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भाग्यांक 9 के व्यक्ति दृढ़ इच्छाशक्ति के एवं साहसी होते हैं, क्रोध इनकी नाक पर रहता है और ये जरा-जरा सी बात पर तुनक जाते हैं या विरोध कर बैठते हैं इनका सबसे बड़ा गुण तार्किकता होता है भले ही वह तर्क सत्य के लिए हो या असत्य के लिए, ये जिस ओर भी रहते हैं वह पक्ष स्वतः ही प्रवल हो जाता है, परन्तु यह गुण कभी-कभी सीमा भी लांघ जाता है और मामूली बातों के लिए भी ये जिद्द करने लग जाते हैं, साधारण कुल में जन्म लेकर और विपरीत परिस्थितियों में पलकर भी ये व्यक्ति महान बनते हैं, नही शब्द तो इनके शब्दकोश में ही नही है हर बात के लिए संघर्ष करना और तब तक करते रहना जब तक कि सफलता न मिल जाए, इनका लक्ष्य होता है।
अंक ज्योतिष
बाधाओं, संकटों एवं तकलीफों में भी भाग्यांक 9 वाले व्यक्ति अपनी राह निकाल ही लेते हैं, इनको जीवन में पारिवारिक सहयोग नही के बराबर ही मिलता है, परंतु फिर भी ये हिम्मत नही हारते, घबराते नही और न ही पीछे हटते हैं, इनके जीवन का मूल मंत्र ही आगे बढ़ना होता है और ये निरंतर आगे बढ़ते रहते हैं और तभी संतुष्ट होते हैं जब अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लें अपरिचित से अपरिचित व्यक्ति से भी मित्रता कर लेने में भी भाग्यांक 9 वाले व्यक्ति निपुण होते हैं और रक्त सम्बंधित, पेट जनित रोग से परेशान रहते हैं, हार्ट अटैक, रक्त चाप की बीमारी भी इन्हें हो सकती हैं और ये व्यक्ति जीवन को जीने की कला जानते हैं और उसमें सफल भी होते हैं, मशीनरी उधोग, मैनेजर, शोध आदि के कार्यों में भाग्यांक 9 वालों की रुचि होती है, इनका गृहस्थ जीवन ठीक नही कहा जा सकता क्योंकि पति-पत्नी में परस्पर कलह होते रहते हैं, दोनों सामान्यतः दो दिशाओं की ओर चलने वाले होते हैं और एक-दूसरे की भावनाओ को समझ नही पाते, अतः इनको अपने क्रोध और हठी स्वभाव पर नियंत्रण रखना चाहिए।
कुल मिलाकर भाग्यांक 9 के व्यक्ति भाग्य के धनी होते हैं इसमें कोई संदेह नही है।
भाग्यांक 8 वाले व्यक्ति न तो जीवन में खतरा उठाने की सोचते हैं और न ही किसी ऐसे काम में हाथ डालते हैं जिसमें खतरा हो या गंभीर जिम्मेदारी हो, वे अपने जीवन को आराम से जीने में विश्वास रखते हैं, ऐसे व्यक्ति में गोपनीयता जैसी कोई बात नही होती, इनके पेट में कभी कोई बात नही पचती कहने का आशय यह है कि जो भी रहस्य इनको पता होगा व शीघ्रातिशीघ्र लोगों को बताने को आतुर रहते हैं अतः ये महत्वपूर्ण एव गोपनीय प्रतिष्ठानों में सफल नही हो पाते हैं, फक्कड़, मौजी स्वभाव और सब कुछ लुटाकर भी मस्त रहने वाले भाग्यांक 8 के दीवानों की दुनिया ही निराली होती है, मौज में आ गए तो पहने हुए वस्त्र भी उतार कर दे देते हैं और यदि चिढ़ गए तो एक रुपया भी खर्च नही करते हैं, भाग्यांक 8 वाले व्यक्ति खुद को कुछ इस प्रकार प्रदर्शित करते हैं जैसे ये अत्यधिक व्यस्त हों, इनके जीवन में वास्तविकता कम व दिखावा अधिक होता है।
अंक ज्योतिष
भाग्यांक 8 वाले व्यक्ति ‘Short Cut Man’ कहलाते हैं, लम्बा-चौड़ा हिसाब इन्हें पसंद नही होता क्योंकि गणित के आंकड़ों में इनका मन नही रमता है, व्यर्थ के वाद-विवादों में भाग्यांक 8 वाले व्यक्ति नही उलझते, कल क्या होगा इसकी चिंता इन्हें नही होती बस केवल आज में ही जीना इन्हें पसंद होता है, आर्थिक दृष्टि से भाग्यांक 8 वाले व्यक्ति “खाऊ-खरचू” कहलाते हैं खाया और उड़ाया इनके जीवन का मंत्र होता है फलस्वरूप संग्रह की वृत्ति इनमें नही पनपती और न तो ये धन संचय में विश्वास रखते हैं, मित्रों की दृष्टि से ये सौभाग्यशाली होते हैं और जीवन में मित्रों की कृपा पर ही जीवित रहते हैं, भाग्यांक 8 वालों का स्वास्थ्य सुंदर, दृढ़ और आकर्षक होता है पर साथ ही लापरवाही भी इनके इर्द-गिर्द मंडराती रहती है, इंश्योरेंस, खनिज कार्य तथा उन सभी कार्यों अधिकाधिक जनसंपर्क हो उसमें भाग्यांक 8 वाले व्यक्ति अधिक सफल होते हैं, इन लोगों को चाहिए कि व्यर्थ की बातों में समय न गंवाएं और ऐसा प्रदर्शन भी न करें जिसमें लापरवाही झलकती हो, यदि भाग्यांक 8 वाले व्यक्ति अपने आप पर नियंत्रण रखें तो निश्चय ही सफल होकर उन्नति की ओर अग्रसर हो सकते हैं।
