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Astrology Sutras/Logics

नक्षत्र व उनके नाम:-

नक्षत्र क्या है:-

आप सभी ने ज्योतिष में ग्रहों के साथ-साथ नक्षत्रों का नाम बहुत सुना होगा लेकिन नक्षत्र है क्या यह बहुत ही कम लोगों को पता होगा तो मैं आप सभी को सरल शब्दों में यह बताने का प्रयास करता हूँ कि आखिर नक्षत्र क्या है।

तारागण में से ही कतिपय को महर्षियों ने नक्षत्र नाम से पुकारा है, यदि हमें एक जगह से दूसरी जगह पर जाना पड़े और उस स्थान तक पहुंचने के लिए सड़क भी हो तो जब तक उस सड़क का विभाग किसी रीति से जैसे कोस या मील द्वारा न किया जाए तब तक यह कहना कि अमुक घटना उस सड़क पर चलते हुए किस स्थान में हुई थी बड़ा ही कठिन होगा इसलिए सड़कों को माइलों में विभक्त करने की प्रणाली है और प्रति माइल को भी चार भागों में बांटकर १/२, १/४ इत्यादि चिन्ह दे दिया गया इन चिन्हों के द्वारा किसी घटना के स्थान को बड़ी ही सरलता से बतलाया जा सकता है जैसे अमुक घटना इतनी माइल तय करने पर दसवें माइल के चतुर्थांश या अर्धांश पर हुई।

अतएव महर्षियों ने आकाश-मंडल के तारों की पूर्व-पश्चिम गति से २७ भागों में विभक्त किया है तथा प्रति भाग का नाम नक्षत्र रखा है इसलिए आप यदि ध्यान देकर देखेंगे तो यह प्रतीत होगा कि इन २७ नक्षत्रों की एक माला पृथ्वी के चारों ओर (पूर्व से पश्चिम) दिशा की ओर पड़ी हुई है।

कई तारों के समुदाय को ही नक्षत्र कहते हैं उन तारों को एक दूसरे से युक्ति पूर्वक रेखा द्वारा मिला देने से कहीं अश्व, कहीं शिर, कहीं गाड़ी और कहीं सर्पादि का चिन्ह बन जाता है (1. अश्विनी, 2. भरणी, 3. कृत्तिका , 4. रोहिणी, 5. मृगशिरा, 6. आद्रा, 7. पुनर्वसु, 8. पुष्य, 9. अश्लेषा , 10. मघा, 11. पूर्वाफाल्गुनी, 12. उत्तराफाल्गुनी, 13. हस्त, 14. चित्रा, 15. स्वाती, 16. विशाखा, 17. अनुराधा, 18. ज्येष्ठा, 19. मूल, 20, पूर्वाषाढा, 21. उत्तराषाढा, 22. श्रवण , 23. धनिष्ठा, 24. शतभिषा, 25. पूर्वाभाद्रपद, 26. उत्तराभाद्रपद, 27. रेवती।) यह 27 नक्षत्रों के नाम हैं।

तात्पर्य यही है कि इस भूमण्डल के चारों तरफ जो तारागण है जिन्हें महर्षियों ने २७ नक्षत्रों के नाम से पुकारा उनके द्वारा आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति का ठीक-ठीक बोध होता है जैसे सड़क के पथिक को मील चिन्ह से कहना सुगम होता है कि अमुक दूरी पर पहुंच गया, उसी तरह ज्योतिषियों को यह कहना सरल होगा कि अमुक ग्रह, अमुक समय में, अमुक नक्षत्र में था या है।

यदि इसको दूसरे शब्दों में समझें तो पुराणों में इन 27 नक्षत्रों का उल्लेख प्रजापति दक्ष की पुत्रियों के रूप में किया है जिनका विवाह चन्द्रमा के साथ हुआ था, पुराणों के अनुसार ऋषि मुनियों ने आकाश का विभाजन 12 बराबर हिस्सों में कर दिया था जिन्हें हम 12 अलग-अलग राशियों मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन के नाम से जानते हैं इनके और सूक्ष्‍म अध्‍यन के लिए ऋषि मुनियों ने इन्हें 27 बराबर भागों में बांट दिया, जिसके परिणाम स्वरुप एक राशि में 2.25 नक्षत्र आते हैं, चन्द्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा को 27.3 अर्थात लगभग 28 दिन में पूरी करता है वैदिक ज्योतिषी के अनुसार चन्द्रमा प्रतिदिन लगभग एक भाग (नक्षत्र) की यात्रा करता है नक्षत्रों की गढ़ना के बिना सही फलकथन नही किया जा सकता है इसलिए नक्षत्र हमारे वैदिक ज्योतिष के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
9919367470

