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मार्च 2020: मिथुन लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

मार्च 2020: मिथुन लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

 

 

मिथुन लग्न वालों के लिए मार्च 2020 अच्छा रहेगा माह की शुरुवात में लग्नेश बुध भाग्य स्थान से सूर्य के साथ गोचर करेंगे अतः भाग्य की वृद्धि होगी, वर्तमान में बुध वक्री अवस्था से गोचर कर रहे हैं जिस कारण से भाग्य का पूर्ण सहयोग नही मिल पा रहा था किंतु 9 मार्च को बुध मार्गी होंगे फलस्वरूप भाग्य का आपको पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, धार्मिक यात्राएं हो सकती है, पिता की भी उन्नति होगी, यदि आपके कोई छोटे भाई-बहन है तो उनकी उन्नति होगी, जो लोग फाइनेंस, बैंक, मार्केटिंग से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं उनके लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, एकादश भाव से शुक्र का गोचर भी आपके लिए शुभ रहेगा अतः यदि आपका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं तो कन्या रत्न की प्राप्ति होगी, यदि आपकी संतान है तो उनकी उन्नति होगी, प्रेमियों के लिए भी यह समय बहुत अच्छा सिद्ध होगा क्योंकि पंचम भाव से हम प्रेम का विचार करते हैं जहाँ शुक्र अपनी मूल त्रिकोण राशि तुला को देख रहे हैं, नए मित्र बन सकते हैं, विद्यार्थियों के लिए यह समय अच्छा सिद्ध होगा।
मिथुन लग्न वालों के लिए अष्टम से शनि का गोचर रहेगा मेरा ऐसा मत है कि जब भी गोचरवश शनि अष्टम में आता है तो भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को जेल यात्रा कराता है क्योंकि अष्टम स्थान बंधन का भी भाव होता है अतः जिनका कार्य भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है वह मार्च महीने में थोड़ा सावधान रहें, शनि मंद ग्रह है और अष्टम का शनि शनै-शनै मृत्यु की ओर लेकर जाता है अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाहन सावधानी से चलाएं, जिनकी उम्र 55-60 के ऊपर है उनको कमर या जोड़ों या पैर में दर्द की शिकायत हो सकती है, 30 मार्च को गुरु भी गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे अतः जिनकी उम्र अधिक है या जिन्हें दिल की बीमारी या रक्तचाप संबंधित बीमारी है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।
माह की शुरुवात में गुरु, मंगल व केतु की युति सप्तम स्थान में रहेगी जिन पर लग्न से गोचरस्थ राहु की पूर्ण दृष्टि रहेगी अतः नौकरी पेशा लोगों के लिए यह माह अच्छा रहेगा, आय में वृद्धि होगी व आय के नए स्त्रोत बनेंगे, यदि आप पार्टनरशिप में नए कार्य की शुरुवात करना चाहते हैं तो जीवनसाथी को साझेदार बनाकर करें अत्यंत लाभ होगा क्योंकि कर्मेश गुरु सप्तम भाव में अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर करेंगे अर्थात केंद्र का स्वामी, केंद्र से ही गोचर करेगा जो कि लाभकारी सिद्ध होगा, जीवनसाथी से लाभ प्राप्त होगा किन्तु सप्तम स्थान पर मंगल व केतु की युति को दामपत्य जीवन के लिहाज से शुभ नही माना जाता है अतः जीवनसाथी से विवाद हो सकता है, इस माह जीवनसाथी का स्वभाव आक्रामक रहेगा जो कि विवाद व तनाव की स्थिति उत्पन्न करेगा, 29 मार्च को शुक्र गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में अपनी राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे जिस कारण से यात्राओं के योग बनेंगे, जो विद्यार्थी पढ़ाई के लिए बाहर जाना चाहते हैं उनके लिए 29 मार्च के बाद का समय अच्छा रहेगा किन्तु शिक्षा में कुछ व्यवधान भी आ सकते हैं, धार्मिक यात्रा होंगी, 14 मार्च को सूर्य गोचर बदलकर आपके कर्म स्थान में आ जाएंगे अतः नए कार्य की शुरुवात हो सकती है, आय में वृद्धि होगी, समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा, पिता की उन्नति होगी।
कुल मिलाकर मिथुन लग्न वालों के लिए मार्च 2020 अच्छा रहेगा जिसमें उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, संतान की उन्नति होगी, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उन्हें कन्या रत्न की प्राप्ति होगी, जीवनसाथी से लाभ प्राप्त होगा किन्तु जीवनसाथी से विवाद भी हो सकते हैं, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को जेल यात्रा हो सकती है, जीवनसाथी को साझेदार बनाकर नया कार्य शुरू करने से लाभ प्राप्त होगा, जो लोग नए कार्य की शुरुवात हेतु कर्ज लेना चाहते हैं उनके लिए 4 मार्च से 12 मार्च अच्छा समय रहेगा इसमें आप कर्ज के लिए निवेदन कर सकते हैं व आपका कर्ज भी स्वीकृत होने की पूर्ण संभावना रहेगी, जब भी चंद्र आपके 6, 8, 12 भावों से गोचर करें तब थोड़ा सावधान रहें, खर्चों पर नियंत्रण रखें, फालतू विवाद से बचें, मेरे अनुसार यदि वृषभ लग्न के व्यक्ति गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें व नित्य विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें तो शुभ रहेगा।

