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मंगल का मीन राशि से गोचर 18 जून 2020 गुरुवार जानें किस राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव—-Astrology Sutras

मंगल का मीन राशि से गोचर 18 जून 2020 गुरुवार जानें किस राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव—-Astrology Sutras

 

मंगल का मीन राशि से गोचर
मंगल का मीन राशि से गोचर

 

मंगल ग्रह:-

 

मंगल का धनु राशि में प्रवेश
मंगल का धनु राशि में प्रवेश

 

भूमि पुत्र मंगल, लोहितांग के नाम से भी जाने जाते हैं जो कि शिव जी के पसीने से उत्पन्न हुए थे और देवी पृथ्वी के आग्रह करने पर शिव जी ने उन्हें सौंपा था, मंगल ग्रह को नव ग्रहों में सेनापति के नाम से जाना जाता है जो कि शक्ति, पराक्रम व ऊर्जा के ग्रह हैं इनका वर्ण रक्त अर्थात लाल है यदि मंगल किसी व्यक्ति की कुंडली में द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम व द्वादश भाव में हो तो कुज दोष जिसे हम सभी मंगल दोष के नाम से जानते हैं बनता है जो कि दामपत्य जीवन के लिए शुभ नही माना जाता है किंतु यदि यही  मंगल राजयोगकारक हो जाए तो अनेक प्रकार शुभ प्रभावी हो जाता है।

 

मेष व वृश्चिक मंगल की स्वराशि है अर्थात मेष व वृश्चिक राशि का स्वामित्व मंगल ग्रह के पास है, मंगल ग्रह मकर राशि में उच्च के तो कर्क राशि में नीच के हो जाते हैं मंगल ग्रह के इस गोचर परिवर्तन का विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रभाव पड़ेगा तो चलिए जानते हैं  मंगल ग्रह के मीन राशि से गोचर के दौरान किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

गोचर काल की अवधि:-

मंगल ग्रह जो देवी पृथ्वी के पुत्र व नव ग्रहों में सेनापति के नाम से जाने जाते हैं 18 जून 2020 की रात को 8 बजकर 12 मिनट 1 सेकंड पर कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे जहाँ  16 अगस्त 2020 तक रहेंगे।

मंगल के मीन राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-

 

मेषादि 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव
मेषादि 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए मंगल प्रथम व अष्टम भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे अतः यात्राओं के योग बनेंगे, कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझकर लें अन्यथा किसी बड़ी परेशानी में पड़ सकते हैं, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, आवेश में आने से बचें व क्रोध पर नियंत्रण रखें, घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में विजय प्राप्त होगी, यदि आप नौकरी करना चाहते हैं तो 16 अगस्त तक रुक जाएं, 10 से 16 अगस्त के मध्य छोटे भाई-बहन के सहयोग से रुका हुआ कार्य पूर्ण होगा जिससे तनाव कम होगा।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए मंगल सप्तम व द्वादश भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप खर्चों में वृद्धि होगी, जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा, अचानक बड़ी सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, संतान के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, संतान के स्वभाव में तेजी अनुभव होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, शेयर बाजार में पैसा निवेश करने के लिए अच्छा समय रहेगा।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए मंगल षष्ठ व एकादश भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, क्रोध पर नियंत्रण रखें, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना करेंगे, माता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होने से मन अप्रसन्न रहेगा, संतान के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए मंगल पंचम व दशम भाव अर्थात केंद्र व त्रिकोण के स्वामी होकर राजयोगकारक हो जाते हैं जो कि आपके नवम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप भाग्य का सहयोग मिलेगा, उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें व फिजूल के खर्चों पर नियंत्रण रखें, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेंगे।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए मंगल चतुर्थ व नवम भाव अर्थात केंद्र व त्रिकोण के स्वामी होकर राजयोगकारक हो जाते हैं जो कि आपके अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः आय में वृद्धि होगी किंतु दवाईयों पर धन व्यय होने के भी योग बनेंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, जीवनसाथी व ससुराल पक्ष के लोगों की वाणी में तेजी अनुभव होगी, पिता के स्वास्थ्य में भी परेशानी संभव है, जिन्हें रक्त जनित कोई समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाहन तीव्र गति से न चलाएं, तामसिक चीजों के सेवन से बचें।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए मंगल तीसरे व अष्टम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे अतः क्रोध पर नियंत्रण रखें, जीवनसाथी के स्वभाव में तेजी अनुभव होगी, किसी गलतफहमी के कारण से जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, भाई-बहन की उन्नति होगी, नौकरी पेशा लोगों के लिए मंगल का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, आय में वृद्धि के योग बनेंगे, आवेश में आकर निर्णय लेने से बचें।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए मंगल द्वितीय व सप्तम भाव के स्वामी होकर षष्ठ भाव से गोचर करेंगे अतः शत्रुओं पर धन व्यय होगा किंतु शत्रुओं पर विजय भी प्राप्त होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय प्राप्त होगी, वाहन सावधानी से चलाएं, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में भी समस्या रह सकती है, मंगल के इस गोचर काल के समय आपको मेहनत अधिक करनी पड़ेगी और मेहनत का पूर्ण फल भी प्राप्त होगा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह समय अच्छा रहेगा।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल प्रथम व षष्ठ भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे अतः संतान के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए मंगल का यह गोचर मिला-जुला रहेगा, प्रेमियों के मध्य वैचारिक मतभेद होने की संभावना रहेगी, किसी पुराने कर्ज से छुटकारा मिल सकता है, आय में वृद्धि होगी, रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, गर्म चीजों के सेवन से परहेज करें व क्रोध पर नियंत्रण रखें।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए मंगल पंचम व द्वादश भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप घर में किसी नए मेहमान का आगमन संभव रहेगा, माता के स्वभाव में तेजी अनुभव होगी, घर के माहौल में कुछ गर्माहट अनुभव होगी जिससे तनावपूर्ण स्थितियाँ भी उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, आय में वृद्धि होगी, लंबे समय से नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, यात्राओं के योग बनेंगे चाहे व कार्य के सिलसिले से हो या धार्मिक यात्रा हो, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए मंगल चतुर्थ व एकादश भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे अतः पराक्रम में वृद्धि होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना होगा, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, भाई-बहन को कष्ट या उनसे विवाद संभव रहेगा, ज्वर या सर दर्द की समस्या हो सकती है, कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में विजय प्राप्त होगी।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए मंगल तीसरे व दशम भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे अतः क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें अन्यथा आपके कार्यक्षेत्र व परिवार में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, आय में वृद्धि होगी, भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, संतान की उन्नति होगी, गर्म चीजों के सेवन से परहेज करें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए मंगल द्वितीय व नवम भाव के स्वामी होकर प्रथम भाव अर्थात लग्न से गोचर करेंगे अतः संयम रखें व धैर्य से हर कार्य को संपन्न रखें, अनैतिक संबंध बनाने से बचें, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, प्रमोशन या पदोन्नति के योग बनेंगे, घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी जिससे मन अप्रसन्न रहेगा अतः तनाव लेने से बचें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, वाहन सावधानी से चलाएं, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव है।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470

