१. यदि सौम्य ग्रह (बुध, गुरु, शुक्र और पूर्णिमा का चंद्र) केंद्र के स्वामी हों तो शुभ फल नही प्रदान करते हैं।
२. यदि क्रूर ग्रह (सूर्य, मंगल, शनि, क्षीण अर्थात अमावस्या का चंद्र व पाप ग्रह से ग्रस्त बुध) केंद्र के स्वामी हो तो अशुभ फल नही प्रदान करते हैं।
३. अष्टम भाव में कोई भी ग्रह हो चाहे व स्वग्रही हो या उच्च के स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं अवश्य ही प्रदान करते हैं।
४. कर्क व सिंह लग्न वालों के लिए मंगल अधिक शुभ होता है क्योंकि इन कुंडलियों में मंगल त्रिकोण व केंद्र के स्वामी होकर राजयोगकारक हो जाते हैं।
५. राहु और केतु को छाया ग्रह कहा गया है अतः यह ग्रह जिन ग्रहों के साथ या जिन राशि पर बैठते हैं उनके फल के अनुसार ही अपना फल प्रदान करते हैं।
६. त्रिकोण और केंद्र के स्वामी भले दोषयुक्त हों किंतु यदि ये आपस में संबंध बनाते हैं तो योगकारक बनकर शुभ फल प्रदान करते हैं।
७. राहु में केतु की अंतर्दशा सदैव ही कष्टदायक होती है।
८. योगकारक ग्रह की दशा में राजयोग समान सुख की प्राप्ति होती है किंतु यदि योगकारक ग्रह पाप ग्रह से युत या दृष्ट हो या त्रिक भाव में स्थित हो तो कुछ संघर्ष के साथ उन्नति व सफलता देते हैं।
९. यदि कोई क्रूर ग्रह योगकारक ग्रह से संबंध बनाता है तो क्रूर ग्रह की दशा के अंदर योगकारक ग्रह की अंतर्दशा शुभ फलदाई होती है।
१०. यदि कोई क्रूर ग्रह योगकारक ग्रह से संबंध बनाता है तो योगकारक ग्रह की दशा के अंदर क्रूर ग्रह की अंतर्दशा संघर्ष का सूचक होती है।
११. यदि योगकारक ग्रह त्रिकोण में स्थित हो या त्रिकोण भाव के स्वामी से संबंध बना ले तो अत्यंत शुभफलदाई होता है जिसमें राजा के समान सुख की प्राप्ति होती है।
१२. अष्टम भाव का शनि आयुष्य की वृद्धि करता है किंतु वाणी दोष के कारण से दाम्पत्य सुख की हानि करता है।
१३. यदि राहु या केतु केंद्र में बैठे हों और केंद्र या त्रिकोण के स्वामी से युत या दृष्ट हों तो राहु व केतु भी योगकारक हो जाते हैं।
१४. कुंडली का अष्टम भाव आयुष्य का भाव होता है और अष्टम से अष्टम भाव अर्थात लग्न कुंडली का तीसरा भाव भी आयुष्य का भाव होता है।
१५. लग्न कुंडली का द्वितीय, सप्तम व द्वादश भाव मारक भाव होते हैं क्योंकि सप्तम व द्वितीय भाव आयुष्य भाव के व्यय भाव व द्वादश भाव लग्न का व्यय भाव होता है।
ज्योतिष के कुछ प्रसिद्ध व सर्वमान्य सूत्र
१६. यदि मारक ग्रहों की दशा में मृत्यु न हो तो कुंडली में जो भी पाप ग्रह अधिक बलवान होगा उसकी दशा में व्यक्ति की मृत्यु होती है।
१७. यदि शनि मारक भाव से संबंध बनाता है तो प्रवल मारक बन जाता है।
१८. कोई भी ग्रह अपनी महादशा के अंदर अपनी ही अंतर्दशा में कभी शुभ फल प्रदान नही करते हैं।
१९. मारक ग्रहों की दशा में योगकारक ग्रह की अंतर्दशा में व्यक्ति को प्रसिद्धि अवश्य प्राप्त होती है किंतु पूर्ण सुख नही मिल पाता है।
२०. शुक्र की दशा में शनि की अंतर्दशा हो तो व्यक्ति को शुक्र ग्रह के ही फल की प्राप्ति होती है ठीक इसी प्रकार शनि की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा हो तो व्यक्ति को शनि के ही फल प्राप्त होते हैं।
२१. यदि लग्न का स्वामी दशम में हो और दशम का स्वामी लग्न में हो तो यह बहुत ही शुभ फलदाई होता है ऐसा व्यक्ति खुद के परिश्रम से अनेक सफलताएं प्राप्त कर प्रसिद्ध हो जाता है और राजा या राज्य सरकार या किसी उच्च अधिकारी से सम्मान प्राप्त करता है।
२२. यदि नवम का स्वामी दशम में हो और दशम का स्वामी नवम में हो तो ऐसा व्यक्ति निश्चय ही बड़ी उन्नति प्राप्त करता है।
२३. यदि नवम का स्वामी दशम में हो और दशम का स्वामी लग्न में हो तो ऐसे व्यक्ति को दशम भाव में जो राशि हो उसके स्वामी से संबंधित वस्तुओं का व्यापार करना चाहिए।
२४. यदि नवम का स्वामी एकादश में हो तो ऐसा व्यक्ति निश्चय ही धनवान होता है।
२५. यदि एकदाश भाव का स्वामी लग्न में हो तो ऐसे व्यक्तियों को हर ११वें दिन कोई न कोई लाभ अवश्य मिलता है।
शास्त्रों के अनुसार सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की सक्रांति के नाम से जाना जाता है जब सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने उनके घर अर्थात मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर की सक्रांति अर्थात मकर सक्रांति का पर्व मनाया जाता है मकर सक्रांति के साथ ही खरमास का समापन व मांगलिक कार्यक्रमों का आरंभ हो जाता है चूँकि इस बार गुरु व शुक्र के अस्त रहने के कारण से मांगलिक कार्यक्रम के लिए शुभ मुहर्त 22 अप्रैल से प्राप्त होंगे, शास्त्रों में मकर सक्रांति के दिन कुछ विशेष उपायों का वर्णन मिलता है जिनसे अनेक परेशानियों से मुक्ति मिलती है तो चलिए जानते हैं कि ऐसे कौन से उपाय है जिनको करने से अनेक परेशानियों से मुक्ति मिलती है:-
१. मकर सक्रांति के दिन सूर्योदय के पूर्व तिल स्नान (नहाने के पानी में तिल मिलाकर स्नान) करना चाहिए तथा उगते हुए सूर्य को ताँबे के पात्र में जल, कुमकुम, अक्षत, तिल, गुण व लाल पुष्प मिलाकर “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मन्त्र का जाप करने से सूर्य देव की कृपा से आरोग्यता की प्राप्ति होती है।
२. मकर सक्रांति के दिन गरीबों व ब्राह्मणों को भोजन कराने से घर में अन्न की कभी कमी नही होती है।
