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जून 2020: धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

धनु लग्न
धनु लग्न मासिक गोचरफल

 

धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का छठे भाव से गोचर रहेगा अतः सरकारी अफसरों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, यदि कोर्ट-कचहरी में कोई मामला चल रहा है तो उसमें विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके सप्तम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, जीवनसाथी के स्वभाव में तेजी अनुभव होगी, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, माह के शुरुवात में शुक्र का छठे भाव से गोचर रहेगा जो कि वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः महिलाओं के साथ व्यर्थ विवाद में न पड़ें, दवाइयों या शत्रुओं पर धन व्यय हो सकता है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जिन्हें हार्मोन्स से जुड़ी समस्या हो व गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, माह के शुरुवात में बुध व राहुका सप्तम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप विवाह के योग बनेंगे, यदि आपके विवाह में बाधाएं आ रही है तो राहु के उपाय करें लाभ होगा, कार्यस्थल पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, मित्रों पर अधिक विश्वास करने से बचें, 18 जून को बुध वक्री होकर आपके सप्तम भाव से गोचर करेंगे अतः कार्यक्षेत्र से जुड़े निर्णय सोच-समझकर ही लें, जीवनसाथी की वाणी कटु रह सकती है, राजनीति से जुड़े लोगों के लिए यह माह अच्छा रहेगा, 21 जून को सूर्य ग्रहण है जो कि आपके लिए शुभ नही रहेगा अतः उस दिन यदि संभव हो तो यात्राओं को टालने का प्रयास करें।

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

माह के शुरुवात में गुरु व शनि आपके धन भाव अर्थात दूसरे भाव से गोचर कर नीचभंग राजयोग बनाएंगे किंतु दोनों ही ग्रह वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, धन लाभ के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी, वाहन सावधानी चलाएं क्योंकि तीसरे भाव से गोचर कर रहे मंगल की चौथी दृष्टि छठे भाव रोग व शत्रु भाव पर रहेगी जहाँ सूर्य व शुक्र पहले से ही गोचर कर रहे हैं और शनि की भी सप्तम दृष्टि अष्टम भाव पर रहेगी अतः 18 जून तक एक्सीडेंट होने के योग बनेंगे, परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा, आय में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, माह के शुरुवात में लग्न से केतु का गोचर रहेगा फलस्वरूप आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, यदि आपकी कुंडली में केतु अच्छी स्थिति में है तो आत्मसम्मान में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में मंगल का तीसरे भाव से गोचर रहेगा अतः आवेश में आने से बचें, पराक्रम में वृद्धि होगी व मेहनत का पूर्ण फल भी प्राप्त होगा, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनका सहयोग मिलेगा व उनकी उन्नति भी होगी, माह की 2, 8, 16, 23 व 29 तिथियों को अचानक धन लाभ के योग बनेंगे या कहीं से रुका हुआ पैसा मिल सकता है।

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

कुल मिलाकर धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें विवाह के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, आत्मसम्मान में वृद्धि होगी, वाहन सावधानी से चलाएं, वाणी पर नियंत्रण रखें व व्यर्थ के विवाद में न पड़ें, तनाव लेने से बचें, माह की 4, 5, 6,व 18, 19, 20, 21, 23 व 24 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि धनु लग्न व धनु राशि वाले व्यक्ति यदि अमावस्या के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर नारियल को बहते पानी में प्रवाहित करें व व गणेश संकटनाशन स्तोत्र का नित्य पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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जून 2020: सिंह लग्न व सिंह राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: सिंह लग्न व सिंह राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

सिंह लग्न
सिंह लग्न कुंडली

 

सिंह लग्न व सिंह राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का दशम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर लाभ स्थान में चले जाएंगे अतः शेयर बाजार में पैसा लगाने से बचें, किसी को उधार पैसा देने से बचें, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, माह के शुरुवात में शुक्र का लाभ स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, यदि आपका कार्य मार्केटिंग, फाइनेंस, टीचिंग, सौंदर्य, खान-पान से जुड़ा हुआ है तो शुक्र का यह गोचर आपके लिए शुभ सिद्ध होगा किंतु शुक्र के वक्री रहने के कारण से कुछ परिश्रम करने पर ही सफलता प्राप्त होगी, माता का सहयोग प्राप्त होगा, माह के शुरुवात में बुध व राहु का गोचर लाभ स्थान से रहेगा अतः व्यर्थ के विवाद से बचें, संतान को किसी प्रकार का कष्ट संभव रहेगा, बड़े भाई-बहन से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लोगों की बातों में आने से बचें, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे।

 

सिंह राशिफल

 

