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जून 2020: कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

कर्क लग्न
कर्क लग्न

 

कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का लाभ स्थान से गोचर रहेगा धनेश का लाभ स्थान से गोचर शुभ होता है अतः आय मे वृद्धि होगी, धन लाभ के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, संतान का सहयोग प्राप्त होगा 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप खर्चों में वृद्धि होगी, यात्राओं पर धन व्यय होगा, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी फिर भी छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें माह के शुरुवात में शुक्र का भी लाभ स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप घर के वातावरण में खुशियों का माहौल रहेगा किंतु फिर भी बीच-बीच में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, किसी महिला से धन लाभ या उन्नति के नए अवसर प्राप्त होने के योग बनेंगे, संतान की उन्नति होगी माह के शुरुवात में बुध का गोचर द्वादश भाव से रहेगा जहाँ राहु पहले से ही गोचर कर रहे हैं अतः यात्राओं के योग बनेंगे, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे तब स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे 21 जून का सूर्य ग्रहण तनावपूर्ण रहेगा अतः सोच-समझकर ही कोई निर्णय लें।

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

माह के शुरुवात में मंगल का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः संतान से वैचारिक मतभेद होंगे, जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, जीवनसाथी या ससुराल पक्ष से क्षणिक विवाद के योग बनेंगे, तामसिक चीजों के सेवन से बचें, वाणी पर नियंत्रण रखें, माह के शुरुवात में गुरु व शनि का सप्तम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप नौकरी पेशा लोगों के लिए यह माह अच्छा सिद्ध होगा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा, प्रमोशन या नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके लिए विवाह के योग बनेंगे, वाहन सुख प्राप्त होने के योग बनेंगे, 1 से 6 जून तक का समय परिवार वालों के साथ बीतेगा व मन प्रसन्न रहेगा, 7 व 8 जून के दिन स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व तनाव लेने से बचें, खर्चों में वृद्धि होगी, 9 व 10 जून दामपत्य जीवन के लिए अच्छा सिद्ध होगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, 11 व 12 जून को तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है अतः तनाव लेने से बचें, 13 से 15 जून के बीच कोई यात्रा हो सकती है, प्रेमियों के लिए यह अच्छा दिन रहेगा, 16 व 17 और 23 व 24 जून 2020 कार्यक्षेत्र के लिए अच्छा समय रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, 18 से 20 जून के मध्य पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है या दोस्तों व परिवार के सदस्यों के साथ अच्छा समय बीतेगा 21 व 22 जून को स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व कोई भी निर्णय लेने से बचें, खर्चों में वृद्धि होगी, 25 व 26 जून सामान्य रहेगा अतिरिक्त कार्यभार के कारण से थकान अनुभव हो सकती है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 27 जून को अचानक से तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो सकती है, फालतू विवाद में न पड़ें, 28 से 30 जून का समय परिवार के सदस्यों के साथ अच्छे से बीतेगा व कोई शुभ समाचार भी प्राप्त हो सकता है।

 

कर्क राशिफल
कर्क राशि

 

कुल मिलाकर कर्क लग्न व कर्क राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें आय वृद्धि के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, 5 जून व 21 जून के दिन कोई भी निर्णय न लें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, वाणी पर नियंत्रण रखें व तामसिक चीजों के सेवन से बचें, माह की 5, 7, 8, 11, 12, 20, 21, 22, 25 व 27 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि कर्क लग्न व कर्क राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य राम रक्षा स्तोत्र व विल्वाष्टकम् का पाठ करें और शनिवार व अमावस्या के दिन किसी गरीब को काली चप्पल दान करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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Mobile:- 9919367470

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जून 2020: मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मिथुन लग्न
मिथुन लग्न कुंडली

 

मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में बुध व राहु का गोचर लग्न से रहेगा अतः बुद्धि विवेक द्वारा समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, नए विचार आएंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, घर के वातावरण में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, कल्पनाओं में रमने से बचें, मार्केटिंग, बैंकिंग, फाइनेंस, कमीशन से जुड़ा कार्य करने वालों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे जिससे अचानक से कोई समस्या उत्पन्न हो सकती है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें माह के शुरुवात में सूर्य का गोचर आपके द्वादश भाव से रहेगा फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष के लोगों, पिता व सीनियर से फालतू विवाद में न पड़ें, सरकारी कार्य थोड़ा सावधानी पूर्वक करें, यात्राओं के योग बनेंगे 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके लग्न में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवन में भागा दौड़ी बनी रहेगी, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें 21 जून को सूर्य ग्रहण आपके लग्न पर ही रहेगा जो कि शुभ नही है जिस कारण से कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं उत्पन्न होंगी, अत्यधिक परिश्रम करने पर उन्नति के मार्ग बनेंगे।

