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हनुमान जी की उपासना कब करनी चाहिए से जुड़े कुछ तथ्य

हनुमान जी की उपासना कब करनी चाहिए से जुड़े कुछ तथ्य

 

हनुमान जी की उपासना कब करें
हनुमान जी की उपासना कब करें

 

हनुमान जी की उपासना कब करनी चाहिए यह जानने की सब में रुचि रहती है ताकि वह हनुमान जी की विशेष कृपा पा सकें लेकिन मैंने बहुत से लोगों के मन में एक शंका देखी है कि महात्माओं से सुनने में आया है कि “सवा पहर दिन चढ़ जाने के पहले हनुमान जी का नाम-जप तथा हनुमान चालीसा का पाठ नही करना चाहिए” क्या यह सही है यदि हाँ तो क्यों और यदि नही तो हनुमान जी की उपासना कब करनी चाहिए आज इसी विषय पर चर्चा करता हूँ।

 

सर्वप्रथम तो इस दास को कभी किसी ग्रंथ में ऐसा कहीं प्रमाण नही मिला कि उपासक को उपास्यदेव के स्रोतों का पाठ या नाम-जप आदि प्रातःकाल सवा पहर दिन चढ़ने के बाद करना चाहिए अपितु प्रत्येक स्थल पर इसी बात का प्रमाण मिलता है कि सदा और निरंतर तैलधारावत् अजस्त्र, अखंड भजन-स्मरण करना चाहिए।

 

कवित्तरामायण:-

 

‘रसना निसि बासर राम रटौ।’

‘सदा राम जपु राम जपु।’

‘जपहि नाम रघुनाथ को चर्चा दूसरी न चालू।’

‘तुलसी तू मेरे कहे रट राम नाम दिन-रात्रि।’

 

इसी प्रकार श्री हनुमान जी के संबंध में भी सदा-सर्वदा भजन करने का प्रमाण ही मिलता है।

 

कदाचित किसी को श्री हनुमान जी के इस वचन का ध्यान आ गया हो:–

 

 

“प्रात लेइ जो नाम हमारा। तेहि दिन न मिले अहारा।।”

 

परंतु इसका भावार्थ लेना चाहिए, यहाँ  ‘हमारा’ शब्द का संबंध ऊपर की चौपाई के ‘कपिकुल’ अर्थात वानर योनि से है न कि अपने शरीर (श्री हनुमान विग्रह) से है वहाँ हनुमान जी कहते हैं—–

 

“कहहु कवन मैं परम कुलीना। कपि चंचल सबहीं बिधि हीना।।”

 

अर्थात विभीषण जी! आप अपने को राक्षस कुल का मानकर भय न करें बताइए, मैं ही कौन से बड़े श्रेष्ठ कुल का हूँ, वानर योनि तो चंचल और पशु होने के कारण से सभी प्रकार से हीन है हमारे कुल (वानर) का अगर कोई प्रातःकाल नाम ले ले तो उस दिन उसे आहार का योग्य ही समझा जाता है।

 

“अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर।”

“किन्हीं कृपा सुमिरि गन भरे बिलोचन नीर।।”

 

भावार्थ:- ऐसे अधम कुल का मैं हूँ, किंतु सखा! सुनिए, मुझ पर भी श्री राम जी ने कृपा की है।

 

इस विरद को स्मरण कर कहते-कहते हनुमान जी के नेत्रों से आँसू भर आए अतः ‘हमारा’ शब्द का भाव यह है कि कुल तो हमारा ऐसा नीच है कि ‘वानर’ शब्द का ही प्रातः मुख से निकलना अच्छा नही माना जाता परंतु उसी योनि में उत्पन्न मैं जब प्रभु का कृपा पात्र बना लिया गया तब तो—-

 

“राम कीन्ह आपन जब ही तें। भयउँ भुवन भूषण तबहीं तें।।”

 

मेरे हनुमान, महावीर, बजरंगी, पवनकुमार आदि नाम प्रातः स्मरणीय हो गए इसका प्रमाण इस प्रकार है—

 

पोस्ट की लंबाई को ध्यान रखते हुए इसका प्रमाण अगली पोस्ट में प्रकाशित करूँगा।

 

जय श्री राम।

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अगस्त 2020: कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

अगस्त 2020: कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

कर्क लग्न
कर्क लग्न

 

कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए अगस्त 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य व बुध का लग्न से गोचर रहेगा अतः क्रोध और वाणी पर नियंत्रण रखें, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, धन वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, 16 अगस्त को सूर्य17 अगस्त को बुध गोचर बदलकर आपके दूसरे भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप आय के साथ व्यय में भी वृद्धि होगी, यात्राओं पर धन व्यय होगा, यदि आपका कार्य फाइनेंस या टीचिंग से जुड़ा हुआ है तो आपके लिए यह माह शुभ सिद्ध होगा, माह के शुरुवात में शुक्र व राहु का द्वादश भाव से गोचर रहेगा अतः महिलाओं व वाहन पर धन व्यय होगा, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, यदि आप किसी नए कार्य का आरंभ करना चाहते हैं तो अभी कुछ समय और रुक जाएं क्योंकि द्वादश भाव से राहु का गोचर नए कार्य के शुरुवात के लिए शुभ नही होता, अनैतिक संबंध बनाने से बचें, खर्चों में वृद्धि होगी, वाहन पर धन व्यय होगा, फिजूल खर्चों पर नियंत्रण रखें, माह के शुरुवात में केतु व गुरु का षष्ठ भाव से गोचर रहेगा अतः परिवार में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होने के योग बनेंगे, संतान व परिवार के सदस्यों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें, खर्चों में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, जिनकी उम्र 55 वर्ष से अधिक हो वह मीठे चीजों के सेवन से परहेज करें।

