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सितंबर 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
मेष लग्न कुंडली
मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए सितंबर 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरूवात में मंगल का लग्न से गोचर रूचक नामक पंचमहापुरुष योग बनाएगा जिस पर गुरु की दृष्टि भी रहेगी फलस्वरूप स्वास्थ्य में सुधार होगा, खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे, नई चुनातियों का सामना करना पड़ सकता है व इन चुनौतियों पर विजय प्राप्त करते हुए उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, क्रोध पर नियंत्रण रखें, 10 सितंबर को मंगल वक्री हो जाएंगे अतः स्वास्थ्य में कुछ परेशानियाँ अनुभव होगी, घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है जिस कारण से मन अप्रसन्न रहेगा, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, माह के शुरुवात में सूर्य व बुध का पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, संतान का सहयोग प्राप्त होगा किंतु संतान के स्वास्थ्य में कुछ परेशानियाँ संभव रहेगी, 2 सितंबर को बुध गोचर बदलकर आपके छठे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर बुद्धि व विवेक द्वारा विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त होने के योग बनेंगे, 16 सितंबर को सूर्य भी गोचर बदलकर आपकी कुंडली के छठे भाव में आ जाएंगे अतः सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, ज्वर, सर दर्द, नेत्रों में जलन/दर्द की समस्या रह सकती है, 22 सितंबर को बुध पुनः गोचर बदलकर आपकी कुंडली के सप्तम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवनसाथी से विवाद संभव रहेगा, जिनका कार्य बैंकिंग व फाइनेंस से जुड़ा हुआ है उनके लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, माह के शुरुवात में शुक्र का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा अतः घर में किसी मेहमान के आगमन के योग बनेंगे, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, घर में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा, सीनियर आपके कार्य से खुश रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, प्रेमियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, यदि आप अपने प्रेमी/प्रेमिका को प्रपोज करना चाहते हैं तो 14, 19, 20 व 21 सितंबर का दिन आपके लिए शुभ रहेगा।
मेष राशिफल
माह के शुरुवात में शनि का दशम भाव से गोचर शश नामक योग बनाएगा अतः मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, यदि आपका फाइनेंस से जुड़ा हुआ कार्य है तो यह माह आपके लिए अच्छा रहेगा, शेयर बाजार में पैसा लगाने से बचें, माह के शुरूवात में गुरु व केतु का गोचर नवम भाव से रहेगा फलस्वरूप आध्यत्म की ओर झुकाव बड़ेगा, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, जो लोग उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह माह अच्छा सिद्ध होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए है उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, 23 सितंबर को राहु व केतु गोचर बदलकर क्रमशः दूसरे व अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें अन्यथा बनते हुए कार्य बिगड़ सकते हैं, वाहन सावधानी से चलाएं, तामसिक चीजों से परहेज करें, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, 25 सितंबर को अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, 14 सितंबर को परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, 19 से 21 सितंबर का समय भी आपके लिए अच्छा रहेगा, किसी मेहमान के आगमन के योग बनेंगे, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे व नजदीकियाँ बढ़ेंगी, घर में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा।
मेष राशिफल
कुल मिलाकर मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए सितंबर 2020 सामान्य रहेगा जिसमें किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, घर में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है 10 सितंबर के बाद स्वास्थ्य का ख्याल रखें व क्रोध और वाणी पर नियंत्रण रखें, दामपत्य जीवन अधिकांश ठीक रहेगा, वाहन सावधानी से चलाएं, माह की 3, 4, 5, 17, 18, 21, 22 व 23 तिथियाँ अधिक शुभ नही है अतः इस दौरान कोई भी रिस्क लेने से बचें, मेरे अनुसार मेष लग्न व मेष राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल दें व सुंदरकांड का पाठ करें तो लाभ होगा।
नजर दोष व उसके बचाव हेतु उपाय भाग: २—-Astrology Sutras
नजर दोष के उपाय
