Loading...
Categories
Gochar Fal Prediction Recent Post

कर्क लग्न के लिए फरवरी 2020 कैसा रहेगा:-

कर्क लग्न वालों के फरवरी 2020 मिला जुला रहेगा इस माह के शुरुवात में सूर्य व शनि का आपके सप्तम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप जीवनसाथी से कुछ विवाद संभव रहेगा 13 फरवरी को सूर्य गोचर बदलकर अष्टम भाव में आ जाएंगे सूर्य अर्थात सरकारी कर्मचारी और अष्टम स्थान बंधन/दुख/पीड़ा/मृत्यु का भाव है अतः सरकारी काम-काज को थोड़ी सतर्कता के साथ करें व सरकारी कर्मचारियों से विवाद में पड़ें, आंखों में जलन या दर्द की शिकायत रह सकती है, माह की शुरुवात में मंगल का पंचम से गोचर रहेगा अतः संतान की उन्नति होगी, विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय रहेगा, माह के शुरुवात में शुक्र व बुध आपके अष्टम भाव से गोचर रहेगा अतः वाहन सावधानी से चलाएं एक्सीडेंट होने की संभावना रहेगी, 8 फरवरी को मंगल गोचर बदलकर आपके छठे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, विद्यार्थियों की शिक्षा में व्यवधान आ सकता है, यात्राओं के योग बनेंगे।

3 फरवरी को शुक्र गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान पर आ जाएंगे जो कि शुभ रहेगा शुक्र आपकी कुंडली में सुखेश व लाभेश होता है अर्थात लाभेश खुद से लाभ भाव में गोचर करेंगे जो कि बेहद शुभ रहेगा, किसी महिला के सहयोग से आय में वृद्धि के योग बनेंगे, गुरु की पंचम दृष्टि भी दसवें भाव पर है अतः प्रमोशन की भी संभावना रहेगी किन्तु यदि आप नया काम शुरू करना चाहते हैं तो सितंबर 2020 तक इंतजार करें क्योंकि द्वादश भाव से गोचर कर रहा राहु आपके नए कार्य में बाधाएं ला सकता है, इस माह की शुरूवात में चंद्र का गोचर आपके कर्म स्थान से रहेगा अतः इस माह की शुरुवात आपके लिए अच्छी रहेगी, सीनियर आपके काम से खुश रहेंगे।

शनि का सप्तम स्थान से गोचर बेहद शुभ नही रहेगा फिर भी अपनी खुद की राशि से गोचर करने के कारण से आपको कार्य क्षेत्र में अधिक मेहनत करवाएगा व उस मेहनत का पूर्ण फल भी देगा, जिनको शुगर व दिल की बीमारी है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कुल मिलाकर कर्क लग्न वालों के लिए फरवरी 2020 मिला-जुला रहेगा जिसमें माह की शुरूवात अच्छी होगी किन्तु दाम्पत्य जीवन में कलह रह सकती है, एक्सीडेंट के योग बनेंगे अतः वाहन सावधानी से चलाएं, 13 फरवरी से दाम्पत्य जीवन में सुधार होगा, सरकारी काम-काज सावधानी के साथ करें, 19 फरवरी से भाग्य का पूर्ण सहयोग मिलेगा, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी किन्तु मेहनत का पूर्ण फल मिलेगा, किसी महिला के द्वारा आय में वृद्धि के योग बनेंगे, वाहन सुख मिल सकता है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, ऑफिस में प्रमोशन की बात चल सकती है, संतान पर धन व्यय होगा, माह की 5, 6, 7, 18, 19, 20, 23, 24, 25 तारीख को थोड़ा सावधान रहें और तनाव से बचें।

मेरे अनुसार यदि कर्क लग्न के व्यक्ति शनिवार के दिन किसी भिकारी को काली उर्द, किशमिश, शहद दान करें व विष्णुसहस्त्र नाम का पाठ करें तो लाभ होगा।

जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:-9919367470

Categories
Recent Post कुछ अचूक टोटके व शाबर मंत्र

कोई भी बीमारी हो यह उपाय रामबाण की तरह काम करेगा:-

मेरे पास बहुत सी माताएं और बहने अकसर यह शिकायत लेकर आती हैं कि उनके बच्चे पर पता नही किसी ने कुछ कर दिया है कि क्या है बीमारी ही नही पकड़ मे आ रही है तो आज मैं उन सभी माताओं और बहनों को एक टोटका बता रहा हूँ जिसको मेरे द्वारा दिए जा रहे मन्त्र को पढ़कर जैसी विधि मैं बताने जा रहा हूँ वैसे अपने बच्चे को झाड़ने से किसी भी तरह का कोई भी रोग हो भले वह ऊपरी बाधा के कारण से हुआ हो या अन्य किसी कारण से ठीक हो जाएगा:-
मन्त्र:-
।।वन में बैठी वानरी, अंजनी जायो हनुमंत बाल डमरू ब्याही बिलाई आँख की पीड़ा मस्तक
पीड़ा चौरासी बाई बलि बलि भस्म हो जाए पके न फूटे पीड़ा करे तो गोरख यती रक्षा करे गुरु की शक्ति मेरी भक्ति फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।।
यह मंत्र मेरे आराध्य श्री हनुमान जी का मंत्र है इस मंत्र को 108 बार पड़कर रोगी को झाड़ने से रोगी के सभी रोग, ऊपरी बाधा दूर हो जाती है और रोगी स्वस्थ हो जाता है।
जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:- 9919367470
Categories
Gochar Fal Prediction Recent Post

वृषभ लग्न के लिए फरवरी 2020 कैसा रहेगा:-

वृषभ लग्न के लिए फरवरी 2020 कैसा रहेगा:-

वृषभ लग्न वालों के लिए फरवरी 2020 अच्छा रहने वाला है 31 जनवरी को बुध गोचर बदलकर कुंभ राशि में आ जाएंगे अतः जो लोग बैंकिंग, फाइनेंस, मार्केटिंग, एकाउंटिंग से जुड़ा हुआ काम करते है उनके लिए यह महीना बेहद शुभ रहेगा, प्रमोशन मिलने की उम्मीद रहेगी 12 फरवरी को सूर्य भी कुंभ राशि में आ जाएंगे और केंद्र के स्वामी सूर्य व त्रिकोण के स्वामी बुध की दसवें भाव में युति उन्नति के मार्ग खोलेंगी, विद्यार्थियों के लिए भी यह समय रहेगा, घर का माहौल अच्छा रहेगा, बुध आपकी कुंडली में धनेश भी होता है धनेश के कर्म स्थान में होने चतुराई से कारोबार की वृद्धि करने सफल रहेंगे, बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलेगी, पिता का सहयोग प्राप्त होगा व पिता की भी उन्नति होगी।

भाग्य स्थान से शनि का गोचर थोड़ा परिश्रम कराएगा किन्तु परिश्रम का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा, दूसरे भाव से राहु का गोचर बहुत ज्यादा शुभ नही माना जाता है और 8 फरवरी को मंगल भी गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे अतः वाणी पर थोड़ा नियंत्रण रखें, अष्टम से गुरु, मंगल व केतु का गोचर रहेगा और गुरु व मंगल पर राहु की सीधी दृष्टि रहेगी अतः जिनकी उम्र 50-55 से ज्यादा है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, सर्जरी के योग बनते दिख रहे हैं, आग और बिजली से थोड़ा सावधान रहें तथा वाहन सावधानी से चलाएं, दूसरे भाव का राहु मुँह व गले की समस्या दे सकता है अतः तामसिक चीजों से परहेज करें और वाणी पर नियंत्रण रखें।

जो लोग धर्म-अध्यात्म में रुचि रखते हैं उनके लिए फरवरी 2020 काफी अच्छा रहेगा, अष्टम भाव से गुरु व केतु का गोचर आपका धर्म-अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ाएगा, घर में कोई मांगलिक कार्यक्रम हो सकते हैं, किसी मेहमान का आगमन हो सकता है कुल मिलाकर वृषभ लग्न वालों के लिए फरवरी 2020 अच्छा रहेगा जिसमें प्रमोशन की बात चल सकती है, मकान बनवाने का सोच रहे हैं तो 17 फरवरी से उस पर काम करें अच्छा रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी मिलेगी, कारोबार की वृद्धि होगी किन्तु जब भी चंद्रमा 6, 8, 12 से गोचर करेंगे तब तनाव अधिक रहेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें, तामसिक चीजों से परहेज करें बाकी यह महीना (फरवरी 2020) आपके लिए अच्छा रहेगा।