माह के शुरुवात में मंगल का गोचर सप्तम भाव से रहेगा फलस्वरूप भाग्य की वृद्धि होगी, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, नौकरी पेशा लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, ससुराल पक्ष से विवाद संभव है, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, माह के शुरुवात में गुरु व शनि का गोचर छठे भाव से रहेगा अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व वाहन सावधानी से चलाएं, संतान, परिवार, दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, जिनकी उम्र 55-60 से अधिक हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, खर्चों में वृद्धि होगी, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, कुटुंब से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा जिससे तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी अतः तनाव लेने से बचें, 1 से 3 जून तक का समय आपके लिए अच्छा रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव रहेगी या उनसे वार्ता हो सकती है, पैसा निवेश करने से बचें, 4 से 7 जून तक समय आपके लिए बहुत शुभ नही रहेगा अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, लोग आपके पीठ-पीछे काफी षड्यंत्र रचेंगे, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, 8 से 10 जून का समय अच्छा रहेगा जिसमें मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 11 से 14 जून तक कक समय भी आपके अच्छा रहेगा जिसमें अचानक धन लाभ हो सकता है, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, यदि आप सरकारी कर्मचारी हैं तो सरकार से लाभ हो सकता है, परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा, 15 से 17 जून के मध्य भाई-बहन व पड़ोसियों से आपके संबंध मधुर होंगे, 18 से 20 जून का समय आपके लिए काफी अच्छा रहेगा, परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा व परिवार का सहयोग भी प्राप्त होगा, 22 से 24 जून तक का समय प्रमियों व विद्यार्थियों के लिए काफी अच्छा रहेगा, 5, 6, 21 व 26 से 28 जून के मध्य स्वास्थ्य सबंधित समस्याएं हो सकती है अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, व्यर्थ के विवाद में न पड़ें, कार्यक्षेत्र में लोगों से बनाकर चलें व सीनियर से फालतू विवाद न करें, 29 व 30 जून आपके लिए अच्छा रहेगा व तनाव में कुछ कमी आएगी, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे।

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

कुल मिलाकर सिंह लग्न व सिंह राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आपका कार्य मार्केटिंग, फाइनेंस, टीचिंग, सौंदर्य, खान-पान, इंश्यूरेंस से जुड़ा हुआ है तो यह समय आपके लिए काफी अच्छा रहेगा, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें व छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, कुटुंब व ससुराल से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, 21 से 24 जून तक स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें, तनाव लेने से बचें, 4 ग्रहों के वक्री होने के कारण से कुछ अधिक परिश्रम कर के सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे, माह की 4, 5, 6, 7, 21, 22, 23, 24 व 27 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि सिंह लग्न व सिंह राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य अदित्य हिर्दय स्तोत्र व दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और 21 जून के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हुए बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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जून 2020: कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

कर्क लग्न
कर्क लग्न

 

कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का लाभ स्थान से गोचर रहेगा धनेश का लाभ स्थान से गोचर शुभ होता है अतः आय मे वृद्धि होगी, धन लाभ के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, संतान का सहयोग प्राप्त होगा 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप खर्चों में वृद्धि होगी, यात्राओं पर धन व्यय होगा, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी फिर भी छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें माह के शुरुवात में शुक्र का भी लाभ स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप घर के वातावरण में खुशियों का माहौल रहेगा किंतु फिर भी बीच-बीच में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, किसी महिला से धन लाभ या उन्नति के नए अवसर प्राप्त होने के योग बनेंगे, संतान की उन्नति होगी माह के शुरुवात में बुध का गोचर द्वादश भाव से रहेगा जहाँ राहु पहले से ही गोचर कर रहे हैं अतः यात्राओं के योग बनेंगे, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे तब स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे 21 जून का सूर्य ग्रहण तनावपूर्ण रहेगा अतः सोच-समझकर ही कोई निर्णय लें।

