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गुरु अस्त 22 फरवरी 2022 जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

गुरु अस्त 22 फरवरी 2022 जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव
गुरु अस्त 22 फरवरी 2022 जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार वैदिक ज्योतिष में गुरु को विशेष स्थान प्राप्त है यह ज्ञान, विद्या, विवाह, पति, संतान व धर्म के कारक होते हैं देव गुरु बृहस्पति 22 फरवरी 2022 को दिन के 3 बजकर 48 मिनट पर पश्चिम दिशा में अस्त हो जाएंगे जो कि 23 मार्च 2022 को दिन के 1 बजकर 26 मिनट पर पूर्व दिशा में उदित होंगे जिससे विभिन्न राशियाँ प्रभावित होंगी तो चलिए जानते हैं गुरु के अस्त होने पर विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए गुरु के लाभ स्थान में अस्त होने के कारण से जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, आय को लेकर कुछ चिंता बनी रह सकती है, यात्राओं व धार्मिक कार्यों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन की जिम्मेदारी आप पर आ सकती है व आपके सहयोग से उनको लाभ भी होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं व विवाह हेतु रिश्ता देख रहे हैं उन्हें अपने प्रयास में थोड़ी और तेजी लाने की आवश्यकता होगी, घर के किसी बुजुर्ग सदस्य के स्वास्थ्य की वजह से मन में कुछ अशांति अनुभव होगी, कार्यस्थल पर व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए गुरु के दशम भाव में अस्त होने के कारण से कार्य क्षेत्र में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे व कार्यक्षेत्र में कुछ तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ेगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, भविष्य में किसी यात्रा के लिए योजना बन सकती है, स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता रहेगी, संतान या किसी बुजर्ग पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें व तामसिक चीजों के सेवन से परहेज करें, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क रहें व अधिक मिर्च-मसाले व चिकनाई भरे पदार्थों से परहेज करें।

 

उपाय:- 2 गुरुवार किसी ब्राह्मण को पीला वस्त्र और पीला मीठा कुछ दक्षिणा के साथ दान करें।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के नवम भाव में गुरु के अस्त होने के कारण से भाग्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, धार्मिक कार्यों या धार्मिक यात्रा पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, पिता के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, छोटे भाई-बहन के साथ वैचारिक मतभेद संभव होंगे, अचानक किसी सफलता के मिलने से मन प्रसन्न रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, माता-पिता व बड़ों की सलाह लाभदायक सिद्ध होगी।

 

उपाय:- आटे की लोई में हल्दी लगाकर गाय को गुरुवार के दिन खिलाएं।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के अष्टम भाव में गुरु के अस्त होने के कारण से जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी जिससे आंतरिक रूप से कुछ थकान अनुभव हो सकती है, स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्क रहें तथा बातों को दिल पर लेने से बचें, दवाईयों पर धन व्यय हो सकता है, आय के साथ व्यय में वृद्धि होगी, धर्म-आध्यात्म से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय मिला-जुला रहेगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर में किसी मेहमान के आगमन की संभावना रहेगी, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन गाय को केला खिलाएं।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए गुरु के सप्तम भाव में अस्त होने के कारण से जीवन में कुछ ठहराव आने की संभावना रहेगी, जो व्यक्ति विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कोई रिश्ता आ सकता है किंतु रिश्ता पक्का होने में कुछ संदेह रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, प्रेमियों के लिए गुरु के अस्त होने के कारण से कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, विद्यार्थियों के लिए शिक्षा से संबंधित कार्य हेतु किसी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी फिर भी आय को लेकर मन में कुछ चिंता अनुभव हो सकती है, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा फिर भी बीच-बीच में आंतरिक रूप से कुछ थकान अनुभव हो सकती है, छोटी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन मधुराष्टकं का पाठ करें।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए गुरु के षष्ठ भाव में अस्त होने के कारण से स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, कार्य क्षेत्र में जिस जोश के साथ प्रयास करेंगे उसके विपरीत फल की प्राप्ति हो सकती है, कार्य क्षेत्र में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बनेंगे व यात्राओं पर धन व्यय होगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, दाम्पत्य जीवन में उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, जो व्यक्ति नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं वह कुछ समय रुक जाएं तो ज्यादा शुभ रहेगा, घर के किसी बुजुर्ग या बच्चों पर धन व्यय होने की संभावना रहेगी।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन गाय को चने की दाल भीगा कर खिलाएं।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए गुरु के पंचम भाव में अस्त होने के कारण से शिक्षा में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न होने की संभावना रहेगी, गर्भिणीयों को अपने स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्क रहना चाहिए, अत्यधिक चिकनाई वाले व्यंजनों से परहेज करें, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, धर्म-आध्यात्म के प्रति झुकाव बढेगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी किंतु आय को लेकर कुछ चिंता या घिराव अनुभव होगा, स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्क रहें, संतान को कष्ट संभव रहेगा, उदर जनित कोई समस्या रह सकती है।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन विष्णु जी को केले का भोग लगाकर विष्णु चालीसा का पाठ करें।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु के चतुर्थ भाव में अस्त होने के कारण से घर के माहौल में कभी-कभी तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कार्य स्थल पर किसी उच्चाधिकारी से व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, माता के स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, व्यय में वृद्धि होगी, यात्राओं के योग बनेंगे, जो लोग लंबे समय से स्थान परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं उनके अस्थाई स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, घर के बड़े या संतान या धार्मिक कार्यों में धन व्यय हो सकता है, अकास्मिक व्यय में वृद्धि के कारण से कुछ चिंता या घिराव अनुभव हो सकती है, आंतरिक रूप से खुद को असहज अनुभव कर सकते हैं।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए गुरु के तृतीय भाव में अस्त होने के कारण से स्वास्थ्य जनित समस्याएं उत्पन्न हो सकती है, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, छोटे-छोटे खर्चों के आकस्मिक उत्पन्न हो जाने के कारण से आपका बजट बिगड़ सकता है, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु रिश्ता आ सकता है किंतु रिश्ता पक्का होने में संदेह रहेगा, आय के साथ व्यय में वृद्धि होगी, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, पिता के स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त होने के योग बनेंगे, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में मधुरता आएगी।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन गाय को आटे की लोई में हल्दी लगाकर खिलाएं।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए गुरु के द्वितीय भाव में अस्त होने के कारण से कुटुंब में कलहपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है जिस कारण से मानसिक रूप से अशांति अनुभव होगी, घर के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में समस्या भी चिंता का कारण बन सकती है, व्यय में वृद्धि होगी, यात्राओं पर धन व्यय होगा, कार्य के सिलसिले से यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, आप अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें, दवाईयों पर धन व्यय हो सकता है, गूढ़ विद्या व गूढ़ रहस्यों को जानने में रुचि होगी, घर के किसी बुजुर्ग की सलाह आपके लिए कारगर सिद्ध हो सकती है, ससुराल पक्ष के साथ संबंधों में मधुरता आएगी।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन गाय को चने की दाल भीगा कर खिलाएं।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए गुरु के लग्न अर्थात प्रथम भाव में ही अस्त होने के कारण से कुछ थकान अनुभव हो सकती है, क्रोध पर नियंत्रण रखें, दाम्पत्य जीवन में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, घर के किसी सदस्य की जिम्मेदारी आप पर आ सकती है, संतान के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, धर्म-आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी, रिश्तों के लिए वार्ता करते समय वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें व किसी गुरु या पिता की सलाह से काम लें लाभ होगा, मित्रों से धोखा मिलने की संभावना रहेगी अतः मित्रों पर अधिक विश्वास करने से बचें, प्रेमियों व विद्यार्थियों के लिए भी गुरु के अस्त होने के कारण से उतार-चढ़ाव वाली परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन विष्णु चालीसा का पाठ करें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए गुरु के द्वादाश भाव में अस्त होने के कारण से शत्रुओं द्वारा हानि पहुँचने की संभावना रहेगी, किसी के द्वारा झूठा आरोप लगाने के कारण से मान में हानि संभव है, यात्राओं के योग बनेंगे, व्यय में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्क रहें, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, नेत्रों में किसी प्रकार की समस्या संभव है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

