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Astrology Sutras/Logics

ग्रहों की नैसर्गिक मित्रता व शत्रुता:-

 

ग्रहों को दो भागों में बाटा गया है पहला दैवीय दूसरा राक्षस।

सूर्य, चन्द्र, मंगल और गुरु दैवीय राशियों के अंतर्गत आते हैं।

शुक्र, शनि, राहु और केतु राक्षस राशियों के अंतर्गत आते हैं।

जब भी कोई दैवीय ग्रह, राक्षस ग्रह के राशि मे आते हैं तो उनके शुभ फल में कमी आ जाती है ठीक उसी प्रकार जब कोई राक्षस ग्रह, दैवीय ग्रह की राशि में आते हैं तो उनके शुभ फल में कमी आती है।

बुध इकलौता ऐसा ग्रह है जो जिस ग्रह की राशि पर बैठता है उसके आचरण को अपना कर अपने फल देता है मतलब बुध यदि असुर ग्रह के राशि में बैठा है तो असुर प्रवति अपनाकर फल देगा और अगर दैवीय ग्रह की राशि पर विराजमान है तो दैवीय प्रवति अपनाकर अपने फल देगा।

बुध कभी भी चंद्र और गुरु से संबंध रखकर अच्छे फल नही देता लेकिन गुरु बुध का पिता होने के नाते बुध को शुभता प्रदान करता है किंतु बुध गुरु को अपना शत्रु मानता है।

गुरु सबसे ज्यादा शुभ फल लग्न पर बैठ कर देता है क्योंकि लग्न पर बैठा गुरु पंचम, सप्तम और नवम भाव को देखता है।

शुक्र हमेशा वाहरवें भाव मे सबसे ज्यादा शुभ फल देता है क्योंकि वाहरवां भाव विष्णु जी का पैर होता है जहां लक्ष्मी जी बैठकर विष्णु जी का पैर दबा रही होती हैं इसी कारण वाहरवें भाव को शैया सुख भी कहा जाता है।

शुक्र सबसे ज्यादा खराब फल दूसरे और सातवें भाव मे देता है क्योंकि दोनों ही मारक स्थान होते हैं और शुक्र भोग-विलास का कारक होता है जिस कारण व्यक्ति केवल भोग-विलास के चक्कर मे पढ़कर अपने जीवन को खत्म कर देता है।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:- 9919367470

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कन्या लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

कन्या लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 काफी अच्छा रहने वाला है चतुर्थ भाव से गुरु व केतु का गोचर हंस नामक योग बनाएगा जिस कारण से घर में सुख-शांति व खुशियाँ आएंगी, यदि लंबे समय से घर खरीदने का सोच रहे हैं तो यह अच्छा समय है भूमि व मकान का सुख मिलेगा, गुरु की पंचम दृष्टि अष्टम भाव पर है जिस कारण से स्वास्थ्य में सुधार होगा व अध्यात्म की ओर झुकाव रहेगा, गुरु की सप्तम दृष्टि दसवें भाव पर है जिस कारण से प्रमोशन मिल सकता है, जो लोग बिज़नेस करते हैं उनके लिए भी यह समय बहुत अच्छा रहेगा, दसवें भाव से राहु का भी गोचर हो रहा है जो कि बेहद शुभ है अतः आप आपके कार्यस्थल पर लोग आपके कार्य से खुश रहेंगे, बड़े अधिकारियों के साथ मिलना-जुलना हो सकता है, गुरु की नवम दृष्टि व्यय भाव पर रहेगी अतः यात्राओं के योग बनेंगे, विदेश यात्रा भी हो सकती है, धर्म के कार्यों में खर्चा हो सकता है।