नजर दोष व उससे बचाव के लिए कुछ दिन पहले मैंने भाग: १ प्रकाशित किया था जिसे आज मैं आगे बढ़ाते हुए इसका दूसरा भाग प्रकाशित कर रहा हूँ जिसमें धर्म शास्त्र के अनुसार कुछ वैदिक उपाय बतायूँगा जिन्हें कर के भी नजर दोष से बचाव किया जा सकता है तो चलिए जानते हैं वह कौन से वैदिक उपाय हैं जिन्हें कर के हम नजर दोष को दूर कर सकते हैं:-
नजर दोष व उससे बचाव के उपाय भाग:-१ पढ़ने के लिए इस link पर जाएं
१. नित्य बजरंग बाण, हनुमान बाहुक व हनुमान चालीसा का पाठ करने से नजर दोष नही लगती है।
२. चाँदी की चेन या पंचमुखी रुद्राक्ष की माला गले में धारण करने से नजर दोष से सुरक्षित रहा जा सकता है।
३. यदि नजर दोष के कारण से धन संचय या धनार्जन में समस्या आ रही हो तो घर की छत के उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाकर नित्य उसकी पूजा करने से नजर दोष दूर हो जाती है।
४. जिस व्यक्ति को नजर लगी हो उसके सर पर से सेंधा नमक 7 बार उतार कर पानी में डाल दें (यह क्रिया काँच के गिलास में करनी है) जैसे-जैसे सेंधा नमक पानी में घुलता जाएगा नजर दोष दूर होती जाएगी।
५. बहुत लोगों से मैंने सुना है नजर लगने के कारण से उल्टी हो रही है ऐसी स्थिति में एक पान के पत्ते में गुलाब की 7 पंखुड़ी रखकर अपने इष्ट देव का ध्यान कर नजर दोष को दूर करने की प्राथना कर के व्यक्ति (जिसे नजर दोष के कारण से उल्टी हो रही हो) को खिलाने से नजर दोष दूर हो जाती है व उल्टी बंद हो जाती है।
नजर दोष: जानें नजर दोष के कुछ लक्षण व उनके अचूक उपाय “भाग:-१“
६. जिस व्यक्ति को नजर लगी हो उसके ऊपर से 7 लाल मिर्च (डंठल वाली) को 9, 11 या 21 बार उतार कर आग में जला देने से नजर दोष से तत्काल राहत मिलता है।
७. जिस व्यक्ति को नजर लग गयी हो उसके सर के ऊपर से थोड़ा सा दूध 3 बार उतार कर मिट्टी में बर्तन में डालकर कुत्ते को पिलाने से नजर दोष दूर हो जाती है। (यह क्रिया शनिवार व राविवार को की जाती है।)
८. जिस व्यक्ति को नजर लगी हो उसके सर पर से नींबू को 7 बार उतार कर उसे 4 भाग में काट कर किसी भी चौराहे पर (चारों दिशाओं में) फेंक देने से नजर दोष दूर हो जाती है।
९. अकसर लोगों से सुनने में आता है कि उनके बच्चे पर किसी की नजर लग गयी है जिस कारण से वह बहुत अधिक रोने लगता है इस परिस्थिति में लाल मिर्च, अजवायन और पीली सरसों को मिट्टी के छोटे से बर्तन में जलाकर उसके धुएं को बच्चे के सर पर से पैर तक 7 बार देने से लाभ मिलता है। (यह क्रिया करते समय एक मंत्र का जाप किया जाता है वह मंत्र जानने हेतु आप 9919367470 या 7007245896 पर संपर्क कर सकते हैं।)
१०. यदि गर्भवती महिलाओं को नजर लग जाए तो इस परिस्थिति में गोबर, गुड़ और रुई को एक छोटे दिए में जलाकर कमरे (जिस कमरे में गर्भवती महिला रहती हो) के द्वार के बीच में जला देने से नजर दोष दूर हो जाती है।
नजर दोष: जानें नजर दोष के कुछ लक्षण व उनके अचूक उपाय “भाग:-१”
११. यदि नजर दोष के कारण से व्यक्ति को भोजन करने की इच्छा न करती हो या भूख लगना बंद हो गयी हो उनके सर पर से रोटी में तेल लगाकर 7 बार उतार को काले कुत्ते को खिलाने से नजर दोष दूर हो जाती है।
१२. एक गिलास पानी को नजर लगे व्यक्ति के सर पर से 7 या 11 बार उतारकर उसे नाली में बहा देने से भी नजर दोष से लाभ मिलता है।
१३. माचिस की 4 तीली को नजर लगे व्यक्ति के सर पर से 7 बार उतार कर पाँचवीं तीली से जला देने से भी नजर दोष से लाभ मिलता है।
१४. कपूर, फिटकरी, सेंधा नमक को व्यक्ति के सर पर से 7 बार उतार कर जला देने से भी नजर दोष से लाभ मिलता है।
१५. जिस व्यक्ति को नजर लगी हो उसके सर पर से राई, कपूर, फिटकरी को 7 बार उतारकर किसी चौराहे पर जाकर जला देने से भी नजर दोष से लाभ मिलता है। (यह उपाय मौन व्रत धारण कर के करना चाहिए तथा मन में इष्ट देव के किसी भी मंत्र का जाप कर उनसे प्राथना करनी चाहिए जब तक उपाय संपन्न न हो जाए तब तक पीछे मुड़कर भी नही देखना चाहिए।)
नजर दोष व उसके बचाव हेतु उपाय भाग:१—-Astrology Sutras
नजर दोष दूर करने के उपाय
किसी व्यक्ति के साथ अच्छा होते-होते अचानक से बुरा होने लगता है जैसे कारोबार का मंद पड़ जाना, छोटे बच्चों का दूध न पीना, शिक्षा में व्यवधान आने लगना, बच्चों का स्वभाव अचानक से चिड़चिड़ा हो जाना, स्वास्थ्य में परेशानियाँ यह सभी नजर दोष के लक्षण होते हैं, ऐसा माना जाता है कि नजर लगने से व्यक्ति के अंदर की सकारात्मक ऊर्जा कम होने लगती है तथा वह नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव में आ जाते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के वराह संहिता ग्रंथ के शगुन विचार में नजर दोष का विस्तृत उल्लेख मिलता है अतः मैं वराह संहिता के शगुन विचार के अंतर्गत कुछ उपाय जिन्हें मैंने अपने अनुभव में सटीक पाया है वह आप सभी को बताता हूँ।
