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राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-१ जानिए किन राशियों पर राहु की कृपा बरसेगी

राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-१ जानिए किन राशियों पर राहु की कृपा बरसेगी

 

राहु-केतु गोचर परिवर्तन से जुड़े कुछ विचारणीय तथ्य
राहु-केतु गोचर परिवर्तन 

 

वर्ष 2020 अब तक परिवर्तन वाला वर्ष रहा है जिसमें एक और बड़ा परिवर्तन 23 सितंबर 2020 को होगा “शनिवत राहु” अर्थात शनि के अनुसार फल देने वाले राहु और “भौमवत केतु” अर्थात मंगल के अनुसार फल देने वाले केतु 23 सितंबर 2020 के प्रातः 5 बजकर 28 मिनट पर राहु मिथुन से वृषभकेतु धनु से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे तथा 12 अप्रैल 2020 तक राहु व केतु क्रमशः वृषभवृश्चिक राशि में गोचर करेंगे ज्योतिष शास्त्र में राहु को मिथुनकेतु को धनु राशि में उच्च का माना गया है वहीं मतांतर में ऋषियों ने राहु को वृषभ तो केतु को वृश्चिक राशि में उच्च का बताया है इस बार का राहु व केतु यह गोचर परिवर्तन कई बड़े बदलाव लाने वाला होगा तो चलिए जानते हैं राहु व केतु के गोचर परिवर्तन से किन राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-

 

वैदिक ज्योतिष में राहु का महत्व:-

 

ज्योतिष में राहु का महत्व
ज्योतिष में राहु का महत्व

 

ज्योतिष शास्त्र में राहु को पाप ग्रह की श्रेणी में रखा गया है जिसका कोई आकार न होने के कारण से छाया ग्रह कहा जाता है अकसर मैंने लोगों को देखा है कि राहु को लेकर बहुत चिंतित रहते हैं और 90 प्रतिशत लोगों के मन में राहु को लेकर भय बना रहता है अतः मैं यहाँ स्पष्ट कर दूँ कि कोई भी ग्रह कभी शुभ या अशुभ नही होता अपितु उनका फल कुंडली में भाव अनुसार शुभ व अशुभ होता है, यदि राहु आपकी कुंडली के शुभ भावों में मित्र, उच्च राशि, उच्चाभिलाषी हों तो अनेक प्रकार के शुभ फल प्रदान करते हैं तथा व्यक्ति को धनवान व राजयोग समान सुख देता है।

 

वैदिक ज्योतिष में केतु का महत्व:-

 

ज्योतिष में केतु का महत्व
ज्योतिष में केतु का महत्व

 

वैदिक ज्योतिष में राहु के समान केतु को भी छाया ग्रह की श्रेणी में रखा गया है क्योंकि केतु का कोई वास्तविक रूप या आकार नही है तथा केतु मोक्ष, आध्यात्म और वैराग्य का कारक हैअतः यदि केतु किसी व्यक्ति की कुंडली में शुभ स्थिति में हो तो वह व्यक्ति की कल्पना शक्ति को बहुत अधिक करता है अर्थात ऐसे व्यक्तियों में असीम कल्पना दृष्टि होती है और यदि यही केतु किसी व्यक्ति की कुंडली में अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को अकसर तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ता है।

 

देश पर इस गोचर परिवर्तन से पड़ने वाला प्रभाव:-

 

राहु व केतु राशि परिवर्तन
राहु व केतु राशि परिवर्तन

 

अंक ज्योतिष के अनुसार वर्ष 2020 का मूलांक 4 आता है जिनके स्वामी राहु होते हैं अर्थात वर्ष 2020 पूर्णतया राहु के प्रभाव में था तथा राहु का वायु तत्व राशि से गोचर व केतु, गुरु और शनि की युति ने सिर्फ देश को ही नही अपितु पूरे विश्व को प्रभावित किया और कोरोना जैसे वैश्विक महामारी को जन्म दिया साथ ही सीमा पर विवाद व युद्ध की स्थितियाँ उत्पन्न किया किंतु 23 सितंबर 2020 को होने वाला गोचर परिवर्तन बहुत शुभ सिद्ध होगा क्योंकि इस बार राहु का गोचर वृषभ जो कि सौम्य ग्रह शुक्र की राशि है तथा केतु का गोचर वृश्चिक राशि जो कि मंगल की राशि है से होगा महर्षि पाराशर के अनुसार राहु वृषभ में तथा केतु वृश्चिक में उच्च के होते हैं जिसके प्रभाव से कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लाभ मिलेगा तथा दिसंबर/जनवरी तक भारत में कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी साथ ही केतु जो कि अग्नि तत्व ग्रह है उसका गोचर वृश्चिक राशि जो कि अग्नि तत्व ग्रह मंगल की राशि है से होगा अतः भारत पर राहु का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा किंतु केतु के मंगल की राशि से गोचर के दौरान भूकंप, दुर्घटना, भीषण गर्मी, अग्नि से नुकसान, चक्रवात, लड़ाई-झगड़े, दंगे होंगे क्योंकि मंगल सेनापति व उग्र है और केतु, मंगल के फल के अनुसार ही अपना फल देते हैं।

 

विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-

 

राहु व केतु का 12 राशियों पर प्रभाव
राहु व केतु का 12 राशियों पर प्रभाव

 

राहु व केतु का यह गोचर इस बार विशेष रहेगा क्योंकि राहु को नियंत्रित करने का कार्य केतु करते हैं किंतु इस बार केतु को नियंत्रित करने का कार्य राहु करेंगे जिससे विभिन्न राशियाँ प्रभावित होंगी तो चलिए जानते हैं किन राशि पर राहु-केतु के इस गोचर परिवर्तन से क्या प्रभाव पड़ेगा:-

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा अतः जिनका कार्य राजनीति या वाणी से जुड़ा हुआ है उनके लिए यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा तथा आपके कार्य आपकी चतुराई भरी वाणी से संपन्न होंगे, तामसिक चीजों व नशे की सामग्रियों से परहेज करें, चोट, एक्सीडेंट, अग्नि से चोट की संभावनाएं रहेगी, अकास्मिक दुर्घटना के योग बनेंगे, हिंसक पशुओं से सावधान रहें, रोग व ऋण से मुक्ति मिलेगी, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, प्रॉपर्टी से लाभ प्राप्त होगा, नौकरी पेशा लोगों को प्रयत्न करने पर मनचाहा प्रमोशन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, पिता से वैचारिक मतभेद संभव है, सीनियर से बनाकर चलें व सीनियर से व्यर्थ विवाद न करें, व्यर्थ किसी की समस्याओं को दूर करने के लिए बीच में न पड़ें, व्यय पर नियंत्रण रखें, अपने बुद्धि व विवेक से प्रत्येक कार्य करें, फँसा हुआ धन प्राप्त हो सकता है, कुटुंब से मतभेद संभव है, पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद संभव है, यदि कोई भूमि या मकान खरीदना हो तो जीवनसाथी, माता या संतान के नाम से लेना शुभ रहेगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, व्यर्थ विवाद में न पड़ें, मेष राशि वालों के लिए यह गोचर 80% शुभ व 20% अशुभ रहेगा।

 