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

माह के शुरुवात में शनि का सप्तम भाव से गोचर रहेगा अतः बड़ों का सम्मान करें, विवाह के योग बनेंगे अतः कहीं विवाह हेतु बात चल सकती है किंतु विवाह होने के योग नवंबर के मध्य भाग से आरंभ होंगे, जीवनसाथी का स्वभाव कुछ गंभीर अनुभव होगा, कार्यक्षेत्र में उन्नति प्राप्त करने हेतु मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, जीवन में भागा दौड़ी बनी रहेगी, जिनके विवाह में बाधा आ रही हो वह शनि के उपाय करें, माह के शुरुवात में मंगल का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा अतः कार्य के सिलसिले से यात्राओं के योग बनेंगे, किसी भी बात को लेकर जिद्द न करें, धैर्य व संयम से काम करें, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, माता का सहयोग प्राप्त होगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, 1 अगस्त से 2 अगस्त के दोपहर 3 बजे तक का समय शुभ नही रहेगा जिसमें खर्चों में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य में परेशानी संभव है, मामा पक्ष से लाभ मिलने की संभावना रहेगी, 2 अगस्त के दोपहर 3 बजे से 4 अगस्त तक का समय शुभ रहेगा दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी, कार्यक्षेत्र के लिए भी यह समय उत्तम सिद्ध होगा, 5 व 6 अगस्त के दिन कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझ कर लें, तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी अतः तनाव लेने से बचें, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ने से कुछ राहत अनुभव होगी, 7 अगस्त से 14 अगस्त के शाम 6:30 तक का समय आपके लिए बेहद शुभ रहेगा जिसमें यात्राओं के योग बनेंगे व उन यात्राओं से लाभ भी प्राप्त होगा, कार्यस्थल पर सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना करेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव रहेगी, आप अपने आर्थिक स्थिति जैसे कि खर्चों व धन संचय पर कुछ विचार कर सकते हैं, 14 अगस्त की शाम 6:30 से 16 अगस्त तक का समय शुभ नही है अतः कोई भी निर्णय लेने से पूर्व अच्छे से सोच-विचार कर लें, तनाव लेने से बचें व धैर्य और संयम से कार्य करें, आवेश में आने से बचें, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, कार्यस्थल पर आपके पीठ पीछे षड्यंत्र रचे जाएंगे अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, 17 व 18 अगस्त आपके लिए शुभ रहेगा बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 19 व 20 अगस्त का समय ज्यादा शुभ नही रहेगा अतः गलत लोगों से दूरी बनाकर रखें, विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण बड़ेगा, अनैतिक संबंध बनाने से बचें अन्यथा भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है, परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, 21 से 26 अगस्त पुनः आपके लिए बेहद शुभ रहेगा जिसमें पड़ोसियों व भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, कार्यक्षेत्र के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, घर मे खुशियों का माहौल रहेगा जिससे मन प्रसन्न रहेगा, मन में उन्नति हेतु नए विचार आएंगे, यदि आपकी संतान है तो संतान के साथ अच्छा समय बीतेगा व यदि आप संतान को कुछ सीख देना चाहते हैं तो यह अच्छा समय सिद्ध होगा, 27 अगस्त दोपहर 2 से 29 अगस्त की रात 8 बजेतक का समय ज्यादा शुभ नही है अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, सर्दी-जुकाम/बुखार/सर दर्द की समस्या रह सकती है अतः ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करें, व्यर्थ के विवाद से बचें, खर्चों में वृद्धि होगी, तनाव लेने से बचें, मामा पक्ष से लाभ मिलने की संभावना रहेगी, सरकारी अफसरों से व्यर्थ विवाद न करें तथा कोर्ट-कचहरी के मामले में दूरी बनाकर रखें, 30 व 31 अगस्त पुनः आपके लिए शुभ सिद्ध होगा दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी, मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी।

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

कुल मिलाकर कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए अगस्त 2020 सामान्य रहेगा जिसमें किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, ठंडे पदार्थों से परहेज करें, परिवार व संतान पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, महिलाओं व वाहन पर धन व्यय होगा, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, माह की 1, 2, 5, 6, 14, 15, 16, 27, 28, 29 तिथियाँ शुभ नही है अतः इनमें विशेष सावधानी बरतें विशेषतः 14 से 16 अगस्त के दिन विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि कर्क लग्न व कर्क राशि वाले व्यक्ति यदि अमावस्या के दिन विष्णुसहस्त्र नाम का पाठ करे व अमावस्या के दिन बहते जल में नारियल प्रवाहित करें और नित्य सूर्य को जल दें तो लाभ होगा।

जय श्री राम।
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अगस्त 2020: मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

अगस्त 2020: मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मिथुन लग्न
मिथुन लग्न कुंडली

 