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

माह के शुरुवात में शुक्र का व्यय भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप सुख के साधनों, जीवनसाथी, महिलाओं, संतान पर धन व्यय होगा, संतान के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी, यात्राओं के योग बनेंगे, जो लोग पढ़ाई के लिए बाहर जाना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा माह के शुरुवात में मंगल का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके दशम भाव में चले जायेंगे अतः कार्यक्षेत्र में कुछ परिश्रम से उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें अन्यथा बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं माह के शुरुवात में गुरु व शनि का अष्टम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा किंतु जीवनसाथी से या घर के किसी सदस्य से वैचारिक मतभेद भी संभव रहेगा, जिनकी उम्र 55-60 से अधिक है या जिन्हें हिर्दय, रक्त, वायु से जुड़ी कोई समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे 1 से 3 जून का समय कुछ तनावपूर्ण हो सकता है अतः तनाव लेने से बचें 4 से 7 जून के मध्य किसी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा 8 से 13 व  22 से 28 जून  का समय भी आपके अच्छा रहेगा फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी 14 से 21 जून के मध्य पुराने मित्रों से मुलाकात संभव रहेगी, मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी 21 जून को सूर्य ग्रहण है जो कि आपके लग्न पर से ही होने के कारण से शुभ नही है अतः 21 जून के दिन कोई भी निर्णय लेने से बचें।

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशि

 

कुल मिलाकर मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा जिसमें धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, पिता, सीनियर, सरकारी कर्मचारी, मामा पक्ष के लोगों से फालतू विवाद में न पड़ें, जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, 5 जून व 21 जून के दिन विशेष सावधान रहें, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, सफलता प्राप्ति हेतु अधिक प्रयास करना होगा माह की 1, 2, 3, 5, 18, 20, 21, 22, 29, 30 तिथियों के दिन विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मिथुन लग्न व मिथुन राशि वाले व्यक्ति यदि अमावस्या के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें व नित्य आदित्य हिर्दय स्तोत्र और गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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जून 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मेष लग्न कुंडली
मेष लग्न कुंडली

 

मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए जून 2020 मिला-जुला रहेगा माह के शुरुवात में गुरु व शनि का दशम भाव से गोचर रहेगा और यह दोनों ही ग्रह वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में तनाव की कुछ स्थिति उत्पन्न हो सकती है, अतिरिक्त कार्यभार के चलते कुछ थकान भी अनुभव होगी अतः तनाव लेने से बचें, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी 30 जून को गुरु पुनः धनु राशि में प्रवेश करेंगे जिस कारण से 25 से 29 जून तक का समय विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय रहेगा क्योंकि यह वह समय रहेगा जब गुरु पुनः अपनी राशि में गोचर करने आ रहे होंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनको विवाह के लिए प्रपोज करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा, भाग्य वृद्धि हेतु कुछ अधिक प्रयास करना पड़ेगा, ससुराल पक्ष में किसी के स्वास्थ्य में समस्या उत्पन्न हो सकती है, माह के शुरुवात में दूसरे भाव से सूर्य व शुक्र का गोचर रहेगा जहाँ शुक्र वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप आय वृद्धि हेतु अधिक प्रयत्न करना होगा, जीवनसाथी पर धन व्यय होगा, दाईं आँख में कोई तकलीफ संभव रहेगी, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं 5 जून2020 को चंद्र ग्रहण है जो कि आपकी कुंडली के अष्टम भाव से रहेगा अतः 5 जून के दिन यदि संभव हो सके तो घर पर ही रहें बहुत ही आवश्यक होने पर ही सावधानी पूर्वक घर के बाहर निकलें, तनाव की स्थितियाँ बनेंगी, स्वास्थ्य में परेशानी भी संभव रहेगी 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके तीसरे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप पराक्रम में वृद्धि होगी, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें 21 जून को सूर्य ग्रहण है अतः उस दिन विशेष सावधानी बरतें, आवेश में आने से बचें।

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

माह के शुरुवात में बुध व राहु का तीसरे भाव से गोचर रहेगा अतः तनाव लेने से बचें क्योंकि बुध आपके छठे भाव जो कि रोग व शत्रु का भाव है उसका स्वामी भी है, छोटे भाई-बहन के स्वास्थ्य में भी समस्या रहेगी, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें 8 जून से 13 जून आपका पड़ोस के किसी मित्र के साथ अच्छा समय बीतेगा व पड़ोसियों से संबंध मधुर होंगे, 14 जून से 17 जून तक का समय कार्यक्षेत्र के लिए काफी अच्छा रहेगा, यात्राओं के योग बनेंगे व उन यात्राओं से लाभ भी प्राप्त होगा, माह के शुरुवात में मंगल का लाभ स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप बड़े भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति भी होगी, क्रोध पर नियंत्रण रखें, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप यात्राओं, बड़े भाई, संतान, दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे साथ ही 18 जून को बुध भी वक्री हो जाएंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, यदि आप नौकरी परिवर्तन का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं तो सितंबर तक रुक जाएं अन्यथा अचानक से कोई बड़ी समस्या आ सकती है, मित्रों का सहयोग मिलेगा, नवम भाव से केतु का गोचर भाग्य वृद्धि में कुछ दिक्कतें पैदा कर सकता है, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, जीवनसाथी के भाई-बहन के स्वास्थ्य में कोई परेशानी संभव रहेगा।