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

माह के शुरुवात में मंगल का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः संतान से वैचारिक मतभेद होंगे, जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, जीवनसाथी या ससुराल पक्ष से क्षणिक विवाद के योग बनेंगे, तामसिक चीजों के सेवन से बचें, वाणी पर नियंत्रण रखें, माह के शुरुवात में गुरु व शनि का सप्तम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप नौकरी पेशा लोगों के लिए यह माह अच्छा सिद्ध होगा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा, प्रमोशन या नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके लिए विवाह के योग बनेंगे, वाहन सुख प्राप्त होने के योग बनेंगे, 1 से 6 जून तक का समय परिवार वालों के साथ बीतेगा व मन प्रसन्न रहेगा, 7 व 8 जून के दिन स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व तनाव लेने से बचें, खर्चों में वृद्धि होगी, 9 व 10 जून दामपत्य जीवन के लिए अच्छा सिद्ध होगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, 11 व 12 जून को तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है अतः तनाव लेने से बचें, 13 से 15 जून के बीच कोई यात्रा हो सकती है, प्रेमियों के लिए यह अच्छा दिन रहेगा, 16 व 17 और 23 व 24 जून 2020 कार्यक्षेत्र के लिए अच्छा समय रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, 18 से 20 जून के मध्य पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है या दोस्तों व परिवार के सदस्यों के साथ अच्छा समय बीतेगा 21 व 22 जून को स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व कोई भी निर्णय लेने से बचें, खर्चों में वृद्धि होगी, 25 व 26 जून सामान्य रहेगा अतिरिक्त कार्यभार के कारण से थकान अनुभव हो सकती है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 27 जून को अचानक से तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो सकती है, फालतू विवाद में न पड़ें, 28 से 30 जून का समय परिवार के सदस्यों के साथ अच्छे से बीतेगा व कोई शुभ समाचार भी प्राप्त हो सकता है।

 

कर्क राशिफल
कर्क राशि

 

कुल मिलाकर कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें आय वृद्धि के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, 5 जून व 21 जून के दिन कोई भी निर्णय न लें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, वाणी पर नियंत्रण रखें व तामसिक चीजों के सेवन से बचें, माह की 5, 7, 8, 11, 12, 20, 21, 22, 25 व 27 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि कर्क लग्न व कर्क राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य राम रक्षा स्तोत्र व विल्वाष्टकम् का पाठ करें और शनिवार व अमावस्या के दिन किसी गरीब को काली चप्पल दान करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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जून 2020: मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मिथुन लग्न
मिथुन लग्न कुंडली

 

मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में बुध व राहु का गोचर लग्न से रहेगा अतः बुद्धि विवेक द्वारा समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, नए विचार आएंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, घर के वातावरण में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, कल्पनाओं में रमने से बचें, मार्केटिंग, बैंकिंग, फाइनेंस, कमीशन से जुड़ा कार्य करने वालों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे जिससे अचानक से कोई समस्या उत्पन्न हो सकती है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें माह के शुरुवात में सूर्य का गोचर आपके द्वादश भाव से रहेगा फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष के लोगों, पिता व सीनियर से फालतू विवाद में न पड़ें, सरकारी कार्य थोड़ा सावधानी पूर्वक करें, यात्राओं के योग बनेंगे 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके लग्न में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवन में भागा दौड़ी बनी रहेगी, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें 21 जून को सूर्य ग्रहण आपके लग्न पर ही रहेगा जो कि शुभ नही है जिस कारण से कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं उत्पन्न होंगी, अत्यधिक परिश्रम करने पर उन्नति के मार्ग बनेंगे।

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

माह के शुरुवात में शुक्र का व्यय भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप सुख के साधनों, जीवनसाथी, महिलाओं, संतान पर धन व्यय होगा, संतान के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी, यात्राओं के योग बनेंगे, जो लोग पढ़ाई के लिए बाहर जाना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा माह के शुरुवात में मंगल का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके दशम भाव में चले जायेंगे अतः कार्यक्षेत्र में कुछ परिश्रम से उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें अन्यथा बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं माह के शुरुवात में गुरु व शनि का अष्टम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा किंतु जीवनसाथी से या घर के किसी सदस्य से वैचारिक मतभेद भी संभव रहेगा, जिनकी उम्र 55-60 से अधिक है या जिन्हें हिर्दय, रक्त, वायु से जुड़ी कोई समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे 1 से 3 जून का समय कुछ तनावपूर्ण हो सकता है अतः तनाव लेने से बचें 4 से 7 जून के मध्य किसी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा 8 से 13 व  22 से 28 जून  का समय भी आपके अच्छा रहेगा फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी 14 से 21 जून के मध्य पुराने मित्रों से मुलाकात संभव रहेगी, मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी 21 जून को सूर्य ग्रहण है जो कि आपके लग्न पर से ही होने के कारण से शुभ नही है अतः 21 जून के दिन कोई भी निर्णय लेने से बचें।

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशि

 

कुल मिलाकर मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा जिसमें धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, पिता, सीनियर, सरकारी कर्मचारी, मामा पक्ष के लोगों से फालतू विवाद में न पड़ें, जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 5 जून व 21 जून के दिन विशेष सावधान रहें, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, सफलता प्राप्ति हेतु अधिक प्रयास करना होगा माह की 1, 2, 3, 5, 18, 20, 21, 22, 29, 30 तिथियों के दिन विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मिथुन लग्न व मिथुन राशि वाले व्यक्ति यदि अमावस्या के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें व नित्य आदित्य हिर्दय स्तोत्र और गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

