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मिथुन लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

मिथुन लग्न के व्यक्तियों के लिए वर्ष 2020 सामान्य रहेगा वर्ष के आरंभ में जो व्यक्ति पार्टनरशिप के साथ कार्य की शुरुवात करना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा साथ ही कार्य क्षेत्र में भाग-दौड़ से उन्नति प्राप्त होगी, गुरु व केतु का सप्तम से गोचर हो रहा है सप्तम भाव पत्नी का भाव है और गुरु व केतु मोक्ष के ग्रह है जिस कारण से पत्नी का रुझान थोड़ा धार्मिक होगा व पत्नी से विवाद रहेगा।

अष्टम में आया हुआ शनि बहुत शुभ नही है क्योंकि अष्टम भाव मृत्यु का भाव है, ग्रंथकारों का भी यही मत है अतः थोड़ा सावधान रहें मकर राशि काल पुरुष का पैर है अतः जिनकी उम्र ज्यादा है उनको पैरों व जोड़ों की समस्या हो सकती है शनि की तीसरी दृष्टि कर्म भाव पर है अतः कार्य को लेकर भाग-दौड़ करनी पड़ेगी व शनि की सातवीं दृष्टि दूसरे भाव पर है जो कि कुटुंब, धन व वाणी का भाव है जिस कारण से धन अधिक खर्च होगा व कुटुंब से मतभेद रहेगा और वाणी भी थोड़ी गर्म मिजाज की रहेगी साथ ही शनि की दसवीं दृष्टि पंचम भाव पर अपनी उच्च राशि तुला पर होने के कारण से संतान का उत्तम सुख मिलेगा व तकनीकि क्षेत्र में सफलता मिलेगी साथ ही जटिल से जटिल कार्य भी अपनी बुद्धि के प्रयोग से दूर कर सकेंगे।

30 मार्च 2020 को गुरु मकर राशि मे प्रवेश करेंगे और 29 जून तक रहेंगे जिस कारण से विद्यार्थियों की पढ़ाई में अड़चन आ सकती है इस दौरान संतान को भी कष्ट रह सकता है या संतान से विवाद हो सकता है अष्टम से गुरु का गोचर स्वास्थ में कुछ परेशानी बड़ा सकता है अतः स्वास्थ का ख्याल रखें, गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मिथुन लग्न के व्यक्तियों के लिए वर्ष 2020 में विदेश यात्रा के भी योग बनेंगे तथा अच्छा धन लाभ भी होगा तथा गुरु के सप्तम में गोचर करने के कारण से आमदनी में इजाफा होगा तथा स्वास्थ में भी सुधार होगा और भाई-बहनों का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, मिथुन लग्न के जो व्यक्ति व्यापार करते हैं या पार्टनरशिप में कोई काम करते हैं उनके लिए यह समय काफी अच्छा है क्योंकि गुरु कर्मेश होकर सप्तम भाव में अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर करेगा।
मिथुन लग्न वालों के लिए राहु का लग्न से गोचर शुभ है, राहु एक भ्रम है, माया है और बुध वाणी का प्रतिनिधित्व करता है अतः बुध की राशि से राहु का गोचर झूठ बुलवाकर कार्य निकलवाता है अतः झूठ बोलकर अपना कार्य सिद्ध न करें तथा जो लोग गलत कार्य करते हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं या रिश्वत लेते हैं उनको विशेष सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि सितंबर से राहु का गोचर द्वादश भाव से होगा और अष्टम से शनि का गोचर भी बंधन योग देता है जिस कारण से जेल यात्रा भी करनी पड़ सकती है विशेषतः जब बुध द्वादश भाव अर्थात वृषभ राशि से गोचर करेगा उस समय विशेष सावधान रहना उचित रहेगा।
कुल मिलाकर वर्ष 2020 का आरंभ मिथुन लग्न के लिए शुभ है  मध्य भाग मिला-जुला व अंतिम भाग संघर्ष भरा रहेगा मेरे अनुसार मिथुन लग्न के व्यक्ति यदि नित्य शनि मंदिर जाकर शनि स्तोत्र का पाठ करें व गाय को हरी सब्जी या साग खिलाएं तो बेहद शुभ रहेगा।
बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mob-9919367470
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वृषभ लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

