भी देखने को मिलेगा।

 

राहु-केतु के कुछ अचूक उपाय:-

राहु-केतु के कुछ विशेष उपाय
राहु-केतु के कुछ विशेष उपाय

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार राहु व केतु का यह गोचर अनेक प्रकार से विपत्तियों को उत्पन्न करने वाला था जिसमें प्राकृतिक आपदाओं व महामारी के प्रकोप का सभी जनमानस को सामना करना पड़ा साथ ही कारोबार में अड़चन व अन्य किसी भी माध्यम से मानसिक अशांति और अंदर कुछ घिराव के कारण से हानि व पराक्रम की हानि का सामना जनमानस को करना पड़ा अतः आज मैं आप सभी को कुछ ऐसे उपाय बता रहा हूँ जिनको करने से आप सभी को अवश्य ही लाभ प्राप्त होगा।

उपाय:-

१. 4 अमावस्या नियम से सूर्यास्त बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर नारियल को बहते पानी में प्रवाहित करें।

२. नित्य शिवलिंग पर जल मिश्रित दुग्धाभिषेक करें तदोपरांत चावल मिश्रित काला तिल “ॐ नमः शिवाय:” मंत्र का जप करते हुए शिवलिंग पर अर्पित करें और विल्वपत्र अर्पित करते हुए विलवाष्टकम् का पाठ करें।

३. 4 शनिवार नियम से काली उर्द, शहद, किशमिश, आम का मीठा अचार व मेवा युक्त कोई नमकीन कुछ दक्षिणा के साथ किसी भिखारी/जमादार/नौकर को दान करें।

४. बुधवार के दिन कबूतर को दाना डालें।

५. बुधवार व अमावस्या तिथि के दिन सूर्यास्त बाद कुत्ते को कोई ताकत की चीज जैसे दूध/पनीर/खोआ आदि खिलाएं।

जय श्री राम।

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बसंत पंचमी 5 फरवरी 2022: जानिए शुभ मुहर्त

बसंत पंचमी 5 फरवरी 2022: जानिए शुभ मुहर्त

 

बसंत पंचमी 5 फरवरी 2022: जानिए शुभ मुहर्त
बसंत पंचमी 5 फरवरी 2022: जानिए शुभ मुहर्त

 

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि, बसंत पंचमी के नाम से विख्यात है इस वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि ४ फरवरी को प्रातः ०६:४३ पर लग रही है जो कि जो कि ५ फरवरी की प्रातः ०६:४५ तक रहेगी बसंत पंचमी की पूजा दिन के मध्य भाग में करी जाती है और ५ फरवरी को दिन के मध्य भाग में पंचमी तिथि मिल रही है और ६ फरवरी को दिन के मध्य भाग में षष्ठी तिथि मिल रही है अतः इस वर्ष बसंत पंचमी जिसे श्री पंचमी भी कहते हैं ५ फरवरी २०२२ को मनाई जाएगी।

धर्म शास्त्रों के अनुसार बसंत पंचमी को श्री पंचमी भी कहा जाता है इस दिन अबूझ मुहर्त होने के कारण से किसी भी मांगलिक कार्यक्रम को करने के साथ किसी नई वस्तु का क्रय या किसी नए कार्य का आरंभ भी किया जा सकता है बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी माता सरस्वती के पूजन का विधान है इस दिन माता सरस्वती की पूजा करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है तथा जिन विद्यार्थियों की शिक्षा में अवरोध उत्पन्न हो रहे हों उन्हें बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए।

सुखद दाम्पत्य जीवन हेतु करें यह उपाय

 

सुखद दाम्पत्य जीवन हेतु करें यह उपाय
सुखद दाम्पत्य जीवन हेतु करें यह उपाय

 

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी के दिन कामदेव के मंत्र “ॐ नमो भगवते कामदेवाय, यस्य यस्य दृश्यो भवामि, यश्च यश्च मम मुखम पछ्यति तत मोहयतु स्वाहा” मंत्र का 1 माला जप करने व कामदेव और देवी रति की पूजा करने से दाम्पत्य जीवन में मधुरता आती है।

 

पूजा शुभ मुहर्त

 

पूजा शुभ मुहर्त
पूजा शुभ मुहर्त

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार बसंत पंचमी/सरस्वती पूजन/कामदेव पूजन शुभ मुहर्त प्रातः ०६:४० से १२:११ तक रहेगा जिसकी कुल अवधि ५ घंटे ३१ मिनट रहेगी इसमें भी विशेष प्रातः ०८:२५ से ०९:५३ कुंभ लग्न (स्थिर लग्न) में पूजन करना अत्यंत शुभ रहेगा।