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मई 2020: तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

तुला लग्न
तुला लग्न कुंडली

 

तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए मई 2020 मिला-जुला रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का सप्तम स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप नौकरी पेशा लोगों के लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, जीवनसाथी के स्वभाव में कुछ तेजी देखने को मिलेगी, यदि आप पार्टनरशिप में कोई कार्य करते हैं तो सूर्य का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, यदि आप नए कार्य की शुरुवात करते हैं तो जीवनसाथी को पार्टनर बना कर करें लाभ होगा 14 मई को सूर्य गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें व गर्म चीजों से परहेज करें, ससुराल पक्ष के लोगों की वाणी में तेजी रहेगी जिसके कारण ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, अष्टम भाव जीवनसाथी की वाणी को भी दर्शाता है क्योंकि सप्तम भाव जीवनसाथी का व अष्टम भाव उसकी वाणी का भाव है अतः जीवनसाथी की वाणी कुछ गर्माहट लिए हुए होगी जिस कारण से जीवनसाथी के साथ भी विवाद संभव रहेगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, तनाव लेने से बचें, माह के शुरुवात में बुध का गोचर सप्तम भाव से रहेगा जिस कारण से कार्य के सिलसिले से यात्राओं के योग बनेंगे, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के योग बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के लिए उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, संतान को कुछ कष्ट संभव रहेगा 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, तनाव लेने से बचें, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में जाएंगे फलस्वरूप भाग्य की वृद्धि होगी, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, पिता का सहयोग प्राप्त होगा।

 

तुला राशिफल
तुला राशि

 

माह के शुरुवात में शुक्र का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः वाहन सावधानी से चलाएं, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, लोग आपके पीठ-पीछे षड्यंत्र रचेंगे, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें क्योंकि इस माह आपके हार्मोन्स काफी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर सकते हैं, जिन्हें हार्मोन्स से जुड़ी कोई समस्या है वह भी अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, माह के शुरुवात में मंगल गुरु व शनि का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप आप घर परिवर्तन या घर में साज-सज्जा का कार्य करवा सकते हैं, भूमि सुख प्राप्त होने के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा किन्तु फिर भी उनके पैरों विशेषतः घुटनो व जोड़ों या कमर में दर्द की शिकायत रह सकती है, कार्यस्थल पर सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे 4 मई को मंगल गोचर बदलकर आपके पंचम भाव मे आ जाएंगे फलस्वरूप संतान का सहयोग प्राप्त होगा व संतान की उन्नति होगी, यदि आपके कोई बड़े भाई हैं तो उनकी भी उन्नति होगी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, बुद्धि व विवेक द्वारा आय वृद्धि के नए मार्ग बनाने का प्रयास करेंगे, पेट में कोई समस्या संभव रहेगी, वाहन सावधानी से चलाएं।

 

तुला राशि
तुला राशि

 

कुल मिलाकर तुला लग्न व तुला राशि वालों के मई 2020 मिला-जुला रहेगा जिसमें मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यदि आपका पार्टनरशिप से जुड़ा कार्य है तो उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, यदि आप नए कार्य की शुरुवात करना चाहते हैं तो जीवनसाथी को पार्टनर बनाकर करें लाभ होगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, वाहन सावधानी से चलाएं, 7 मई से 24 मई तक लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें तथा यदि संभव हो तो सिर्फ अपने कार्य पर ही ध्यान दें, जीवनसाथी व ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, माह की 6, 8, 12, 13, 15, 17, 19, 20, 21, 22, 23 व 24 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि तुला लग्न व तुला राशि वाले व्यक्ति यदि दुर्गा सप्तशती का शुक्रवार से आरंभ कर नित्य पाठ करें व नित्य सूर्य को जल दें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १

संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १

 

पंचम भाव में स्थित शनि का फल
पंचम भाव में स्थित शनि का फल

 