वृषभ लग्न वालों के लिए वर्ष की शुरुवात में गुरु, शनि व केतु आपकी कुंडली के अष्टम भाव में रहेंगे और राहु दूसरे भाव में, जनवरी माह के अंत में 24 जनवरी को शनि नवम भाव (भाग्य स्थान) में आ जाएंगे जिसके कारण से आपके कार्य क्षेत्र में जो बाधाएं आ रही थी और भाग्य का सहयोग नही मिल रहा था उससे लाभ मिलेगा किन्तु कोई भी निर्णय लेने से पहले अच्छे से सोच विचार कर लें क्योंकि गोचर से अष्टम में आया हुआ गुरु बहुत शुभ नही होता क्योंकि गुरु सभी ग्रहों में नैसर्गिक रूप से सबसे शुभ ग्रह है और अष्टम भाव सभी भाव में सबसे अशुभ भाव (मृत्यु का भाव) है साथ ही केतु का अष्टम भाव से गोचर पहले से ही चल रहा है।

30 मार्च से 29 जून तक का समय वृषभ लग्न के लिए बेहद शुभ रहेगा जिसमें संतान प्राप्ति की संभावना बनेगी व विद्यार्थियों के लिए भी यह समय उत्तम रहेगा फिर भी थोड़ा सतर्क रहें इस दौरान माता से लगाव अधिक रहेगा व धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी साथ ही छोटे भाई-बहन का भी पूरा सहयोग मिलता रहेगा, यदि कोई बीमारी लंबे समय से चली आ रही है तो इस दौरान बीमारी में भी कुछ लाभ मिलेगा तथा भाग्य के सहयोग से कोई बड़ी सफलता मिलने की संभावना बनेगी तथा धार्मिक यात्रा व विदेश यात्रा की भी संभावना बनती दिखेगी।

गुरु को संतान, विद्या, विवाह का कारक कहा है अतः अष्टम से गोचरस्थ गुरु इन सब के फल में कुछ हानि करेगा जिस कारण जिनकी संतान है उनकी संतान के साथ विवाद होने की संभावना रहेगी व जिनका विवाह हो गया और संतान की चाह रखते हैं उनके लिए वर्ष 2020 में 30 मार्च 2020 से 29 जून तक का समय शुभ है क्योंकि इस दौरान गुरु नवम भाव से गोचर कर के नीचभंग राजयोग बनाएगा विद्यार्थियों के लिए भी वर्ष 2020 बहुत शुभ नही है उनकी पढ़ाई में भी किसी प्रकार की बाधा आ सकती है, दूसरे भाव से राहु का गोचर होने के कारण से आपकी वाणी में कुछ दोष रहेगा जिस कारण घर में तनाव की स्थिति बनेगी व धन फालतू जगह पर खर्च होंगे तामसिक चीजों से परहेज करें, दाईं आँख में चोट व मुँह की तकलीफ़ होने की भी संभावना रहेगी।

वर्ष 2020 वृषभ लग्न के व्यक्तियों के लिए बहुत शुभ नही रहने वाला है अतः थोड़ा सतर्क रहें 30 मार्च से 29 जून व दिसंबर का माह आपके लिए शुभ रहेगा अतः कोई भी रिस्क न लें घर के वातावरण में भी तनाव बना रहेगा जिस कारण मन खिन्न रहेगा मैं वृषभ लग्न वालों को इस पूरे वर्ष विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करने की सलाह दूँगा जिससे उनको काफी लाभ मिलेगा और यदि संभव हो तो अमावस्या के दिन नारियल को बहते पानी में प्रवाहित करें इससे भी काफी लाभ मिलता रहेगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने का गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी मुझसे जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय-समय पर साझा करते रहें।
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मेष लग्न के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

“मकर सक्रांति की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं”

मेष लग्न के लिए वर्ष 2020 काफी अच्छा रहने वाला है पिछले ढाई वर्ष से भाग्य स्थान से शनि का गोचर रहने के कारण से भाग्य का पूरा सहयोग नही मिल पा रहा था और मन में असंतोष भी बना रह रहा था मेष लग्न वालों के लिए पिछले ढाई वर्ष काफी कष्टदायक रहे हैं जिसमें उनके बनते काम भी ऐन वक्त पर बिगड़ जाते थे लेकिन वर्ष 2020 में इन सब से राहत मिलेगी।

