मकर लग्न और आप: जानिए, मकर लग्न वालों का व्यक्तित्व
मकर लग्न वालों का व्यक्तित्व
मकर लग्न काल पुरुष के क्रम स्थान की राशि का लग्न होता है जिसके स्वामी शनि होते हैं अतः मकर लग्न वाले व्यक्ति सदैव क्रियाशील रहते हैं कहने का आशय यह है ऐसे व्यक्ति एक जगह खाली नही बैठते, मकर लग्न वालों जा स्वभाव थोड़ा रूखा होता है साथ ही इनके शरीर का निचला अर्ध भाग कुछ दुबला होता है तथा इन्हें कफ प्रकृति की समस्याएं प्रायः बनी ही रहती है, मकर लग्न वाले व्यक्ति बड़े उत्साही, परिश्रमी, खुले तौर से अपने विचार व्यक्त करने वाले, मिजाज के शक्की, कुछ अहंकारी व कभी-कभी भयक्रांत हो जाने वाले, पुण्य कर्मों में सदैव तत्पर, ईश्वर के प्रति असीम आस्था और अपने आश्रितों से कार्य लेने वाले होते हैं, मकर लग्न के व्यक्ति प्रत्येक कार्य बड़ी सावधानी तथा विचार कर करते है, अपने मित्र मंडली में प्रमुख बने रहने की इच्छा रखने वाले व अपनी ख्याति हेतु सदैव प्रयत्नशील रहते हैं, मकर लग्न वाले पुरुष प्रायः स्त्री वर्ग से दुःखी ही रहते हैं तथा प्रायः दुःख भोगते हैं और किसी-किसी अवसर में दानशील भी होते हैं।
मकर लग्न की व्यक्ति यदि महिला हैं तो उपरोक्त गुणों के अतिरिक्त धार्मिक, सत्य प्रिया, विचारशीला, मितव्ययी, सुविख्यात, शत्रु रहिता तथा बहु पुत्रों वाली होती है, मकर लग्न वाले व्यक्तियों को चर्म रोग प्रायः दुःखी करता है तथा ठंडे पदार्थों के सेवन को सीमित मात्रा में करना चाहिए और अपने भोजन आदि व व्यायाम का सदैव ध्यान रखना चाहिए, मकर लग्न वालों के लिए शुक्र और बुध उत्तम फल देने वाले ग्रह होते हैं इनमे भी शुक्र विशेष शुभफलदाई होता है तथा राजयोगकारक ग्रह होने के कारण से राज योग तुल्य सुख प्रदान करता है, शुक्र और बुध का कुंडली में संबंध राजयोग समान फल देता है, बृहस्पति और चंद्रमा शुभ फल नही देते यह दोनों मारकेश भी होते हैं, शनि मारक ग्रह होकर भी मृत्यु नही देता, सूर्य भी मारक नही होता तथा सूर्य के साधारण फल मिलते हैं, यदि मकर लग्न वालों की कुंडली के लग्न में मंगल व सप्तम में चंद्र हो तो यह राजयोग होता है जिससे व्यक्ति अनेक प्रकार के सुखों को भोगता है परंतु यदि अष्टम भाव में बुध व लग्न में गुरु हो और उस पर शुक्र की दृष्टि न हो तो व्यक्ति का स्वास्थ्य तो अच्छा रहता है किंतु व्यक्ति स्वम् दरिद्र होता है, मकर का नवमांश रहने से व्यक्ति में प्राकृतिक गुणों का पूर्ण विकास होता है।
मकर राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
मकर राशि: जानिए, मकर राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
मकर राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
मकर राशि वाले व्यक्तियों के शरीर के नीचे का भाग (कमर से पैर तक) कृश होता है किंतु ऐसे व्यक्तियों में सत्व (शारीरिक, मानसिक तथा आत्मिक शक्ति) काफी होता है, ऐसे व्यक्ति दूसरों की बात मानते है किंतु स्वभाव से आलसी होते हैं, मकर राशि वाले व्यक्ति धर्म ध्वज होते हैं अर्थात ऐसे व्यक्तियों का बाहरी आवरण बहुत धार्मिकता का होता है, मकर राशि वाले लोग घूमने के शौकीन, भाग्यवान किंतु लज्जाहीन एवं वात रोग से पीड़ित रहते हैं, मकर राशि वाले व्यक्ति धीर, विद्वान, राजा का प्रिय, दयावान, सत्य वक्ता, दानी, अलसी, गान विद्या निपुण, क्रोधी, दंभी, बातों को न भूलने वाला अर्थात श्रुतिधर, भाग्यवान, काव्य कुशल, लोभी, दृढ़ प्रतिज्ञ, ख्यातिमान परंतु कोई सुविख्यात और कोई कुविख्यात होता है साथ ही यदि कुंडली में अच्छे योग हों तो व्यक्ति की बड़ी ख्याति होती है अथवा व्यक्ति उच्चपदाधिकारी होता है, मकर राशि वाले व्यक्ति स्वम् के स्वभाव के कारण स्वम् के लिए लोगों को शत्रु बना लेते हैं जिससे इनको बड़ी हानि होने की संभावना रहती है, मकर राशि वाले व्यक्तियों का सुंदर रूप, मोटा शरीर, कमर भाग पतला, सुंदर नेत्र, काले केश, गर्दन में तिल का चिन्ह व जल से भय युक्त होते हैं, मकर राशि वाले जातक अपनी स्त्री और संतानों से अत्यंत प्रेम करते हैं किंतु ऐसे व्यक्तियों की स्त्री उनके विपरीत कुल की या स्वभाव से बिल्कुल विपरीत और उम्र में कुछ बड़ी होती है अथवा जातक ऐसी स्त्रियों के साथ अनैतिक संबंध बनाने वाला (कुंडली में अशुभ योग होने पर ही यह फल होता है।) तथा अपने कुल में उत्तम वृत्ति का करने वाला होता है।