 

जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:- 7007245896, 9919367470
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सूर्य का कुंभ राशि से गोचर 13 फरवरी 2022 जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

सूर्य का कुंभ राशि से गोचर 13 फरवरी 2022 जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव
सूर्य का कुंभ राशि से गोचर 13 फरवरी 2022 जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार सूर्य 13 फरवरी 2022 रविवार को प्रातः ०७:३३ पर मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे जिससे मकर की सक्रांति खत्म होकर कुंभ की सक्रांति आरंभ होगी, ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, सूर्य एक राशि में ३० दिवस तक गोचर करते हैं जिससे विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रकार के प्रभाव पड़ते हैं तो चलिए जानते हैं सूर्य के कुंभ राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-

 

मेष राशि:-

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए सूर्य पंचम भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आपके द्वारा किए गए प्रयास सार्थक सिद्ध होंगे, आय में वृद्धि के योग बनेंगे, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त होगा, कार्यक्षेत्र में झंझटों का दौर जारी रहेगा, किसी तीर्थ यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, बुद्धि योग द्वारा आय वृद्धि के नए माध्यम बनेंगे, जो लोग प्रेम विवाह करना चाहते हैं उनके लिए सूर्य का यह गोचर बेहद लाभप्रद रहने वाला है, विद्यार्थियों के लिए भी सूर्य का यह गोचर विशेष प्रकार से शुभ रहेगा, किसी कारण वश यदि आपकी शिक्षा बीच में रुक गयी थी तो उसे पुनः आरंभ करने का यह सर्वश्रेष्ठ समय रहेगा, लंबे समय से चली आ रही बीमारी से राहत मिलना संभव रहेगा, वाहन सावधानी से चलाएं व तामसिक या अत्यधिक मिर्च-मसले वाले व्यंजनों से परहेज करें।

 

वृषभ राशि:-

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे दशम भाव में सूर्य दिग्बली होते हैं फलस्वरूप सूर्य के इस गोचर काल के दौरान आपको उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे व आपके किए गए प्रयास सार्थक सिद्ध होंगे, सूर्य के इस गोचरकाल के दौरान आपके द्वारा किए गए सभी प्रयास निकट भविष्य में बड़ी सफलता के योग बनाएंगे व मान-सम्मान में वृद्धि होगी, आय में वृद्धि या प्रमोशन होने के योग बनेंगे, आय में कुछ स्थिरता आने के योग बनेंगे, अतिविश्वास से बचें, जीवनसाथी से विवाद संभव रह सकता है, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, सूर्य के इस गोचरकाल के दौरान माता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा किंतु पिता के स्वास्थ्य में कुछ समस्याएं रहने से मन में कुछ अशांति अनुभव हो सकती है, सूर्य के इस गोचर काल के दौरान घर में खुशियों के आगमन के योग बनेंगे तो छोटी यात्राओं से कुछ कष्ट संभव रहेगा, स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहें।

 

मिथुन राशि:-

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य तृतीय भाव के स्वामी होकर भाग्य स्थान से गोचर करेंगे फलस्वरूप भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा व धर्म-आध्यात्म की ओर झुकाव बढेगा, धार्मिक यात्रा पर जाने या धार्मिक कार्यों पर धन व्यय करने के योग बनेंगे, किसी नए कार्य के आरंभ के लिए सूर्य का यह गोचर विशेष शुभ नही है अतः किसी नए कार्य का आरंभ करने से बचें, पिता से वैचारिक मतभेद या पिता को कष्ट संभव है, स्वास्थ्य के लिहाज से सूर्य का यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा फिर भी अत्यधिक चिकनाई वाले व्यंजनों से परहेज करें, छोटे भाई-बहन का कुछ त्रुटियुक्त सहयोग प्राप्त होगा।

 