मिथुन लग्न व मिथुन राशि  वालों के लिए अगस्त 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का दूसरे भाव से गोचर रहेगा अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, 2 अगस्त को बुध गोचर बदलकर आपके दूसरे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप माता का सहयोग प्राप्त होगा, धन लाभ के योग बनेंगे, बुद्धि व विवेक द्वारा आय वृद्धि के नए माध्यम बनेंगे, 17 अगस्त को बुध गोचर बदलकर आपके तीसरे भाव में चले जाएंगे अतः कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, माह शुरुवात में शुक्र व राहु का लग्न से गोचर रहेगा अतः किसी भी सरकारी कर्मचारी या सीनियर से व्यर्थ विवाद न करें, झूठ बोलने से बचें, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें, खुद के स्वाभिमान पर थोड़ा नियंत्रण रखें, यात्राओं के योग बनेंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उन्हें प्रपोज करना चाहते हैं तो यह माह 17 अगस्त  से पूर्व अच्छा समय रहेगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, माह के शुरुवात में गुरु व केतु का सप्तम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, 1 अगस्त का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा इस दिन आप भविष्य को लेकर कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं, 2 और 3 अगस्त का दिन भी आपके लिए अच्छा रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा, मन प्रसन्न रहेगा, 4 व 5 अगस्त के दिन भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, 6 व 7 अगस्त को परिवार के सभी सदस्यों के साथ मौज-मस्ती का दिन रहेगा, मन प्रसन्न रहेगा, 8, 28 व 29 अगस्त का दिन आपके लिए बेहद शुभ रहेगा यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उन्हें प्रपोज करना चाहते हैं तो यह दिन आपके लिए बेहद शुभ रहेगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग प्राप्त होगा।

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

माह के शुरुवात में शनि का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जीवनसाथी की वाणी थोड़ी कटु अनुभव होगी, जोड़ों व पैर में दर्द की शिकायत संभव है, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी और मेहनत का पूर्ण फल भी प्राप्त होगा, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए शनि का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, माह के शुरुवात में मंगल का गोचर आपके दशम भाव से रहेगा फलस्वरूप मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, आपके कार्य से सीनियर खुश रहेंगे, माता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें, संतान को कष्ट संभव रहेगा, 16 अगस्त को मंगल गोचर बदलकर आपके एकादश भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति भी होगी, 9, 10, 12, 13 व 30 अगस्त का दिन आपके लिए शुभ नही है अतः व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी अतः तनाव लेने से बचें, व्यय में वृद्धि होगी, 11 अगस्त के दिन जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव रहेगा, 14, 15, 16 व 29 अगस्त का दिन आपके लिए बेहद शुभ रहने वाला है जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, यात्राओं के योग बनेंगे, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, यदि आप किसी को प्रपोज करना चाहते हैं तो 15 अगस्त की रात 7 बजे से 16 की रात्रि 10 बजे तक समय आपके लिए बेहद शुभ सिद्ध होगा, 17 और 18 अगस्त का दिन पैसा निवेश करने के लिए अच्छा रहेगा, मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा, 19 व 20 अगस्त के दिन कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें धोखा मिलने की संभावना रहेगी, 21 अगस्त के दिन बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त हो सकती है, 22 व 23 अगस्त के दिन धन लाभ के योग बनेंगे, परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा, 24 व 25 अगस्त थोड़ा कठिनाई वाला दिन होगा जिसमें संघर्ष बना रहेगा, छोटी यात्राओं को टालने का प्रयास करें, 26 व 27 अगस्त के दिन आप घर में आनंद से समय व्यतीत करेंगे, 31 अगस्त का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, किसी रोमैंटिक यात्रा पर जा सकते हैं।

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

कुल मिलाकर मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए जुलाई 2020 सामान्य रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, मित्रों व परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा, तनाव लेने से बचें, विवाह के योग बनेंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उन्हें प्रपोज करना चाहते हैं तो यह माह उत्तम सिद्ध होगा, संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय 17 अगस्त से पूर्व लेने का प्रयास करें, मेरे अनुसार यदि मिथुन लग्न व मिथुन राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल दें व विष्णुसहस्त्र नाम और शनि स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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कन्याओं के विवाह में आ रही बाधा तो करें यह अचूक उपाय

कन्याओं के विवाह में आ रही बाधा तो करें यह अचूक उपाय

 

विवाह बाधा निवारण हेतु उपाय
विवाह बाधा निवारण हेतु उपाय

 

आज-कल कन्या के विवाह की समस्या प्रायः प्रत्येक गृहस्थ के समक्ष उपस्थित होती है जिस कारण से माता-पिता को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है शास्त्रों में वर्णित “कात्यायनी देवी” का अनुष्ठान बड़ा ही अनुभूत व सिद्धप्रद है जनसाधारण की जानकारी व जनहित में इस मंत्र के अनुष्ठान की विधि में यहाँ बता रहा हूँ इसे नियम व श्रद्धापूर्वक करने या कराने से कन्या के विवाह में आने वाले विध्न/बाधाएं दूर हो जाती हैं व विवाह सकुशल सम्पन्न हो जाता है।

 

माँ कात्यायनी मंत्र व जप विधि
माँ कात्यायनी मंत्र व जप विधि

 

जप विधि:-

 

