Loading...
Categories
Kundli

दिवाली विशेष पंचांग 8 नवंबर 2026: ऋषिकेश पंचांग (काशी) अनुसार जानें अमावस्या तिथि, स्थिर लग्न, चौघड़िया व संपूर्ण महालक्ष्मी पूजन मुहूर्त

सनातन धर्म में कार्तिक कृष्ण अमावस्या यानी दीपावली महापर्व (08 नवंबर 2026) पर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति अत्यंत मंगलकारी और दुर्लभ योगों का निर्माण कर रही है। पंचांगीय गणना में किसी भी अनुष्ठान की सिद्धि के लिए सूक्ष्म काल-मान का विचार अपरिहार्य माना जाता है।

“ऋषिकेश पंचांग” (काशी मान) के प्रामाणिक गणित के अनुसार, 08 नवंबर 2026 को संपूर्ण अहोरात्र (दिन-रात) स्वाती नक्षत्र और तुला राशि के चंद्रमा का संचरण रहेगा। साथ ही चतुर्दशी की समाप्ति के उपरांत दिन में 10:51 बजे से महालक्ष्मी पूजिता अमावस्या तिथि प्रारंभ हो जाएगी।

Astrology Sutras (ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी) के इस विशेष पंचांगीय आलेख में मुहूर्त चिन्तामणि एवं निर्णय सिन्धु के नियमों के आधार पर प्रस्तुत है 8 नवंबर 2026 का सुनिश्चित दैनिक पंचांग, घटी-पल मान, स्थिर लग्न (वृषभ, कुंभ, सिंह, वृश्चिक), दिन-रात की चौघड़िया और लक्ष्मी पूजन की संपूर्ण काल-सारणी।

💡 ऋषिकेश पंचांग (काशी) गणितीय संक्षेप: 8 नवंबर 2026

  • तिथि विस्तार: कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी दिन में 10:51 बजे तक (सूर्योदय से 10 घटी 48 पल तक), तत्पश्चात अमावस्या तिथि प्रारंभ, जो 09 नवंबर दिन 11:32 बजे तक रहेगी।
  • नक्षत्र संचरण: स्वाती नक्षत्र संपूर्ण दिन-रात्रि व्याप्त रहेगा (09 नवंबर प्रातः 07:29 बजे तक)।
  • योग प्रभाव: आयुष्मान योग रात्रि शेष (भोर) 04:02 बजे तक रहेगा, उपरांत सौभाग्य योग।
  • करण गणना: सूर्योदय से 10 घटी 48 पल (दिन 10:51 बजे) तक शकुनि करण, तदुपरांत चतुष्पद करण प्रारंभ।
  • चंद्र गोचर: चंद्रमा संपूर्ण दिन-रात्रि शुक्र की स्वराशि तुला राशि में संचरण करेंगे।

सूक्ष्म दैनिक पंचांग विवरण (08 नवंबर 2026, रविवार)

काशी के सूर्योदय व पंचांगीय स्थिति अनुसार 8 नवंबर 2026 का गणितीय मान निम्नलिखित है:

पंचांगीय अंग सटीक मान (ऋषिकेश पंचांग, काशी मान)
दिनांक एवं वार 08 नवंबर 2026, रविवार
संवत्सर / संवत् कालयुक्त संवत्सर, विक्रम संवत् 2083, शाके 1948
अयन / ऋतु दक्षिणायन / हेमंत ऋतु
मास एवं पक्ष कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष
तिथि चतुर्दशी दिन 10:51 तक, उपरांत अमावस्या (9 नवं दिन 11:32 तक)
सूर्योदय / सूर्यास्त (काशी) प्रातः 06:32 बजे / सायं 05:28 बजे
नक्षत्र स्वाती नक्षत्र अहोरात्र (09 नवंबर प्रातः 07:29 तक)
योग आयुष्मान योग रात्रि शेष (भोर) 04:02 तक, उपरांत सौभाग्य
करण शकुनि दिन 10:51 तक, उपरांत चतुष्पद करण
चंद्रमा की स्थिति तुला राशि (संपूर्ण दिन-रात)
राहुकाल (अशुभ काल) सायं 04:06 बजे से सायं 05:28 बजे तक
प्रदोष काल (संध्या वेला) सायं 05:28 बजे से रात्रि 08:04 बजे तक

