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काशी में स्थित बटुक भैरव का हरियाली एवं जल बिहार श्रृंगार महादेव के बालरूप दर्शन कर भक्त हुए निहाल
बाबा बटुक भैरव
वाराणसी (काशी ) के कमच्छा क्षेत्र में महादेव के बालरूप बटुक भैरव जी का प्रसिद्ध मंदिर है जहाँ प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी हरियाली एवं जल बिहार श्रृंगार किया गया आज के दिन के बाबा के इस श्रृंगार की भक्तगण सदैव प्रतीक्षा करते हैं, हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी प्रातः 5 बजे बटुक भैरव जी का पंचामृत से स्नान करा कर मंगला आरती संपन्न की गई तथा रात्रि 9 बजे बटुक भैरव जी की महा आरती 1008 दीपों एवं सवा किलो कपूर के साथ संपन्न की गई तथा 51 डमरूओं के साथ आरती गान किया गया।
सूर्य का सिंह राशि से गोचर 16 अगस्त 2020: जानें किन राशि वालों की चमक जाएगी किस्मत
सूर्य का सिंह राशि से गोचर
सूर्य16 अगस्त 2020 को रात्रि के 7 बजकर 27 मिनट पर कर्क राशि को छोड़कर अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे जिस कारण से सूर्य की कर्क की सक्रांति समाप्त होकर सूर्य की सिंह की सक्रांति लगेगी, सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की सक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, सूर्य एक राशि में 30 दिन तक गोचर करते हैं जिसका विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है तो चलिए जानते हैं सूर्य के सिंहराशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-
सूर्य के सिंह राशि में गोचर से पड़ने वाले प्रभाव
मेष राशि:-
मेष राशिफल
मेष राशि वालों के सूर्य पंचम भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप संतान की उन्नति होगी व संतान का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, प्रेमियों के मध्य क्षणिक विवाद संभव रहेगा, आय सामान्य रहेगी, वाणी पर नियंत्रण रखें।
वृषभ राशि:-
वृषभ राशिफल
वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे अतः माता का सहयोग मिलेगा, दामपत्य जीवन सामान्य रहेगा, प्रमोशन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें व तामसिक चीजों से परहेज करें।
मिथुन राशि:-
मिथुन राशिफल
मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति भी होगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, किसी उच्च अधिकारी से मुलाकात संभव है, यात्राओं के योग बनेंगे, आवेश में आकर कोई भी निर्णय लेने से बचें, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा।
कर्क राशि:-
कर्क राशिफल
कर्क राशि वालों के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे आय वृद्धि के योग बनेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, वाहन सावधानी से चलाएं, नेत्रों में जलन, दर्द या चोट लगने की संभावना रहेगी, अचानक धन लाभ हो सकता है।
सिंह राशि:-
सिंह राशिफल
सिंह राशि वालों के लिए सूर्य पहले भाव के स्वामी होकर प्रथम भाव अर्थात लग्न से गोचर करेंगे फलस्वरूप देह में स्फूर्ति बनी रहेगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, सर दर्द या ज्वर होने की संभावना रहेगी।
कन्या राशि:-
कन्या राशिफल
कन्या राशि वालों के लिए सूर्य द्वादश भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे यात्राओं के योग बनेंगे, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद न करें, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, सर दर्द, ज्वर, नेत्रों में जलन, दर्द या चोट लगने की संभावना रहेगी, आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी।
तुला राशि:-
तुला राशिफल
तुला राशि वालों के लिए सूर्य एकादश भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, मित्रों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा व उनसे लाभ भी होगा, जीवनसाथी से विवाद संभव रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनका पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, नए कार्य की शुरुवात हो सकती है।