इस मंत्र का जप केले के सूखे पत्ते के आसन पर बैठकर कमलगट्टे की माला से किया जाता है व जप के समय सरसों के तेल का दीपक जलते रहना चाहिए जिस व्यक्ति को यह अनुष्ठान करना हो उसे लाल या पीला वस्त्र पहनकर २१ दिन (जप काल) तक पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए व इस मंत्र का जप पान खाते हुए करना चाहिए इस मंत्र की जप संख्या ४१००० है प्रथम दिन मंत्र का १००० की संख्या में जप करें तदोपरांत अगले २० दिन तक नित्य २००० की संख्या में करना चाहिए जपकाल में प्रतिदिन केले के वृक्ष का पूजन पंचोपचार विधि से करना चाहिए व भोग और प्रसाद के रूप में पीले पेड़े का प्रयोग करना चाहिए।

 

मंत्र:-

 

कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।

नन्दगोप सुतं देवी पतिं मे कुरु ते नमः।।

 

विशेष:- अनुष्ठान के अंत में दशांश हवन, तर्पण, मार्जन तथा ब्राह्मण भोजन अवश्य कराना चाहिए व भोजन में पीला मीठा अवश्य परोसना चाहिए।

 

जय श्री राम।

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अगस्त 2020: वृषभ लग्न व वृषभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

अगस्त 2020: वृषभ लग्न व वृषभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

वृषभ लग्न
वृषभ लग्न

 

वृषभ लग्न व वृषभ राशि वालों के लिए अगस्त 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का तीसरे भाव से गोचर फलस्वरूप पराक्रम में वृद्धि होगी, माता छोटे भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति भी होगी, किसी बड़े अधिकारी से मुलाकात संभव रहेगी, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, आवेश में आने से बचें, 2 अगस्त को बुध गोचर बदलकर आपके तीसरे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप घर में खुशियों का माहौल रहेगा, माता का सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, 16 अगस्त को सूर्य और 17 अगस्त को बुध गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में आ जाएंगे घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, किसी भी कारण से परिवार के सभी सदस्य एकत्रित होंगे, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, जिनका कार्य बैंकिंग, फाइनेंस, टीचिंग, सौंदर्य प्रकाशन, धातु, तकनीकी क्षेत्र, कमीशन से जुड़ा हुआ है उनके लिए यह माह अच्छा रहेगा, माह के शुरुवात में शुक्र व राहु का द्वितीय स्थान से गोचर रहेगा अतः गलत तरह से धन अर्जित करने का प्रयास न करें, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें व महिलाओं से व्यर्थ विवाद न करें, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में गुरु व केतु का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, कोई भी रिस्क लेने से बचें, दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, जिन्हें हिर्दय जनित कोई रोग हो व गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे।

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

माह के शुरुवात में शनि का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा अतः भाग्य का सहयोग प्राप्त करने हेतु अधिक प्रयास करना होगा, लंबी यात्राओं के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, पैरों या जोड़ों में दर्द की शिकायत रह सकती है, माह के शुरुवात में मंगल का एकादश भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप आय में वृद्धि के योग बनेंगे, यात्राओं पर धन व्यय होगा, जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, संतान से विवाद या संतान को कष्ट संभव रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, 16 अगस्त को मंगल गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में चले जाएंगे अतः जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, 1 से 4 अगस्त के मध्य व्यय में वृद्धि होगी, कर्ज देने व लेने से बचें, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, किसी के साथ व्यर्थ विवाद न करें, 5 से 8 व 16 से 18 अगस्त का समय आपके लिए अच्छा रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, जीवनसाथी से नजदीकियाँ बढ़ेंगी, कार्य क्षेत्र के लिए यह अच्छा समय रहेगा, 9 से 11 अगस्त के मध्य मानसिक तनाव रह सकता है, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय न लें, 12 से 15 अगस्त के मध्य आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, 19 से 21 अगस्त के मध्य धन लाभ के योग बनेंगे, मित्रों से मुलाकात संभव रहेगी व उनके साथ अच्छा समय बीतेगा, 22 से 25 अगस्त के मध्य स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, व्यय में वृद्धि होगी, कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, 26 से 28 अगस्त तक का समय आपके लिए बेहद शुभ रहेगा जिसमें मानसिक शांति अनुभव होगी, धन लाभ के योग बनेंगे, 29 से 31 अगस्त के मध्य पारिवारिक मिलन (किसी भी कारण से) संभव रहेगा, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, 9, 15, 16, 22 व 29 अगस्त के दिन धन लाभ के अच्छे योग बनेंगे, 14 अगस्त के दिन विशेष सावधानी बरतें, तनाव लेने से बचें, किसी से भी व्यर्थ विवाद में न पड़ें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें व वाणी पर नियंत्रण रखें।

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

कुल मिलाकर वृषभ लग्न व वृषभ राशि वालों के लिए अगस्त 2020 सामान्य रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, व्यर्थ विवाद में न पड़ें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, सर दर्द, नेत्रों में चोट, दर्द या जलन की शिकायत संभव रहेगी, गुरु का अष्टम भाव से गोचर स्वास्थ्य, संतान व विद्या के लिए बहुत शुभ संकेतक नही है अतः थोड़ा सावधान रहें व कोई भी बड़े या महत्वपूर्ण निर्णय बहुत सोच-विचार कर के ही करें तथा यदि आप नौकरी परिवर्तन का विचार कर रहे हैं तो नवंबर तक रुक जाए, माह की 1, 2, 3, 4, 9, 10, 11, 22, 23, 24 व 25 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि वृषभ लग्न व वृषभ राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल देकर अदित्यहिर्दय स्तोत्र व गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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ज्योतिष के 20 अनोखे अचूक व प्रमाणित सूत्र