जन्म कुंडली के पंचम भाव से हम बुद्धि, विद्या, संतान, उदर, बौद्धिक क्षमता, पिछले जन्म का विचार करते हैं अतः इन भावों में स्थित शनि का स्थित होना इन सभी को प्रभावित करता है मेरे अनुभव में यह भी आया है कि यदि शनि पंचम भाव में अकेला बैठा हो तो ऐसे व्यक्तियों को उदर अर्थात पेट से जुड़ी कोई न कोई समस्या अवश्य रहती है अतः इन लोगों को तामसिक चीजों से परहेज करने की सलाह दी जाती है, बहुत से ग्रंथकारों का मत है कि पंचम भाव में शनि स्थित हो तो वह शिक्षा में किसी न किसी प्रकार के व्यवधान को भी दर्शाता है किंतु विभिन्न राशियों या विभिन्न स्थितियों में शनि के पंचम भाव में स्थित होने पर इसके फल विभिन्न होते हैं मेरे अनुभव में आया है कि यदि शनि पंचम भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों की जटिल कार्यों को करने में अच्छी रुचि होती है मतलब ऐसे व्यक्ति उस काम को करना अधिक पसंद करते हैं जिसमें शारीरिक की जगह मानसिक मेहनत अधिक हो अर्थात ऐसे सभी कार्य जो तकनीकी क्षेत्र से जुड़े हुए होते हैं, यदि वायु तत्व राशि जैसे मिथुन, तुला व कुंभ राशि का शनि पंचम भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति पढ़ाई में बहुत अच्छे होते हैं, पंचम भाव में स्थित शनि संतान संबंधित परेशानियों का सूचक होता है ऐसे व्यक्तियों को संतान कुछ विलंब से होती है।

 

पंचम भाव में स्थित शनि

 

पंचम भाव में बैठे शनि की तीसरी दृष्टि सप्तम भाव में होती है सप्तम भाव विवाह, जीवनसाथी, रोमांस, मित्रता, नौकरी, पार्टनरशिप का भाव होता है जहाँ शनि की दृष्टि इन सभी को प्रभावित करती है ऐसे व्यक्तियों का विवाह कुछ विलंब से होता है या शीघ्र विवाह होने की स्थिति में दामपत्य जीवन में आपसी ताल-मेल बैठाने में परेशानियाँ आती है, ऐसे व्यक्तियों के मित्र सीमित संख्या में होते है साथ ही ऐसे व्यक्तियों के दामपत्य जीवन में रोमांस कम व गंभीरता अधिक देखी जाती है, ऐसे व्यक्तियों को जीवन के शुरुवात व 36-37 वर्ष की आयु में कड़ा संघर्ष करना पड़ता है व जीवन के उत्तरार्ध में बड़ी सफलता प्राप्त होती है, पंचम भाव में स्थित शनि की सप्तम दृष्टि एकादश भाव व दसवीं दृष्टि दूसरे भाव में पड़ती है अर्थात धन से जुड़े दोनों भाव शनि के प्रभाव में रहते हैं अतः ऐसे व्यक्तियों की आर्थिक उन्नति मंद गति अर्थात धीरे-धीरे होती है व ऐसे व्यक्ति यदि शनि से जुड़े कार्य जैसे लोहे, चमड़े, भूमिगत से जुड़े कार्य या हथियार, वाहन से जुड़े कार्य में अधिक सफल होते हैं, मेरे अनुभव में यह भी आया है कि पंचम भाव में बैठा शनि संकुचित मात्रा अर्थात टुकड़ों में धन देता है कहने का आशय यह है कि कभी इनके पास काफी पैसा आ जाता है तो कभी एकदम सूना सा पड़ जाता है अर्थात पंचम भाव का शनि धन संचय में समस्याएं देता है साथ ही पंचम भाव से हम बुद्धि व दूसरे भाव से वाणी का विचार करते है पंचम भाव में बैठा शनि इन दोनों ही भावों को प्रवाभित करता है अर्थात ऐसे व्यक्तियों की वाणी थोड़ी कटु होती है क्योंकि शनि एक रूखा ग्रह है जिस कारण से आपके द्वारा बोली गयी बात नकारात्मकता लिए हुए होती है और उसको कहने का तरीका थोड़ा रूखा होता है।

 

अब बात करते हैं विभिन्न स्थितियों में शनि के पंचम भाव में बैठने का क्या फल होता है…..

 

पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए इसका दूसरा भाग जल्द ही लिखूँगा।

 

जय श्री राम।

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मई 2020: कन्या लग्न व कन्या राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: कन्या लग्न व कन्या राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

कन्या लग्न
कन्या लग्न कुंडली

 

कन्या लग्नकन्या राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा माह की शुरुवात में सूर्यबुध का गोचर अष्टम भाव से रहेगा सूर्य का अष्टम भाव से उच्च राशि का गोचर विपरीत राजयोग बनाएगा जिस कारण से अचानक कोई सफलता प्राप्त होने के योग बनेंगे, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी अतः उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें, अष्टम भाव जीवनसाथी के वाणी का भी भाव है अतः उनके वाणी में कुछ तेजी रहेगी साथ ही अष्टम भाव आपके ससुराल अर्थात जीवनसाथी के परिवार को दर्शाता है जहाँ से सूर्य का गोचर उनसे विवाद करा सकता है अतः तनाव लेने से बचें, माह के शुरुवात में बुध का भी अष्टम भाव से गोचर रहेगा जिस कारण से आपके स्वास्थ्य में परेशानी व तनाव बना रह सकता है 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, भाग्य का सहयोग मिलेगा, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी 14 मई को सूर्य भी गोचर बदलकर आपके नवम भाव अर्थात भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप धार्मिक कार्यों में धन व्यय होगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके दशम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, जिनका कार्य बैंक, फाइनेंस, टीचिंग से जुड़ा हुआ है उनके लिए बुध का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