कर्क राशि:-

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य द्वितीय भाव धन व कुटुंब स्थान के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क रहें, दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, आय व व्यय को लेकर मन में असंतोष रह सकता है, धर्म-आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी, नौकरी पेशा लोगों के जीवन में कुछ झंझटें रह सकती है, जीवनसाथी के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, नव दंपत्तियों को सूर्य के इस गोचरकाल के दौरान संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।

 

सिंह राशि:-

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य प्रथम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप जीवनसाथी के स्वभाव में कुछ तेजी अनुभव होगी, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, कार्यस्थल पर संघर्ष जारी रहेगा, सरकारी कर्मचारियों के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, व्यय में वृद्धि होगी, उदर से जुड़ी कोई समस्या सूर्य के इस गोचरकाल के दौरान परेशान कर सकती है, जीवन में भागा-दौड़ी बने रहने से कुछ घिराव या थकान अनुभव हो सकती है, निवेश करने से बचें।

 

कन्या राशि:-

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के सूर्य द्वादश भाव के स्वामी होकर षष्ठ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, समाज में मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, जीवन में संघर्ष का दौर जारी रहेगा, सूर्य के इस गोचरकाल के दौरान व्यय में कुछ कमी रह सकती है जिस कारण से धन संचय में वृद्धि होगी, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, स्वास्थ्य के लिहाज से भी सूर्य का यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, किसी महिला पर धन व्यय हो सकता है, धार्मिक कार्यों में धन व्यय होने के योग बनेंगे, वाहनादि पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आएगी, किसी छोटी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे।

 

तुला राशि:-

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए सूर्य लाभ भाव के स्वामी होकर पंचम भाव विद्या व संतान स्थान से गोचर करेंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह उत्तम समय रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, लंबे समय से चले आ रहे प्रयास सार्थक सिद्ध होंगे व उन प्रयासों के फल मिलने का यह उत्तम समय होगा, उदर जनित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, वाहन सावधानी से चलाएं, नौकरी पेशा लोगों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे, जो लोग प्रेम विवाह करना चाहते हैं उनके लिए घर में अपने रिश्ते हेतु बात करने का यह सर्वोत्तम समय रहेगा।

 

वृश्चिक राशि:-

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए दशम भाव पिता व राज्य स्थान के स्वामी हो कर चतुर्थ भाव माता व भूमि स्थान से गोचर करेंगे जिस कारण से घर के माहौल में कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, मन अप्रसन्न रहने के कारण से निजी जीवन व कार्यक्षेत्र में सामंजस्य बैठाने में समस्या अनुभव होगी, कार्य क्षेत्र में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, आवेश में आकर निर्णय लेने से बचें, दाम्पत्य जीवन उतार-चढ़ाव वाला रहेगा, सरकारी कर्मचारियों के लिए यह गोचरकाल शुभ रहेगा, सर दर्द, रक्त जनित विकार व जोड़ों में समस्या संभव रहेगी, स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सचेत रहें।

 

धनु राशि:-

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए सूर्य नवम भाव के स्वामी होकर तृतीय भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप बुद्धि योग द्वारा किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होगी व समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा व गुरु और सूर्य की भाग्य स्थान पर एक साथ दृष्टि आय में वृद्धि के योग बनाएगी, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी जो व्यक्ति लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं उनको पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे, धार्मिक कार्यों में धन व्यय हो सकता है, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, देह में स्फूर्ति अनुभव होगी व स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, यदि लंबे समय से कोई बीमारी चली आ रही है तो उसमें राहत होगी, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, उदर में गैस या रक्त जनित कोई समस्या संभव है।

 

मकर राशि:-

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वाले व्यक्तियों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होकर द्वितीय भाव से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य के प्रति पूर्णतया सचेत रहें, व्यय में वृद्धि होगी, दवाईयों पर धन व्यय हो सकता है, घर में किसी प्रकार का तनावपूर्ण माहौल उत्पन्न होने की संभावना रहेगी, वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, ससुराल पक्ष से विवाद संभव है, मुख व नेत्र में किसी प्रकार की समस्या संभव है, कार्य के सिलसिले से यात्राएं संभव है, वित्तीय जोखिमों से सावधान रहें व निवेश करने से बचें, आर्थिक पक्ष असंतुलित रहने से मन व्यथित रहेगा।

 

कुंभ राशि:-

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होकर प्रथम भाव अर्थात लग्न से गोचर करेंगे जो कि अत्यंत शुभ फल देने वाले होंगे फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनका रिश्ता पक्का हो सकता है, क्रोध पर नियंत्रण रखें, कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे, सूर्य के इस गोचरकाल में आपकी दी हुई सलाह लोगों के लिए लाभप्रद सिद्ध होगी, जीवनसाथी के साथ क्षणिक विवाद संभव रहेगा, स्वास्थ्य के लिहाज से सूर्य का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, लंबे समय से चली आ रही बीमारी में लाभ होगा, अकास्मिक यात्रा पर जाने के योग बनेंगे।

 

मीन राशि:-

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए सूर्य षष्ठ भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप कर्ज से मुक्ति मिलने के योग बनेंगे, व्यय में वृद्धि होने के कारण से धन संग्रहालय असंतुलित रहेगा जिससे मन में कुछ चिंता अनुभव होगी, नेत्रों व सर में दर्द की समस्या रह सकती है, जीवन में भागा-दौड़ी बने रहने के कारण से कुछ थकान अनुभव होगी, व्यर्थ की चिंता करने व बातों को दिल पर लेने से बचें, सरकारी कर्मचारियों व न्याय से जुड़े अधिकारियों से व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें अन्यथा राजदंड की संभावना रहेगी, धैर्य व संयम के साथ काम लें।

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मार्च 2022 में शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले विशिष्ट योग

माह की 1 से 13 तारीख तक बुध व शुक्र का शुभ प्रभाव होने से मंदी का रुख दिखाकर शेयर्स के भाव में तेजी आएगी परन्तु जल्द ही शेयर मार्केट में पुनः मंदी लौटने लगेगी अतः माह के प्रथम सप्ताह में विदेश कंपनियाँ भारतीय मार्केट में प्रवेश करेंगी जिसके फलस्वरूप क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से पेट्रोल व डीजल आदि के मूल्यों में वृद्धि देखने को मिलेगी, इंफोसिस, इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट, वालमार्ट एवं तकनीकी उपकरण बनाने वाली कंपनियों के शेयर्स में तेजी आएगी।