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जुलाई 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जुलाई 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मेष लग्न कुंडली
मेष लग्न कुंडली

 

मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए जुलाई 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य, बुध व राहु आपके तीसरे भाव से गोचर करेंगे अतः आवेश में आने से बचें, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग भी प्राप्त होगा 16 जुलाई को सूर्य गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप माता के स्वभाव में तेजी अनुभव होगी, तनाव लेने से बचें, जिन्हें हिर्दय जनित कोई रोग हो या जिन्हें छाती में दर्द की समस्या रहती हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, संतान पर धन व्यय होगा, माह के शुरुवात में मंगल का द्वादश भाव से गोचर रहेगा अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें क्योंकि इस माह आपके अधिकतर निर्णय गलत सिद्ध हो सकते हैं अतः सोच-समझकर ही कोई निर्णय लें, घर में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, कोई भी रिस्क लेने से बचें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें।

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

माह के शुरुवात में शनि का दशम भाव से गोचर शश नामक योग बनाएगा किंतु शनि के वक्री अवस्था में गोचर करने के कारण से मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, यदि आपका फाइनेंस से जुड़ा हुआ कार्य है तो यह माह आपके लिए अच्छा रहेगा, शेयर बाजार में पैसा लगाने से  बचें, माह के शुरूवात में गुरु व केतु का गोचर नवम भाव से रहेगा फलस्वरूप आध्यत्म की ओर झुकाव बड़ेगा, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, जो लोग उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह माह अच्छा सिद्ध होगा, 1 से 4 जुलाई 12 जुलाई को विशेष सावधानी बरतें व इनमें कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें, धोखा मिल सकता है, तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, 5 से 10 जुलाई का समय आपके लिए अच्छा सिद्ध होगा इनमें जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे व नजदीकियाँ बढ़ेंगी, कोई नया अवसर प्राप्त हो सकता है, किसी उच्च अधिकारी से मुलाकात भी संभव रहेगी, 11 से 16 जुलाई का समय विशेष 12 जुलाई का समय अधिक शुभ नही है अतः यह समय थोड़ा सावधान रहें अन्यथा अपमानजनक स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, 17 से 23 जुलाई के मध्य आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा व धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे या धार्मिक अनुष्ठान पर धन व्यय होगा, यह समय विद्यार्थियों के लिए बहुत शुभ रहेगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व अपने प्रेम का इजहार करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा, 24 से 31 जुलाई तक का समय कार्यक्षेत्र के लिए सामान्य रहेगा जिसमें कार्य को लेकर लंबे समय से जो तनाव था उसमें राहत मिलेगी, यदि आप नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं तो 15 अगस्त तक इंतजार कर लें।