३. मकर सक्रांति के दिन गुण व कच्चा चावल बहते पानी में प्रवाहित करने से नजर दोष से मुक्ति व आरोग्यता की प्राप्ति होती है।
४. मकर सक्रांति के दिन साफ लाल वस्त्र में गेहूँ और गुण को बाँधकर कुछ दक्षिणा के साथ ब्राह्मण व गरीबों को दान करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
५. जिस किसी की कुंडली में सूर्य अशुभ स्थिति में हो उन्हें ताँबे का सिक्का या ताँबे का चौकोर टुकड़ा बहते पानी में सूर्य के मंत्र “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जप करते हुए प्रवाहित करने से लाभ मिलता है।
६. मकर सक्रांति के दिन तिल युक्त जल पितरों को अर्पित करने, तिल से अग्नि में हवन करने, गरीबों को तिल का दान व भोजन (तिल युक्त खिचड़ी) कराने से अनन्य पुण्य की प्राप्ति होती है।
७. मकर सक्रांति के दिन गाय को तिल युक्त खिचड़ी खिलाने से सभी ग्रहों से उत्पन्न दोषों से मुक्ति मिलती है।
८. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य नीच राशि के हैं तो उन्हें मकर सक्रांति के दिन सूर्य यंत्र की विधि पूर्वक स्थापना करनी चाहिए तथा उस यंत्र को नित्य ताँबे के पात्र में जल, अक्षत, कुमकुम व लाल पुष्प मिलाकर अर्पित करते हुए 501 की संख्या में सूर्य मंत्र “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जप करना चाहिए इस उपाय से लाभ अवश्य प्राप्त होगा व धन, स्वास्थ्य, रक्त जनित विकार जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी तथा सामाजिक प्रतिष्ठा व मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।
९. मकर सक्रांति के दिन गरीबों को खिचड़ी, कंबल, गरम वस्त्र, लकड़ी (अलाव जलाने हेतु), घी, दाल-चावल इत्यादि वस्तुओं का दान करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
१०. मकर सक्रांति के दिन प्रातः स्नानादि कर के सूर्य को तांबे के पात्र से जल, कुमकुम, लाल पुष्प, अक्षत, तिल इत्यादि को मिलाकर अर्पित करने व अदित्यहिर्दय स्तोत्र का पाठ करने से सभी कष्टों से मुक्ति व कार्य में सफलता प्राप्त होती है।
राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 20290: राहु को सदैव ही नियंत्रित करने वाले केतु इस बार खुद ही नियंत्रण के बाहर रहेंगे जिनको नियंत्रित राहु करेंगे जानिए, राहु व केतु गोचर परिवर्तन से किन-किन राशियों पर राहु व केतु की कृपा बरसेगी।
राहु व केतु का 12 राशियों पर प्रभाव
मकर राशि:-
मकर राशिफल
मकर राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर सामान्य रहेगा क्योंकि वर्तमान में अभी शनि के साढ़ेसाती का दूसरा चरण भी आपकी राशि पर चल रहा है हालांकि तुला, मकर व कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का उतना अशुभ प्रभाव नही पड़ता है किंतु यदि चंद्रमा का किसी भी प्रकार से शनि से संबंध बने तो साढ़ेसाती परेशानी देती है अन्यथा इन तीन राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती उतनी अशुभ नही होती हालांकि हम यहाँ राहु व केतु के गोचर परिवर्तन पर चर्चा कर रहे है अतः प्रेम संबंधों में कमी आएगी, प्रेमी व प्रेमिका से विवाद होते रहेंगे तथा यदि आप दोनों के मध्य काफी समय से विवाद चल रहा है तो वह विवाद संबधों को विच्छेद करा कर समाप्त होगा, प्रेमियों के मध्य गलतफहमियों के चलते विवाद होंगे, संतान को कष्ट, संतान से विवाद, संतान की शिक्षा में बाधाएं आएंगी, विद्यार्थियों के लिए राहु व केतु का यह गोचर मिला-जुला रहेगा शिक्षा में व्यवधान आएंगे, विद्यार्थियों के मन में क्या करें व क्या न करें को लेकर मन में संशय बना रहेगा, कुछ देर ध्यान करें इससे मन को एकाग्र करने में मदद मिलेगी हालांकि लाभ के लिहाज से यह गोचर शुभ सिद्ध होगा फलस्वरूप लाभ के अन्य माध्यम बनेंगे, लाभ में वृद्धि होगी, लंबे समय से कार्यक्षेत्र में (चाहे वह नौकरी पेशा व्यक्ति हों या व्यापारी) उन्नति के मार्ग में जो बाधाएं आ रही थी वह दूर होंगी, शेयर बाजार, जुआ व सट्टे से अकास्मिक धन लाभ के योग बनेंगे, राजनीति के क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी लाभ होगा आपकी वाणी का लोगों पर अच्छा प्रभाव भी पड़ेगा तथा उन्नति के अवसर भी प्राप्त होंगे, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, भाग्य में वृद्धि होगी, पिता से वैचारिक मतभेद व पिता के स्वास्थ्य में समस्या रहेगी, भ्रम की स्थितियाँ बनेंगी, मकर राशि वाले जातक/जातिकाओं के लिए इस गोचर काल की सबसे बड़ी समस्या भ्रामक स्थिति रहेगी अतः धैर्य व संयम से कार्य करें व कोई भी निर्णय बहुत सोच समझ कर लें तथा आवेश में आने से बचें यदि आपने भ्रामक स्थिति न बनने दी तो राहु व केतु का यह गोचर आपके लिए शुभ सिद्ध होगा, आय में वृद्धि होगी, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा का शनि से संबंध बन रहा है तो आपको बुद्धि व विवेक से हर कार्य करना होगा क्योंकि राहु आपके चित्त को शांत नही होने देंगे जिससे बनते कार्य बिगड़ेंगे, वहिं केतु आपको सही दिशा में प्रयत्न नही करने देंगे जिससे व्यापार व दामपत्य जीवन के सुख में बाधाएं आएंगी, यह गोचर आपके लिए 48% शुभ तथा 52% अशुभ रहेगा।
उपाय:- सुंदरकांड व बटुक भैरव स्तोत्र का नित्य पाठ करें तथा जिनकी कुंडली में चंद्रमा शनि से संबंध रखता हो वह इन उपायों के साथ प्रत्येक शनिवार को 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें लाभ होगा।
राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-२ जानिए, कर्क से कन्या राशि वालों के लिए राहु-केतु का यह गोचर कितना शुभ रहेगा।
कुंभ राशि:-
कुंभ राशिफल
कुंभ राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर मिला-जुला रहेगा जिनकी कुंडली में चंद्रमा का शनि से संबंध बन रहा हो उनके लिए मुश्किलें ज्यादा रहेंगी अतः घर में कलह-क्लेश होंगे, मानसिक अशांति अनुभव होगी, कार्यक्षेत्र में हानि संभव है, नौकरी पेशा लोग बहुत ही सतर्कता के साथ कार्य करें, आपको अपने प्रियजनों का सहयोग कम मिलेगा, वाणी में तेजी रहेगी अतः वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखें, धैर्य व संयम से कार्य करें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, शत्रुओं से सावधान रहें, किसी से ऋण लेने से बचें, जिनकी कुंडली में चंद्रमा का शनि से संबंध नही है उनके लिए यह गोचर कुछ राहत देगा, कार्यक्षेत्र में विकास होगा, नौकरी परिवर्तन व स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, जिनका कार्य कमीशन, फाइनेंस, बैंकिंग, टीचिंग से जुड़ा हुआ है उनके लिए यह गोचर लाभप्रद सिद्ध होगा हालाँकि घर में कलह-क्लेश होते रहेंगे फिर भी चंद्रमा का शनि से संबंध न होने के कारण से आपकी सोच-विचार करने की शक्ति जागृत रहेगी, राजनीति से या सामाजिक वर्ग से जुड़े लोग अपनी वाणी पर विशेष नियंत्रण करें तथा शराब, माँसाहार का सेवन न करें क्योंकि इनका सेवन आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला सिद्ध होगा, शत्रुओं से सावधान रहें, यह गोचर आपके लिए 50% शुभ तथा 50% अशुभ रहेगा।
उपाय:- हनुमान जी, गणेश जी व भैरव जी की नित्य पूजा करें व गणेश अथर्वशीर्ष, संकटमोचन हनुमाष्टक और भैरव स्तोत्र का नित्य पाठ करने से लाभ होगा।
राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020: *भाग:-३* राहु को सदैव ही नियंत्रित करने वाले केतु इस बार खुद नियंत्रण के बाहर रहेंगे जिनको नियंत्रित राहु करेंगे जानिए, राहु व केतु के गोचर परिवर्तन से तुला, वृश्चिक व धनु राशि में से किन पर राहु की कृपा बरसेगी व आपको क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए तथा उपाय।
मीन राशि:-
मीन राशिफल
मीन राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर शुभ रहेगा बशर्ते आपकी कुंडली में राहु पीड़ित अवस्था में हो फलस्वरूप पराक्रम में वृद्धि होगी, भाग्य में वृद्धि होगी व भाग्य का पूर्ण सहयोग भी प्राप्त होगा, व्यापार में भी लाभ होगा व व्यापार की वृद्धि होगी, नए कार्य की शुरुवात होने के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आप क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, हॉकी, पुलिस, आर्मी से जुड़े हुए हैं तो यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ सिद्ध होगा, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेंगे, दामपत्य जीवन में क्षणिक विवाद होते रहेंगे, बड़े भाई-बहन का सम्मान करें, मन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होगी अतः अपने विवेक से कार्य करें व कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझ कर ही लें, दिमाग आपका तेजी से कार्य करेगा, आपके ज्ञान में भी वृद्धि के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए भी यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, रुका हुआ धन प्राप्त होगा व ऐसे सभी कार्य जो लंबे समय से रुके हुए हैं अब पूर्ण होंगे, सरकारी नौकरी की जो लोग लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं उन्हें सरकारी नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, यात्राएं चाहे लंबी हो या छोटी लाभप्रद सिद्ध होंगी, धर्म का पालन करें व अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, बीते समय में आपको जो भी नुकसान हुए अब उनकी भरपाई होने के योग बनेंगे, यह गोचर आपके लिए 80% शुभ व 20% अशुभ रहेगा।
उपाय:- दशांश करें यहाँ दशांश का तात्पर्य अपने कमाई का दसवाँ हिस्सा किसी अनाथालय या वृद्धाश्रम में दान करने से हैं तथा शिव जी की पूजा व शिव परिवार की सेवा करें।
राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-२ जानिए किन राशियों पर राहु व केतु की कृपा बरसेगी
राहु व केतु राशि परिवर्तन
कर्क राशि:-
कर्क राशिफल
कर्क राशि वाले के लिए राहु व केतु का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा फलस्वरूप लाभ प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी तथा आय के नए स्त्रोत बनेंगे, लॉटरी, जुआ, शेयर बाजार से लाभ प्राप्त होगा, रुका हुआ धन प्राप्त होगा, पराक्रम में वृद्धि होगी, छोटे भाई-बहन से क्षणिक विवाद संभव है, विद्यार्थियों के लिए राहु-केतु का यह गोचर मिला-जुला सिद्ध होगा, विद्यार्थियों में एकाग्रता की कमी देखने को मिलेगी, विद्यार्थियों के मन में भ्रम बना रहेगा, गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, नए व्यापार की शुरुवात कर सकते हैं लाभ होगा, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में परेशानी संभव है, पार्टनरशिप में नुकसान हो सकता है, जीवनसाथी के कमर, जोड़ों व पैर में समस्या संभव है, दामपत्य जीवन में क्षणिक विवाद संभव है, भाग्य में वृद्धि होगी, क्रोध पर नियंत्रण रखें, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, यह गोचर आपके लिए 90% शुभ तथा 10% अशुभ रहेगा।