मार्च 2022 में शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले विशिष्ट ग्रह योग
मार्च 2022 में शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले विशिष्ट ग्रह योग

 

14 मार्च को सूर्य की मीन की सक्रांति पड़ेगी अतः होटल चेन से जुड़ी कंपनियाँ, रिलायंस ग्रुप, परफेटी, रेडीज, टाटा ग्रुप, विप्रो, डाबर, बैजनाथ, बजाज, बिरला ग्रुप, सत्यम कंप्यूटर आदि के भावों में तेजी दिखाकर बाद में मंदी आएगी, माह के तीसरे सप्ताह में डाबर, रैनबैक्सी, सिप्ला, हिंदुस्तान लीवर, यस बैंक, एस. बी. आई. आदि के शेयरों में तेजी रहेगी, ए.सी.सी., अम्बुजा सीमेंट, आई.पी.सी.एल., आई.बी.पी., इंफोसिस में भी तेजी रहेगी, ऑटो मोबाइल सेक्टर, सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनीयों से संबंधित शेयर्स में अच्छी मंदी देखने को मिल सकती है।

मार्च माह के अंतिम भाग में सौंदर्य प्रसाधन, खाद्य बनाने वाली कंपनियाँ, फर्नीचर, घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनीयाँ से जुड़े शेयरों में निवेश्वकर्ण उपयुक्त रहेगा, मेटल मार्केट, रिलायंस ग्रुप के शेयर्स, जेन टेक, टी.सी.एस और अति सक्रिय शेयर्स की सूची में एक्सिस बैंक, एच.सी.एल टेक, बजाज ऑटो, पावर ग्रिड कॉर्प, नेस्ले, अल्ट्राटेक सीमेंट आदि शेयर्स तेज होंगे अतः इन शेयर्स में निवेश करना लाभप्रद रहेगा।

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राहु-केतु का कष्टकारी गोचर लाभ हेतु करें यह उपाय

राहु और केतु का वर्तमान गोचर अनेक प्रकार से कष्टदाई रहा है क्योंकि इस बार केतु का गोचर वृश्चिक अर्थात अग्नि तत्व ग्रह मंगल की राशि से था जिस कारण से राहु को सदैव ही नियंत्रण में रखने वाला केतु इस बार स्वम् नियंत्रण के बाहर था जिसको नियंत्रित राहु कर रहे हैं।

राहु के पास सर तो केतु के पास धर अर्थात शरीर है वैदिक ज्योतिष में राहु को अशुभ फल देने वाला ग्रह बताया गया है तो वहीं केतु को शुभ फल देने वाला ग्रह बताया गया है किंतु केतु, राहु के ठीक सामने अर्थात राहु से सप्तम में स्थित होने के कारण से वह भी अशुभ फल देने वाला ग्रह बन जाता है और इस बार राहु के पूर्ण अशुभ फल केतु भी प्रदान कर रहे हैं।

राहु-केतु का कष्टकारी गोचर
राहु-केतु का कष्टकारी गोचर

 

राहु व केतु के गोचर परिवर्तन के समय धनु लग्न व वृश्चिक राशि थी जहाँ चंद्रमा का अष्टमेश होकर अपनी नीच राशि में बैठना व पीड़ित होना समस्याओं को और बढ़ाने का सूचक था, ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है “चंद्रमा मनसो जात:” अर्थात चंद्रमा मन का कारक होता है जिस कारण से राहु व केतु के इस कष्टकारी गोचर के कारण से स्वास्थ्य जनित समस्याएं व मानसिक अशांति बनी रही किंतु यह स्थिति अब जल्द ही सामान्य होने लगेगी 9 अप्रैल 2022 की मध्य रात्रि 4 बजकर 21 मिनट को राहु व केतु का गोचर परिवर्तन होगा इसके बाद से स्थिति कुछ सामान्य होने लगेगी जिसका असर कोरोना पर भी देखने को मिलेगा।

 

राहु-केतु के कुछ अचूक उपाय:-

राहु-केतु के कुछ विशेष उपाय
राहु-केतु के कुछ विशेष उपाय

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार राहु व केतु का यह गोचर अनेक प्रकार से विपत्तियों को उत्पन्न करने वाला था जिसमें प्राकृतिक आपदाओं व महामारी के प्रकोप का सभी जनमानस को सामना करना पड़ा साथ ही कारोबार में अड़चन व अन्य किसी भी माध्यम से मानसिक अशांति और अंदर कुछ घिराव के कारण से हानि व पराक्रम की हानि का सामना जनमानस को करना पड़ा अतः आज मैं आप सभी को कुछ ऐसे उपाय बता रहा हूँ जिनको करने से आप सभी को अवश्य ही लाभ प्राप्त होगा।

उपाय:-

१. 4 अमावस्या नियम से सूर्यास्त बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर नारियल को बहते पानी में प्रवाहित करें।

२. नित्य शिवलिंग पर जल मिश्रित दुग्धाभिषेक करें तदोपरांत चावल मिश्रित काला तिल “ॐ नमः शिवाय:” मंत्र का जप करते हुए शिवलिंग पर अर्पित करें और विल्वपत्र अर्पित करते हुए विलवाष्टकम् का पाठ करें।

३. 4 शनिवार नियम से काली उर्द, शहद, किशमिश, आम का मीठा अचार व मेवा युक्त कोई नमकीन कुछ दक्षिणा के साथ किसी भिखारी/जमादार/नौकर को दान करें।

४. बुधवार के दिन कबूतर को दाना डालें।

५. बुधवार व अमावस्या तिथि के दिन सूर्यास्त बाद कुत्ते को कोई ताकत की चीज जैसे दूध/पनीर/खोआ आदि खिलाएं।

जय श्री राम।

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तुला लग्न और आप: जानिए, तुला लग्न वालों का व्यक्तित्व