29 मार्च 2020 को गुरु गोचर बदलकर मकर राशि में आएंगे और वहाँ स्वग्रही शनि के साथ युति कर के नीचभंग राजयोग बनाएंगे तथा वहाँ 30 जून 2020 तक रहेंगे अतः जो लोग संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं उनके लिए यह बहुत अच्छा समय है, विद्यार्थियों के लिए उत्तम समय रहेगा, जो लोग CA, MBA की पढ़ाई कर रहे हैं उनको अच्छे अंक प्राप्त होंगे, आमदनी में वृद्धि होगी, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनका सहयोग प्राप्त होगा, यदि किसी से प्रेम करते हैं तो अपने प्रेम का इजहार करने का भी यह अच्छा समय रहेगा।

पंचम भाव से शनि का गोचर भी शुभ रहेगा ग्रंथकारों का मत है कि गोचर से पंचम में आया हुआ शनि बहुत शुभ नही होता किन्तु स्वग्रही होने के कारण से उसकी अशुभता में कमी आएगी, कन्या संतान प्राप्त हो सकती है, कार्य को लेकर भाग-दौड़ रहा सकती है, मित्रों से धोखा मिल सकता है, आमदनी में वृद्धि होगी, कुटुंब से मतभेद हो सकते हैं, वाणी पर थोड़ा नियंत्रण रखें।

कन्या लग्न वालों के लिए कुल मिलाकर यह वर्ष काफी अच्छा रहेगा धार्मिक यात्रा भी हो सकती है, आमदनी में वृद्धि के योग बनेंगे, यात्राएं होंगी, जब बुध कुंभ, मेष व सिंह राशि से गोचर करेंगे तब स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सावधान रहें, तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है उसमें भी विशेष जब चंद्र भी इन्ही राशियों से गोचर करे तब और सावधान रहें, नवंबर के अंतिम भाग में गुरु पुनः मकर राशि में आ जाएंगे तब आय वृद्धि के और भी नए स्त्रोत बनेंगे, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए उत्तम समय रहेगा, मेरे अनुसार यदि कन्या लग्न के व्यक्ति पोखराज धारण करें व गणेश स्तोत्र का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।

जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
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सिंह लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

सिंह लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 काफी अच्छा रहेगा, नवम भाव से गुरु का गोचर बेहद शुभ रहेगा जो लोग संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, जिनका विवाह नही हुआ है उनके विवाह के योग बनेंगे क्योंकि गुरु की पंचम दृष्टि नवम भाव पर है साथ ही भाग्य का भी सहयोग प्राप्त होगा और जीवन में स्थिरता आएगी, एकादश भाव से राहु का गोचर है जिस पर गुरु की पूर्ण दृष्टि है अतः अचानक से धन लाभ के योग बनेंगे, स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा जिनको कोई बीमारी लंबे समय से चली आ रही है उसमें राहत मिलेगी, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनका सहयोग प्राप्त होगा।

29 मार्च को गुरु गोचर बदलकर छठे भाव में अपनी नीच राशि में जाएंगे गोचर से छठे भाव में गया हुआ गुरु शुभ नही माना जाता है फिर भी पहले से छठे भाव में शनि के खुद की राशि से गोचर होने के कारण से नीचभंग राजयोग का फल प्राप्त होगा तथा 29 मार्च से 30 जून के बीच शत्रुओं पर आप हावी रहेंगे किन्तु इस दौरान आपके खर्चे बहुत होंगे, परिवार के सदस्यों पर धन खर्च होने के योग बनेंगे, स्वास्थ्य में परेशानी हो सकती है किन्तु कार्य क्षेत्र में उन्नति के योग भी बनेंगे, यदि प्रमोशन की बात चल रही है तो प्रमोशन होगा, व्यापारियों के लिए अच्छा समय रहेगा, कुटुंब का सहयोग मिलेगा।