नजर दोष के उपाय
बच्चों को नजर लगे तो करें यह उपाय:-
१. यदि आपका बच्चा अचानक से दूध पीना बंद कर दे तो थोड़ा सा दूध बच्चे के सर पर से 3 बार उतारकर कुत्ते को पिलाने से नजर दोष से मुक्ति मिलती है।
२. यदि आपको किसी पर शक हो कि अमुक व्यक्ति की नजर मेरे बच्चे पर लगी है तो अपने बच्चे के सर पर से उक्त व्यक्ति का हाथ फिरवाने से लाभ मिलता है।
भोजन पर लगे नजर तो करें यह उपाय:-
यदि घर के किसी सदस्य के भोजन पर नजर लग गयी हो अर्थात उसे भूख न लगती हो या कुछ भी खाने से पेट खराब होने लगे तो उन सदस्य (जिनके भोजन पर नजर लगी हो) को थाल में से सभी भोज्य पदार्थ का कुछ-कुछ अंश एक पत्तल पर निकालकर उसे किसी तिराहे या चौराहे पर रख आएं।
विशेष:- यह उपाय करने के दौरान जब तक आप घर पुनः वापस आकर हाथ, पैर और मुँह न धो लें तब तक आपको पीछे मुड़कर नही देखना चाहिए।
यदि आपके व्यापार को नजर लग जाए तो करें यह उपाय:-
१. यदि आपके व्यापार पर किसी की नजर लग गयी हो जिससे आपका चलता हुआ व्यापार एकदम से मंद पड़ जाए तो अपने कार्यस्थल पर मंगलवार और शनिवार के दिन नींबू-मिर्च लटका दें।
विशेष:- नींबू-मिर्च प्लास्टिक वाले नही होने चाहिए।
२. यदि आपकी नौकरी पर किसी की नजर लग गयी हो तो नित्य गणेश जी के चरणों में अर्पित दूर्वा घास अपनी जेब या पर्स में रखें लाभ होगा।
यदि घर के किसी सदस्य को नजर दोष के कारण स्वास्थ्य में समस्या आ रही हो तो करें यह उपाय:-
१. यदि घर के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में नजर दोष के कारण से कोई समस्या निरंतर बनी रह रही हो तो उन सदस्य (जिनके स्वास्थ्य में नजर दोष के कारण से समस्या आ रही हो) उनको एक जगह लिटाकर फिटकरी के एक छोटे से टुकड़े को उनके सर से पैर तक 7 बार उतारें तथा प्रत्येक बार पैर के तलवे से फिटकरी का स्पर्श अवश्य कराएं तदोपरांत उस फिटकरी को गोहरी व देसी घी के माध्यम से जला दें तत्काल लाभ होगा।
२. जिन व्यक्ति को नजरदोष के कारण से स्वास्थ्य में समस्या निरन्तर बनी रह रही हो उनके सर पर से राई और 7 लाल मिर्च को 7 बार उतार कर जला दें लाभ होगा।
पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए इसका दूसरा भाग जल्द ही प्रकाशित करूँगा।
वैदिक ज्योतिष के यह 10 अचूक उपाय कर के आप किसी भी ग्रह के दुष्प्रभाव को कम कर सकते हैं
नव ग्रहों के उपाय
वैदिक ज्योतिष में प्रत्येक ग्रहों के अनगिनत उपाय बताए गए हैं उनमें से मैं आप सभी को 10 ऐसे उपाय बताने जा रहा हूँ जिन्हें प्रत्येक व्यक्ति नित्य बड़ी सरलता के साथ कर सकते हैं तथा इन उपायों से नव ग्रह के उपाय हो जाते हैं तो चलिए जानते हैं वह 10 कौन से उपाय है जिनसे हम ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम कर सकते हैं।
वैदिक ज्योतिष के 10 अचूक उपाय:-
१. नित्य शिवलिंग पर दुग्ध मिश्रित जल से अभिषेक करने के बाद चावल मिश्रित काला तिल “ॐ नमः शिवायः” मंत्र का जाप करना चाहिए।
२. नित्य गणेश जी को दूर्वा घास अर्पित कर “गणेश संकटनाशन स्तोत्र” का पाठ करना चाहिए तथा पूजा संपन्न होने पर प्रसाद स्वरूप गणेश जी के चरणों से दूर्वा घास की 1 पत्ती लेकर बाहर जाना चाहिए इसे अपने पास रखकर घर के बाहर निकलने से मार्ग में आने वाली सारी नकारात्मक ऊर्जा आपसे दूर रहती है।
३. नित्य किसी भी वृक्ष के नीचे (जहाँ चीटियाँ हों) नारियल का बुरादा डालने से बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
४. नित्य पूजा संपन्न करने के पश्चात और सूर्यास्त के समय घर के दक्षिण भाग पर तेल का दीपक अपने पितरों को अर्पित करने से पितरों के आशीर्वाद से सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
५. नित्य आदित्य हिर्दय स्तोत्र का पाठ कर के (ब्राह्मणों को प्रातः संध्या करने के बाद नित्य आदित्य हिर्दय का स्तोत्र पढ़ना चाहिए) ही घर के बाहर निकलना चाहिए ऐसा करने से व्यक्ति को प्रत्येक कार्य में विजय प्राप्त होती है। (पद्म पुराण के अनुसार राम जी ने युद्ध के अंतिम दिवस आदित्य हिर्दय स्तोत्र का पाठ कर ही रावण पर विजय प्राप्त की थी।)
६. नित्य गौ ग्रास गाय को देने के बाद ही भोजन आरंभ करना चाहिए इससे माँ लक्ष्मी की कृपा बरसती है जिससे मन प्रसन्न रहता है।
७. गाय को नित्य हरा साग, गुण, चावल खिलाना चाहिए।
८. प्रदोष व्रत से चंद्रमा व गणेश चतुर्थी व विनायक चतुर्थी के व्रत से मंगल के शुभ प्रभाव प्राप्त होते हैं।
९. हर शनिवार किसी कुष्ठ रोगी को कुछ दान देना चाहिए तथा पीपल वृक्ष के समक्ष तिल के तेल का दीपक (काला तिल मिश्रित) अर्पित कर शनि स्त्रोत का पाठ करना चाहिए इससे शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