🏛️ दिवाली 2026: स्थिर लग्न सारणी (लक्ष्मी पूजन के महामुहूर्त)

मुहूर्त चिन्तामणि के अनुसार महालक्ष्मी की आराधना स्थिर लग्न में करने से धन-धान्य की स्थिरता प्राप्त होती है। 8 नवंबर 2026 को चारों स्थिर लग्नों का सुनिश्चित समय निम्नलिखित है:

स्थिर लग्न सटीक समय अवधि पूजन का स्वरूप एवं उपयोगिता
वृश्चिक लग्न (स्थिर) प्रातः 07:12 से 09:29 तक मंदिरों में अभिषेक, दीप तैयारी व संकल्प
कुंभ लग्न (स्थिर) दोपहर 01:22 से 02:53 तक दुकान, फैक्ट्री, शोरूम, व्यापारिक प्रतिष्ठान व बहीखाता पूजन
वृषभ लग्न (महामुहूर्त) सायं 05:58 से 07:54 तक प्रदोष काल + स्थिर वृषभ लग्न (गृहस्थ लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ काल)
सिंह लग्न (स्थिर) मध्यरात्रि 12:26 से 02:40 तक निशीथ काल: श्रीयंत्र साधना, कनकधारा जप, तांत्रिक सिद्धि व काली पूजा

⏰ 8 नवंबर 2026: दिन एवं रात्रि के शुभ चौघड़िया मुहूर्त (काशी मान)

रविवार के दिन चौघड़िया का क्रम ‘उद्वेग’ से प्रारंभ होता है। विभिन्न कार्यों व दीप प्रज्वलन हेतु दिन और रात का चौघड़िया समय निम्नलिखित है:

चौघड़िया वेला दिन का समय रात्रि का चौघड़िया रात्रि का समय
उद्वेग (सूर्य) 06:32 – 07:54 AM शुभ (उत्तम) 05:28 – 07:06 PM
चर (सामान्य) 07:54 – 09:16 AM अमृत (सर्वोत्तम) 07:06 – 08:44 PM
लाभ (उन्नति) 09:16 – 10:38 AM चर (सामान्य) 08:44 – 10:22 PM
अमृत (सर्वोत्तम) 10:38 AM – 12:00 PM रोग (अशुभ) 10:22 PM – 12:00 AM
काल (शनि) 12:00 – 01:22 PM काल (अशुभ) 12:00 – 01:38 AM
शुभ (कल्याण) 01:22 – 02:44 PM लाभ (उन्नति) 01:38 – 03:16 AM
रोग (मंगल) 02:44 – 04:06 PM उद्वेग (अशुभ) 03:16 – 04:54 AM
उद्वेग / राहुकाल 04:06 – 05:28 PM अशुभ (अशुभ) 04:54 – 06:32 AM

✨ विशेष अनुष्ठान गाइड

दिवाली 2026: संपूर्ण लक्ष्मी पूजन विधि व प्रथम दिवाली के ग्रह-गोचर

जब सृष्टि में पहली बार दिवाली मनी तब क्या ग्रह-गोचर थे? 27 नक्षत्र दीपकों का विज्ञान और स्थिर वृषभ लग्न में संपूर्ण षोडशोपचार महालक्ष्मी-कुबेर पूजन की विस्तृत विधि हमारे मुख्य लेख में पढ़ें।

👉 यहाँ क्लिक करें: दिवाली 2026: 8 नवंबर लक्ष्मी पूजन मुहूर्त, प्रथम दिवाली के ग्रह-गोचर, प्रमाण व संपूर्ण विधि