तुला लग्न और आप: जानिए, तुला लग्न वालों का व्यक्तित्व

 

तुला लग्न वालों का व्यक्तित्व
तुला लग्न वालों का व्यक्तित्व

 

तुला लग्न में जन्मे व्यक्ति की आकृति कुछ लंबी व मुख सुंदर होता है तथा इनका कद भी सामान्यतः लंबा होता है, नेत्र ललित व दाँत विरल होते हैं तथा ऐसे व्यक्ति प्रायः सामान्य काठी अर्थात न बहुत मोटे और न बहुत दुबले होते हैं तथा यदि शुक्र या बृहस्पति लग्न में स्थित हों या लग्न को देखते हैं तो शरीर स्थूल होता है, विचार में तुला लग्न वाले व्यक्ति अव्यवस्थित चित्त तथा अनिश्चित विचार वाले होते हैं कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्तियों का चरित्र अव्यवस्थित होता है और ऐसे व्यक्ति खर्चीले स्वभाव के होते हैं, इनकी उदारता अत्यंत प्रशंसनीय होती है, तुला लग्न वाले व्यक्ति मिलनसार, सदा दूसरों की सहायता में तत्पर, मित्र बनाने में कुशल, चतुर, धार्मिक, मेधावी, सफाई में रहने वाले तथा घर-द्वार को साफ रखनेवक शौकीन, न्याय प्रिय, सत्यवादी, शांत और प्रफुल्लित चित्त, प्रत्येक कार्य को न्यायपूर्ण तरीके से करने वाले होते हैं किंतु इनकी क्रोधाग्नि बहुत जल्दी प्रज्वलित हो जाती है परंतु उतनी ही शीघ्रता से इनकी क्रोधाग्नि शांत भी हो जाती है, इनके मित्र और संरक्षक बहुत उच्च श्रेणी के प्रतिष्ठित व्यक्ति होते हैं, तुला लग्न वाले व्यक्ति उच्चाधिकारी द्वारा सम्माननीय, विद्वान परंतु भीरु अर्थात डरपोक होते हैं, तुला लग्न वाले व्यक्ति वाणिज्य, न्यायकर्ता तथा पंचायती आदि प्रिय होते हैं और प्रायः इनके दो नाम होते हैं।

 

तुला लग्न वाले व्यक्ति यदि महिला हों तो उपरोक्त गुण के अतिरिक्त अहंकारी, क्रोधी, लालची, बदनाम और कृपण आदि होना ग्रंथकारों ने कहा है किंतु मेरे अनुभव के आधार पर ऐसी महिलाएं सुंदर, रूपवान, सुंदर नेत्र वाली, कमर पतली किंतु पैर मोटा और विलक्षण आकर्षक शक्ति वाली होती हैं यदि इनके चतुर्थ भाव में शुक्र हो तो कार्यस्थल पर इनके संबंध बनने की संभावना रहती है, तुला लग्न वाले व्यक्तियों को कमर, गुर्दा, मूत्रस्थली आदि में समस्या रहती है अतः इन सभी स्थानों को शीत से बचाना इनके लिए लाभप्रद रहता है, शुद्ध जल व स्वच्छ वायु से इन्हें लाभ मिलता है, तुला लग्न वाले व्यक्तियों के लिए शनि अत्यंत शुभ ग्रह अर्थात राजयोगकारक ग्रह होते हैं जो इन्हें भूमि, वाहन, वायुयान यात्रा व संतान का उत्तम सुख प्रदान करते हैं, बुध भी तुला लग्न वालों के लिए उत्तम फल देने वाला ग्रह होता है, यदि कुंडली में बुध और चंद्र या शनि और बुध का संबंध बनता हो तो व्यक्ति को राजयोग तुल्य सुख प्राप्त होता है, मंगल, सूर्य व बृहस्पति इनके लिए अशुभ ग्रह होते हैं किंतु यदि मंगल का शनि या बुध से संबंध बनता हो तो व्यक्ति के वैभव में वृद्धि होती है, सूर्य और बृहस्पति मृत्यु प्रदान करने वाले ग्रह अर्थात प्रवल मारकेश होते हैं, मंगल तुला लग्न वालों को मारकेश होकर भी नही मारता, यदि मेष का नवमांश हो तो व्यक्ति में प्राकृतिक स्वभाव का पूर्ण विकास होता है।

 

जय श्री राम।

 

Astrologer:- Pooshark Jetly

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कन्या लग्न और आप: जानिए, कन्या लग्न वालों का व्यक्तित्व

कन्या लग्न और आप: जानिए, कन्या लग्न वालों का व्यक्तित्व

 

कन्या लग्न वालों का व्यक्तित्व
कन्या लग्न वालों का व्यक्तित्व

 

कन्या लग्न में जन्मे व्यक्तियों के मुख की कांति से स्त्रीवर्गीय स्वभाव झलकता है इनके कंधे व बाहु थोड़े छोटे होते हैं तथा किस कार्य को कब और किस प्रकार से करना चाहिए यह कन्या लग्न के व्यक्ति विशेष रूप से जानते हैं, कन्या लग्न में जन्मे व्यक्ति सत्यवादी तथा न्याय प्रिय, दयालु, धैर्यवान और स्नेही होते हैं तथा बुद्धि व युक्ति लगाने में कुशल होते हैं किंतु व्यवहार में किसी दूसरे के सुख-दुःख की उपेक्षा नही करते हैं साथ ही दूसरों से कम लेने में भी नही हिचकिचाते हैं, कन्या लग्न वाले व्यक्ति किसी कार्य को करने में बड़े सावधान और चौकस रहते हैं तथा बिना विचारे कुछ भी नही करते साथ ही कन्या लग्न वाले व्यक्ति बातों को गुप्त रखने वाले और अपने भाव को दूसरों पर प्रकट नही करने वाले तथा वाणिज्य से जुड़े व्यवसाय में बड़े ही निपुण होते हैं, कन्या लग्न वाले व्यक्ति मितव्ययी, सहनशील, दयालु, किसी भी कार्य को करने में दक्ष, धीर और साहसी होते हैं तथा अच्छे लोगों की सहायता व संरक्षता प्राप्त करने वाले होते हैं, कन्या लग्न वाले व्यक्ति अन्य लोगों के पदार्थों और धन को भोगने वाले होते हैं परंतु ऐसे व्यक्ति कभी-कभी स्त्री विलास रसिक और इन्द्रिय लोलुप और विद्वान लोगों से प्रेम करने वाले होते हैं।