वृश्चिक राशि:-
वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे दशम भाव में सूर्य को दिग्बल प्राप्त होने के कारण से सूर्य अत्यधिक शक्तिशाली फल का दाता बन जाता है फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त हो सकती है, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, प्रमोशन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, क्रोध पर नियंत्रण रखें, माता के स्वास्थ्य में कुछ समस्या रह सकती है।
धनु राशि:-
धनु राशिफल
धनु राशि वालों के लिए सूर्य नवम भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी, पिता से वैचारिक मतभेद संभव है, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, सांतान प्राप्ति के योग बनेंगे, भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव है।
मकर राशि:-
मकर राशिफल
मकर राशि वालों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप पैतृक संपत्ति प्राप्त होने के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, जीवनसाथी के वाणी व स्वभाव में तेजी अनुभव होगी जिस कारण उनसे क्षणिक विवाद संभव है, गर्म चीजों के सेवन से परहेज करें, पेट की समस्या हो सकती है।
कुंभ राशि:-
कुंभ राशिफल
कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप दामपत्य जीवन मिला-जुला रहेगा, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें।
मीन राशि:-
मीन राशिफल
मीन राशि वालों के लिए सूर्य छठे भाव के स्वामी होकर छठे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, जिनकी उम्र 55 वर्ष से अधिक है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा।
दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सबसे सरल विधि जानें, कैसे ज्ञात किया जाए कि व्यक्ति का जन्म किस दशा में हुआ है व उस दशा का भोग्यवर्ष क्या होगा।
प्रत्येक ग्रह की दशा में ९ ग्रह की अंतर्दशा होती है जैसे सूर्य की महादशा में पहली अंतर्दशा सूर्य की, दूसरी चंद्र की, तीसरी मंगल की, चतुर्थ राहु की, पांचवीं गुरु की, छठी शनि की, सातवीं बुध की, आठवीं केतु की व नौवीं शुक्र की इसी प्रकार अन्य ग्रहों में भी समझना चाहिए आशय यह है कि जिस ग्रह की दशा हो उससे सूर्य, चंद्र, भौम के क्रमानुसार अन्य नवग्रहों की अन्तर्दशाएँ होती हैं।
अंतर्दशा निकालने का एक सबसे सरल नियम यह है कि दशा-दशा का परस्पर गुणा कर १० से भाग देने से लब्ध मास और शेष को ३ से गुणा करने से दिन होंगे।
दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सबसे सरल विधि जानें, कैसे ज्ञात किया जाए कि व्यक्ति का जन्म किस दशा में हुआ है व उस दशा का भोग्यवर्ष क्या होगा।
१. सूर्य:- ६ वर्ष २. चंद्र:- १० वर्ष ३. मंगल:- ७ वर्ष ४. राहु:- १८ वर्ष ५. गुरु:- १६ वर्ष ६. शनि:- १९ वर्ष ७. बुध:- १७ वर्ष ८. केतु:- ७ वर्ष ९. शुक्र:- २० वर्ष
उदहारण:-
सूर्य की दशा में अंतर्दशा निकालनी हो तो सूर्य के दशा वर्ष ६ का सूर्य के ही दशा वर्षों से गुणा किया तो:-
६×६= ३६
३६÷१०= ३ मास, शेष ६
६×३= 18 दिन
अर्थात ३ मास १८ दिन सूर्य की अंतर्दशा रहेगी।
इसी तरह सूर्य की दशा मे अन्य ग्रहों की अंतर्दशा:-
चंद्रमा:-
६×१०= ६०, ६०÷१०= ६ मास।
मंगल:-
६×७= ४२, ४२÷१०= ४ मास शेष २, २×३= ६ दिन अर्थात ४ मास ६दिन।
राहु:-
६×१८= १०८, १०८÷१०= १० मास शेष ८, ८×३= २४ दिन अर्थात १० मास २४ दिन।
दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सरल विधि—-Astrology Sutras
दशा और आपके प्रश्न
जन्म के समय किस ग्रह की दशा थी और कितनी दशा भोग्य थी यह ज्ञात करने की सबसे सरल विधि को प्रस्तुत करता हूँ जो कि ज्योतिष के विद्यार्थियों के लिए तो वरदान साबित होगी ही साथ ही जनसामान्य भी इसको सरलता से ज्ञात कर सकेंगे तो सबसे पहले हम यह जानने का प्रयास करते हैं कि व्यक्ति का जन्म किस ग्रह की दशा में हुआ है।