विशेष:- 

यदि नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं या नौकरी परिवर्तन करना चाहते हैं तो 29 मार्च तक कर लें क्योंकि 30 मार्च को गुरु गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे जो कि नया कारोबार शुरू करने, नौकरी परिवर्तन करने के लिए शुभ नही रहेगा।
जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
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Mobile:- 9919367470
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मूलांक 5 क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

मूलांक 5 क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

 

मूलांक 5 एक विचार प्रधान अंक है, जिसके धनी व्यक्ति नई से नई युक्तियां, नए से नए विचार एवं सर्वथा नूतन तर्कों से अनुप्राणित करते हैं, ऐसे व्यक्ति क्रियाशील रहते हैं, ये झुकते नही अपितु झुकाने पर विश्वास रखते हैं, दूसरों को बहुत जल्दी सम्मोहित कर लेना मूलांक 5 वाले व्यक्तियों के जीवन का सबसे बड़ा गुण होता है, कुछ ही क्षणों की बातचीत में ये दूसरों को अपना बना लेते हैं और उन्हें अपना घनिष्ठ मित्र भी बना लेते हैं, यात्राएं इनके जीवन का विशेष अंग होती है, परंतु ये अपने काम-काज में इतने अधिक व्यस्त रहते हैं कि चाह कर भी यात्राओं के लिए समय नही निकाल पाते हैं।

 

मूलांक 5 वाले व्यक्तियों का मस्तिष्क उर्वर तथा बुद्धि प्रखर होती है परंतु त्वरित निर्णय लेना इनका सबसे बड़ा गुण होता है, ये अपरिचित से अपरिचित व्यक्ति को देखते ही भाँप जाते हैं कि वह किस उद्देश्य से आया है और मुझसे क्या चाहता है और उसके लिए इन्हें क्या प्रतिक्रिया देनी है, इतनी जल्दी निर्णय ले लेना इनके मस्तिष्क की विशेषता कही जा सकती है, मूलांक 5 वाले व्यक्ति अपने आप को बहुत जल्दी ही हर स्थिति के अनुकूल बना लेते हैं, जैसी परिस्थिति होती है, उसी के अनुसार अपने आपको ढाल लेना इनकी सबसे बड़ी विशेषता कही जा सकती है, पूर्णतः एकाग्र होकर कार्य में जुट जाना इनकी दुसरीं सबसे बड़ी विशेषता होती है, मूलांक 5 वाले व्यक्ति जो भी कार्य हाथ में लेते हैं उसे तब तक नही छोड़ते जब तक कि वह कार्य पूर्णतः संपन्न न हो जाए, ऐसे व्यक्ति को जीवन में एक से अधिक आजीविका से द्रव्य प्राप्त होता है कहने का आशय यह है कि मूलांक 5 वाले के व्यक्तियों की आय का माध्यम एक से अधिक होता है, इनका मस्तिष्क मुख्यतः व्यापार प्रधान होता है तथा बालू के भी पैसे बना लेना इनके मस्तिष्क की सबसे बड़ी विशेषता होती है।

 

मूलांक 5 वालों के लिए शुभ तिथियां:-

 

मूलांक 5 वालों के लिए प्रत्येक मास की 5, 14 व 23 तारीखें शुभ होती हैं।

 

मूलांक 5 वालों के लिए शुभ वर्ष:-

 

मूलांक 5 वालों के लिए 5, 14, 23, 32, 41, 59, 68, 77 व 86वां वर्ष जीवन का परिवर्तनकारी एवं श्रेष्ठ रहता है, इसके अतिरिक्त 1, 10, 19, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82 व 91वां वर्ष भी श्रेष्ठ रहता है इन्ही वर्षों में मूलांक 5 वालों के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएं घटित होती हैं।

 

मूलांक 5 वालों के लिए शुभ दिवस:-

 

मूलांक 5 वालों के लिए बुधवार तथा शुक्रवार शुभ दिन रहते हैं।

 

मूलांक 5 वालों के लिए शुभ रंग:-

 

मूलांक 5 वालों के लिए हल्का हरा रंग बेहद शुभ होता है अतः कोई भी शुभ कार्य के लिए जाते समय इन्हें हल्के हरे रंग का वस्त्र पहनना चाहिए।

 

मूलांक 5 वालों के लिए प्रधान देवता/देवी:-

 

मूलांक 5 वालों के लिए लक्ष्मी जी प्रधान देवी होती है अतः मूलांक 5 वालों को नित्य लक्ष्मी जी की उपासना करनी चाहिए।

जय श्री राम।

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मार्च 2020 वृषभ लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

मार्च 2020 वृषभ लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

 