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Gochar Fal Prediction

मीन लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

मीन लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 अच्छा रहेगा अभी तक कर्म स्थान पर शनि का गोचर होने के कारण से कार्य क्षेत्र में बाधाएं आ रही थी और प्रमोशन रुका हुआ था साथ ही बिज़नेस में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले वर्ष 2020 में इन सभी से राहत मिलेगी दसवें भाव में आया हुआ गुरु और लाभ भाव से गोचर कर रहा शनि बेहद शुभ रहेगा, लग्नेश गुरु दसवें भाव से अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर करेंगे जो कि जीवन में स्थिरता लाएंगे, जो लोग पिछले ढाई वर्ष से प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे उनका प्रमोशन होगा, बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलेगी, कार्य स्थल में बदलाव भी संभव है, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा वर्ष 2019 में मीन लग्न वालों को संतान का सुख मिला जो लोग संतान की चाह रख रहे थे उन्हें संतान प्राप्त हुई अब वर्ष 2020 में उन्नति होगी, आय में वृद्धि होगी, भूमि-मकान का सुख प्राप्त होगा, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, घर के माहौल में शांति अनुभव होगी, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा।
29 मार्च 2020 को गुरु गोचर परिवर्तन कर अपनी नीच राशि मकर राशि में जाएंगे जहाँ अपनी ही राशि से गोचर कर रहे शनि से युति कर के नीचभंग राजयोग बनाएंगे फल स्वरूप आय में वृद्धि होगी, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनकी उन्नति होगी, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके प्रेम विवाह के योग बनेंगे, नए मित्र बनेंगे, दाम्पत्य सुख अच्छा रहेगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, ज्यादा चिकनाई वाली चीजों से परहेज करें नही तो पेट की समस्या हो सकती है।
अभी सितंबर 2020 तक राहु का गोचर चतुर्थ भाव से रहेगा जिस कारण से सितंबर 2020 तक मन में अशांति अनुभव होगी, यदि आप घर खरीदना चाहते हैं तो सितंबर तक और इंतजार करें तो अच्छा रहेगा, दसवें घर से केतु का गोचर अचानक से कार्य क्षेत्र में सफलता देगा, 24 जनवरी 2020 से शनि का गोचर ग्याहरवें भाव से होने के कारण से आय के नए स्त्रोत बनेंगे, जीवन में भागा-दौड़ी रहेगी, वाहन सावधानी से चलाएं, फिजूल के खर्चे होंगे, यदि भ्रष्टाचार से जुड़ा करते हैं तो सतर्क रहें जेल यात्रा हो सकती है, अध्यात्म की ओर झुकाव रहेगा, जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उन्हें सरकारी नौकरी प्राप्त होगी, कोई तीसरा व्यक्ति आपके व आपकी पत्नी/प्रेमिका के बीच संबंध में कड़वाहट ला सकता है, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें।
कुल मिलाकर मीन लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 अच्छा रहेगा जिसमें भूमि-मकान का सुख प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, प्रमोशन मिलेगा, नौकरी परिवर्तन हो सकता है, वर्ष के शुरुवात मतलब अप्रैल से जून तक प्रेम विवाह के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, सितंबर बाद से घर का माहौल अच्छा होगा, मन में संतोष अनुभव होगा, मेहनत का पूर्ण फल मिलेगा, अध्यात्म की ओर झुकाव बढेगा मेरे अनुसार यदि मीन लग्न के व्यक्ति विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें व मधुराष्टकं का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।
बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।
जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
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Prediction Rashifal

शनि का मकर राशि से गोचर:-

24 जनवरी 2020 को मौनी अमावस्या के दिन मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं शनि 20 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 9 मिनट 58 सेकंड पर धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में चले गए हैं जिसका प्रत्येक राशि पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा तो चलिए जानते हैं कि शनि का मकर राशि से गोचर के दौरान किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

शनि के मकर राशि में प्रवेश करने से धनु, मकर व कुंभ राशि पर साढ़ेसाती व मिथुन और तुला राशि वालों पर ढैया का प्रभाव रहेगा।

1. मेष राशि:- शनि का गोचर आपके कर्म भाव अर्थात दसवें भाव से होगा जिस कारण से जीवन में कुछ स्थायित्व आएगा, जिनकी उम्र 36 वर्ष के आस-पास है उनके लिए यह गोचर सफलता के नए मार्ग लेकर आएगा व अचानक से कोई बड़ी सफलता प्राप्त होगी, नौकरी में परिवर्तन या प्रमोशन होने के योग बनेंगे, जो लोग बेरोजगार हैं उन्हें नौकरी मिलेगी, कार्यस्थल पर आपके सीनियर आपकी प्रशंसा करेंगे, व्यापारियों के लिए शनि का यह गोचर मिला-जुला रहेगा, पार्टनरशिप में यदि आपका बिज़नेस है तो नुकसान हो सकता है, धोखा मिलने के योग हैं, स्वास्थ्य के लिहाज से शनि का यह गोचर बहुत शुभ नही रहेगा, विवाह के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, वाहन सावधनी से चलाएं।

उपाय:- सुंदरकांड का पाठ करें।

2. वृषभ राशि:- वृषभ राशि वालों के लिए शनि का यह गोचर अच्छा रहेगा लंबे समय से रुके कार्य पूरे होंगे, नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रमोशन के योग बनेंगे, सरकारी नौकरी वालों के लिए यह वर्ष संघर्ष भरा रहेगा, विदेश यात्रा के योग बनेंगे, व्यापारियों को शत्रुओं से हानि हो सकती है, जल्दबाजी में निर्णय लेने पड़ सकते हैं जिससे आपको नुकसान पहुंचेगा, किसी से प्रेम करते हैं तो यह अच्छा समय सिद्ध होगा, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, यदि आपकी संतान है तो उनकी उन्नति होगी, त्वचा रोग हो सकता है, जिनकी उम्र 55-60 या उसके ऊपर है उन्हें अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा।