ज्योतिष के 20 अनोखे अचूक व प्रमाणित सूत्र

 

ज्योतिष के कुछ अचूक व प्रमाणित सूत्र
ज्योतिष के कुछ अचूक व प्रमाणित सूत्र

 

१. लग्न के स्वामी अर्थात लग्नेश यदि द्वादश/बाहरवें भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों के शत्रु बहुत अधिक होते हैं साथ ही ऐसे व्यक्तियों पर झूठा आरोप अवश्य ही लगता है तथा ऐसे व्यक्तियों के मन में आत्महत्या के विचार भी आते रहते हैं।

 

२. राहु की महादशा में यदि केतु की अंतर्दशा हो तो वह समय विशेष रूप से कष्टदाई होता है जिनमें उलझनें व समस्याएं काफी हद तक बढ़ जाती है।

 

३. दूसरे भाव में जो राशि हो उनके स्वामी अर्थात धनेश/द्वितीयेश यदि नवम व एकादश भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों का बाल्यकाल कष्टदाई होता है किंतु बाद का पूरा जीवन सुखमय होता है जिसमें जातक/जातिका को सभी सुख प्राप्त होते हैं।

 

४. यदि लग्न का स्वामी अर्थात लग्नेश दूसरे भाव में हो और दूसरे भाव का स्वामी अर्थात धनेश यदि लग्न में हो कहने का आशय यह है कि यदि लग्नेश और धनेश में स्थान परिवर्तन हो रहा हो तो ऐसे व्यक्तियों के पास धन की कभी कमी नही रहती तथा इन्हें कम प्रयत्न से धन की प्राप्ति हो जाती है।

 

५. यदि जन्म कुंडली में सूर्य एकादश भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों के शत्रु बहुत अधिक होते हैं किंतु जातक/जातिका को शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है अर्थात शत्रु उनका कुछ गलत नही कर पाते हैं।

 

६. यदि अष्टम भाव के स्वामी अर्थात अष्टमेश किसी भी भाव में बैठे हों और उन पर गुरु की दृष्टि हो तो ऐसे व्यक्ति दीर्घायु होते हैं।

 

७. यदि स्त्री की कुंडली हो और कुंडली के दूसरे भाव में राहु किसी भी राशि का हो तो ऐसी स्त्री कभी भी स्वदेश में सुखी नही रह सकती अतः ऐसी जातिकाओं को परदेश अर्थात दूसरे राज्य या विदेश में जीवनयापन करना चाहिए।

 

८. यदि कुंडली के किसी भी भाव में शनि उच्च राशि के हों और उन पर मंगल की दृष्टि हो तो ऐसा व्यक्ति निश्चय ही वक्ता या नेता होता है कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्तियों के अंदर नेतृत्व क्षमता बहुत प्रवल होती है।

 

९. यदि शुक्र कुंडली के एकादश भाव में हों तो ऐसे व्यक्तिओं को विवाह उपरांत अच्छा धन लाभ होता है अर्थात ऐसे जातक/जातिका विवाह उपरांत धनी होते हैं।

 

१०. यदि किसी महिला की कुंडली के तीसरे भाव में सूर्य व छठे/षष्ठ भाव में शनि हो तो ऐसे जातिका का विवाह किसी बड़े आदमी या किसी बड़े अधिकारी से होता है।

 

११. यदि कुंडली के अष्टम भाव में केतु हो तो जातक/जातिका को निःसंदेह अकास्मिक धन लाभ की प्राप्ति होती है साथ ही यदि कुंडली के अष्टम भाव में मेष, वृषभ, मिथुन, कन्या व वृश्चिक राशि में केतु बैठा हो तो जातक/जातिका को पेट से जुड़ी समस्या बनी ही रहती है।

 

१२. यदि शनि वृषभ राशि के हों तो जातक/जातिका को क्रोध बहुत अधिक आता है तथा ऐसे जातक/जातिका की परेशानियाँ विवाह बाद बढ़ जाती है और आय में कमी तथा व्यय में वृद्धि होती है।

 

१३. यदि स्थिर राशि (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) का लग्न हो अर्थात यदि स्थिर लग्न हो और लग्न पर छठे भाव के स्वामी की दृष्टि हो तो ऐसे जातक/जातिका खूब धन के स्वामी अर्थात धनवान होते हैं।

 

१४. यदि एकादश भाव का स्वामी अर्थात लाभेश लग्न में हो तो ऐसे व्यक्तियों को हर 11वें दिन कोई न कोई लाभ अवश्य ही होता है।

 

१५. यदि शुक्र लग्न में हो तो व्यक्ति खुशमिजाज होता है साथ ही ऐसे व्यक्तियों गाने का बहुत शौंक होता है अर्थात ऐसे व्यक्तियों का आमोद-प्रमोद में अधिक मन लगता है।

 