छठे भाव से गोचर कर रहे शनि की तीसरी दृष्टि अष्टम भाव पर है अतः पशु व वाहन से थोड़ा सावधान रहें, जिनका काम बिजली से संबंधित है उन्हें भी साबधानी बरतनी चाहिए, पार्टनरशिप में यदि व्यापार करते है तो पार्टनर से बनाकर चलें नही तो नुकसान उठाना पड़ सकता है, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में परेशानी हो सकती है, शनि सातवीं दृष्टि से द्वादश भाव (खर्च स्थान) को देख रहा है तो यात्राओं के योग बनेंगे, जीवन में काफी भागा-दौड़ी रहेगी, धर्म की ओर झुकाव अधिक रहेगा, शनि की दसवीं दृष्टि तीसरे भाव पर अपनी उच्च राशि में है जिस कारण से छोटे भाई-बहन का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, आवेश में आने से बचें नही तो फालतू के विवाद होंगे, शत्रुओं पर हावी रहेंगे, आपकी मेहनत से आपके सीनियर खुश रहेंगे।

सितंबर 2020 को राहु एकादश भाव अर्थात लाभ स्थान को छोड़कर कर्म स्थान में आएंगे जिस कारण से आमदनी के स्तोत्र बढ़ेंगे, कार्य में उन्नति प्राप्त होगी, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, बिज़नेस में स्थायित्व या नौकरी में प्रमोशन होगा, अचानक कोई यात्रा हो सकती है, कुटुंब से या साँस से विचारों में भिन्नता आने के कारण तनाव रह सकता है, तामसिक चीजों से परहेज करें, गैस की शिकायत हो सकती है, गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें चूँकि वो आपका कुछ अमंगल नही कर सकेंगे फिर भी पहले से सावधान ज्यादा अच्छा है, माता के स्वास्थ्य में कुछ परेशानी हो सकती है।

कुल मिलाकर सिंह लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 काफी अच्छा रहेगा व वर्ष 2019 में जो संघर्ष किया उसका फल 2020 में प्राप्त होगा, मेरे अनुसार सिंह लग्न वाले व्यक्ति यदि नित्य संकटमोचन हनुमाष्टक का पाठ करें, प्रत्येक सोमवार किसी गरीब महिला को दूध दान करें व सूर्य को नित्य जल दें तो काफी लाभ मिलेगा जिनके विवाह में बाधाएं आ रही है वो व्यक्ति इन उपाय के साथ-साथ प्रत्येक शनिवार को शनि जी का दर्शन करें व सरसों के तेल का दीपक अर्पित कर शनि स्तोत्र का पाठ करें तो निश्चय ही प्रभु कृपा से काफी लाभ होगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।

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लग्न क्या है:-

आप सभी जब किसी ज्योतिषी के पास जाते हैं तो वह बताते हैं कि आपका जन्म इस लग्न में हुआ है तो आखिर वह लग्न क्या है मैं आप सभी को लग्न क्या होता है सबसे आसान शब्दों में बताता हूँ:-

व्यक्ति के जन्म के समय जो राशि पूर्व दिशा की ओर उदित हो रही हो उसे लग्न कहते हैं।

एक लग्न की समय अवधि 2 घंटे रहती है अतः 2 घंटे पश्चात लग्न बदल जाता है कुंडली के सभी भावों में लग्न सबसे महत्वपूर्ण होता है इससे व्यक्ति के स्वभाव, चरित्र, रुचि और विशेषताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है, कुंडली के प्रथम भाव को लग्न कहा जाता है जिससे व्यक्ति की कद-काठी, रुचि, व्यक्तित्व, चरित्र, दिलचस्पी, स्वभाव, मुखमंडल अर्थात चेहरे की बनावट, दिमाग का स्तर आदि के बारे में बताया जा सकता है।

