सनातन धर्म के महापर्व दीपोत्सव में धनतेरस (धनत्रयोदशी) और दीपावली (महालक्ष्मी पूजन) पर ‘स्थिर लग्न’ और ‘प्रदोष काल’ में पूजन करने का विधान शास्त्रों में सर्वोपरि माना गया है। “ऋषिकेश पंचांग” (काशी मान) के अनुसार, वर्ष 2026 में धनतेरस 06 नवंबर 2026 (शुक्रवार) को तथा दीपावली 08 नवंबर 2026 (रविवार) को सर्वत्र श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी।
Astrology Sutras (ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी) के इस विशेष शोधपरक आलेख में मुहूर्त चिन्तामणि, निर्णय सिन्धु एवं सूर्यसिद्धान्त के अनुसार काशी रेखांश (83°00′ E) को मानक मानकर भारत के प्रमुख 60 नगरों का देशांतर-संस्कार (Local Time Correction) करके दोनों महापर्वों के पूजन व खरीदारी के सूक्ष्म व प्रामाणिक मुहूर्त प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
💡 देशांतर व स्थिर लग्न का शास्त्रीय गणित (मुहूर्त चिन्तामणि अनुसार)
प्रत्येक नगर के अक्षांश और देशांतर भिन्न होने के कारण वहां सूर्योदय, सूर्यास्त और लग्नों के उदित होने का समय भारतीय मानक समय (IST) में कुछ मिनट आगे या पीछे हो जाता है।
- काशी का मानक आधार (ऋषिकेश पंचांग): स्थिर कुंभ लग्न दोपहर 01:22 से 02:53, स्थिर वृषभ लग्न सायं 05:58 से 07:54 और स्थिर सिंह लग्न मध्यरात्रि 12:26 से 02:40 तक रहेगा।
- पूर्वी नगर (जैसे पटना, कोलकाता, गुवाहाटी): काशी के पूर्व में होने के कारण वहां लग्न और प्रदोष काल कुछ मिनट पहले प्रारंभ होंगे।
- पश्चिमी नगर (जैसे दिल्ली, जयपुर, मुंबई, अहमदाबाद): काशी के पश्चिम में होने के कारण वहां लग्न और प्रदोष काल कुछ मिनट बाद प्रारंभ होंगे।
🪙 1. धनतेरस (06 नवंबर 2026): 60 शहरों में खरीदारी व पूजन मुहूर्त
06 नवंबर को त्रयोदशी पूर्वाह्न 11:07 से प्रारंभ होगी। दोपहर में स्थिर कुंभ लग्न में स्वर्ण, वाहन व बर्तन खरीदारी तथा सायं स्थिर वृषभ लग्न व प्रदोष काल में धन्वन्तरि-लक्ष्मी-कुबेर पूजन एवं यम दीपदान करें:
🪔 2. दीपावली (08 नवंबर 2026): 60 शहरों में महालक्ष्मी पूजन मुहूर्त
08 नवंबर को कार्तिक अमावस्या के दिन सायं स्थिर वृषभ लग्न में मुख्य गृहस्थ महालक्ष्मी-गणेश पूजन तथा मध्यरात्रि स्थिर सिंह लग्न (निशीथ काल) में तांत्रिक साधना व श्रीयंत्र आराधना संपन्न करें:
📜 शास्त्रों के अनुसार प्रमाण: श्लोक व विनियोग
धनतेरस एवं दीपावली पर स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति हेतु स्कन्द पुराण व महालक्ष्मी स्तोत्र के मूल श्लोक निम्नलिखित हैं:
💬 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Google FAQs)
निष्कर्ष: धनतेरस (06 नवंबर) और दीपावली (08 नवंबर) 2026 पर अपने शहर के सटीक स्थानीय समय के अनुसार स्थिर लग्न में विधिपूर्वक किया गया महालक्ष्मी, धन्वन्तरि व कुबेर पूजन आपके संपूर्ण परिवार को वर्ष भर आरोग्य, अक्षय धन और सर्वतोमुखी उन्नति प्रदान करता है।
