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Recent Post कुछ अचूक टोटके व शाबर मंत्र

रूठी हुई पत्नी को कैसे मनाएं:-

रूठी हुई पत्नी को मनाने का अत्यंत शक्तिशाली शाबर मंत्र:-

बहुत से लोग मेरे पास यह शिकायत लेकर आते हैं कि उनकी पत्नी रूठ कर मायके चली गयी है लाख कोशिश के बाद भी नही मान रही तो आज उन सभी लोगों के लाभ हेतु मैं यह शक्तिशाली शाबर मंत्र बता रहा हूँ जिसको पूरे विधि विधान से कर लेने पर निश्चित ही आपकी पत्नी आपसे बात करेगी।

शाबर मंत्र बहुत ही शक्तिशाली मन्त्र होते हैं जिनको हमे सिद्ध करने की आवश्यकता नही होती बस इन मंत्रों को पूर्ण विधि-विधान से करना होता है तो चलिए पहले मैं आप लोगों को बताता हूँ कि वह शक्तिशाली शाबर मंत्र क्या है।

महाशक्तिशाली शाबर मंत्र:-

“मोहिनी माता, भूत पिता, भूत सिर बेताल, उड़ ऐं काली ‘नागिन’ को जा लाग। ऐसी जा के लाग कि ‘नागिन’ को लग जावे हमारी मोहब्बत की आग। न खड़े सुख, न लेटे सुख, न सोते सुख। सिंदूर चढायूँ मंगलवार, कभी न छोड़े हमारा ख्याल। जब तक न देखे हमारा मुख, काया तड़प-तड़प मर जाए। चलो मन्त्र फुरो वाचा। दिखाओ रे शब्द, अपने गुरु के इल्म का तमाशा।”

“नागिन शब्द की जगह पत्नी व प्रेमिका का नाम लेना चाहिए।”

मन्त्र विधि:-

यह मंत्र पूर्णिमा के 8 दिन पहले से शुरू कर के 43 दिन तक लगातार रोज रात्रि के समय रोज 2 घंटे नियम से करना है और मन्त्र जाप करने वाले का मुख उस दिशा में होना चाहिए जिस दिशा में पत्नी रह रही हो यदि मन्त्र जाप करते समय पत्नी की फोटो को सामने रखा जाए तो और भी उत्तम रहता है।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
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Gochar Fal Prediction Recent Post

मेष लग्न वालों के लिए फरवरी 2020 कैसा रहेगा:-

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Prediction Rashifal

बुध का कुंभ राशि से गोचर 31 जनवरी 2020:-

30 जनवरी 2020 को रात्रि के 2 बजकर 44 मिनट 8 सेकंड पर बुध मकर राशि से गोचर बदलकर कुंभ राशि में चले जाएंगे जहाँ 17 फरवरी को वक्री होकर पुनः 10 मार्च को मार्गी हो जाएंगे तथा 7 अप्रैल की दोपहर 2 बजकर 23 मिनट 56 सेकंड तक स्थित रहेंगे, बुध के कुंभ राशि से गोचर करने के दौरान विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा तो चलिए जानते हैं कि बुध के कुंभ राशि से गोचर के दौरान किस राशि पर क्या प्रभाव होगा।

1. मेष राशि:- बुध का गोचर आपके एकादश भाव से होगा, एकादश भाव से बुध के गोचर से आपको लाभ मिलेगा, जो मार्केटिंग और फाइनेंस के क्षेत्र में नौकरी करते हैं उनके लिए बुध का यह गोचर बेहद शुभ होगा, जो विद्यार्थी CA, MBA कर रहे हैं उनके लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, आपके महत्वकांक्षाओं की पूर्ति होगी, आप अपने मन की बातों को अच्छे से दूसरों के समक्ष रख सकेंगे, बुध के वक्री रहने के दौरान आपको कार्यक्षेत्र में सफल होने के लिए अधिक प्रयास करना होगा, 11 मार्च से स्थिति में पुनः सुधार शुरू होगा, कहीं लोन के लिए अप्लाई किए हुए तो लोन स्वीकृत हो सकता है।

2. वृषभ राशि:- बुध का यह गोचर आपके दसवें भाव से होगा फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी, आपके सीनियर आपसे खुश रहेंगे, आप अपनी बुद्धिमत्ता से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सफल प्रयास कर सकते हैं, रुके हुए कार्य पूरे होंगे, पिता से लाभ प्राप्त होगा साथ ही यदि आप पिता के कार्य से जुड़े हुए हैं तो बुध का यह गोचर आपके लिए बहुत ही शुभ रहेगा, बुध के वक्री रहने के समय थोड़ा सावधान रहें धोखा मिल सकता है बाकी समय के लिए बुध का यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा।