 

Mesh rashi
मेष राशिफल

 

कुल मिलाकर मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए जुलाई 2020 सामान्य रहेगा जिसमें पराक्रम में वृद्धि होगी, छोटे भाई-बहन से विवाद संभव रहेगा, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, आवेश में आने व तनाव लेने से बचें, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, यदि आप लंबे समय से नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं तो कुछ समय और रुक जाएं, कोई भी रिस्क लेने से बचें व कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझकर लें अन्यथा अपमानजनक स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है माह की 1, 2, 3, 4, 11, 12, 13, 14, 15 व 16 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मेष लग्न व मेष राशि वाले व्यक्ति यदि मंगलवार का व्रत कर हनुमान जी की उपासना करें व नित्य गाय को रोटी, गुड़ व चने की दाल खिलाएं तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470

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पौराणिक कथाएं

खाटूश्याम मंदिर की स्थापना कब और कहाँ हुई:—-Astrology Sutras

खाटूश्याम मंदिर की स्थापना कब और कहाँ हुई:—-Astrology Sutras

 

 

माहाभारत ग्रंथ के अनुसार बर्बरीक जो कि अतिबलशाली भीम के पौत्र व घटोत्कच और मोरवी के पुत्र थे, बचपन से ही उनमें एक विलक्षण शक्ति थी तथा इन्होंने युद्ध कला अपनी माता तथा श्री कृष्ण से सीखा था, बर्बरीक ने माता की आज्ञा अनुसार नव दुर्गा की घोर तपस्या की व उनको प्रसन्न कर तीन अमोघ बाण प्राप्त किए जो कि कभी विफल नही हो सकते थे इस प्रकार बर्बरीक “तीन बाणधारी” के नाम से प्रसिद्ध हुए।

 

महाभारत युद्ध के समय बर्बरीक की भी युद्ध में सम्मिलित होने की प्रवल इच्छा जागृत हुई व उन्होंने अपनी माता को वचन दिया कि जो भी पक्ष निर्बल होगा मैं उसकी तरफ से युद्ध करूँगा और नीले घोड़े पर सवार होकर कुरुक्षेत्र की रणभूमि की तरफ चल दिए उस समय श्री कृष्ण ध्यान में लीन थे और उन्होंने अपने योग विद्या से जब यह देखा तो ब्राह्मण रूप धारण कर के बर्बरीक के समक्ष पहुँच कर उन्हें रोक कर उनसे कुरुक्षेत्र की रणभूमि की तरफ जाने का कारण पूछा व बर्बरीक द्वारा यह बताए जाने पर कि वह युद्ध में भाग लेने जा रहे हैं उनकी हँसी उड़ाई और कहा कि केवल यह तीन बाण के साथ आप युद्ध कैसे कर सकेंगे इस पर बर्बरीक ने उत्तर दिया कि उनका एक बाण ही समस्त शत्रुओं का नाश करने के लिए काफी है और शत्रुओं का दमन करने के बाद उनका बाण वापस उनके तुणीर में आ जाएगा और यदि वह इन तीनों बाणों का एक साथ संघान किया तो तीनों बाणों की विध्वंसक शक्ति से समस्त ब्रह्मांड की नाश हो जाएगा, यह जानकर श्री कृष्ण जी ने उन्हें चुनौती दी कि इस पीपल वृक्ष के सभी सूखे पत्तों को भेद कर दिखाओ किंतु वही पत्ते भेदना है जो सूखे हों या उनमें छिद्र हो बर्बरीक ने श्री कृष्ण की चुनौती को स्वीकार किया और अपने एक ही बाण से उस पीपल वृक्ष के सभी सूखे व छिद्रित पत्तों को भेद दिया तत्पश्चात वह बाण श्री कृष्ण के चरणों के पास जाकर रुक गया तब बर्बरीक ने श्री कृष्ण जी से निवेदन किया कि एक पत्ता आपके पैर के नीचे बचा हुआ है अतः आप अपना पैर हटा लें अन्यथा यह बाण आपके पैर पर घात कर देगा क्योंकि दुर्गा जी से प्राप्त बरदान के अनुसार उनका कोई बाण लक्ष्य भेदे बिना वापस नही आता तब भी श्री कृष्ण जी के पैर न हटाने पर माँ दुर्गा प्रकट हुई व श्री कृष्ण जी से प्राथना की कि उनके वरदान की लाज रखने हेतु अपना पैर हटा लें तब श्री कृष्ण जी ने अपना पैर जैसे ही हटाया उस बाण ने उस बचे हुए पत्ते को भी भेद दिया तत्पश्चात श्री कृष्ण जी ने दुर्गा जी को यह वचन दिया कि उनके पैर का निचला हिस्सा आज से उनके शरीर का सबसे कमजोर भाग होगा तथा यही भाग उनके इस शरीर को त्याग कर परमधाम लौटने का कारण बनेगा।