माह के शुरुवात में शुक्र का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा जो कि आपके लिए बेहद शुभ रहेगा अतः भाग्य की वृद्धि होगी, किसी महिला से धन लाभ होगा या किसी महिला के सहयोग से उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, आपके जीवनसाथी के यदि छोटे भाई-बहन हैं तो उनकी उन्नति होगी किन्तु उनके स्वास्थ्य में भी कुछ समस्या रह सकती है, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में गुरु, मंगलशनि का पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के लिए कहीं बात चल सकती है, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय काफी अच्छा रहेगा, संतान का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति होगी, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे 4 मई को मंगल गोचर बदलकर छठे भाव में आ जाएंगे अष्टम भाव के स्वामी का छठे भाव से गोचर स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत अच्छा नही कहा जा सकता अतः अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जिन्हें रक्त जनित कोई समस्या हो तथा जिनकी उम्र 55-60 के ऊपर हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विपरीत परिस्थितियों से होते हुए अचानक बड़ी सफलता प्राप्त होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, सरकारी कर्मचारियों से फालतू विवाद में न पड़ें, 14 मई से 17 जून तक वाहन सावधानी से चलाएं।

 

कन्या राशिफल
कन्या राशि

 

कुल मिलाकर कन्या लग्नकन्या राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा जिसमें उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह के योग बनेंगे, तनाव लेने से बचें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, किसी महिला से धन लाभ या महिला के सहयोग से उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग भी प्राप्त होगा, यदि आपका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं तो संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, जिनकी उम्र 55-60 के अधिक है और रक्त से जुड़ी समस्या है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक कार्यों में धन व्यय होगा, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, फालतू विवाद में न पड़ें, माह की 2, 3, 11, 13, 14, 15, 21, 22, 23 व 28 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि कन्या लग्नकन्या राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सुंदरकांड का पाठ करें व नित्य सूर्य को जल देकर आदित्य हिर्दय स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

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मई 2020: कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

कर्क लग्न

 

कर्क लग्नकर्क राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का दशम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, धनेश का कर्म भाव में उच्च राशि से गोचर काम-धंधे में बड़ी सफलता दिलवाएगा, यदि आप दवा, फाइनेंस, बैंक, टीचिंग, इंश्योरेन्स से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं सूर्य का यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ रहेगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी 14 मई 2020 को सूर्य गोचर बदलकर आपके लाभ स्थान में चले जाएंगे जहाँ लाभेश शुक्र पहले से ही स्वराशि गोचर रहे हैं फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, अचानक धन लाभ होगा, महिलाओं से धन लाभ या किसी महिला के सहयोग से लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूर्ण होगा, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, यदि आपके बड़े भाई-बहन हैं तो उनकी उन्नति होगी व उनका सहयोग भी प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, माह की शुरुवात में बुध आपके दशम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, कार्य के सिलसिले से छोटी यात्रा के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ का ख्याल रखें 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके लाभ स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप किसी महत्पूर्ण कार्य को लेकर कोई तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, छोटे भाई-बहन यदि हैं तो उनकी उन्नति होगी, यदि आपके छोटे भाई-बहन विवाह योग्य हो गए हैं तो उनके विवाह हेतु कुछ बात चल सकती है, यात्राओं पर धन व्यय होगा 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में आ जाएंगे जिस कारण से अचानक लंबी यात्राओं के योग बनेंगे, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें क्योंकि राहु भ्रम है जिस कारण आपके मन में यात्रा के अनगिनत लाभ आएंगे अतः यदि संभव हो तो इन यात्राओं को टालें, व्यर्थ के विवाद से बचें, शत्रुओं से या अन्य किसी कारण से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें।

 

कर्क राशिफल
कर्क राशि

 