 

Mesh rashi
मेष राशि

 

कुल मिलाकर मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए जून 2020 मिला-जुला रहेगा जिसमें जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेंगे, माता-पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें 5 जून के दिन विशेष सावधानी बरतें, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगा, अचानक धन लाभ हो सकता है, जीवनसाथी, दवाईयों, संतान, यात्राओं पर धन व्यय होगा, 1 से 17 जून तक का समय आपके लिए अच्छा रहेगा किंतु 18 जून से आपको कार्यक्षेत्र में अधिक प्रयास करना होगा, अपने सीनियर के साथ व्यर्थ विवाद में न पड़ें, 18 जून के बाद नौकरी परिवर्तन करने से बचें, तनाव लेने से बचें, माह की 1, 2, 5, 21, 30 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मेष लग्न व मेष राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य गणेश संकटनाशन स्तोत्र व सुंदरकांड और हनुमान बाहुक का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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रोग भाव में स्थित शनि का फल

रोग भाव में स्थित शनि का फल

 

षष्ठ भाव में स्थित शनि का फल
षष्ठ भाव में स्थित शनि का फल

 

कुंडली के छठे भाव से हम रोग, शत्रु, ऋण, संघर्ष, मामा का विचार करते हैं जहाँ बैठा शनि इन सभी को प्रवाभित करता है ग्रंथकारों के अनुसार यदि शनि छठे भाव में स्थित हो तो शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है, अचानक धन प्राप्त होने के योग बनते हैं, छठे भाव में स्थित शनि दामपत्य जीवन के लिए भी अच्छा होता है कुल मिलाकर लगभग सभी ग्रंथकारों ने छठे भाव में शनि को शुभ बताया है, मानसागर के अनुसार यदि नीच राशि का शनि छठे भाव में स्थित हो तो वह उसके कुल के लिए अच्छा नही होता अर्थात ऐसे व्यक्तियों का कुल सीमित रह जाता है, मेरे अनुभव के अनुसार यदि शनि छठे भाव में स्थित हो तो व्यक्ति को कोई ऐसी बीमारी अवश्य रहती है जो उनके वंश में पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही हो जैसे रक्त जनित कोई विकार, डाइबिटीज, ब्लडप्रेशर आदि-आदि, यदि शनि छठे भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों के जीवन के शुरुवात में काफी उतार-चढ़ाव रहता है तथा अत्यधिक परिश्रम करने पर बड़ी सफलता प्राप्त होती है और जीवन के उत्तरार्ध में ऐसे व्यक्तियों के पास अच्छा धन रहता है, छठे भाव में स्थित शनि की तीसरी दृष्टि अष्टम भाव में होती है आयुष्य कारक ग्रह शनि की आयु भाव में दृष्टि आयु की वृद्धि करती है कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्ति दीर्घायु होते है किंतु यदि शनि अष्टम भाव में मेष, वृश्चिक, कर्क, सिंह राशि को देखते हों तो आयु सुख में कमी रहती है, छठे भाव में स्थित शनि की सप्तम दृष्टि द्वादश भाव में होती है द्वादश भाव विदेश यात्रा का भाव होता है जहाँ शनि की दृष्टि विदेश यात्रा के योग बनाती है, ऐसे व्यक्ति धन कम खर्च करते हैं अर्थात ऐसे व्यक्ति कंजूस होते हैं कहने का आशय यह है कि द्वादश भाव में शनि खर्चों/व्यय में कमी करता है किंतु यही शनि यदि द्वादश भाव या छठे भाव का स्वामी होकर छठे भाव में बैठा हो तो ऐसा व्यक्ति परिवार, शत्रुओं, यात्राओं, दवाईयों पर धन व्यय कराता है, छठे भाव में स्थित शनि की दसवीं दृष्टि तीसरे भाव में पड़ती है जो यह दर्शाता है कि ऐसे व्यक्ति पराक्रमी होते हैं व उन्नति प्राप्त करने हेतु निरंतर प्रयत्नशील रहते हैं और खुद की मेहनत से भाग्य की वृद्धि व उन्नति को प्राप्त करते हैं।

 

Saturn in sixth house
Saturn in sixth house

 