 

 

 

श्री कृष्ण जी इस बात को भली-भांति जानते थे इस महायुद्ध में कौरवों की हार निश्चित है और यदि बर्बरीक को न रोका गया तो यह युद्ध अधर्म के विजय का कारण बन सकता है अतः ब्राह्मण रूपी श्रीं कृष्ण जी ने बर्बरीक से दान माँगने की इच्छा रखी तो बर्बरीक ने उन्हें दान देने का वचन देते हुए दान माँगने को कहा तब श्री कृष्ण जी ने दान रूप में बर्बरीक से उनका शीश माँगा इस पर बर्बरीक चिंतन में पड़ गए और श्री कृष्ण जी के उनकी चिंता का कारण पूछने पर उन्होंने श्री कृष्ण जी से कहा कि मेरी इस युद्ध के साक्षी बनने की प्रवल इच्छा थी इस पर श्री कृष्ण जी ब्राह्मण रूप को त्याग कर अपने वास्तविक रूप में आ गए और बर्बरीक को समझाते हुए कहा कि इस महायुद्ध में धर्म के विजय हेतु तुम्हारे शीश का दान अनिर्वाय है तथा श्री कृष्ण जी ने बर्बरीक को आशीर्वाद दिया कि उनका यह दान अनंत काल तक याद रखा जाएगा तथा उनकी इस महायुद्ध को देखने की इच्छा भी जरूर पूरी होगी इस आशीर्वाद को प्राप्त कर बर्बरीक अत्यंत प्रसन्न हुए व अपना शीश श्री कृष्ण के चरणों में अर्पित कर दिया तत्पश्चात श्री कृष्ण जी ने उनके शीश को युद्धभूमि के समीप एक पर्वत पर स्थापित कर दिया जहाँ से बर्बरीक इस महाभारत युद्ध के प्रत्यक्ष साक्षी बनें।

 

महाभारत युद्ध की समाप्ति के बाद पांडवों में अहंकार की उत्पत्ति देखकर श्री कृष्ण जी मुस्कुराए और पांडवों को उस पर्वत पर ले गए जहाँ “महादानी” बर्बरीक का शीश स्थित था व उन्होंने बर्बरीक से निवेदन किया कि वह ही निर्णय लें कि पाँचों पांडव में से इस युद्ध के विजय का श्रेय किसको देना चाहिए इस पर बर्बरीक खूब हँसे और बोले कि कौन पांडव मैंने तो कुरुक्षेत्र में केवल श्री कृष्ण जी और उनके सुदर्शन चक्र को ही देखा श्री कृष्ण जी ने अकेले ही समस्त अधर्मियों का अंत किया अतः इस युद्ध में विजय श्री कृष्ण की ही हुई है इस बात से श्री कृष्ण जी प्रसन्न होकर बर्बरीक को आशीर्वाद देते हैं कि आज से तुम “श्याम” नाम से जाने जाओगे क्योंकि जो हारे का सहारा हो वही “श्याम” है अतः कलयुग में सभी लोग तुम्हारी मेरे नाम “श्याम” से पूजा करेंगे व जो भक्त तुम्हारी पूजा करेगा उसके सारे कष्ट दूर होंगे व उन्हें हर कार्य में सफलता प्राप्त होगी।

 

 

 

 

बर्बरीक के खाटूश्याम नाम का रहस्य:-

 

बर्बरीक का शीश श्री कृष्ण जी द्वारा  “खाटू नगर” के पर्वत पर स्थित किया गया था जिस कारण से उन्हें खाटूश्याम के नाम से भी जाना जाता है।

 

क्यों की जाती है खाटूश्याम की पूजा:-

 

स्कंद पुराण के अनुसार:-

 

तत्सतथेती तं प्राह केशवो देवसंसदि।

शिरस्ते पूजयिषयन्ति देव्या: पूज्यो भविष्यसि।।

(स्कंद पुराण, कौ. ख. ६६.६५)

 

भावार्थ:- हे वीर! ठीक है तुम्हारे शीश की पूजा होगी और तुम देवरूप में पूजित होकर प्रिसिद्धि को प्राप्त करोगे।

 

खाटूश्याम जी का यह मंदिर राजस्थान राज्य के सीकर जिले में स्थित है तथा इनके प्रमुख देवता श्री कृष्ण जी और प्रमुख उत्सव फाल्गुन महोत्सव है इनके अन्य नाम खाटू नरेश, मोर्विनंदन व मोरछड़ी धारक है, मोर पंखों से बनी छड़ी को हमेशा अपने पास रखने के कारण से इनका नाम मोरछड़ी कहलाया।

 

जय श्री राम।

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जून 2020: धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

