21 जून 2020: सूर्य ग्रहण जानें, देश के प्रमुख शहरों में ग्रहण समय और ग्रहण क्यों लगता है व ग्रहण काल में क्या करना चाहिए
21 जून सूर्य ग्रहण
ग्रहण लगने का ज्योतिषीय कारण:-
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य व चंद्रमा गोचर में राहु व केतु से युति करते हैं और अंशात्मक रूप से उनमें 9° का अंतर होता है तब ग्रहण लगता है क्योंकि उस अवस्था में सूर्य व चंद्र की छाया धरती को स्पर्श नही कर पाती है सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन तो चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन लगता है।
सूर्य ग्रहण
भारत के प्रमुख शहरों में ग्रहण समय:-
21 जून 2020 को लगने वाला सूर्य ग्रहण मिथुन राशि व मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा जिस कारण मिथुन लग्न व मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में जन्मे व्यक्तियों को यह ग्रहण नही देखना चाहिए, भारत के प्रमुख शहरों में ग्रहण का समय कुछ इस प्रकार है:-
दिल्ली:- 10 बजकर 46 मिनट से 2 बजकर 17 मिनट तक
मुम्बई:- 10 बजकर 1 मिनट से 1 बजकर 28 मिनट तक
कलकत्ता:- 10 बजकर 46 मिनट से 2 बजकर 17 मिनट तक
बैंगलुरु:- 10 बजकर 1 मिनट से 1 बजकर 32 मिनट तक
लखनऊ:- 10 बजकर 27 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक
राजकोट:- 9 बजकर 59 मिनट से 1 बजकर 26 मिनट तक
हरिद्वार:- 10 बजकर 24 मिनट से 1 बजकर 51 मिनट तक
वाराणसी (काशी):- 10 बजकर 31 मिनट से 2 बजकर 4 मिनट तक
जयपुर:- 10 बजकर 15 मिनट से 1 बजकर 44 मिनट तक
सीकर:- 10 बजकर 15 मिनट से 1 बजकर 43 मिनट तक
सालासर:- 10 बजकर 14 मिनट से 1 बजकर 44 मिनट तक
जोधपुर:- 10 बजकर 8 मिनट से 1 बजकर 36 मिनट तक
सूर्य ग्रहण में क्या करें:-
सूर्य ग्रहण के दौरान स्नान, जप व यज्ञ करना चाहिए तथा ग्रहण खत्म होने पर दान देने का विधान है सौर पुराण के अनुसार मनुष्य जितने भी दान अपने जीवनकाल में कर के पुण्य अर्जित करता है वह सभी पुण्य मनुष्य को सिर्फ ग्रहण बाद दान करने से ही मिल जाता है।
विशेष:-
मन्वर्थ मुक्तावली के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान अदित्यहिर्दय स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए।
सूर्य ग्रहण में क्या न करें:-
१. ग्रहण काल के दौरान मांगलिक कार्यक्रम निषेध माना गया है अतः सूर्य ग्रहण के दौरान कोई भी मांगलिक कार्यक्रम नही करना चाहिए।
२. शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल के दौरान मूर्ति स्पर्श वर्जित होता है।
३. शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान अन्न व कटी हुई सब्जियों का त्याग करना चाहिए।
विशेष:-
घी, तेल, दूध, दहीं, मक्खन, पनीर, खोआ, दूध से बने सभी पदार्थ, अचार व मुरब्बों पर कुशा या तुलसी पत्ता रख देने यह सामग्रियाँ दूषित नही होती हैं।
18 जून 2020: 3 ग्रहों के बाद अब बुध भी होंगे वक्री जानें बुध के वक्री होने पर क्या सावधानी बरतनी चाहिए—–Astrology Sutras
बुध मिथुन राशि में वक्री
शनि, गुरु व शुक्र वर्तमान में वक्री अवस्था से गोचर कर रहे हैं और आज अर्थात 18 जून 2020 को प्रातः9 बजकर 52 मिनटपर बुध भी वक्री हो जाएंगे तथा 12 जुलाई को पुनः मार्गी हो जाएंगे बुध बुद्धि, वाणी, चेतना, व्यापार, रेडियो, मोबाइल और त्वचा के कारक होते हैं अतः बुध के वक्री होने से विभिन्न राशियाँ भी प्रभावित होंगी तो चलिए जानते हैं बुध के वक्री अवस्था में गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-
मेषादि 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव
मेष राशि:-
मेष राशिफल
मेष राशि वालों के लिए बुध तीसरे से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः बहुत सोच-समझकर ही कोई निर्णय लें व जोखिम लेने से बचें, छोटे भाई-बहन के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें।
उपाय:- नित्य गणेश जी को दूर्वा घास अर्पित कर गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें व संकठा चतुर्थी और विनायक चतुर्थी का व्रत करें।
वृषभ राशि:-
वृषभ राशिफल
वृषभ राशि वालों के लिए बुध दूसरे भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, संतान के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कुछ परिश्रम के साथ सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे।
उपाय:- गणेश अथर्वशीर्ष का नित्य पाठ करें।
मिथुन राशि:-
मिथुन राशिफल
मिथुन राशि वालों के लिए बुध लग्न से ही वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः तनाव लेने से बचें व स्वास्थ्य का ख्याल रखें, त्वचा संबंधित कोई समस्या संभव है, वाहन सुख प्राप्त हो सकता है, व्यय में वृद्धि होगी।
उपाय:- गणेश स्तोत्र का पाठ करें।
कर्क राशि:-
कर्क राशिफल
कर्क राशि वालों के लिए बुध द्वादश भाव से गोचर करेंगे अतः खर्चों पर नियंत्रण बना कर रखें, किसी से व्यर्थ विवाद में न पड़ें व लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, किसी नए कार्य के आरंभ के लिए यह अच्छा समय रहेगा।