किस ग्रह की दशा में हुआ व्यक्ति का जन्म:-
दशा ज्ञात करने की विधि
व्यक्ति के जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होंगे उस नक्षत्र के स्वामी की दशा में व्यक्ति का जन्म होता है।
नक्षत्र व उनके स्वामी का विवरण इस प्रकार है:-
१. कृतिका, उत्तराफाल्गुनी और उत्तराषाढ़ा के स्वामी सूर्य होते हैं जिनकी दशा 6 वर्ष की होती है।
२. रोहिणी, हस्त और श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा होते है जिनकी दशा 10 वर्ष की होती है।
३. मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल होते हैं जिनकी दशा 7 वर्ष की होती है।
४. आर्द्रा, स्वाती और शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु होते हैं जिनकी दशा 18 वर्ष की होती है।
५. पुनर्वसु, विशाखा और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुरु होते हैं जिनकी दशा 16 वर्ष की होती है।
६. पुष्य, अनुराधा और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि होते हैं जिनकी दशा 19 वर्ष की होती है।
७. आश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध होते हैं जिनकी दशा 17 वर्ष की होती है।
८. मघा, मूल और अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु होते हैं जिनकी दशा 7 वर्ष की होती है।
९. पूर्वाफाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा और भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र होते हैं जिनकी दशा 20 वर्ष की होती है।
दशा का भोग्यकाल ज्ञात करने की सरल विधि:-
दशा का भोग्यकाल ज्ञात करने की सरल विधि
जन्म के समय किसी ग्रह की कितनी दशा भोग्य थी यह ज्ञात करने के लिए सर्वप्रथम यह देखिए कि जन्म के समय किस नक्षत्र में है और जन्म के बाद कितने समय/घड़ी तक उस नक्षत्र में रहेगा, जितने समय/घड़ी तक चंद्रमा उस नक्षत्र में और रहेगा उन घड़ियों/समय को महादशा के मान से गुणा कर के 60 से भाग देने पर हमें यह ज्ञात हो जाता है कि दशा का भोग्यकाल कितना रहेगा।
उदाहरण:-
मान लीजिए जन्म के समय पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ व उसके 20 घड़ी शेष थे ऊपर मैंने बताया है कि पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु होते हैं जिनकी दशा 16 वर्ष की होती है अतः अब हम गुरु की कितनी दशा मनुष्य जन्म के बाद भोगेगा यह निकालते है:-
20×16 16 ———— = ——— = 5 शेष 4 60 6
अर्थात 5 वर्ष 4 माह और वह व्यक्ति जन्म के बाद गुरु की दशा भोगेगा।
हनुमान जी की उपासना कब करनी चाहिए से जुड़े कुछ तथ्य
हनुमान जी की उपासना कब करें
हनुमान जी की उपासना कब करनी चाहिए यह जानने की सब में रुचि रहती है ताकि वह हनुमान जी की विशेष कृपा पा सकें लेकिन मैंने बहुत से लोगों के मन में एक शंका देखी है कि महात्माओं से सुनने में आया है कि “सवा पहर दिन चढ़ जाने के पहले हनुमान जी का नाम-जप तथा हनुमान चालीसा का पाठ नही करना चाहिए” क्या यह सही है यदि हाँ तो क्यों और यदि नही तो हनुमान जी की उपासना कब करनी चाहिए आज इसी विषय पर चर्चा करता हूँ।
सर्वप्रथम तो इस दास को कभी किसी ग्रंथ में ऐसा कहीं प्रमाण नही मिला कि उपासक को उपास्यदेव के स्रोतों का पाठ या नाम-जप आदि प्रातःकाल सवा पहर दिन चढ़ने के बाद करना चाहिए अपितु प्रत्येक स्थल पर इसी बात का प्रमाण मिलता है कि सदा और निरंतर तैलधारावत् अजस्त्र, अखंड भजन-स्मरण करना चाहिए।
कवित्तरामायण:-
‘रसना निसि बासर राम रटौ।’
‘सदा राम जपु राम जपु।’
‘जपहि नाम रघुनाथ को चर्चा दूसरी न चालू।’
‘तुलसी तू मेरे कहे रट राम नाम दिन-रात्रि।’
इसी प्रकार श्री हनुमान जी के संबंध में भी सदा-सर्वदा भजन करने का प्रमाण ही मिलता है।
कदाचित किसी को श्री हनुमान जी के इस वचन का ध्यान आ गया हो:–
“प्रात लेइ जो नाम हमारा। तेहि दिन न मिले अहारा।।”
परंतु इसका भावार्थ लेना चाहिए, यहाँ ‘हमारा’ शब्द का संबंध ऊपर की चौपाई के ‘कपिकुल’ अर्थात वानर योनि से है न कि अपने शरीर (श्री हनुमान विग्रह) से है वहाँ हनुमान जी कहते हैं—–