उपाय:- नित्य सुंदरकांड का पाठ करें, एकादशी का व्रत करें।
सिंह राशि:-
सिंह राशिफल
सिंह राशि वालों के लिए राहु-केतु का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा फलस्वरूप राजनीति क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, नौकरी पेशा लोगों के लिए राहु-केतु का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सरकारी नौकरी लगने के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, जो लोग नया व्यापार आरंभ करना चाहते हैं उनके लिए भी यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, आय में वृद्धि होगी, पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद का अंत होगा, जिनका कार्य वाणी से संबंधित है उनके लिए राहु-केतु का यह सर्वश्रेष्ठ सिद्ध होगा, घर में कलह-क्लेश का माहौल रहने से मन अप्रसन्न रहेगा, माता के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, माता से विवाद संभव है, मित्रों या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से धोखा मिल सकता है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, भूमि व मकान सतर्कता के साथ खरीदें, भ्रष्टाचारियों के लिए यह गोचर शुभ नही है अतः कुछ समय के लिए इससे दूर रहें अन्यथा जेल यात्रा के योग बनेंगे, माता के जोड़ों में दर्द, थाइराइड की समस्या हो सकती है, लंबे समय से चली आ रही बीमारी दूर होगी, ऋण से मुक्ति मिलेगी, राजनीति से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा व सम्मान की प्राप्ति होगी, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, आय के साथ व्यय में भी वृद्धि होगी, यह गोचर आपके लिए 93% शुभ तथा 7% अशुभ रहेगा।
उपाय:- माता-पिता का सम्मान करें, गणेश जी के मंत्रों का जाप करें।
कन्या राशि:-
कन्या राशिफल
कन्या राशि वालों के लिए राहु-केतु का यह गोचर शुभ रहेगा फलस्वरूप भाग्य में वृद्धि होगी व भाग्य का पूर्ण सहयोग भी प्राप्त होगा, विद्यार्थियों का मन अशांत रह सकता है, पराक्रम में वृद्धि होगी, मन मे भ्रम की स्थिति बन रही होगी, मन में नए विचार आएंगे, नौकरी परिवर्तन या किसी नए कार्य की शुरुवात संभव है, आय में उतार-चढ़ाव आएंगे किंतु लाभ निश्चित होगा, घर में मांगलिक कार्यक्रम होने के योग बनेंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव है, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, लंबे समय से चली आ रही उदासीनता दूर होगी, यह गोचर आपके लिए 90% शुभ तथा 10% अशुभ रहेगा।
उपाय:- हनुमान चालीसा व गणेश चालीसा का नित्य पाठ करें तथा नित्य हनुमान की को एक घी का दीपक अर्पित करते हुए 11 बार हनुमान गायत्री मंत्र का जाप करें लाभ होगा।
शुक्र का कर्क राशि से गोचर 1 सितंबर 2020: जानें किस राशि वालों पर क्या प्रभाव पड़ेगा व किन राशि वालों की चमकेगी किस्मत
शुक्र का कर्क राशि से गोचर
वैदिक ज्योतिष में शुक्र को कला, वैभव, सौंदर्य, प्रेम, भौतिक सुख, का कारक माना गया है सामान्य शब्दों में समझा जाए तो हर प्रकार के सुख जिनसे प्राप्त होते हैं उन सभी के कारक शुक्र होते हैं यह देव गुरु वृहस्पति के भाई व दैत्यों के आचार्य हैं नव ग्रहों में एकमात्र शुक्र ही है जिन्हें मृत संजीवनी विद्या का ज्ञान है, 1 सितंबर 2020 मंगलवार को 2 बजकर 2 मिनट 01 सेकंड पर शुक्र गोचर बदलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे जिसके कारण से विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रकार के फल प्राप्त होंगे तो चलिए जानते हैं शुक्र के कर्क राशि से गोचर के दौरान किन राशियों को क्या फल प्राप्त होंगे:-
शुक्र के कर्क राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-
मेष राशि:-
मेष राशिफल
मेष राशि वालों के लिए शुक्र दूसरे व सप्तम भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा साथ ही घर के में माहौल में खुशी का वातावरण रहने से मन प्रसन्न रहेगा, प्रेमियों के जीवन में भावुकता हावी हो सकती है अतः भावनाओ पर नियंत्रण रखें, सर्दी-जुकाम की समस्या रह सकती है।
वृषभ राशि:-
वृषभ राशिफल
वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र प्रथम व षष्ठ भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, संगीत, कला के प्रति रुझान बढ़ेगा, आपके मन में कुछ नया करने की चाह उत्पन्न होगी, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, जीवनसाथी के साथ कहीं घूमना जाने का सोच रहे हैं तो शुक्र का यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ सिद्ध होगा जिससे संबंधों में मधुरता आएगी, पुराने मित्रों व करीबी लोगों से मुलाकात संभव है, विद्यार्थियों के लिए भी शुक्र का यह गोचर काफी अच्छा रहेगा।
मिथुन राशि:-
मिथुन राशिफल
मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र पंचम व द्वादश भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, शिक्षा के क्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होंगी, परिवार का माहौल अच्छा रहने से मन प्रसन्न रहेगा, यदि आप किसी पारिवारिक व्यवसाय या साझेदारी में कोई व्यवसाय करते हैं तो शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ होगा, वाणी का लोगों पर प्रभाव पड़ेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, व्यय में वृद्धि होगी, नेत्रों में किसी प्रकार की समस्या संभव है, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, खाने-पीने व यात्राओं पर धन व्यय होने के योग बनेंगे।