यदि उच्च राशि का शनि छठे भाव में हो जो कि वृषभ लग्न की कुंडली में ही संभव है तो ऐसे व्यक्तियों को भाग्योदय हेतु कड़ा संघर्ष करना पड़ता है तथा ऐसे व्यक्तियों के प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की संभावना और अधिक हो जाती है साथ ही ऐसे व्यक्ति शत्रुओं पर विजय प्राप्त करते हैं ऋषि कश्यप के अनुसार यदि उच्च राशि का शनि छठे भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों के शत्रु अधिक होते हैं, यदि उच्च नवांश का शनि छठे भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्ति विरोधियों पर विजय प्राप्त करते हैं।

 

यदि शुभ वर्ग का शनि छठे भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्ति विनम्र स्वभाव वाले होते हैं तथा यदि यही शनि लग्नेश को देखे तो ऐसे व्यक्तियों का स्वभाव अति विनम्र होता है, यदि पाप वर्ग का शनि छठे भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों की कृषि कर्म में रुचि होती है कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्ति भूमि के नीचे से उत्पन्न होने वाली चीजों जैसे कृषि, तेल, खनिज से जुड़े कार्यों में अधिक रुचि रखते हैं साथ ही बिजली, लौह, वाहन से जुड़ा कार्य भी करते हैं।

 

यदि नीच राशि का शनि छठे भाव में जो कि वृश्चिक लग्न की कुंडली में ही संभव है तो ऐसे व्यक्तियों की परिवार के सदस्यों से बहुत कम बनती है ऋषि कश्यप के अनुसार ऐसे व्यक्ति खल स्वभाव के होते हैं कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्ति नकारात्मक बातों को पहले सोचते हैं साथ ही ऐसे व्यक्तियों में बदले की भावना भी रहती है, यदि नीच नवांश का शनि छठे भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति क्रूर स्वभाव के होते हैं तथा इनकी सबके साथ नही बनती है।

 

रोग भाव में स्थित शनि का फल
रोग भाव में स्थित शनि का फल

 

यदि मित्र राशि का शनि छठे भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति वर्णसंकर होते हैं अब प्रश्न यह उठता है कि वर्णसंकर क्या होता है, जब दो अलग-अलग कुल या जाति के व्यक्ति विवाह करते हैं तो उनसे जो संतान उत्पन्न होती है उसे वर्णसंकर कहा जाता है आज के समय में यह काफी प्रचलित भी है क्योंकि आज के समय में यह देखने में आता है कि एक वर्ण का व्यक्ति दूसरे वर्ण के व्यक्ति से प्रेम विवाह करते हैं इसको इस तरह से भी समझ सकते हैं कि जब दो अलग कम्युनिटी के लोग विवाह करते हैं तो उनकी संतान वर्णसंकर होती है, यदि मित्र नवांश का शनि छठे भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति प्रायः व्यापारी होते हैं कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्तियों की व्यापार में अधिक रुचि होती है और यदि ऐसे व्यक्ति नौकर भी करते हैं तो उनका कार्य सेल्स व मार्केटिंग से जुड़ा होता है।

 

यदि वर्गोत्तम शनि छठे भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति धार्मिक स्वभाव वाले होते हैं कहने का आशय यह है कि इनकी धर्म-कर्म में अच्छी रुचि होती है तथा ऐसे व्यक्ति धर्म से जुड़े कार्य करना अधिक पसंद करते हैं, यदि शत्रु नवांश का शनि छठे भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों की संतान कठोर स्वभाव वाली होती है कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्तियों की पहली संतान की वाणी कटु होती है।

 

यदि स्वराशि शनि छठे भाव में हो जो कि सिंह लग्न व कन्या लग्न की कुंडली में ही संभव है तो ऐसा व्यक्ति हास्य विनोद करने वाला तथा अभिनेता होता है तथा यह संभावना कन्या लग्न की कुंडली में अधिक होती है, यदि सिंह लग्न की कुंडली में शनि छठे भाव में स्वराशि स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों के दामपत्य जीवन में उतार-चढ़ाव बना रहता है तथा इन्हें कोई न कोई रोग प्रायः लगा ही रहता है साथ ही यदि सिंह लग्न की कुंडली में स्वराशि शनि पीड़ित हो तो व्यक्ति के रोगी होने की संभावना और अधिक हो जाती है वहीं यदि कन्या लग्न की कुंडली में स्वराशि शनि छठे भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्ति प्रतियोगी परीक्षा में सफल होकर उन्नति को प्राप्त करते हैं कहने का आशय यह है कि इनके प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की संभावना अधिक हो जाती है तथा किसी प्रतियोगिता में सफल होकर उन्नति को प्राप्त करते हैं।

 

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सूर्य: एक परिचय व सूर्य जनित रोग

सूर्य ग्रह: एक विस्तृत परिचय, स्वभाव और सूर्य जनित रोग (Sun Analysis in Hindi)