3. मिथुन राशि:- मिथुन राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर नवम भाव से होगा फलस्वरूप भाग्य की वृद्धि होगी, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, रुके हुए कार्य पूरे होंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, पिता से संबंध मधुर होंगे व उनसे लाभ मिलेगा, यदि आप घर परिवर्तन करना चाहते हैं तो यह उत्तम समय रहेगा जिससे आपकी उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे व मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

4. कर्क राशि:- कर्क राशि वालों के लिए बुध का गोचर अष्टम भाव से होगा फलस्वरूप यह समय थोड़ा तनाव युक्त रहेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, छोटे भाई-बहन के स्वास्थ्य में परेशानी रह सकती है, छोटे भाई-बहन से फालतू विवाद में न पड़े, 16 फरवरी से 11 मार्च तक विशेष सावधान रहें, दवाइयों पर धन व्यय हो सकता है 12 मार्च से कुछ राहत मिलेगी, कार्यस्थल पर छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, बेबजह की यात्राएं होंगी कुल मिलाकर बुध का यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ नही है फिर भी आपको अपने परिवार का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

5. सिंह राशि:- सिंह राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर सप्तम भाव से होगा फलस्वरूप विवाह के योग बनेंगे, नौकरी में उन्नति होगी, दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, मन में कोई नया कार्य करने को लेकर विचार आ सकते हैं, व्यापार में लाभ होगा, बुध के वक्री होने के दौरान दामपत्य जीवन में कलह-क्लेश की स्थिति बनेगी, कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी, 12 मार्च से पुनः कुछ राहत मिलेगी और जीवन में उन्नति के मार्ग खुलते नजर आएंगे।

6. कन्या राशि:- कन्या राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर छठे भाव से होगा फलस्वरूप धन अधिक खर्च होगा, स्वास्थ्य में कोई समस्या रह सकती है, तनावपूर्ण समय बीतेगा, नौकरी के लिहाज से भी यह मिला-जुला रहेगा, कार्य का बोझ बड़ेगा किन्तु आपके सीनियर आपके कार्य से खुश रहेंगे, प्रमोशन मिलने की संभावना रहेगी, व्यापार में उन्नति होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, खराब हुए रिश्तों में सुधार होगा व मधुरता आएगी, 16 फरवरी से 18 मार्च तक स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, 19 मार्च से थोड़ी राहत मिलेगी।

7. तुला राशि:- तुला राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर पंचम भाव से होगा फलस्वरूप नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय साबित होगा, CA, MBA की पढ़ाई करने वालों के लिए यह समय बहुत शुभ रहेगा, मनोबल बढ़ेगा, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उन्हें संतान सुख मिल सकता है, 12 मार्च के बाद वाहन सुख प्राप्त हो सकता है, आय में वृद्धि के योग बनेंगे, जीवसाथी या प्रेम संगिनी के साथ किसी रोमेंटिक यात्रा पर जा सकते हैं।

8. वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर चतुर्थ भाव से होगा फलस्वरूप सुख-संसाधनों में वृद्धि होगी, परिवार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी, बुध के वक्री रहने के दौरान खर्च बढ़ेगा, छाती में दर्द या जकड़न की समस्या हो सकती है किन्तु 12 मार्च से पुनः राहत मिलेगी, आय में वृद्धि के अवसर प्राप्त होंगे।

9. धनु राशि:- धनु राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर तीसरे भाव से होगा फलस्वरूप यात्राएं होंगी व उन यात्राओं से लाभ भी प्राप्त होगा, मित्रों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, बुध के वक्री रहने के दौरान फालतू के विवाद होंगे, धन व्यय होगा किन्तु 11 मार्च से राहत मिलती दिखेगी, आय के नए माध्यम बनेंगे, प्रमोशन होने की संभावना रहेगी।

10. मकर राशि:- मकर राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर दूसरे भाव से होगा फलस्वरूप भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, यात्राएं होंगी व उनसे लाभ भी मिलेगा, शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी, रुके हुए कार्य पूरे होंगे, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, बुध के वक्री रहने के दौरान त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती है, गले की समस्या भी रह सकती है, वाणी पर नियंत्रण रखें, 11 मार्च के बाद पुनः राहत मिलेगी तथा कोर्ट-कचहरी में सफलता मिलेगी।

11. कुंभ राशि:- कुंभ राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर लग्न से होगा फलस्वरूप शोध के विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, तनाव की स्थितियाँ बनेंगी, बुध के वक्री रहने के दौरान स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें 12 मार्च से पुनः राहत मिलेगी, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, आपकी बुद्धि से लिए हुए कई फैसले आपकी उन्नति में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।