मेरे अनुसार यदि आप अमावस्या के दिन बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें व दुर्गा सप्तशती का नित्य पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।

जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:- 9919367470

Categories
Recent Post कुछ अचूक टोटके व शाबर मंत्र

रूठी हुई पत्नी को कैसे मनाएं:-

रूठी हुई पत्नी को मनाने का अत्यंत शक्तिशाली शाबर मंत्र:-

बहुत से लोग मेरे पास यह शिकायत लेकर आते हैं कि उनकी पत्नी रूठ कर मायके चली गयी है लाख कोशिश के बाद भी नही मान रही तो आज उन सभी लोगों के लाभ हेतु मैं यह शक्तिशाली शाबर मंत्र बता रहा हूँ जिसको पूरे विधि विधान से कर लेने पर निश्चित ही आपकी पत्नी आपसे बात करेगी।

शाबर मंत्र बहुत ही शक्तिशाली मन्त्र होते हैं जिनको हमे सिद्ध करने की आवश्यकता नही होती बस इन मंत्रों को पूर्ण विधि-विधान से करना होता है तो चलिए पहले मैं आप लोगों को बताता हूँ कि वह शक्तिशाली शाबर मंत्र क्या है।

महाशक्तिशाली शाबर मंत्र:-

“मोहिनी माता, भूत पिता, भूत सिर बेताल, उड़ ऐं काली ‘नागिन’ को जा लाग। ऐसी जा के लाग कि ‘नागिन’ को लग जावे हमारी मोहब्बत की आग। न खड़े सुख, न लेटे सुख, न सोते सुख। सिंदूर चढायूँ मंगलवार, कभी न छोड़े हमारा ख्याल। जब तक न देखे हमारा मुख, काया तड़प-तड़प मर जाए। चलो मन्त्र फुरो वाचा। दिखाओ रे शब्द, अपने गुरु के इल्म का तमाशा।”

“नागिन शब्द की जगह पत्नी व प्रेमिका का नाम लेना चाहिए।”

मन्त्र विधि:-

यह मंत्र पूर्णिमा के 8 दिन पहले से शुरू कर के 43 दिन तक लगातार रोज रात्रि के समय रोज 2 घंटे नियम से करना है और मन्त्र जाप करने वाले का मुख उस दिशा में होना चाहिए जिस दिशा में पत्नी रह रही हो यदि मन्त्र जाप करते समय पत्नी की फोटो को सामने रखा जाए तो और भी उत्तम रहता है।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:- 9919367470

Categories
Gochar Fal Prediction Recent Post

मेष लग्न वालों के लिए फरवरी 2020 कैसा रहेगा:-

Categories
Prediction Rashifal

बुध का कुंभ राशि से गोचर 31 जनवरी 2020:-

30 जनवरी 2020 को रात्रि के 2 बजकर 44 मिनट 8 सेकंड पर बुध मकर राशि से गोचर बदलकर कुंभ राशि में चले जाएंगे जहाँ 17 फरवरी को वक्री होकर पुनः 10 मार्च को मार्गी हो जाएंगे तथा 7 अप्रैल की दोपहर 2 बजकर 23 मिनट 56 सेकंड तक स्थित रहेंगे, बुध के कुंभ राशि से गोचर करने के दौरान विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा तो चलिए जानते हैं कि बुध के कुंभ राशि से गोचर के दौरान किस राशि पर क्या प्रभाव होगा।