१६. यदि शनि लग्न में हो और गुरु केंद्र में हो तो ऐसे व्यक्तियों को निःसंदेह पैतृक संपत्ति अवश्य ही प्राप्त होती है।

 

१७. यदि लग्न या पंचम या नवम भाव में बुध व चंद्र की युति हो तो जातक विद्वान व बुद्धिमान होता है या भविष्यवक्ता होता है।

 

१८. यदि चंद्रमा पर किसी भी उच्च के ग्रह की दृष्टि हो तो ऐसे व्यक्ति धनवान होते हैं।

 

विशेष:- बहुत से लोगों के मन में यह प्रश्न अवश्य उठेगा कि यदि उच्च के शनि की दृष्टि चंद्र पर हो तो विष योग बनेगा जिसमें व्यक्तियों को बहुत परेशानिओं का सामना करना पड़ता है तो यहाँ यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि मैंने धनवान होगा ऐसा लिखा है और यह जरूरी नही कि व्यक्ति धनी और किंतु परेशान न रहे अतः ऐसे व्यक्ति परेशान रहेंगे किंतु धनवान भी होंगे।

 

१९. यदि सूर्य के दोनों तरफ कोई भी ग्रह हो (चंद्रमा को छोड़कर) तो व्यक्ति तेज बोलने वाला होता है तथा उसे हर कार्य में सफलता मिलती है साथ ही ऐसे व्यक्तियों को अच्छा धन लाभ भी होता है।

 

२०. यदि स्थिर राशि (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) का लग्न हो अर्थात यदि स्थिर लग्न हो और शुक्र केंद्र में हो तथा चंद्रमा त्रिकोण में गुरु से युत हो अर्थात चंद्रमा त्रिकोण में गुरु के साथ बैठा हो साथ ही शनि दशम भाव में हो तो ऐसा व्यक्ति सुखी, भोगी, विद्वान, प्रभावशाली, मंत्री, एम. पी., एम. एल. ए. आदि होता है।

 

जय श्री राम।

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अगस्त 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

अगस्त 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मेष लग्न कुंडली
मेष लग्न कुंडली

 

मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए अगस्त 2020 मिला-जुला रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य व बुध का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप घर के माहौल में कुछ तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो सकती है, माता के स्वभाव में तेजी अनुभव होगी, तनाव लेने से बचें, संतान पर धन व्यय होगा, 2 अगस्त को बुध गोचर बदलकर पंचम भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, प्रेमी/प्रेमिका के साथ व्यर्थ विवाद न करें, गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, फाइनेंस व मार्केटिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, 17 अगस्त को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके छठे भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, यात्राओं के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, माह के शुरुवात में शनि का दशम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रहेगी, उन्नति प्राप्त करने हेतु मेहनत अधिक करनी होगी, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, खर्चों में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में गुरु व केतु का नवम भाव से गोचर रहेगा अतः भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होता रहेगा, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, छोटे भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, नवदंपत्तियों को कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, छोटी धार्मिक यात्रा के भी योग बनेंगे।

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

माह के शुरुवात में शुक्र व राहु का तीसरे भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, यदि आपके छोटे भाई-बहन विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, यात्राओं के योग बनेंगे, जो लोग फाइनेंस, कला, सौंदर्य प्रकाशन, टीचिंग से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा, माह के शुरुवात में मंगल का द्वादश भाव से गोचर रहेगा अतः स्वास्थ्य के प्रति पूर्णतया सचेत रहें हालांकि गुरु की पंचम दृष्टि लग्न पर होने से कोई गंभीर समस्या नही रहेगी फिर भी स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, क्रोध पर नियंत्रण रखें, जीवनसाथी से विवाद संभव रहेगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, 16 अगस्त को मंगल गोचर बदलकर आपके लग्न में आ जाएंगे जिससे आपको काफी राहत अनुभव होगी, संतान प्राप्ति के अच्छे योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, बुद्धि की शक्ति से उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, माता के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, क्रोध पर नियंत्रण रखें, तामसिक चीजों से परहेज करें 2, 16 व 29 अगस्त को अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, 1 से 6 अगस्त तक का समय आपके लिए अच्छा रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है, 7 से 16 अगस्त तक का समय तनावपूर्ण रहेगा, खर्चों में वृद्धि होगी, वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, 15 व 29 अगस्त का दिन प्रेमियों के लिए अच्छा रहेगा, धन लाभ के योग बनेंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे प्रेम का इजहार या उन्हें शादी के लिए प्रपोज करना चाहते हैं तो यह दो दिन आपके लिए बेहद शुभ रहेगा, 17 से 30 अगस्त के मध्य बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे।

 

Mesh rashi
मेष राशिफल

 

कुल मिलाकर मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए अगस्त 2020 मिला-जुला रहेगा माह के शुरुवात में तनाव बना रहेगा, खर्चों में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, 16 अगस्त के बाद से बड़ी राहत अनुभव होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, अचानक धन लाभ हो सकता है माह की 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15 व 16 इनमें भी 7 से 10 तक तिथियों में विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मेष लग्न व मेष राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें व शनिवार के दिन सूर्यास्त बाद शनि स्तोत्र का पाठ करते हुए सरसों के तेल का दीपक शनि देव को अर्पित करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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मेष लग्न की कुंडली के विभिन्न भावों में सूर्य का फल भाग ५