माह के शुरुवात में मंगल, गुरुशनि आपके सप्तम भाव से गोचर करेंगे जहाँ गुरुशनि का नीचभंग राजयोग बनेगा फलस्वरूप यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं आपके विवाह की बात चल सकती है, जिनका विवाह पहले ही पक्का हो चुका है उनके लिए सितंबर बाद विवाह के योग बनेंगे क्योंकि द्वादश भाव से राहु का गोचर विवाह के लिए सहयोग नही करता, जिनके दामपत्य जीवन में लंबे समय से तनाव चला रहा है उनके दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी, नौकरी पेशा लोगों के लिए भी यह माह काफी अच्छा रहेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें (विशेषतः जब चंद्रमा मिथुन, कर्क, धनु, मकर, कुंभ राशि से गोचर करें।), 4 मई को मंगल गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप किसी प्रियजन से कष्ट/दुःख मिलने के योग बनते हैं क्योंकि पंचम भाव प्रेम व संतान का भाव होता है और अष्टम भाव दुःख का भाव है अतः पंचमेश का अष्टम भाव से गोचर प्रेमी/प्रेमिका या संतान से मतभेद या अन्य किसी प्रकार से दुःख/कष्ट मिलने के योग बनाएगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे क्योंकि कर्मेश अष्टम भाव मतलब खुद से एकादश भाव से गोचर करेंगे, अचानक धन लाभ हो सकता है, जिनकी कुंडली में मंगल या केतु में से कोई एक या दोनों ग्रह या राहु छठे भाव या अष्टम भाव में बैठे हैं वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, जिन्हें रक्त जनित कोई विकार हो या हिर्दय जनित कोई विकार हो वह भी अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, जिनकी जन्म कुंडली के अष्टम भाव में मंगलराहु की युति हो और शनि की उन पर दृष्टि हो या मंगलशनि की युति हो और राहु की उन पर दृष्टि हो या राहुशनि की युति हो और मंगल की उन पर दृष्टि हो उनके लिए सर्जरी के योग बनेंगे, तामसिक चीजों के सेवन से बचें व वाणी पर नियंत्रण रखें, माह के शुरुवात में केतु का छठे भाव से गोचर रहेगा अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें व छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, द्वादश भाव से राहु का गोचर अनिद्रा अर्थात नींद सही से पूरी न हो पाने की समस्या दे सकता है, आपके bed room में किसी ग़लतफहमी के कारण तनाव रह सकता है, अनैतिक संबंध बनाने से बचें अन्यथा जेल यात्रा भी करनी पड़ सकती है।

 

कर्क राशिफल
कर्क राशि

 

कुल मिलाकर कर्क लग्नकर्क राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा जिसमें उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, आय में वृद्धि होगी, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जिनको रक्त जनित या हिर्दय से जुड़ी समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, जो लोग टीचिंग, फाइनेंस, इंश्योरेंस, बैंक, दवा से जुड़े कार्य करते हैं उनके लिए यह माह बेहद शुभ रहेगा, किसी महिला के सहयोग से लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूर्ण होगा, यदि आप कोई नया कार्य शुरू करना चाहते हैं तो अभी सितंबर 2020 तक इंतजार कर लें, संतान से कष्ट संभव है, माह की 1, 10, 11, 14, 15, 16, 25, 26, 27 व 28 तिथियों में विशेष सावधानी रखें, मेरे अनुसार यदि कर्क लग्नकर्क राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सुंदरकांड का पाठ करें व अमावस्या के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर के बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग २

चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग २

 

चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल
चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल

 

चतुर्थ भाव में स्थित शनि के फल मैंने दो भागों में विभक्त किया था जिसके पहले भाग की link को मैं इस पोस्ट में उपलब्ध करा रहा हूँ साथ ही उसी विषय पर आगे चर्चा करते हुए शनि के चतुर्थ भाव में विभिन्न स्थितियों में स्थित होने के फल को विस्तार से समझाते हुए पूर्ण करता हूँ।

 

चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग:-१ पढ़ने के लिए इस link पर जाएं:-

 

चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग १

 

यदि उच्च राशि का शनि चतुर्थ भाव में स्थित हो जो कि केवल कर्क लग्न की कुंडली में ही संभव है तो ऐसे व्यक्ति दूसरों को अनुशासित करने में लगे रहते हैं कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्तियों की चाह होती है कि उनके इच्छा अनुसार लोग कार्य करें ऋषि कश्यप का मत है कि ऐसे व्यक्ति पक्षियों को बंधन में रखने से सुखी होते हैं ऐसे व्यक्तियों को भूमि व वाहन सुख प्राप्त होता है साथ ही इनको बहुत मजबूत विचारों वाले जीवनसाथी की प्राप्ति होती है, यदि उच्च नवांश का शनि चतुर्थ भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति माँसाहारी होते हैं तथा माँसाहार भोजन करने में इन्हें बहुत आनंद आता है।

 