 

कन्या लग्न वाले व्यक्ति यदि महिला हो तो उपरोक्त गुण के अतिरिक्त बुद्धिमती, सुशीला, मिलनसार, उदार, धार्मिक और दानशीला होती हैं, कन्या लग्न वाले व्यक्तियों को अपनी मानसिक अवस्थाओं पर पूर्ण ध्यान रखना चाहिए, उदर जनित रोग से यह प्रायः पीड़ित और दुःखी रहते हैं अतएव उत्तम भोजन करना इनके लिए श्रेयस्कर होता है, सांसारिक बातों में उपद्रव होने से भी इनके स्वास्थ्य पर प्रायः बुरा परिणाम होता है, कन्या लग्न वाले व्यक्तियों के लिए शुक्र और बुध शुभफलदाई होते हैं और इनमें भी शुक्र बेहद शुभ होता है तथा बुध व शुक्र के कुंडली में संबंध बनने पर उत्तम राजयोग के समान फल की प्राप्ति होती है, शनि थोड़े अंशों का हो तो शुभ होता है, यदि केतु व चंद्र की लगन में युति हो तो शुभफलदाई होती है परंतु मारक स्थितियाँ भी उत्पन्न करता है, सूर्य मृत्यु तुल्य कष्ट तो देता है किंतु मृत्यु नही देता, बृहस्पति और चंद्र इनकी कुंडली में शुभ फल नही देते हैं, मंगल, चंद्र और बृहस्पति सहायक (कारक) ग्रह होते हैं, शुक्र भी कभी-कभी मार्केशव्हो जाता है, धनु लग्न का यदि नवमांश हो तो व्यक्ति में प्राकृतिक स्वभाव का पूर्ण विकास होता है।

 

जय श्री राम।

 

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सिंह लग्न और आप: जानिए, सिंह लग्न वालों का व्यक्तित्व

सिंह लग्न और आप: जानिए, सिंह लग्न वालों का व्यक्तित्व

 

सिंह लग्न वालों का व्यक्तित्व
सिंह लग्न वालों का व्यक्तित्व

 

सिंह लग्न वाले व्यक्तियों के मुख की आकृति चौड़ी और हड्डी पुष्ट होती है, इनकी आँखे सुंदर और भाव प्रकट करने वाली और आकर्षक होती हैं ऐसे व्यक्ति नेत्रों के इशारे से भी अपनी बातें बड़ी सरलता से प्रकट कर लेते हैं तथा इनका जीवन आनंदमयी रहता है, सिंह लग्न वाले व्यक्तियों पर शत्रुओं कभी हावी नही हो पाते तथा उनको कोई हानि नही पहुँचा पाते, सिंह लग्न वाले व्यक्ति निष्कपट और मनसा, स्पष्टवादी व पवित्रता का पालन करने वाले होते हैं और नीच कर्म से घृणा करते हैं तथा धैर्यवान और उदार होते हैं किंतु किसी के अधीन रहकर कार्य नही कर सकते इन्हें स्वतंत्रता प्रिय होती है, सिंह लग्न वाले व्यक्ति जिस कार्य को करते हैं उसे पूरी ईमानदारी एयर निपुणता के साथ करते हैं साथ ही अपनी मर्यादा के पालन में सर्वदा तत्पर रहते हैं और मित्रता में अटल तथा विश्वास पात्र होते हैं, सिंह लग्न के व्यक्ति केवल दयालु ही नही होते अपितु सत्य की रक्षा के लिए भी सदैव तत्पर रहते हैं तथा दुःख के समय में अपनी सूझ-बूझ को काम में लाकर दुःख का निवारण करने में भी समर्थ होते हैं और शत्रुओं से झगड़ा जल्द नही करते अपितु धैर्य व युक्ति से उनसे मुक्ति पाने हेतु प्रयास भी करते हैं, सिंह लग्न वाले व्यक्तियों को अपनी मेहनत का पूर्ण फल नही मिल पाता है किंतु समाज में अपने गुणों व व्यवहार के कारण से मान-सम्मान की प्राप्ति इन्हें अवश्य ही मिलती है, सिंह लग्न वाले व्यक्ति अपनी आज्ञा तथा रुचि के अनुसार अन्य मनुष्यों को चलाने में कुशल होते हैं तथा एक अच्छे नेता या राजनेता बनकर देश व समाज का कल्याण करने में भी सक्षम होते हैं, सिंह लग्न के व्यक्ति या तो स्वम् का व्यवसाय करते हैं या किसी उच्च पद पर आसीन रहकर सेवा करते हैं, जीवन के उत्तरार्ध में इन्हें बड़ी सफलता प्राप्त होती है।

 