उपाय:- 8 शनिवार के दिन किसी गरीब को काली चप्पल दान करें।

3. मिथुन राशि:- मिथुन राशि वालों के अष्टम भाव से शनि का गोचर होगा अष्टम से शनि का गोचर शुभ नही होता ऐसा ग्रंथकारों का भी मत है, शनि के मकर राशि से गोचर के कारण से आपको स्वस्थ्य का विशेष ख्याल रखना चाहिए, आप शनि की ढैया के प्रभाव में रहेंगे, कुटुंब से मतभेद हो सकता है, पशु/वाहन/हथियार से चोट लग सकती है, कार्यक्षेत्र में कोई भी निर्णय सोच-समझ कर लें, काम का बोझ पड़ सकता है, नौकरी परिवर्तन की चाह होगी किन्तु नौकरी परिवर्तन न करना आपके लिए अच्छा रहेगा, धोखा मिल सकता है, पैसा किसी को उधार न दें नही तो फँस सकता है, वाणी पर नियंत्रण रखें, धन अधिक खर्च होगा कुल मिलाकर शनि का यह गोचर आपके लिए संघर्ष भरा रहेगा।

उपाय:- शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर तेल का दीपक अर्पित करें व शनि स्तोत्र का पाठ करें।

4. कर्क राशि:- शनि का गोचर आपके सप्तम भाव से होगा जिस कारण से नौकरी में कुछ अड़चन आ सकती है, अपने सीनियर से संबंध खराब हो सकते है जी कारण से स्थान परिवर्तन या नौकरी परिवर्तन हो सकता है, मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी, सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, व्यापारियो के लिए शनि का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा काफी समय से रुके हुए प्रोजेक्ट पूरे होंगे, नया बिज़नेस शुरू हो सकता है, अगर पार्टनरशिप में आप बिज़नेस करते हसीन तो पार्टनर से धोखा मिल सकता है, प्रेमियों के लिए यह गोचर अच्छा साबित होगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके प्रेम विवाह के योग बनेंगे, दाम्पत्य जीवन अच्छा रहेगा, संतान सुख मिलेगा, स्वास्थ्य के लिहाज से शनि का यह गोचर बहुत शुभ नही है, खान-पान का ख्याल रखें, पाचन क्रिया में समस्या आ सकती है।

उपाय:- विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करे।

5. सिंह राशि:- सिंह राशि वालों के लिए छठे भाव से शनि का गोचर होगा जिस कारण से नौकरी में के प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, विरोधी आपके लिए परेशानियां खड़ी कर सकते हैं, अपने सीनियर से संबंध खराब हो सकते हैं, व्यवसाय को चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है, कोई नया व्यापार न शुरू करें, निवेश करने से नुकसान हो सकता है, सरकारी नौकरी करने वालों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, सरकारी नौकरी लग सकती है, विदेश यात्रा हो सकती है, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके प्रेम संबंध अप्रैल के बाद मधुर होंगे, कार्यस्थल पर किसी से प्रेम का इजहार कर सकते हैं, दाम्पत्य जीवन मिला-जुला रहेगा।

उपाय:- शनिवार के दिन छाया दान करें व हनुमाष्टक का पाठ करे।

6. कन्या राशि:- शनि का आपके पंचम भाव से गोचर होगा जिस कारण से अब तक जो समस्याएं आ रही थी उससे काफी आराम मिलेगा, यदि पार्टनरशिप में काम करते हैं तो थोड़ा सतर्क रहें, आय के नए स्त्रोत बनेंगे, नौकरी परिवर्तन हो सकती है, सीनियर से संबंध मधुर होंगे, बेरोजगार लोगों की नौकरी लग सकती है, प्रमोशन होने के भी योग बनेंगे, जो लोग ऐसी कंपनी में काम करते है जिसका संबंध विदेश से है तो आफिस के काम से विदेश यात्रा भी हो सकती है, प्रेमियों के लिए शनि का यह गोचर बहुत अच्छा रहेगा उनका विवाह भी हो सकता है, प्रेमी/प्रेमिका के साथ कहीं बाहर घूमने भी जा सकते हैं, स्वास्थ्य के लिहाज से थोड़ा सावधान रहें, चोट लगने की संभावना रहेगी, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

उपाय:- नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें।

7. तुला राशि:- तुला राशि वालों के लिए शनि का चौथे भाव से गोचर के कारण से फिजूल खर्च बड़ेगा, नौकरी में परेशानियां रहेंगी, काम मे मन नही लगेगा, कार्यस्थल पर फालतू के विवाद के कारण मन खिन्न रहेगा, घर के माहौल में तनाव रहेगा, अपने सीनियर से संबंध खराब हो सकते हैं, जो लोग बिज़नेस करते हैं उनकी चिंताएं बढ़ेंगी, दूसरों की सलाह से कार्य न करें, साझेदारी के कार्य में सफलता मिलेगी, प्रेम विवाह होने के योग हैं, प्रेमियों के लिए अच्छा समय रहेगा, स्वास्थ्य के लिहाज से शनि का यह गोचर मिला-जुला फल देगा, वाहन सावधानी से चलाएं।