12. मीन राशि:- मीन राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर द्वादश भाव से होगा फलस्वरूप खर्च अधिक होगा क्योंकि द्वादश भाव व्यय का भाव है, यात्राओं पर धन व्यय होगा, मकान बनवाने का सुख प्राप्त हो सकता है, घर के माहौल में तनाव की स्थिति बन सकती है, दाम्पत्य जीवन में कलह हो सकता है, 13 मार्च के बाद से कुछ राहत मिलेगी व खर्च पर थोड़ा अंकुश लगेगा, धन संचय हो सकेगा, जीवनसाथी से मधुर संबंध बनेगा, नौकरी पेशा लोगों का स्थान परिवर्तन हो सकता है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
Astrologer:- Pooshark Jetly
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Numerology

मूलांक क्या होता है:-

अंग्रेजी महीनों के किसी महीने में 30 तो किसी महीने में 31 दिन होते हैं, आमतौर पर 1 से 9 तारीख तक जन्मे व्यक्तियों के जन्मांक को ही मूलांक कहते हैं, इससे आगे की तारीख जोड़कर मूलांक बनाया जाता है।

सामान्य भाषा मे जन्म तारीख के जोड़ को मूलांक कहते हैं मूलांक केवल 1 से 9 अंक तक ही होते हैं।

उदहारण के लिए मान लीजिए किसी व्यक्ति का जन्म किसी महीने के 2 तारीख को हुआ हो तो उसका मूलांक 2 हुआ, ठीक उसी तरह यदि किसी व्यक्ति का जन्म किसी महीने के 5 तारीख को हुआ है तो उसका मूलांक 5 हुआ उसी तरह से 1 से 9 अंक तक की तारीख के जन्मे व्यक्ति का मूलांक निकाला जाता है।

यदि किसी व्यक्ति का जन्म 9 से ज्यादा तारीख का तो कैसे निकाले मूलांक:-

यदि किसी व्यक्ति का जन्म 9 से ऊपर तारीख का हो तो उन दोनों अंकों को जोड़कर जो अंक प्राप्त होता है उसको मूलांक कहते हैं।

उदहारण:-

10 तारीख के जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1+0= 1 हुआ।

11 तारीख के जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1+1= 2 हुआ।

25 तरीख के जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2+5= 7 हुआ।

इसी तरह सभी व्यक्तियों का मूलांक निकलता है।
Astrologer:- Pooshark Jetly
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नक्षत्र व उनके नाम:-

नक्षत्र क्या है:-

आप सभी ने ज्योतिष में ग्रहों के साथ-साथ नक्षत्रों का नाम बहुत सुना होगा लेकिन नक्षत्र है क्या यह बहुत ही कम लोगों को पता होगा तो मैं आप सभी को सरल शब्दों में यह बताने का प्रयास करता हूँ कि आखिर नक्षत्र क्या है।

तारागण में से ही कतिपय को महर्षियों ने नक्षत्र नाम से पुकारा है, यदि हमें एक जगह से दूसरी जगह पर जाना पड़े और उस स्थान तक पहुंचने के लिए सड़क भी हो तो जब तक उस सड़क का विभाग किसी रीति से जैसे कोस या मील द्वारा न किया जाए तब तक यह कहना कि अमुक घटना उस सड़क पर चलते हुए किस स्थान में हुई थी बड़ा ही कठिन होगा इसलिए सड़कों को माइलों में विभक्त करने की प्रणाली है और प्रति माइल को भी चार भागों में बांटकर १/२, १/४ इत्यादि चिन्ह दे दिया गया इन चिन्हों के द्वारा किसी घटना के स्थान को बड़ी ही सरलता से बतलाया जा सकता है जैसे अमुक घटना इतनी माइल तय करने पर दसवें माइल के चतुर्थांश या अर्धांश पर हुई।

अतएव महर्षियों ने आकाश-मंडल के तारों की पूर्व-पश्चिम गति से २७ भागों में विभक्त किया है तथा प्रति भाग का नाम नक्षत्र रखा है इसलिए आप यदि ध्यान देकर देखेंगे तो यह प्रतीत होगा कि इन २७ नक्षत्रों की एक माला पृथ्वी के चारों ओर (पूर्व से पश्चिम) दिशा की ओर पड़ी हुई है।

कई तारों के समुदाय को ही नक्षत्र कहते हैं उन तारों को एक दूसरे से युक्ति पूर्वक रेखा द्वारा मिला देने से कहीं अश्व, कहीं शिर, कहीं गाड़ी और कहीं सर्पादि का चिन्ह बन जाता है (1. अश्विनी, 2. भरणी, 3. कृत्तिका , 4. रोहिणी, 5. मृगशिरा, 6. आद्रा, 7. पुनर्वसु, 8. पुष्य, 9. अश्लेषा , 10. मघा, 11. पूर्वाफाल्गुनी, 12. उत्तराफाल्गुनी, 13. हस्त, 14. चित्रा, 15. स्वाती, 16. विशाखा, 17. अनुराधा, 18. ज्येष्ठा, 19. मूल, 20, पूर्वाषाढा, 21. उत्तराषाढा, 22. श्रवण , 23. धनिष्ठा, 24. शतभिषा, 25. पूर्वाभाद्रपद, 26. उत्तराभाद्रपद, 27. रेवती।) यह 27 नक्षत्रों के नाम हैं।