सिंह लग्न की यदि कोई महिला हों तो उपरोक्त गुण के अतिरिक्त दुबली, पतली, कफ प्रकृति से पीड़ित, झगड़ालू, बचपन में शरीर के गुप्त भागों में वाहनादि द्वारा चोट से ग्रसित तथा तर्क में कुशल होती हैं, सिंह लग्न वाले व्यक्तियों के दाम्पत्य जीवन में प्रायः उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, सिंह लग्न वाले व्यक्तियों को गर्म पदार्थों व मादक पदार्थों का सेवन कभी नही करना चाहिए, उत्तेजना और जल्दबाजी में कार्य करना इनके लिए कष्टप्रद रहता है, प्रायः इन्हें ज्वर आदि की समस्या भी रहती है जिसका सही समय पर औषधि सेवन कर इलाज करना अत्यंत आवश्यक होता है अन्यथा ज्वर की पीड़ा अति कष्टदाई रहती है, सिंह लग्न वालों के लिए मंगल विशेष शुभ ग्रह व राजयोगकारक ग्रह होते हैं, गुरु और मंगल का यदि कुंडली में संबंध बनें तो यह राजयोग समान फल देने वाला होता है, बृहस्पति और शुक्र का संबंध भी इनके लिए शुभ होता है किंतु अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति नही हो पाती है, चन्द्रमा का साधारण फल इन्हें मिलता है जिसके कारण इनके खर्चे अनियंत्रित रहते हैं और इनका मन जल्दी स्थिर नही हो पाता इनके मस्तिष्क में नित्य नए विचार आते रहते हैं, सिंह लग्न वालों के लिए शनि कष्टप्रद और बुध मारकेश होते हैं तथा सूर्य व बुध का संबंध बनाने से कार्य कुशल होते हैं, मंगल और शनि का द्वादश भाव में संबंध बने तो शनि की दशा के अंदर मंगल की अंतर्दशा आने पर इनके वैभव की उन्नति होती है, राहु व केतु यदि मारक भाव में बैठे हों तो अनिष्टकारी अर्थात मृत्युदाई होते हैं, बृहस्पति और शुक्र का संबंध इनके लिए राजयोग नही होता है, यदि सिंह का नवमांश हो तो व्यक्ति के प्राकृतिक स्वभाव का पूर्ण विकास होता है।

 

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कर्क लग्न: जानिए, कर्क लग्न वालों का व्यक्तित्व

कर्क लग्न: जानिए, कर्क लग्न वालों का व्यक्तित्व

 

कर्क लग्न वालों का व्यक्तित्व

 

कर्क लग्न में जन्मे व्यक्ति न अधिक लंबे और न अधिक नाटे अर्थात मझोला कद वाले होते हैं इनकी गर्दन मोटी, मुख गोल और शरीर स्थूल अर्थात सामान्यतः मोटा होता है, कर्क लग्न वाले व्यक्ति मिलनसार, आनंद और विलास प्रिय, सुंदर वस्तुओं को चाहने वाले, साफ-सफाई पसंद करने वाले, सत्य प्रिय, उत्तम भोजन की चाह रखने वाले, आभूषण आदि में रुचि रखने वाले, मधुर वाणी से सबको मोहित करने वाले, भ्रमण शील, प्रभावशाली, यशस्वी कर्तव्य परायण और श्रेष्ठ जन अर्थात गुरु तथा धार्मिक पुरुषों के प्रति भक्ति भाव रखने वाले होते हैं, कर्क लग्न वालों प्रायः आडंबर युक्त अर्थात ठाट-बाट वाला रहन-सहन पसंद होता है और यह धार्मिक होते हुए भी कपटी होने में रुचि रखते हैं तथा सिद्धांत रहित होते हैं, कर्क लग्न वाले व्यक्तियों के जीवन में अस्थिरता बनी ही रहती है कहने का आशय यह है कि कर्क लग्न वाले व्यक्तियों के जीवन में उतार-चढ़ाव बना ही रहता है तथा यह जितनी तीव्रता से शिखर पर पहुँचते हैं उतनी ही तीव्रता से इनका पतन भी हो जाता है, कर्क लग्न वाले व्यक्तियों का मन अस्थिर रहता है तथा इन्हें सर्दी-जुकाम, कफ, ज्वर, मलेरिया, उदर संबंधित विकार अर्थात पाकस्थली के बिगड़ने से समस्या, अपच आदि की समस्या प्रायः बनी रहती है तथा कर्क लग्न वाले व्यक्ति हर समस्या पर औषधि तुरंत लेना पसंद करते हैं जिसकी अधिक मात्रा से भी इनके उदर के किडनी में समस्या संभव होती है अतः कर्क लग्न वालों को अत्यधिक औषधि की अपेक्षा घरेलू उपचार पर अधिक ध्यान देना चाहिए, कर्क लग्न वाकई व्यक्ति अपने जीवनसाथी व संतानों से अत्यधिक प्रेम करते हैं तथा कभी-कभी इनका प्रेम इतना अधिक होने लगता है कि इनकी संतान व जीवनसाथी को उलझन अनुभव होती है जिस कारण से इनके घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होने लगती है, कर्क लग्न वाले व्यक्ति यदि महिला हों तो वह प्रत्येक बात पर टोक लगाने वाली होती है किंतु ऐसी महिला सुंदरी, शीलवती, विश्वसनीय, शांतिमयी, प्रभावशालिनी, अपने स्वजनों से अत्यधिक प्रेम करने वाली, सुखमयी और बहु संतान वाली होती हैं।

 

कर्क लग्न वाले व्यक्ति स्त्री सहवास में समर्थ तथा मिष्ठान प्रिय होते हैं और इनमें कामुकता अधिक रहती है, कर्क लग्न वाले व्यक्तियों के मन में अपने सगे संबंधियों के प्रति सद्द्भाव रहता है, कर्क लग्न वाले व्यक्ति जिन्हें चाहते हैं उन्ही की बातों को तवज्जो देते हैं तथा जिसकी बात उनको नही पसंद आती है उसकी बात का अनुसरण नही करते हैं और उसके परामर्श को घृणा की दृष्टि से देखते है तथा उन व्यक्तियों पर अविश्वास रखते हैं केवल इतना ही नही अपितु ऐसे व्यक्तियों की संगति का भी परित्याग कर देते हैं, कर्क लग्न वाले व्यक्ति हर विषय की उपयोगिता और मोल का अनुमान उचित रीति से करने में निपुण होते हैं तथा ऐसे व्यक्ति प्रायः (कुंडली में ग्रहों की स्थिति अनुसार) प्रवासी रहते हैं परंतु गृह में रहने के इच्छुक होते हैं।

 