नोट:- यदि किसी कारण वश ऊपर बताए गए मुहर्त में पूजा न कर सकें तो बसंत पंचमी के दिन अबूझ मुहर्त रहने के कारण किसी भी समय माता सरस्वती की पूजा कर सकते हैं।

 

बसंत पंचमी का सूक्ष्म पंचांग “ऋषिकेश पंचांग” (काशी अनुसार)

 

बसंत पंचमी सूक्ष्म पंचांग
बसंत पंचमी सूक्ष्म पंचांग

 

दिनमान:- २७:२३
तिथि:- चतुर्थी प्रातः ०६:४३ तक तदोपरांत पंचमी
नक्षत्र:- उत्तराभाद्रपद रात्रि ०७:०५ तक तदोपरांत रेवती
योग:- सिद्ध रात्रि ०८:४३ तक तदोपरांत साध्य
करण:- विष्टि उपरांत वव
चंद्र:- मेष
सूर्योदय:- ०६:३१
सूर्यास्त:- ०५:२९
चन्द्रास्त:- ०९:५५

 

५ फरवरी के कुछ विशेष योग

बसंत पंचमी, तक्षक पूजा, रतिकाम महोत्सव, भद्रा प्रातः ०६:४३ तक, पंचक, सरस्वती पूजन।

जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:- 7007245896, 9919367470
Email:- pooshark@astrologysutras.com

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मई 2020: मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मकर लग्न गोचरफल
मकर लग्न 

 

मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा अतः जो लोग लंबे समय से वाहन खरीदना चाहते हैं उनके लिए वाहन प्राप्ति के अच्छे योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर में तनाव का माहौल रहा सकता है, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, कार्यस्थल पर आपके ऊपर कार्य का अतिरिक्त बोझ रहने के कारण से थकान अनुभव होगी, आलस्य का त्याग करें, किसी उच्च अधिकारी या सरकारी कर्मचारी से व्यर्थ के विवाद से बचें 14 मई को सूर्य गोचर बदलकर पंचम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, गर्म चीजों के सेवन से बचें अन्यथा उदर संबंधित कोई परेशानी रह सकती है, संतान का स्वभाव कुछ चिड़चिड़ा सा हो सकता है, माह के शुरुवात में बुध का गोचर चतुर्थ भाव में रहेगा फलस्वरूप मामा पक्ष के कारण से घर में कुछ तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है, मन में एक असंतोष रह सकता है, माता का सहयोग प्राप्त होगा 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके पंचम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप बुद्धि-विवेक द्वारा आय वृद्धि के नए मार्ग बनाने में सफल होंगे, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें चूँकि शुक्र के स्वराशि गोचर व गुरु की पंचम भाव में दृष्टि के कारण से ज्यादा दिक्कत की बात नही है फिर भी स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सचेत रहें, संतान का सहयोग प्राप्त होगा किंतु उनके स्वास्थ्य में कुछ समस्या भी रह सकती है, संतान की उन्नति होगी, प्रेमियों के लिए अच्छा समय रहेगा 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके छठे भाव में चलें जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, मामा पक्ष से संबंध मधुर होंगे, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा।

 

मकर राशिफल
मकर राशि

 

माह के शुरुवात में शुक्र का गोचर आपके पंचम भाव से रहेगा शुक्र आपकी कुंडली में राजयोगकारक होकर पंचम भाव से स्वराशि गोचर करेंगे फलस्वरूप आपको अपने किसी करीबी मित्र से प्रेम हो सकता है, प्रेम संबंधों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी व जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे, जो लोग कला, सौंदर्य से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं उनके लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा, शुक्र का यह गोचर लगभग 4 माह तक आपके पंचम भाव से रहेगा फलस्वरूप शुक्र का यह गोचर आपके प्रेम संबंधों व जीवनसाथी के साथ आपके संबंधों में मधुरता लाएगा व उनसे लंबे समय से चले आ रहे विवाद खत्म होंगे, माह के शुरुवात में राहु का छठे भाव से गोचर रहेगा अतः छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, सर दर्द, नेत्रों में तकलीफ की भी समस्या रह सकती है, माह के शुरुवात में शनि लग्न से स्वराशि गोचर कर शश नामक योग बनाएंगे साथ ही गुरु की शनि से युति नीचभंग राजयोग का निर्माण करेंगी और लग्न से ही मंगल का अपनी उच्च राशि मकर से गोचर रूचक नामक योग बनाएगा फलस्वरूप पिछले काफी समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलेगी, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके लिए विवाह के योग बनेंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे विवाह करना चाहते हैं तो प्रेम विवाह के योग बनेंगे, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, बेरोजगार लोगों को नौकरी प्राप्त होगी, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, आपके कार्य से सीनियर खुश रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, माता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, घर में कोई शुभ कार्य भी हो सकता है 9 मई को मंगल गोचर बदलकर आपके दूसरे भाव में आ जाएंगे अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, आय में वृद्धि के योग बनेंगे, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, गर्म चीजों के सेवन से बचें व वाहन सावधानी से चलाएं, जीवनसाथी की वाणी थोड़ी तेजी अनुभव होगी, भाग्य में वृद्धि होगी।