“कहहु कवन मैं परम कुलीना। कपि चंचल सबहीं बिधि हीना।।”
अर्थात विभीषण जी! आप अपने को राक्षस कुल का मानकर भय न करें बताइए, मैं ही कौन से बड़े श्रेष्ठ कुल का हूँ, वानर योनि तो चंचल और पशु होने के कारण से सभी प्रकार से हीन है हमारे कुल (वानर) का अगर कोई प्रातःकाल नाम ले ले तो उस दिन उसे आहार का योग्य ही समझा जाता है।
“अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर।”
“किन्हीं कृपा सुमिरि गन भरे बिलोचन नीर।।”
भावार्थ:- ऐसे अधम कुल का मैं हूँ, किंतु सखा! सुनिए, मुझ पर भी श्री राम जी ने कृपा की है।
इस विरद को स्मरण कर कहते-कहते हनुमान जी के नेत्रों से आँसू भर आए अतः ‘हमारा’ शब्द का भाव यह है कि कुल तो हमारा ऐसा नीच है कि ‘वानर’ शब्द का ही प्रातः मुख से निकलना अच्छा नही माना जाता परंतु उसी योनि में उत्पन्न मैं जब प्रभु का कृपा पात्र बना लिया गया तब तो—-
“राम कीन्ह आपन जब ही तें। भयउँ भुवन भूषण तबहीं तें।।”
मेरे हनुमान, महावीर, बजरंगी, पवनकुमार आदि नाम प्रातः स्मरणीय हो गए इसका प्रमाण इस प्रकार है—
पोस्ट की लंबाई को ध्यान रखते हुए इसका प्रमाण अगली पोस्ट में प्रकाशित करूँगा।
अगस्त 2020: कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
कर्क लग्न
कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए अगस्त 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य व बुध का लग्न से गोचर रहेगा अतः क्रोध और वाणी पर नियंत्रण रखें, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, धन वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, 16 अगस्त को सूर्य व 17 अगस्त को बुध गोचर बदलकर आपके दूसरे भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप आय के साथ व्यय में भी वृद्धि होगी, यात्राओं पर धन व्यय होगा, यदि आपका कार्य फाइनेंस या टीचिंग से जुड़ा हुआ है तो आपके लिए यह माह शुभ सिद्ध होगा, माह के शुरुवात में शुक्र व राहु का द्वादश भाव से गोचर रहेगा अतः महिलाओं व वाहन पर धन व्यय होगा, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, यदि आप किसी नए कार्य का आरंभ करना चाहते हैं तो अभी कुछ समय और रुक जाएं क्योंकि द्वादश भाव से राहु का गोचर नए कार्य के शुरुवात के लिए शुभ नही होता, अनैतिक संबंध बनाने से बचें, खर्चों में वृद्धि होगी, वाहन पर धन व्यय होगा, फिजूल खर्चों पर नियंत्रण रखें, माह के शुरुवात में केतु व गुरु का षष्ठ भाव से गोचर रहेगा अतः परिवार में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होने के योग बनेंगे, संतान व परिवार के सदस्यों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें, खर्चों में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, जिनकी उम्र 55 वर्ष से अधिक हो वह मीठे चीजों के सेवन से परहेज करें।
कर्क राशिफल
माह के शुरुवात में शनि का सप्तम भाव से गोचर रहेगा अतः बड़ों का सम्मान करें, विवाह के योग बनेंगे अतः कहीं विवाह हेतु बात चल सकती है किंतु विवाह होने के योग नवंबर के मध्य भाग से आरंभ होंगे, जीवनसाथी का स्वभाव कुछ गंभीर अनुभव होगा, कार्यक्षेत्र में उन्नति प्राप्त करने हेतु मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, जीवन में भागा दौड़ी बनी रहेगी, जिनके विवाह में बाधा आ रही हो वह शनि के उपाय करें, माह के शुरुवात में मंगल का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा अतः कार्य के सिलसिले से यात्राओं के योग बनेंगे, किसी भी बात को लेकर जिद्द न करें, धैर्य व संयम से काम करें, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, माता का सहयोग प्राप्त होगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, 1 अगस्त से 2 अगस्त के दोपहर 3 बजे तक का समय शुभ नही रहेगा जिसमें खर्चों में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य में