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जुलाई 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जुलाई 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मेष लग्न कुंडली
मेष लग्न कुंडली

 

मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए जुलाई 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य, बुध व राहु आपके तीसरे भाव से गोचर करेंगे अतः आवेश में आने से बचें, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग भी प्राप्त होगा 16 जुलाई को सूर्य गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप माता के स्वभाव में तेजी अनुभव होगी, तनाव लेने से बचें, जिन्हें हिर्दय जनित कोई रोग हो या जिन्हें छाती में दर्द की समस्या रहती हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, संतान पर धन व्यय होगा, माह के शुरुवात में मंगल का द्वादश भाव से गोचर रहेगा अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें क्योंकि इस माह आपके अधिकतर निर्णय गलत सिद्ध हो सकते हैं अतः सोच-समझकर ही कोई निर्णय लें, घर में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, कोई भी रिस्क लेने से बचें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें।

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

माह के शुरुवात में शनि का दशम भाव से गोचर शश नामक योग बनाएगा किंतु शनि के वक्री अवस्था में गोचर करने के कारण से मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, यदि आपका फाइनेंस से जुड़ा हुआ कार्य है तो यह माह आपके लिए अच्छा रहेगा, शेयर बाजार में पैसा लगाने से  बचें, माह के शुरूवात में गुरु व केतु का गोचर नवम भाव से रहेगा फलस्वरूप आध्यत्म की ओर झुकाव बड़ेगा, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, जो लोग उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह माह अच्छा सिद्ध होगा, 1 से 4 जुलाई 12 जुलाई को विशेष सावधानी बरतें व इनमें कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें, धोखा मिल सकता है, तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, 5 से 10 जुलाई का समय आपके लिए अच्छा सिद्ध होगा इनमें जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे व नजदीकियाँ बढ़ेंगी, कोई नया अवसर प्राप्त हो सकता है, किसी उच्च अधिकारी से मुलाकात भी संभव रहेगी, 11 से 16 जुलाई का समय विशेष 12 जुलाई का समय अधिक शुभ नही है अतः यह समय थोड़ा सावधान रहें अन्यथा अपमानजनक स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, 17 से 23 जुलाई के मध्य आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा व धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे या धार्मिक अनुष्ठान पर धन व्यय होगा, यह समय विद्यार्थियों के लिए बहुत शुभ रहेगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व अपने प्रेम का इजहार करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा, 24 से 31 जुलाई तक का समय कार्यक्षेत्र के लिए सामान्य रहेगा जिसमें कार्य को लेकर लंबे समय से जो तनाव था उसमें राहत मिलेगी, यदि आप नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं तो 15 अगस्त तक इंतजार कर लें।

 

Mesh rashi
मेष राशिफल

 

कुल मिलाकर मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए जुलाई 2020 सामान्य रहेगा जिसमें पराक्रम में वृद्धि होगी, छोटे भाई-बहन से विवाद संभव रहेगा, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, आवेश में आने व तनाव लेने से बचें, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, यदि आप लंबे समय से नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं तो कुछ समय और रुक जाएं, कोई भी रिस्क लेने से बचें व कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझकर लें अन्यथा अपमानजनक स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है माह की 1, 2, 3, 4, 11, 12, 13, 14, 15 व 16 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मेष लग्न व मेष राशि वाले व्यक्ति यदि मंगलवार का व्रत कर हनुमान जी की उपासना करें व नित्य गाय को रोटी, गुड़ व चने की दाल खिलाएं तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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पौराणिक कथाएं

खाटूश्याम मंदिर की स्थापना कब और कहाँ हुई:—-Astrology Sutras

खाटूश्याम मंदिर की स्थापना कब और कहाँ हुई:—-Astrology Sutras

 

 

माहाभारत ग्रंथ के अनुसार बर्बरीक जो कि अतिबलशाली भीम के पौत्र व घटोत्कच और मोरवी के पुत्र थे, बचपन से ही उनमें एक विलक्षण शक्ति थी तथा इन्होंने युद्ध कला अपनी माता तथा श्री कृष्ण से सीखा था, बर्बरीक ने माता की आज्ञा अनुसार नव दुर्गा की घोर तपस्या की व उनको प्रसन्न कर तीन अमोघ बाण प्राप्त किए जो कि कभी विफल नही हो सकते थे इस प्रकार बर्बरीक “तीन बाणधारी” के नाम से प्रसिद्ध हुए।

 