उपाय:- दुर्गा सप्तशती का नित्य पाठ करें।

8. वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि वालों के लिए तीसरे भाव से शनि का गोचर शुभ रहेगा, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, फिजूल खर्च से राहत मिलेगी, लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे, आय के नए स्त्रोत बनेंगे, प्रमोशन या नौकरी परिवर्तन हो सकता है, कार्य को लेकर विदेश यात्रा भी हो सकती है, पार्टनरशिप में नया बिज़नेस शुरू कर सकते हैं, प्रेम विवाह होने के योग बनेंगे, मौसम बदलने पर स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, यदि आपकी उम्र 55-60 है तो स्वस्थ्य का विशेष ख्याल रखें, कुल मालकर वृश्चिक लग्न वालों के लिए शनि का यह गो हर कई प्रकार से शुभ रहेगा।

उपाय:- सुंदरकांड का नित्य पाठ करें।

9. धनु राशि:- धनु राशि वालों के लिए दूसरे भाव से शनि का गोचर होगा जिस कारण से धन अधिक खर्च होगा, शनि के स्वराशि गोचर करने के कारण से कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, शत्रुओ से सावधान रहें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें दवाइयों पर धन व्यय हो सकता है, पार्टनरशिप में लाभ मिलेगा, प्रेमियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, प्रेम विवाह के योग बनेंगे, माता व जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यात्राओं पर धन व्यय होगा, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, घर में मांगलिक कार्यक्रम होंगे, संतान सुख प्राप्त होगा।

उपाय:- विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें।

10. मकर राशि:- मकर राशि वालों के लिए लग्न से शनि का गोचर होगा जो कि शश योग बनाएगा, कार्यक्षेत्र में प्रतिद्वंदी के कारण से तनाव रह सकता है, बिज़नेस के लिए अच्छा समय साबित होगा, बिज़नेस में तरक्की होगी, अपने सीनियर से बनाकर चलें, पिता की उन्नति होगी, स्वास्थ्य के लिहाज से यह गोचर मिला-जुला फल देगा, खुद पर धन व्यय होगा, नए शौंक उत्पन्न होंगे, विवाह के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, नौकरी में संघर्ष से उन्नति प्राप्त होगी, दाम्पत्य जीवन में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, कुटुंब से मतभेद हो सकता है, आवेश में आने से बचें, यदि दवाइयों, धातु, तेल, खनिज का व्यापार है तो अच्छी उन्नति होगी।

उपाय:- शनि चालीसा का पाठ करें।

11. कुंभ राशि:- कुंभ राशि वालों के लिए द्वादश भाव से शनि का गोचर रहेगा विदेश यात्रा के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, पशु, वाहन, हथियार से चोट लग सकती है, शत्रुओ से सावधान रहें, धोखा मिल सकता है, अध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, अकेलापन अनुभव होगा, नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, जीवन में भाग-दौड़ रहेगी, घर में मंगलिक कार्यक्रम होंगे, ख़र्च अधिक होंगे, विवाह के योग बनेंगे, दाम्पत्य जीवन मिला-जुला रहेगा।

उपाय:- शिव जी का नित्य दुग्धाभिषेक करें।

12. मीन राशि:- मीन राशि वालों के लिए शनि का लाभ भाव से गोचर शुभ रहेगा किसी ऐसे व्यक्ति से संपर्क होगा जो आपकी नौकरी व बिज़नेस की उन्नति में सहायक सिद्ध होगा, आय में वृद्धि होगी, प्रमोशन मिल सकता है, नौकरी परिवर्तन के भी योग बनेंगे, सरकारी नौकरी प्राप्त हो सकती है, प्रेमियों के लिए यह समय अच्छा नही रहेगा, दाम्पत्य जीवन में भी कुछ दिक्कतें रह सकती है, खर्च अधिक होगा, कोई तीसरा व्यक्ति आपके प्रेमी/प्रेमिका व जीवनसाथी से संबंध खराब कर सकता है, स्वस्थ्य के लिहाज से यह अच्छा समय रहेगा, लंबे समय से चली आ रही बीमारी से छुटकारा मिलेगा, वाहन सावधानी से चलाएं, संतान को लेकर कुछ चिंता रह सकती है।

उपाय:- विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
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कुछ अचूक टोटके व शाबर मंत्र

सभी प्रकार के अरिष्ट को भंग करने का यंत्र:-

आज मैं आप सभी लोगों को एक ऐसा उपाय बताता हूँ जिसको पूर्ण विधि-विधान से कर लेने पर सभी प्रकार के रोग, व्याधि से छुटकारा मिल जाता है यदि कुंडली में कोई अरिष्ट योग हो जैसे:- बालारिष्ट योग, योगारिष्ट योग, अल्प मृत्यु योग से रक्षा होती है यहां तक कि इस उपाय को करने से ऊपरी बाधा से भी मुक्ति मिल जाती है।

महारक्षा यंत्र:-

इस यंत्र को बनाने के लिए गोरोचन, कुंकुम या चंदन, कपूर और भोजपत्र की आवश्यकता होती है और इस यंत्र को रवि पुष्य योग या गुरु पुष्य योग के दिन बनाना चाहिए फिर इस यंत्र को सफेद धागे से लपेटकर रेशमी वस्त्र से ढक कर विधिवत पूजन करने के लिए कलश के ऊपर रखना चाहिए तत्पश्चात गंध, पुष्प, नैवेध, धूप, दीप से विधिवत पूजन पंचोपचार पूजन कर के चांदी के ताबीज में कर के धारण करना चाहिए।