यदि शुभ वर्ग का शनि चतुर्थ भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्ति खेती से जुड़े कार्य से सुख की प्राप्ति करते हैं कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्ति जहाँ कच्चे माल को बनाने या खरीदने-बेचने का कार्य होता हो वहाँ अधिक सफल होते हैं, यदि पाप वर्ग का शनि चतुर्थ भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति नकारात्मक चीजों की ओर जल्दी आकर्षित होते हैं ऋषि कश्यप का मत है कि ऐसे व्यक्ति दोषों को अपनाकर सुख का अनुभव करते हैं अतः ऐसे व्यक्तियों को कोई भी निर्णय बहुत सोच समझकर लेना चाहिए।

 

चतुर्थ भाव में शनि
चतुर्थ भाव में शनि

 

यदि नीच राशि का शनि चतुर्थ भाव में स्थित हो जो कि मकर लग्न की कुंडली में ही संभव है तो ऐसे व्यक्ति अधिकांश समय अकेले रहना पसंद करते हैं व इन्हें भूमि और वाहन का उत्तम सुख प्राप्त होता है और ऐसे व्यक्तियों के जीवनसाथी उच्च पद पर नौकरी करते हैं, यदि नीच नवांश का शनि चतुर्थ भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्ति बोलते कुछ व करते कुछ हैं कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्ति वंचक होते हैं साथ ही ऐसे व्यक्ति लोगों की मदद कर के सुख को अनुभव करते हैं।

 

चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग:-१ पढ़ने के लिए इस link पर जाएं:-

 

चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग १

 

यदि चतुर्थ भाव में मित्र राशि का शनि स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों का कार्यस्थल पर अधिक मन लगता है व ऐसे व्यक्ति परिवार से अधिक अपने कार्य को महत्व देते हैं, यदि शत्रु राशि का शनि चतुर्थ भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्ति दूसरों को ठगने से सुखी होते हैं कहने का आशय यह है कि ऐसे सभी कार्य जिसमें बुद्धि-विवेक द्वारा मुनाफा अधिक कमाया जा सकता है उन सभी कार्यों जैसे मार्केटिंग, बिज़नेस में अधिक सफल होते हैं।

 

यदि मित्र नवांश का शनि चतुर्थ भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों के घरेलू सुख में कुछ तनाव की स्थिति बनी रहती है साथ ही ऐसे व्यक्तियों को भूमि सुख अवश्य प्राप्त होता है, शत्रु नवांश का शनि चतुर्थ भाव हो तो ऐसे व्यक्ति जीवों को बेचकर सुखी होते हैं कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्ति जीवों को बेचकर धनार्जन करते हैं अब आज के समय में dog cannel खोलना वगैरह इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।

 

Astrology Sutras

 

यदि वर्गोत्तम स्थिति का शनि चतुर्थ भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति दूसरों को हानि पहुँचा कर सुख का अनुभव करते हैं कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्ति कुछ इस तरह का कार्य करते हैं जिससे दूसरों को हानि या दुःख पहुँचे उदाहरण के तौर पर जैसे वकालत का कार्य क्योंकि इसमें व्यक्ति अपने पक्ष के व्यक्ति को विजय दिलवाकर उनसे सुख के साधन प्राप्त करता है किंतु उसके इस कृत्य से दूसरे पक्ष को कुछ हानि व दुःख पहुँचता है।

 

यदि स्वराशि शनि चतुर्थ भाव में हो जो कि तुलावृश्चिक लग्न की कुंडली में ही संभव है तो व्यक्ति रस पदार्थ बेचकर सुखी होता है कहने का आशय यह है कि ऐसा व्यक्ति कोई ऐसा कार्य करता है जिससे दूसरों को सुख की अनुभूति हो साथ ही ऐसे व्यक्तियों भूमि सुख निश्चय ही प्राप्त होता है, यदि तुला लग्न की कुंडली में शनि चतुर्थ भाव में हो तो अधिक लाभकारी होता है क्योंकि तुला लग्न की कुंडली में राजयोगकारक हो जाता है और दसवीं दृष्टि से लग्न को अपनी उच्च राशि में देखता है अतः तुला लग्न की कुंडली में चतुर्थ भाव में स्थित शनि व्यक्ति की मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि करता है व बड़ी सफलता दिलवाता है वहीं वृश्चिक लग्न की कुंडली में चतुर्थ भाव में स्थित शनि दर्शाता है कि ऐसे व्यक्तियों की परिश्रम अधिक करना पड़ेगा क्योंकि शनि तीसरे भाव अर्थात पराक्रम भाव का भी स्वामी होता है साथ ही ऐसे व्यक्ति अत्यधिक परिश्रम कर के जीवन में बड़ी सफलता को प्राप्त करते हैं।

चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग:-१ पढ़ने के लिए इस link पर जाएं:-

चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग १

 

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