उपाय:- गणेश गायत्री मंत्र का नित्य जाप करें।
सिंह राशि:-
सिंह राशिफल
सिंह राशि वालों के लिए बुध एकादश भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः यात्राओं पर धन व्यय होगा, आय वृद्धि के योग बनेंगे, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, बुआ व बड़ी बहन के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
उपाय:- नित्य गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें।
कन्या राशि:-
कन्या राशिफल
कन्या राशि वालों के लिए बुध दशम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः मन में किसी न किसी प्रकार का भय बना रह सकता है, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, कार्यस्थल पर व्यर्थ के विवाद में न पड़ें।
उपाय:- नित्य गणेश गायत्री मंत्र का जाप करें।
तुला राशि:-
तुला राशिफल
तुला राशि वालों के लिए बुध नवम भाव से वक्री होकर गोचर करेंगे अतः धार्मिक यात्राओं या धार्मिक कार्यों या कार्य के सिलसिले से की गई यात्राओं पर धन व्यय होगा, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना होगा, पिता के स्वास्थ्य में परेशानी संभव है, महिलाओं से व्यर्थ विवाद करने से बचें।
उपाय:- बुधवार के दिन कोई साग व शुक्रवार के दिन शकर मिश्रित चावल गाय को खिलाएं।
वृश्चिक राशि:-
वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध अष्टम भाव से वक्री होकर गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, व्यर्थ विवाद में न पड़ें व तनाव लेने से बचें, जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, ससुराल पक्ष से विवाद संभव है, निवेश करने से बचें।
उपाय:- संकठा चतुर्थी व विनायक चतुर्थी का व्रत करें व नित्य गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें।
धनु राशि:-
धनु राशिफल
धनु राशि वालों के लिए बुध सप्तम भाव से वक्री होकर गोचर करेंगे अतः विवाह में कुछ दिक्कतें आएंगी, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, कार्यस्थल पर किसी से क्षणिक विवाद होने के कारण से तनाव रह सकता है, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे।
उपाय:- नित्य गणेश जी को दूर्वा घास अर्पित करें व अर्पित की हुई दूर्वा घास से कुछ अपने पर्स या जेब में रखें।
मकर राशि:-
मकर राशिफल
मकर राशि वालों के लिए बुध षष्ठ भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः तनाव लेने से बचें, जिन्हें न्यूरो से संबंधित समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, मामा पक्ष से वैचारिक मतभेद संभव है।
उपाय:- गणेश चालीसा व शनि स्तोत्र का नित्य पाठ करें।
कुंभ राशि:–
कुंभ राशिफल
कुंभ राशि वालों के लिए बुध पंचम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, संतान को कष्ट संभव है, अपने सीनियर से व्यर्थ विवाद में न पड़ें।
उपाय:- राम रक्षा स्तोत्र का नित्य पाठ करें व गणेश गायत्री मंत्र का नित्य जाप करें।
मीन राशि:-
मीन राशिफल
मीन राशि वालों के लिए बुध चतुर्थ भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः माता से विवाद संभव रहेगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, किसी अपरिचित की बातों में आने से बचें।
जुलाई 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
मेष लग्न कुंडली
मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए जुलाई 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य, बुध व राहु आपके तीसरे भाव से गोचर करेंगे अतः आवेश में आने से बचें, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग भी प्राप्त होगा 16 जुलाई को सूर्य गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप माता के स्वभाव में तेजी अनुभव होगी, तनाव लेने से बचें, जिन्हें हिर्दय जनित कोई रोग हो या जिन्हें छाती में दर्द की समस्या रहती हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, संतान पर धन व्यय होगा, माह के शुरुवात में मंगल का द्वादश भाव से गोचर रहेगा अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें क्योंकि इस माह आपके अधिकतर निर्णय गलत सिद्ध हो सकते हैं अतः सोच-समझकर ही कोई निर्णय लें, घर में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, कोई भी रिस्क लेने से बचें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें।
मेष राशिफल