मीन लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का लग्न से गोचर रहेगा अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, क्रोध पर नियंत्रण रखें, ज्वर या नेत्रों में कोई तकलीफ संभव रहेगी, 13 अप्रैल को सूर्य गोचर बदलकर दूसरे भाव से अपनी उच्च राशि मेष से गोचर करेंगे फलस्वरूप अचानक से रुका हुआ धन मिलने के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें क्योंकि छोटी सी लापरवाही आपका धन दवाईयों पर व्यय कराएगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, माह के शुरुवात में बुध का गोचर आपके द्वादश भाव से रहेगा अतः माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेंगे, कार्य के सिलसिले से छोटी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, 7 अप्रैल को बुध गोचर बदलकर आपके लग्न में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, घर के किसी सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, नौकरी पेशा लोगों के लिए उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, मित्रों से लाभ होगा, 25 अप्रैल को बुध पुनः गोचर बदलकर दूसरे भाव में जाएंगे फलस्वरूप माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, आपकी वाणी लोगों को कटु लगने के कारण से विवाद की स्थिति उत्पन्न होगी अतः घर-परिवार या जहाँ अधिक लोग एकत्रित हों वहाँ बहुत सोच-समझ कर ही बोलें, आय में वृद्धि होगी।
मीन राशि
माह के शुरुवात में शुक्र का तीसरे भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप छोटे भाई-बहन का पूर्ण सहयोग मिलेगा व उनकी उन्नति भी होगी, नए मित्र बनेंगे व मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा, भाग्य की वृद्धि होगी, यदि आपके छोटे भाई-बहन विवाह योग्य हो गए हैं तो उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, माह के शुरुवात में गुरु, शनि व मंगल का एकादश भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, बड़े भाई-बहन का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, यदि आपका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं तो अप्रैल, मई, जून यह तीन माह आपके लिए अच्छा सिद्ध होगा, संतान की उन्नति होगी, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, प्रेमियों के लिए यह माह प्रेम विवाह के योग बनाएगा, वाहन सावधानी से चलाएं, जिनकी उम्र 55-60 से अधिक है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, यदि आप पार्टनरशिप में कोई कार्य करते हैं तो यह माह आपके अच्छा सिद्ध होगा, यदि आप शेयर मार्केट या कहीं पैसा लगाना चाहते हैं तो यह माह आपके लिए शुभ रहेगा, माह के शुरुवात में राहु का गोचर आपके चतुर्थ भाव से रहेगा जिस कारण से घर के माहौल में कभी-कभी अशांति अनुभव होगी, यदि आप घर लेना चाहते हैं तो सितंबर तक रुक जाएं क्योंकि चतुर्थ भाव से राहु का गोचर वास्तु दोष से निर्मित घर दिलवाता है, माह के शुरुवात में दशम भाव से केतु का गोचर रहेगा फलस्वरूप मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेंगे।