लग्न में केंद्र व त्रिकोण दोनों का समावेश रहता है जिस कारण से लग्न अर्थात प्रथम भाव, बाकी सभी भावों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, लग्न के स्वामी को हम लग्नेश के नाम से जानते हैं जैसे घर का मुखिया, घर के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है और घर का संचालन किस तरह से हो रहा उस पर निर्भर करता है ठीक उसी प्रकार लग्न व लग्नेश की स्थिति पर कुंडली के अधिकांश फल निर्भर होते हैं प्रत्येक लग्न के लिए कुछ ग्रह शुभ तो कुछ अशुभ होते है जिनकी स्थिति पर ही कुंडली के विभिन्न योगों का फलित होना निर्भर होता है।

कौन से ग्रह किस लग्न के लिए शुभ होते हैं और कौन से अशुभ इसको मैं अगले लेख में समझायूँगा अतः आप सभी हमसे जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय-समय और साझा करते रहें।
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कर्क लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

कर्क लग्न की कुंडली में छठे भाव से केतु व गुरु, द्वादश से राहु व सप्तम से शनि का गोचर रहेगा, गुरु विवाह, विद्या, संतान का कारक होता है छठे भाव से गुरु का गोचर बहुत शुभ नही होता क्योंकि छठा भाव शत्रु का भाव है अतः संतान से विवाद या संतान को कष्ट संभव रहेगा वर्ष में 2020 में 29 मार्च को गुरु मकर राशि में जाएंगे और शनि के साथ युत होकर नीचभंग राजयोग बनाएंगे और वहाँ 30 जून तक रहेंगे अतः जिनका विवाह नही हुआ है उनके विवाह के लिए यह अच्छा समय रहेगा और यदि कोई बीमारी लंबे समय से चली आ रही है तो उसमें कुछ लाभ मिलेगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह समय शुभ है तथा नौकरी पेशा वालों की आमदनी में भी वृद्धि के योग बनेंगे।

वर्ष 2020 में आपके लिए अधिकतर निर्णय गलत साबित हो सकते हैं अतः थोड़ा सोच-विचार कर के निर्णय लें, यह वर्ष आपके लिए खर्चे वाला साल है, माता-पिता, संतान, बड़े-बुजुर्ग या किसी बीमारी पर आपका धन व्यय होगा गुरु की पांचवीं दृष्टि कर्म स्थान पर है जो कि यह बता रहा है कि काम आपका अच्छा चलेगा, किसी बड़े अधिकारी से आपकी मुलाकात हो सकती है, समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा इसके अलावा गुरु की सप्तम दृष्टि द्वादश भाव (खर्च व यात्रा स्थान) पर भी है जिस कारण पैसा अधिक खर्च होगा व यात्राएं भी होंगी साथ ही गुरु की नवम दृष्टि दूसरे अर्थात धन भाव पर ही है जो यह बताता है कि आपके पास धन आने के नए माध्यम बनेंगे व धन की वृद्धि होगी और कुटुंब का उत्तम सुख मिलेगा।

29 मार्च को गुरु सप्तम से गोचर करेंगे तब विवाह के योग बनेंगे तथा आय में वृद्धि या प्रमोशन की संभावना बनेगी और छोटे भाई-बहन का भी सहयोग प्राप्त होगा यदि आपके छोटे भाई-बहन विवाह योग्य हैं तो उनके विवाह की भी बात चल सकती है किन्तु शनि के सप्तम भाव से गोचर करने के कारण से आपको कार्य को लेकर भाग-दौड़ करनी पड़ सकती है तथा माता के स्वास्थ या ससुर के स्वास्थ में कोई परेशानी आ सकती है, सितंबर में राहु गोचर बदलकर लाभ स्थान में आएंगे तब तक थोड़ा सोच-समझकर निर्णय लें लाभ स्थान से राहु का गोचर बेहद शुभ रहेगा जिसके कारण से खर्च में थोड़ी राहत मिलेगी और अचानक से धन लाभ होगा और ज्ञान की वृद्धि होगी।