तात्पर्य यही है कि इस भूमण्डल के चारों तरफ जो तारागण है जिन्हें महर्षियों ने २७ नक्षत्रों के नाम से पुकारा उनके द्वारा आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति का ठीक-ठीक बोध होता है जैसे सड़क के पथिक को मील चिन्ह से कहना सुगम होता है कि अमुक दूरी पर पहुंच गया, उसी तरह ज्योतिषियों को यह कहना सरल होगा कि अमुक ग्रह, अमुक समय में, अमुक नक्षत्र में था या है।

यदि इसको दूसरे शब्दों में समझें तो पुराणों में इन 27 नक्षत्रों का उल्लेख प्रजापति दक्ष की पुत्रियों के रूप में किया है जिनका विवाह चन्द्रमा के साथ हुआ था, पुराणों के अनुसार ऋषि मुनियों ने आकाश का विभाजन 12 बराबर हिस्सों में कर दिया था जिन्हें हम 12 अलग-अलग राशियों मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन के नाम से जानते हैं इनके और सूक्ष्‍म अध्‍यन के लिए ऋषि मुनियों ने इन्हें 27 बराबर भागों में बांट दिया, जिसके परिणाम स्वरुप एक राशि में 2.25 नक्षत्र आते हैं, चन्द्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा को 27.3 अर्थात लगभग 28 दिन में पूरी करता है वैदिक ज्योतिषी के अनुसार चन्द्रमा प्रतिदिन लगभग एक भाग (नक्षत्र) की यात्रा करता है नक्षत्रों की गढ़ना के बिना सही फलकथन नही किया जा सकता है इसलिए नक्षत्र हमारे वैदिक ज्योतिष के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं।
Astrologer:- Pooshark Jetly
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Gochar Fal Prediction

मीन लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा:-

मीन लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 अच्छा रहेगा अभी तक कर्म स्थान पर शनि का गोचर होने के कारण से कार्य क्षेत्र में बाधाएं आ रही थी और प्रमोशन रुका हुआ था साथ ही बिज़नेस में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले वर्ष 2020 में इन सभी से राहत मिलेगी दसवें भाव में आया हुआ गुरु और लाभ भाव से गोचर कर रहा शनि बेहद शुभ रहेगा, लग्नेश गुरु दसवें भाव से अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर करेंगे जो कि जीवन में स्थिरता लाएंगे, जो लोग पिछले ढाई वर्ष से प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे उनका प्रमोशन होगा, बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलेगी, कार्य स्थल में बदलाव भी संभव है, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा वर्ष 2019 में मीन लग्न वालों को संतान का सुख मिला जो लोग संतान की चाह रख रहे थे उन्हें संतान प्राप्त हुई अब वर्ष 2020 में उन्नति होगी, आय में वृद्धि होगी, भूमि-मकान का सुख प्राप्त होगा, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, घर के माहौल में शांति अनुभव होगी, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा।
29 मार्च 2020 को गुरु गोचर परिवर्तन कर अपनी नीच राशि मकर राशि में जाएंगे जहाँ अपनी ही राशि से गोचर कर रहे शनि से युति कर के नीचभंग राजयोग बनाएंगे फल स्वरूप आय में वृद्धि होगी, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनकी उन्नति होगी, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके प्रेम विवाह के योग बनेंगे, नए मित्र बनेंगे, दाम्पत्य सुख अच्छा रहेगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, ज्यादा चिकनाई वाली चीजों से परहेज करें नही तो पेट की समस्या हो सकती है।
अभी सितंबर 2020 तक राहु का गोचर चतुर्थ भाव से रहेगा जिस कारण से सितंबर 2020 तक मन में अशांति अनुभव होगी, यदि आप घर खरीदना चाहते हैं तो सितंबर तक और इंतजार करें तो अच्छा रहेगा, दसवें घर से केतु का गोचर अचानक से कार्य क्षेत्र में सफलता देगा, 24 जनवरी 2020 से शनि का गोचर ग्याहरवें भाव से होने के कारण से आय के नए स्त्रोत बनेंगे, जीवन में भागा-दौड़ी रहेगी, वाहन सावधानी से चलाएं, फिजूल के खर्चे होंगे, यदि भ्रष्टाचार से जुड़ा करते हैं तो सतर्क रहें जेल यात्रा हो सकती है, अध्यात्म की ओर झुकाव रहेगा, जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उन्हें सरकारी नौकरी प्राप्त होगी, कोई तीसरा व्यक्ति आपके व आपकी पत्नी/प्रेमिका के बीच संबंध में कड़वाहट ला सकता है, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें।
कुल मिलाकर मीन लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 अच्छा रहेगा जिसमें भूमि-मकान का सुख प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, प्रमोशन मिलेगा, नौकरी परिवर्तन हो सकता है, वर्ष के शुरुवात मतलब अप्रैल से जून तक प्रेम विवाह के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, सितंबर बाद से घर का माहौल अच्छा होगा, मन में संतोष अनुभव होगा, मेहनत का पूर्ण फल मिलेगा, अध्यात्म की ओर झुकाव बढेगा मेरे अनुसार यदि मीन लग्न के व्यक्ति विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें व मधुराष्टकं का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।
बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।
जय श्री राम।
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शनि का मकर राशि से गोचर:-