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा माना गया है। वराहमिहिर जी ने सूर्य को शहद के समान लाल रंग का बताया है। जब कड़ी धूप में सूर्य को देखें तो ऐसा ही प्रतीत होता है, और यदि सूक्ष्म दृष्टि से धूप को देखें तो यह कुछ पीले-लाल रंग का दिखाई देता है।

जिन व्यक्तियों का सूर्य प्रधान होता है, उनकी दृष्टि बहुत तेज होती है। उनकी आंखों के कोने में लाल-लाल रेखाएं अधिक होती हैं और उनका शरीर चौकोर होता है।

🔥 सूर्य का प्रभाव:

सूर्य रूखा और उष्ण (गर्म) है, अतः ऐसे व्यक्तियों का पित्त प्रकृति का होना स्वभाविक है। सूर्य प्रधान व्यक्ति के शरीर पर केश/बाल बहुत कम होते हैं।

(विशेष: यदि सूर्य स्त्री राशि में हो तो केश नहीं होते, परंतु यदि सूर्य पुरुष राशि में हो तो केश होते हैं।)

सूर्य ग्रह के कारक और स्वरूप

सूर्य तो पूर्ण ब्रह्म है, अतः इसका निवास स्थान मंदिर व देवगृह ही होता है।

  • धातु: तांबा (Copper)
  • ऋतु: ग्रीष्म ऋतु का स्वामी
  • दिशा: पूर्व दिशा (East)
  • वर्ण: क्षत्रिय वर्ण
  • गुण: सत्वगुणी (विशेष: सूर्य पाप फल भी देता है, अतः इसे रजोगुणी भी मानना चाहिए।)

मंत्रेश्वर महाराज जी के अनुसार: सूर्य पित्त प्रधान है और यह अस्थियों (हड्डियों) से बलवान है। इसकी भुजाएं लंबी-मोटी हैं तथा इसका देह चौकोर होता है। इसके वस्त्र लाल होते हैं।

💎 सूर्य का शुभ फल कब मिलेगा?

आपकी कुंडली में सूर्य की दशा शुरू होते समय सूर्य का दशा वाहन क्या था? अभी दशा वाहन केल्क्युलेटर से 2 मिनट में जानकारी प्राप्त करें।

विस्तृत जानकारी: [दशा वाहन कैलकुलेटर…अभी चेक करें।]

कुंडली में सूर्य कब बली होता है? (Strength of Sun)

ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य निम्नलिखित अवस्थाओं में अत्यंत बलवान होता है:

  • उच्च राशि: मेष (Aries)
  • स्वराशि: सिंह (Leo)
  • वार: रविवार (Sunday)
  • समय: दिन के मध्य भाग अर्थात दोपहर में।
  • अवस्था: राशि में प्रवेश करते समय (एक राशि से दूसरी राशि में जाते समय)।
  • स्थिति: मित्र ग्रहों के अंशों में और कुंडली के दशम भाव में (दिग्बली)।
  • अयन: जब सूर्य उत्तरायण हो। (नोट: कुछ विद्वानों के अनुसार सूर्य दक्षिणायन में भी बली होते हैं।)
जय श्री राम।
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मई 2020: तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

तुला लग्न
तुला लग्न कुंडली

 

तुला लग्न व तुला राशि वालों के लिए मई 2020 मिला-जुला रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का सप्तम स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप नौकरी पेशा लोगों के लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, जीवनसाथी के स्वभाव में कुछ तेजी देखने को मिलेगी, यदि आप पार्टनरशिप में कोई कार्य करते हैं तो सूर्य का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, यदि आप नए कार्य की शुरुवात करते हैं तो जीवनसाथी को पार्टनर बना कर करें लाभ होगा 14 मई को सूर्य गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें व गर्म चीजों से परहेज करें, ससुराल पक्ष के लोगों की वाणी में तेजी रहेगी जिसके कारण ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, अष्टम भाव जीवनसाथी की वाणी को भी दर्शाता है क्योंकि सप्तम भाव जीवनसाथी का व अष्टम भाव उसकी वाणी का भाव है अतः जीवनसाथी की वाणी कुछ गर्माहट लिए हुए होगी जिस कारण से जीवनसाथी के साथ भी विवाद संभव रहेगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, तनाव लेने से बचें, माह के शुरुवात में बुध का गोचर सप्तम भाव से रहेगा जिस कारण से कार्य के सिलसिले से यात्राओं के योग बनेंगे, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के योग बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के लिए उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, संतान को कुछ कष्ट संभव रहेगा 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, तनाव लेने से बचें, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में जाएंगे फलस्वरूप भाग्य की वृद्धि होगी, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, पिता का सहयोग प्राप्त होगा।

 

तुला राशिफल
तुला राशि

 