कुल मिलाकर मीन लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 सामान्य रहेगा जिसमे अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, नए मित्र बनेंगे, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, प्रेम विवाह के योग बनेंगे, यदि आपके छोटे भाई-बहन विवाह योग्य हो गए हैं तो उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, ज्वर, नेत्रों में तकलीफ, सर दर्द, वाहन से चोट, जोड़ों, कमर व पैर में दर्द की शिकायत के योग बनेंगे अतः स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, आय में वृद्धि होगी, भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, माह की 5, 6, 7, 8, 10, 12, 15, 17, 18, 19, 25 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मीन लग्न के व्यक्ति नित्य विष्णु सहस्रनाम व सुंदरकांड का पाठ करें तो लाभ होगा।
भाग्यांक 7 एक चुनौती भरा अंक है, जो दिलेर है, साहसी है, हिम्मत से ओत-प्रोत है ऐसे व्यक्ति जीवन को चुनौती के रूप में देखना पसंद करते है और चुनौती हो हर समय स्वीकार करने के लिए तैयार रहते हैं इनका एक ही लक्ष्य होता है अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहना, फिर भले ही मार्ग में कितनी ही बाधाएं, परेशानी एवं संकट आए ये व्यक्ति पीछे हटना पसंद नही करते, निराशा इनको छू नही सकती, हां यह बात अवश्य है कि जितने अधिक संघर्ष यह झेलते हैं उतने शायद ही अन्य कोई भाग्यांक का व्यक्ति झेलता होगा, परिस्थितयां प्रतिपल इनकी परीक्षा लेती रहती है, पर यह अपने लक्ष्य को सामने रखते हैं और अंत में उसमे सफलता प्राप्त कर लेते हैं, अपने कार्य में किसी का हस्तक्षेप ये स्वीकार नही करते, इनके दिमाग में यह ठीक प्रकार से व्यवस्थित होता है कि इन्हें किस समय क्या करना है और चाहे दूसरे कुछ भी कहें, कैसी भी सलाह दें, ये अपनी ही धुन में रहते हैं और वही करते हैं जो इनके दिमाग मे होता है।
अंक ज्योतिष
भाग्यांक 7 वालों की इच्छाशक्ति प्रवल होती है, कठिनाईयों में भी ये मुस्कुराते रहते हैं, विपत्तियों में ये चमचमाते हैं एवं संघर्षों में कुंदन की तरह निखरकर चकाचौंध पैदा कर देते हैं, जीवन को किस तरह से जीना चाहिए यह इन्हें बखूबी आता है, इनका स्वास्थ प्रायः ठीक रहता है, लेकिन पेट संबंधित बीमारियां यदा-कदा बनी रहती है, मित्रों से इन्हें विशेष लाभ नही होता, यद्दपि ये मित्रों के लिए अपना सर्वस्व त्यागने को तैयार रहते हैं, आर्थिक दृष्टि से ये जीवन के 28वें साल के बाद से जमते हैं तथा 36वें साल में इनका भाग्योदय होता है तथा इसके बाद भाग्यांक 7 वाले व्यक्ति आर्थिक रूप से निरंतर समृद्ध होते रहते हैं, ऐसे सभी कार्य जो उच्चस्तरीय हों, यथा बैंकिंग, योगसाधना, ज्ञान, बागवानी, विश्वविद्यालय आदि इनके अनुकूल रहते हैं तथा इन क्षेत्रों में ये अपेक्षाकृत शीघ्र सफल होते हैं, यद्दपि ये परिश्रम करने में पूर्ण विश्वास रखते हैं फिर भी ये मूडी होते हैं जो कि इनकी सबसे बड़ी कमजोरी होती है जिस कारण इनका समय-समय पर अपव्यय होता है अतः ये अपनी इस कमजोरी को दूर कर लें तो जल्द ही उन्नति प्राप्त कर सकते हैं।
भाग्यांक 6 विश्वास का अंक है साथ ही भाग्यांक 6 एक अच्छे मित्र और सलाहकार का अंक है, ऐसे व्यक्ति भावुक होते हुए भी व्यवहार कुशल होते है, भाग्यांक 6 वाले व्यक्ति सब कुछ समझते हुए भी नासमझ या बेखबर बने रहते है तथा हारते-हारते अंत में कोई ऐसी चाल चल जाते है कि पूरी बाजी ही एकदम से पलट जाती है और लोग हैरान होकर देखने लगते है, ऐसे व्यक्ति व्यवसाय में अधिक सफल होते है और यदि किसी की साझेदारी में व्यापार-व्यवसाय करते हैं तो अधिक सफल होते हैं, मित्रों में ये अधिक लोकप्रिय होते हैं और दूसरों से काम निकालने में चतुर होते हैं साथ ही ये अपने विचारों को दूसरे पर थोपने में लगे रहते हैं इनकी कोशिश यही रहती है कि लोग इनकी बात सुने ही नही बल्कि माने भी और उसका पालन भी करें अपनी बात मनवाने के लिए ये किसी भी स्तर तक जा सकते हैं।