धनु लग्न
धनु लग्न मासिक गोचरफल

 

धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का छठे भाव से गोचर रहेगा अतः सरकारी अफसरों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, यदि कोर्ट-कचहरी में कोई मामला चल रहा है तो उसमें विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके सप्तम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, जीवनसाथी के स्वभाव में तेजी अनुभव होगी, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, माह के शुरुवात में शुक्र का छठे भाव से गोचर रहेगा जो कि वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः महिलाओं के साथ व्यर्थ विवाद में न पड़ें, दवाइयों या शत्रुओं पर धन व्यय हो सकता है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जिन्हें हार्मोन्स से जुड़ी समस्या हो व गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, माह के शुरुवात में बुध व राहुका सप्तम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप विवाह के योग बनेंगे, यदि आपके विवाह में बाधाएं आ रही है तो राहु के उपाय करें लाभ होगा, कार्यस्थल पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, मित्रों पर अधिक विश्वास करने से बचें, 18 जून को बुध वक्री होकर आपके सप्तम भाव से गोचर करेंगे अतः कार्यक्षेत्र से जुड़े निर्णय सोच-समझकर ही लें, जीवनसाथी की वाणी कटु रह सकती है, राजनीति से जुड़े लोगों के लिए यह माह अच्छा रहेगा, 21 जून को सूर्य ग्रहण है जो कि आपके लिए शुभ नही रहेगा अतः उस दिन यदि संभव हो तो यात्राओं को टालने का प्रयास करें।

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

माह के शुरुवात में गुरु व शनि आपके धन भाव अर्थात दूसरे भाव से गोचर कर नीचभंग राजयोग बनाएंगे किंतु दोनों ही ग्रह वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, धन लाभ के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी, वाहन सावधानी चलाएं क्योंकि तीसरे भाव से गोचर कर रहे मंगल की चौथी दृष्टि छठे भाव रोग व शत्रु भाव पर रहेगी जहाँ सूर्य व शुक्र पहले से ही गोचर कर रहे हैं और शनि की भी सप्तम दृष्टि अष्टम भाव पर रहेगी अतः 18 जून तक एक्सीडेंट होने के योग बनेंगे, परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा, आय में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, माह के शुरुवात में लग्न से केतु का गोचर रहेगा फलस्वरूप आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, यदि आपकी कुंडली में केतु अच्छी स्थिति में है तो आत्मसम्मान में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में मंगल का तीसरे भाव से गोचर रहेगा अतः आवेश में आने से बचें, पराक्रम में वृद्धि होगी व मेहनत का पूर्ण फल भी प्राप्त होगा, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनका सहयोग मिलेगा व उनकी उन्नति भी होगी, माह की 2, 8, 16, 23 व 29 तिथियों को अचानक धन लाभ के योग बनेंगे या कहीं से रुका हुआ पैसा मिल सकता है।

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

कुल मिलाकर धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें विवाह के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, आत्मसम्मान में वृद्धि होगी, वाहन सावधानी से चलाएं, वाणी पर नियंत्रण रखें व व्यर्थ के विवाद में न पड़ें, तनाव लेने से बचें, माह की 4, 5, 6,व 18, 19, 20, 21, 23 व 24 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि धनु लग्न व धनु राशि वाले व्यक्ति यदि अमावस्या के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर नारियल को बहते पानी में प्रवाहित करें व व गणेश संकटनाशन स्तोत्र का नित्य पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग २

संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग २

 

पंचम भाव में स्थित शनि का फल
पंचम भाव में स्थित शनि का फल

 

भाग १ पढ़ने के लिए इस लिंक पर जाएं

संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १

 

 

यदि पंचम भाव में उच्च राशि का शनि स्थित हो जो कि मिथुन लग्न की कुंडली में ही संभव है तो ऐसे व्यक्ति की संतान ईर्ष्यालु होती है अर्थात दूसरों से वैर करने वाली होती है साथ ही ऐसे व्यक्तियों की कुंडली में उच्च शिक्षा प्राप्ति के योग होते हैं व आय की शुरुवात करने के लिए अर्थात नौकरी पाने हेतु कुछ संघर्ष करना पड़ता है, यदि उच्च नवांश का शनि पंचम भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों की संतान अधिकतर बीमार रहती है।

 

यदि पंचम भाव में शुभ वर्ग का शनि स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों की संतान कृतघ्न होती है कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्ति अपने संतान के लिए सब कुछ त्याग कर देते हैं अर्थात सब चीजों का बलिदान कर देते हैं किंतु उनको संतान से वो सम्मान नही मिल पाता है, यदि पाप वर्ग का शनि पंचम भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों की संतान अकसर किसी न किसी रोग से पीड़ित रहती है।

 

पंचम भाव में स्थित शनि
पंचम भाव में स्थित शनि

 