माह के शुरुवात में शुक्र का अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः वाहन सावधानी से चलाएं, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, लोग आपके पीठ-पीछे षड्यंत्र रचेंगे, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें क्योंकि इस माह आपके हार्मोन्स काफी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर सकते हैं, जिन्हें हार्मोन्स से जुड़ी कोई समस्या है वह भी अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, माह के शुरुवात में मंगल गुरु व शनि का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप आप घर परिवर्तन या घर में साज-सज्जा का कार्य करवा सकते हैं, भूमि सुख प्राप्त होने के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा किन्तु फिर भी उनके पैरों विशेषतः घुटनो व जोड़ों या कमर में दर्द की शिकायत रह सकती है, कार्यस्थल पर सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे 4 मई को मंगल गोचर बदलकर आपके पंचम भाव मे आ जाएंगे फलस्वरूप संतान का सहयोग प्राप्त होगा व संतान की उन्नति होगी, यदि आपके कोई बड़े भाई हैं तो उनकी भी उन्नति होगी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, बुद्धि व विवेक द्वारा आय वृद्धि के नए मार्ग बनाने का प्रयास करेंगे, पेट में कोई समस्या संभव रहेगी, वाहन सावधानी से चलाएं।

 

तुला राशि
तुला राशि

 

कुल मिलाकर तुला लग्न व तुला राशि वालों के मई 2020 मिला-जुला रहेगा जिसमें मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यदि आपका पार्टनरशिप से जुड़ा कार्य है तो उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, यदि आप नए कार्य की शुरुवात करना चाहते हैं तो जीवनसाथी को पार्टनर बनाकर करें लाभ होगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, वाहन सावधानी से चलाएं, 7 मई से 24 मई तक लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें तथा यदि संभव हो तो सिर्फ अपने कार्य पर ही ध्यान दें, जीवनसाथी व ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, माह की 6, 8, 12, 13, 15, 17, 19, 20, 21, 22, 23 व 24 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि तुला लग्न व तुला राशि वाले व्यक्ति यदि दुर्गा सप्तशती का शुक्रवार से आरंभ कर नित्य पाठ करें व नित्य सूर्य को जल दें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १

संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १

 

पंचम भाव में स्थित शनि का फल
पंचम भाव में स्थित शनि का फल

 

जन्म कुंडली के पंचम भाव से हम बुद्धि, विद्या, संतान, उदर, बौद्धिक क्षमता, पिछले जन्म का विचार करते हैं अतः इन भावों में स्थित शनि का स्थित होना इन सभी को प्रभावित करता है मेरे अनुभव में यह भी आया है कि यदि शनि पंचम भाव में अकेला बैठा हो तो ऐसे व्यक्तियों को उदर अर्थात पेट से जुड़ी कोई न कोई समस्या अवश्य रहती है अतः इन लोगों को तामसिक चीजों से परहेज करने की सलाह दी जाती है, बहुत से ग्रंथकारों का मत है कि पंचम भाव में शनि स्थित हो तो वह शिक्षा में किसी न किसी प्रकार के व्यवधान को भी दर्शाता है किंतु विभिन्न राशियों या विभिन्न स्थितियों में शनि के पंचम भाव में स्थित होने पर इसके फल विभिन्न होते हैं मेरे अनुभव में आया है कि यदि शनि पंचम भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों की जटिल कार्यों को करने में अच्छी रुचि होती है मतलब ऐसे व्यक्ति उस काम को करना अधिक पसंद करते हैं जिसमें शारीरिक की जगह मानसिक मेहनत अधिक हो अर्थात ऐसे सभी कार्य जो तकनीकी क्षेत्र से जुड़े हुए होते हैं, यदि वायु तत्व राशि जैसे मिथुन, तुला व कुंभ राशि का शनि पंचम भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति पढ़ाई में बहुत अच्छे होते हैं, पंचम भाव में स्थित शनि संतान संबंधित परेशानियों का सूचक होता है ऐसे व्यक्तियों को संतान कुछ विलंब से होती है।

 

पंचम भाव में स्थित शनि

 