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व्ययशील होने के कारण ऐसे व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खर्च कर डालते हैं और जिस समय खर्च करते हैं उस समय दिल खोलकर धन लुटा देते हैं इसलिए इनमे व्यवस्था का अभाव रहता है तथा आर्थिक पक्ष में व्यवस्था या नियंत्रण नही रह पाता, भाग्यांक 6वालों को मित्रों का पूर्ण सहयोग मिलता है साथ ही मित्रों से धोखा भी मिलता है फिर भी ये अपने मित्रों से लाभ प्राप्त करते रहते हैं, इनको सजावट, जवाहरात, एजेंसी, होटल, सौंदर्य प्रसाधन सामग्री, रंगमंच आदि कार्यों में सफलता मिलती है और इन्ही कार्यो से ही शीघ्र भाग्योदय होता है, स्वास्थ के प्रति सावधानी व व्यय पर नियंत्रण बना कर रखना इनके लिए बहुत जरूरी होता है जिससे ये भाग्य वृद्धि कर सकें।
भाग्यांक 5 वाले व्यक्ति पूर्णतयः परिवर्तनवादी कहे जा सकते हैं क्योंकि ये पूर्णतः सजग व चैतन्य होते हैं, एक जगह टिककर बैठना इनके वश की बात नही व एक जगह या एक ही परिस्थिति में जमकर कार्य करना भी इनके स्वभाव में नही, एक ही वातावरण में कार्य करना इन्हें सहन नही होता क्योंकि इनका एक ही मूल मंत्र रहता है वह यह कि “परिवर्तन ही जीवन है”इनके स्वभाव, आदत एव विचारों के प्रति भी कोई पक्की धारणा नही बताई जा सकती क्योंकि “क्षणे रुष्टा क्षणे तुष्टा” इनका जीवन है यदि भाग्यांक 5 के व्यक्ति अधिकारी हैं तो इनके मातहत हर दम सशंकित रहते है क्योंकि ऐसे व्यक्ति यदि किसी से प्रसन्न हो जाएं तो उस पर सब कुछ लुटा देते हैं और यदि किसी से क्रोधित हो जाएं तो उससे सब कुछ छीन लेने में भी जरा सा नही हिचकिचाते हैं, जीवन को जीने का इनका एक विशिष्ट प्रकार है, इनकी विशेष रुचियाँ हैं, आदतें हैं तथा कार्य-पद्धति है जिनमें ये हसक्षेप कतई नही पसंद करते हैं।
अंक ज्योतिष
छोटा कार्य, छोटे विचार, छोटी योजना भाग्यांक 5 वालों को पसंद नही, इनका प्रत्येक कार्य बड़े धरातल पर होता है व इनकी योजना विस्तृत होती है तथा लाखों-करोड़ों से छोटी बात करना ये अपना अपमान समझते हैं, ये जितने उत्साह से कार्य प्रारंभ करते हैं, उतनी ही निराशा से कार्य को बीच में ही अधूरा छोड़ देते हैं और इसके बाद उस ओर कतई ध्यान नही देते फलस्वरूप इन पर सहज ही विश्वास कर लेना कठिन होता है, इन्हें यात्राएं बहुत प्रिय होती है तथा भाग्यांक 5 वाले व्यक्ति ऐसे कार्य पसंद नही करते जिनमे यात्रा न हो, मित्रों के ये पक्के मित्र होते हैं और समय पड़ने पर मित्रों के लिए सब कुछ लुटा देने में भी गौरव अनुभव करते हैं, ऐसे व्यक्ति अत्यन्त कुशल एजेंट सिद्ध हो सकते हैं, ऐसे सभी कार्य जो यात्रा से संबंधित हो तथा जहाँ ये अधिक से अधिक लोगों के संपर्क में आते हों उनमें ज्यादा सफल हो जाते हैं, दामपत्य जीवन में ये वफादार नही रह सकते हैं, कुछ नवीन और अनोखे की टोह में लगे रहते हैं, तड़क-भड़क, शान-शौकत, दिखावा एवं प्रदर्शन इन्हें प्रिय होता है, इनके वस्त्र कीमती एवं सुरुचिपूर्ण होते हैं, फिजूल खर्च के द्वारा इनका बजट सदा गड़बड़ाया रहता है तथा शनै:-शनै: इनका दामपत्य जीवन कटु हो जाता है।
मकर लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में लग्नेश शनि लग्न से स्वराशि गोचर कर शशनामक योग बनाएंगे साथ ही गुरु की शनि से युति नीचभंग राजयोग का निर्माण करेंगी और लग्न से ही मंगल का अपनी उच्च राशि मकर से गोचर रूचक नामक योग बनाएगा फलस्वरूप पिछले काफी समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलेगी, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके लिए विवाह के योग बनेंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे विवाह करना चाहते हैं तो प्रेम विवाह के योग बनेंगे, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, बेरोजगार लोगों को नौकरी प्राप्त होगी, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, आपके कार्य से सीनियर खुश रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, गर्म चीजों के सेवन से बचें व वाहन सावधानी से चलाएं, पैर, जोड़ों या कमर में दर्द की समस्या रह सकती है, आपकी मेहनत का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा, घर