कर्क लग्न वालों के लिए यह वर्ष सामान्य ही रहेगा जिसमें पूरे वर्ष मिले-जुले फल मिलेंगे कभी सब कुछ बहुत अच्छा प्रतीत होगा तो कभी चीजें हाथ से जाती दिखेंगी जब भी चन्द्र का गोचर 6, 8, 12 से होगा वो समय तनाव देने वाला होगा कहने का तात्पर्य यह कि पूरे वर्ष में लगभग 98 दिन आपके बेहद तनाव वाले बीतेंगे।

अप्रैल से जून व दिसंबर का माह वर्ष 2020 में आपके लिए बेहद शुभ है यह एक गोल्डन पीरियड रहेगा जिसका भरपूर लाभ लें तथा 4 जुलाई से 10 जुलाई के बीच कोई भी निर्णय न लें नही तो काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है, कुल मिलाकर कर्क लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 खर्चों व यात्राओं से भरा हुआ रहेगा किन्तु आमदनी भी अच्छी रहेगी वर्ष के मध्य भाग में कोई कर्ज लेना पड़ सकता है, माता व ससुर के स्वास्थ के लिहाज से यह वर्ष उतना अच्छा नही रहेगा, माता व ससुर के जोड़ों, पैर, कमर, छाती में दर्द की शिकायत हो सकती है और यदि उनकी उम्र 55 के ऊपर है तब उनका विशेष ख्याल रखें।

मेरे अनुसार यदि कर्क लग्न के व्यक्ति पूरे वर्ष शिवलिंग का दुग्धाभिषेक करें व हनुमान जी का नित्य दर्शन करें तो उन्हें बहुत लाभ मिलेगा।

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मिथुन लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

मिथुन लग्न के व्यक्तियों के लिए वर्ष 2020 सामान्य रहेगा वर्ष के आरंभ में जो व्यक्ति पार्टनरशिप के साथ कार्य की शुरुवात करना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा साथ ही कार्य क्षेत्र में भाग-दौड़ से उन्नति प्राप्त होगी, गुरु व केतु का सप्तम से गोचर हो रहा है सप्तम भाव पत्नी का भाव है और गुरु व केतु मोक्ष के ग्रह है जिस कारण से पत्नी का रुझान थोड़ा धार्मिक होगा व पत्नी से विवाद रहेगा।

अष्टम में आया हुआ शनि बहुत शुभ नही है क्योंकि अष्टम भाव मृत्यु का भाव है, ग्रंथकारों का भी यही मत है अतः थोड़ा सावधान रहें मकर राशि काल पुरुष का पैर है अतः जिनकी उम्र ज्यादा है उनको पैरों व जोड़ों की समस्या हो सकती है शनि की तीसरी दृष्टि कर्म भाव पर है अतः कार्य को लेकर भाग-दौड़ करनी पड़ेगी व शनि की सातवीं दृष्टि दूसरे भाव पर है जो कि कुटुंब, धन व वाणी का भाव है जिस कारण से धन अधिक खर्च होगा व कुटुंब से मतभेद रहेगा और वाणी भी थोड़ी गर्म मिजाज की रहेगी साथ ही शनि की दसवीं दृष्टि पंचम भाव पर अपनी उच्च राशि तुला पर होने के कारण से संतान का उत्तम सुख मिलेगा व तकनीकि क्षेत्र में सफलता मिलेगी साथ ही जटिल से जटिल कार्य भी अपनी बुद्धि के प्रयोग से दूर कर सकेंगे।