24 जनवरी 2020 को मौनी अमावस्या के दिन मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं शनि 20 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 9 मिनट 58 सेकंड पर धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में चले गए हैं जिसका प्रत्येक राशि पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा तो चलिए जानते हैं कि शनि का मकर राशि से गोचर के दौरान किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

शनि के मकर राशि में प्रवेश करने से धनु, मकर व कुंभ राशि पर साढ़ेसाती व मिथुन और तुला राशि वालों पर ढैया का प्रभाव रहेगा।

1. मेष राशि:- शनि का गोचर आपके कर्म भाव अर्थात दसवें भाव से होगा जिस कारण से जीवन में कुछ स्थायित्व आएगा, जिनकी उम्र 36 वर्ष के आस-पास है उनके लिए यह गोचर सफलता के नए मार्ग लेकर आएगा व अचानक से कोई बड़ी सफलता प्राप्त होगी, नौकरी में परिवर्तन या प्रमोशन होने के योग बनेंगे, जो लोग बेरोजगार हैं उन्हें नौकरी मिलेगी, कार्यस्थल पर आपके सीनियर आपकी प्रशंसा करेंगे, व्यापारियों के लिए शनि का यह गोचर मिला-जुला रहेगा, पार्टनरशिप में यदि आपका बिज़नेस है तो नुकसान हो सकता है, धोखा मिलने के योग हैं, स्वास्थ्य के लिहाज से शनि का यह गोचर बहुत शुभ नही रहेगा, विवाह के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, वाहन सावधनी से चलाएं।

उपाय:- सुंदरकांड का पाठ करें।

2. वृषभ राशि:- वृषभ राशि वालों के लिए शनि का यह गोचर अच्छा रहेगा लंबे समय से रुके कार्य पूरे होंगे, नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रमोशन के योग बनेंगे, सरकारी नौकरी वालों के लिए यह वर्ष संघर्ष भरा रहेगा, विदेश यात्रा के योग बनेंगे, व्यापारियों को शत्रुओं से हानि हो सकती है, जल्दबाजी में निर्णय लेने पड़ सकते हैं जिससे आपको नुकसान पहुंचेगा, किसी से प्रेम करते हैं तो यह अच्छा समय सिद्ध होगा, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, यदि आपकी संतान है तो उनकी उन्नति होगी, त्वचा रोग हो सकता है, जिनकी उम्र 55-60 या उसके ऊपर है उन्हें अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा।

उपाय:- 8 शनिवार के दिन किसी गरीब को काली चप्पल दान करें।

3. मिथुन राशि:- मिथुन राशि वालों के अष्टम भाव से शनि का गोचर होगा अष्टम से शनि का गोचर शुभ नही होता ऐसा ग्रंथकारों का भी मत है, शनि के मकर राशि से गोचर के कारण से आपको स्वस्थ्य का विशेष ख्याल रखना चाहिए, आप शनि की ढैया के प्रभाव में रहेंगे, कुटुंब से मतभेद हो सकता है, पशु/वाहन/हथियार से चोट लग सकती है, कार्यक्षेत्र में कोई भी निर्णय सोच-समझ कर लें, काम का बोझ पड़ सकता है, नौकरी परिवर्तन की चाह होगी किन्तु नौकरी परिवर्तन न करना आपके लिए अच्छा रहेगा, धोखा मिल सकता है, पैसा किसी को उधार न दें नही तो फँस सकता है, वाणी पर नियंत्रण रखें, धन अधिक खर्च होगा कुल मिलाकर शनि का यह गोचर आपके लिए संघर्ष भरा रहेगा।

उपाय:- शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर तेल का दीपक अर्पित करें व शनि स्तोत्र का पाठ करें।