में खुशियों का माहौल रहेगा, माता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, घर में कोई शुभ कार्य भी हो सकता है, जीवनसाथी की वाणी थोड़ी तेज रहेगी, माह के शुरुवात में बुध का दूसरे भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप वाणी पर नियंत्रण रखें व बहुत सोच-समझकर ही बोलें अन्यथा फालतू के विवाद से तनाव की स्थिति उत्पन्न होगी, दवाईयों पर धन व्यय होगा 7 अप्रैल को बुध गोचर बदलकर आपके तीसरे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे व आप उनके साथ खुशनुमा पल बिताएंगे, भाई-बहन के साथ फालतू विवाद से बचें, शत्रुओं से सावधान रहें, भाग्य की वृद्धि होगी, पिता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, मित्रों से विवाद संभव रहेगा 25 अप्रैल को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में आ जाएंगे जिस कारण से माता के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा व स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी जिस कारण से व्यर्थ के विवाद होंगे, कोई शुभ समाचार प्राप्त होने के योग बनेंगे, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा।
मकर राशि
माह के शुरुवात में सूर्य का तीसरे भाव से गोचर रहेगा जिस कारण से आपका पराक्रम बढ़ा-चढ़ा रहेगा, छोटे भाई-बहन के स्वास्थ्य में कुछ परेशानी संभव रहेगी 13 अप्रैल को सूर्य गोचर बदलकर चतुर्थ भाव में अपनी उच्च राशि मेष से गोचर करेंगे जो लोग लंबे समय से वाहन खरीदना चाहते हैं उनके लिए वाहन प्राप्ति के अच्छे योग बनेंगे, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, कार्यस्थल पर आपके ऊपर कार्य का अतिरिक्त बोझ रहने के कारण से थकान अनुभव होगी, आलस्य का त्याग करें, किसी उच्च अधिकारी या सरकारी कर्मचारी से व्यर्थ के विवाद से बचें, माह के शुरुवात में शुक्र का गोचर पंचम भाव से रहेगा शुक्र आपकी कुंडली में राजयोगकारक होकर पंचम भाव से स्वराशि गोचर करेंगे फलस्वरूप आपको अपने किसी करीबी मित्र से प्रेम हो सकता है, प्रेम संबंधों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी व जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे, जो लोग कला, सौंदर्य से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं उनके लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा, शुक्र का यह गोचर लगभग 4 माह तक आपके पंचम भाव से रहेगा फलस्वरूप शुक्र का यह गोचर आपके प्रेम संबंधों व जीवनसाथी के साथ आपके संबंधों में मधुरता लाएगा व उनसे लंबे समय से चले आ रहे विवाद खत्म होंगे, माह के शुरुवात में राहु का छठे भाव से गोचर रहेगा अतः छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, सर दर्द, नेत्रों में तकलीफ की भी समस्या रह सकती है।
कुल मिलाकर मकर लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 अच्छा रहेगा जिसमें विवाह के योग बनेंगे, प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी, जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे व नजदीकियाँ बढ़ेंगी, पैर, जोड़ों, कमर, नेत्र व सर दर्द की शिकायत रह सकती है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, प्रेम विवाह के योग बनेंगे, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे व जिनकी संतान है उनके संतान की उन्नति होगी, प्रमोशन के योग बनेंगे, माह की 5, 6, 13, 14, 25,26, 27, 28, 29 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मकर लग्न के व्यक्ति नित्य सूर्य को जल दें साथ ही गणेश संकट नाशन स्तोत्र और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।
7 अप्रैल 2020 बुध का मीन राशि से गोचर जानें बुध के इस गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा
बुध का मीन राशि से गोचर