इस यंत्र को धारण करने से केवल रोग या अरिष्ट ही भंग नही होते बल्कि शत्रुओं से भी छुटकारा मिल जाता है साथ ही अरिष्ट ग्रहों का स्तंभन होकर सुख व सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
Astrologer:- Pooshark Jetly
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कुंभ लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा

कुंभ लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 मिला-जुला रहेगा लग्नेश का व्यय भाव से गोचर अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ाएगा, विदेश यात्रा के योग बनेंगे, नौकरी में परिवर्तन या कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है, अकेलापन अनुभव होगा, चूँकि लग्नेश खुद से व्यय में गोचर करेंगे तो स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, पशु/वाहन/हथियार से चोट लग सकती है, खर्च अधिक होगा, शनि की तीसरी दृष्टि धन भाव पर होने से धन संचय में कठिनाई आएगी, वाणी थोड़ी कटु हो सकती है, कुटुंब से मतभेद हो सकते हैं, शनि की सातवीं दृष्टि छठे भाव रोग व शत्रु के भाव पर होने के कारण से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, जिनकी उम्र 55-60 के ऊपर है उनके पैरों, जोड़ों व कमर में दर्द की शिकायत हो सकती है, शनि की दसवीं दृष्टि भाग्य स्थान पर होने से भाग्य की वृद्धि होगी, धार्मिक कार्यों में धन व्यय होगा, घर में कोई मंगलिक कार्यक्रम होने पर धन व्यय होगा, पिता की उन्नति होगी, जिनकी उम्र 36-37 है उनको अचानक से कोई बड़ी सफलता प्राप्त होगी।

लाभ भाव से गुरु का अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर बेहद शुभ रहेगा क्योंकि कुंभ लग्न की कुंडली में गुरु धनेश व लाभेश होता है अतः आय में वृद्धि होगी, आय के नए स्त्रोत बनेंगे, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनकी उन्नति होगी व उनके विवाह के योग बनेंगे, गुरु की पंचम दृष्टि तीसरे भाव पर होने से छोटे भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, मेहनत का पूर्ण फल मिलेगा, गुरु की सप्तम दृष्टि पंचम भाव पर होने से संतान की उन्नति होगी, जिनका विवाह हो गया है और संतान की चाह रखते हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा, संतान से संबंध मधुर होंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके लिए यह समय अच्छा सिद्ध होगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, विद्या प्राप्त करने के लिए यदि विदेश जाना चाहते है तो अच्छा समय रहेगा और इसमें यात्राएं भी होंगी, गुरु की नवम दृष्टि सप्तम भाव में होने से दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी, जो विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के योग बनेंगे, नौकरी में उन्नति होगी, नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, नए मित्र बनेंगे।

29 मार्च 2020 को गुरु मकर राशि में जाएंगे और नीचभंग राजयोग बनाएंगे फलस्वरूप यात्राओं पर धन व्यय होगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें दवाइयों पर धन व्यय हो सकता है, शत्रुओं पर विजय कुछ मुश्किल से प्राप्त होगी, किसी से धोखा मिल सकता है, घर के माहौल में मधुरता आएगी, नए मेहमान का आगमन हो सकता है, दिल के मरीजों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।

पंचम भाव से राहु का गोचर होने के कारण से गैस की शिकायत हो सकती है, मन में किसी प्रकार का भय बना रह सकता है, पेट में किसी प्रकार की समस्या रह सकती है, एकादश भाव से केतु का गोचर अचानक से धन लाभ दे सकता है तथा कुछ अड़चनों का साथ धन की वृद्धि होगी, जो लोग धार्मिक कार्यों से धनार्जन करते हैं उनके लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा।

कुल मिलाकर कुंभ लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 मिला-जुला रहेगा जिसमें आय की वृद्धि होगी, नौकरी या कार्यक्षेत्र में बदलाव होगा, यात्राओं, दवाइयों पर धन व्यय होगा, एक्सीडेंट होने के योग बनेंगे, किसी से धोखा मिल सकता है, भ्रष्टाचार से जुड़ा यदि कोई कार्य करते हैं तो जेल यात्रा हो सकती है मेरे अनुसार यदि कुंभ लग्न के व्यक्ति नित्य सुंदरकांड का पाठ करें व मधुराष्टकं/विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें तो लाभ मिलेगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।

जय श्री राम।
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मकर लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