१०. नित्य हनुमान जी को घी का दीपक अर्पित कर सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए इससे जीवन की प्रत्येक बाधाओं से मुक्ति मिलती है तथा असाध्य कार्य भी सरलता से संपन्न होते हैं।
काशी में स्थित बटुक भैरव का हरियाली एवं जल बिहार श्रृंगार महादेव के बालरूप दर्शन कर भक्त हुए निहाल
बाबा बटुक भैरव
वाराणसी (काशी ) के कमच्छा क्षेत्र में महादेव के बालरूप बटुक भैरव जी का प्रसिद्ध मंदिर है जहाँ प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी हरियाली एवं जल बिहार श्रृंगार किया गया आज के दिन के बाबा के इस श्रृंगार की भक्तगण सदैव प्रतीक्षा करते हैं, हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी प्रातः 5 बजे बटुक भैरव जी का पंचामृत से स्नान करा कर मंगला आरती संपन्न की गई तथा रात्रि 9 बजे बटुक भैरव जी की महा आरती 1008 दीपों एवं सवा किलो कपूर के साथ संपन्न की गई तथा 51 डमरूओं के साथ आरती गान किया गया।
मंगल का मेष राशि से गोचर 16 अगस्त 2020: जानें किन राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा
मंगल का मेष राशि से गोचर
मंगल ग्रह:-
मंगल देव
भूमि पुत्र मंगल, लोहितांग के नाम से भी जाने जाते हैं जो कि शिव जी के पसीने से उत्पन्न हुए थे और देवी पृथ्वी के आग्रह करने पर शिव जीने उन्हें सौंपा था, मंगल ग्रह को नव ग्रहों में सेनापति के नाम से जाना जाता है जो कि शक्ति, पराक्रम व ऊर्जा के ग्रह हैं इनका वर्ण रक्त अर्थात लाल है यदि मंगल किसी व्यक्ति की कुंडली में द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम व द्वादश भाव में हो तो कुज दोष जिसे हम सभी मंगल दोष के नाम से जानते हैं बनता है जो कि दामपत्य जीवन के लिए शुभ नही माना जाता है किंतु यदि यही मंगल राजयोगकारक हो जाए तो अनेक प्रकार शुभ प्रभावी हो जाता है।
मेष व वृश्चिक मंगल कीस्वराशि है अर्थात मेष व वृश्चिक राशि का स्वामित्व मंगल ग्रह के पास है, मंगल ग्रह मकर राशि में उच्च के तो कर्क राशि में नीच के हो जाते हैं मंगलग्रह के इस गोचर परिवर्तन का विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रभाव पड़ेगा तो चलिए जानते हैं मंगलग्रह के मेषराशि से गोचर के दौरान किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
गोचर काल की अवधि:-
गोचरकाल अवधि
मंगल ग्रह जो देवी पृथ्वी के पुत्र व नव ग्रहों में सेनापति के नाम से जाने जाते हैं 16 अगस्त 2020 की रात्रि के 8 बजकर 37 मिनट पर देव गुरु वृहस्पति की मीन को छोड़कर अपनी स्वराशि मेष में प्रवेश करेंगे तथा मेष राशि में ही 10 सितंबर को वक्री हो जाएंगे व 4 अक्टूबर को मंगल वक्री रहते हुए एक बार पुनः मीन राशि में प्रवेश करेंगे तथा मीन राशि में रहते हुए 14 नवंबर को मार्गी हो जाएंगे और 24 दिसंबर को एक बार पुनः अपनी स्वराशि मेष में प्रवेश कर जाएंगे जिनका विभिन्न राशियों पर भिन्न-भिन्न प्रभाव देखने को मिलेगा तो चलिए जानते हैं मंगल के मेष राशि से गोचर के दौरान किन राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
मंगल के मेष राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-
मंगल मेष राशि में 12 राशियाँ होंगी प्रवभावित
मेष राशि:-
मेष राशिफल
मेष राशि वालों के लिए मंगल पहले भाव के साथ-साथ अष्टम भाव के स्वामी भी होते हैं जो कि आपके प्रथम भाव अर्थात लग्न से गोचर करेंगे फलस्वरूप आपके रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, यदि आप किसी नए कार्य की शुरूवात करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह समय काफी अच्छा रहेगा, आप खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें अन्यथा बनते हुए कार्य बिगड़ सकते हैं, व्यापारियों के लिए मंगल का यह गोचर उतना सहायक सिद्ध नही होगा अतः व्यापार वृद्धि हेतु कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझकर ही लें, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, आवेश में आने से बचें, माता से वैचारिक मतभेद व माता को कष्ट संभव रहेगा, घर के माहौल में कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें व गर्म चीजों के सेवन से परहेज करें।
वृषभ राशि:-
वृषभ राशिफल
वृषभ राशि वालों के लिए मंगल सप्तम व द्वादश भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके द्वादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप यात्राओं के योग बनेंगे, विदेश या परदेश से लाभ प्राप्त हो सकता है, जो लोग उच्च शिक्षा हेतु बाहर जाना चाहते हैं उनके लिए मंगल का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, शत्रुओं से सावधान रहें, नौकरी पेशा व व्यापारी वर्ग के लिए मंगल का यह गोचर अधिक शुभ नही है अतः धैर्य से कार्य करें, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद न करें, आग से चोट या फोड़े-फुंसी, घाव की समस्या रह सकती है, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, पराक्रम में वृद्धि होगी, आवेश में आकर निर्णय लेने से बचें।