यदि नीच राशि का शनि पंचम भाव में हो जो कि धनु लग्न की कुंडली में ही संभव है तो ऐसे व्यक्ति अपनी बौद्धिक क्षमता से अच्छा धनार्जन करते है साथ ही एक बार जीवन में धन वृद्धि हेतु कड़ा संघर्ष करते हैं तथा ऐसे व्यक्ति कहानियाँ बहुत बनाते हैं अर्थात बातें बनाना व बातों को दूसरों के समक्ष कुछ इस प्रकार रखते है कि वह एक कहानी की तरह होती है इसके अतिरिक्त पंचम भाव में नीच राशि का शनि संतान सुख में कमी का भी सूचक होता है, यदि नीच नवांश का शनि पंचम भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों की संतान जल्द ही प्रौढ़ हो जाती है कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्तियों की संतान जल्द ही गंभीर स्वभाव की हो जाती है और उन पर कम उम्र में ही जिम्मेदारियां आ जाती है।

 

भाग १ पढ़ने के लिए इस लिंक पर जाएं

संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १

 

 

यदि मित्र राशि का शनि पंचम भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों की संतान मेहनती होती है तथा अपने बाहुबल से उन्नति को प्राप्त करती है, यदि मित्र नवांश का शनि पंचम भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों की संतान पशु पालने की शौंकीन होती है अर्थात ऐसे व्यक्तियों की संतान को पालतू पशु से अत्यधिक प्रेम रहता है।

 

यदि वर्गोत्तम स्थिति का शनि पंचम भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों को संतान सुख अवश्य ही प्राप्त होता है किंतु पौत्र प्राप्ति में बाधा आती है।

 

यदि शत्रु राशि का शनि पंचम भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों के कम पुत्र होते हैं या पुत्र सुख में कमी होती है इस स्थिति में अधिकतर ऐसे व्यक्तियों को कन्या संतति की प्राप्ति होती है।

 

यदि स्वराशि शनि पंचम भाव में स्थित हो जो कि कन्या व तुला लग्न की कुंडली में ही संभव है यदि कन्या लग्न की कुंडली में पंचम भाव में शनि स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों की शिक्षा के समय कोई न कोई संघर्ष अवश्य रहता है जो कि समय के साथ कम होता जाता है साथ ही ऐसे व्यक्तियों को प्रतियोगी परीक्षाओं से लाभ मिलता है व उन परीक्षाओं को निकालकर जीवन में सफल होते हैं, यदि तुला लग्न की कुंडली में शनि पंचम भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों की बौद्धिक क्षमता बहुत अच्छी होती है किंतु इनका मन स्थिर नही रहता साथ ही इन्हें नींद की भी किसी न किसी प्रकार की समस्या रहती है अतः इन्हें योग व ध्यान अवश्य करना चाहिए व पूरी नींद लेनी चाहिए साथ ही ऋषि कश्यप का मत है कि ऐसे व्यक्तियों को पुत्र अवश्य ही प्राप्त होते हैं या ऐसे व्यक्तियों को ऐसी संतान प्राप्त होती है जो अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से समझ कर उनका निर्वहन करती है।

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संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १

 

 

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मई 2020: तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

तुला लग्न
तुला लग्न कुंडली

 

तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए मई 2020 मिला-जुला रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का सप्तम स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप नौकरी पेशा लोगों के लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, जीवनसाथी के स्वभाव में कुछ तेजी देखने को मिलेगी, यदि आप पार्टनरशिप में कोई कार्य करते हैं तो सूर्य का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, यदि आप नए कार्य की शुरुवात करते हैं तो जीवनसाथी को पार्टनर बना कर करें लाभ होगा 14 मई को सूर्य गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें व गर्म चीजों से परहेज करें, ससुराल पक्ष के लोगों की वाणी में तेजी रहेगी जिसके कारण ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, अष्टम भाव जीवनसाथी की वाणी को भी दर्शाता है क्योंकि सप्तम भाव जीवनसाथी का व अष्टम भाव उसकी वाणी का भाव है अतः जीवनसाथी की वाणी कुछ गर्माहट लिए हुए होगी जिस कारण से जीवनसाथी के साथ भी विवाद संभव रहेगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, तनाव लेने से बचें, माह के शुरुवात में बुध का गोचर सप्तम भाव से रहेगा जिस कारण से कार्य के सिलसिले से यात्राओं के योग बनेंगे, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के योग बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के लिए उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, संतान को कुछ कष्ट संभव रहेगा 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, तनाव लेने से बचें, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में जाएंगे फलस्वरूप भाग्य की वृद्धि होगी, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, पिता का सहयोग प्राप्त होगा।

 

तुला राशिफल
तुला राशि

 