1. मेष राशि:- बुध का गोचर आपके एकादश भाव से होगा, एकादश भाव से बुध के गोचर से आपको लाभ मिलेगा, जो मार्केटिंग और फाइनेंस के क्षेत्र में नौकरी करते हैं उनके लिए बुध का यह गोचर बेहद शुभ होगा, जो विद्यार्थी CA, MBA कर रहे हैं उनके लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, आपके महत्वकांक्षाओं की पूर्ति होगी, आप अपने मन की बातों को अच्छे से दूसरों के समक्ष रख सकेंगे, बुध के वक्री रहने के दौरान आपको कार्यक्षेत्र में सफल होने के लिए अधिक प्रयास करना होगा, 11 मार्च से स्थिति में पुनः सुधार शुरू होगा, कहीं लोन के लिए अप्लाई किए हुए तो लोन स्वीकृत हो सकता है।

2. वृषभ राशि:- बुध का यह गोचर आपके दसवें भाव से होगा फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी, आपके सीनियर आपसे खुश रहेंगे, आप अपनी बुद्धिमत्ता से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सफल प्रयास कर सकते हैं, रुके हुए कार्य पूरे होंगे, पिता से लाभ प्राप्त होगा साथ ही यदि आप पिता के कार्य से जुड़े हुए हैं तो बुध का यह गोचर आपके लिए बहुत ही शुभ रहेगा, बुध के वक्री रहने के समय थोड़ा सावधान रहें धोखा मिल सकता है बाकी समय के लिए बुध का यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा।

3. मिथुन राशि:- मिथुन राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर नवम भाव से होगा फलस्वरूप भाग्य की वृद्धि होगी, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, रुके हुए कार्य पूरे होंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, पिता से संबंध मधुर होंगे व उनसे लाभ मिलेगा, यदि आप घर परिवर्तन करना चाहते हैं तो यह उत्तम समय रहेगा जिससे आपकी उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे व मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

4. कर्क राशि:- कर्क राशि वालों के लिए बुध का गोचर अष्टम भाव से होगा फलस्वरूप यह समय थोड़ा तनाव युक्त रहेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, छोटे भाई-बहन के स्वास्थ्य में परेशानी रह सकती है, छोटे भाई-बहन से फालतू विवाद में न पड़े, 16 फरवरी से 11 मार्च तक विशेष सावधान रहें, दवाइयों पर धन व्यय हो सकता है 12 मार्च से कुछ राहत मिलेगी, कार्यस्थल पर छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, बेबजह की यात्राएं होंगी कुल मिलाकर बुध का यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ नही है फिर भी आपको अपने परिवार का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

5. सिंह राशि:- सिंह राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर सप्तम भाव से होगा फलस्वरूप विवाह के योग बनेंगे, नौकरी में उन्नति होगी, दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, मन में कोई नया कार्य करने को लेकर विचार आ सकते हैं, व्यापार में लाभ होगा, बुध के वक्री होने के दौरान दामपत्य जीवन में कलह-क्लेश की स्थिति बनेगी, कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी, 12 मार्च से पुनः कुछ राहत मिलेगी और जीवन में उन्नति के मार्ग खुलते नजर आएंगे।

6. कन्या राशि:- कन्या राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर छठे भाव से होगा फलस्वरूप धन अधिक खर्च होगा, स्वास्थ्य में कोई समस्या रह सकती है, तनावपूर्ण समय बीतेगा, नौकरी के लिहाज से भी यह मिला-जुला रहेगा, कार्य का बोझ बड़ेगा किन्तु आपके सीनियर आपके कार्य से खुश रहेंगे, प्रमोशन मिलने की संभावना रहेगी, व्यापार में उन्नति होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, खराब हुए रिश्तों में सुधार होगा व मधुरता आएगी, 16 फरवरी से 18 मार्च तक स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, 19 मार्च से थोड़ी राहत मिलेगी।

7. तुला राशि:- तुला राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर पंचम भाव से होगा फलस्वरूप नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय साबित होगा, CA, MBA की पढ़ाई करने वालों के लिए यह समय बहुत शुभ रहेगा, मनोबल बढ़ेगा, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उन्हें संतान सुख मिल सकता है, 12 मार्च के बाद वाहन सुख प्राप्त हो सकता है, आय में वृद्धि के योग बनेंगे, जीवसाथी या प्रेम संगिनी के साथ किसी रोमेंटिक यात्रा पर जा सकते हैं।

8. वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर चतुर्थ भाव से होगा फलस्वरूप सुख-संसाधनों में वृद्धि होगी, परिवार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी, बुध के वक्री रहने के दौरान खर्च बढ़ेगा, छाती में दर्द या जकड़न की समस्या हो सकती है किन्तु 12 मार्च से पुनः राहत मिलेगी, आय में वृद्धि के अवसर प्राप्त होंगे।

9. धनु राशि:- धनु राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर तीसरे भाव से होगा फलस्वरूप यात्राएं होंगी व उन यात्राओं से लाभ भी प्राप्त होगा, मित्रों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, बुध के वक्री रहने के दौरान फालतू के विवाद होंगे, धन व्यय होगा किन्तु 11 मार्च से राहत मिलती दिखेगी, आय के नए माध्यम बनेंगे, प्रमोशन होने की संभावना रहेगी।

10. मकर राशि:- मकर राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर दूसरे भाव से होगा फलस्वरूप भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, यात्राएं होंगी व उनसे लाभ भी मिलेगा, शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी, रुके हुए कार्य पूरे होंगे, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, बुध के वक्री रहने के दौरान त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती है, गले की समस्या भी रह सकती है, वाणी पर नियंत्रण रखें, 11 मार्च के बाद पुनः राहत मिलेगी तथा कोर्ट-कचहरी में सफलता मिलेगी।

11. कुंभ राशि:- कुंभ राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर लग्न से होगा फलस्वरूप शोध के विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, तनाव की स्थितियाँ बनेंगी, बुध के वक्री रहने के दौरान स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें 12 मार्च से पुनः राहत मिलेगी, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, आपकी बुद्धि से लिए हुए कई फैसले आपकी उन्नति में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।

12. मीन राशि:- मीन राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर द्वादश भाव से होगा फलस्वरूप खर्च अधिक होगा क्योंकि द्वादश भाव व्यय का भाव है, यात्राओं पर धन व्यय होगा, मकान बनवाने का सुख प्राप्त हो सकता है, घर के माहौल में तनाव की स्थिति बन सकती है, दाम्पत्य जीवन में कलह हो सकता है, 13 मार्च के बाद से कुछ राहत मिलेगी व खर्च पर थोड़ा अंकुश लगेगा, धन संचय हो सकेगा, जीवनसाथी से मधुर संबंध बनेगा, नौकरी पेशा लोगों का स्थान परिवर्तन हो सकता है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:- 9919367470

Categories
Numerology

मूलांक क्या होता है:-

अंग्रेजी महीनों के किसी महीने में 30 तो किसी महीने में 31 दिन होते हैं, आमतौर पर 1 से 9 तारीख तक जन्मे व्यक्तियों के जन्मांक को ही मूलांक कहते हैं, इससे आगे की तारीख जोड़कर मूलांक बनाया जाता है।

सामान्य भाषा मे जन्म तारीख के जोड़ को मूलांक कहते हैं मूलांक केवल 1 से 9 अंक तक ही होते हैं।

उदहारण के लिए मान लीजिए किसी व्यक्ति का जन्म किसी महीने के 2 तारीख को हुआ हो तो उसका मूलांक 2 हुआ, ठीक उसी तरह यदि किसी व्यक्ति का जन्म किसी महीने के 5 तारीख को हुआ है तो उसका मूलांक 5 हुआ उसी तरह से 1 से 9 अंक तक की तारीख के जन्मे व्यक्ति का मूलांक निकाला जाता है।

यदि किसी व्यक्ति का जन्म 9 से ज्यादा तारीख का तो कैसे निकाले मूलांक:-

यदि किसी व्यक्ति का जन्म 9 से ऊपर तारीख का हो तो उन दोनों अंकों को जोड़कर जो अंक प्राप्त होता है उसको मूलांक कहते हैं।

उदहारण:-

10 तारीख के जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1+0= 1 हुआ।

11 तारीख के जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1+1= 2 हुआ।

25 तरीख के जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2+5= 7 हुआ।

इसी तरह सभी व्यक्तियों का मूलांक निकलता है।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
9919367470