30 मार्च 2020 को गुरु मकर राशि मे प्रवेश करेंगे और 29 जून तक रहेंगे जिस कारण से विद्यार्थियों की पढ़ाई में अड़चन आ सकती है इस दौरान संतान को भी कष्ट रह सकता है या संतान से विवाद हो सकता है अष्टम से गुरु का गोचर स्वास्थ में कुछ परेशानी बड़ा सकता है अतः स्वास्थ का ख्याल रखें, गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मिथुन लग्न के व्यक्तियों के लिए वर्ष 2020 में विदेश यात्रा के भी योग बनेंगे तथा अच्छा धन लाभ भी होगा तथा गुरु के सप्तम में गोचर करने के कारण से आमदनी में इजाफा होगा तथा स्वास्थ में भी सुधार होगा और भाई-बहनों का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, मिथुन लग्न के जो व्यक्ति व्यापार करते हैं या पार्टनरशिप में कोई काम करते हैं उनके लिए यह समय काफी अच्छा है क्योंकि गुरु कर्मेश होकर सप्तम भाव में अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर करेगा।
मिथुन लग्न वालों के लिए राहु का लग्न से गोचर शुभ है, राहु एक भ्रम है, माया है और बुध वाणी का प्रतिनिधित्व करता है अतः बुध की राशि से राहु का गोचर झूठ बुलवाकर कार्य निकलवाता है अतः झूठ बोलकर अपना कार्य सिद्ध न करें तथा जो लोग गलत कार्य करते हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं या रिश्वत लेते हैं उनको विशेष सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि सितंबर से राहु का गोचर द्वादश भाव से होगा और अष्टम से शनि का गोचर भी बंधन योग देता है जिस कारण से जेल यात्रा भी करनी पड़ सकती है विशेषतः जब बुध द्वादश भाव अर्थात वृषभ राशि से गोचर करेगा उस समय विशेष सावधान रहना उचित रहेगा।
कुल मिलाकर वर्ष 2020 का आरंभ मिथुन लग्न के लिए शुभ है  मध्य भाग मिला-जुला व अंतिम भाग संघर्ष भरा रहेगा मेरे अनुसार मिथुन लग्न के व्यक्ति यदि नित्य शनि मंदिर जाकर शनि स्तोत्र का पाठ करें व गाय को हरी सब्जी या साग खिलाएं तो बेहद शुभ रहेगा।
बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।
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वृषभ लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

वृषभ लग्न वालों के लिए वर्ष की शुरुवात में गुरु, शनि व केतु आपकी कुंडली के अष्टम भाव में रहेंगे और राहु दूसरे भाव में, जनवरी माह के अंत में 24 जनवरी को शनि नवम भाव (भाग्य स्थान) में आ जाएंगे जिसके कारण से आपके कार्य क्षेत्र में जो बाधाएं आ रही थी और भाग्य का सहयोग नही मिल रहा था उससे लाभ मिलेगा किन्तु कोई भी निर्णय लेने से पहले अच्छे से सोच विचार कर लें क्योंकि गोचर से अष्टम में आया हुआ गुरु बहुत शुभ नही होता क्योंकि गुरु सभी ग्रहों में नैसर्गिक रूप से सबसे शुभ ग्रह है और अष्टम भाव सभी भाव में सबसे अशुभ भाव (मृत्यु का भाव) है साथ ही केतु का अष्टम भाव से गोचर पहले से ही चल रहा है।

30 मार्च से 29 जून तक का समय वृषभ लग्न के लिए बेहद शुभ रहेगा जिसमें संतान प्राप्ति की संभावना बनेगी व विद्यार्थियों के लिए भी यह समय उत्तम रहेगा फिर भी थोड़ा सतर्क रहें इस दौरान माता से लगाव अधिक रहेगा व धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी साथ ही छोटे भाई-बहन का भी पूरा सहयोग मिलता रहेगा, यदि कोई बीमारी लंबे समय से चली आ रही है तो इस दौरान बीमारी में भी कुछ लाभ मिलेगा तथा भाग्य के सहयोग से कोई बड़ी सफलता मिलने की संभावना बनेगी तथा धार्मिक यात्रा व विदेश यात्रा की भी संभावना बनती दिखेगी।