वैदिक ज्योतिष में बुध को राजकुमार का पद प्राप्त है जो कि हमेशा सूर्य के सानिध्य में ही रहते हैं, बुध 7 अप्रैल को 14 बजकर 16 मिनट पर कुंभ राशि को छोड़कर पुनः मीन राशि में चले जाएंगे जहाँ 25 अप्रैल तक रहेंगे, बुध मिथुन व कन्या राशि के स्वामी होते हैं और कन्या राशि में ही उच्च के भी होते हैं मीन राशि बुध की नीच राशि होती है, बुध बुद्धि व विवेक के कारक होते हैं अतः बुध के नीच राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रकार से प्रभाव पड़ेग तो चलिए जानते हैं बुध के इस गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-
बुध के मीन राशि का गोचरफल
मेष राशि:-
मेष राशिफल
मेष राशि वसलों के लिए बुध तीसरे व छठे भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप यात्राओं के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी किन्तु उनसे वैचारिक मतभेद भी हो सकते हैं, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, यदि आप कार्य वृद्धि हेतु कर्ज लेना चाहते हैं तो यह अच्छा समय सिद्ध होगा, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, तनाव लेने से बचें, धन अधिक व्यय होगा, फिजूल की यात्राओं को टालने का प्रयास करें।
वृषभ राशि:-
वृषभ राशिफल
वृषभ राशि वालों के लिए बुध दूसरे व पंचम भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे शास्त्रकारों का मत है कि लाभ स्थान से गोचर कर रहे ग्रह सदैव शुभ फलदाई होते हैं जिससे बुध के नीच राशि से गोचर की अशुभता में कमी आएगी फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, बड़े भाई-बहन को कष्ट संभव है, कुटुंब/परिवार में कलह की स्थिति उत्पन्न होने से मन अशांत रहेगा, संतान की उन्नति होगी, विद्यार्थियों के लिए बुध का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, कार्य के सिलसिले से भागा-दौड़ी बनी रहेगी।
मिथुन राशि:-
मिथुन राशिफल
मिथुन राशि वालों के लिए बुध पहले व चतुर्थ भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे अतः पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, पार्टनरशिप में नए कार्य की शुरुवात करने का विचार कर सकते हैं, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, ससुराल पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त होने के योग बनेंगे, फिजूल के खर्चों को टालें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, कोई संपत्ति जैसे T.V, मोबाइल, Home Theator खरीद सकते हैं, घर में खुशियों का माहौल रहेगा।
कर्क राशि:-
कर्क राशिफल
कर्क राशि वालों के लिए बुध द्वादश व तीसरे भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप खर्चों में वृद्धि होगी, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे, छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, जिम्मेदारियों का दबाब बढ़ेगा, फालतू विवाद से बचें।
राशिफल
सिंह राशि:-
सिंह राशिफल
सिंह राशि वालों के लिए बुध दूसरे व एकादश भाव के स्वमी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, दवाईयों पर धन व्यय होगा, कुटुंब से मतभेद संभव है, ससुराल पक्ष से व्यर्थ के विवाद हो सकते हैं, खर्चों में वृद्धि होगी, वाह सावधानी से चलाएं, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ेगी।
कन्या राशि:-
कन्या राशिफल
कन्या राशि वालों के लिए बुध पहले व दसवें घर के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप स्वास्थ्य में सुधार होगा, सोच-समझकर कोई भी निर्णय लें अन्यथा भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा फिर भी उनसे आपके संबंध मधुर रहेंगे व नजदीकियाँ बढ़ेंगी, मित्रों से धोखा मिल सकता है, प्रेमियों के लिए यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, पार्टनरशिप में नए कार्य की शुरुवात न करें।
तुला राशि:-