उपाय:- गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर मिला-जुला रहेगा अतः परेशानियाँ आ सकती है, दामपत्य जीवन में विवाद संभव है, राजनीति से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, जिनका पार्टनरशिप से जुड़ा हुआ व्यवसाय है उनको कुछ परेशानी संभव है, कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझकर लें, विद्यार्थियों के लिए यह गोचर मिला-जुला रहेगा व एकाग्रता में कमी के कारण से उनकी शिक्षा में अवरोध उत्पन्न होंगे, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, मित्रता, पार्टनरशिप टूटने के योग बनेंगे, शेयर मार्केट से लाभ होगा, जिनका तलाक को लेकर कोई मुद्दा कोर्ट में चल रहा है तो तलाक होने की प्रवल संभावना रहेगी, यदि आप अकेले कोई व्यापार करते हैं तो आपको यह गोचर लाभ देगा, भाग्य की वृद्धि होगी किंतु राहु के स्वभाव के कारण स्थितियाँ तनावपूर्ण बनेंगी व भाग्य वृद्धि हेतु किए गए प्रयास में अवरोध उत्पन्न होंगे, धैर्य व संयम से कार्य करें, गलत तरीकों से या बहुत जल्दी धन कमाने का प्रयास न करें अन्यथा भारी नुकसान हो सकता है, रिश्तों में परेशानियाँ, बच्चों/भाई-बहन/जीवनसाथी/मित्रों से मतभेद संभव रहेगा, यह गोचर आपके लिए 65% शुभ तथा 35% अशुभ रहेगा।

 

उपाय:- सूर्य को नित्य जल देकर अदित्यहिर्दय स्तोत्र का पाठ करें, पिता का सम्मान करें व गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए राहु-केतु का यह गोचर मिला-जुला रहेगा अतः सावधान रहें, जिनका कार्य गलत हो या रिश्वत लेते हैं या कानून के विरुद्ध कोई कार्य है उनके लिए कारावास के योग बनेंगे, किसी को ऋण देने से बचें अन्यथा पैसा वापस मिलने में बहुत परेशानियाँ होंगी, व्यर्थ विवाद में न पड़ें, शत्रुओं से विशेष सावधान रहें, कोई भी कार्य बहुत सोच-समझकर ही करें, घर में तनावपूर्ण स्थितियाँ बनी रहेंगी, घर में कलह-क्लेश की स्थिति बनी रहेगी, शैया सुख में कमी रहेगी, आपके कार्यक्षेत्र में आपके शत्रु परेशानियाँ उत्पन्न कर सकते हैं, कार्यस्थल पर विशेष सावधान रहें, व्यय में वृद्धि होगी, नौकरी पेशा लोगों के नौकरी में उतार-चढ़ाव या नौकरी खोने के योग बनेंगे, मानसिक अशांति अनुभव होगी, अकस्माक धन लाभ के योग बनेंगे, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, ऋण से मुक्ति मिलेगी, योग करने से विशेष लाभ होगा, आत्मविश्वास बनाए रखिए, यह गोचर आपके लिए 45% शुभ तथा 55% अशुभ रहेगा।

 

उपाय:- संकटमोचन हनुमाष्टक, गणेश सहस्त्रनाम व दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

 

पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए राहु-केतु के विभिन्न राशियों में प्रभाव को 3 भाग में लिखूँगा अतः शेष अगले भाग में।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470

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स्वप्न फल विचार—Astrology Sutras

स्वप्न फल विचार—Astrology Sutras

 

स्वप्न फल विचार
स्वप्न फल विचार

 

बहुत लोगों के मन में अकसर यह प्रश्न उठता है कि मैंने आज यह स्वप्न देखा इसका क्या फल होगा अतः इस लेख को मैं चार भाग में विभाजित कर स्वप्न फल के विषय पर लिखता हूँ सर्वप्रथम स्वप्न फलों के संबंध में निम्न बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:-

 

◆ रात्रि 3 बजे से सूर्योदय के पूर्व के स्वप्न 7 दिन में फल प्रदान करते हैं।

 

◆ मध्यरात्रि के स्वप्न 1 मास में फल प्रदान करते हैं।

 

◆ मध्यरात्रि से पहले के स्वप्न 1 वर्ष में अपना फल प्रदान करते हैं।

 

◆ दिन के फल महत्वहीन होते हैं।

 

विशेष:- एक रात में एक से अधिक स्वप्न दृश्य हों तो अंतिम स्वप्न ही फलदाई होता होता है, अस्वस्थ और असंयमी के स्वप्न व्यर्थ होते हैं।

 

स्वप्न फल विचार:-

 

स्वप्न शास्त्र
स्वप्न शास्त्र

 

भाग:-१

१. दाँत टूटते देखना:- दुःख और झंझटों का सामना होना।

२. दरवाजा खोलना:- किसी बड़े मित्र से मित्रता होना।

३. दलदल देखना:- व्यर्थ चिंता बढ़े।

४. सुपाड़ी देखना:- रोग से मुक्त होना।

५. धुंआ देखना:- हानि एवं विवाद होना।

६. रस्सी देखना:- यात्रा करें। (अति परेशानी हो)

७. रोटी खाना:- पदोन्नति एवं धन बढ़े।

८. प्रकाश देखना:- उच्च कोटि के साधु से मुलाकात होना।

९. रुई देखना:- स्वस्थ होना, किसी बीमारी से छुटकारा मिलना।

१०. खेती देखना:- लापरवाह होना, संतान प्राप्त होना।

११. भूकंप देखना:- संतान को कष्ट एवं दुःख होना।

१२. सीढ़ी देखना:- सुख-संपत्ति बढ़े।

१३. सुराही देखना:- बुरा संग हो।

१४. चश्मा लगाना:- विद्वत्ता बढ़े।

१५. लाठी देखना:- नाम कमाना।

१६. खाई देखना:- धन एवं प्रसिद्धि प्राप्त होना।

१७. ऊंचाई देखना:- घर में कलह होना।

१८. कुत्ता देखना:- उत्तम मित्र प्राप्त होना।

१९. कलम देखना:- महान व्यक्ति से मुलाकात होना।

२०. टोपी देखना:- दुःख दूर हो, उन्नति हो।

२१. धनुष खींचना:- लाभप्रद यात्रा हो।

२२. कोयला देखना:- व्यर्थ किसी झगड़े में फँसना।

२३. कीचड़ में फँसना:- कष्ट व धम व्यय हो।

२४. बैल या गाय देखना:- मोटी देखें तो लाभ, पतली देखें तो प्रसिद्धि प्राप्त हो।

२५. घर बनाना:- प्रसिद्धि प्राप्त हो।

२६. घास का मैदान देखना:- खूब धन एकत्र करना।

२७. घोड़ा देखना:- संकट दूर हो।

२८. लोहा देखना:- किसी धनवान व्यक्ति से लाभ होना।

२९. घोड़े पर सवार होना:- नौकरी व व्यापार में उन्नति होना।

३०. लोमड़ी देखना:- किसी संबंधी से धोखा मिलना।

३१. मोती देखना:- लड़की पैदा हो।

३२. मुर्दे से बात करना:- मुराद पूरी हो।

३३. बाजार देखना:- दरिद्रता दूर हो।

३४. बड़ी दीवार देखना:- सम्मान मिले।

३५. दीवार में कील ठोंकना:- वृद्ध से लाभ हो।

३६. दतुवन करना:- पाप का प्रायश्चित हो, सुख हो।

३७. खूँटा देखना:- धर्म की ओर अभिरुचि बड़े।

३८. धरती पर विस्तर लगाना:- दीर्घायु हो, सुख-वृद्धि हो।

३९. ऊँची जगह पर चढ़ना:- पदोन्नति एवं प्रसिद्धि प्राप्त हो।

४०. बिल्ली देखना:- चोर या शत्रु से पाला पड़े।

शेष अगले भाग में…..।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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राहु व केतु गोचर परिवर्तन विशेष: जानिए राहु-केतु गोचर परिवर्तन में ध्यान देने योग्य कुछ विचारणीय तथ्य

