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सूर्य का गोचर परिवर्तन 13 फरवरी 2020

सूर्य का गोचर परिवर्तन 13 फरवरी 2020

सूर्य 13 फरवरी 2020 को दोपहर के 3 बजकर 5 मिनट पर मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे जिस कारण से सूर्य की मकर की सक्रांति समाप्त होकर सूर्य की कुंभ की सक्रांति लगेगी, सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की सक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, सूर्य एक राशि में 30 दिन तक गोचर करते हैं जिसका विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है तो चलिए जानते हैं सूर्य के विभिन्न राशियों में गोचर के दौरान पड़ने वाले प्रभाव:-

मेष राशि:-

 

मेष राशि वालों के लिए सूर्य पंचम भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके लाभ स्थान से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में आय की वृद्धि होगी, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें।

 

वृषभ राशि:-

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके दशम भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में आपके रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, अचानक धन लाभ होगा, पिता की उन्नति होगी, भूमि/वाहन सुख प्राप्त हो सकता है।

मिथुन राशि:-

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके नवम भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में आपको मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, पिता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, संतान को कष्ट संभव है, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, आवेश में आकर निर्णय लेने से बचें, फालतू विवाद में न पड़ें।

कर्क राशि:-

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, दवाईयों पर धन व्यय होगा, शत्रुओं से सावधान रहें, सरकारी कर्मचारियों से विवाद में न उतरें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, जिनका काम भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

सिंह राशि:-

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य पहले भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके सप्तम भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में जीवनसाथी से विवाद हो सकते हैं, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, यदि नौकरी परिवर्तन या नया कार्य शुरू करना चाहते हैं तो उसको कुछ समय के लिए टाल दें, पैसा चोरी हो सकता है, क्रोध पर नियंत्रण रखें।

कन्या राशि:-

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य द्वादश भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके छठे भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, धार्मिक यात्रा हो सकती है, लंबे समय से चली आ रही बीमारी से छुटकारा मिलेगा, मन प्रसन्न रहेगा।

तुला राशि:-

तुला राशि वालों के लिए सूर्य एकादश भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके पंचम भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में तनाव लेने से बचें, संतान को कष्ट संभव है, फालतू विवाद से बचें, आय की वृद्धि होगी, जीवनसाथी से विवाद हो सकता है, वाणी पर नियंत्रण रखें।

वृश्चिक राशि:-

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर के माहौल में तनाव की स्थिति रहेगी, व्यर्थ की यात्राओं को टालें, अधिक सोचने से बचें, माता से विवाद संभव है, पिता की उन्नति होगी, तनाव लेने से बचें।

धनु राशि:-

धनु राशि वालों के लिए सूर्य नवम भाव के स्वामी होते है जो कि आपके तीसरे भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में किसी उच्च अधिकारी से मुलाकात हो सकती है व उनसे आपके संबंध मजबूत होंगे, छोटे भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, आय की वृद्धि होगी, समाज मे मान-सम्मान प्राप्त होगा।

मकर राशि:-

मकर राशि वालों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होते हैं जो कि आप दूसरे भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में फालतू विवाद से बचें, कार्य में अड़चनें पैदा हो सकती है, मेहनत अधिक करनी होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें चूँकि गुरु की दृष्टि छठे व आठवें भाव मे होगी तो स्वास्थ्य को लेकर कोई गंभीर समस्या नही होगी, वाणी पर नियंत्रण रखें, दवाईयों पर धन व्यय होगा।

 

कुंभ राशि:-

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके पहले भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में तनाव लेने से बचें व स्वास्थ्य का ख्याल रखें, पेट दर्द या नेत्रों में कोई समस्या संभव है, जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, जिनको रक्त विकार हो या दिल की बीमारी हो उन्हें स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना चाहिए।

मीन राशि:-

मीन राशि वालों के लिए सूर्य छठे भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके द्वादश भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में वाहन सावधानी से चलाएं व स्वास्थ्य का ख्याल रखें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, यात्राओं के योग बनेंगे, बुखार की समस्या हो सकती है, तनाव लेने से बचें, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, संतान की उन्नति होगी।

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:- 9919367470

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ग्रह के बड़े बदलाव की ओर संकेत जल्द शुरू होगा तृतीय विश्व युद्ध

ग्रहों के बड़े बदलाव का संकेत: क्या जल्द शुरू होगा तृतीय विश्व युद्ध? जानें भारत और रूस का भविष्य

यदि वर्ष 2020 से गोचर का अध्ययन किया जाए तो 36 वर्ष बाद शनि पुनः अपनी राशि मकर में प्रवेश कर रहे हैं। साथ ही इसी वर्ष राहु और केतु का भी एक बड़ा राशि परिवर्तन हो रहा है तथा इस बार गुरु भी अपनी नीच राशि में गोचर करते हुए भी पूरे गोचर काल ‘नीचभंग राजयोग’ का फल देंगे। केतु का वृश्चिक राशि से होने वाला गोचर प्राकृतिक आपदा, आग, भूकंप, तूफान, एक्सीडेंट देखने को मिलेंगे, वहीं राहु का वृषभ राशि से गोचर शुभ रहने वाला है। यदि तिथियों को देखा जाए तो 2020 का जोड़ 4 प्राप्त होता है जो कि राहु का अंक होता है अर्थात 2020 राहु के प्रभाव में रहेगा और राहु का वायु तत्व राशि से गोचर अनेक प्राकृतिक आपदा की ओर संकेत कर रहा है जो कि हमें वर्ष 2020 में देखने को भी मिलेगा।

 