मकर राशि वालों के लिए ३, ५, ७, १०, १३, २०, २३, २५ व ३५ वर्ष अनिष्टकारी होता है, ५ वें वर्ष में पीड़ा, ७ वें वर्ष में जल भय, १० वें वर्ष में वृक्ष अथवा ऊंचे स्थान से गिरकर चोट का भय, १२ वें वर्ष में शस्त्र भय, २० वें वर्ष में ज्वर बाधा, २५ वें वर्ष में हाथ व पैरों में पीड़ा तथा ३५ वें वर्ष में बाएं अंग में अग्नि से भय होता है, यदि चंद्रमा शुभ दृष्ट हो तथा अन्य किसी प्रकार के आयु बाधक योग ग्रह न बनाते हों तो व्यक्ति की औसत आयु ९० वर्ष तक की रहती है कुछ ग्रंथकारों के अनुसार औसत आयु ९३ वर्ष बतलाई गयी है, चतुर्थी, नवमी व पूर्णिमा तिथि इनके लिए अशुभ होती है, शनिवार सदा ही शुभफलदाई रहता है, वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि वाले इनके मित्र व मेष, कर्क, सिंह तथा वृश्चिक राशि वाले इनके शत्रु रहते हैं।
राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 20290: राहु को सदैव ही नियंत्रित करने वाले केतु इस बार खुद ही नियंत्रण के बाहर रहेंगे जिनको नियंत्रित राहु करेंगे जानिए, राहु व केतु गोचर परिवर्तन से किन-किन राशियों पर राहु व केतु की कृपा बरसेगी।
राहु व केतु का 12 राशियों पर प्रभाव
मकर राशि:-
मकर राशिफल
मकर राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर सामान्य रहेगा क्योंकि वर्तमान में अभी शनि के साढ़ेसाती का दूसरा चरण भी आपकी राशि पर चल रहा है हालांकि तुला, मकर व कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का उतना अशुभ प्रभाव नही पड़ता है किंतु यदि चंद्रमा का किसी भी प्रकार से शनि से संबंध बने तो साढ़ेसाती परेशानी देती है अन्यथा इन तीन राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती उतनी अशुभ नही होती हालांकि हम यहाँ राहु व केतु के गोचर परिवर्तन पर चर्चा कर रहे है अतः प्रेम संबंधों में कमी आएगी, प्रेमी व प्रेमिका से विवाद होते रहेंगे तथा यदि आप दोनों के मध्य काफी समय से विवाद चल रहा है तो वह विवाद संबधों को विच्छेद करा कर समाप्त होगा, प्रेमियों के मध्य गलतफहमियों के चलते विवाद होंगे, संतान को कष्ट, संतान से विवाद, संतान की शिक्षा में बाधाएं आएंगी, विद्यार्थियों के लिए राहु व केतु का यह गोचर मिला-जुला रहेगा शिक्षा में व्यवधान आएंगे, विद्यार्थियों के मन में क्या करें व क्या न करें को लेकर मन में संशय बना रहेगा, कुछ देर ध्यान करें इससे मन को एकाग्र करने में मदद मिलेगी हालांकि लाभ के लिहाज से यह गोचर शुभ सिद्ध होगा फलस्वरूप लाभ के अन्य माध्यम बनेंगे, लाभ में वृद्धि होगी, लंबे समय से कार्यक्षेत्र में (चाहे वह नौकरी पेशा व्यक्ति हों या व्यापारी) उन्नति के मार्ग में जो बाधाएं आ रही थी वह दूर होंगी, शेयर बाजार, जुआ व सट्टे से अकास्मिक धन लाभ के योग बनेंगे, राजनीति के क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी लाभ होगा आपकी वाणी का लोगों पर अच्छा प्रभाव भी पड़ेगा तथा उन्नति के अवसर भी प्राप्त होंगे, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, भाग्य में वृद्धि होगी, पिता से वैचारिक मतभेद व पिता के स्वास्थ्य में समस्या रहेगी, भ्रम की स्थितियाँ बनेंगी, मकर राशि वाले जातक/जातिकाओं के लिए इस गोचर काल की सबसे बड़ी समस्या भ्रामक स्थिति रहेगी अतः धैर्य व संयम से कार्य करें व कोई भी निर्णय बहुत सोच समझ कर लें तथा आवेश में आने से बचें यदि आपने भ्रामक स्थिति न बनने दी तो राहु व केतु का यह गोचर आपके लिए शुभ सिद्ध होगा, आय में वृद्धि होगी, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा का शनि से संबंध बन रहा है तो आपको बुद्धि व विवेक से हर कार्य करना होगा क्योंकि राहु आपके चित्त को शांत नही होने देंगे जिससे बनते कार्य बिगड़ेंगे, वहिं केतु आपको सही दिशा में प्रयत्न नही करने देंगे जिससे व्यापार व दामपत्य जीवन के सुख में बाधाएं आएंगी, यह गोचर आपके लिए 48% शुभ तथा 52% अशुभ रहेगा।
उपाय:- सुंदरकांड व बटुक भैरव स्तोत्र का नित्य पाठ करें तथा जिनकी कुंडली में चंद्रमा शनि से संबंध रखता हो वह इन उपायों के साथ प्रत्येक शनिवार को 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें लाभ होगा।
राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-२ जानिए, कर्क से कन्या राशि वालों के लिए राहु-केतु का यह गोचर कितना शुभ रहेगा।
कुंभ राशि:-
कुंभ राशिफल
कुंभ राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर मिला-जुला रहेगा जिनकी कुंडली में चंद्रमा का शनि से संबंध बन रहा हो उनके लिए मुश्किलें ज्यादा रहेंगी अतः घर में कलह-क्लेश होंगे, मानसिक अशांति अनुभव होगी, कार्यक्षेत्र में हानि संभव है, नौकरी पेशा लोग बहुत ही सतर्कता के साथ कार्य करें, आपको अपने प्रियजनों का सहयोग कम मिलेगा, वाणी में तेजी रहेगी अतः वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखें, धैर्य व संयम से कार्य करें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, शत्रुओं से सावधान रहें, किसी से ऋण लेने से बचें, जिनकी कुंडली में चंद्रमा का शनि से संबंध नही है उनके लिए यह गोचर कुछ राहत देगा, कार्यक्षेत्र में विकास होगा, नौकरी परिवर्तन व स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, जिनका कार्य कमीशन, फाइनेंस, बैंकिंग, टीचिंग से जुड़ा हुआ है उनके लिए यह गोचर लाभप्रद सिद्ध होगा हालाँकि घर में कलह-क्लेश होते रहेंगे फिर भी चंद्रमा का शनि से संबंध न होने के कारण से आपकी सोच-विचार करने की शक्ति जागृत रहेगी, राजनीति से या सामाजिक वर्ग से जुड़े लोग अपनी वाणी पर विशेष नियंत्रण करें तथा शराब, माँसाहार का सेवन न करें क्योंकि इनका सेवन आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला सिद्ध होगा, शत्रुओं से सावधान रहें, यह गोचर आपके लिए 50% शुभ तथा 50% अशुभ रहेगा।
उपाय:- हनुमान जी, गणेश जी व भैरव जी की नित्य पूजा करें व गणेश अथर्वशीर्ष, संकटमोचन हनुमाष्टक और भैरव स्तोत्र का नित्य पाठ करने से लाभ होगा।
राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020: *भाग:-३* राहु को सदैव ही नियंत्रित करने वाले केतु इस बार खुद नियंत्रण के बाहर रहेंगे जिनको नियंत्रित राहु करेंगे जानिए, राहु व केतु के गोचर परिवर्तन से तुला, वृश्चिक व धनु राशि में से किन पर राहु की कृपा बरसेगी व आपको क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए तथा उपाय।
मीन राशि:-
मीन राशिफल
मीन राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर शुभ रहेगा बशर्ते आपकी कुंडली में राहु पीड़ित अवस्था में हो फलस्वरूप पराक्रम में वृद्धि होगी, भाग्य में वृद्धि होगी व भाग्य का पूर्ण सहयोग भी प्राप्त होगा, व्यापार में भी लाभ होगा व व्यापार की वृद्धि होगी, नए कार्य की शुरुवात होने के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आप क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, हॉकी, पुलिस, आर्मी से जुड़े हुए हैं तो यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ सिद्ध होगा, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेंगे, दामपत्य जीवन में क्षणिक विवाद होते रहेंगे, बड़े भाई-बहन का सम्मान करें, मन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होगी अतः अपने विवेक से कार्य करें व कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझ कर ही लें, दिमाग आपका तेजी से कार्य करेगा, आपके ज्ञान में भी वृद्धि के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए भी यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, रुका हुआ धन प्राप्त होगा व ऐसे सभी कार्य जो लंबे समय से रुके हुए हैं अब पूर्ण होंगे, सरकारी नौकरी की जो लोग लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं उन्हें सरकारी नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, यात्राएं चाहे लंबी हो या छोटी लाभप्रद सिद्ध होंगी, धर्म का पालन करें व अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, बीते समय में आपको जो भी नुकसान हुए अब उनकी भरपाई होने के योग बनेंगे, यह गोचर आपके लिए 80% शुभ व 20% अशुभ रहेगा।
उपाय:- दशांश करें यहाँ दशांश का तात्पर्य अपने कमाई का दसवाँ हिस्सा किसी अनाथालय या वृद्धाश्रम में दान करने से हैं तथा शिव जी की पूजा व शिव परिवार की सेवा करें।
जून 2020: मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
मकर लग्न गोचरफल
मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप संतान को किसी प्रकार का कष्ट संभव रहेगा, गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, धन लाभ के योग बनेंगे 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर छठे भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें, विपरीत परिस्थितियों से होते हुए सफलता प्राप्त होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, माह के शुरुवात में शुक्र का भी पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, प्रेमियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उन्हें विवाह के लिए प्रपोज करना चाहते हैं तो यह माह आपके लिए शुभ रहेगा, विद्यार्थियों को कुछ परिश्रम के साथ सफलता मिलेगी, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, माह के शुरुवात में मंगल का दूसरे भाव से गोचर रहेगा अतः वाणी पर नियंत्रण रखें व बहुत सोच-विचार कर ही कुछ बोलें अन्यथा व्यर्थ के विवाद होंगे व बनते हुए कार्य बिगड़ सकते हैं, आय वृद्धि के योग बनेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे व उनका सहयोग भी प्राप्त होगा, 18 जून को मंगल गोचर बदलकर तीसरे भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, आवेश में आने से बचें, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना होगा और मेहनत का पूर्ण फल भी प्राप्त होगा, तामसिक चीजों के सेवन से बचें, ज्वर/सर दर्द, फोड़े-फुंसी होने या किसी प्रकार से चोट लगने की संभावना रहेगी, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में राहु व बुध का गोचर छठे भाव में रहेगा अतः छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, नेत्रों में दर्द/जलन की शिकायत भी रह सकती है, द्वादश भाव से केतु का गोचर आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ाएगा, 18 जून से भाग्य का पूर्ण सहयोग नही प्राप्त हो सकेगा।
मकर राशिफल
माह के शुरुवात में गुरु व शनि का लग्न से गोचर नीचभंग राजयोग बनाएगा अतः विवाह के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, नौकरी पेशा लोगों को अतिरिक्त कार्यभार के कारण से कुछ थकान अनुभव होगी तथा तनावपूर्ण स्थितियाँ भी उत्पन्न होगी अतः तनाव लेने से बचें, माह के मध्य भाग में सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना करेंगे, 21 जून का सूर्यग्रहण आपके लिए शुभ सिद्ध होगा फिर भी इस दिन कोई जोखिम भरा कार्य करने से बचें तथा स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, 7 व 8 जून को खर्चों में वृद्धि के कारण तनाव बना रह सकता है, 21 व 22 जून को स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व जीवनसाथी से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, 25, 26 व 27 जून भी तनावपूर्ण रह सकता है अतः तनाव लेने से बचें।
मकर राशिफल
कुल मिलाकर मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, प्रेमियों के लिए प्रेम विवाह के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विद्यार्थियों को कुछ परिश्रम के साथ सफलता प्राप्त होगी, तनाव लेने से बचें, नेत्रों में दर्द/जलन, ज्वर/सर दर्द, फोड़े-फुंसी या किसी प्रकार से चोट लगने की संभावना रहेगी, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, माह की 5, 7, 21, 22, 25, 26, 27 व 30 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें मेरे अनुसार यदि मकर लग्न व मकर राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य गणेश स्तोत्र का पाठ करें व सूर्य को जल देकर अदित्यहिर्दय स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।
मई 2020: मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
मकर लग्न
मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा अतः जो लोग लंबे समय से वाहन खरीदना चाहते हैं उनके लिए वाहन प्राप्ति के अच्छे योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर में तनाव का माहौल रहा सकता है, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, कार्यस्थल पर आपके ऊपर कार्य का अतिरिक्त बोझ रहने के कारण से थकान अनुभव होगी, आलस्य का त्याग करें, किसी उच्च अधिकारी या सरकारी कर्मचारी से व्यर्थ के विवाद से बचें 14 मई को सूर्य गोचर बदलकर पंचम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, गर्म चीजों के सेवन से बचें अन्यथा उदर संबंधित कोई परेशानी रह सकती है, संतान का स्वभाव कुछ चिड़चिड़ा सा हो सकता है, माह के शुरुवात में बुध का गोचर चतुर्थ भाव में रहेगा फलस्वरूप मामा पक्ष के कारण से घर में कुछ तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है, मन में एक असंतोष रह सकता है, माता का सहयोग प्राप्त होगा 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके पंचम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप बुद्धि-विवेक द्वारा आय वृद्धि के नए मार्ग बनाने में सफल होंगे, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें चूँकि शुक्र के स्वराशि गोचर व गुरु की पंचम भाव में दृष्टि के कारण से ज्यादा दिक्कत की बात नही है फिर भी स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सचेत रहें, संतान का सहयोग प्राप्त होगा किंतु उनके स्वास्थ्य में कुछ समस्या भी रह सकती है, संतान की उन्नति होगी, प्रेमियों के लिए अच्छा समय रहेगा 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके छठे भाव में चलें जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, मामा पक्ष से संबंध मधुर होंगे, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा।
मकर राशि
माह के शुरुवात में शुक्र का गोचर आपके पंचम भाव से रहेगा शुक्र आपकी कुंडली में राजयोगकारक होकर पंचम भाव से स्वराशि गोचर करेंगे फलस्वरूप आपको अपने किसी करीबी मित्र से प्रेम हो सकता है, प्रेम संबंधों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी व जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे, जो लोग कला, सौंदर्य से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं उनके लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा, शुक्र का यह गोचर लगभग 4 माह तक आपके पंचम भाव से रहेगा फलस्वरूप शुक्र का यह गोचर आपके प्रेम संबंधों व जीवनसाथी के साथ आपके संबंधों में मधुरता लाएगा व उनसे लंबे समय से चले आ रहे विवाद खत्म होंगे, माह के शुरुवात में राहु का छठे भाव से गोचर रहेगा अतः छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, सर दर्द, नेत्रों में तकलीफ की भी समस्या रह सकती है, माह के शुरुवात में शनि लग्न से स्वराशि गोचर कर शश नामक योग बनाएंगे साथ ही गुरु की शनि से युति नीचभंग राजयोग का निर्माण करेंगी और लग्न से ही मंगल का अपनी उच्च राशि मकर से गोचर रूचक नामक योग बनाएगा फलस्वरूप पिछले काफी समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलेगी, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके लिए विवाह के योग बनेंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे विवाह करना चाहते हैं तो प्रेम विवाह के योग बनेंगे, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, बेरोजगार लोगों को नौकरी प्राप्त होगी, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, आपके कार्य से सीनियर खुश रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, माता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, घर में कोई शुभ कार्य भी हो सकता है 9 मई को मंगल गोचर बदलकर आपके दूसरे भाव में आ जाएंगे अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, आय में वृद्धि के योग बनेंगे, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, गर्म चीजों के सेवन से बचें व वाहन सावधानी से चलाएं, जीवनसाथी की वाणी थोड़ी तेजी अनुभव होगी, भाग्य में वृद्धि होगी।
मकर राशि
कुल मिलाकर मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा जिसमें किसी नए कार्य की शुरुवात करने के लिए मन में विचार आ सकते हैं, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, माता का सहयोग प्राप्त होगा, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, माह की 2, 3, 8, 10, 11, 17, 19, 22, 25, 26, 29 व 30तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदिमकर लग्न व मकर राशिवाले व्यक्ति यदि नित्य मधुराष्टकं का पाठ करें व मंगलवार और शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करें तो लाभ होगा।