राहु व केतु गोचर परिवर्तन विशेष: जानिए राहु-केतु गोचर परिवर्तन में ध्यान देने योग्य कुछ विचारणीय तथ्य

 

राहु-केतु गोचर परिवर्तन से जुड़े कुछ विचारणीय तथ्य
राहु-केतु गोचर परिवर्तन से जुड़े कुछ विचारणीय तथ्य

 

भाग:-१

 

इस बार राहु और केतु के गोचर परिवर्तन से बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह की संज्ञा दी गयी है जिनके गोचर परिवर्तन से प्रत्येक व्यक्ति पर कुछ प्रभाव देखने को मिलेंगे शास्त्रों में कहा गया है “शनिवत राहु” तथा “भौमवत केतु” अतः सर्वाधिक पापाग्रह की गढ़ना में राहु का नाम सबसे ऊपर आता है, राहु को मिथुन राशिकेतु को धनु राशि में उच्च का माना गया है वहीं मतांतर में कुछ ऋषियों के अनुसार राहु को वृषभ राशि केतु को वृश्चिक राशि में उच्च का माना गया है, राहु-केतु गोचर परिवर्तन से बहुत लोगों के मन में संशय बना रहता है जब किसी व्यक्ति का जन्म राहु-केतु गोचर परिवर्तन के 20-25 दिन के अंदर होता है और उनकी कुंडली किन्ही दो ज्योतिषियों को दिखाई जाती है तो दोनों ज्योतिषियों की गढ़ना के अनुसार राहु-केतु के भाव में अंतर आ जाता है तो मैं आप सभी को यह बता दूँ कि पंचांग बनाने की अनेक पद्धति होती है तथा अलग-अलग पद्धति से गढ़ना करने में कुछ दिनों का अंतर आ जाता है जिस कारण से आपकी कुंडली में भी राहु-केतु की स्थिति में कुछ अंतर आ जाता है, आप सभी जानते हैं कि राहु और केतु इस वर्ष 23 सितंबर 2020 को गोचर परिवर्तन करने वाले हैं किंतु काशी के कुछ पंचांगों के अनुसार राहु व केतु ने 3 सितंबर 2020 को ही गोचर परिवर्तन कर लिया अतः अलग-अलग पद्धति से गढ़ना करने के अनुसार 20-25 दिन का अंतर आ जाता है मैं “ऋषिकेश पंचांग” पद्धति को सटीक मानता हूँ जिसके अनुसार राहु व केतु 23 सितंबर 2020 को गोचर परिवर्तन करेंगे।

 

 

राहु व केतु अन्य ग्रहों के स्वभाव के विपरीत एक राशि पीछे की तरफ जाते हुए गोचर परिवर्तन करते हैं राहु व केतु की गति बहुत अधिक धीमी होने के कारण से आकाश गंगा में सभी ग्रह व राशि उनके आगे निकल जाते हैं जिस कारण से राहु व केतु हमें पीछे की ओर जाते हुए दिखाई देते है जिसके कारण राहु व केतु को ज्योतिष शास्त्र में सदा ही वक्री गति से चलने वाले ग्रह की श्रेणी में रखा गया है अतः 23 सितंबर को राहु मिथुन से वृषभ तो केतु धनु से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे यहाँ विचारणीय विषय यह है कि राहु सर्वाधिक पापाग्रह है और उनका मुख्य स्वभाव उनका पाप प्रभाव प्रदान करना है अर्थात विच्छेदात्मक प्रभाव प्रदान करना राहु का स्वभाव है और यहाँ राहु वृषभ राशि से गोचर करेंगे जो कि ऐश्वर्य और भोग कारक ग्रह शुक्र की साधारण राशि है अतः भोग कारक ग्रह शुक्र की राशि से राहु का गोचर विशेष फल प्रदान करने वाला होगा, यदि आपकी कुंडली में राहु शुभ स्थिति में बलाबल के साथ है तो इस बार का राहु का यह गोचर आपको निश्चय ही बहुत शुभ फल प्रदान करने वाला होगा राहु व केतु अकास्मिक फल प्रदान करने वाले ग्रह होते हैं लेकिन इस बार केतु के फल को अलग से विशेष महत्व देना होगा क्योंकि राहु का गोचर वृषभ राशि से होगा जो कि शुभ है किंतु केतु, मंगल की साधारण राशि वृश्चिक से गोचर करेंगे और केतु का यह गोचर उग्रता, विवाद, लड़ाई-झगड़े, अग्नि से चोट व नुकसान, एक्सीडेंट को बढ़ावा देने वाला सिद्ध होगा अभी भी राहु और केतु ने जनमानस को इस स्थिति में डाला (वायरस जन रोगों का मुख्य कारक केतु को माना गया है) वहीं राहु व केतु के गोचर परिवर्तन से बदलाव भी देखने को मिलेंगे तथा साथ ही साथ केतु का जो यह गोचर मंगल की राशि पर होगा और मंगल के समान फल देने वाला केतु, मंगल के समान प्रभाव और स्वभाव बनाकर उग्रता, मार-पीट, उन्माद, चोट, एक्सीडेंट, अग्नि से चोट व नुकसान, भूकंप आदि की वृद्धि करने वाला होगा।

 

 

राहु और केतु का यह गोचर बहुत बड़े बदलाव लेकर आएगा क्योंकि राहु को पापाग्रह की श्रेणी में रखा गया है तथा केतु शुभ ग्रह की श्रेणी में रखा गया है किंतु राहु के ठीक सामने केतु के स्थित रहने के कारण से केतु के प्रभाव भी पाप फल की श्रेणी में आ जाते हैं तथा इस बार राहु का यह गोचर वृषभ राशि से होगा जो कि विशेष रूप से शुभ फलदाई होगा अतः यदि आपकी कुंडली में राहु व केतु शुभ स्थिति में है तो राहु व केतु का यह गोचर विशेष रूप से शुभ फल प्रदान करने वाला होगा, गोचर के प्रभाव ज्ञात करने के अनेक मत मिलते हैं जैसे कुछ विद्वान लग्न कुंडली से गोचरफल ज्ञात करते हैं तो कुछ विद्वान चंद्र कुंडली से गोचरफल ज्ञात करते हैं मैं राहु-केतु के गोचर परिवर्तन से मिलने वाले प्रभाव को चंद्र कुंडली आधारित अर्थात चंद्र राशि के अनुसार अगले भाग में बतायूँगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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सूर्य का कन्या राशि से गोचर 16 सितंबर 2020: जानें किन राशि वालों की चमक जाएगी किस्मत

सूर्य का कन्या राशि से गोचर 16 सितंबर 2020: जानें किन राशि वालों की चमक जाएगी किस्मत

 

सूर्य का कन्या राशि से गोचर
सूर्य का कन्या राशि से गोचर

 