माह के शुरुवात में शनि का दशम भाव से गोचर शश नामक योग बनाएगा किंतु शनि के वक्री अवस्था में गोचर करने के कारण से मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, यदि आपका फाइनेंस से जुड़ा हुआ कार्य है तो यह माह आपके लिए अच्छा रहेगा, शेयर बाजार में पैसा लगाने से बचें, माह के शुरूवात में गुरु व केतु का गोचर नवम भाव से रहेगा फलस्वरूप आध्यत्म की ओर झुकाव बड़ेगा, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, जो लोग उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह माह अच्छा सिद्ध होगा, 1 से 4 जुलाई व 12 जुलाई को विशेष सावधानी बरतें व इनमें कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें, धोखा मिल सकता है, तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, 5 से 10 जुलाई का समय आपके लिए अच्छा सिद्ध होगा इनमें जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे व नजदीकियाँ बढ़ेंगी, कोई नया अवसर प्राप्त हो सकता है, किसी उच्च अधिकारी से मुलाकात भी संभव रहेगी, 11 से 16 जुलाई का समय विशेष 12 जुलाई का समय अधिक शुभ नही है अतः यह समय थोड़ा सावधान रहें अन्यथा अपमानजनक स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, 17 से 23 जुलाई के मध्य आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा व धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे या धार्मिक अनुष्ठान पर धन व्यय होगा, यह समय विद्यार्थियों के लिए बहुत शुभ रहेगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व अपने प्रेम का इजहार करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा, 24 से 31 जुलाई तक का समय कार्यक्षेत्र के लिए सामान्य रहेगा जिसमें कार्य को लेकर लंबे समय से जो तनाव था उसमें राहत मिलेगी, यदि आप नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं तो 15 अगस्त तक इंतजार कर लें।
मेष राशिफल
कुल मिलाकर मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए जुलाई 2020 सामान्य रहेगा जिसमें पराक्रम में वृद्धि होगी, छोटे भाई-बहन से विवाद संभव रहेगा, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, आवेश में आने व तनाव लेने से बचें, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, यदि आप लंबे समय से नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं तो कुछ समय और रुक जाएं, कोई भी रिस्क लेने से बचें व कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझकर लें अन्यथा अपमानजनक स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है माह की 1, 2, 3, 4, 11, 12, 13, 14, 15 व 16 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मेष लग्न व मेष राशि वाले व्यक्ति यदि मंगलवार का व्रत कर हनुमान जी की उपासना करें व नित्य गाय को रोटी, गुड़ व चने की दाल खिलाएं तो लाभ होगा।
खाटूश्याम मंदिर की स्थापना कब और कहाँ हुई:—-Astrology Sutras
माहाभारत ग्रंथ के अनुसार बर्बरीक जो कि अतिबलशाली भीम के पौत्र व घटोत्कच और मोरवी के पुत्र थे, बचपन से ही उनमें एक विलक्षण शक्ति थी तथा इन्होंने युद्ध कला अपनी माता तथा श्री कृष्ण से सीखा था, बर्बरीक ने माता की आज्ञा अनुसार नव दुर्गा की घोर तपस्या की व उनको प्रसन्न कर तीन अमोघ बाण प्राप्त किए जो कि कभी विफल नही हो सकते थे इस प्रकार बर्बरीक “तीन बाणधारी” के नाम से प्रसिद्ध हुए।
महाभारत युद्ध के समय बर्बरीक की भी युद्ध में सम्मिलित होने की प्रवल इच्छा जागृत हुई व उन्होंने अपनी माता को वचन दिया कि जो भी पक्ष निर्बल होगा मैं उसकी तरफ से युद्ध करूँगा और नीले घोड़े पर सवार होकर कुरुक्षेत्र की रणभूमि की तरफ चल दिए उस समय श्री कृष्ण ध्यान में लीन थे और उन्होंने अपने योग विद्या से जब यह देखा तो ब्राह्मण रूप धारण कर के बर्बरीक के समक्ष पहुँच कर उन्हें रोक कर उनसे कुरुक्षेत्र की रणभूमि की तरफ जाने का कारण पूछा व बर्बरीक द्वारा यह बताए जाने पर कि वह युद्ध में भाग लेने जा रहे हैं उनकी हँसी उड़ाई और कहा कि केवल यह तीन बाण के साथ आप युद्ध कैसे कर सकेंगे इस पर बर्बरीक ने उत्तर दिया कि उनका एक बाण ही समस्त शत्रुओं का नाश करने के लिए काफी है और शत्रुओं का दमन करने के बाद उनका बाण वापस उनके तुणीर में आ जाएगा और यदि वह इन तीनों बाणों का एक साथ संघान किया तो तीनों बाणों की विध्वंसक शक्ति से समस्त ब्रह्मांड की नाश हो जाएगा, यह जानकर श्री कृष्ण जी ने उन्हें चुनौती दी कि इस पीपल वृक्ष के सभी सूखे पत्तों को भेद कर दिखाओ किंतु वही पत्ते भेदना है जो सूखे हों या उनमें छिद्र हो बर्बरीक ने श्री कृष्ण की चुनौती को स्वीकार किया और अपने एक ही बाण से उस पीपल वृक्ष के सभी सूखे व छिद्रित पत्तों को भेद दिया तत्पश्चात वह बाण श्री कृष्ण के चरणों के पास जाकर रुक गया तब बर्बरीक ने श्री कृष्ण जी से निवेदन किया कि एक पत्ता आपके पैर के नीचे बचा हुआ है अतः आप अपना पैर हटा लें अन्यथा यह बाण आपके पैर पर घात कर देगा क्योंकि दुर्गा जी से प्राप्त बरदान के अनुसार उनका कोई बाण लक्ष्य भेदे बिना वापस नही आता तब भी श्री कृष्ण जी के पैर न हटाने पर माँ दुर्गा प्रकट हुई व श्री कृष्ण जी से प्राथना की कि उनके वरदान की लाज रखने हेतु अपना पैर हटा लें तब श्री कृष्ण जी ने अपना पैर जैसे ही हटाया उस बाण ने उस बचे हुए पत्ते को भी भेद दिया तत्पश्चात श्री कृष्ण जी ने दुर्गा जी को यह वचन दिया कि उनके पैर का निचला हिस्सा आज से उनके शरीर का सबसे कमजोर भाग होगा तथा यही भाग उनके इस शरीर को त्याग कर परमधाम लौटने का कारण बनेगा।