मकर लग्न वालों के लिए वर्ष 2020, वर्ष 2019 से काफी अच्छा रहेगा लग्नेश का लग्न से गोचर करना शुभ रहेगा पिछले ढाई वर्ष को यदि देखा जाए तो आपके पैसे बहुत खर्च हुए, अकेलापन अनुभव हुआ, जीवनसाथी से काफी विवाद हुआ, दवाईयों पर धन व्यय हुआ, जिनकी उम्र अधिक थी उनको अस्पताल में एडमिट भी होना पड़ा किन्तु वर्ष 2020 में अब इन सब से राहत मिलेगी लग्न में अपनी खुद की राशि से गोचर कर शनि शश योग बना रहा है जिस कारण से शनि आपको मानसिक शांति का कुछ अनुभव कराएगा, साढ़ेसाती का प्रभाव आपके मस्तिष्क से होगा फिर भी शनि के स्वराशि गोचर करने से आपको लाभ मिलेगा 24, 25 और 26 जनवरी को थोड़ा सावधान रहें क्योंकि लग्न से ही शनि, सूर्य और चंद्र का गोचर रहेगा और लग्न पर ही अमावस्या भी लगेगी उसके बाद वर्ष 2020 उन्नति के मार्ग खुलते जाएंगे, आपके मन में नए विचार आएंगे, शनि की तीसरी दृष्टि तीसरे भाव पर रहेगी अतः आप के पराक्रम में वृद्धि होगी, छोटे भाई-बहन यदि हैं तो उनकी भी उन्नति होगी, शनि की सातवीं दृष्टि सप्तम भाव पर है तो कार्य को लेकर भाग-दौड़ करनी पड़ेगी, जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा, शनि दसवीं दृष्टि से दशम भाव को अपनी उच्च राशि में देख रहा है तो काम-धंधे के लिए यह ढाई वर्ष बहुत शुभ है, व्यापारियों के लिए अच्छा समय है, बिज़नेस में सफलता मिलेगी, नई नौकरी या नया काम शुरू हो सकता है।

मकर लग्न वाले व्यक्ति कर्म करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं उनसे खाली नही बैठा जाता उनके काम करने का तरीका भी सबसे अलग होता है वो प्लानिंग कर के काम करते हैं और किसी भी काम को करने के लिए पराक्रम की जरूरत होती है पराक्रम मंगल है इसीलिए मंगल मकर राशि में उच्च का होता है अतः जब मंगल मकर राशि, मिथुन राशि, कर्क राशि, तुला राशि से गोचर करेगा तब भाग-दौड़ अधिक रहेगी, मंगल जब कर्क राशि, मकर राशि, धनु राशि से गोचर करेंगे तब दाम्पत्य जीवन में कुछ तनाव रहेगा, चन्द्र जब कर्क, मिथुन, सिंह, धनु व मकर राशि से गोचर करेंगे तब थोड़ा तनाव की स्थिति रहेगी बाकी पूरा वर्ष आपके लिए अच्छा रहेगा।

द्वादश भाव में अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर कर रहा गुरु आपका झुकाव अध्यात्म की ओर करेगा क्योंकि मोक्ष कारक ग्रह गुरु, मोक्ष कारक ग्रह केतु के साथ मोक्ष त्रिकोण भाव से युति कर गोचर करेंगे, जब तक गुरु का द्वादश भाव से गोचर रहेगा तब तक धन व्यय होंगे उसके बाद खर्च से कुछ राहत और मिलेगी, मांगलिक कार्यक्रम, संतान, शिक्षा, यात्रा पर धन व्यय होंगे।

द्वादश भाव से गोचर कर रहे गुरु की पंचम दृष्टि चतुर्थ भाव में मेष राशि पर रहेगी अतः घर के माहौल में कुछ मधुरता आएगी व तनाव कम होगा, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, गुरु सातवीं दृष्टि से छठे भाव को देख रहा है अतः रोग व शत्रु पर विजय प्राप्त होगी फिर भी जब तक राहु छठे भाव से गोचर करेंगे तब तक स्वास्थ्य का ध्यान रखें छठे भाव से राहु का गोचर शत्रुओं का दमन करेगा किन्तु कोई गुप्त बीमारी दे सकता है जो विलम्ब से पकड़ में आए, गुरु की नवम दृष्टि अष्टम भाव में है तो गुप्त धन प्राप्ति के योग बनेंगे, कोई लंबे समय से चली आ रही बीमारी से छुटकारा मिलेगा, जो लोग विवाह के योग्य हैं उनके लिए 29 मार्च से 30 जून के समय विवाह के योग बनाएगा इस दौरान उनका विवाह होने के पूरे योग बनेंगे, खर्च से राहत मिलेगी, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, जो लोग संतान की चाह रखते हैं उनके लिए भी यह अच्छा समय है, भाग्य का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

कुल मिलाकर मकर लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 काफी अच्छा रहेगा जिसमें उन्नति के मार्ग खुलेंगे, स्वास्थ्य में सुधार होगा, घर में मांगलिक कार्यक्रम होंगे, धार्मिक यात्रा व विदेश यात्रा के योग बनेंगे मेरे अनुसार यदि मकर लग्न के व्यक्ति प्रत्येक शनिवार शनि मंदिर में जाकर शनि देव को तेल का दीपक अर्पित कर शनि स्तोत्र का पाठ करें व विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।

जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
9919367470

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धनु लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

धनु लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 सामान्य रहेगा लग्न से गुरु का गोचर शुभ रहेगा, वर्ष 2019 में व्यय भाव से गुरु व लग्न से शनि का गोचर होने के कारण से कार्यक्षेत्र में जो संघर्ष करना पड़ा उससे राहत मिलेगी व अब उस संघर्ष का फल प्राप्त होगा, वर्ष 2020 में लग्न से गुरु का गोचर स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा रहेगा, लग्न से दो मोक्ष कारक ग्रह गुरु व केतु का गोचर अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ाएगा।