सूर्य 16 सितंबर 2020 को शाम के 5 बजकर 7 मिनट पर सिंह राशि को छोड़कर कन्या में प्रवेश करेंगे जिस कारण से सूर्य की सिंह की सक्रांति समाप्त होकर सूर्य की कन्या की सक्रांति लगेगी, सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की सक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, सूर्य एक राशि में 30 दिन तक गोचर करते हैं जिसका विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है तो चलिए जानते हैं सूर्य के कन्या राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-

 

सूर्य की कन्या की सक्रांति
सूर्य की कन्या की सक्रांति

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के सूर्य पंचम भाव के स्वामी होकर षष्ठ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, कार्य के सिलसिले से की गई यात्राएं लाभदायक सिद्ध होगी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, व्यापारियों के लिए यह गोचर मिला-जुला रहेगा अतः इस गोचर काल के दौरान व्यापार वृद्धि या व्यवसाय में बदलाव करने से बचें, नौकरी पेशा लोगों के लिए सूर्य का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, संतान को कष्ट संभव है।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा, यदि आपके बच्चे की वृषभ राशि है और आप उसकी शिक्षा आरंभ करना चाहती हैं तो यह गोचर विद्यारंभ के लिए बहुत शुभ सिद्ध होगा, प्रमियों के लिए यह गोचर मिला-जुला रहेगा अपने प्रेमी/प्रेमिका को समझने का प्रयास करें व क्रोध पर नियंत्रण रखें, संतान के स्वभाव में कुछ चिड़चिड़ापन अनुभव होगा, दामपत्य जीवन अधिकांश ठीक रहेगा, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, कार्य की अधिकता के कारण से तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे अतः पिता के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, माता के भी स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, भाई-बहन की उन्नति होगी तथा यदि आपके भाई-बहन नौकरी करते हैं तो उनकी आय में वृद्धि के भी योग बनेंगे, निवेश करने से बचें, यदि आप किसी संपत्ति को क्रय करने का सोच रहे हैं तो अभी 1 माह रुक जाएं, विद्यार्थियों के लिए भी सूर्य का यह गोचर मिला-जुला रहेगा तथा विद्यार्थियों को सफल होने हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा, कार्य स्थल पर सीनियर से व्यर्थ विवाद करने से बचें।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी होकर तृतीय भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप परिवार के सदस्यों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा फिर भी भाई-बहन से किसी कारण वश विवाद होने की संभावना रहेगी, आय के नए साधन प्राप्त होंगे व उन्नति के नए मार्ग बनेंगे, आपकी वाणी का लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा जिससे आपके कई कार्य पूर्ण होंगे, एक बार में एक ही कार्य हाथ में लें तथा आवेश में आकर निर्णय लेने से बचें।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य पहले भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव अर्थात लग्न से गोचर करेंगे फ़लस्वरूप आपकी नेतृत्व करने की क्षमता के कारण लोग आपकी प्रशंसा करेंगे, आपकी वाणी का लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा व उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, अग्नि तत्व ग्रह का द्वितीय भाव से गोचर आपकी वाणी में कुछ कटुता दे सकता है अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, अत्यधिक स्वाभिमानी होने से बचें, आय वृद्धि के नए अवसर प्राप्त होंगे, आंखों में जलन या दर्द की समस्या रह सकती है, तामसिक चीजों के सेवन से परहेज करें व स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य द्वादश भाव के स्वामी होकर लग्न भाव से गोचर करेंगे अतः यात्राओं के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, सूर्य के इस गोचरकाल के दौरान आपके स्वभाव में कुछ चिड़चिड़ापन भी आ सकता है, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, जीवनसाथी को समय दें व उनके सामने खुलकर अपनी बातें रखें, नौकरी परिवर्तन या प्रमोशन होने के योग बनेंगे, मित्रों से मुलाकात संभव है, तनाव लेने से बचें।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए सूर्य एकादश भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा तथा भाई-बहन की उन्नति भी होगी, यात्राओं के योग बनेंगे व यात्राओं पर धन व्यय होगा, नेतृन में जलन या दर्द की समस्या रह सकती है, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, पेट जनित कोई समस्या भी संभव है, व्यय में वृद्धि होगी, जो लोग बाहर जाकर शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं उनके लिए यह गोचर शुभ सिद्ध होगा।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त हो सकती है, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, प्रमोशन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, क्रोध पर नियंत्रण रखें, भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, नौकरी परिवर्तन या प्रमोशन के योग बनेंगे, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, प्रेमियों के मध्य मन-मुटाव रह सकता है।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए सूर्य नवम भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे दशम भाव में सूर्य को दिग्बल प्राप्त होने के कारण से सूर्य अत्यधिक शक्तिशाली फल का दाता बन जाता है फलस्वरूप भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, घर में किसी मेहमान के आगमन की संभावना रहेगी, पिता का सहयोग प्राप्त होगा व पिता की उन्नति भी होगी।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप पैतृक संपत्ति प्राप्त होने के योग बनेंगे, पेट की समस्या रह सकती है, यदि आप नौकरी परिवर्तन का विचार कर रहे हैं तो अभी 1 माह रुक जाएं, पिता, गुरु या किसी सीनियर से वैचारिक मतभेद के योग बनेंगे अतः आवेश में आने से बचें व बहुत सोच-समझकर ही कुछ बोलें, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें व व्यर्थ के विवाद करने से बचें, स्वास्थय के प्रति सचेत रहें तथा स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः दामपत्य जीवन मिला-जुला रहेगा, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, ससुराल पक्ष से विवाद संभव है, तामसिक चीजों के सेवन से बचें, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, कार्यों में अड़चनें आ सकती है अतः धैर्य व संयम से कार्य करें, पिता से वैचारिक मतभेद संभव है।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए सूर्य छठे भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे अतः दामपत्य जीवन में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, क्रोध पर नियंत्रण रखें व आवेश में आने से बचें, सूर्य के इस गोचर काल के दौरान कोई भी निर्णय बहुत सोच-विचार कर ही लें और यदि वह निर्णय बहुत अधिक महत्वपूर्ण न हो तो इस गोचर काल के दौरान निर्णय लेने से बचें, शत्रुओं व विरोधियों से सावधान रहें, सूर्य के इस गोचर काल के दौरान जीवन में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

 

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13 सितंबर को गुरु के मार्गी होने से मिलेगी बड़ी राहत जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

13 सितंबर को गुरु के मार्गी होने से मिलेगी बड़ी राहत जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

 

गुरु धनु राशि में मार्गी
गुरु धनु राशि में मार्गी

 

4 मई 2020 की शाम के 7 बजकर 56 मिनट पर मकर राशि में वक्री हुए गुरु लगभग 4 माह 9 दिन बाद 13 सितंबर की प्रातः 6 बजकर 10 मिनट पर पुनः धनु राशि में मार्गी हो जाएंगे जिससे गोचर में एक बड़ा परिवर्तन होगा गुरु के मार्गी होने से मेषादि 12 राशियाँ प्रभावित होंगी तथा कुछ राशि वालों को बड़ी राहत मिलेगी तो चलिए जानते हैं गुरु के मार्गी होने से विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-

 