कर्क राशि:-
कर्क राशिफल
कर्क राशि वालों के लिए शुक्र चतुर्थ व एकादश भाव के स्वामी होकर प्रथम भाव अर्थात लग्न से गोचर करेंगे फलस्वरूप बौद्धिक क्षमता से उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे व कला और संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, जिनका कार्य मीडिया, सौंदर्य उत्पादों से जुड़ा हुआ है उनके लिए शुक्र का यह गोचर काफी अच्छा रहेगा, परिवार में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा, शुक्र के इस गोचर के दौरान आप भौतिक सुखों को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहेंगे, स्वास्थ्य के लिहाज से भी शुक्र का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा फिर भी बाहर की चीजों का सेवन करने से परहेज करें।
सिंह राशि:-
सिंह राशिफल
सिंह राशि वालों के लिए शुक्र तीसरे व दसवें भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे द्वादश भाव में शुक्र शुभ फल देता है क्योंकि काल पुरुष के द्वादश भाव में ही शुक्र उच्च के होते हैं फलस्वरूप जो लोग विदेशों से जुड़ा व्यापार करते हैं या विदेशी कंपनियों में काम करते हैं उनके लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, विदेश/परदेश यात्रा के भी योग बनेंगे, व्यय में वृद्धि होगी, किसी महिला या सुख के संसाधनों पर धन व्यय होगा, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, शुक्र के इस गोचर काल के दौरान आप आध्यात्मिक सुखों की जगह भौतिक सुखों को अधिक प्रधानता देंगे, बाईं नेत्र में किसी प्रकार की समस्या संभव है, स्वास्थ्य का भी विशेष ख्याल रखें।
कन्या राशि:-
कन्या राशिफल
कन्या राशि वालों के लिए शुक्र दूसरे व नवम भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे जो कि बेहद शुभ रहेगा फलस्वरूप धन लाभ होने के योग बनेंगे, नौकरी पेशा व व्यापारी वर्ग के लोगों के लिए शुक्र का यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, परिवार के सदस्यों के साथ संबंध मधुर होंगे व घर के वातावरण में खुशियों का माहौल रहेगा, बड़ी बहन या किसी महिला से लाभ मिलने की संभावना रहेगी, लंबे समय से आपको जो स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं थी उनसे राहत मिलेगी, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, मनोरंजन देने वाले साधनों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे।
तुला राशि:-
तुला राशिफल
तुला राशि वालों के लिए शुक्र पहले व अष्टम भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, किसी वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात संभव है, नौकरी पेशा लोगों के लिए प्रमोशन के योग बनेंगे, व्यापार वृद्धि हेतु भी आप कोई योजना बना सकते हैं जिससे आपको भविष्य में लाभ होगा, आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे जिससे आपके रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे व आपके लोगों से संबंध भी मधुर होंगे, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, पिता से चले आ रहे वैचारिक मतभेद समाप्त होंगे, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।
वृश्चिक राशि:-
वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र सप्तम व द्वादश भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर होगा फलस्वरूप आध्यात्म के प्रति आपका रुझान अधिक बड़ेगा, किसी ज्ञानी व्यक्ति से आपकी मुलाकात संभव रहेगी, धर्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, दामपत्य जीवन अच्छा रहेगा, घर में बड़ों-बुजुर्गों के साथ समय बिताना आपको अच्छा लगेगा व उनके साथ आपका अच्छा समय भी बीतेगा, जो लोग उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए भी शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, जो लोग संगीत, कला, सौंदर्य प्रकाशन से जुड़े हुए हैं उनके लिए भी शुक्र का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, यात्राओं के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
धनु राशि:-
धनु राशिफल
धनु राशि वालों के लिए शुक्र षष्ठ व एकादश भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, शुक्र के इस गोचर के दौरान आपके शत्रु सक्रिय रहेंगे, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, किसी भी महिला से व्यर्थ विवाद न करें, स्वास्थ्य के लिहाज से शुक्र का यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा क्योंकि शुक्र ही इकलौता ऐसा ग्रह है जिसे मृत संजीवनी का ज्ञान है और अष्टम भाव आयु का विचार है अतः आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा व लंबे समय से चली आ रही बीमारी से राहत मिलेगी फिर भी अधिक मिर्च-मसाले, तामसिक चीजों से परहेज करें अन्यथा पेट/उदर से संबंधित परेशानी संभव है, दामपत्य जीवन अच्छा रहेगा, जीवनसाथी के साथ संबंधों को मजबूत करने और उन्हें समझने का यह अच्छा समय रहेगा क्योंकि अष्टम भाव जीवनसाथी की वाणी का भी भाव है जहाँ शुक्र जैसा सौम्य ग्रह वाणी में मधुरता देता है, किसी को उधार पैसा देने से बचें।
मकर राशि:-
मकर राशिफल