5 नवंबर 2019 से मेष लग्न वालों के लिए ग्रह काफी अच्छे हुए है 2019 का आपके लिए जो माहौल रहा चाहे वह स्वास्थ में परेशानी का रहा हो या अपमानजनक स्थिति का रहा हो उनमें अब कुछ राहत मिलती दिख रही है, 2020 मेष लग्न के विवाह सुख के लिए भी काफी अच्छा रहेगा और जिनका विवाह नही हुआ है उनके विवाह होने के योग बनेंगे पंचम भाव पर गुरु की दृष्टि होने से वर्ष 2020 संतान के लिए भी अच्छा रहेगा व जो लोग संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं उन्हें संतान भी प्राप्त होगी तथा जिनकी संतान है उनके संतान के स्वास्थ में सुधार व उन्नति होगी।

विद्यार्थियों के लिए भी वर्ष 2020 काफी अच्छा रहेगा क्योंकि पंचम भाव शिक्षा का भाव है जहाँ गुरु की दृष्टि रहेगी साथ ही जिन्होंने किसी कारण से अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी थी उनके लिए भी पढ़ाई पुनः शुरू करने का यह अच्छा अवसर है।

यदि आपके कोई छोटे भाई-बहन है तो वर्ष 2020 उनके लिए भी काफी अच्छा रहेगा और उनकी भी उन्नति होगी साथ ही उनके विवाह के लिए भी बात चलेगी या यदि उनके विवाह की बात कहीं चल रही है तो वर्ष 2020 में उनका विवाह भी हो जाएगा।

पंचम भाव प्रेम को भी दर्शाता है जिस पर गुरु की दृष्टि होने से प्रेम संबंध भी काफी अच्छा रहेगा और यदि आप किसी से अपने प्रेम का इजहार करना चाहते तो यह समय सबसे अच्छा रहेगा साथ ही मेष लग्न वालों के शरीर का वजन भी कुछ बड़ सकता है क्योंकि नवम भाव से गोचर कर के गुरु की पंचम दृष्टि लग्न पर होगी।

कर्म स्थान से शनि का गोचर रहेगा जहाँ शनि स्वराशि गोचर करेंगे और शश नामक योग बनाएंगे अतः आप शनि मंदिर जाना जीवन का नियम बना लें यदि आपका काम भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है तो सचेत रहें क्योंकि शनि आपको जेल यात्रा तक करवा सकते हैं या कार्य से निष्कासित करवा सकते हैं।

शश योग बनने व गुरु के अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर करने के कारण से आपको मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है और उसका पूरा फल भी आपको प्राप्त होगा यदि 36 वर्ष से ऊपर की आयु है तो निश्चित ही शनि का यह गोचर जाते हुए आपको लाभ अवश्य देकर जाएगा अप्रैल से जुलाई के मध्य एक नए काम की शुरुवात या उन्नति के योग बनेंगे जब गुरु कुछ समय के लिए मकर में जाकर नीचभंग राजयोग बनाएंगे तब अचानक से कोई बड़ी सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे 24 जनवरी को कर्म भाव में अमावस्या रहेगी अतः उस दिन थोड़ा सावधान रहें और कोई भी जोखिम भरा काम न करें 16 से 20 जनवरी भी आपके लिए बहुत अच्छा नही जाएगा अतः थोड़ा सावधानी बरतें।

25 दिसंबर से 19 फरवरी के मध्य कोई शुभ काम होने के भी योग बन रहे हैं साथ ही घर में कोई मेहमान भी आ सकते हैं या आप किसी यात्रा पर जा सकते हैं वर्ष 2020 आपके लिए वर्ष 2019 से काफी अच्छा रहेगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने का गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी मुझसे जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय-समय पर साझा करते रहें।

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कुंडली के 12 भाव आपको क्या देते हैं:-