लग्न से गोचर कर रहे गुरु की पंचम दृष्टि पंचम भाव पर रहेगी, पंचम भाव से विद्या, संतान, प्रेम का विचार किया जाता है अतः जिनका विवाह हो गया है और संतान की चाह रखते हैं उनके लिए यह अच्छा समय है संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए भी अच्छा समय है जिनकी पढ़ाई किसी कारण से अधूरी रह गयी थी उनके लिए अपनी पढ़ाई शुरू करने का यह अच्छा समय है, संतान के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा व उनकी उन्नति होगी, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो अपने प्रेम का इजहार करने के लिए यह अच्छा समय साबित होगा, गुरु की सप्तम दृष्टि सप्तम भाव पर है अतः जो लोग विवाह योग्य हो गए है और उनका विवाह नही हुआ है उनके विवाह के योग बनेंगे, नौकरी में उन्नति होगी, नए मित्र बनेंगे किन्तु सप्तम भाव से राहु का गोचर दाम्पत्य सुख में कुछ कमी करेगा जिस कारण से तनाव की स्थिति बनेगी, गुरु की नवम दृष्टि भाग्य भाव पर होने से भाग्य की वृद्धि होगी व भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, धर्म कार्य में रुझान बड़ेगा, घर में कोई मांगलिक कार्यक्रम हो सकते हैं।

29 मार्च 2020 को गुरु गोचर बदलकर मकर राशि में जाएंगे जहाँ खुद की राशि से गोचर कर रहे शनि से युति कर के नीचभंग राजयोग बनाएंगे जिस कारण से कुटुंब की वृद्धि होगी, शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी, यदि आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो 29 मार्च से 30 जून के समय बेहद शुभ है इस अवसर का लाभ उठाएं, स्वास्थ्य में सुधार होगा, व्यापारियों के लिए अच्छा समय साबित होगा, यदि आप बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं मुख्यतः कम्युनिकेशन से जुड़ा हुआ तो यह अच्छा अवसर है, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की संभावनाएं बनेंगी, किसी उच्च स्तर के अधिकारी से मुलाकात हो सकती है, पिता की उन्नति होगी, पिता का सहयोग प्राप्त होगा।

24 जनवरी को शनि मकर राशि से गोचर करेंगे धन भाव से शनि का गोचर शुभ नही होता किन्तु ग्रंथकारों का मत है कि क्रूर से क्रूर ग्रह भी अपने भाव की रक्षा करते हैं अतः दूसरे भसव से गोचरस्थ शनि ज्यादा हानिकारक नही रहेगा फिर भी थोड़ा सतर्क रहें, कुटुंब से मतभेद हो सकता है, पशु, वाहन, हथियार से सावधान रहें, जोड़ो, पैर, कमर में दर्द की शिकायत हो सकती है जिनकी उम्र 55-60 के ऊपर है उन्हें विशेष ध्यान रखना चाहिए, आमदनी में वृद्धि होगी, बड़े भाई-बहन यदि है तो उनका सहयोग मिलेगा व उनकी भी उन्नति होगी, माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

कुल मिलाकर धनु लग्न वालों के लिए यह वर्ष सामान्य रहेगा जिसमें उनको मेहनत का पूर्ण फल मिलेगा, नजर दोष हो सकता है मेरे अनुसार यदि आप शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर तेल का दीपक अर्पित कर शनि स्तोत्र का पाठ करे, रुद्राक्ष धारण करें व अमावस्या के दिन नारियल बहते पानी में प्रवाहित करें तो शुभ रहेगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।

जय श्री राम।
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वृश्चिक लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

वृश्चिक लग्न के लिए वर्ष 2020 बहुत अच्छा रहेगा पिछले साढ़े सात वर्ष से तुला, वृश्चिक और धनु राशि से गोचर कर रहे शनि के कारण से जो समस्याएं आईं अब उनका अंत होगा पिछले ढाई वर्ष से जो आपने धनार्जन व धन संचय के लिए संघर्ष किया अब उसका अंत होगा, दूसरे धन भाव से अपनी मूल त्रिकोण राशि धनु से गोचर कर रहा गुरु आमदनी में वृद्धि, प्रमोशन और नए काम की शुरुवात देगा यदि लंबे समय से कोई गंभीर बीमारी चल रही है तो उसका अंत होगा, कुटुंब की वृद्धि होगी, दूसरे भाव से गोचर कर रहा केतु आप के द्वारा बोली गयी बात को सच करेगा अतः थोड़ा सोच कर बोलें, घर में मांगलिक कार्यक्रम होंगे, कोई गंभीर बीमारी नही होगी तथा शत्रुओं से विजय प्राप्त होगी।

24 जनवरी 2020 को शनि गोचर बदलकर मकर राशि में जाएंगे और 29 मार्च को गुरु भी गोचर बदलकर मकर राशि में जाकर नीचभंग राजयोग बनाएंगे उस दौरान आपके कार्य क्षेत्र में उन्नति होगी, छोटे भाई-बहन यदि हैं तो उनका सहयोग प्राप्त होगा, विवाह के योग बनेंगे, नए मित्र बनेंगे, आमदनी में वृद्धि होगी, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, पिता का सहयोग प्राप्त होगा तथा धर्म के कार्यों में रुचि होगी।