गुरु को संतान, विद्या, विवाह का कारक कहा है अतः अष्टम से गोचरस्थ गुरु इन सब के फल में कुछ हानि करेगा जिस कारण जिनकी संतान है उनकी संतान के साथ विवाद होने की संभावना रहेगी व जिनका विवाह हो गया और संतान की चाह रखते हैं उनके लिए वर्ष 2020 में 30 मार्च 2020 से 29 जून तक का समय शुभ है क्योंकि इस दौरान गुरु नवम भाव से गोचर कर के नीचभंग राजयोग बनाएगा विद्यार्थियों के लिए भी वर्ष 2020 बहुत शुभ नही है उनकी पढ़ाई में भी किसी प्रकार की बाधा आ सकती है, दूसरे भाव से राहु का गोचर होने के कारण से आपकी वाणी में कुछ दोष रहेगा जिस कारण घर में तनाव की स्थिति बनेगी व धन फालतू जगह पर खर्च होंगे तामसिक चीजों से परहेज करें, दाईं आँख में चोट व मुँह की तकलीफ़ होने की भी संभावना रहेगी।

वर्ष 2020 वृषभ लग्न के व्यक्तियों के लिए बहुत शुभ नही रहने वाला है अतः थोड़ा सतर्क रहें 30 मार्च से 29 जून व दिसंबर का माह आपके लिए शुभ रहेगा अतः कोई भी रिस्क न लें घर के वातावरण में भी तनाव बना रहेगा जिस कारण मन खिन्न रहेगा मैं वृषभ लग्न वालों को इस पूरे वर्ष विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करने की सलाह दूँगा जिससे उनको काफी लाभ मिलेगा और यदि संभव हो तो अमावस्या के दिन नारियल को बहते पानी में प्रवाहित करें इससे भी काफी लाभ मिलता रहेगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने का गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी मुझसे जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय-समय पर साझा करते रहें।
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मेष लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

“मकर सक्रांति की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं”

मेष लग्न के लिए वर्ष 2020 काफी अच्छा रहने वाला है पिछले ढाई वर्ष से भाग्य स्थान से शनि का गोचर रहने के कारण से भाग्य का पूरा सहयोग नही मिल पा रहा था और मन में असंतोष भी बना रह रहा था मेष लग्न वालों के लिए पिछले ढाई वर्ष काफी कष्टदायक रहे हैं जिसमें उनके बनते काम भी ऐन वक्त पर बिगड़ जाते थे लेकिन वर्ष 2020 में इन सब से राहत मिलेगी।

5 नवंबर 2019 से मेष लग्न वालों के लिए ग्रह काफी अच्छे हुए है 2019 का आपके लिए जो माहौल रहा चाहे वह स्वास्थ में परेशानी का रहा हो या अपमानजनक स्थिति का रहा हो उनमें अब कुछ राहत मिलती दिख रही है, 2020 मेष लग्न के विवाह सुख के लिए भी काफी अच्छा रहेगा और जिनका विवाह नही हुआ है उनके विवाह होने के योग बनेंगे पंचम भाव पर गुरु की दृष्टि होने से वर्ष 2020 संतान के लिए भी अच्छा रहेगा व जो लोग संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं उन्हें संतान भी प्राप्त होगी तथा जिनकी संतान है उनके संतान के स्वास्थ में सुधार व उन्नति होगी।

विद्यार्थियों के लिए भी वर्ष 2020 काफी अच्छा रहेगा क्योंकि पंचम भाव शिक्षा का भाव है जहाँ गुरु की दृष्टि रहेगी साथ ही जिन्होंने किसी कारण से अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी थी उनके लिए भी पढ़ाई पुनः शुरू करने का यह अच्छा अवसर है।

यदि आपके कोई छोटे भाई-बहन है तो वर्ष 2020 उनके लिए भी काफी अच्छा रहेगा और उनकी भी उन्नति होगी साथ ही उनके विवाह के लिए भी बात चलेगी या यदि उनके विवाह की बात कहीं चल रही है तो वर्ष 2020 में उनका विवाह भी हो जाएगा।