श्री कृष्ण जी इस बात को भली-भांति जानते थे इस महायुद्ध में कौरवों की हार निश्चित है और यदि बर्बरीक को न रोका गया तो यह युद्ध अधर्म के विजय का कारण बन सकता है अतः ब्राह्मण रूपी श्रीं कृष्ण जी ने बर्बरीक से दान माँगने की इच्छा रखी तो बर्बरीक ने उन्हें दान देने का वचन देते हुए दान माँगने को कहा तब श्री कृष्ण जी ने दान रूप में बर्बरीक से उनका शीश माँगा इस पर बर्बरीक चिंतन में पड़ गए और श्री कृष्ण जी के उनकी चिंता का कारण पूछने पर उन्होंने श्री कृष्ण जी से कहा कि मेरी इस युद्ध के साक्षी बनने की प्रवल इच्छा थी इस पर श्री कृष्ण जी ब्राह्मण रूप को त्याग कर अपने वास्तविक रूप में आ गए और बर्बरीक को समझाते हुए कहा कि इस महायुद्ध में धर्म के विजय हेतु तुम्हारे शीश का दान अनिर्वाय है तथा श्री कृष्ण जी ने बर्बरीक को आशीर्वाद दिया कि उनका यह दान अनंत काल तक याद रखा जाएगा तथा उनकी इस महायुद्ध को देखने की इच्छा भी जरूर पूरी होगी इस आशीर्वाद को प्राप्त कर बर्बरीक अत्यंत प्रसन्न हुए व अपना शीश श्री कृष्ण के चरणों में अर्पित कर दिया तत्पश्चात श्री कृष्ण जी ने उनके शीश को युद्धभूमि के समीप एक पर्वत पर स्थापित कर दिया जहाँ से बर्बरीक इस महाभारत युद्ध के प्रत्यक्ष साक्षी बनें।
महाभारत युद्ध की समाप्ति के बाद पांडवों में अहंकार की उत्पत्ति देखकर श्री कृष्ण जी मुस्कुराए और पांडवों को उस पर्वत पर ले गए जहाँ “महादानी” बर्बरीक का शीश स्थित था व उन्होंने बर्बरीक से निवेदन किया कि वह ही निर्णय लें कि पाँचों पांडव में से इस युद्ध के विजय का श्रेय किसको देना चाहिए इस पर बर्बरीक खूब हँसे और बोले कि कौन पांडव मैंने तो कुरुक्षेत्र में केवल श्री कृष्ण जी और उनके सुदर्शन चक्र को ही देखा श्री कृष्ण जी ने अकेले ही समस्त अधर्मियों का अंत किया अतः इस युद्ध में विजय श्री कृष्ण की ही हुई है इस बात से श्री कृष्ण जी प्रसन्न होकर बर्बरीक को आशीर्वाद देते हैं कि आज से तुम “श्याम” नाम से जाने जाओगे क्योंकि जो हारे का सहारा हो वही “श्याम” है अतः कलयुग में सभी लोग तुम्हारी मेरे नाम “श्याम” से पूजा करेंगे व जो भक्त तुम्हारी पूजा करेगा उसके सारे कष्ट दूर होंगे व उन्हें हर कार्य में सफलता प्राप्त होगी।
बर्बरीक के खाटूश्याम नाम का रहस्य:-
बर्बरीक का शीश श्री कृष्ण जी द्वारा “खाटू नगर” के पर्वत पर स्थित किया गया था जिस कारण से उन्हें खाटूश्याम के नाम से भी जाना जाता है।
क्यों की जाती है खाटूश्याम की पूजा:-
स्कंद पुराण के अनुसार:-
तत्सतथेती तं प्राह केशवो देवसंसदि।
शिरस्ते पूजयिषयन्ति देव्या: पूज्यो भविष्यसि।।
(स्कंद पुराण, कौ. ख. ६६.६५)
भावार्थ:-हे वीर! ठीक है तुम्हारे शीश की पूजा होगी और तुम देवरूप में पूजित होकर प्रिसिद्धि को प्राप्त करोगे।
खाटूश्याम जी का यह मंदिर राजस्थान राज्य के सीकर जिले में स्थित है तथा इनके प्रमुख देवता श्री कृष्ण जी और प्रमुख उत्सव फाल्गुन महोत्सव है इनके अन्य नाम खाटू नरेश, मोर्विनंदन व मोरछड़ी धारक है, मोर पंखों से बनी छड़ी को हमेशा अपने पास रखने के कारण से इनका नाम मोरछड़ी कहलाया।
जून 2020: तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
तुला लग्न कुंडली
तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का गोचर अष्टम भाव से रहेगा अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी व ससुराल पक्ष से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, दवाईयों पर धन व्यय होगा, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, पिता को कष्ट संभव रहेगा, 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके नवम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप पिता का सहयोग प्राप्त होगा किंतु पिता से वैचारिक मतभेद भी संभव रहेगा, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, आय वृद्धि के योग बनेंगे, माह के शुरुवात में शुक्र का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः यह समय स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत अच्छा नही रहेगा, किसी पुरानी बीमारी से राहत मिलेगी किंतु शुक्र के वक्री रहने के कारण से स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा, माह के शुरुवात में बुध व राहु का नवम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप भाग्य की वृद्धि होगी, यात्राओं के योग बनेंगे, बुद्धि व विवेक द्वारा उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे अतः भाग्य वृद्धि हेतु कुछ अधिक प्रयास करना पड़ेगा, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, छोटी यात्राएं होंगी, यदि आपकी कुंडली के 4, 8 व 12 भाव में राहु है तो विशेष सावधानी बरतें।
तुला राशिफल