वृषभ लग्न वालों के लिए मार्च 2020 मिला-जुला रहेगा माह की शुरुवात में लग्नेश शुक्र का द्वादश भाव से गोचर रहेगा अतः अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें क्योंकि लग्न आपका शरीर है और द्वादश भाव आपके शरीर का व्यय अर्थात द्वादश भाव आपके स्वास्थ्य के व्यय को बताता है कहने का आशय यह है कि लग्नेश जब भी व्यय भाव से गोचर करता है तो स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं देता है, यात्राओं के योग बनेंगे, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी माह के शुरुवात में बुध व सूर्य का गोचर आपके कर्म स्थान से होगा अतः आप अपने बुद्धि व विवेक से अपने कार्य को करेंगे तथा आपके कार्य में आ रही बाधाओं को युक्ति की शक्ति से दूर कर सकेंगे, यदि आपकी संतान है तो उनका किसी उच्च अधिकारी से विवाद हो सकता है, वाहन का सुख प्राप्त होगा, मित्रों व परिवार के साथ मनोरंजन में धन व्यय होगा, दूसरों के पैसों से मौज-मस्ती करेंगे, 14 मार्च को सूर्य गोचर बदलकर आपके लाभ भाव से गोचर करेंगे अतः यह समय विद्यार्थियों के लिए अच्छा सिद्ध होगा, वाणी में तेजी आएगी, माता से लाभ प्राप्त होगा।

 

 

माह के शुरुवात में तीन ग्रहों गुरु, मंगल व केतु का गोचर आपके अष्टम भाव से रहेगा गोचर से अष्टम में आया हुआ गुरु शुभ नही होता अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें क्योंकि मंगल व गुरु का अष्टम से गोचर रहेगा जिन पर राहु की पूर्ण दृष्टि रहेगी साथ ही शुक्र भी आपके व्यय भाव से गोचर करेंगे अतः जिन्हें दिल की बीमारी है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाहन सावधानी से चलाएं एक्सीडेंट होने के योग हैं, सर्जरी होने के भी योग बनेंगे, पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है, सप्तम भाव जीवनसाथी का भाव होता है गोचर से सप्तमेश का अष्टम में आना शुभ नही होता, जीवनसाथी से विवाद हो सकते हैं, अष्टम भाव, सप्तम भाव से दूसरा भाव होता है सप्तम भाव जीवनसाथी को दर्शाता है व अष्टम भाव जीवनसाथी के कुटुंब अर्थात आपके ससुराल वालों का भाव होता है अतः मंगल, गुरु व केतु की युति ससुराल पक्ष से तनाव की स्थिति उत्पन्न कर सकती है, अष्टम भाव जीवनसाथी की वाणी का भी भाव होता है अतः जीवनसाथी की वाणी में तेजी रहेगी, अष्टम भाव अनैतिक संबंध को भी दर्शाता है और शुक्र का द्वादश भाव से गोचर रहेगा शुक्र भोग-विलास का ग्रह है और द्वादश भाव शैया सुख का भाव है अतः अनैतिक संबंध बनने के भी योग रहेंगे, किसी महिला द्वारा अपमानित भी होना पड़ सकता है, दूसरे भाव से राहु का गोचर मुख व दाँत से जुड़ी समस्या दे सकता है, वाणी पर नियंत्रण रखें विशेषतः जब आप पूरे परिवार के साथ बैठे हों क्योंकि दूसरे भाव से गोचरस्थ राहु वाणी दोष देता है जिस कारण से विरोध का सामना करना पड़ता है, तामसिक चीजों से परहेज करें।

 

वृषभ लग्न वालों के लिए शनि दशम व नवम भाव अर्थात केंद्र व त्रिकोण के स्वामी होकर राजयोगकारक हो जाते हैं जो कि आपके नवम भाव से गोचर करेंगे दशम भाव हमारा कर्म भाव है और नवम उसका द्वादश भाव है, द्वादश भाव से हम यात्राओं का विचार करते हैं अतः कार्य के सिलसिले से यात्राएं हो सकती है, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, 22 मार्च को मंगल गोचर बदलकर आपके नवम भाव में अपनी उच्च राशि में आ जाएंगे जिससे आपका भाग्य प्रबल होगा, जीवनसाथी से चले आ रहे विवाद खत्म होंगे, जीवनसाथी के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बनेगा किन्तु छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, 29 मार्च को शुक्र गोचर बदलकर आपके लग्न में आ जाएंगे जिस कारण से स्वास्थ्य में सुधार होगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, खर्चों में कुछ कमी आएगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, 30 मार्च को गुरु गोचर बदलकर आपके नवम भाव में अपनी नीच आ जाएंगे जिस कारण से आपके नवम भाव में नीचभंग राजयोग बनेगा फलस्वरूप अचानक से उन्नति के मार्ग खुलेंगे, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उन्हें संतान सुख प्राप्त होगा व जिनकी संतान है उनके संतान की उन्नति होगी, स्वास्थ्य में सुधार होगा, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह के लिए बात चल सकती है।

 