मिथुन राशि:-
मिथुन राशिफल
मिथुन राशि वालों के लिए मंगल छठे व ग्याहरवें भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके एकादश भाव से गोचर करेंगे अतः यह समय नौकरी पेशा लोगों के लिए काफी अच्छा रहेगा, आय में वृद्धि होगी, प्रमोशन की संभावनाएं बनेंगी, जो लोग पार्टनरशिप में काम करते हैं उनके लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, जीवनसाथी से विवाद संभव है, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, यदि आप कर्ज लेना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए काफी अच्छा रहेगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, कुटुंब से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, जब-जब चंद्रमा कर्क राशि से गोचर करेंगे धन लाभ के योग बनेंगे, व्यय में वृद्धि होगी जिस कारण से धन संचय में कुछ परेशानी अनुभव होगी।
कर्क राशि:-
कर्क राशिफल
कर्क राशि वालों के लिए मंगल पंचम व दशम भाव अर्थात त्रिकोण व केंद्र के स्वामी होकर राजयोगकारक हो जाते है जो कि आपके दशम भाव से गोचर करेंगे दशम भाव में मंगल को दिग्बल प्राप्त होने से मंगल अत्यधिक शक्तिशाली फल का दाता बन जाता है फलस्वरूप रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, वाहन सुख या कोई संपत्ति के प्राप्त होने के या क्रय करने के योग बनेंगे, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, आय में वृद्धि व बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, स्वस्थ्य का विशेष ख्याल रखें व क्रोध और वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, आग, वाहन, हथियार से चोट या फोड़े-फुंसी, रक्त जनित कोई समस्या हो सकती है, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, नवदंपत्तियों के लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, प्रेमियों के लिए यह समय मिला-जुला रहेगा।
सिंह राशि:-
सिंह राशिफल
सिंह राशि वालों के लिए मंगल चतुर्थ व नवम अर्थात केंद्र व त्रिकोण के स्वामी होकर राजयोगकारक हो जाते है जो कि आपके नवम भाव से गोचर करेंगे, मंगल का यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ रहेगा संतान का उत्तम सुख प्राप्त होगा, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, विद्यार्थियों के लिए यह समय बहुत अच्छा सिद्ध होगा, प्रेमियों के लिए भी यह गोचर अच्छा रहने वाला है बस अपनी वाणी पर थोड़ा नियंत्रण रखें, दामपत्य जीवन भी अधिकांश अच्छा रहेगा, कोई भी निर्णय सोच-समझकर व बड़ों से सलाह कर के ही लें, व्यापारियों के लिए मंगल का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन या नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी, जीवनसाथी के साथ किसी यात्रा पर जा सकते हैं, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, छोटे भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, पराक्रम में वृद्धि होगी, घर के माहौल में कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होने के कारण से मन अप्रसन्न रह सकता है।
कन्या राशि:-
कन्या राशिफल
कन्या राशि वालों के लिए मंगल तृतीय व अष्टम भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः आपके घर के माहौल में तनाव की स्थिति रह सकती है, जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, ससुराल पक्ष के लोगों से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, जिनकी उम्र 55 वर्ष से अधिक हो या जिन्हें रक्त जनित कोई समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, आग से चोट, घाव, फोड़े-फुंसी, ज्वर की समस्या रह सकती है, आय को लेकर कुछ तनाव बना रह सकता है, बड़े भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, पराक्रम में वृद्धि होगी, आवेश में आकर कोई भी निर्णय लेने से बचें।
तुला राशि:-
तुला राशिफल
तुला राशि वालों के लिए मंगल द्वितीय व सप्तम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप जीवनसाथी से चला आ रहा विवाद समाप्त होगा, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है, कार्य के सिलसिले से यात्राओं के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, व्यापारियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, आप खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे, आय में वृद्धि होगी, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा, किसी के साथ व्यर्थ विवाद में न पड़ें।