लग्न आप स्वम हैं और बाकी के भाव आपके परिवेश में जुड़े लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं सभी भावों से जुड़े लोग आपको कुछ ना कुछ लाभ या हानि देते हैं दूसरा भाव कुटुंब का है इसलिए इस भाव के द्वारा आप कुटुंब से लाभ या हानि प्राप्त करते हैं, तीसरे भाव आपको अपने छोटे भाई से और चतुर्थ भाव आपकी माता जी से लाभ या हानि दिलवाता हैं, पांचवां भाव संतान का है इसलिए यह भाव आपको संतान से कुछ ना कुछ दिलाता है, छठा भाव आपको आपके शत्रुओं से लाभ या हानि कराता है, सातवां भाव पत्नी और ससुराल पक्ष से दिलाता है, आठवें भाव से आप गुप्त धन की प्राप्ति करते हैं, नवम भाव आपके पिता से लाभ दिलाता है, दशम भाव से आप अपने प्रयत्न से लाभ या हानि प्राप्त करते हैं, 11 वें भाव से आप अपने बड़े भाई बहन या मित्रों से प्राप्त करते हैं फिर 12वें भाव जो कुछ मिला है उसे खर्च कर देते हैं अगर खर्च करने से जो कुछ बच जाता है वह 11वें भाव में जमा हो जाता है जिसे लाभ भाव कहते हैं।

एक बात यहां ध्यान देने योग्य है जो भाव शुभ प्रभाव में होगा वहां से आपको लाभ मिलेगा और जो पाप प्रभाव में होगा वहां आपको देना पड़ेगा।
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ग्रह के बड़े बदलाव की ओर संकेत जल्द शुरू होगा तृतीय विश्व युद्ध

ग्रहों के बड़े बदलाव का संकेत: क्या जल्द शुरू होगा तृतीय विश्व युद्ध? जानें भारत और रूस का भविष्य

यदि वर्ष 2020 से गोचर का अध्ययन किया जाए तो 36 वर्ष बाद शनि पुनः अपनी राशि मकर में प्रवेश कर रहे हैं। साथ ही इसी वर्ष राहु और केतु का भी एक बड़ा राशि परिवर्तन हो रहा है तथा इस बार गुरु भी अपनी नीच राशि में गोचर करते हुए भी पूरे गोचर काल ‘नीचभंग राजयोग’ का फल देंगे। केतु का वृश्चिक राशि से होने वाला गोचर प्राकृतिक आपदा, आग, भूकंप, तूफान, एक्सीडेंट देखने को मिलेंगे, वहीं राहु का वृषभ राशि से गोचर शुभ रहने वाला है। यदि तिथियों को देखा जाए तो 2020 का जोड़ 4 प्राप्त होता है जो कि राहु का अंक होता है अर्थात 2020 राहु के प्रभाव में रहेगा और राहु का वायु तत्व राशि से गोचर अनेक प्राकृतिक आपदा की ओर संकेत कर रहा है जो कि हमें वर्ष 2020 में देखने को भी मिलेगा।

 

1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2029 तक समय बहुत बड़े बदलाव लेकर आएगा जिसमें भी फरवरी 2022 विशेष माह सिद्ध होगा। यह वही माह रहेगा जो कि इतिहास के पन्नों में लिखा जाएगा क्योंकि इसी माह से रूस का यूक्रेन/अमेरिका/चीन के मध्य युद्ध का आरंभ होगा जो कि आगे ईरान-इजराइल/अमेरिका युद्ध के साथ तृतीय विश्व युद्ध में तब्दील होता जाएगा। इस बार दो महाशक्तियों के मध्य का युद्ध बहुत बड़े बदलाव लेकर आएगा। अभी अमेरिका विश्व विजेता के रूप में सभी के समक्ष है तथा विश्व के देशों में सबसे शक्तिशाली देश है, किंतु यह बदलाव अमेरिका के पतन व रूस के उत्थान का समय होगा जिसमें अमेरिका की तरफ से ब्रिक्स (BRICS) देशों से भी दुश्मनी लेना शामिल हो सकता है। हालांकि रूस— यूक्रेन, अमेरिका व चाइना को युद्ध में हराकर विश्व विजेता बनेगा तथा क्षेत्र विस्तार को लेकर समस्त विश्व में युद्ध के हालात बनेंगे जिसमें रूस सबसे आगे रहेगा तथा रूस के पास ऐसी शक्तियाँ होंगी जिनसे जीत पाना पूरे विश्व में किसी के लिए भी संभव नही होगा।

✋ हस्तरेखा शास्त्र का अद्भुत रहस्य

क्या आपकी हथेली की रेखाओं से ‘M’ का निशान या ‘मनी ट्रायंगल’ (Money Triangle) बनता है? हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार ऐसे लोग करोड़पति होते हैं। जानें क्या कहता है आपका हाथ!