पंचम भाव प्रेम को भी दर्शाता है जिस पर गुरु की दृष्टि होने से प्रेम संबंध भी काफी अच्छा रहेगा और यदि आप किसी से अपने प्रेम का इजहार करना चाहते तो यह समय सबसे अच्छा रहेगा साथ ही मेष लग्न वालों के शरीर का वजन भी कुछ बड़ सकता है क्योंकि नवम भाव से गोचर कर के गुरु की पंचम दृष्टि लग्न पर होगी।

कर्म स्थान से शनि का गोचर रहेगा जहाँ शनि स्वराशि गोचर करेंगे और शश नामक योग बनाएंगे अतः आप शनि मंदिर जाना जीवन का नियम बना लें यदि आपका काम भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है तो सचेत रहें क्योंकि शनि आपको जेल यात्रा तक करवा सकते हैं या कार्य से निष्कासित करवा सकते हैं।

शश योग बनने व गुरु के अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर करने के कारण से आपको मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है और उसका पूरा फल भी आपको प्राप्त होगा यदि 36 वर्ष से ऊपर की आयु है तो निश्चित ही शनि का यह गोचर जाते हुए आपको लाभ अवश्य देकर जाएगा अप्रैल से जुलाई के मध्य एक नए काम की शुरुवात या उन्नति के योग बनेंगे जब गुरु कुछ समय के लिए मकर में जाकर नीचभंग राजयोग बनाएंगे तब अचानक से कोई बड़ी सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे 24 जनवरी को कर्म भाव में अमावस्या रहेगी अतः उस दिन थोड़ा सावधान रहें और कोई भी जोखिम भरा काम न करें 16 से 20 जनवरी भी आपके लिए बहुत अच्छा नही जाएगा अतः थोड़ा सावधानी बरतें।

25 दिसंबर से 19 फरवरी के मध्य कोई शुभ काम होने के भी योग बन रहे हैं साथ ही घर में कोई मेहमान भी आ सकते हैं या आप किसी यात्रा पर जा सकते हैं वर्ष 2020 आपके लिए वर्ष 2019 से काफी अच्छा रहेगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने का गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी मुझसे जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय-समय पर साझा करते रहें।

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कुंडली के 12 भाव आपको क्या देते हैं:-

लग्न आप स्वम हैं और बाकी के भाव आपके परिवेश में जुड़े लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं सभी भावों से जुड़े लोग आपको कुछ ना कुछ लाभ या हानि देते हैं दूसरा भाव कुटुंब का है इसलिए इस भाव के द्वारा आप कुटुंब से लाभ या हानि प्राप्त करते हैं, तीसरे भाव आपको अपने छोटे भाई से और चतुर्थ भाव आपकी माता जी से लाभ या हानि दिलवाता हैं, पांचवां भाव संतान का है इसलिए यह भाव आपको संतान से कुछ ना कुछ दिलाता है, छठा भाव आपको आपके शत्रुओं से लाभ या हानि कराता है, सातवां भाव पत्नी और ससुराल पक्ष से दिलाता है, आठवें भाव से आप गुप्त धन की प्राप्ति करते हैं, नवम भाव आपके पिता से लाभ दिलाता है, दशम भाव से आप अपने प्रयत्न से लाभ या हानि प्राप्त करते हैं, 11 वें भाव से आप अपने बड़े भाई बहन या मित्रों से प्राप्त करते हैं फिर 12वें भाव जो कुछ मिला है उसे खर्च कर देते हैं अगर खर्च करने से जो कुछ बच जाता है वह 11वें भाव में जमा हो जाता है जिसे लाभ भाव कहते हैं।

एक बात यहां ध्यान देने योग्य है जो भाव शुभ प्रभाव में होगा वहां से आपको लाभ मिलेगा और जो पाप प्रभाव में होगा वहां आपको देना पड़ेगा।
Astrologer:- Pooshark Jetly
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