मेष लग्न की कुंडली के विभिन्न भावों में सूर्य का फल भाग ५

 

 

मेष लग्न कुंडली के विभिन्न राशियों में सूर्य का फल
मेष लग्न कुंडली के विभिन्न राशियों में सूर्य का फल

 

भाग:-१ पढ़ने के लिए इस लिंक पर जाएं

 

मेष लग्न की कुंडली के विभिन्न भावों में सूर्य का फल भाग १

 

मेष लग्न की कुंडली के नवम भाव में सूर्य का फल:-

 

मेष लग्न कुंडली के नवम भाव में सूर्य
मेष लग्न कुंडली के नवम भाव में सूर्य

 

नवम भाव से भाग्य, पिता व गुरु का विचार किया जाता है जहाँ सूर्य के अपने मित्र गुरु के धनु राशि में बैठा होने के कारण से उच्च शिक्षा प्राप्ति के योग बनेंगे तथा बुद्धि बहुत तीव्र रहेगी और धर्म शास्त्र का अच्छा ज्ञान प्राप्त होगा साथ ही बुद्धि योग द्वारा भाग्य की महान वृद्धि के योग बनेंगे और संतान का उत्तम सहयोग प्राप्त होगा साथ ही वाणी के द्वारा बड़ा प्रभाव और यश प्राप्त होगा साथ ही ऐसे जातक/जातिका को ईश्वर और न्याय पर विश्वास रहेगा किंतु गुरु व पिता का पूर्ण सुख नही प्राप्त हो सकेगा व सातवीं दृष्टि से तीसरे भाव को भाई-बहन और पराक्रम स्थान को मित्र बुध के मिथुन राशि में देखने के कारण से भाई-बहन का सुख प्राप्त होगा और पराक्रम व पुरुषार्थ शक्ति के अंदर बुद्धि की योग्यता से बड़ी शक्ति और स्फूर्ति प्राप्त होगी।

 

भाग:-२ पढ़ने के लिए इस लिंक पर जाएं

 

मेष लग्न की कुंडली के विभिन्न भावों में सूर्य का फल भाग २

 

मेष लग्न की कुंडली के दशम भाव में सूर्य का फल:-

 

मेष लग्न कुंडली के दशम भाव में सूर्य
मेष लग्न कुंडली के दशम भाव में सूर्य

 

दशम भाव से पिता, राज्य, व्यापार, मान-प्रतिष्ठा का विचार किया जाता है जहाँ सूर्य के अपने शत्रु शनि की मकर राशि में बैठा होने के कारण से पिता स्थान में कुछ वैमनस्यता युक्त शक्ति प्राप्त होगी तथा विद्या के पक्ष में कुछ अड़चनों का साथ राजभाषा की योग्यता प्राप्त होगी और जातक/जातिका दिमाग एवं विचारों के अंदर बड़ी भारी उत्तेजना, क्रोध तथा अहंभाव रखेंगे तथा संतान पक्ष के संबंध में कुछ अरूचिक सहयोग शक्ति प्राप्त होगी और सातवीं दृष्टि से मित्र चन्द्रमा के कर्क राशि में देखने के कारण से माता का उत्तम सुख और भूमि का अच्छा योग प्राप्त होगा और राज-समाज एवं कारोबार के मार्ग में बुद्धि योग से उन्नति प्राप्त होगी।

 

भाग:-३ पढ़ने के लिए इस लिंक पर जाएं

 

मेष लग्न की कुंडली के विभिन्न भावों में सूर्य का फल भाग ३

 

मेष लग्न कुंडली के एकादश भाव में सूर्य का फल:-

 

मेष लग्न कुंडली के एकादश भाव में सूर्य

 

एकादश भाव से बड़े भाई, आमदनी, लाभ का विचार किया जाता है एकादश भाव में क्रूर या गर्म ग्रह अत्यधिक शक्तिशाली फल का दाता हो जाता है जहाँ सूर्य के अपने शत्रु शनि के कुंभ राशि में बैठा होने के कारण से आमदनी के मार्ग में विशेष उन्नति के लिए बड़ा भारी परिश्रम करना होगा और बुद्धि योग के द्वारा विशेष सफलता प्राप्ति के भी योग बनेंगे तथा आमदनी के मार्ग में बड़ा प्रभाव रहेगा तथा सातवीं दृष्टि से पंचम भाव को अपने खुद की सिंह राशि में देखने के कारण से उच्च शिक्षा प्राप्ति के योग बनेंगे और संतान का उत्तम सुख भी प्राप्त होगा साथ ही ऐसे जातक/जातिका स्वार्थ सिद्धि के मार्ग में बड़ी दृढ़ता और तत्परता तथा वाणी की कटुता से सफलता प्राप्त करेंगे।

 

भाग:-४ पढ़ने के लिए इस लिंक पर जाएं

 

मेष लग्न की कुंडली के विभिन्न भावों में सूर्य का फल भाग ४

 

मेष लग्न की कुंडली के द्वादश भाव में सूर्य का फल:-

 

मेष लग्न कुंडली के द्वादश भाव में सूर्य
मेष लग्न कुंडली के द्वादश भाव में सूर्य

 