माह के शुरुवात में मंगल का गोचर पंचम भाव से रहेगा फलस्वरूप नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, जीवनसाथी के साथ रोमैंटिक यात्रा पर जा सकते हैं, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके छठे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद होंगे, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, तामसिक चीजों से परहेज करें, माह के शुरुवात में गुरु व शनि का गोचर चतुर्थ भाव में रहेगा अतः व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें अन्यथा अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, जिम्मेदारियों में इजाफा होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, 1 व 2 जून आपके लिए काफी अच्छा रहेगा जिसमें बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, यदि आप लंबे समय से नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं तो आपको कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, 3 से 7 जून का समय आपके लिए अच्छा रहेगा अतः आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, प्रेमियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय बीतेगा, 5 जून को स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सतर्क रहें व वाणी पर नियंत्रण रखें, 8 से 14 जून तक का समय थोड़ा सावधान रहें व लोगों के साथ व्यर्थ विवाद में न पड़ें, लोवों पर अधिक विश्वास करने से बचें व तनाव लेने से बचें, 15 से 30 जूनका समय आपके लिए अच्छा रहेगा, स्वास्थ्य में सुधार होगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, आय वृद्धि के योग बनेंगे, नई संपत्ति क्रय करने के योग बनेंगे, 21 जून के दिन तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें।
कुल मिलाकर तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा जिसमें बुद्धि, विवेक व परिश्रम से भाग्य वृद्धि के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, जिन्हें हिर्दय, श्वास, पेट से संबंधित कोई समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, ससुराल पक्ष से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, 14 जून तक जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा तदोपरांत दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी, 5 जून व 21 जून को पड़ने वाला ग्रहण आपके लिए बहुत शुभ नही रहेगा, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, तनाव लेने से बचें, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, स्थान परिवर्तन संभव रहेगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, ज़िम्मेदारियाँ बढ़ेंगी, माह की 5, 7, 8 से 14 व 21 और 27 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदितुला लग्न व तुला राशिवाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल अर्पित कर आदित्य हिर्दय स्तोत्र का पाठ करें व शुक्रवार के दिन गाय को चावल-चीनी खिलाएं तथा शनिवार व बुधवार के दिन काली उर्द और काला वस्त्र किसी गरीब या जमादार को दान करें तो लाभ होगा।
जून 2020: सिंह लग्न व सिंह राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
सिंह लग्न कुंडली
सिंह लग्न व सिंह राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का दशम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर लाभ स्थान में चले जाएंगे अतः शेयर बाजार में पैसा लगाने से बचें, किसी को उधार पैसा देने से बचें, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, माह के शुरुवात में शुक्र का लाभ स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, यदि आपका कार्य मार्केटिंग, फाइनेंस, टीचिंग, सौंदर्य, खान-पान से जुड़ा हुआ है तो शुक्र का यह गोचर आपके लिए शुभ सिद्ध होगा किंतु शुक्र के वक्री रहने के कारण से कुछ परिश्रम करने पर ही सफलता प्राप्त होगी, माता का सहयोग प्राप्त होगा, माह के शुरुवात में बुध व राहु का गोचर लाभ स्थान से रहेगा अतः व्यर्थ के विवाद से बचें, संतान को किसी प्रकार का कष्ट संभव रहेगा, बड़े भाई-बहन से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लोगों की बातों में आने से बचें, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे।
माह के शुरुवात में मंगल का गोचर सप्तम भाव से रहेगा फलस्वरूप भाग्य की वृद्धि होगी, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, नौकरी पेशा लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, ससुराल पक्ष से विवाद संभव है, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, माह के शुरुवात में गुरु व शनि का गोचर छठे भाव से रहेगा अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व वाहन सावधानी से चलाएं, संतान, परिवार, दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, जिनकी उम्र 55-60 से अधिक हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, खर्चों में वृद्धि होगी, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, कुटुंब से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा जिससे तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी अतः तनाव लेने से बचें, 1 से 3 जून तक का समय आपके लिए अच्छा रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव रहेगी या उनसे वार्ता हो सकती है, पैसा निवेश करने से बचें, 