कर्क लग्न वाले व्यक्तियों के लिए मंगल सबसे उत्तम फल देने वाला ग्रह होता है जो कि इस कुंडली का राजयोगकारक ग्रह भी होता है और यदि व्यक्ति की कुंडली में मंगल पंचम, नवम या दशम भाव में हो तो यह राजयोग के समान फल देने वाली स्थितियों को निर्मित करता है, बृहस्पति भी कर्क लग्न वालों के लिए शुभ होता है तथा बृहस्पति यदि लग्न या नवम में हो तो बहुत शुभ देता है साथ ही यदि कुंडली में मंगल व गुरु में संबंध बने तो यह स्थिति व्यक्ति को उत्तम राजयोग देती है, शुक्र, शनि व बुध कर्क लग्न वालों के लिए बेहद अशुभ ग्रह होते हैं, सूर्य मारक भाव का स्वामी अर्थात मारकेश होकर भी मृत्यु नही देता है, चंद्रमा लग्नेश होने के नाते शुभ होता है तथा यदि लग्न में गुरु व चंद्र स्थित हों तो व्यक्ति अत्यंत धनी व अनेक प्रकार के सुखों को प्राप्त करने वाला होता है, यदि मेष का नवमांश हो तो व्यक्ति प्राकृतिक स्वभाव को पूर्ण रूप से दिखाता है।

 

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मिथुन लग्न और आप: जानिए, मिथुन लग्न वालों का व्यक्तित्व

मिथुन लग्न और आप: जानिए, मिथुन लग्न वालों का व्यक्तित्व

 

मिथुन लग्न वालों का व्यक्तित्व
मिथुन लग्न वालों का व्यक्तित्व

 

मिथुन लग्न के व्यक्तियों के हाथ-पैर लंबे व दुबले और नेत्र सुंदर होते हैं जिनके चेहरे से तीक्ष्णता और प्रसन्नता व्यक्त होती रहती है, ऐसे व्यक्ति कुशाग्र बुद्धि वाले, उत्तम वक्ता, अत्यंत मेहनती, वार्तालाप में कुशल, प्रत्येक बात की छान-बीन करने वाले, सुगमता से समझने वाले, बातों का मर्म व तत्व समझने वाले, कला व कौशल प्रेमी, बहस करने में निपुण व अपने तर्क रखने में कुशल, किसी कार्य में ज्यादा समय तक स्थिर न रहने वाले, कठिन से कठिन विषयों की व्याख्या सुगमता पूर्वक और स्पष्ट रूप से करने वाले, योग्यतापूर्ण लेख लिखने वाले, वाद-विवाद में निपुण, बुद्धिमान, चतुर कार्य कुशल, क्रोधी, कला तथा विज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले, असंयमी तथा अधीर होने के कारण अस्वस्थ रहने वाले, कमजोर मनोबल वाले, संबंधियों से सहायता प्राप्त करने वाले व कई भाषाओं के जानकार होते हैं, बात-चीत में मुहावरे व कहावत आदि का प्रयोग करने वाले, कविताएं एवं शायरी करने वाले, गम्भीरता पूर्वक विचार करने वाले, तर्क में चतुर, दूसरों पर अपना प्रभाव छोड़ने वाले और नृत्य व संगीत में आनंद लेने वाले होते हैं।

 

मिथुन लग्न वाले व्यक्ति धनी, दूसरों पर अपना प्रभाव छोड़ने वाले, परिवर्तन पसंद करने वाले, अच्छे व्यापारी, अच्छे ज्योतिषी, अपनी किस्मत स्वम् लिखने वाले, मित्र व संबंधियों की सहायता से भाग्योदय प्राप्त करने वाले, आत्मविश्वास की कमी के कारण चिंताग्रस्त रहने वाले, रोगपीडित, धन लोभी, लड़ाकू, स्त्री सुख भोगी, गुरुजनों के आज्ञापालक, ब्राह्मणों के सेवक, चुगलखोर, परदेश अथवा विदेश से धनार्जन करने वाले, कुटिल स्त्रियों के कारण या मित्रों पर धन व्यय करने वाले, सज्जनता व दुर्जनता दोनो का समन्वय रखने वाले, दांव-पेंच में निपुण, विरोधियों को षड्यंत्र से शांत रखने वाले, सामने से वार न करने वाले, सौंदर्य उपासक, विपरीत लिंग के प्रति विशेष आकर्षण रखने वाले, हमेशा कार्य को 2 प्रकार से करने का प्रयास करने वाले होते हैं तथ इनके मन में विचारों की अस्थिरता रहती है, यदि मिथुन लग्न की कन्या हो तो उपरोक्त फल के अतिरिक्त कठोर बात करने वाली, स्वभाव की कड़ी, अतिव्ययी अर्थात खर्चीले स्वभाव वाली और वायु तथा कफ प्रकृति से पीड़ित रहने वाली होती है, मिथुन लग्न वाले व्यक्तियों को प्रायः फेफड़े व स्नायु रोग की संभावना रावल रहती है अतः इनको उत्तेजना देने वाली क्रियाओं से बचना चाहिए साथ ही समयानुसार स्वम् को बदलना, बातों से पलट जाना इनका विशेष गुड़ होता है।

 

मिथुन लग्न वालों के लिए शुक्र सबसे शुभ ग्रह होता है, चन्द्रमाA, सूर्य व मंगल इनके लिए अशुभ ग्रह रहता है, शुक्र व बुध का संबंध यदि कुंडली में हो तो उत्तम भाग्योदय होता है, शनि व गुरु का संबंध होना अनिष्टकारी रहता है, यदि केतु के दूसरे, सप्तम अथवा द्वादश भाव में चंद्रमा के साथ हो तो केतु की दशा में चंद्र की अंतर्दशा मृत्यु अथवा मृत्यु तुल्य कष्ट अवश्य ही देती है ठीक इसी प्रकार यदि राहु द्वितीय भाव में गुरु के साथ हो तो राहु की दशा में गुरु की अंतर्दशा अनिष्ट करती है किंतु यदि सूर्य और बुध तृतीय भाव में हों तो बुध की दशा में सूर्य की अंतर्दशा शुभ फलदाई होती है, यदि चन्द्रमा द्वितीय स्थान में हो तो शुक्र की दशा में भाग्योन्नति होती है, राहु की दशा में रोग और बन्धनादि का भय रहता है किंतु मृत्यु नही होती है।

 

जय श्री राम।

 

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