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए बुध नवम व द्वादश भाव के स्वामी होकर छठे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप मेहनत का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें व तनाव लेने से बचें, यात्राओं के योग बनेंगे, अनैतिक संबंध बनाने से बचें, संतान की उन्नति होगी, कार्यस्थल पर फालतू विवाद करने से बचें, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें।
वृश्चिक राशि:-
वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध अष्टम व एकादश भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप संतान को कष्ट संभव है, विद्यार्थियों के शिक्षा में व्यवधान आ सकता है, आय में वृद्धि होगी, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, व्यापार वृद्धि हेतु यात्रा पर जाने के योग बनेंगे यदि संभव हो तो इन यात्राओं को टालने का प्रयास करें क्योंकि इनसे विशेष लाभ प्राप्त होता नही दिख रहा, कार्यक्षेत्र में अचानक से किसी बाधा के उत्पन्न होने के योग बनेंगे अतः संयम से काम लें और सोच-समझ कर कोई निर्णय लें।
गोचरफल
धनु राशि:-
धनु राशिफल
धनु राशि वालों के लिए बुध सप्तम व दशम भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप चिंताओं में वृद्धि होगी, खर्च अधिक होंगे, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा व सीनियर आपके कार्य की प्रशंसा भी करेंगे, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें अन्यथा किसी गलतफहमी के चलते व्यर्थ के विवाद हो सकते हैं साथ ही उनके स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहें, पिता की उन्नति होगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।
मकर राशि:-
मकर राशिफल
मकर राशि वालों के लिए बुध छठे व नवम भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, छोटे भाई-बहन से विवाद संभव है, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, शत्रुओं से सावधान रहें, मित्रों से विवाद होंगे जिस कारण से दोस्ती भी टूट सकती है, समाज मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, सीनियर आपके कार्य से खुश रहेंगे व आपके कार्य की सराहना करेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे।
कुंभ राशि:-
कुंभ राशिफल
कुंभ राशि वालों के लिए बुध पंचम व अष्टम भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, दवाईयों पर धन व्यय होगा, कुटुंब से वैचारिक मतभेद होंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, आवेश में आने से बचें, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, तामसिक चीजों व नशीले पदार्थों के सेवन से बचें, धर्म के कार्यों में धन व्यय होगा।
मीन राशि:-
मीन राशिफल
मीन राशि वालों के लिए बुध चतुर्थ व सप्तम भाव के स्वामी होकर लग्न से गोचर करेंगे जिस कारण से स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, नए मित्र बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, लोगों को सलाह देने से बचें, यदि आप पार्टनरशिप में नया कार्य शुरू करना चाहते हैं तो बुध का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें, संयम से काम करें व कोई भी निर्णय लेने से पूर्व उसके हर पहलू पर विचार करें।
वृश्चिक लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में शुक्र का सप्तम स्थान से गोचर मालव्य योग बनाएगा जिस पर गुरु की दृष्टि भी रहेगी फलस्वरूप दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी व जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, नए मित्र बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन को लेकर बात चल सकती है, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, कार्य के सिलसिले से यात्राएं होंगी, जीवनसाथी के साथ रोमैंटिक यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, माह के शुरुवात में सूर्य का गोचर आपके पंचम स्थान में रहेगा फलस्वरूप संतान से विवाद संभव रहेगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, केंद्र के स्वामी सूर्य का पंचम भाव अर्थात त्रिकोण से गोचर मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगा, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, 13 अप्रैल को सूर्य गोचर बदलकर आपके छठे भाव में अपनी उच्च राशि में आ जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, माह के शुरुवात में बुध का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा जिससे मन में प्रसन्नता की लहर दौड़ेगी, घर में खुशियों का माहौल रहेगा, 7 अप्रैल को बुध गोचर बदलकर आपके पंचम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप संतान के साथ वैचारिक मतभेद होंगे, गर्भवती महिलाओं को इस समय अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा, शिक्षा में कोई व्यवधान संभव रहेगा, आय में वृद्धि होगी, बड़ी बहन यदि विवाह योग्य हो गयी हैं तो उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है।
वृश्चिक राशि
25 अप्रैल को बुध पुनः गोचर बदलकर छठे भाव में आ जाएंगे जिस कारण से स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, दवाईयों पर धन व्यय होगा, कार्य के सिलसिले हेतु कर्ज के लिए आवेदन करना पड़ सकता हैं, माह के शुरुवात में मंगल, गुरु व शनि का तीसरे भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप आपका पराक्रम बढ़ा रहेगा, आवेश में आने से बचें, गुरु व शनि का नीचभंग राजयोग आपके छोटे भाई-बहन के लिए भी अच्छा सिद्ध होगा अतः उनकी उन्नति के योग बनेंगे व उनका सहयोग भी आपको प्राप्त होगा, तीसरे भाव से मंगल व शनि का एक साथ गोचर छोटे भाई-बहन से क्षणिक विवाद के भी योग बनाएगा अतः फालतू विवाद से बचें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, ज्वर/बुखार की समस्या रह सकती है, भाग्य की वृद्धि होगी, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी किन्तु फिर भी यह माह कार्यक्षेत्र में आपके लिए संघर्ष बनाए रखेगा।
माह के शुरुवात में राहु का गोचर आपके अष्टम भाव से रहेगा अष्टम भाव से राहु का गोचर पेट व गले में कोई समस्या दे सकता है अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, अष्टम भाव, सप्तम से दूसरा भाव होने के कारण से जीवनसाथी के वाणी का भाव है अतः उनकी वाणी थोड़ी कटुता लिए होगी जिस कारण से उनसे क्षणिक विवाद के योग बनेंगे, माह के शुरुवात में दूसरे भाव से केतु का गोचर रहेगा जिससे आपके द्वारा बोली गयी अधिकतर बातें सत्य सिद्ध होंगी, धन संचय के लिए अतिरिक्त प्रयास करना पड़ेगा, कुल मिलाकर वृश्चिक लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 अच्छा रहेगा जिसमें जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे व उनके साथ किसी रोमैंटिक यात्रा पर भी जाने के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, कार्य वृद्धि या अन्य किसी कारण से कर्ज लेना पड़ सकता है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, ज्वर/बुखार, पेट, गले, मुख से संबंधित परेशानियाँ रह सकती है, कार्यक्षेत्र में संघर्ष बना रहेगा, माह की 6, 7, 8, 9, 10, 14, 16, 17, 18, 19, 21, 28 व 29 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें यह समय स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे नही रहेंगे व इनमें तनाव की भी स्थितियाँ उत्पन्न होगी, किसी उच्च अधिकारी का विरोध सहन करना पड़ सकता है, मेरे अनुसार यदि वृश्चिक लग्न के व्यक्ति अमावस्या के दिन बहते पानी में विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर नारियल प्रवाहित करें व गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।