परेशानी संभव है, मामा पक्ष से लाभ मिलने की संभावना रहेगी, 2 अगस्त के दोपहर 3 बजे से 4 अगस्त तक का समय शुभ रहेगा दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी, कार्यक्षेत्र के लिए भी यह समय उत्तम सिद्ध होगा, 5 व 6 अगस्त के दिन कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझ कर लें, तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी अतः तनाव लेने से बचें, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ने से कुछ राहत अनुभव होगी, 7 अगस्त से 14 अगस्त के शाम 6:30 तक का समय आपके लिए बेहद शुभ रहेगा जिसमें यात्राओं के योग बनेंगे व उन यात्राओं से लाभ भी प्राप्त होगा, कार्यस्थल पर सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना करेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव रहेगी, आप अपने आर्थिक स्थिति जैसे कि खर्चों व धन संचय पर कुछ विचार कर सकते हैं, 14 अगस्त की शाम 6:30 से 16 अगस्त तक का समय शुभ नही है अतः कोई भी निर्णय लेने से पूर्व अच्छे से सोच-विचार कर लें, तनाव लेने से बचें व धैर्य और संयम से कार्य करें, आवेश में आने से बचें, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, कार्यस्थल पर आपके पीठ पीछे षड्यंत्र रचे जाएंगे अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, 17 व 18 अगस्त आपके लिए शुभ रहेगा बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 19 व 20 अगस्त का समय ज्यादा शुभ नही रहेगा अतः गलत लोगों से दूरी बनाकर रखें, विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण बड़ेगा, अनैतिक संबंध बनाने से बचें अन्यथा भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है, परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, 21 से 26 अगस्त पुनः आपके लिए बेहद शुभ रहेगा जिसमें पड़ोसियों व भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, कार्यक्षेत्र के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, घर मे खुशियों का माहौल रहेगा जिससे मन प्रसन्न रहेगा, मन में उन्नति हेतु नए विचार आएंगे, यदि आपकी संतान है तो संतान के साथ अच्छा समय बीतेगा व यदि आप संतान को कुछ सीख देना चाहते हैं तो यह अच्छा समय सिद्ध होगा, 27 अगस्त दोपहर 2 से 29 अगस्त की रात 8 बजेतक का समय ज्यादा शुभ नही है अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, सर्दी-जुकाम/बुखार/सर दर्द की समस्या रह सकती है अतः ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करें, व्यर्थ के विवाद से बचें, खर्चों में वृद्धि होगी, तनाव लेने से बचें, मामा पक्ष से लाभ मिलने की संभावना रहेगी, सरकारी अफसरों से व्यर्थ विवाद न करें तथा कोर्ट-कचहरी के मामले में दूरी बनाकर रखें, 30 व 31 अगस्त पुनः आपके लिए शुभ सिद्ध होगा दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी, मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी।
कर्क राशिफल
कुल मिलाकर कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए अगस्त 2020 सामान्य रहेगा जिसमें किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, ठंडे पदार्थों से परहेज करें, परिवार व संतान पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, महिलाओं व वाहन पर धन व्यय होगा, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, माह की 1, 2, 5, 6, 14, 15, 16, 27, 28, 29 तिथियाँ शुभ नही है अतः इनमें विशेष सावधानी बरतें विशेषतः 14 से 16 अगस्त के दिन विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि कर्क लग्न व कर्क राशि वाले व्यक्ति यदि अमावस्या के दिन विष्णुसहस्त्र नाम का पाठ करे व अमावस्या के दिन बहते जल में नारियल प्रवाहित करें और नित्य सूर्य को जल दें तो लाभ होगा।
जय श्री राम। Astrologer:- Pooshark Jetly Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope) Mobile:- 9919367470