मकर राशि वालों के लिए शुक्र पंचम व दशम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, जो लोग साझेदारी में व्यापार करते हैं उनके लिए शुक्र का यह गोचर काफी अच्छा रहेगा, दामपत्य जीवन अच्छा रहेगा, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, मित्रों से मुलाकात संभव है, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, प्रेमियों के लिए भी शुक्र का यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे विवाह करना चाहते हैं तो यह समय अपने पार्टनर को प्रपोज करने के लिए शुभ रहेगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, प्रमोशन के भी योग बनेंगे, आपका व्यक्तित्व आकर्षक रहेगा जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे।
कुंभ राशि:-
कुंभ राशिफल
कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र चतुर्थ व नवम भाव के स्वामी होकर छठे भाव से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, अधिक मिर्च-मसालों से बने पदार्थों से परहेज करें, कार्यक्षेत्र में अचानक से किसी समस्या के आने से तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी अतः तनाव लेने से बचें व कार्य पर ध्यान दें, पिता के स्वास्थ्य में भी समस्या संभव है अतः पिता के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें, किसी महिला से व्यर्थ विवाद में पड़ें, शुक्र के इस गोचर के दौरान आपके शत्रु सक्रिय रहेंगे, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, मामा पक्ष से विवाद संभव रहेगा, अचानक यात्राओं के योग बनेंगे व यात्राओं पर धन व्यय होगा, अनैतिक संबंध बनाने से बचें, शुक्र का यह गोचर आपके लिए अधिक शुभ नही है अतः नित्य लक्ष्मी चालीसा व श्रीसूक्त का पाठ करें।
मीन राशि:-
मीन राशिफल
मीन राशि वालों के लिए शुक्र तीसरे व अष्टम भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, बुद्धि बल द्वारा उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, रचनात्मक कार्यों के प्रति झुकाव बड़ेगा, जो छात्र शोध कार्यों में लगे हैं उनके लिए भी शुक्र का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, प्रेमियों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, प्रेम जीवन में मधुरता आएगी किंतु अपने प्रेमी से अधिक वायदे करने से बचें, दामपत्य जीवन अधिकांश ठीक रहेगा।
घर की नकारात्मक ऊर्जा व ऊपरी बाधा दूर करने के 7 अचूक उपाय
ऊर्जा दो प्रकार की होती है एक सकारात्मक और दूसरी नकारात्मक जो कि क्रमशः देव और असुर की श्रेणी में आती है बहुत से लोग मेरे पास आते हैं कि मेरे घर में किसी ने कुछ कर दिया है या मेरे घर पर किसी की नजर लग गयी है या मेरे घर में कभी-कभी किसी और के होने का भी अहसास होता है तो आज मैं इसी संदर्भ में कुछ सरल से उपाय बताता हूँ जिनसे आप घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर कर सकते हैं तो चलिए जानते हैं वह कौन से उपाय हैं जिन्हें करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है:-
घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के उपाय
१. हनुमान जी की पंचमुखी मूर्ति या फोटो को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नही होता है।
२. यदि आपके घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा हो तो गोहरी (गाय की सूखी गोबर) में हल्का सा गंगाजल गायत्री मंत्र पढ़कर छिड़क दें तदोपरान्त उसमें सेंधा नमक, फिटकरी व कपूर का छोटा टुकड़ा डालकर जला दें तथा उससे जो धुंआ निकले उससे पूरे घर को गायत्री मंत्र पढ़ते हुए शुद्ध करें ऐसा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।
३. घर के मध्य भाग में तुलसी का पौधा लगाकर नित्य उसका पूजन करने से भी घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।
४. जिस घर में नित्य सुंदरकांड का पाठ व हनुमान जी की आरती होती है वहाँ नकारात्मक ऊर्जा वास नही करती है।
५. घर के दक्षिण भाग में सूर्यास्त बाद नित्य पितरों को दीपक अर्पित करने से भी पितरों के आशीर्वाद से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।
६. नित्य घर में गंगाजल का छिड़काव करने से भी सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।
७. नित्य पूजा घर में पूजन समय शंखनाद करने से भी सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।
सितंबर 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा
मेष लग्न कुंडली
मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए सितंबर 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरूवात में मंगल का लग्न से गोचर रूचक नामक पंचमहापुरुष योग बनाएगा जिस पर गुरु की दृष्टि भी रहेगी फलस्वरूप स्वास्थ्य में सुधार होगा, खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे, नई चुनातियों का सामना करना पड़ सकता है व इन चुनौतियों पर विजय प्राप्त करते हुए उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, क्रोध पर नियंत्रण रखें, 10 सितंबर को मंगल वक्री हो जाएंगे अतः स्वास्थ्य में कुछ परेशानियाँ अनुभव होगी, घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है जिस कारण से मन अप्रसन्न रहेगा, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, माह के शुरुवात में सूर्य व बुध का पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, संतान का सहयोग प्राप्त होगा किंतु संतान के स्वास्थ्य में कुछ परेशानियाँ संभव रहेगी, 2 सितंबर को बुध गोचर बदलकर आपके छठे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर बुद्धि व विवेक द्वारा विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त होने के योग बनेंगे, 16 सितंबर को सूर्य भी गोचर बदलकर आपकी कुंडली के छठे भाव में आ जाएंगे अतः सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, ज्वर, सर दर्द, नेत्रों में जलन/दर्द की समस्या रह सकती है, 22 सितंबर को बुध पुनः गोचर बदलकर आपकी कुंडली के सप्तम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवनसाथी से विवाद संभव रहेगा, जिनका कार्य बैंकिंग व फाइनेंस से जुड़ा हुआ है उनके लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, माह के शुरुवात में शुक्र का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा अतः घर में किसी मेहमान के आगमन के योग बनेंगे, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, घर में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा, सीनियर आपके कार्य से खुश रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, प्रेमियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, यदि आप अपने प्रेमी/प्रेमिका को प्रपोज करना चाहते हैं तो 14, 19, 20 व 21 सितंबर का दिन आपके लिए शुभ रहेगा।
मेष राशिफल
माह के शुरुवात में शनि का दशम भाव से गोचर शश नामक योग बनाएगा अतः मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, यदि आपका फाइनेंस से जुड़ा हुआ कार्य है तो यह माह आपके लिए अच्छा रहेगा, शेयर बाजार में पैसा लगाने से बचें, माह के शुरूवात में गुरु व केतु का गोचर नवम भाव से रहेगा फलस्वरूप आध्यत्म की ओर झुकाव बड़ेगा, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, जो लोग उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह माह अच्छा सिद्ध होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए है उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, 23 सितंबर को राहु व केतु गोचर बदलकर क्रमशः दूसरे व अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें अन्यथा बनते हुए कार्य बिगड़ सकते हैं, वाहन सावधानी से चलाएं, तामसिक चीजों से परहेज करें, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, 25 सितंबर को अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, 14 सितंबर को परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, 19 से 21 सितंबर का समय भी आपके लिए अच्छा रहेगा, किसी मेहमान के आगमन के योग बनेंगे, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे व नजदीकियाँ बढ़ेंगी, घर में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा।
मेष राशिफल
कुल मिलाकर मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए सितंबर 2020 सामान्य रहेगा जिसमें किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, घर में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है 10 सितंबर के बाद स्वास्थ्य का ख्याल रखें व क्रोध और वाणी पर नियंत्रण रखें, दामपत्य जीवन अधिकांश ठीक रहेगा, वाहन सावधानी से चलाएं, माह की 3, 4, 5, 17, 18, 21, 22 व 23 तिथियाँ अधिक शुभ नही है अतः इस दौरान कोई भी रिस्क लेने से बचें, मेरे अनुसार मेष लग्न व मेष राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल दें व सुंदरकांड का पाठ करें तो लाभ होगा।
नजर दोष व उसके बचाव हेतु उपाय भाग: २—-Astrology Sutras
नजर दोष के उपाय
नजर दोष व उससे बचाव के लिए कुछ दिन पहले मैंने भाग: १ प्रकाशित किया था जिसे आज मैं आगे बढ़ाते हुए इसका दूसरा भाग प्रकाशित कर रहा हूँ जिसमें धर्म शास्त्र के अनुसार कुछ वैदिक उपाय बतायूँगा जिन्हें कर के भी नजर दोष से बचाव किया जा सकता है तो चलिए जानते हैं वह कौन से वैदिक उपाय हैं जिन्हें कर के हम नजर दोष को दूर कर सकते हैं:-
नजर दोष व उससे बचाव के उपाय भाग:-१ पढ़ने के लिए इस link पर जाएं
१. नित्य बजरंग बाण, हनुमान बाहुक व हनुमान चालीसा का पाठ करने से नजर दोष नही लगती है।
२. चाँदी की चेन या पंचमुखी रुद्राक्ष की माला गले में धारण करने से नजर दोष से सुरक्षित रहा जा सकता है।
३. यदि नजर दोष के कारण से धन संचय या धनार्जन में समस्या आ रही हो तो घर की छत के उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाकर नित्य उसकी पूजा करने से नजर दोष दूर हो जाती है।
४. जिस व्यक्ति को नजर लगी हो उसके सर पर से सेंधा नमक 7 बार उतार कर पानी में डाल दें (यह क्रिया काँच के गिलास में करनी है) जैसे-जैसे सेंधा नमक पानी में घुलता जाएगा नजर दोष दूर होती जाएगी।
५. बहुत लोगों से मैंने सुना है नजर लगने के कारण से उल्टी हो रही है ऐसी स्थिति में एक पान के पत्ते में गुलाब की 7 पंखुड़ी रखकर अपने इष्ट देव का ध्यान कर नजर दोष को दूर करने की प्राथना कर के व्यक्ति (जिसे नजर दोष के कारण से उल्टी हो रही हो) को खिलाने से नजर दोष दूर हो जाती है व उल्टी बंद हो जाती है।
नजर दोष: जानें नजर दोष के कुछ लक्षण व उनके अचूक उपाय “भाग:-१“
६. जिस व्यक्ति को नजर लगी हो उसके ऊपर से 7 लाल मिर्च (डंठल वाली) को 9, 11 या 21 बार उतार कर आग में जला देने से नजर दोष से तत्काल राहत मिलता है।