गुरु मार्गी 12 राशियाँ होंगी प्रभावित
गुरु मार्गी 12 राशियाँ होंगी प्रभावित

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना एक बड़ी राहत लेकर आएगा जिससे उनके रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे व भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, खान-पान पर विशेष ध्यान रखें अन्यथा वजन बढ़ने की समस्या से स्वास्थ्य में कुछ परेशानियाँ संभव रहेगी, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन होने के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, आय वृद्धि के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए भी गुरु का मार्गी होना शुभ सिद्ध होगा, उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी गुरु का मार्गी होना शुभ सिद्ध होगा, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना कुछ राहत देगा पिछले कुछ समय से गुरु के वक्री रहने के कारण से दामपत्य जीवन में जो तनाव का माहौल था उसमें राहत मिलेगी व स्वास्थ्य में भी कुछ सुधार देखने को मिलेगा किंतु लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, कार्यस्थल पर लोग आपके पीठ-पीछे षड्यंत्र रच सकते हैं अतः थोड़ा सावधान रहें, कोर्ट-कचहरी के मामलों को बाहर ही सुलझाने का प्रयास करें, भूमि/मकान/वाहन या अन्य कोई भी महँगी संपत्ति क्रय करने के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी, आपकी वाणी का लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा व बुद्धि-विवेक तथा वाणी के प्रभाव से आप किसी भी समस्या का समाधान करने में सफल रहेंगे।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना शुभ सिद्ध होगा आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा व धर्म-कर्म के मामलों में रुचि बढ़ेगी, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा व शरीर में स्फूर्ति बनी रहेगी, पराक्रम में वृद्धि होगी, छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, यदि आप पार्टनरशिप में कोई कार्य का आरंभ करना चाहते हैं तो गुरु का मार्गी होना आपके शुभ रहेगा, बड़े भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, आय वृद्धि के योग बनेंगे, वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना ज्यादा शुभ नही रहेगा अतः छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कोई दुःखद समाचार प्राप्त होने से मन अप्रसन्न रहेगा, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे फिर भी लेन-देन के कार्यों में थोड़ी सावधानी बरतें, कार्यक्षेत्र में गुरु का मार्गी होना शुभ रहेगा व लंबे समय से चली आ रही परेशानी से कुछ राहत अनुभव होगी, सीनियर के मधुर संबंध बनाकर रखें, परिवार व बच्चों पर धन व्यय होगा, जिनकी उम्र 55 वर्ष से अधिक है उनके स्वास्थ्य के लिहाज से यह गोचर अधिक शुभ नही है अतः अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना शुभ रहेगा विद्यार्थियों के लिए गुरु का मार्गी बेहद शुभ रहने वाला है क्योंकि ज्ञान का कारक गुरु पंचम भाव से मार्गी होकर गोचर करेंगे अतः विद्यार्थियों को अप्रत्याशित सफलता मिलने के योग बनेंगे, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी गुरु का मार्गी होना शुभ रहेगा, प्रेमियों के मध्य चले आ रहे मन-मुटाव दूर होंगे, कोई नया प्रोजेक्ट मिल सकता है, भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, संतान की उन्नति होगी, गुरु का मार्गी होना संतान से जुड़ा शुभ समाचार दे सकता है, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा फिर भी तामसिक चीजों के सेवन से परहेज करें।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना शुभ रहेगा माता-पिता का सहयोग प्राप्त होगा, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है, गुरु के मार्गी होने से रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, भूमि, वाहन या अन्य किसी स्थिर संपत्ति के क्रय करने के अच्छे योग बनेंगे, अष्टम भाव पर मार्गी गुरु की दृष्टि से स्वास्थ्य में सुधार होगा किंतु 16 अक्टूबर तक पेट, हिर्दय, कान व आँख में तकलीफ संभव रहेगी अतः कुछ समय स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, जीवनसाथी से 30 सितंबर तक क्षणिक विवाद होते रहेंगे तदोपरांत संबंधों में मधुरता आएगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, यात्राओं पर धन व्यय होगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, जो लोग आपको नीचा दिखाना चाहते थे वही आपके सहयोग हेतु आगे आएंगे।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना शुभ रहेगा पराक्रम भाव से मार्गी गुरु का गोचर पराक्रम में वृद्धि करेगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, आपके द्वारा लिए गए निर्णयों व आपके द्वारा किए गए कार्यों की लोग प्रशंसा करेंगे, परिवार के वरिष्ठ सदस्यों व भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह समय शुभ सिद्ध होगा, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी व भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना शुभ सिद्ध होगा फलस्वरूप आय वृद्धि व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, वाणी में मधुरता आएगी व आपकी वाणी का लोगों पर प्रभाव भी पड़ेगा, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, किसी महँगी वस्तु के क्रय करने के योग बनेंगे, वाहन या अन्य कोई संपत्ति क्रय करने के योग बनेंगे या किसी संपत्ति पर धन व्यय होगा, किसी शुभ समाचार के प्राप्त होने से मन प्रसन्न रहेगा, समाज में मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, कार्यस्थल पर लोग आपके पीठ-पीछे षड्यंत्र रचेंगे किंतु आपको तनिक भी हानि नही पहुँचा सकेंगे क्योंकि मार्गी गुरु की दशम भाव पर दृष्टि शुभ रहेगी, स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सचेत रहें क्योंकि गुरु की अष्टम भाव पर दृष्टि अधिक शुभ नही है हालांकि कोई गंभीर बीमारी नही होगी फिर भी स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या बनी रह सकती है।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना बेहद शुभ सिद्ध होगा लग्न से गुरु का मार्गी गोचर लंबे समय से चले रहे मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाएगा, स्वास्थ्य में सुधार होगा व भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, स्वास्थ्य में सुधार होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार भी प्राप्त हो सकता है, विद्यार्थियों के लिए भी गुरु का मार्गी होना शुभ सिद्ध होगा, प्रेमियों के मध्य चले आ रहे मन-मुटाव दूर होंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना अधिक शुभ नही रहेगा खर्चों में वृद्धि होगी, संतान व परिवार के सदस्यों पर धन व्यय होगा, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, एक्सीडेंट होने के योग बनेंगे अतः वाहन सावधानी से चलाएं व व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा व धर्म-कर्म के कार्यों में रुचि बढ़ेगी साथ ही धर्मिक कार्यों पर भी धन व्यय होगा, गुरु की सप्तम दृष्टि षष्ठ भाव पर पड़ रही है अतः आपके छुपे हुए शत्रुओं में इजाफा होगा अतः छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें हालांकि आपको उन पर विजय प्राप्त होगी फिर भी बीच में 20-25 दिन आपके लिए थोड़े कड़े संघर्ष वाले सिद्ध होंगे, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए गुरु का मार्गी होना शुभ सिद्ध होगा।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना शुभ सिद्ध होगा एकादश भाव का नाम ही लाभ भाव है जहाँ गुरु जैसे सौम्य ग्रह का मार्गी अवस्था से गोचर आपको अपनी ऊर्जा शक्ति के बल पर कठिन परिस्थितियों में भी विजय प्राप्त कराएगा, उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, परिवार के सदस्यों का सहयोग प्राप्त होगा, आपके सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, उच्चाधिकारियों से अच्छे संबंध स्थापित होंगे, संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अच्छा सिद्ध होगा, दामपत्य जीवन में चले आ रहे मन-मुटाव में राहत मिलेगी व मधुर संबंध स्थापित होंगे, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी गुरु का मार्गी होना शुभ सिद्ध होगा।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना शुभ सिद्ध होगा कर्म भाव से गुरु का मार्गी अवस्था में गोचर उन्नति के नए अवसर प्रदान करेगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, प्रमोशन या आय में वृद्धि के योग बनेंगे, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, सरकार या उच्च अधिकारी से लाभ प्राप्त होगा, मित्रों तथा सहयोगियों से सहयोग प्राप्त होगा, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, घर के माहौल में प्रसन्नता का माहौल रहेगा, स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सचेत रहें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी गुरु का मार्गी होना शुभ सिद्ध होगा, घर को सुंदर बनाने पर धन व्यय होगा, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, आय में वृद्धि होगी व कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा।