अगस्त 2020: मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
मिथुन लग्न कुंडली
मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए अगस्त 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का दूसरे भाव से गोचर रहेगा अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, 2 अगस्त को बुध गोचर बदलकर आपके दूसरे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप माता का सहयोग प्राप्त होगा, धन लाभ के योग बनेंगे, बुद्धि व विवेक द्वारा आय वृद्धि के नए माध्यम बनेंगे, 17 अगस्त को बुध गोचर बदलकर आपके तीसरे भाव में चले जाएंगे अतः कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, माह शुरुवात में शुक्र व राहु का लग्न से गोचर रहेगा अतः किसी भी सरकारी कर्मचारी या सीनियर से व्यर्थ विवाद न करें, झूठ बोलने से बचें, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें, खुद के स्वाभिमान पर थोड़ा नियंत्रण रखें, यात्राओं के योग बनेंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उन्हें प्रपोज करना चाहते हैं तो यह माह 17 अगस्त से पूर्व अच्छा समय रहेगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, माह के शुरुवात में गुरु व केतु का सप्तम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, 1 अगस्त का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा इस दिन आप भविष्य को लेकर कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं, 2 और 3 अगस्त का दिन भी आपके लिए अच्छा रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा, मन प्रसन्न रहेगा, 4 व 5 अगस्त के दिन भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, 6 व 7 अगस्त को परिवार के सभी सदस्यों के साथ मौज-मस्ती का दिन रहेगा, मन प्रसन्न रहेगा, 8, 28 व 29 अगस्त का दिन आपके लिए बेहद शुभ रहेगा यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उन्हें प्रपोज करना चाहते हैं तो यह दिन आपके लिए बेहद शुभ रहेगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग प्राप्त होगा।
मिथुन राशिफल
माह के शुरुवात में शनि का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जीवनसाथी की वाणी थोड़ी कटु अनुभव होगी, जोड़ों व पैर में दर्द की शिकायत संभव है, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी और मेहनत का पूर्ण फल भी प्राप्त होगा, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए शनि का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, माह के शुरुवात में मंगल का गोचर आपके दशम भाव से रहेगा फलस्वरूप मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, आपके कार्य से सीनियर खुश रहेंगे, माता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें, संतान को कष्ट संभव रहेगा, 16 अगस्त को मंगल गोचर बदलकर आपके एकादश भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति भी होगी, 9, 10, 12, 13 व 30 अगस्त का दिन आपके लिए शुभ नही है अतः व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी अतः तनाव लेने से बचें, व्यय में वृद्धि होगी, 11 अगस्त के दिन जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव रहेगा, 14, 15, 16 व 29 अगस्त का दिन आपके लिए बेहद शुभ रहने वाला है जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, यात्राओं के योग बनेंगे, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, यदि आप किसी को प्रपोज करना चाहते हैं तो 15 अगस्त की रात 7 बजे से 16 की रात्रि 10 बजे तक समय आपके लिए बेहद शुभ सिद्ध होगा, 17 और 18 अगस्त का दिन पैसा निवेश करने के लिए अच्छा रहेगा, मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा, 19 व 20 अगस्त के दिन कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें धोखा मिलने की संभावना रहेगी, 21 अगस्त के दिन बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त हो सकती है, 22 व 23 अगस्त के दिन धन लाभ के योग बनेंगे, परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा, 24 व 25 अगस्त थोड़ा कठिनाई वाला दिन होगा जिसमें संघर्ष बना रहेगा, छोटी यात्राओं को टालने का प्रयास करें, 26 व 27 अगस्त के दिन आप घर में आनंद से समय व्यतीत करेंगे, 31 अगस्त का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, किसी रोमैंटिक यात्रा पर जा सकते हैं।