पंचम भाव में बैठे शनि की तीसरी दृष्टि सप्तम भाव में होती है सप्तम भाव विवाह, जीवनसाथी, रोमांस, मित्रता, नौकरी, पार्टनरशिप का भाव होता है जहाँ शनि की दृष्टि इन सभी को प्रभावित करती है ऐसे व्यक्तियों का विवाह कुछ विलंब से होता है या शीघ्र विवाह होने की स्थिति में दामपत्य जीवन में आपसी ताल-मेल बैठाने में परेशानियाँ आती है, ऐसे व्यक्तियों के मित्र सीमित संख्या में होते है साथ ही ऐसे व्यक्तियों के दामपत्य जीवन में रोमांस कम व गंभीरता अधिक देखी जाती है, ऐसे व्यक्तियों को जीवन के शुरुवात व 36-37 वर्ष की आयु में कड़ा संघर्ष करना पड़ता है व जीवन के उत्तरार्ध में बड़ी सफलता प्राप्त होती है, पंचम भाव में स्थित शनि की सप्तम दृष्टि एकादश भाव व दसवीं दृष्टि दूसरे भाव में पड़ती है अर्थात धन से जुड़े दोनों भाव शनि के प्रभाव में रहते हैं अतः ऐसे व्यक्तियों की आर्थिक उन्नति मंद गति अर्थात धीरे-धीरे होती है व ऐसे व्यक्ति यदि शनि से जुड़े कार्य जैसे लोहे, चमड़े, भूमिगत से जुड़े कार्य या हथियार, वाहन से जुड़े कार्य में अधिक सफल होते हैं, मेरे अनुभव में यह भी आया है कि पंचम भाव में बैठा शनि संकुचित मात्रा अर्थात टुकड़ों में धन देता है कहने का आशय यह है कि कभी इनके पास काफी पैसा आ जाता है तो कभी एकदम सूना सा पड़ जाता है अर्थात पंचम भाव का शनि धन संचय में समस्याएं देता है साथ ही पंचम भाव से हम बुद्धि व दूसरे भाव से वाणी का विचार करते है पंचम भाव में बैठा शनि इन दोनों ही भावों को प्रवाभित करता है अर्थात ऐसे व्यक्तियों की वाणी थोड़ी कटु होती है क्योंकि शनि एक रूखा ग्रह है जिस कारण से आपके द्वारा बोली गयी बात नकारात्मकता लिए हुए होती है और उसको कहने का तरीका थोड़ा रूखा होता है।

 

अब बात करते हैं विभिन्न स्थितियों में शनि के पंचम भाव में बैठने का क्या फल होता है…..

 

पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए इसका दूसरा भाग जल्द ही लिखूँगा।

 

जय श्री राम।

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मई 2020: कन्या लग्न व कन्या राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: कन्या लग्न व कन्या राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

कन्या लग्न
कन्या लग्न कुंडली

 

कन्या लग्नकन्या राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा माह की शुरुवात में सूर्यबुध का गोचर अष्टम भाव से रहेगा सूर्य का अष्टम भाव से उच्च राशि का गोचर विपरीत राजयोग बनाएगा जिस कारण से अचानक कोई सफलता प्राप्त होने के योग बनेंगे, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी अतः उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें, अष्टम भाव जीवनसाथी के वाणी का भी भाव है अतः उनके वाणी में कुछ तेजी रहेगी साथ ही अष्टम भाव आपके ससुराल अर्थात जीवनसाथी के परिवार को दर्शाता है जहाँ से सूर्य का गोचर उनसे विवाद करा सकता है अतः तनाव लेने से बचें, माह के शुरुवात में बुध का भी अष्टम भाव से गोचर रहेगा जिस कारण से आपके स्वास्थ्य में परेशानी व तनाव बना रह सकता है 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, भाग्य का सहयोग मिलेगा, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी 14 मई को सूर्य भी गोचर बदलकर आपके नवम भाव अर्थात भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप धार्मिक कार्यों में धन व्यय होगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके दशम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, जिनका कार्य बैंक, फाइनेंस, टीचिंग से जुड़ा हुआ है उनके लिए बुध का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

माह के शुरुवात में शुक्र का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा जो कि आपके लिए बेहद शुभ रहेगा अतः भाग्य की वृद्धि होगी, किसी महिला से धन लाभ होगा या किसी महिला के सहयोग से उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, आपके जीवनसाथी के यदि छोटे भाई-बहन हैं तो उनकी उन्नति होगी किन्तु उनके स्वास्थ्य में भी कुछ समस्या रह सकती है, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में गुरु, मंगलशनि का पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के लिए कहीं बात चल सकती है, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय काफी अच्छा रहेगा, संतान का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति होगी, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे 4 मई को मंगल गोचर बदलकर छठे भाव में आ जाएंगे अष्टम भाव के स्वामी का छठे भाव से गोचर स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत अच्छा नही कहा जा सकता अतः अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जिन्हें रक्त जनित कोई समस्या हो तथा जिनकी उम्र 55-60 के ऊपर हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विपरीत परिस्थितियों से होते हुए अचानक बड़ी सफलता प्राप्त होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, सरकारी कर्मचारियों से फालतू विवाद में न पड़ें, 14 मई से 17 जून तक वाहन सावधानी से चलाएं।

 

कन्या राशिफल
कन्या राशि

 