1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2029 तक समय बहुत बड़े बदलाव लेकर आएगा जिसमें भी फरवरी 2022 विशेष माह सिद्ध होगा। यह वही माह रहेगा जो कि इतिहास के पन्नों में लिखा जाएगा क्योंकि इसी माह से रूस का यूक्रेन/अमेरिका/चीन के मध्य युद्ध का आरंभ होगा जो कि आगे ईरान-इजराइल/अमेरिका युद्ध के साथ तृतीय विश्व युद्ध में तब्दील होता जाएगा। इस बार दो महाशक्तियों के मध्य का युद्ध बहुत बड़े बदलाव लेकर आएगा। अभी अमेरिका विश्व विजेता के रूप में सभी के समक्ष है तथा विश्व के देशों में सबसे शक्तिशाली देश है, किंतु यह बदलाव अमेरिका के पतन व रूस के उत्थान का समय होगा जिसमें अमेरिका की तरफ से ब्रिक्स (BRICS) देशों से भी दुश्मनी लेना शामिल हो सकता है। हालांकि रूस— यूक्रेन, अमेरिका व चाइना को युद्ध में हराकर विश्व विजेता बनेगा तथा क्षेत्र विस्तार को लेकर समस्त विश्व में युद्ध के हालात बनेंगे जिसमें रूस सबसे आगे रहेगा तथा रूस के पास ऐसी शक्तियाँ होंगी जिनसे जीत पाना पूरे विश्व में किसी के लिए भी संभव नही होगा।

✋ हस्तरेखा शास्त्र का अद्भुत रहस्य

क्या आपकी हथेली की रेखाओं से ‘M’ का निशान या ‘मनी ट्रायंगल’ (Money Triangle) बनता है? हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार ऐसे लोग करोड़पति होते हैं। जानें क्या कहता है आपका हाथ!

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🇮🇳 भारत पर विश्व युद्ध से पड़ने वाले प्रभाव:

यदि तृतीय विश्व युद्ध का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा यह विचार करें तो भारत की कुंडली जो कि 15 अगस्त 1947 को दोपहर 12 बजे की कुंडली है, उसके अनुसार शुरुवात में भारत प्रत्यक्ष रूप से इस युद्ध में भाग नही लेगा और उम्मीद बहुत कम ही है कि भारत अप्रत्यक्ष रूप से भी इस युद्ध में भाग ले। कुछ मौके पर पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान के कारण युद्ध की स्थिति सी बनेगी, लेकिन भारत एकतरफा युद्ध करेगा जिस कारण से पाकिस्तान भी हार मानेगा, फिर भी यदि किसी कारण वश भारत को इस तृतीय विश्व युद्ध  में भाग लेना पड़ा तो भारत विश्व विजेता बनकर उभरेगा तथा आर्थिक दृष्टिकोण से भारत पूरे विश्व में सबसे अधिक शक्तिशाली बनकर उभरेगा। यह 1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2029 तक का समय रूस, भारत व चाइना के उत्थान का समय सिद्ध होगा जिनमे इन तीनों देश में काफी विकास देखने को मिलेगा। जिसमें भारत नंबर 1 बनकर विश्व पर शासन करेगा तथा भारत की आर्थिक स्थिति पूरे विश्व में सबसे मजबूत रहेगी।

⚔️ भारत-चीन सीमा विवाद:

 

भारत-चीन सीमा विवाद पर सबकी नजरें हैं क्योंकि युद्ध के हालात बनते जा रहे हैं और अक्टूबर 2020 तक युद्ध होने के भी योग बन रहे हैं। किंतु मैं आप सभी को यह ज्ञात करा दूँ कि भारत और चीन के मध्य युद्ध की संभावना बहुत कम है और यदि होता भी है तो भारत विजयी होगा तथा इस बार भारत के किसी भी हिस्से पर चीन कब्जा नही कर सकेगा।

🇷🇺 रूस के राष्ट्रपति पर सूक्ष्म भविष्यवाणी:

आने वाले 10 वर्ष रूस के राष्ट्रपति के बहुत शुभ रहने वाला है अतः अभी 10 वर्षों तक रूस में सत्ता परिवर्तन की कोई संभावना दूर-दूर तक नही बन रही और इन 10 वर्षों में रूस उन्नति व विकास के नए अध्याय लिखेगा और विश्व का सबसे शक्तिशाली देश बनकर उभरेगा और रूस व भारत के बीच मित्रता एक नए मुकाम तक पहुँचेगी।

आगे जैसी प्रभु इच्छा🙏🏻

जय श्री राम।

❓ विश्व युद्ध और ग्रहीय बदलाव से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: ज्योतिष के अनुसार तृतीय विश्व युद्ध (WW3) के हालात कब से बन रहे हैं?

ग्रहीय गणना के अनुसार 1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2029 का समय दुनिया में महा-बदलाव का है। विशेष रूप से फरवरी 2022 से रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ ही विश्व युद्ध जैसी स्थितियों की नींव पड़ सकती है।

Q2: यदि विश्व युद्ध होता है तो भारत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

15 अगस्त 1947 की भारत की कुंडली के अनुसार, भारत शुरुआत में इस युद्ध से दूरी बनाए रखेगा। लेकिन यदि युद्ध में उतरना पड़ा, तो भारत विजयी होकर नंबर 1 आर्थिक महाशक्ति और विश्व विजेता के रूप में उभरेगा।

Q3: आने वाले समय में विश्व का सबसे शक्तिशाली देश कौन बनेगा?

भविष्यवाणी के अनुसार, अमेरिका का वर्चस्व धीरे-धीरे कम होगा और रूस (Russia) विश्व की सबसे बड़ी महाशक्ति बनकर उभरेगा। रूस और भारत की मित्रता भी एक नए मुकाम पर पहुंचेगी।

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