मिथुन राशिफल
कुल मिलाकर मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए जुलाई 2020 सामान्य रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, मित्रों व परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा, तनाव लेने से बचें, विवाह के योग बनेंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उन्हें प्रपोज करना चाहते हैं तो यह माह उत्तम सिद्ध होगा, संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय 17 अगस्त से पूर्व लेने का प्रयास करें, मेरे अनुसार यदि मिथुन लग्न व मिथुन राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल दें व विष्णुसहस्त्र नाम और शनि स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।
कन्याओं के विवाह में आ रही बाधा तो करें यह अचूक उपाय
विवाह बाधा निवारण हेतु उपाय
आज-कल कन्या के विवाह की समस्या प्रायः प्रत्येक गृहस्थ के समक्ष उपस्थित होती है जिस कारण से माता-पिता को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है शास्त्रों में वर्णित “कात्यायनी देवी” का अनुष्ठान बड़ा ही अनुभूत व सिद्धप्रद है जनसाधारण की जानकारी व जनहित में इस मंत्र के अनुष्ठान की विधि में यहाँ बता रहा हूँ इसे नियम व श्रद्धापूर्वक करने या कराने से कन्या के विवाह में आने वाले विध्न/बाधाएं दूर हो जाती हैं व विवाह सकुशल सम्पन्न हो जाता है।
माँ कात्यायनी मंत्र व जप विधि
जप विधि:-
इस मंत्र का जप केले के सूखे पत्ते के आसन पर बैठकर कमलगट्टे की माला से किया जाता है व जप के समय सरसों के तेल का दीपक जलते रहना चाहिए जिस व्यक्ति को यह अनुष्ठान करना हो उसे लाल या पीला वस्त्र पहनकर २१ दिन (जप काल) तक पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए व इस मंत्र का जप पान खाते हुए करना चाहिए इस मंत्र की जप संख्या ४१००० है प्रथम दिन मंत्र का १००० की संख्या में जप करें तदोपरांत अगले २० दिन तक नित्य २००० की संख्या में करना चाहिए जपकाल में प्रतिदिन केले के वृक्ष का पूजन पंचोपचार विधि से करना चाहिए व भोग और प्रसाद के रूप में पीले पेड़े का प्रयोग करना चाहिए।
मंत्र:-
कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।
नन्दगोप सुतं देवी पतिं मे कुरु ते नमः।।
विशेष:- अनुष्ठान के अंत में दशांश हवन, तर्पण, मार्जन तथा ब्राह्मण भोजन अवश्य कराना चाहिए व भोजन में पीला मीठा अवश्य परोसना चाहिए।
अगस्त 2020: वृषभ लग्न व वृषभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
वृषभ लग्न
वृषभ लग्न व वृषभ राशि वालों के लिए अगस्त 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का तीसरे भाव से गोचर फलस्वरूप पराक्रम में वृद्धि होगी, माता छोटे भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति भी होगी, किसी बड़े अधिकारी से मुलाकात संभव रहेगी, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, आवेश में आने से बचें, 2 अगस्त को बुध गोचर बदलकर आपके तीसरे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप घर में खुशियों का माहौल रहेगा, माता का सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, 16 अगस्त को सूर्य और 17 अगस्त को बुध गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में आ जाएंगे घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, किसी भी कारण से परिवार के सभी सदस्य एकत्रित होंगे, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, जिनका कार्य