माह के शुरुवात में शुक्र का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः वाहन सावधानी से चलाएं, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, लोग आपके पीठ-पीछे षड्यंत्र रचेंगे, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें क्योंकि इस माह आपके हार्मोन्स काफी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर सकते हैं, जिन्हें हार्मोन्स से जुड़ी कोई समस्या है वह भी अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, माह के शुरुवात में मंगल गुरु व शनि का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप आप घर परिवर्तन या घर में साज-सज्जा का कार्य करवा सकते हैं, भूमि सुख प्राप्त होने के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा किन्तु फिर भी उनके पैरों विशेषतः घुटनो व जोड़ों या कमर में दर्द की शिकायत रह सकती है, कार्यस्थल पर सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे 4 मई को मंगल गोचर बदलकर आपके पंचम भाव मे आ जाएंगे फलस्वरूप संतान का सहयोग प्राप्त होगा व संतान की उन्नति होगी, यदि आपके कोई बड़े भाई हैं तो उनकी भी उन्नति होगी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, बुद्धि व विवेक द्वारा आय वृद्धि के नए मार्ग बनाने का प्रयास करेंगे, पेट में कोई समस्या संभव रहेगी, वाहन सावधानी से चलाएं।

 

तुला राशि
तुला राशि

 

कुल मिलाकर तुला लग्न व तुला राशि वालों के मई 2020 मिला-जुला रहेगा जिसमें मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यदि आपका पार्टनरशिप से जुड़ा कार्य है तो उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, यदि आप नए कार्य की शुरुवात करना चाहते हैं तो जीवनसाथी को पार्टनर बनाकर करें लाभ होगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, वाहन सावधानी से चलाएं, 7 मई से 24 मई तक लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें तथा यदि संभव हो तो सिर्फ अपने कार्य पर ही ध्यान दें, जीवनसाथी व ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, माह की 6, 8, 12, 13, 15, 17, 19, 20, 21, 22, 23 व 24 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि तुला लग्न व तुला राशि वाले व्यक्ति यदि दुर्गा सप्तशती का शुक्रवार से आरंभ कर नित्य पाठ करें व नित्य सूर्य को जल दें तो लाभ होगा।

 

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मई 2020: कन्या लग्न व कन्या राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: कन्या लग्न व कन्या राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

कन्या लग्न
कन्या लग्न कुंडली

 

कन्या लग्नकन्या राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा माह की शुरुवात में सूर्यबुध का गोचर अष्टम भाव से रहेगा सूर्य का अष्टम भाव से उच्च राशि का गोचर विपरीत राजयोग बनाएगा जिस कारण से अचानक कोई सफलता प्राप्त होने के योग बनेंगे, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी अतः उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें, अष्टम भाव जीवनसाथी के वाणी का भी भाव है अतः उनके वाणी में कुछ तेजी रहेगी साथ ही अष्टम भाव आपके ससुराल अर्थात जीवनसाथी के परिवार को दर्शाता है जहाँ से सूर्य का गोचर उनसे विवाद करा सकता है अतः तनाव लेने से बचें, माह के शुरुवात में बुध का भी अष्टम भाव से गोचर रहेगा जिस कारण से आपके स्वास्थ्य में परेशानी व तनाव बना रह सकता है 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, भाग्य का सहयोग मिलेगा, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी 14 मई को सूर्य भी गोचर बदलकर आपके नवम भाव अर्थात भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप धार्मिक कार्यों में धन व्यय होगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके दशम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, जिनका कार्य बैंक, फाइनेंस, टीचिंग से जुड़ा हुआ है उनके लिए बुध का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

माह के शुरुवात में शुक्र का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा जो कि आपके लिए बेहद शुभ रहेगा अतः भाग्य की वृद्धि होगी, किसी महिला से धन लाभ होगा या किसी महिला के सहयोग से उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, आपके जीवनसाथी के यदि छोटे भाई-बहन हैं तो उनकी उन्नति होगी किन्तु उनके स्वास्थ्य में भी कुछ समस्या रह सकती है, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में गुरु, मंगलशनि का पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के लिए कहीं बात चल सकती है, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय काफी अच्छा रहेगा, संतान का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति होगी, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे 4 मई को मंगल गोचर बदलकर छठे भाव में आ जाएंगे अष्टम भाव के स्वामी का छठे भाव से गोचर स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत अच्छा नही कहा जा सकता अतः अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जिन्हें रक्त जनित कोई समस्या हो तथा जिनकी उम्र 55-60 के ऊपर हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विपरीत परिस्थितियों से होते हुए अचानक बड़ी सफलता प्राप्त होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, सरकारी कर्मचारियों से फालतू विवाद में न पड़ें, 14 मई से 17 जून तक वाहन सावधानी से चलाएं।

 

कन्या राशिफल
कन्या राशि

 