4. कर्क राशि:- शनि का गोचर आपके सप्तम भाव से होगा जिस कारण से नौकरी में कुछ अड़चन आ सकती है, अपने सीनियर से संबंध खराब हो सकते है जी कारण से स्थान परिवर्तन या नौकरी परिवर्तन हो सकता है, मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी, सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, व्यापारियो के लिए शनि का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा काफी समय से रुके हुए प्रोजेक्ट पूरे होंगे, नया बिज़नेस शुरू हो सकता है, अगर पार्टनरशिप में आप बिज़नेस करते हसीन तो पार्टनर से धोखा मिल सकता है, प्रेमियों के लिए यह गोचर अच्छा साबित होगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके प्रेम विवाह के योग बनेंगे, दाम्पत्य जीवन अच्छा रहेगा, संतान सुख मिलेगा, स्वास्थ्य के लिहाज से शनि का यह गोचर बहुत शुभ नही है, खान-पान का ख्याल रखें, पाचन क्रिया में समस्या आ सकती है।

उपाय:- विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करे।

5. सिंह राशि:- सिंह राशि वालों के लिए छठे भाव से शनि का गोचर होगा जिस कारण से नौकरी में के प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, विरोधी आपके लिए परेशानियां खड़ी कर सकते हैं, अपने सीनियर से संबंध खराब हो सकते हैं, व्यवसाय को चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है, कोई नया व्यापार न शुरू करें, निवेश करने से नुकसान हो सकता है, सरकारी नौकरी करने वालों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, सरकारी नौकरी लग सकती है, विदेश यात्रा हो सकती है, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके प्रेम संबंध अप्रैल के बाद मधुर होंगे, कार्यस्थल पर किसी से प्रेम का इजहार कर सकते हैं, दाम्पत्य जीवन मिला-जुला रहेगा।

उपाय:- शनिवार के दिन छाया दान करें व हनुमाष्टक का पाठ करे।

6. कन्या राशि:- शनि का आपके पंचम भाव से गोचर होगा जिस कारण से अब तक जो समस्याएं आ रही थी उससे काफी आराम मिलेगा, यदि पार्टनरशिप में काम करते हैं तो थोड़ा सतर्क रहें, आय के नए स्त्रोत बनेंगे, नौकरी परिवर्तन हो सकती है, सीनियर से संबंध मधुर होंगे, बेरोजगार लोगों की नौकरी लग सकती है, प्रमोशन होने के भी योग बनेंगे, जो लोग ऐसी कंपनी में काम करते है जिसका संबंध विदेश से है तो आफिस के काम से विदेश यात्रा भी हो सकती है, प्रेमियों के लिए शनि का यह गोचर बहुत अच्छा रहेगा उनका विवाह भी हो सकता है, प्रेमी/प्रेमिका के साथ कहीं बाहर घूमने भी जा सकते हैं, स्वास्थ्य के लिहाज से थोड़ा सावधान रहें, चोट लगने की संभावना रहेगी, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

उपाय:- नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें।

7. तुला राशि:- तुला राशि वालों के लिए शनि का चौथे भाव से गोचर के कारण से फिजूल खर्च बड़ेगा, नौकरी में परेशानियां रहेंगी, काम मे मन नही लगेगा, कार्यस्थल पर फालतू के विवाद के कारण मन खिन्न रहेगा, घर के माहौल में तनाव रहेगा, अपने सीनियर से संबंध खराब हो सकते हैं, जो लोग बिज़नेस करते हैं उनकी चिंताएं बढ़ेंगी, दूसरों की सलाह से कार्य न करें, साझेदारी के कार्य में सफलता मिलेगी, प्रेम विवाह होने के योग हैं, प्रेमियों के लिए अच्छा समय रहेगा, स्वास्थ्य के लिहाज से शनि का यह गोचर मिला-जुला फल देगा, वाहन सावधानी से चलाएं।

उपाय:- दुर्गा सप्तशती का नित्य पाठ करें।

8. वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि वालों के लिए तीसरे भाव से शनि का गोचर शुभ रहेगा, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, फिजूल खर्च से राहत मिलेगी, लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे, आय के नए स्त्रोत बनेंगे, प्रमोशन या नौकरी परिवर्तन हो सकता है, कार्य को लेकर विदेश यात्रा भी हो सकती है, पार्टनरशिप में नया बिज़नेस शुरू कर सकते हैं, प्रेम विवाह होने के योग बनेंगे, मौसम बदलने पर स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, यदि आपकी उम्र 55-60 है तो स्वस्थ्य का विशेष ख्याल रखें, कुल मालकर वृश्चिक लग्न वालों के लिए शनि का यह गो हर कई प्रकार से शुभ रहेगा।