 

मकर राशिफल
मकर राशि

 

कुल मिलाकर मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा जिसमें किसी नए कार्य की शुरुवात करने के लिए मन में विचार आ सकते हैं, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, माता का सहयोग प्राप्त होगा, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, माह की 2, 3, 8, 10, 11, 17, 19, 22, 25, 26, 29 व 30 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मकर लग्न व मकर राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य मधुराष्टकं का पाठ करें व मंगलवार और शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470

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संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १

संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १

 

पंचम भाव में स्थित शनि का फल
पंचम भाव में स्थित शनि का फल

 

जन्म कुंडली के पंचम भाव से हम बुद्धि, विद्या, संतान, उदर, बौद्धिक क्षमता, पिछले जन्म का विचार करते हैं अतः इन भावों में स्थित शनि का स्थित होना इन सभी को प्रभावित करता है मेरे अनुभव में यह भी आया है कि यदि शनि पंचम भाव में अकेला बैठा हो तो ऐसे व्यक्तियों को उदर अर्थात पेट से जुड़ी कोई न कोई समस्या अवश्य रहती है अतः इन लोगों को तामसिक चीजों से परहेज करने की सलाह दी जाती है, बहुत से ग्रंथकारों का मत है कि पंचम भाव में शनि स्थित हो तो वह शिक्षा में किसी न किसी प्रकार के व्यवधान को भी दर्शाता है किंतु विभिन्न राशियों या विभिन्न स्थितियों में शनि के पंचम भाव में स्थित होने पर इसके फल विभिन्न होते हैं मेरे अनुभव में आया है कि यदि शनि पंचम भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों की जटिल कार्यों को करने में अच्छी रुचि होती है मतलब ऐसे व्यक्ति उस काम को करना अधिक पसंद करते हैं जिसमें शारीरिक की जगह मानसिक मेहनत अधिक हो अर्थात ऐसे सभी कार्य जो तकनीकी क्षेत्र से जुड़े हुए होते हैं, यदि वायु तत्व राशि जैसे मिथुन, तुला व कुंभ राशि का शनि पंचम भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति पढ़ाई में बहुत अच्छे होते हैं, पंचम भाव में स्थित शनि संतान संबंधित परेशानियों का सूचक होता है ऐसे व्यक्तियों को संतान कुछ विलंब से होती है।

 

पंचम भाव में स्थित शनि

 

पंचम भाव में बैठे शनि की तीसरी दृष्टि सप्तम भाव में होती है सप्तम भाव विवाह, जीवनसाथी, रोमांस, मित्रता, नौकरी, पार्टनरशिप का भाव होता है जहाँ शनि की दृष्टि इन सभी को प्रभावित करती है ऐसे व्यक्तियों का विवाह कुछ विलंब से होता है या शीघ्र विवाह होने की स्थिति में दामपत्य जीवन में आपसी ताल-मेल बैठाने में परेशानियाँ आती है, ऐसे व्यक्तियों के मित्र सीमित संख्या में होते है साथ ही ऐसे व्यक्तियों के दामपत्य जीवन में रोमांस कम व गंभीरता अधिक देखी जाती है, ऐसे व्यक्तियों को जीवन के शुरुवात व 36-37 वर्ष की आयु में कड़ा संघर्ष करना पड़ता है व जीवन के उत्तरार्ध में बड़ी सफलता प्राप्त होती है, पंचम भाव में स्थित शनि की सप्तम दृष्टि एकादश भाव व दसवीं दृष्टि दूसरे भाव में पड़ती है अर्थात धन से जुड़े दोनों भाव शनि के प्रभाव में रहते हैं अतः ऐसे व्यक्तियों की आर्थिक उन्नति मंद गति अर्थात धीरे-धीरे होती है व ऐसे व्यक्ति यदि शनि से जुड़े कार्य जैसे लोहे, चमड़े, भूमिगत से जुड़े कार्य या हथियार, वाहन से जुड़े कार्य में अधिक सफल होते हैं, मेरे अनुभव में यह भी आया है कि पंचम भाव में बैठा शनि संकुचित मात्रा अर्थात टुकड़ों में धन देता है कहने का आशय यह है कि कभी इनके पास काफी पैसा आ जाता है तो कभी एकदम सूना सा पड़ जाता है अर्थात पंचम भाव का शनि धन संचय में समस्याएं देता है साथ ही पंचम भाव से हम बुद्धि व दूसरे भाव से वाणी का विचार करते है पंचम भाव में बैठा शनि इन दोनों ही भावों को प्रवाभित करता है अर्थात ऐसे व्यक्तियों की वाणी थोड़ी कटु होती है क्योंकि शनि एक रूखा ग्रह है जिस कारण से आपके द्वारा बोली गयी बात नकारात्मकता लिए हुए होती है और उसको कहने का तरीका थोड़ा रूखा होता है।