वृश्चिक राशि:-
वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल पहले व छठे भाव के स्वामी होकर षष्ठ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, स्वास्थ्य में सुधार होगा, आपके संकल्प पूर्ण होंगे, खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे, फोड़े-फुंसी, आग से चोट या किसी प्रकार का घाव लगने की संभावना रहेगी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए मंगल का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में विजय प्राप्त होगी, वाहन सावधानी से चलाएं, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा किंतु कभी-कभी भाग्य की महान शक्ति प्राप्त होगी, यात्राओं के योग बनेंगे, जीवनसाथी के साथ किसी रोमैंटिक यात्रा पर भी जा सकते हैं, घर में मांगलिक कार्यक्रम होने के योग बनेंगे, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें तथा किसी से भी व्यर्थ विवाद न करें बाकी मंगल का यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ रहेगा।
धनु राशि:-
धनु राशिफल
धनु राशि वालों के लिए मंगल पंचम व द्वादश भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप प्रेमियों के लिए यह गोचर बेहद शुभ होगा, प्रेम संबंधों में नजदीकियाँ बढ़ेंगी, विद्यार्थियों के लिए यह गोचर शुभ रहेगा, जो लोग पढ़ाई हेतु बाहर जाना चाहते हैं उनके लिए बाहर जाने के योग बनेंगे, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग प्राप्त होगा, नवदंपत्तियों के लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, स्वभाव में लचीलापन लाने का प्रयास करें क्योंकि आपका स्वभाव कुछ कठोर व रूखा रहेगा, नौकरी पेशा लोगों को लाभ मिलने के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आपकी संतान अच्छी नौकरी में है व घर खरीदने का सोच रही है तो आपकी संतान को घर का सुख प्राप्त होगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जीवनसाथी की वाणी थोड़ी गर्म मिजाज की रहेगी।
मकर राशि:-
मकर राशिफल
मकर राशि वालों के मंगल चतुर्थ व एकादश भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप भूमि व मकान सुख प्राप्त होने के योग बनेंगे, यदि आप लंबे समय से कोई संपत्ति बेचने का प्रयास कर रहे हैं तो वह अच्छे दाम में बिक जाएगी, घर के वातावरण में खुशियों का माहौल रहेगा जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, घर में किसी शुभ कार्य के होने के योग बनेंगे, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, व्यापारियों के लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, समाज में मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी।
कुंभ राशि:-
कुंभ राशिफल
कुंभ राशि वालों के लिए मंगल तीसरे व दसवें भाव के स्वामी होकर आपके तीसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप छोटे भाई-बहन का पूर्ण सहयोग मिलेगा व उनकी उन्नति होगी, आप अपने पराक्रम से आय वृद्धि के नए स्त्रोत बनाएंगे, व्यापारियो के लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा, पिता की उन्नति होगी व पिता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, नौकरी पेशा लोगों के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा, सीनियर आपके काम से खुश रहेंगे, प्रमोशन के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, फालतू विवाद में न पड़ें, आवेश मनाकर कोई भी निर्णय लेने से बचें, मामा पक्ष से विवाद संभव है, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें।
मीन राशि:-
मीन राशिफल
मीन राशि वालों के लिए मंगल दूसरे व नवम भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे, फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा, पिता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, प्रमोशन के योग बनेंगे, लंबे समय से चली आ रही बीमारी में लाभ होगा, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, संतान को कष्ट संभव रहेगा, विद्यार्थियों के लिए मंगल का यह गोचर मिला-जुला रहेगा, गर्म चीजों के सेवन से परहेज करें, यदि आपको हार्मोन्स से संबंधित परेशानी या रक्त विकार की समस्या हो तो स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा।
सूर्य का सिंह राशि से गोचर 16 अगस्त 2020: जानें किन राशि वालों की चमक जाएगी किस्मत
सूर्य का सिंह राशि से गोचर