Categories
Astrology Sutras/Logics

नक्षत्र व उनके नाम:-

नक्षत्र क्या है:-

आप सभी ने ज्योतिष में ग्रहों के साथ-साथ नक्षत्रों का नाम बहुत सुना होगा लेकिन नक्षत्र है क्या यह बहुत ही कम लोगों को पता होगा तो मैं आप सभी को सरल शब्दों में यह बताने का प्रयास करता हूँ कि आखिर नक्षत्र क्या है।

तारागण में से ही कतिपय को महर्षियों ने नक्षत्र नाम से पुकारा है, यदि हमें एक जगह से दूसरी जगह पर जाना पड़े और उस स्थान तक पहुंचने के लिए सड़क भी हो तो जब तक उस सड़क का विभाग किसी रीति से जैसे कोस या मील द्वारा न किया जाए तब तक यह कहना कि अमुक घटना उस सड़क पर चलते हुए किस स्थान में हुई थी बड़ा ही कठिन होगा इसलिए सड़कों को माइलों में विभक्त करने की प्रणाली है और प्रति माइल को भी चार भागों में बांटकर १/२, १/४ इत्यादि चिन्ह दे दिया गया इन चिन्हों के द्वारा किसी घटना के स्थान को बड़ी ही सरलता से बतलाया जा सकता है जैसे अमुक घटना इतनी माइल तय करने पर दसवें माइल के चतुर्थांश या अर्धांश पर हुई।

अतएव महर्षियों ने आकाश-मंडल के तारों की पूर्व-पश्चिम गति से २७ भागों में विभक्त किया है तथा प्रति भाग का नाम नक्षत्र रखा है इसलिए आप यदि ध्यान देकर देखेंगे तो यह प्रतीत होगा कि इन २७ नक्षत्रों की एक माला पृथ्वी के चारों ओर (पूर्व से पश्चिम) दिशा की ओर पड़ी हुई है।

कई तारों के समुदाय को ही नक्षत्र कहते हैं उन तारों को एक दूसरे से युक्ति पूर्वक रेखा द्वारा मिला देने से कहीं अश्व, कहीं शिर, कहीं गाड़ी और कहीं सर्पादि का चिन्ह बन जाता है (1. अश्विनी, 2. भरणी, 3. कृत्तिका , 4. रोहिणी, 5. मृगशिरा, 6. आद्रा, 7. पुनर्वसु, 8. पुष्य, 9. अश्लेषा , 10. मघा, 11. पूर्वाफाल्गुनी, 12. उत्तराफाल्गुनी, 13. हस्त, 14. चित्रा, 15. स्वाती, 16. विशाखा, 17. अनुराधा, 18. ज्येष्ठा, 19. मूल, 20, पूर्वाषाढा, 21. उत्तराषाढा, 22. श्रवण , 23. धनिष्ठा, 24. शतभिषा, 25. पूर्वाभाद्रपद, 26. उत्तराभाद्रपद, 27. रेवती।) यह 27 नक्षत्रों के नाम हैं।

तात्पर्य यही है कि इस भूमण्डल के चारों तरफ जो तारागण है जिन्हें महर्षियों ने २७ नक्षत्रों के नाम से पुकारा उनके द्वारा आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति का ठीक-ठीक बोध होता है जैसे सड़क के पथिक को मील चिन्ह से कहना सुगम होता है कि अमुक दूरी पर पहुंच गया, उसी तरह ज्योतिषियों को यह कहना सरल होगा कि अमुक ग्रह, अमुक समय में, अमुक नक्षत्र में था या है।