कुल मिलाकर वृषभ लग्न वालों के लिए मार्च 2020 मिला-जुला रहेगा माह की शुरुवात में संघर्ष की स्थितियां उत्पन्न होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, वाहन सावधानी से चलाएं, महिलाओं से सचेत रहें, कार्यक्षेत्र में आप अपनी बुद्धि व विवेक द्वारा उन्नति के नए अवसर की तलाश करेंगे व वर्तमान में आ रही समस्याओं का समाधान कर सकेंगे, वाहन का सुख प्राप्त होगा, मित्रों व परिवार के सदस्यों के साथ सुख-सुविधाओं व मौज-मस्ती पर धन व्यय होगा, जीवनसाथी से मतभेद होंगे किन्तु जैसे-जैसे माह अंत की ओर बढ़ेगा स्थितियां नियंत्रण में आने लगेगी, जब भी चन्द्र आपकी कुंडली के 6, 8 व 12 भाव से गोचर करेंगे तब विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि आप विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें व अमावस्या के दिन बहते पानी में नारियल बहाएं तो शुभ रहेगा।

जय श्री राम।

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मूलांक 4: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

मूलांक 4: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

मूलांक 4 के व्यक्ति निरंतर क्रियाशील रहते हैं, इनके कार्य क्षेत्र में बाधाएं बहुत आती है किंतु उन्ही बाधाओं से झूझते हुए यह बड़ी सफलता भी प्राप्त करते हैं, इनके भाग्योन्नति में निरंतर उतार-चढ़ाव आते रहते हैं किन्तु ये हार नही मानते और भाग्य की उन्नति के लिए निरंतर क्रियाशील रहते हैं, मूलांक 4 के व्यक्ति स्वभाव से क्रोधी और तुनकमिजाज के होते हैं, मन से हटकर जरा सा भी कार्य हो जाने पर आपे से बाहर हो जाते हैं किंतु जितनी तीव्रता से इन्हें क्रोध चड़ता है उतनी ही तीव्रता से शांत भी हो जाता है, मूलांक 4 के व्यक्ति अपनी गुप्त बातों को मन मे दबाकर रखते हैं, इनके मन मे क्या योजना है या अगले ही पल में यह क्या कदम उठाने वाले हैं इसकी भनक तब तक लोगों को नही लगती जब तक कि उनकी वह योजना क्रियान्वित न हो जाए।

 

इनके जीवन में शत्रुओं की कोई कमी नही रहती, यह एक शत्रु को परास्त करते हैं तो इनके दस नए शत्रु तैयार हो जाते हैं, यद्दपि वे पीठ पीछे कुचक्र रचेंगे, षड्यंत्र करेंगे परंतु सामने से कोई हानि नही पहुँचा सकेंगे क्योंकि मूलांक 4 वालों का व्यक्तित्व ही कुछ ऐसा होता है कि इनके शत्रु स्वतः परास्त हो जाते हैं।

 

मूलांक 4 वालों के लिए शुभ तारीखें:-

 

प्रत्येक मास की 4, 13, 22 और 31 तारीख शुभ एवं उन्नति कारक होती हैं।

 

मूलांक 4 वालों के लिए शुभ दिवस:-

 

शनिवार व रविवार कार्यसिद्धि के लिए श्रेष्ठ है।

 

मूलांक 4 वालों के लिए शुभ वर्ष:-

 

मूलांक 4 वालों के लिए 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67, 76 तथा 85वां वर्ष जीवन का महत्वपूर्ण वर्ष होता है साथ ही 8, 17, 26, 35, 44, 53, 62 और 71वां वर्ष भी महत्वपूर्ण होता है, जीवन की मुख्य-मुख्य घटनाएं इन्ही वर्षों में घटित होती है।

 

जय श्री राम।
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मूलांक 3: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

मूलांक 3: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

 

मूलांक 3 साहस, शक्ति एवं दृढ़ता का प्रतीक है, इस अंक को प्रतिष्ठापक तथा संघर्ष का जीवन उदहारण के रूप में कहा जा सकता है, इन्हें पग-पग पर संघर्ष करना पड़ता है, विचारों को व्यवस्थित रूप से अभिव्यक्त करने में मूलांक 3 के व्यक्ति बड़े ही कुशल होते हैं, अपनी भावनाओं एवं विचारों का जिस उत्तम रीति से ये दिग्दर्शन करा सकते हैं वैसे अन्य कोई मूलांक के व्यक्ति नही करा सकते, इनके पास द्रव्य संग्रह भी बड़ी कठिनाई से हो पाता है, मूलांक 3 के व्यक्ति दिन-रात परिश्रम कर के कमाने में लगे रहते हैं किंतु यह जितना भी कमाते है सब खर्च हो जाता है अर्थात मूलांक 3 वाले व्यक्ति की संग्रह शक्ति कमजोर होती है यह जल्दी कुछ भी संग्रह नही कर पाते हैं।
मूलांक 3 वालों में स्वार्थ भावना कुछ विशेष होती है, काम पड़ने पर यह विरोधियों से घुल-मिल जाते हैं और काम निकल जाने पर उसे छिटकाते भी देर नही लगाते, मूलांक 3 वाले व्यक्तियों की महत्वकांक्षाएं बढ़ी-चढ़ी रहती है, अति शीघ्र उन्नति के शिखर पर पहुँच जायूँ यही इनकी महत्त्वकांक्षा होती है, छोटा पद, छोटा कोष और छोटा कार्य इन्हें पसंद नही होता है, रक्त से संबंधित व्यक्ति एवं भाइयों से इन्हें विशेष लाभ नही होता, यह बात अलग है कि लचीले स्वभाव के कारण से ये सबके साथ निभा जाते हैं परंतु फिर भी पारिवारिक घनिष्ठता में संदेह ही रहता है, मूलांक 3 वाले व्यक्ति जरा सा भी ऊँचा पद या प्रभुत्व मिलने पर स्वेच्छाचारिता की ओर बढ़ने लगते हैं पर इसके साथ ही ये बुद्धिमान, ईमानदार एवं उदार हिर्दय वाले होते हैं।