आपकी कुंडली के अष्टम भाव से राहु का गोचर भी है अष्टम भाव से गोचर कर रहा राहु बहुत शुभ नही होता अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें 29 मार्च से 30 जून के बीच स्वास्थ्य में कोई परेशानी हो सकती है बाकी समय आपका स्वस्थ्य उत्तम रहेगा क्योंकि गुरु की दृष्टि छठे व अष्टम दोनों भावों पर रहेगी, अष्टम भाव जीवनसाथी के कुटुंब अर्थात परिवार को दर्शाता है अतः जीवनसाथी के परिवार की तरफ से कोई तनाव हो सकता है, अष्टम भाव गुप्त भाग को भी दर्शाता है अतः थोड़ा सावधान रहें विशेषतः यदि आप महिला है तो आपको विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, अष्टम से गोचर कर रहा राहु गले, पेट, मुँह की भी समस्या दे सकता है चूँकि गुरु के दूसरे भाव में बैठकर छठे, आठवें व एकादश भाव को देखने के कारण से कोई बहुत गंभीर बीमारी नही होगी फिर भी सतर्क रहें और तामसिक चीजों का यदि सेवन करते हैं तो उन्हें बंद कर दें।

तीसरे भाव में आया हुआ शनि भी शुभ है ग्रंथकारों का भी मत है कि तीसरे भाव से शनि की शुभ यात्रा शुरू होती है क्योंकि शनि धन भाव को छोड़कर अब तक आपके द्वारा किए जा रहे प्रयास को सार्थक करेगा और भाई-बहन के संबंध को मधुर करेगा लेकिन शनि की तीसरी दृष्टि पंचम भाव में होने से संतान को थोड़ा कष्ट संभव है यदि आपकी कुंडली में पंचम भाव का स्वामी जिसे पंचमाधिपति भी कहते हैं (गुरु होता है) पर भी शनि की दृष्टि है तो यह योग और भी प्रबल हो जाता है, जो लोग संतान की चाह रखते हैं उनको कन्या संतान प्राप्ति के योग बनते दिख रहे हैं, जो विद्यार्थी तकनीकी क्षेत्र से पढ़ाई कर रहे हैं उनके लिए यह समय उत्तम रहेगा, धार्मिक यात्रा हो सकती है, विदेश यात्रा के भी योग बनते दिख रहे हैं, वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं, घर में डेकोरेशन या मरम्मत का कार्य हो सकता है।

जब भी मंगल मेष, मिथुन और तुला राशि से गोचर करेंगे तब थोड़ा सावधान रहें वह समय बहुत अच्छा नही रहेगा जिसमें जोखिम भरे कार्य भी करने पड़ सकते हैं, क्रोध पर नियंत्रण रखें व आवेश में आने से बचें मेरे अनुसार यदि वृश्चिक लग्न के व्यक्ति अमावस्या के दिन बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें व नित्य सुंदरकांड का पाठ करें तो काफी अच्छा रहेगा। 

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।

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तुला लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

तुला लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 अच्छा रहेगा तीसरे भाव से गुरु का गोचर भाई-बहन से सहयोग दिलाएगा और उनसे आपके संबंध मधुर होंगे, आय में वृद्धि के योग बनेंगे, विवाह के योग बनेंगे व जिनका विवाह हो गया है उनका जीवनसाथी के साथ संबंध और मधुर बनेंगे, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा।

29 मार्च को गुरु गोचर बदलकर चतुर्थ भाव में आ जाएंगे जहाँ शनि पहले से स्थित हैं अतः इस दौरान प्रमोशन हो सकता है, घर व वाहन प्राप्ति के योग बनेंगे, स्वास्थ्य में सुधार होगा, यात्राएं होंगी, कोई नया कार्य शुरू हो सकता है।

यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो 10 जनवरी से 16 फरवरी आपके लिए बेहद शुभ है इस दौरान आप अपने प्रेम का इजहार कर सकते हैं, जिनका विवाह हो चुका है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए भी यह समय काफी अच्छा रहेगा, विद्यार्थियों के लिए यह समय अच्छा होगा, जिनकी संतान है उनके संतान की उन्नति होगी, आय में वृद्धि के योग बनेंगे।

चतुर्थ भाव से राजयोगकारक शनि का अपनी राशि से गोचर बेहद शुभ रहेगा वाहन व भूमि सुख के योग बनाएगा, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, शनि की तीसरी दृष्टि छठे भाव पर है अतः शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए भी अच्छा समय रहेगा, कार्य को लेकर भाग-दौड़ करनी पड़ सकती है, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

नवम से राहु का गोचर गुप्त रूप से धर्म का पालन कराएगा, विदेश या जन्म स्थान के बाहर से लाभ होगा, अचानक से भाग्योदय होगा, शुक्र जब भी मीन, वृषभ या मेष से गोचर करेगा तब थोड़ी समस्या हो सकती है और जब शुक्र वक्री होगा तब थोड़ा सतर्क रहें, यदि आप कर्ज के लिए कहीं आवेदन किए हुए हैं तो जब शुक्र मीन राशि से गोचर करेंगे तब आपको कर्ज मिल जाएगा, मीन का शुक्र आपको ईर्ष्यालु बना सकता है, किसी महिला के द्वारा शत्रु पर विजय प्राप्त होगी।

कुल मिलाकर तुला लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 अच्छा रहने वाला है जिसमें आप भविष्य को अच्छा बनाने का सोच सकते हैं मेरे अनुसार यदि आप लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें व अमावस्या के दिन बहते पानी में नारियल प्रवाहित करते हैं तो लाभ प्राप्त होगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।

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