बैंकिंग, फाइनेंस, टीचिंग, सौंदर्य प्रकाशन, धातु, तकनीकी क्षेत्र, कमीशन से जुड़ा हुआ है उनके लिए यह माह अच्छा रहेगा, माह के शुरुवात में शुक्र व राहु का द्वितीय स्थान से गोचर रहेगा अतः गलत तरह से धन अर्जित करने का प्रयास न करें, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें व महिलाओं से व्यर्थ विवाद न करें, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में गुरु व केतु का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, कोई भी रिस्क लेने से बचें, दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, जिन्हें हिर्दय जनित कोई रोग हो व गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे।
वृषभ राशिफल
माह के शुरुवात में शनि का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा अतः भाग्य का सहयोग प्राप्त करने हेतु अधिक प्रयास करना होगा, लंबी यात्राओं के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, पैरों या जोड़ों में दर्द की शिकायत रह सकती है, माह के शुरुवात में मंगल का एकादश भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप आय में वृद्धि के योग बनेंगे, यात्राओं पर धन व्यय होगा, जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, संतान से विवाद या संतान को कष्ट संभव रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, 16 अगस्त को मंगल गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में चले जाएंगे अतः जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, 1 से 4 अगस्त के मध्य व्यय में वृद्धि होगी, कर्ज देने व लेने से बचें, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, किसी के साथ व्यर्थ विवाद न करें, 5 से 8 व 16 से 18 अगस्त का समय आपके लिए अच्छा रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, जीवनसाथी से नजदीकियाँ बढ़ेंगी, कार्य क्षेत्र के लिए यह अच्छा समय रहेगा, 9 से 11 अगस्त के मध्य मानसिक तनाव रह सकता है, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय न लें, 12 से 15 अगस्त के मध्य आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, 19 से 21 अगस्त के मध्य धन लाभ के योग बनेंगे, मित्रों से मुलाकात संभव रहेगी व उनके साथ अच्छा समय बीतेगा, 22 से 25 अगस्त के मध्य स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, व्यय में वृद्धि होगी, कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, 26 से 28 अगस्त तक का समय आपके लिए बेहद शुभ रहेगा जिसमें मानसिक शांति अनुभव होगी, धन लाभ के योग बनेंगे, 29 से 31 अगस्त के मध्य पारिवारिक मिलन (किसी भी कारण से) संभव रहेगा, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, 9, 15, 16, 22 व 29 अगस्त के दिन धन लाभ के अच्छे योग बनेंगे, 14 अगस्त के दिन विशेष सावधानी बरतें, तनाव लेने से बचें, किसी से भी व्यर्थ विवाद में न पड़ें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें व वाणी पर नियंत्रण रखें।
वृषभ राशिफल
कुल मिलाकर वृषभ लग्न व वृषभ राशि वालों के लिए अगस्त 2020 सामान्य रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, व्यर्थ विवाद में न पड़ें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, सर दर्द, नेत्रों में चोट, दर्द या जलन की शिकायत संभव रहेगी, गुरु का अष्टम भाव से गोचर स्वास्थ्य, संतान व विद्या के लिए बहुत शुभ संकेतक नही है अतः थोड़ा सावधान रहें व कोई भी बड़े या महत्वपूर्ण निर्णय बहुत सोच-विचार कर के ही करें तथा यदि आप नौकरी परिवर्तन का विचार कर रहे हैं तो नवंबर तक रुक जाए, माह की 1, 2, 3, 4, 9, 10, 11, 22, 23, 24 व 25 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि वृषभ लग्न व वृषभ राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल देकर अदित्यहिर्दय स्तोत्र व गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।