मूलांक 3 वालों के लिए शुभ तारीखें:-

मूलांक 3 वालों के लिए प्रत्येक मास की 3, 12, 21 तथा 30 तारीख शुभ होती है।

मूलांक 3 वालों के लिए शुभ वर्ष:-

मूलांक 3 वालों के लिए 3, 12, 21, 30, 33, 36, 48, 57, 66, 75 व 84 वर्ष बेहद भाग्योदयकारक होता है तथा इन वर्षों में उन्नति प्राप्त होती है।

मूलांक 3 वालों के लिए प्रधान ग्रह:-

मूलांक 3 वालों के लिए देव गुरु बृहस्पति प्रधान ग्रह होते हैं जो साहस, शक्ति एवं श्रम के अतिरिक्त विद्या, ज्ञान व धर्म के भी प्रतीक हैं।

मूलांक 3 वालों के लिए शुभ रत्न:-

मूलांक 3 वालों के लिए पोखराज सबसे शुभ रत्न होता है जो कि इनके भाग्योदय में विशेष सहायक सिद्ध होता है।

मूलांक 3 वालों के लिए प्रधान देवता:-

मूलांक 3 वालों के लिए विष्णु जी प्रधान देवता है अतः मूलांक 3 वालों को नित्य “विष्णु सहस्त्रनाम” का पाठ करना चाहिए।

मूलांक 3 वालों के लिए अशुभ तिथि:-

मूलांक 3 वालों के लिए प्रत्येक मास की 1, 7, 16 व 25 तिथि अशुभ होती है अतः इस दिन कोई भी शुभ कार्य की शुरुवात नही करनी चाहिए।

 

 

 

 

मूलांक 3 वालों के लिए अशुभ वर्ष:-

मूलांक 3 वालों के लिए 4, 7, 13, 16, 22, 25, 31, 34, 40, 43, 49, 52, 58, 61, 67, 70, 76 व 79 वर्ष अशुभ होते हैं अतः इन वर्षों में थोड़ा सावधान रहें।
जय श्री राम।
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मार्च 2020 मेष लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