 

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ग्रह पीड़ा निवारण हेतु वैदिक उपाय, दान व व्रत

ग्रह पीड़ा निवारण हेतु वैदिक उपाय, दान व व्रत

 

नव ग्रह पीड़ा निवारणार्थ उपाय
नव ग्रह पीड़ा निवारणार्थ उपाय

 

बहुत से लोग ज्योतिषी के पास जाते हैं तो वह बताते हैं कि आपका अमुक ग्रह खराब है अतः आज मैं आप सभी को सभी ग्रहों के दान व व्रत बताता हूँ जिन्हें आप सरलता से कर के जो ग्रह आपकी कुंडली में अशुभ हों उनको प्रसन्न कर सकते हैं तो चलिए जानते हैं वैदिक ज्योतिष में विभिन्न ग्रहों के सरल उपायों के बारे में जिन्हें आप बहुत ही सरलता से कर के ग्रहों को प्रसन्न कर सकते हैं:-

 

सूर्य ग्रह के उपाय:-

 

सूर्य ग्रह के उपाय
सूर्य ग्रह के उपाय

 

१. गेहूँ, माणिक, सोना, लाल वस्त्र, ताम्रपात्र का राविवार के दिन दान करने से सूर्य प्रसन्न होते हैं।

 

२. शुक्ल पक्ष के राविवार के दिन से आरंभ कर नित्य सूर्योदय से 1 घंटे तक स्नानादि कर सूर्य को जल देने व अदित्यहिर्दय स्तोत्र का पाठ करने से सूर्य प्रसन्न होते हैं।

 

३. नित्य कपिला गाय को रोटी व गुड़ खिलाने से सूर्य ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

४. राविवार के दिन किसी भी मंदिर में रक्त चंदन दान करने से भी सूर्य प्रसन्न होते हैं।

 

५. शुक्ल पक्ष के राविवार से व्रत का आरंभ कर 11 या 21 राविवार तक व्रत करने से भी सूर्य प्रसन्न होते हैं।

 

चंद्र ग्रह के उपाय:-

 

चंद्र ग्रह के उपाय
चंद्र ग्रह के उपाय

 

१.  चीनी, चावल, श्वेत वस्त्र, दूध, दहीं, मिश्री, चांदी, मोती का दान करने से चंद्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

. प्रदोष का व्रत करने से भी चंद्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. शंख में जल भरकर स्नान करने से भी चंद्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

४. सोमवार के दिन किसी भी मंदिर में श्वेत चंदन दान करने से भी चंद्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

नोट:- माता-पिता की सेवा करने से सूर्य व चंद्र दोनों ग्रह प्रसन्न होते हैं क्योंकि ज्योतिष में सूर्य को पिता व चंद्र को माता का कारक माना गया है।

 

मंगल ग्रह के उपाय:-

 

मंगल ग्रह के उपाय
मंगल ग्रह के उपाय

 

१. गेहूँ, गुड़, ताम्रपात्र, मूँगा, केसर का दान करने से मंगल ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

२. मंगलवार के दिन किसी भी मंदिर में लाल पुष्प व रक्त चंदन दान करने से मंगल ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. गणेश चतुर्थी व विनायक चतुर्थी का व्रत करने से भी मंगल ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

नोट:- बड़े भाई की सेवा करने से मंगल ग्रह प्रसन्न होते हैं क्योंकि ज्योतिष में मंगल ग्रह को बड़े भाई का कारक माना गया है।

 

बुध ग्रह के उपाय:-

 

बुध ग्रह के उपाय
बुध ग्रह के उपाय

 

१. पन्ना, हरी वस्तु, हरा वस्त्र, हरी मूँग, कपूर, फल का दान करने से बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

. बुधवार के दिन किन्नर को हरी चूड़ी व हरी साड़ी दान करने से भी बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. बुधवार के दिन गाय को हरा साग खिलाने से भी बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

४. बुधवार का व्रत करने से भी बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

गुरु ग्रह के उपाय:-

 

गुरु ग्रह के उपाय
गुरु ग्रह के उपाय

 

१. पीली वस्तु, पीला वस्त्र, केला, पोखराज, पीला मीठा, हल्दी का दान करने से गुरु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

२. किसी विद्यार्थी को गुरुवार के दिन पुस्तक, पेन, पेंसिल का दान करने से भी गुरु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. गुरुवार के दिन चने की दाल खिलाने से भी गुरु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

४. एकादशी का व्रत करने से भी गुरु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

शुक्र ग्रह के उपाय:-

 

शुक्र ग्रह के उपाय
शुक्र ग्रह के उपाय

 

१. चावल, दूध, दहीं, मिश्री, हीरा, स्फटिक का दान करने से शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

२. शुक्रवार के दिन गाय को चावल और चीनी पकाकर खिलाने से भी शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. 14 वर्ष से छोटी कन्या को चॉकलेट, चिप्स, परफ्यूम, हेयर क्लिप का दान करने से भी शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

४. शुक्रवार के दिन सफेद पुष्प का किसी भी मंदिर में दान करने से शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

५. शुक्रवार का व्रत करने से भी शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

शनि ग्रह के उपाय:-

 

शनि ग्रह के उपाय
शनि ग्रह के उपाय

 

. गाय को सरसों के तेल की बनी रोटी व गुड़ खिलाने से शनि ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

२. शनिवार के दिन काला वस्त्र, काली उर्द, शहद, आम का अचार, काली चप्पल, काला छाता, नीलम, लोहा, काला तिल कस्तूरी का दान करने से भी शनि ग्रह प्रसन्न होते है।

 

३. शनिवार के दिन पीपल वृक्ष के समकक्ष तेल का दीपक अर्पित कर “ॐ नमः शिवाय:” मंत्र का जाप व शनि स्तोत्र का पाठ करने से भी शनि ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

. शनिवार का व्रत करने से भी शनि ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

राहु ग्रह के उपाय:-

 

राहु ग्रह के उपाय
राहु ग्रह के उपाय

 

१. गेहूँ, गोमेद, काला वस्त्र, सरसों तेल, काला कंबल, काला तिल का दान करने से शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

२. बुधवार व शनिवार के दिन मछली को आटा और काला तिल मिलाकर खिलाने से भी राहु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. पिंजरे में बंद पक्षी को स्वतंत्र करने से भी राहु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

. शिवलिंग पर चाँदी के सर्प के जोड़े को अर्पित करने से राहु प्रसन्न होते हैं।

 

विशेष:- राहु के उपाय बुधवार के दिन करना चाहिए।

 

केतु ग्रह के उपाय:-

 