यदि इसको दूसरे शब्दों में समझें तो पुराणों में इन 27 नक्षत्रों का उल्लेख प्रजापति दक्ष की पुत्रियों के रूप में किया है जिनका विवाह चन्द्रमा के साथ हुआ था, पुराणों के अनुसार ऋषि मुनियों ने आकाश का विभाजन 12 बराबर हिस्सों में कर दिया था जिन्हें हम 12 अलग-अलग राशियों मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन के नाम से जानते हैं इनके और सूक्ष्‍म अध्‍यन के लिए ऋषि मुनियों ने इन्हें 27 बराबर भागों में बांट दिया, जिसके परिणाम स्वरुप एक राशि में 2.25 नक्षत्र आते हैं, चन्द्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा को 27.3 अर्थात लगभग 28 दिन में पूरी करता है वैदिक ज्योतिषी के अनुसार चन्द्रमा प्रतिदिन लगभग एक भाग (नक्षत्र) की यात्रा करता है नक्षत्रों की गढ़ना के बिना सही फलकथन नही किया जा सकता है इसलिए नक्षत्र हमारे वैदिक ज्योतिष के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
9919367470

Categories
Gochar Fal Prediction

मीन लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

मीन लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 अच्छा रहेगा अभी तक कर्म स्थान पर शनि का गोचर होने के कारण से कार्य क्षेत्र में बाधाएं आ रही थी और प्रमोशन रुका हुआ था साथ ही बिज़नेस में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले वर्ष 2020 में इन सभी से राहत मिलेगी दसवें भाव में आया हुआ गुरु और लाभ भाव से गोचर कर रहा शनि बेहद शुभ रहेगा, लग्नेश गुरु दसवें भाव से अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर करेंगे जो कि जीवन में स्थिरता लाएंगे, जो लोग पिछले ढाई वर्ष से प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे उनका प्रमोशन होगा, बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलेगी, कार्य स्थल में बदलाव भी संभव है, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा वर्ष 2019 में मीन लग्न वालों को संतान का सुख मिला जो लोग संतान की चाह रख रहे थे उन्हें संतान प्राप्त हुई अब वर्ष 2020 में उन्नति होगी, आय में वृद्धि होगी, भूमि-मकान का सुख प्राप्त होगा, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, घर के माहौल में शांति अनुभव होगी, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा।
29 मार्च 2020 को गुरु गोचर परिवर्तन कर अपनी नीच राशि मकर राशि में जाएंगे जहाँ अपनी ही राशि से गोचर कर रहे शनि से युति कर के नीचभंग राजयोग बनाएंगे फल स्वरूप आय में वृद्धि होगी, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनकी उन्नति होगी, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके प्रेम विवाह के योग बनेंगे, नए मित्र बनेंगे, दाम्पत्य सुख अच्छा रहेगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, ज्यादा चिकनाई वाली चीजों से परहेज करें नही तो पेट की समस्या हो सकती है।
अभी सितंबर 2020 तक राहु का गोचर चतुर्थ भाव से रहेगा जिस कारण से सितंबर 2020 तक मन में अशांति अनुभव होगी, यदि आप घर खरीदना चाहते हैं तो सितंबर तक और इंतजार करें तो अच्छा रहेगा, दसवें घर से केतु का गोचर अचानक से कार्य क्षेत्र में सफलता देगा, 24 जनवरी 2020 से शनि का गोचर ग्याहरवें भाव से होने के कारण से आय के नए स्त्रोत बनेंगे, जीवन में भागा-दौड़ी रहेगी, वाहन सावधानी से चलाएं, फिजूल के खर्चे होंगे, यदि भ्रष्टाचार से जुड़ा करते हैं तो सतर्क रहें जेल यात्रा हो सकती है, अध्यात्म की ओर झुकाव रहेगा, जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उन्हें सरकारी नौकरी प्राप्त होगी, कोई तीसरा व्यक्ति आपके व आपकी पत्नी/प्रेमिका के बीच संबंध में कड़वाहट ला सकता है, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें।
कुल मिलाकर मीन लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 अच्छा रहेगा जिसमें भूमि-मकान का सुख प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, प्रमोशन मिलेगा, नौकरी परिवर्तन हो सकता है, वर्ष के शुरुवात मतलब अप्रैल से जून तक प्रेम विवाह के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, सितंबर बाद से घर का माहौल अच्छा होगा, मन में संतोष अनुभव होगा, मेहनत का पूर्ण फल मिलेगा, अध्यात्म की ओर झुकाव बढेगा मेरे अनुसार यदि मीन लग्न के व्यक्ति विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें व मधुराष्टकं का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।
बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।
जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
9919367470