सूर्य16 अगस्त 2020 को रात्रि के 7 बजकर 27 मिनट पर कर्क राशि को छोड़कर अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे जिस कारण से सूर्य की कर्क की सक्रांति समाप्त होकर सूर्य की सिंह की सक्रांति लगेगी, सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की सक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, सूर्य एक राशि में 30 दिन तक गोचर करते हैं जिसका विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है तो चलिए जानते हैं सूर्य के सिंहराशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-
सूर्य के सिंह राशि में गोचर से पड़ने वाले प्रभाव
मेष राशि:-
मेष राशिफल
मेष राशि वालों के सूर्य पंचम भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप संतान की उन्नति होगी व संतान का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, प्रेमियों के मध्य क्षणिक विवाद संभव रहेगा, आय सामान्य रहेगी, वाणी पर नियंत्रण रखें।
वृषभ राशि:-
वृषभ राशिफल
वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे अतः माता का सहयोग मिलेगा, दामपत्य जीवन सामान्य रहेगा, प्रमोशन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें व तामसिक चीजों से परहेज करें।
मिथुन राशि:-
मिथुन राशिफल
मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति भी होगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, किसी उच्च अधिकारी से मुलाकात संभव है, यात्राओं के योग बनेंगे, आवेश में आकर कोई भी निर्णय लेने से बचें, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा।
कर्क राशि:-
कर्क राशिफल
कर्क राशि वालों के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे आय वृद्धि के योग बनेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, वाहन सावधानी से चलाएं, नेत्रों में जलन, दर्द या चोट लगने की संभावना रहेगी, अचानक धन लाभ हो सकता है।
सिंह राशि:-
सिंह राशिफल
सिंह राशि वालों के लिए सूर्य पहले भाव के स्वामी होकर प्रथम भाव अर्थात लग्न से गोचर करेंगे फलस्वरूप देह में स्फूर्ति बनी रहेगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, सर दर्द या ज्वर होने की संभावना रहेगी।
कन्या राशि:-
कन्या राशिफल
कन्या राशि वालों के लिए सूर्य द्वादश भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे यात्राओं के योग बनेंगे, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद न करें, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, सर दर्द, ज्वर, नेत्रों में जलन, दर्द या चोट लगने की संभावना रहेगी, आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी।
तुला राशि:-
तुला राशिफल
तुला राशि वालों के लिए सूर्य एकादश भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, मित्रों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा व उनसे लाभ भी होगा, जीवनसाथी से विवाद संभव रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनका पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, नए कार्य की शुरुवात हो सकती है।
वृश्चिक राशि:-
वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे दशम भाव में सूर्य को दिग्बल प्राप्त होने के कारण से सूर्य अत्यधिक शक्तिशाली फल का दाता बन जाता है फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त हो सकती है, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, प्रमोशन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, क्रोध पर नियंत्रण रखें, माता के स्वास्थ्य में कुछ समस्या रह सकती है।
धनु राशि:-
धनु राशिफल
धनु राशि वालों के लिए सूर्य नवम भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी, पिता से वैचारिक मतभेद संभव है, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, सांतान प्राप्ति के योग बनेंगे, भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव है।
मकर राशि:-
मकर राशिफल
मकर राशि वालों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप पैतृक संपत्ति प्राप्त होने के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, जीवनसाथी के वाणी व स्वभाव में तेजी अनुभव होगी जिस कारण उनसे क्षणिक विवाद संभव है, गर्म चीजों के सेवन से परहेज करें, पेट की समस्या हो सकती है।
कुंभ राशि:-
कुंभ राशिफल
कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप दामपत्य जीवन मिला-जुला रहेगा, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें।
मीन राशि:-
मीन राशिफल
मीन राशि वालों के लिए सूर्य छठे भाव के स्वामी होकर छठे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, जिनकी उम्र 55 वर्ष से अधिक है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा।
दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सबसे सरल विधि जानें, कैसे ज्ञात किया जाए कि व्यक्ति का जन्म किस दशा में हुआ है व उस दशा का भोग्यवर्ष क्या होगा।
प्रत्येक ग्रह की दशा में ९ ग्रह की अंतर्दशा होती है जैसे सूर्य की महादशा में पहली अंतर्दशा सूर्य की, दूसरी चंद्र की, तीसरी मंगल की, चतुर्थ राहु की, पांचवीं गुरु की, छठी शनि की, सातवीं बुध की, आठवीं केतु की व नौवीं शुक्र की इसी प्रकार अन्य ग्रहों में भी समझना चाहिए आशय यह है कि जिस ग्रह की दशा हो उससे सूर्य, चंद्र, भौम के क्रमानुसार अन्य नवग्रहों की अन्तर्दशाएँ होती हैं।
अंतर्दशा निकालने का एक सबसे सरल नियम यह है कि दशा-दशा का परस्पर गुणा कर १० से भाग देने से लब्ध मास और शेष को ३ से गुणा करने से दिन होंगे।
दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सबसे सरल विधि जानें, कैसे ज्ञात किया जाए कि व्यक्ति का जन्म किस दशा में हुआ है व उस दशा का भोग्यवर्ष क्या होगा।
१. सूर्य:- ६ वर्ष २. चंद्र:- १० वर्ष ३. मंगल:- ७ वर्ष ४. राहु:- १८ वर्ष ५. गुरु:- १६ वर्ष ६. शनि:- १९ वर्ष ७. बुध:- १७ वर्ष ८. केतु:- ७ वर्ष ९. शुक्र:- २० वर्ष
उदहारण:-
सूर्य की दशा में अंतर्दशा निकालनी हो तो सूर्य के दशा वर्ष ६ का सूर्य के ही दशा वर्षों से गुणा किया तो:-
६×६= ३६
३६÷१०= ३ मास, शेष ६
६×३= 18 दिन
अर्थात ३ मास १८ दिन सूर्य की अंतर्दशा रहेगी।
इसी तरह सूर्य की दशा मे अन्य ग्रहों की अंतर्दशा:-
चंद्रमा:-
६×१०= ६०, ६०÷१०= ६ मास।
मंगल:-
६×७= ४२, ४२÷१०= ४ मास शेष २, २×३= ६ दिन अर्थात ४ मास ६दिन।
राहु:-
६×१८= १०८, १०८÷१०= १० मास शेष ८, ८×३= २४ दिन अर्थात १० मास २४ दिन।
दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सरल विधि—-Astrology Sutras
दशा और आपके प्रश्न
जन्म के समय किस ग्रह की दशा थी और कितनी दशा भोग्य थी यह ज्ञात करने की सबसे सरल विधि को प्रस्तुत करता हूँ जो कि ज्योतिष के विद्यार्थियों के लिए तो वरदान साबित होगी ही साथ ही जनसामान्य भी इसको सरलता से ज्ञात कर सकेंगे तो सबसे पहले हम यह जानने का प्रयास करते हैं कि व्यक्ति का जन्म किस ग्रह की दशा में हुआ है।
किस ग्रह की दशा में हुआ व्यक्ति का जन्म:-
दशा ज्ञात करने की विधि
व्यक्ति के जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होंगे उस नक्षत्र के स्वामी की दशा में व्यक्ति का जन्म होता है।
नक्षत्र व उनके स्वामी का विवरण इस प्रकार है:-
१. कृतिका, उत्तराफाल्गुनी और उत्तराषाढ़ा के स्वामी सूर्य होते हैं जिनकी दशा 6 वर्ष की होती है।
२. रोहिणी, हस्त और श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा होते है जिनकी दशा 10 वर्ष की होती है।
३. मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल होते हैं जिनकी दशा 7 वर्ष की होती है।
४. आर्द्रा, स्वाती और शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु होते हैं जिनकी दशा 18 वर्ष की होती है।
५. पुनर्वसु, विशाखा और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुरु होते हैं जिनकी दशा 16 वर्ष की होती है।
६. पुष्य, अनुराधा और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि होते हैं जिनकी दशा 19 वर्ष की होती है।
७. आश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध होते हैं जिनकी दशा 17 वर्ष की होती है।
८. मघा, मूल और अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु होते हैं जिनकी दशा 7 वर्ष की होती है।
९. पूर्वाफाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा और भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र होते हैं जिनकी दशा 20 वर्ष की होती है।
दशा का भोग्यकाल ज्ञात करने की सरल विधि:-
दशा का भोग्यकाल ज्ञात करने की सरल विधि
जन्म के समय किसी ग्रह की कितनी दशा भोग्य थी यह ज्ञात करने के लिए सर्वप्रथम यह देखिए कि जन्म के समय किस नक्षत्र में है और जन्म के बाद कितने समय/घड़ी तक उस नक्षत्र में रहेगा, जितने समय/घड़ी तक चंद्रमा उस नक्षत्र में और रहेगा उन घड़ियों/समय को महादशा के मान से गुणा कर के 60 से भाग देने पर हमें यह ज्ञात हो जाता है कि दशा का भोग्यकाल कितना रहेगा।
उदाहरण:-
मान लीजिए जन्म के समय पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ व उसके 20 घड़ी शेष थे ऊपर मैंने बताया है कि पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु होते हैं जिनकी दशा 16 वर्ष की होती है अतः अब हम गुरु की कितनी दशा मनुष्य जन्म के बाद भोगेगा यह निकालते है:-
20×16 16 ———— = ——— = 5 शेष 4 60 6
अर्थात 5 वर्ष 4 माह और वह व्यक्ति जन्म के बाद गुरु की दशा भोगेगा।