उपाय:- सुंदरकांड का नित्य पाठ करें।

9. धनु राशि:- धनु राशि वालों के लिए दूसरे भाव से शनि का गोचर होगा जिस कारण से धन अधिक खर्च होगा, शनि के स्वराशि गोचर करने के कारण से कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, शत्रुओ से सावधान रहें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें दवाइयों पर धन व्यय हो सकता है, पार्टनरशिप में लाभ मिलेगा, प्रेमियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, प्रेम विवाह के योग बनेंगे, माता व जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यात्राओं पर धन व्यय होगा, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, घर में मांगलिक कार्यक्रम होंगे, संतान सुख प्राप्त होगा।

उपाय:- विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें।

10. मकर राशि:- मकर राशि वालों के लिए लग्न से शनि का गोचर होगा जो कि शश योग बनाएगा, कार्यक्षेत्र में प्रतिद्वंदी के कारण से तनाव रह सकता है, बिज़नेस के लिए अच्छा समय साबित होगा, बिज़नेस में तरक्की होगी, अपने सीनियर से बनाकर चलें, पिता की उन्नति होगी, स्वास्थ्य के लिहाज से यह गोचर मिला-जुला फल देगा, खुद पर धन व्यय होगा, नए शौंक उत्पन्न होंगे, विवाह के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, नौकरी में संघर्ष से उन्नति प्राप्त होगी, दाम्पत्य जीवन में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, कुटुंब से मतभेद हो सकता है, आवेश में आने से बचें, यदि दवाइयों, धातु, तेल, खनिज का व्यापार है तो अच्छी उन्नति होगी।

उपाय:- शनि चालीसा का पाठ करें।

11. कुंभ राशि:- कुंभ राशि वालों के लिए द्वादश भाव से शनि का गोचर रहेगा विदेश यात्रा के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, पशु, वाहन, हथियार से चोट लग सकती है, शत्रुओ से सावधान रहें, धोखा मिल सकता है, अध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, अकेलापन अनुभव होगा, नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, जीवन में भाग-दौड़ रहेगी, घर में मंगलिक कार्यक्रम होंगे, ख़र्च अधिक होंगे, विवाह के योग बनेंगे, दाम्पत्य जीवन मिला-जुला रहेगा।

उपाय:- शिव जी का नित्य दुग्धाभिषेक करें।

12. मीन राशि:- मीन राशि वालों के लिए शनि का लाभ भाव से गोचर शुभ रहेगा किसी ऐसे व्यक्ति से संपर्क होगा जो आपकी नौकरी व बिज़नेस की उन्नति में सहायक सिद्ध होगा, आय में वृद्धि होगी, प्रमोशन मिल सकता है, नौकरी परिवर्तन के भी योग बनेंगे, सरकारी नौकरी प्राप्त हो सकती है, प्रेमियों के लिए यह समय अच्छा नही रहेगा, दाम्पत्य जीवन में भी कुछ दिक्कतें रह सकती है, खर्च अधिक होगा, कोई तीसरा व्यक्ति आपके प्रेमी/प्रेमिका व जीवनसाथी से संबंध खराब कर सकता है, स्वस्थ्य के लिहाज से यह अच्छा समय रहेगा, लंबे समय से चली आ रही बीमारी से छुटकारा मिलेगा, वाहन सावधानी से चलाएं, संतान को लेकर कुछ चिंता रह सकती है।

उपाय:- विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें।
Astrologer:- Pooshark Jetly
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कुछ अचूक टोटके व शाबर मंत्र

सभी प्रकार के अरिष्ट को भंग करने का यंत्र:-

आज मैं आप सभी लोगों को एक ऐसा उपाय बताता हूँ जिसको पूर्ण विधि-विधान से कर लेने पर सभी प्रकार के रोग, व्याधि से छुटकारा मिल जाता है यदि कुंडली में कोई अरिष्ट योग हो जैसे:- बालारिष्ट योग, योगारिष्ट योग, अल्प मृत्यु योग से रक्षा होती है यहां तक कि इस उपाय को करने से ऊपरी बाधा से भी मुक्ति मिल जाती है।

महारक्षा यंत्र:-

इस यंत्र को बनाने के लिए गोरोचन, कुंकुम या चंदन, कपूर और भोजपत्र की आवश्यकता होती है और इस यंत्र को रवि पुष्य योग या गुरु पुष्य योग के दिन बनाना चाहिए फिर इस यंत्र को सफेद धागे से लपेटकर रेशमी वस्त्र से ढक कर विधिवत पूजन करने के लिए कलश के ऊपर रखना चाहिए तत्पश्चात गंध, पुष्प, नैवेध, धूप, दीप से विधिवत पूजन पंचोपचार पूजन कर के चांदी के ताबीज में कर के धारण करना चाहिए।