केतु ग्रह
केतु ग्रह के उपाय

 

१. काला वस्त्र, लहसुनिया, सोना, लोहा का दान करने से केतु ग्रह प्रसन्न रहते हैं।

 

२. नित्य चीटियों को नारियल का बुरादा डालने से भी केतु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. रुद्राक्ष, चाँदी की बनी कोई वस्तु धारण करने से भी केतु के अशुभ फल में कमी आती है।

 

विशेष:-

 

१. दान की वस्तु आपके श्रद्धा व सामर्थ्य अनुसार है।

 

२. शनि, राहु व केतु के उपाय सूर्यास्त बाद करना चाहिए।

 

३. व्रत का तात्पर्य अन्न के त्याग से है अतः व्रत के दिन आप दूध व जल का ही सेवन करें।

 

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पोखराज धारण विधि व लग्न अनुसार उपयोगिता

पोखराज धारण विधि व लग्न अनुसार उपयोगिता

 

पोखराज रत्न
पोखराज रत्न

 

भाग:-१

 

 

पोखराज बृहस्पति का रत्न होता है किंतु इस संबंध में कुछ मतभेद देखने को मिलता है कि बृहस्पति का रत्न श्वेत अर्थात सफेद पोखराज है या पीला इस मतभेद को दूर करने के लिए मैं बृहज्जातक के अध्याय 2 के पंचम श्लोक की व्याख्या करता हूँ:-

 

“वर्णास्ताम्रसिताती रक्त हरितव्यापीत चित्रा सीता”

“बहवयम्बवग्निज केशवेंद्र शाचिका: सूर्यादिनाथा: क्रमात्””

 

अर्थात:- लाल, श्वेत, रक्त वर्ण, हरा, पीलापन लिए हुए तरह-तरह के रंग और काला ये सूर्य से क्रमानुसार शनि तक के रंग हैं, आचार्य वरामिहिर जी के इस श्लोक से यह स्पष्ट है कि बृहस्पति का रंग “पीला” है अतः बृहस्पति का रत्न “पीला पोखराज” है।

 

पोखराज कौन धारण कर सकता है:-

 

जिनकी कुंडली में बृहस्पति शुभ भावों के स्वामी हों उन जातक/जातिका को समयानुसार या आवश्यकतानुसार पीला पोखराज धारण करना शुभ फलदाई होता है तथा जिनकी कुंडली में बृहस्पति अशुभ भावों के स्वामी हों उनको पीला पोखराज नही धारण करना चाहिए।

 

धारण विधि:-

 

पोखराज धारण विधि
पोखराज धारण विधि

 

पोखराज को स्वर्ण की अँगूठी में बनवाना सर्वश्रेष्ठ रहता है पोखराज 3 रत्ती से कम धारण नही किया जाता है और यदि 7 या 12 रत्ती का पोखराज धारण किया जाए तो यह और भी शुभ रहता है कुछ विद्वानों का मत है कि पोखराज 6, 11 व 15 रत्ती का धारण नही करना चाहिए।

शुक्ल पक्ष के बृहस्पतिवार को सूर्यास्त से 1 घंटे पूर्व श्रद्धापूर्वक “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का 19,000 की संख्या में मंत्र जाप कर के तर्जनी उंगली में धारण करना चाहिए।

 

नोट:- जो व्यक्ति पोखराज धारण करने में असमर्थ हों वह पीला मोती, पीला जरकन, सुनैला, हल्दी की गाँठ, केले की जड़ भी धारण कर सकते हैं।

 

विशेष:- पोखराज के साथ हीरा, नीलम, गोमेद, वैदूर्य धारण नही करना चाहिए।

 

लग्न अनुसार पोखराज की उपयोगिता:-

 

पोखराज धारण करने के लाभ
पोखराज धारण करने के लाभ

 

मेष लग्न के लिए बृहस्पति नवम व द्वादश भावों के स्वामी होते हैं नवम भाव अर्थात त्रिकोण का स्वामी होने के कारण से बृहस्पति को इस लग्न के लिए शुभ माना गया है अतः पोखराज धारण करने से जातक को बुद्धि, बल, ज्ञान, उच्च शिक्षा, धन, मान-प्रतिष्ठा तथा भाग्य में उन्नति प्राप्त होती है, बृहस्पति की महादशा में यह रत्न और भी शुभ फलदाई हो जाता है तथा यदि इसे लग्नेश मंगल के रत्न मूँगा के साथ धारण किया जाए तो यह और भी शुभ फलदाई हो जाता है।

 

वृषभ लग्न के लिए बृहस्पति अष्टम और एकादश भाव के स्वामी होते हैं किंतु वृषभ लग्न के स्वामी शुक्र और बृहस्पति में नैसर्गिक शत्रुता है तथा वृषभ लग्न के लिए बृहस्पति अष्टमेश होने के कारण से भी शुभ नही होता फिर भी यदि वृषभ लग्न की कुंडली में यदि बृहस्पति द्वितीय, चतुर्थ, पंचम, नवम व लग्न में स्थित हों तो बृहस्पति की दशा में पोखराज धारण करने से धन लाभ में वृद्धि होती है।

 

मिथुन लग्न के बृहस्पति सप्तम और दशम भाव के स्वामी होने के कारण से केन्द्राधिपति दोष से दूषित हो जाते हैं फिर भी यदि मिथुन लग्न की कुंडली में बृहस्पति यदि लग्न, द्वितीय, एकादश या केंद्र अथवा त्रिकोण में स्थित हों तो बृहस्पति की दशा में पोखराज धारण करने से संतान सुख, समृद्धि में वृद्धि व धन लाभ की प्राप्ति होती है परंतु स्वास्थ्य की समस्या निरंतर बनी रह सकती है क्योंकि मिथुन लग्न की कुंडली वालों के लिए बृहस्पति प्रवल मारकेश होते हैं।

 

कर्क लग्न वालों के लिए बृहस्पति षष्ठ और नवम भाव के स्वामी होते हैं नवम भाव अर्थात त्रिकोण के स्वामी होने के कारण से कर्क लग्न वालों के लिए बृहस्पति शुभ होते हैं अतः कर्क लग्न वालों के लिए पोखराज रत्न संतान सुख, ज्ञान में वृद्धि, भाग्योन्नति, पितृ सुख, ईश्वर भक्ति की भावना तथा धन में वृद्धि करता है यदि बृहस्पति की महादशा में इसे धारण किया जाए तो विशेष रूप से फलदाई होता है तथा यदि पोखराज के साथ मोती या मूँगा धारण किया जाए तो यह बेहद शुभ सिद्ध होता है।

 

पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए सिंह से मीन लग्न तक के लिए पोखराज की उपयोगिता जल्द ही अगले भाग में प्रकाशित करूँगा।

 

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10 सितंबर 2020 मंगल होंगे वक्री इन राशि वालों की समस्याएं बढ़ाने वाला होगा मंगल का वक्री गोचर

10 सितंबर 2020 मंगल होंगे वक्री इन राशि वालों की समस्याएं बढ़ाने वाला होगा मंगल का वक्री गोचर

 

 

मंगल मेष में वक्री 10 सितंबर
मंगल मेष में वक्री 10 सितंबर

 