📜 निर्णय सिन्धु एवं मुहूर्त चिन्तामणि के शास्त्रीय प्रमाण

शास्त्रोक्त मूल श्लोक प्रामाणिक अर्थ एवं निर्णय

“कार्तिके प्रदोषसमये निशीथे च या अमावास्या दृश्यते तस्यामेव लक्ष्मीपूजनं दीपदानं च कार्यम्।”

निर्णय सिन्धु

अर्थ: कार्तिक मास में जिस दिन प्रदोष काल और निशीथ काल (मध्यरात्रि) में अमावस्या तिथि विद्यमान हो, उसी दिन महालक्ष्मी पूजन और दीपमालिका का अनुष्ठान करना चाहिए। 8 नवंबर को यह दोनों कालों में पूर्णतः विद्यमान है।

“स्थिरलग्ने यत्कृतं कर्म तत्सर्वं स्थिरमुच्यते।”

मुहूर्त चिन्तामणि

अर्थ: स्थिर लग्न (वृषभ, कुंभ, सिंह, वृश्चिक) में जो भी शुभ कर्म किया जाता है, उसका फल स्थिर एवं चिरस्थायी होता है। अतः लक्ष्मी की चंचलता समाप्त कर स्थायी निवास हेतु स्थिर लग्न में ही पूजन विहित है।

💬 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Google FAQs)

पंचांगीय प्रश्न ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी द्वारा शास्त्र सम्मत उत्तर
8 नवंबर को अमावस्या तिथि कब प्रारंभ होगी? 8 नवंबर 2026 को चतुर्दशी तिथि दिन में 10:51 बजे (10 घटी 48 पल पर) समाप्त होगी और उसी समय अमावस्या तिथि प्रारंभ हो जाएगी। यह अमावस्या 9 नवंबर दिन 11:32 बजे तक रहेगी।
गृहस्थों के लिए लक्ष्मी पूजन का सबसे शुभ समय कौन सा है? गृहस्थों के लिए प्रदोष काल युक्त स्थिर वृषभ लग्न सायं 05:58 से 07:54 बजे तक सर्वोत्तम है। इस अवधि में शाम 07:06 से ‘अमृत’ चौघड़िया भी मिल रहा है, जो इसे महामुहूर्त बनाता है।
8 नवंबर को राहुकाल कब से कब तक रहेगा? रविवार होने के कारण 8 नवंबर को राहुकाल सायं 04:06 बजे से सायं 05:28 बजे (सूर्यास्त) तक रहेगा। राहुकाल में कोई भी नवीन संकल्प या पूजन आरंभ न करें।
दुकान व प्रतिष्ठानों के बहीखाता पूजन का समय क्या है? व्यापारिक प्रतिष्ठानों, कारखानों और बहीखाता पूजन के लिए दोपहर का स्थिर कुंभ लग्न (दोपहर 01:22 से 02:53 बजे) सबसे प्रशस्त समय है, जिसमें ‘शुभ’ का चौघड़िया भी रहेगा।

निष्कर्ष: ऋषिकेश पंचांग (काशी) के गणित अनुसार 8 नवंबर 2026 को स्वाती नक्षत्र, आयुष्मान योग, तुला के चंद्रमा और स्थिर वृषभ लग्न का यह महासंयोग दीपोत्सव को सिद्धिप्रद बना रहा है। शास्त्रसम्मत शुभ काल में किया गया पूजन आपके संपूर्ण कुल को वर्ष भर आरोग्य, अक्षय धन और कीर्ति प्रदान करेगा।

✨ Exclusive Astrological Updates

दैनिक ऋषिकेश पंचांग, शुभ मुहूर्त और ज्योतिषीय रहस्य पाएं!

सटीक पंचांगीय गणना, चौघड़िया, व्रत-त्योहार मुहूर्त और प्रामाणिक वैदिक शोध आलेखों के लिए Astrology Sutras के VIP WhatsApp चैनल से आज ही निःशुल्क जुड़ें।