4 से 7 जून तक समय आपके लिए बहुत शुभ नही रहेगा अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, लोग आपके पीठ-पीछे काफी षड्यंत्र रचेंगे, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, 8 से 10 जून का समय अच्छा रहेगा जिसमें मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 11 से 14 जून तक कक समय भी आपके अच्छा रहेगा जिसमें अचानक धन लाभ हो सकता है, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, यदि आप सरकारी कर्मचारी हैं तो सरकार से लाभ हो सकता है, परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा, 15 से 17 जून के मध्य भाई-बहन व पड़ोसियों से आपके संबंध मधुर होंगे, 18 से 20 जून का समय आपके लिए काफी अच्छा रहेगा, परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा व परिवार का सहयोग भी प्राप्त होगा, 22 से 24 जून तक का समय प्रमियों व विद्यार्थियों के लिए काफी अच्छा रहेगा, 5, 6, 21 व 26 से 28 जून के मध्य स्वास्थ्य सबंधित समस्याएं हो सकती है अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, व्यर्थ के विवाद में न पड़ें, कार्यक्षेत्र में लोगों से बनाकर चलें व सीनियर से फालतू विवाद न करें, 29 व 30 जून आपके लिए अच्छा रहेगा व तनाव में कुछ कमी आएगी, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे।
सिंह राशिफल
कुल मिलाकर सिंह लग्न व सिंह राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आपका कार्य मार्केटिंग, फाइनेंस, टीचिंग, सौंदर्य, खान-पान, इंश्यूरेंस से जुड़ा हुआ है तो यह समय आपके लिए काफी अच्छा रहेगा, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें व छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, कुटुंब व ससुराल से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, 21 से 24 जून तक स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें, तनाव लेने से बचें, 4 ग्रहों के वक्री होने के कारण से कुछ अधिक परिश्रम कर के सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे, माह की 4, 5, 6, 7, 21, 22, 23, 24 व 27 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदिसिंह लग्न व सिंह राशिवाले व्यक्ति यदि नित्य अदित्य हिर्दय स्तोत्र व दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और 21 जून के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हुए बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें तो लाभ होगा।
जून 2020: कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
कर्क लग्न
कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का लाभ स्थान से गोचर रहेगा धनेश का लाभ स्थान से गोचर शुभ होता है अतः आय मे वृद्धि होगी, धन लाभ के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, संतान का सहयोग प्राप्त होगा 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप खर्चों में वृद्धि होगी, यात्राओं पर धन व्यय होगा, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी फिर भी छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें माह के शुरुवात में शुक्र का भी लाभ स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप घर के वातावरण में खुशियों का माहौल रहेगा किंतु फिर भी बीच-बीच में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, किसी महिला से धन लाभ या उन्नति के नए अवसर प्राप्त होने के योग बनेंगे, संतान की उन्नति होगी माह के शुरुवात में बुध का गोचर द्वादश भाव से रहेगा जहाँ राहु पहले से ही गोचर कर रहे हैं अतः यात्राओं के योग बनेंगे, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे तब स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे 21 जून का सूर्य ग्रहण तनावपूर्ण रहेगा अतः सोच-समझकर ही कोई निर्णय लें।
कर्क राशिफल
माह के शुरुवात में मंगल का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः संतान से वैचारिक मतभेद होंगे, जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, जीवनसाथी या ससुराल पक्ष से क्षणिक विवाद के योग बनेंगे, तामसिक चीजों के सेवन से बचें, वाणी पर नियंत्रण रखें, माह के शुरुवात में गुरु व शनि का सप्तम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप नौकरी पेशा लोगों के लिए यह माह अच्छा सिद्ध होगा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा, प्रमोशन या नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके लिए विवाह के योग बनेंगे, वाहन सुख प्राप्त होने के योग बनेंगे, 1 से 6 जून तक का समय परिवार वालों के साथ बीतेगा व मन प्रसन्न रहेगा, 7 व 8 जून के दिन स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व तनाव लेने से बचें, खर्चों में वृद्धि होगी, 9 व 10 जून दामपत्य जीवन के लिए अच्छा सिद्ध होगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, 11 व 12 जून को तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है अतः तनाव