मार्च 2020 मेष लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

मेष लग्न वालों के लिए मार्च 2020 अच्छा रहेगा माह की शुरुवात में शुक्र का लग्न से गोचर रहेगा जो कि आपकी उन्नति के नए मार्ग खोलेगा, वाहन का सुख प्राप्त कराएगा, मंगल व गुरु की भाग्य स्थान में युति से भाग्य का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा जो लोग अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दिए थे उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनकी उन्नति होगी, भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, लग्न से गोचर कर रहे शुक्र पर गुरु की दृष्टि भी रहेगी फलस्वरूप जो लोग विवाह योग्य हो गए उनके लिए रिश्ता आएगा, जिनका विवाह हो गया है व संतान की इच्छा रखते हैं उनके लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, यदि आपकी कोई संतान है तो उनकी उन्नति होगी, यदि संतान विवाह योग्य हो गए हैं तो उनके विवाह के लिए बात चल सकती है, गुरु व मंगल से साथ केतु की भी युति होने से पिता को कोई कष्ट संभव हो सकता है, जिनकी कुंडली में विदेश यात्रा के योग हैं उनके लिए मार्च का महीना शुभ साबित होगा, विदेश यात्रा के योग बनेंगे, धार्मिक यात्रा भी हो सकती है।
एकादश भाव से सूर्य का गोचर भी बेहद शुभ रहेगा अतः आय के नए स्त्रोत बनेंगे, जो लोग काफी समय से नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं उनकी नौकरी में परिवर्तन होगा, आय की वृद्धि होगी, पुत्र सुख प्राप्त हो सकता है क्योंकि पंचम भाव पर गुरु व सूर्य दोनों की दृष्टि रहेगी, तीसरे भाव से राहु का गोचर आपके पराक्रम की वृद्धि करेगा, वाहन सावधानी से चलाएं, कर्म स्थान से शनि का गोचर कार्य के सिलसिले से यात्राएं करवाएगा, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी किन्तु मेहनत का पूर्ण फल भी प्राप्त होगा, तनाव लेने से बचें, 14 मार्च को सूर्य गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में आ जाएंगे जो विद्यार्थी पढ़ाई करने के लिए बाहर जाना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा, ज्वर अर्थात बुखार की समस्या हो सकती है अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें चूँकि गुरु की लग्न पर दृष्टि रहेगी अतः स्वास्थ्य में जल्दी सुधार भी होगा, सरकारी अफसरों से फालतू विवाद से बचें, मित्रों के साथ धार्मिक यात्राएं संभव होगी, बाईं आँखों में कुछ जलन अनुभव हो सकती है,  30 मार्च को गुरु गोचर बदलकर आपके कर्म स्थान पर आ जाएंगे जिससे गुरु-शनि का नीचभंग राजयोग बनेगा, 23 मार्च से मंगल भी आपके कर्म स्थान में आ जाएंगे जिसके फलस्वरूप 30 मार्च से आपके जीवन में एक नया दौर शुरू होगा, 30 व 31 मार्च को आपके सीनियर आपके काम से बेहद प्रसन्न रहेंगे, भूमि/मकान/वाहन खरीदने के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, पुत्र प्राप्ति के योग प्रबल होंगे, आपका वजन बढ़ सकता है अतः खान-पान पर थोड़ा नियंत्रण रखें।
कुल मिलाकर मेष लग्न वालों के लिए मार्च 2020 काफी अच्छा रहने वाला है जिसमें उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, प्रमोशन और नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, भूमि/वाहन या अन्य कोई भी संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए मार्च 2020 काफी अच्छा रहेगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, विवाह के लिए कहीं बात चल सकती है, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, संतान की उन्नति होगी, पिता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, विदेश यात्रा के योग बनेंगे, माह की 4 से 8 व 15 से 19 तारीख थोड़ा तनाव भरी हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें व स्वास्थ्य का ख्याल रखें, मेरे अनुसार यदि मेष लग्न के व्यक्ति नित्य सुंदरकांड का पाठ करें व शनिवार के दिन शनि मंदिर में तेल का दीपक अर्पित कर शनि स्तोत्र का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।
जय श्री राम।
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मूलांक 2: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

मूलांक 2: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

 

 

मूलांक 2 से संबंधित व्यक्ति अधिक कल्पनाशील, भावुक, सहिर्दय, सरलचित्त एवं कोमल मन वाले होते हैं, ये नई से नई कल्पनाओं की सृष्टि में रमे रहते हैं, मूलांक 2 वाले व्यक्ति न तो अधिक समय तक किसी कार्य में स्थिर रहते हैं और न ही किसी एक बात पर लंबे समय तक सोच-विचार कर सकते हैं क्योंकि इन्हें नित नए विचार सूझते रहते हैं और ये उन्हें क्रियान्वित करने के लिए जूझते हुए दिखाई देते हैं, मूलांक 2 वाले व्यक्ति शारीरिक रूप से सबल नही होते हैं, ये मूलतः बुद्धिजीवी होते हैं शरीरजीवी नही इसलिए शरीर की अपेक्षा मस्तिष्क से अधिक सबल एवं स्वस्थ होते हैं।

 

सौंदर्य के प्रति मूलांक 2 वाले व्यक्ति रुचि परिष्कृत होती है, प्रेम और सौंदर्य के क्षेत्र में ये महारथी कहे जा जाते हैं, दूसरों को सम्मोहित करने की कला में ये प्रवीण होते हैं, अपरिचित से अपरिचित व्यक्ति को भी परिचित बना लेना इनके बाएं हाथ का खेल होता है, मूलांक 2 वाले व्यक्तियों में प्रायः आत्मविश्वास की कमी रहती है फलस्वरूप ये कोई भी निर्णय तुरंत नही ले पाते हैं चाहे छोटी से छोटी बात हो या चाहे बड़ी से बड़ी समस्या ये उसमें उलझे रहते हैं, यह कार्य करूँ या न करूँ इस बात पर तुरंत निर्णय ले पाना इनके बस की बात नही होती, मूलांक 2 के व्यक्ति स्वभाव से शंकालु होते हुए भी दूसरों के हित का पूरा ध्यान रखते हैं, “ना” कहना इनके वश की बात नही होती है, दूसरों के मन की बात को जान लेने में ये प्रवीण होते हैं एवं ललित कलाओं में इनकी जन्म से ही रुचि होती है।

मूलांक 2 वाले व्यक्तियों के लिए शुभ तारीखें:-

मूलांक 2 वालों के लिए प्रत्येक माह की 2, 11, 20 और 29 तारीखें शुभ होती हैं।

मूलांक 2 वालों के लिए शुभ वर्ष:-

मूलांक 2 वाले व्यक्तियों के लिए 1, 10, 19, 28, 37, 46, 55, 64 एवं 73वां वर्ष भाग्योन्नति कारक कहा जा सकता है, शास्त्रों में 7 अंक को भी मूलांक 2 का मित्र कहा गया है अतः 7, 16, 25, 34, 43, 52 तथा 61वां वर्ष भी इनके लिए श्रेष्ठ रहता है, इसके अतिरिक्त 2, 11, 20, 29, 38, 47, 56, 65 तथा 74वां वर्ष भी इनके लिए अतियुक्तम कहे जा सकते हैं।