कुल मिलाकर कन्या लग्नकन्या राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा जिसमें उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह के योग बनेंगे, तनाव लेने से बचें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, किसी महिला से धन लाभ या महिला के सहयोग से उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग भी प्राप्त होगा, यदि आपका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं तो संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, जिनकी उम्र 55-60 के अधिक है और रक्त से जुड़ी समस्या है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक कार्यों में धन व्यय होगा, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, फालतू विवाद में न पड़ें, माह की 2, 3, 11, 13, 14, 15, 21, 22, 23 व 28 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि कन्या लग्नकन्या राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सुंदरकांड का पाठ करें व नित्य सूर्य को जल देकर आदित्य हिर्दय स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

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मई 2020: वृषभ लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: वृषभ लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

 

वृषभ लग्न
वृषभ लग्न

 

वृषभ लग्न वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य आपके द्वादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप यात्राओं के योग बनेंगे, सरकारी कार्य की वजह से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, नेत्रों में जलन या दर्द या सर दर्द की शिकायत रह सकती है, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें 14 मई 2020 को सूर्य गोचर बदलकर लग्न में आ जाएंगे फलस्वरूप माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा व माता का सहयोग भी प्राप्त होगा, घर में खुशियों का माहौल रहेगा, माह के शुरुवात में बुध का गोचर आपके व्यय भाव से रहेगा अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, तनाव लेने से बचें, विद्यार्थियों के लिए भी यह समय थोड़ा कमजोर रह सकता है, खर्चों में वृद्धि होगी 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके लग्न में आ जाएंगे फलस्वरूप संतान की उन्नति होगी व संतान का पूर्ण सहयोग भी प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के अच्छे योग बनेंगे क्योंकि पंचमेश का लग्न से गोचर रहेगा व पंचमेश और पंचम भाव दोनों पर गुरु की दृष्टि रहेगी, मन प्रसन्न रहेगा 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके धन भाव में चले जाएंगे जहाँ राहु पहले से ही गोचर कर रहे हैं अतः इस समय वाणी पर नियंत्रण रखें व बहुत सोच-समझकर ही निर्णय लें, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा।

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशि

 

माह के शुरुवात में मंगल, गुरु व शनि का लग्न पर से गोचर रहेगा फलस्वरूप भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, गुरु-मंगल व गुरु-शनि से बना नीचभंग राजयोग बेहद शुभ रहेगा उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे 4 मई 2020 को मंगल गोचर बदलकर आपके दशम भाव में चले जाएंगे जो कि आपके लिए बेहद शुभ रहेगा यदि आप पार्टनरशिप में कोई कार्य करते हैं तो उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, आपके पार्टनर कुछ ऐसे निर्णय लेंगे जो कि आपके बिज़नेस के लिए बेहद शुभ रहेगा, यदि आप कोई नया बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं तो पत्नी को साझेदार बनाकर करें लाभ होगा, 4 मई से 30 जुलाई के मध्य आपको वाहन सुख प्राप्त होने के अच्छे योग बनते दिख रहे हैं, माह के शुरुवात में शुक्र का लग्न से गोचर मालव्य योग बना रहा है जो कि बेहद शुभ रहेगा फलस्वरूप आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा, मन प्रसन्न रहेगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, शत्रुओं से सावधान रहें, माह के मध्य भाग में लग्नेश, सुखेश व पंचमेश की लग्न में युति व मंगल और गुरु की दृष्टि रहने से घर में कोई शुभ कार्य होने के योग बनेंगे, घर में किसी नए मेहमान का आगमन संभव है, शुभ समाचार की प्राप्ति होगी, अचानक यात्रा करनी पड़ सकती है, कोर्ट-कचहरी के चक्कर में न पड़ें साथ ही शत्रुओं से सावधान रहें, अष्टम से केतु का गोचर ससुराल पक्ष से विवाद करा सकता है, वाहन सावधानी से चलाएं, पैरों में चोट व दर्द की शिकायत भी रह सकती है।

 

वृषभ राशिफल

 

कुल मिलाकर वृषभ लग्न वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा जिसमें यात्राओं के योग बनेंगे, घर में खुशियों का माहौल रहेगा, संतान की उन्नति होगी, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, घर में कोई शुभ कार्य हो सकता है, वाहन खरीदने के योग बनेंगे, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के अच्छे योग बनेंगे, यदि आप पार्टनरशिप में कोई कार्य करते हैं तो उन्नति के नए मार्ग प्राप्त होंगे, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, वाणी पर नियंत्रण रखें, कोर्ट-कचहरी के चक्कर में पड़ने से बचें व सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें यदि आपका कोई सरकारी भुगतान जैसे बिजली बिल या टैक्स बचा हुआ है तो उसको जल्दी भर दें अन्यथा तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, वाहन सावधानी से चलाएं, माह की 1 से 7, 10, 11, 17 व 19 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि वृषभ लग्न के व्यक्ति नित्य दुर्गा कवच व गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।

 

जय श्री राम।

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