लेने से बचें, 13 से 15 जून के बीच कोई यात्रा हो सकती है, प्रेमियों के लिए यह अच्छा दिन रहेगा, 16 व 17 और 23 व 24 जून 2020 कार्यक्षेत्र के लिए अच्छा समय रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, 18 से 20 जून के मध्य पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है या दोस्तों व परिवार के सदस्यों के साथ अच्छा समय बीतेगा 21 व 22 जून को स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व कोई भी निर्णय लेने से बचें, खर्चों में वृद्धि होगी, 25 व 26 जून सामान्य रहेगा अतिरिक्त कार्यभार के कारण से थकान अनुभव हो सकती है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 27 जून को अचानक से तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो सकती है, फालतू विवाद में न पड़ें, 28 से 30 जून का समय परिवार के सदस्यों के साथ अच्छे से बीतेगा व कोई शुभ समाचार भी प्राप्त हो सकता है।
कर्क राशि
कुल मिलाकर कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें आय वृद्धि के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, 5 जून व 21 जून के दिन कोई भी निर्णय न लें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, वाणी पर नियंत्रण रखें व तामसिक चीजों के सेवन से बचें, माह की 5, 7, 8, 11, 12, 20, 21, 22, 25 व 27 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदिकर्क लग्न व कर्क राशिवाले व्यक्ति यदि नित्य राम रक्षा स्तोत्र व विल्वाष्टकम् का पाठ करें और शनिवार व अमावस्या के दिन किसी गरीब को काली चप्पल दान करें तो लाभ होगा।
जून 2020: मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
मिथुन लग्न कुंडली
मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में बुध व राहु का गोचर लग्न से रहेगा अतः बुद्धि विवेक द्वारा समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, नए विचार आएंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, घर के वातावरण में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, कल्पनाओं में रमने से बचें, मार्केटिंग, बैंकिंग, फाइनेंस, कमीशन से जुड़ा कार्य करने वालों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे जिससे अचानक से कोई समस्या उत्पन्न हो सकती है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें माह के शुरुवात में सूर्य का गोचर आपके द्वादश भाव से रहेगा फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष के लोगों, पिता व सीनियर से फालतू विवाद में न पड़ें, सरकारी कार्य थोड़ा सावधानी पूर्वक करें, यात्राओं के योग बनेंगे 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके लग्न में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवन में भागा दौड़ी बनी रहेगी, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें 21 जून को सूर्य ग्रहण आपके लग्न पर ही रहेगा जो कि शुभ नही है जिस कारण से कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं उत्पन्न होंगी, अत्यधिक परिश्रम करने पर उन्नति के मार्ग बनेंगे।
मिथुन राशिफल
माह के शुरुवात में शुक्र का व्यय भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप सुख के साधनों, जीवनसाथी, महिलाओं, संतान पर धन व्यय होगा, संतान के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी, यात्राओं के योग बनेंगे, जो लोग पढ़ाई के लिए बाहर जाना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा माह के शुरुवात में मंगल का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके दशम भाव में चले जायेंगे अतः कार्यक्षेत्र में कुछ परिश्रम से उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें अन्यथा बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं माह के शुरुवात में गुरु व शनि का अष्टम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा किंतु जीवनसाथी से या घर के किसी सदस्य से वैचारिक मतभेद भी संभव रहेगा, जिनकी उम्र 55-60 से अधिक है या जिन्हें हिर्दय, रक्त, वायु से जुड़ी कोई समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे 1 से 3 जून का समय कुछ तनावपूर्ण हो सकता है अतः तनाव लेने से बचें 4 से 7 जून के मध्य किसी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा 8 से 13 व 22 से 28 जून का समय भी आपके अच्छा रहेगा फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी 14 से 21 जून के मध्य पुराने मित्रों से मुलाकात संभव रहेगी, मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी 21 जून को सूर्य ग्रहण है जो कि आपके लग्न पर से ही होने के कारण से शुभ नही है अतः 21 जून के दिन कोई भी निर्णय लेने से बचें।
मिथुन राशि