👉 हथेली पर ‘M’ के निशान का सच यहाँ पढ़ें

🇮🇳 भारत पर विश्व युद्ध से पड़ने वाले प्रभाव:

यदि तृतीय विश्व युद्ध का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा यह विचार करें तो भारत की कुंडली जो कि 15 अगस्त 1947 को दोपहर 12 बजे की कुंडली है, उसके अनुसार शुरुवात में भारत प्रत्यक्ष रूप से इस युद्ध में भाग नही लेगा और उम्मीद बहुत कम ही है कि भारत अप्रत्यक्ष रूप से भी इस युद्ध में भाग ले। कुछ मौके पर पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान के कारण युद्ध की स्थिति सी बनेगी, लेकिन भारत एकतरफा युद्ध करेगा जिस कारण से पाकिस्तान भी हार मानेगा, फिर भी यदि किसी कारण वश भारत को इस तृतीय विश्व युद्ध  में भाग लेना पड़ा तो भारत विश्व विजेता बनकर उभरेगा तथा आर्थिक दृष्टिकोण से भारत पूरे विश्व में सबसे अधिक शक्तिशाली बनकर उभरेगा। यह 1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2029 तक का समय रूस, भारत व चाइना के उत्थान का समय सिद्ध होगा जिनमे इन तीनों देश में काफी विकास देखने को मिलेगा। जिसमें भारत नंबर 1 बनकर विश्व पर शासन करेगा तथा भारत की आर्थिक स्थिति पूरे विश्व में सबसे मजबूत रहेगी।

⚔️ भारत-चीन सीमा विवाद:

 

भारत-चीन सीमा विवाद पर सबकी नजरें हैं क्योंकि युद्ध के हालात बनते जा रहे हैं और अक्टूबर 2020 तक युद्ध होने के भी योग बन रहे हैं। किंतु मैं आप सभी को यह ज्ञात करा दूँ कि भारत और चीन के मध्य युद्ध की संभावना बहुत कम है और यदि होता भी है तो भारत विजयी होगा तथा इस बार भारत के किसी भी हिस्से पर चीन कब्जा नही कर सकेगा।

🇷🇺 रूस के राष्ट्रपति पर सूक्ष्म भविष्यवाणी:

आने वाले 10 वर्ष रूस के राष्ट्रपति के बहुत शुभ रहने वाला है अतः अभी 10 वर्षों तक रूस में सत्ता परिवर्तन की कोई संभावना दूर-दूर तक नही बन रही और इन 10 वर्षों में रूस उन्नति व विकास के नए अध्याय लिखेगा और विश्व का सबसे शक्तिशाली देश बनकर उभरेगा और रूस व भारत के बीच मित्रता एक नए मुकाम तक पहुँचेगी।

आगे जैसी प्रभु इच्छा🙏🏻

जय श्री राम।

❓ विश्व युद्ध और ग्रहीय बदलाव से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: ज्योतिष के अनुसार तृतीय विश्व युद्ध (WW3) के हालात कब से बन रहे हैं?

ग्रहीय गणना के अनुसार 1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2029 का समय दुनिया में महा-बदलाव का है। विशेष रूप से फरवरी 2022 से रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ ही विश्व युद्ध जैसी स्थितियों की नींव पड़ सकती है।

Q2: यदि विश्व युद्ध होता है तो भारत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

15 अगस्त 1947 की भारत की कुंडली के अनुसार, भारत शुरुआत में इस युद्ध से दूरी बनाए रखेगा। लेकिन यदि युद्ध में उतरना पड़ा, तो भारत विजयी होकर नंबर 1 आर्थिक महाशक्ति और विश्व विजेता के रूप में उभरेगा।

Q3: आने वाले समय में विश्व का सबसे शक्तिशाली देश कौन बनेगा?

भविष्यवाणी के अनुसार, अमेरिका का वर्चस्व धीरे-धीरे कम होगा और रूस (Russia) विश्व की सबसे बड़ी महाशक्ति बनकर उभरेगा। रूस और भारत की मित्रता भी एक नए मुकाम पर पहुंचेगी।

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