द्वादश भाव से खर्च व बाहरी स्थान का विचार किया जाता है जहाँ सूर्य के अपने मित्र गुरु की मीन राशि में बैठा होने के कारण से जातक/जातिका खर्च की विशेष संचालन शक्ति बुद्धि योग द्वारा प्राप्त करेंगे और बाहरी स्थानों का अच्छा संबंध प्राप्त करेंगे किंतु व्यय स्थान में बैठे होने के दोष के कारण से विद्या के पक्ष में कुछ कमजोरी रहेगी और संतान पक्ष में कुछ कमी और परेशानी तथा हानि के योग बनेंगे तथा दिमाग में कुछ तनाव और परेशानी रहेगी व सातवीं दृष्टि से छठे/षष्ठ भाव को मित्र बुध की कन्या राशि में देखने के कारण से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और शत्रु पक्ष में सद्भावनाओं के द्वारा प्रभाव की शक्ति और निर्भयता प्राप्त होगी।

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सूर्य का कर्क राशि से गोचर 16 जुलाई 2020: जानें किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा

सूर्य का कर्क राशि से गोचर 16 जुलाई 2020: जानें किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा

 

सूर्य का कर्क राशि से गोचर
सूर्य का कर्क राशि से गोचर

 

सूर्य 16 जुलाई 2020 को प्रातः 10 बजकर 31 मिनट 59 सेकंड पर मिथुन राशि को छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे जिस कारण से सूर्य की मिथुन की सक्रांति समाप्त होकर सूर्य की कर्क की सक्रांति लगेगी तथा सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन हो जाएंगे, सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की सक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, सूर्य एक राशि में 30 दिन तक गोचर करते हैं जिसका विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है तो चलिए जानते हैं सूर्य के कर्क राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के सूर्य पंचम भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आपके कार्य में कुछ अड़चन आ सकती है फिर भी आपका मनोबल नही टूटेगा तथा कुछ विलंब के साथ आपके कार्य पूर्ण होने के योग बनेंगे, नए कार्य की शुरुवात होगी, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए सूर्य का यह गोचर लाभप्रद सिद्ध होगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें अन्यथा घर के माहौल में कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे क्रोध पर नियंत्रण रखें, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, आपके किए गए प्रयास सार्थक सिद्ध होंगे, कान में दर्द या चोट लगने की संभावना रहेगी, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, आय वृद्धि के स्त्रोत बनेंगे।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आय वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना होगा, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, तामसिक व गर्म चीजों के सेवन से परहेज करें, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, आंखों में जलन या दर्द या चोट लगने की संभावना रहेगी, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी होकर लग्न अर्थात प्रथम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, रुके हुए कार्य पूर्ण होने के योग बनेंगे, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा विशेषतः 20 से 22 जुलाई पिता व सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद न करें, दामपत्य जीवन मिला-जुला रहेगा, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, जिन्हें पूर्व से ही स्वास्थ्य की कोई समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य पहले भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप किसी भी कार्य को पूर्ण निष्ठा से नही कर सकेंगे, किसी भी कार्य में मन नही लगेगा, स्वास्थ्य के प्रति पूर्णतया सचेत रहें, चोट लगने की भी संभावना रहेगी, पिता के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, खर्चों में वृद्धि होगी, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, कोई भी निर्णय भावनाओं में आकर न लें, कार्यस्थल पर आप प्रशंसा पाने का प्रयास करेंगे जिस कारण से आप अपने कार्य को सही तरह से संपादन नही कर सकेंगे।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य द्वादश भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप खर्चों में वृद्धि होगी, बड़े भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव है, यात्राओं के योग बनेंगे, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, पार्टनरशिप में जिनका कार्य है उनके लिए सूर्य का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, संतान की स्वास्थ्य में समस्या संभव है।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए सूर्य एकादश भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे आपकी कुंडली में सूर्य लाभेश होकर दशम भाव से गोचर करेंगे जहाँ उन्हें दिग्बल भी प्राप्त होता है अतः काम-धंधे के लिए सूर्य का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, आय वृद्धि के योग बनेंगे, पिता को कष्ट संभव है, माता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे अतः भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा व भाग्य की शक्ति से उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए सूर्य नवम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, ससुराल पक्ष व जीवनसाथी से विवाद संभव रहेगा, धन हानि के योग बनेंगे, खर्चों में वृद्धि होगी, किसी को कर्ज देने व किसी से कर्ज लेने से बचें, कुल मिलाकर धनु राशि वालों को इस गोचरकाल पूर्ण सतर्क रहना होगा, उपाय में नित्य सूर्य को जल दें तो लाभ होगा।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप जीवनसाथी से विवाद संभव है, कार्यस्थल पर व्यर्थ विवाद करने से बचें व पूर्ण सतर्कता और निष्ठा के साथ अपने कार्य को करें, मित्रों से विवाद संभव है, जीवनकाल के स्वास्थ्य में समस्या भी संभव रहेगी, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होकर षष्ठ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप शत्रुओं से सावधान रहें, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, जीवनसाथी से विवाद संभव रहेगा व उनके स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, आय वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना होगा, बड़े भाई के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए सूर्य छठे भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप संतान को कष्ट संभव रहेगा व संतान से विवाद संभव रहेगा, गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें, बुद्धि व विवेक द्वारा शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, आय वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना होगा।

 

जय श्री राम।

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