कुल मिलाकर मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा जिसमें धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, पिता, सीनियर, सरकारी कर्मचारी, मामा पक्ष के लोगों से फालतू विवाद में न पड़ें, जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 5 जून व 21 जून के दिन विशेष सावधान रहें, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, सफलता प्राप्ति हेतु अधिक प्रयास करना होगा माह की 1, 2, 3, 5, 18, 20, 21, 22, 29, 30 तिथियों के दिन विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदिमिथुन लग्न व मिथुन राशिवाले व्यक्ति यदि अमावस्या के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें व नित्य आदित्य हिर्दय स्तोत्र और गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।
जून 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
मेष लग्न कुंडली
मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए जून 2020 मिला-जुला रहेगा माह के शुरुवात में गुरु व शनि का दशम भाव से गोचर रहेगा और यह दोनों ही ग्रह वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में तनाव की कुछ स्थिति उत्पन्न हो सकती है, अतिरिक्त कार्यभार के चलते कुछ थकान भी अनुभव होगी अतः तनाव लेने से बचें, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी 30 जून को गुरु पुनः धनु राशि में प्रवेश करेंगे जिस कारण से 25 से 29 जून तक का समय विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय रहेगा क्योंकि यह वह समय रहेगा जब गुरु पुनः अपनी राशि में गोचर करने आ रहे होंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनको विवाह के लिए प्रपोज करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा, भाग्य वृद्धि हेतु कुछ अधिक प्रयास करना पड़ेगा, ससुराल पक्ष में किसी के स्वास्थ्य में समस्या उत्पन्न हो सकती है, माह के शुरुवात में दूसरे भाव से सूर्य व शुक्र का गोचर रहेगा जहाँ शुक्र वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप आय वृद्धि हेतु अधिक प्रयत्न करना होगा, जीवनसाथी पर धन व्यय होगा, दाईं आँख में कोई तकलीफ संभव रहेगी, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं 5 जून2020 को चंद्र ग्रहण है जो कि आपकी कुंडली के अष्टम भाव से रहेगा अतः 5 जून के दिन यदि संभव हो सके तो घर पर ही रहें बहुत ही आवश्यक होने पर ही सावधानी पूर्वक घर के बाहर निकलें, तनाव की स्थितियाँ बनेंगी, स्वास्थ्य में परेशानी भी संभव रहेगी 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके तीसरे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप पराक्रम में वृद्धि होगी, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें 21 जून को सूर्य ग्रहण है अतः उस दिन विशेष सावधानी बरतें, आवेश में आने से बचें।
मेष राशिफल
माह के शुरुवात में बुध व राहु का तीसरे भाव से गोचर रहेगा अतः तनाव लेने से बचें क्योंकि बुध आपके छठे भाव जो कि रोग व शत्रु का भाव है उसका स्वामी भी है, छोटे भाई-बहन के स्वास्थ्य में भी समस्या रहेगी, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें 8 जून से 13 जून आपका पड़ोस के किसी मित्र के साथ अच्छा समय बीतेगा व पड़ोसियों से संबंध मधुर होंगे, 14 जून से 17 जून तक का समय कार्यक्षेत्र के लिए काफी अच्छा रहेगा, यात्राओं के योग बनेंगे व उन यात्राओं से लाभ भी प्राप्त होगा, माह के शुरुवात में मंगल का लाभ स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति भी होगी, क्रोध पर नियंत्रण रखें, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप यात्राओं, बड़े भाई, संतान, दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे साथ ही 18 जून को बुध भी वक्री हो जाएंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, यदि आप नौकरी परिवर्तन का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं तो सितंबर तक रुक जाएं अन्यथा अचानक से कोई बड़ी समस्या आ सकती है, मित्रों का सहयोग मिलेगा, नवम भाव से केतु का गोचर भाग्य वृद्धि में कुछ दिक्कतें पैदा कर सकता है, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, जीवनसाथी के भाई-बहन के स्वास्थ्य में कोई परेशानी संभव रहेगा।
मेष राशि
कुल मिलाकर मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए जून 2020 मिला-जुला रहेगा जिसमें जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेंगे, माता-पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें 5 जून के दिन विशेष सावधानी बरतें, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगा, अचानक धन लाभ हो सकता है, जीवनसाथी, दवाईयों, संतान, यात्राओं पर धन व्यय होगा, 1 से 17 जून तक का समय आपके लिए अच्छा रहेगा किंतु 18 जून से आपको कार्यक्षेत्र में अधिक प्रयास करना होगा, अपने सीनियर के साथ व्यर्थ विवाद में न पड़ें, 18 जून के बाद नौकरी परिवर्तन करने से बचें, तनाव लेने से बचें, माह की 1, 2, 5, 21, 30 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मेष लग्न व मेष राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य गणेश संकटनाशन स्तोत्र व सुंदरकांड और हनुमान बाहुक का पाठ करें तो लाभ होगा।