मंगल को ज्योतिष शास्त्र में सेनापति का दर्जा प्राप्त है मंगल मेष व वृश्चिक राशि के स्वामी व बल, पराक्रम, रक्त, हिंसा व क्रोध के कारक भी होते हैं 10 सितंबर 2020 को प्रात: 3 बजकर 51 मिनट पर मंगल मेष राशि में व्रकी हो जाएंगे तथा 13 नवंबर तक वक्री गोचर कर 14 नवंबर 2020 को पुनः मार्गी हो जाएंगे इसी दौरान मंगल 4 अक्टूबर 2020 को वक्री गोचर करते हुए पुनः मीन राशि में प्रवेश कर 13 नवंबर 2020 तक वक्री तथा 14 नवंबर 2020 से मार्गी होकर 24 दिसंबर तक गोचर करेंगे और 24 दिसंबर को ही गोचर बदलकर एक बार पुनः मेष राशि में प्रवेश करेंगे तो चलिए जानते हैं मंगल के वक्री अवस्था में गोचर करने से विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

 

वक्री मंगल का मेष राशि से गोचर
वक्री मंगल का मेष राशि से गोचर

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर तनावपूर्ण रह सकता है अतः तनाव लेने से बचें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, आलस्य का त्याग करें, फोड़े-फुंसी की समस्या रह सकती है, प्रॉपर्टी से जुड़े कार्य कुछ समय के टालने का प्रयास करें।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या दे सकता है अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, मंगल के वक्री गोचर के दौरान आपको अत्यधिक प्रयास करना पड़ सकता है, दामपत्य जीवन मिला-जुला रहेगा, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर जीवनसाथी से क्षणिक विवाद कराने वाला हो सकता है अतः जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, अचानक धन हानि के योग बनेंगे, जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में लाभ होगा, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर अधिक शुभ नही है अतः व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, व्यापार में कुछ बदलाव के योग बनेंगे, जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों पर अच्छे से सोच-विचार कर लें तथा संभव हो कुछ समय के लिए टालने का प्रयास करें।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए मंगल का वक्री अवस्था में गोचर सामान्य रहेगा विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर मे किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के मंगल का वक्री अवस्था से गोचर सामान्य रहेगा कार्यस्थल पर अत्यधिक कार्यभार रहने से थकान अनुभव होगी, नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, आवेश में आने से बचें, जीवनसाथी की वाणी थोड़ी गर्माहट लिए हुए होगी जिस कारण से तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, बड़े भाई-बहन से कुछ सहयोग प्राप्त होने से कुछ राहत अनुभव होगी।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर सामान्य रहेगा जिसमें आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, यदि आप पार्टनरशिप में नया कार्य आरंभ करना चाहते हैं तो अभी कुछ समय रुक जाए, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें अन्यथा परिवार में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर शुभ सिद्ध होगा लंबे समय से चली आ रही बीमारी से राहत मिलेगी फिर भी स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें, क्रोध पर नियंत्रण रखें क्योंकि आपका क्रोध ही आपका सबसे बड़ा शत्रु है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, किसी उच्च अधिकारी या अपने सीनियर से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए मंगल का वक्री अवस्था में गोचर सामान्य रहेगा प्रेम संबंधों में कुछ कड़वाहट आ सकती है, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, व्यय में वृद्धि होगी, तामसिक चीजों के सेवन से परहेज करें, फोड़े-फुंसी, घाव, रक्त जनित विकार, स्किन एलर्जी, महिलाओं को हार्मोन्स से जुड़ी समस्या रह सकती है अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर शुभ सिद्ध होगा जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव है, आर्थिक दृष्टिकोण से यह समय उत्तम सिद्ध होगा, यदि आप नए कार्य का आरंभ करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए बेहद शुभ रहेगा, मित्रों पर अधिक विश्वास करने से बचें, जो लोग भूमि क्रय करना चाहते हैं उनके लिए भूमि क्रय करने के योग बनेंगे।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए मंगल का वक्री अवस्था से गोचर बेहद शुभ नही रहेगा अतः वाहन सावधानी से चलाएं, चोट या फोड़े-फुंसी होने की संभावना रहेगी, क्रोध पर नियंत्रण रखें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, छोटे भाई-बहन से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, आवेश में आकर निर्णय लेने से बचें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए मंगल का वक्री अवस्था में गोचर शुभ सिद्ध होगा उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, व्यापारियों के लिए यह समय अच्छा सिद्ध होगा, सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी, भूमि से जुड़े मामले लाभदायक सिद्ध होंगे, विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, संतान को कष्ट संभव है, गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470

Email:-pooshark@astrologysutras.com

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भारत में विनाशकारी प्राकृतिक आपदा की आशंका जानें किन जगहों पर आएगी प्राकृतिक आपदा व भारत-चीन सीमा विवाद से जुड़ी भविष्यवाणी

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भूकंप की आशंका
भूकंप की आशंका

 

वर्ष 2020 के सितंबर, अक्टूबर व नवंबर माह के गोचर के अनुसार भारत पर सितंबर माह में राहु-केतुके गोचर परिवर्तन के समय के आस-पास अर्थात सितंबर 2020 के अंतिम भाग या अक्टूबर 2020 के प्रथम सप्ताह में प्राकृतिक आपदा भूकंप के रूप में आ सकती है यह भूकंप भारत के पश्चिम व उत्तर-पूर्व दिशा में महसूस किया जा सकता है जिसकी तीव्रता 5.02 से अधिक मापी जाएगी।

 

 

भारत-चीन सीमा विवाद
भारत-चीन सीमा विवाद

 

यदि भारत व चीन सीमा विवाद के बारे में बात की जाए तो नवंबर 2020 तक युद्ध के हालात बने हुए हैं अतः युद्ध की आशंका रहेगी और समय-समय पर सीमा उलंघन के कारण से दोनों देशों के मध्य टकरार बना रह सकता है यह भी संभव है कि युद्ध न हो फिर भी दोनों देशों के बीच माहौल गरम बना रहेगा जिसमें भारत का पलड़ा भारी रहेगा क्योंकि भारत की वृषभ लग्न की कुंडली है जिसमें शनि भाग्येश होकर भाग्य स्थान से गोचर करेंगे जो कि भाग्य की वृद्धि करेंगे साथ ही पराक्रम भाव को देखने के कारण से भारत के पराक्रम में वृद्धि भी करेंगे तथा राहु का भी गोचर भारत की कुंडली के लग्न से रहेगा वृषभ लग्न कुंडली में राहु का लग्न से गोचर शुभ होता है तथा राहु की नवम दृष्टि भाग्य स्थान पर होने से भाग्य स्थान से गोचरस्थ शनि पर भी दृष्टि रहेगी जो कि भाग्य वृद्धि का सूचक है ज्योतिष में राहु को ज्योतिष में राजनीति का कारक माना गया है जिसकी भाग्य स्थानस्वराशि गोचर कर रहे शनि पर दृष्टि भारत को राजनीति पक्ष में कुछ उथल-पुथल के साथ सफलता देगा कुल मिलाकर भारतचीन सीमा विवाद में विजय भारत की ही होगी और चीन इस बार भारत के किसी भी हिस्से में कब्जा नही कर सकेगा।

 

यह भविष्यकथन भारत की कुंडली पर सितंबर 2020, अक्टूबर 2020 व नवंबर 2020 के गोचर को ध्यान रखकर निकाला गया है आगे जैसी प्रभु इच्छा🙏🏻

 

जय श्री राम।

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