७. जिस व्यक्ति को नजर लग गयी हो उसके सर के ऊपर से थोड़ा सा दूध 3 बार उतार कर मिट्टी में बर्तन में डालकर कुत्ते को पिलाने से नजर दोष दूर हो जाती है। (यह क्रिया शनिवार व राविवार को की जाती है।)
८. जिस व्यक्ति को नजर लगी हो उसके सर पर से नींबू को 7 बार उतार कर उसे 4 भाग में काट कर किसी भी चौराहे पर (चारों दिशाओं में) फेंक देने से नजर दोष दूर हो जाती है।
९. अकसर लोगों से सुनने में आता है कि उनके बच्चे पर किसी की नजर लग गयी है जिस कारण से वह बहुत अधिक रोने लगता है इस परिस्थिति में लाल मिर्च, अजवायन और पीली सरसों को मिट्टी के छोटे से बर्तन में जलाकर उसके धुएं को बच्चे के सर पर से पैर तक 7 बार देने से लाभ मिलता है। (यह क्रिया करते समय एक मंत्र का जाप किया जाता है वह मंत्र जानने हेतु आप 9919367470 या 7007245896 पर संपर्क कर सकते हैं।)
१०. यदि गर्भवती महिलाओं को नजर लग जाए तो इस परिस्थिति में गोबर, गुड़ और रुई को एक छोटे दिए में जलाकर कमरे (जिस कमरे में गर्भवती महिला रहती हो) के द्वार के बीच में जला देने से नजर दोष दूर हो जाती है।
नजर दोष: जानें नजर दोष के कुछ लक्षण व उनके अचूक उपाय “भाग:-१”
११. यदि नजर दोष के कारण से व्यक्ति को भोजन करने की इच्छा न करती हो या भूख लगना बंद हो गयी हो उनके सर पर से रोटी में तेल लगाकर 7 बार उतार को काले कुत्ते को खिलाने से नजर दोष दूर हो जाती है।
१२. एक गिलास पानी को नजर लगे व्यक्ति के सर पर से 7 या 11 बार उतारकर उसे नाली में बहा देने से भी नजर दोष से लाभ मिलता है।
१३. माचिस की 4 तीली को नजर लगे व्यक्ति के सर पर से 7 बार उतार कर पाँचवीं तीली से जला देने से भी नजर दोष से लाभ मिलता है।
१४. कपूर, फिटकरी, सेंधा नमक को व्यक्ति के सर पर से 7 बार उतार कर जला देने से भी नजर दोष से लाभ मिलता है।
१५. जिस व्यक्ति को नजर लगी हो उसके सर पर से राई, कपूर, फिटकरी को 7 बार उतारकर किसी चौराहे पर जाकर जला देने से भी नजर दोष से लाभ मिलता है। (यह उपाय मौन व्रत धारण कर के करना चाहिए तथा मन में इष्ट देव के किसी भी मंत्र का जाप कर उनसे प्राथना करनी चाहिए जब तक उपाय संपन्न न हो जाए तब तक पीछे मुड़कर भी नही देखना चाहिए।)
नजर दोष व उसके बचाव हेतु उपाय भाग:१—-Astrology Sutras
नजर दोष दूर करने के उपाय
किसी व्यक्ति के साथ अच्छा होते-होते अचानक से बुरा होने लगता है जैसे कारोबार का मंद पड़ जाना, छोटे बच्चों का दूध न पीना, शिक्षा में व्यवधान आने लगना, बच्चों का स्वभाव अचानक से चिड़चिड़ा हो जाना, स्वास्थ्य में परेशानियाँ यह सभी नजर दोष के लक्षण होते हैं, ऐसा माना जाता है कि नजर लगने से व्यक्ति के अंदर की सकारात्मक ऊर्जा कम होने लगती है तथा वह नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव में आ जाते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के वराह संहिता ग्रंथ के शगुन विचार में नजर दोष का विस्तृत उल्लेख मिलता है अतः मैं वराह संहिता के शगुन विचार के अंतर्गत कुछ उपाय जिन्हें मैंने अपने अनुभव में सटीक पाया है वह आप सभी को बताता हूँ।
नजर दोष के उपाय
बच्चों को नजर लगे तो करें यह उपाय:-
१. यदि आपका बच्चा अचानक से दूध पीना बंद कर दे तो थोड़ा सा दूध बच्चे के सर पर से 3 बार उतारकर कुत्ते को पिलाने से नजर दोष से मुक्ति मिलती है।
२. यदि आपको किसी पर शक हो कि अमुक व्यक्ति की नजर मेरे बच्चे पर लगी है तो अपने बच्चे के सर पर से उक्त व्यक्ति का हाथ फिरवाने से लाभ मिलता है।
भोजन पर लगे नजर तो करें यह उपाय:-
यदि घर के किसी सदस्य के भोजन पर नजर लग गयी हो अर्थात उसे भूख न लगती हो या कुछ भी खाने से पेट खराब होने लगे तो उन सदस्य (जिनके भोजन पर नजर लगी हो) को थाल में से सभी भोज्य पदार्थ का कुछ-कुछ अंश एक पत्तल पर निकालकर उसे किसी तिराहे या चौराहे पर रख आएं।
विशेष:- यह उपाय करने के दौरान जब तक आप घर पुनः वापस आकर हाथ, पैर और मुँह न धो लें तब तक आपको पीछे मुड़कर नही देखना चाहिए।
यदि आपके व्यापार को नजर लग जाए तो करें यह उपाय:-
१. यदि आपके व्यापार पर किसी की नजर लग गयी हो जिससे आपका चलता हुआ व्यापार एकदम से मंद पड़ जाए तो अपने कार्यस्थल पर मंगलवार और शनिवार के दिन नींबू-मिर्च लटका दें।
विशेष:- नींबू-मिर्च प्लास्टिक वाले नही होने चाहिए।
२. यदि आपकी नौकरी पर किसी की नजर लग गयी हो तो नित्य गणेश जी के चरणों में अर्पित दूर्वा घास अपनी जेब या पर्स में रखें लाभ होगा।
यदि घर के किसी सदस्य को नजर दोष के कारण स्वास्थ्य में समस्या आ रही हो तो करें यह उपाय:-
१. यदि घर के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में नजर दोष के कारण से कोई समस्या निरंतर बनी रह रही हो तो उन सदस्य (जिनके स्वास्थ्य में नजर दोष के कारण से समस्या आ रही हो) उनको एक जगह लिटाकर फिटकरी के एक छोटे से टुकड़े को उनके सर से पैर तक 7 बार उतारें तथा प्रत्येक बार पैर के तलवे से फिटकरी का स्पर्श अवश्य कराएं तदोपरांत उस फिटकरी को गोहरी व देसी घी के माध्यम से जला दें तत्काल लाभ होगा।
२. जिन व्यक्ति को नजरदोष के कारण से स्वास्थ्य में समस्या निरन्तर बनी रह रही हो उनके सर पर से राई और 7 लाल मिर्च को 7 बार उतार कर जला दें लाभ होगा।
पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए इसका दूसरा भाग जल्द ही प्रकाशित करूँगा।