मूलांक 2 वालों के लिए शुभ दिन:-

मूलांक 2 वालों के लिए सोमवार सबसे शुभ दिन होता है।

मूलांक 2 वालों के लिए शुभ रंग:-

मूलांक 2 वालों के लिए श्वेत अर्थात सफेद रंग बेहद शुभ होता है अतः इन्हें किसी भी शुभ कार्य में जाते समय सफेद वस्त्र अवश्य पहनना चाहिए।

मूलांक 2 वालों के लिए रत्न:-

मूलांक 2 वालों के लिए मोती सबसे शुभ रत्न होता है अतः इन्हें जीवन में शीघ्र सफलता हेतु बाजरे का मोती अवश्य धारण करना चाहिए।

मूलांक 2 वालों के लिए प्रधान देवता:-

मूलांक 2 वालों के चंद्र प्रधान देवता होते हैं अतः इन्हें नित्य चंद्र मंत्र “ॐ सोमाय नम:” का जाप करना चाहिए।

मूलांक 2 वालों के लिए अशुभ तिथि:-

मूलांक 2 वालों के लिए प्रत्येक मास की 5, 14 व 23 तारीख अशुभ होती है अतः इन तारीखों में इन्हें कोई भी शुभ कार्य नही करना चाहिए।

मूलांक 2 वालों के लिए अशुभ वर्ष:-

मूलांक 2 वालों के लिए 5, 14, 23, 32, 41, 50, 59, 68, 77 व 86 वर्ष अशुभ होते हैं अतः इन वर्षों में इन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

जय श्री राम।

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सूर्य का गोचर परिवर्तन 13 फरवरी 2020

सूर्य का गोचर परिवर्तन 13 फरवरी 2020

सूर्य 13 फरवरी 2020 को दोपहर के 3 बजकर 5 मिनट पर मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे जिस कारण से सूर्य की मकर की सक्रांति समाप्त होकर सूर्य की कुंभ की सक्रांति लगेगी, सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की सक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, सूर्य एक राशि में 30 दिन तक गोचर करते हैं जिसका विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है तो चलिए जानते हैं सूर्य के विभिन्न राशियों में गोचर के दौरान पड़ने वाले प्रभाव:-

मेष राशि:-

 

मेष राशि वालों के लिए सूर्य पंचम भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके लाभ स्थान से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में आय की वृद्धि होगी, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें।

 

वृषभ राशि:-

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके दशम भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में आपके रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, अचानक धन लाभ होगा, पिता की उन्नति होगी, भूमि/वाहन सुख प्राप्त हो सकता है।

मिथुन राशि:-

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके नवम भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में आपको मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, पिता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, संतान को कष्ट संभव है, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, आवेश में आकर निर्णय लेने से बचें, फालतू विवाद में न पड़ें।

कर्क राशि:-

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, दवाईयों पर धन व्यय होगा, शत्रुओं से सावधान रहें, सरकारी कर्मचारियों से विवाद में न उतरें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, जिनका काम भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

सिंह राशि:-

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य पहले भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके सप्तम भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में जीवनसाथी से विवाद हो सकते हैं, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, यदि नौकरी परिवर्तन या नया कार्य शुरू करना चाहते हैं तो उसको कुछ समय के लिए टाल दें, पैसा चोरी हो सकता है, क्रोध पर नियंत्रण रखें।

कन्या राशि:-

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य द्वादश भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके छठे भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, धार्मिक यात्रा हो सकती है, लंबे समय से चली आ रही बीमारी से छुटकारा मिलेगा, मन प्रसन्न रहेगा।

तुला राशि:-

तुला राशि वालों के लिए सूर्य एकादश भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके पंचम भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में तनाव लेने से बचें, संतान को कष्ट संभव है, फालतू विवाद से बचें, आय की वृद्धि होगी, जीवनसाथी से विवाद हो सकता है, वाणी पर नियंत्रण रखें।

वृश्चिक राशि:-

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर के माहौल में तनाव की स्थिति रहेगी, व्यर्थ की यात्राओं को टालें, अधिक सोचने से बचें, माता से विवाद संभव है, पिता की उन्नति होगी, तनाव लेने से बचें।

धनु राशि:-

धनु राशि वालों के लिए सूर्य नवम भाव के स्वामी होते है जो कि आपके तीसरे भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में किसी उच्च अधिकारी से मुलाकात हो सकती है व उनसे आपके संबंध मजबूत होंगे, छोटे भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, आय की वृद्धि होगी, समाज मे मान-सम्मान प्राप्त होगा।

मकर राशि:-

मकर राशि वालों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होते हैं जो कि आप दूसरे भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में फालतू विवाद से बचें, कार्य में अड़चनें पैदा हो सकती है, मेहनत अधिक करनी होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें चूँकि गुरु की दृष्टि छठे व आठवें भाव मे होगी तो स्वास्थ्य को लेकर कोई गंभीर समस्या नही होगी, वाणी पर नियंत्रण रखें, दवाईयों पर धन व्यय होगा।