कुल मिलाकर कन्या लग्नकन्या राशि वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा जिसमें उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह के योग बनेंगे, तनाव लेने से बचें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, किसी महिला से धन लाभ या महिला के सहयोग से उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग भी प्राप्त होगा, यदि आपका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं तो संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, जिनकी उम्र 55-60 के अधिक है और रक्त से जुड़ी समस्या है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक कार्यों में धन व्यय होगा, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, फालतू विवाद में न पड़ें, माह की 2, 3, 11, 13, 14, 15, 21, 22, 23 व 28 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि कन्या लग्नकन्या राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सुंदरकांड का पाठ करें व नित्य सूर्य को जल देकर आदित्य हिर्दय स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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मई 2020: वृषभ लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

मई 2020: वृषभ लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

 

वृषभ लग्न
वृषभ लग्न

 

वृषभ लग्न वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य आपके द्वादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप यात्राओं के योग बनेंगे, सरकारी कार्य की वजह से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, नेत्रों में जलन या दर्द या सर दर्द की शिकायत रह सकती है, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें 14 मई 2020 को सूर्य गोचर बदलकर लग्न में आ जाएंगे फलस्वरूप माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा व माता का सहयोग भी प्राप्त होगा, घर में खुशियों का माहौल रहेगा, माह के शुरुवात में बुध का गोचर आपके व्यय भाव से रहेगा अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, तनाव लेने से बचें, विद्यार्थियों के लिए भी यह समय थोड़ा कमजोर रह सकता है, खर्चों में वृद्धि होगी 9 मई को बुध गोचर बदलकर आपके लग्न में आ जाएंगे फलस्वरूप संतान की उन्नति होगी व संतान का पूर्ण सहयोग भी प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के अच्छे योग बनेंगे क्योंकि पंचमेश का लग्न से गोचर रहेगा व पंचमेश और पंचम भाव दोनों पर गुरु की दृष्टि रहेगी, मन प्रसन्न रहेगा 24 मई को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके धन भाव में चले जाएंगे जहाँ राहु पहले से ही गोचर कर रहे हैं अतः इस समय वाणी पर नियंत्रण रखें व बहुत सोच-समझकर ही निर्णय लें, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा।

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशि

 

माह के शुरुवात में मंगल, गुरु व शनि का लग्न पर से गोचर रहेगा फलस्वरूप भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, गुरु-मंगल व गुरु-शनि से बना नीचभंग राजयोग बेहद शुभ रहेगा उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे 4 मई 2020 को मंगल गोचर बदलकर आपके दशम भाव में चले जाएंगे जो कि आपके लिए बेहद शुभ रहेगा यदि आप पार्टनरशिप में कोई कार्य करते हैं तो उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, आपके पार्टनर कुछ ऐसे निर्णय लेंगे जो कि आपके बिज़नेस के लिए बेहद शुभ रहेगा, यदि आप कोई नया बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं तो पत्नी को साझेदार बनाकर करें लाभ होगा, 4 मई से 30 जुलाई के मध्य आपको वाहन सुख प्राप्त होने के अच्छे योग बनते दिख रहे हैं, माह के शुरुवात में शुक्र का लग्न से गोचर मालव्य योग बना रहा है जो कि बेहद शुभ रहेगा फलस्वरूप आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा, मन प्रसन्न रहेगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, शत्रुओं से सावधान रहें, माह के मध्य भाग में लग्नेश, सुखेश व पंचमेश की लग्न में युति व मंगल और गुरु की दृष्टि रहने से घर में कोई शुभ कार्य होने के योग बनेंगे, घर में किसी नए मेहमान का आगमन संभव है, शुभ समाचार की प्राप्ति होगी, अचानक यात्रा करनी पड़ सकती है, कोर्ट-कचहरी के चक्कर में न पड़ें साथ ही शत्रुओं से सावधान रहें, अष्टम से केतु का गोचर ससुराल पक्ष से विवाद करा सकता है, वाहन सावधानी से चलाएं, पैरों में चोट व दर्द की शिकायत भी रह सकती है।

 

वृषभ राशिफल

 

कुल मिलाकर वृषभ लग्न वालों के लिए मई 2020 अच्छा रहेगा जिसमें यात्राओं के योग बनेंगे, घर में खुशियों का माहौल रहेगा, संतान की उन्नति होगी, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, घर में कोई शुभ कार्य हो सकता है, वाहन खरीदने के योग बनेंगे, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के अच्छे योग बनेंगे, यदि आप पार्टनरशिप में कोई कार्य करते हैं तो उन्नति के नए मार्ग प्राप्त होंगे, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, वाणी पर नियंत्रण रखें, कोर्ट-कचहरी के चक्कर में पड़ने से बचें व सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें यदि आपका कोई सरकारी भुगतान जैसे बिजली बिल या टैक्स बचा हुआ है तो उसको जल्दी भर दें अन्यथा तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, वाहन सावधानी से चलाएं, माह की 1 से 7, 10, 11, 17 व 19 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि वृषभ लग्न के व्यक्ति नित्य दुर्गा कवच व गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।

 

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