इस यंत्र को धारण करने से केवल रोग या अरिष्ट ही भंग नही होते बल्कि शत्रुओं से भी छुटकारा मिल जाता है साथ ही अरिष्ट ग्रहों का स्तंभन होकर सुख व सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
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Gochar Fal Prediction

कुंभ लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 कैसा रहेगा

कुंभ लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 मिला-जुला रहेगा लग्नेश का व्यय भाव से गोचर अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ाएगा, विदेश यात्रा के योग बनेंगे, नौकरी में परिवर्तन या कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है, अकेलापन अनुभव होगा, चूँकि लग्नेश खुद से व्यय में गोचर करेंगे तो स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, पशु/वाहन/हथियार से चोट लग सकती है, खर्च अधिक होगा, शनि की तीसरी दृष्टि धन भाव पर होने से धन संचय में कठिनाई आएगी, वाणी थोड़ी कटु हो सकती है, कुटुंब से मतभेद हो सकते हैं, शनि की सातवीं दृष्टि छठे भाव रोग व शत्रु के भाव पर होने के कारण से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, जिनकी उम्र 55-60 के ऊपर है उनके पैरों, जोड़ों व कमर में दर्द की शिकायत हो सकती है, शनि की दसवीं दृष्टि भाग्य स्थान पर होने से भाग्य की वृद्धि होगी, धार्मिक कार्यों में धन व्यय होगा, घर में कोई मंगलिक कार्यक्रम होने पर धन व्यय होगा, पिता की उन्नति होगी, जिनकी उम्र 36-37 है उनको अचानक से कोई बड़ी सफलता प्राप्त होगी।

लाभ भाव से गुरु का अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर बेहद शुभ रहेगा क्योंकि कुंभ लग्न की कुंडली में गुरु धनेश व लाभेश होता है अतः आय में वृद्धि होगी, आय के नए स्त्रोत बनेंगे, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनकी उन्नति होगी व उनके विवाह के योग बनेंगे, गुरु की पंचम दृष्टि तीसरे भाव पर होने से छोटे भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, मेहनत का पूर्ण फल मिलेगा, गुरु की सप्तम दृष्टि पंचम भाव पर होने से संतान की उन्नति होगी, जिनका विवाह हो गया है और संतान की चाह रखते हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा, संतान से संबंध मधुर होंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके लिए यह समय अच्छा सिद्ध होगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, विद्या प्राप्त करने के लिए यदि विदेश जाना चाहते है तो अच्छा समय रहेगा और इसमें यात्राएं भी होंगी, गुरु की नवम दृष्टि सप्तम भाव में होने से दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी, जो विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के योग बनेंगे, नौकरी में उन्नति होगी, नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, नए मित्र बनेंगे।

29 मार्च 2020 को गुरु मकर राशि में जाएंगे और नीचभंग राजयोग बनाएंगे फलस्वरूप यात्राओं पर धन व्यय होगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें दवाइयों पर धन व्यय हो सकता है, शत्रुओं पर विजय कुछ मुश्किल से प्राप्त होगी, किसी से धोखा मिल सकता है, घर के माहौल में मधुरता आएगी, नए मेहमान का आगमन हो सकता है, दिल के मरीजों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।

पंचम भाव से राहु का गोचर होने के कारण से गैस की शिकायत हो सकती है, मन में किसी प्रकार का भय बना रह सकता है, पेट में किसी प्रकार की समस्या रह सकती है, एकादश भाव से केतु का गोचर अचानक से धन लाभ दे सकता है तथा कुछ अड़चनों का साथ धन की वृद्धि होगी, जो लोग धार्मिक कार्यों से धनार्जन करते हैं उनके लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा।

कुल मिलाकर कुंभ लग्न वालों के लिए वर्ष 2020 मिला-जुला रहेगा जिसमें आय की वृद्धि होगी, नौकरी या कार्यक्षेत्र में बदलाव होगा, यात्राओं, दवाइयों पर धन व्यय होगा, एक्सीडेंट होने के योग बनेंगे, किसी से धोखा मिल सकता है, भ्रष्टाचार से जुड़ा यदि कोई कार्य करते हैं तो जेल यात्रा हो सकती है मेरे अनुसार यदि कुंभ लग्न के व्यक्ति नित्य सुंदरकांड का पाठ करें व मधुराष्टकं/विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें तो लाभ मिलेगा।

बाकी कौन सा महीना आपके लिए कैसा रहेगा और उस महीने में कौन सा दिन आपके लिए शुभ है व कौन सा अशुभ इसके लिए मैं हर महीने गोचरफल लिखूँगा अतः आप सभी जुड़े रहें व अपना अनुभव भी समय के साथ साझा करते रहें।

जय श्री राम।
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