 

कुंभ राशि:-

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके पहले भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में तनाव लेने से बचें व स्वास्थ्य का ख्याल रखें, पेट दर्द या नेत्रों में कोई समस्या संभव है, जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, जिनको रक्त विकार हो या दिल की बीमारी हो उन्हें स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना चाहिए।

मीन राशि:-

मीन राशि वालों के लिए सूर्य छठे भाव के स्वामी होते हैं जो कि आपके द्वादश भाव से गोचर करेंगे अतः इस अवधि में वाहन सावधानी से चलाएं व स्वास्थ्य का ख्याल रखें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, यात्राओं के योग बनेंगे, बुखार की समस्या हो सकती है, तनाव लेने से बचें, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, संतान की उन्नति होगी।

जय श्री राम।

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मूलांक 1 वाले व्यक्तियों का चरित्र, स्वभाव व विशेषताएं

मूलांक 1:-

मूलांक 1 वाले व्यक्ति सहिष्णु, सहनशील एवं गंभीर होते हैं, इनके जीवन में निरंतर उत्थान व पतन होते रहते हैं तथा संघर्ष इनके जीवन का प्रमुख बिंदु हो जाता है, इनमें नेतृत्व की भावना प्रवल होती है और ये जिस भी कार्य को हाथ में लेते हैं उसे अच्छी तरह से निभाने एवं संपन्न करने का सामर्थ्य भी रखते हैं, नित नया परिचय प्राप्त करना इनके व्यक्तित्व की विशेषता कही जा सकती है, इनका परिचय क्षेत्र विस्तृत होगा तथा ये नित नवीनता की खोज में लगे रहेंगे, शारीरिक रूप से ऐसे व्यक्ति दृढ़, सबल एवं स्वस्थ होते हैं।
नौकरी करने वाले मूलांक 1 के व्यक्ति अति शीघ्र ही उच्च पद को प्राप्त करने की चेष्टा करेंगे तथा व्यापारी व्यक्ति दिन-रात परिश्रम कर व्यापारी वर्ग में प्रमुख स्थान बना सकने में समर्थ होंगे, चाहे व्यापारिक कार्य हो या नौकरी, इनके नेतृत्व वर्ग में कोई कमी नही आएगी।
मूलांक 1 के व्यक्ति निर्णय लेने में भी बहुत चतुर होते हैं, स्वतंत्र एवं स्वस्थ चिंतन इनकी विशेषता होती है और इनका व्यक्तित्व स्वतः ही अलग-अलग-सा दिखाई देता है, मूलांक 1 के व्यक्ति किसी की भी धौंस-पट्टी में रहकर कार्य नही कर सकते हैं, समाज में परिवर्तन, जीवन में परिवर्तन और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन इनका स्वभाव होता है।
मूलांक 1 के व्यक्ति अपने कार्य और अपनी धुन में मस्त रहते हैं, किसी भी कार्य के बीच में टोका-टिप्पणी इनसे बर्दाश्त नही होती, नई-नई सूझ, मौलिक विचार एवं उर्वर कल्पना शक्ति इनके व्यक्तित्व की विशेषताएं होती हैं, मूलांक 1 के व्यक्ति सुंदर एवं सुरुचिपूर्ण जीवन जीने में विश्वास रखते हैं, मूलांक 1 के व्यक्ति जीवन को कैसे अच्छे से जीना है भली भांति जानते हैं।

मूलांक 1 वालों के लिए शुभ तारीखें:-

मूलांक 1 वालों के लिए प्रत्येक माह की 1, 4, 10, 13, 19, 22, 28 और 31 होती है।

मूलांक 1 वालों के लिए शुभ वर्ष:-

मूलांक 1 वालों के लिए 1, 10, 19, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82 व 91 बेहद शुभ होते हैं जिनमें जीवन की प्रमुख घटनाएं घटित होती हैं।

मूलांक 1 वालों के लिए अशुभ तिथि:-

मूलांक 1 वालों के लिए प्रत्येक माह की 7, 16 व 25 तिथि अशुभ होती है अतः मूलांक 1 वाले व्यक्तियों को इन तिथियों में कोई भी शुभ कार्य नही करना चाहिए।

मूलांक 1 वालों के लिए अशुभ वर्ष:-

मूलांक 1 वालों के लिए 7, 16, 25, 34, 43, 52, 61, 70, 79 व 88 वर्ष अशुभ होते हैं अतः मूलांक 1 वाले व्यक्तियों को इन वर्षों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

मूलांक 1 वालों के लिए शुभ रत्न:-

मूलांक 1 वालों के लिए माणिक बेहद शुभ होता है।

मूलांक 1 वालों के लिए प्रधान देवता:-

मूलांक 1 वालों के लिए सूर्य प्रधान देवता होते हैं अतः इन्हें सूर्य देव की नित्य पूजा करनी चाहिए व नित्य सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
जय श्री राम।

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