 

अब बात करते हैं विभिन्न स्थितियों में शनि के पंचम भाव में बैठने का क्या फल होता है…..

 

पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए इसका दूसरा भाग जल्द ही लिखूँगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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मई 2020: कन्या लग्न व कन्या राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: कन्या लग्न व कन्या राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

कन्या लग्न
कन्या लग्न कुंडली

 

कन्या लग्नकन्या राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा माह की शुरुवात में सूर्यबुध का गोचर अष्टम भाव से रहेगा सूर्य का अष्टम भाव से उच्च राशि का गोचर विपरीत राजयोग बनाएगा जिस कारण से अचानक कोई सफलता प्राप्त होने के योग बनेंगे, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी अतः उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें, अष्टम भाव जीवनसाथी के वाणी का भी भाव है अतः उनके वाणी में कुछ तेजी रहेगी साथ ही अष्टम भाव आपके ससुराल अर्थात जीवनसाथी के परिवार को दर्शाता है जहाँ से सूर्य का गोचर उनसे विवाद करा सकता है अतः तनाव लेने से बचें, माह के शुरुवात में बुध का भी अष्टम भाव से गोचर रहेगा जिस कारण से आपके स्वास्थ्य में परेशानी व तनाव बना रह सकता है 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, भाग्य का सहयोग मिलेगा, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी 14 मई को सूर्य भी गोचर बदलकर आपके नवम भाव अर्थात भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप धार्मिक कार्यों में धन व्यय होगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके दशम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, जिनका कार्य बैंक, फाइनेंस, टीचिंग से जुड़ा हुआ है उनके लिए बुध का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

माह के शुरुवात में शुक्र का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा जो कि आपके लिए बेहद शुभ रहेगा अतः भाग्य की वृद्धि होगी, किसी महिला से धन लाभ होगा या किसी महिला के सहयोग से उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, आपके जीवनसाथी के यदि छोटे भाई-बहन हैं तो उनकी उन्नति होगी किन्तु उनके स्वास्थ्य में भी कुछ समस्या रह सकती है, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में गुरु, मंगलशनि का पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के लिए कहीं बात चल सकती है, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय काफी अच्छा रहेगा, संतान का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति होगी, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे 4 मई को मंगल गोचर बदलकर छठे भाव में आ जाएंगे अष्टम भाव के स्वामी का छठे भाव से गोचर स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत अच्छा नही कहा जा सकता अतः अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जिन्हें रक्त जनित कोई समस्या हो तथा जिनकी उम्र 55-60 के ऊपर हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विपरीत परिस्थितियों से होते हुए अचानक बड़ी सफलता प्राप्त होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, सरकारी कर्मचारियों से फालतू विवाद में न पड़ें, 14 मई से 17 जून तक वाहन सावधानी से चलाएं।

 

कन्या राशिफल
कन्या राशि

 

कुल मिलाकर कन्या लग्नकन्या राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा जिसमें उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह के योग बनेंगे, तनाव लेने से बचें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, किसी महिला से धन लाभ या महिला के सहयोग से उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग भी प्राप्त होगा, यदि आपका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं तो संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, जिनकी उम्र 55-60 के अधिक है और रक्त से जुड़ी समस्या है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक कार्यों में धन व्यय होगा, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, फालतू विवाद में न पड़ें, माह की 2, 3, 11, 13, 14, 15, 21, 22, 23 व 28 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि कन्या लग्नकन्या राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सुंदरकांड का पाठ करें व नित्य सूर्य को जल देकर आदित्य हिर्दय स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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