महाभारत युद्ध के समय बर्बरीक की भी युद्ध में सम्मिलित होने की प्रवल इच्छा जागृत हुई व उन्होंने अपनी माता को वचन दिया कि जो भी पक्ष निर्बल होगा मैं उसकी तरफ से युद्ध करूँगा और नीले घोड़े पर सवार होकर कुरुक्षेत्र की रणभूमि की तरफ चल दिए उस समय श्री कृष्ण ध्यान में लीन थे और उन्होंने अपने योग विद्या से जब यह देखा तो ब्राह्मण रूप धारण कर के बर्बरीक के समक्ष पहुँच कर उन्हें रोक कर उनसे कुरुक्षेत्र की रणभूमि की तरफ जाने का कारण पूछा व बर्बरीक द्वारा यह बताए जाने पर कि वह युद्ध में भाग लेने जा रहे हैं उनकी हँसी उड़ाई और कहा कि केवल यह तीन बाण के साथ आप युद्ध कैसे कर सकेंगे इस पर बर्बरीक ने उत्तर दिया कि उनका एक बाण ही समस्त शत्रुओं का नाश करने के लिए काफी है और शत्रुओं का दमन करने के बाद उनका बाण वापस उनके तुणीर में आ जाएगा और यदि वह इन तीनों बाणों का एक साथ संघान किया तो तीनों बाणों की विध्वंसक शक्ति से समस्त ब्रह्मांड की नाश हो जाएगा, यह जानकर श्री कृष्ण जी ने उन्हें चुनौती दी कि इस पीपल वृक्ष के सभी सूखे पत्तों को भेद कर दिखाओ किंतु वही पत्ते भेदना है जो सूखे हों या उनमें छिद्र हो बर्बरीक ने श्री कृष्ण की चुनौती को स्वीकार किया और अपने एक ही बाण से उस पीपल वृक्ष के सभी सूखे व छिद्रित पत्तों को भेद दिया तत्पश्चात वह बाण श्री कृष्ण के चरणों के पास जाकर रुक गया तब बर्बरीक ने श्री कृष्ण जी से निवेदन किया कि एक पत्ता आपके पैर के नीचे बचा हुआ है अतः आप अपना पैर हटा लें अन्यथा यह बाण आपके पैर पर घात कर देगा क्योंकि दुर्गा जी से प्राप्त बरदान के अनुसार उनका कोई बाण लक्ष्य भेदे बिना वापस नही आता तब भी श्री कृष्ण जी के पैर न हटाने पर माँ दुर्गा प्रकट हुई व श्री कृष्ण जी से प्राथना की कि उनके वरदान की लाज रखने हेतु अपना पैर हटा लें तब श्री कृष्ण जी ने अपना पैर जैसे ही हटाया उस बाण ने उस बचे हुए पत्ते को भी भेद दिया तत्पश्चात श्री कृष्ण जी ने दुर्गा जी को यह वचन दिया कि उनके पैर का निचला हिस्सा आज से उनके शरीर का सबसे कमजोर भाग होगा तथा यही भाग उनके इस शरीर को त्याग कर परमधाम लौटने का कारण बनेगा।

 

 

 

श्री कृष्ण जी इस बात को भली-भांति जानते थे इस महायुद्ध में कौरवों की हार निश्चित है और यदि बर्बरीक को न रोका गया तो यह युद्ध अधर्म के विजय का कारण बन सकता है अतः ब्राह्मण रूपी श्रीं कृष्ण जी ने बर्बरीक से दान माँगने की इच्छा रखी तो बर्बरीक ने उन्हें दान देने का वचन देते हुए दान माँगने को कहा तब श्री कृष्ण जी ने दान रूप में बर्बरीक से उनका शीश माँगा इस पर बर्बरीक चिंतन में पड़ गए और श्री कृष्ण जी के उनकी चिंता का कारण पूछने पर उन्होंने श्री कृष्ण जी से कहा कि मेरी इस युद्ध के साक्षी बनने की प्रवल इच्छा थी इस पर श्री कृष्ण जी ब्राह्मण रूप को त्याग कर अपने वास्तविक रूप में आ गए और बर्बरीक को समझाते हुए कहा कि इस महायुद्ध में धर्म के विजय हेतु तुम्हारे शीश का दान अनिर्वाय है तथा श्री कृष्ण जी ने बर्बरीक को आशीर्वाद दिया कि उनका यह दान अनंत काल तक याद रखा जाएगा तथा उनकी इस महायुद्ध को देखने की इच्छा भी जरूर पूरी होगी इस आशीर्वाद को प्राप्त कर बर्बरीक अत्यंत प्रसन्न हुए व अपना शीश श्री कृष्ण के चरणों में अर्पित कर दिया तत्पश्चात श्री कृष्ण जी ने उनके शीश को युद्धभूमि के समीप एक पर्वत पर स्थापित कर दिया जहाँ से बर्बरीक इस महाभारत युद्ध के प्रत्यक्ष साक्षी बनें।

 

महाभारत युद्ध की समाप्ति के बाद पांडवों में अहंकार की उत्पत्ति देखकर श्री कृष्ण जी मुस्कुराए और पांडवों को उस पर्वत पर ले गए जहाँ “महादानी” बर्बरीक का शीश स्थित था व उन्होंने बर्बरीक से निवेदन किया कि वह ही निर्णय लें कि पाँचों पांडव में से इस युद्ध के विजय का श्रेय किसको देना चाहिए इस पर बर्बरीक खूब हँसे और बोले कि कौन पांडव मैंने तो कुरुक्षेत्र में केवल श्री कृष्ण जी और उनके सुदर्शन चक्र को ही देखा श्री कृष्ण जी ने अकेले ही समस्त अधर्मियों का अंत किया अतः इस युद्ध में विजय श्री कृष्ण की ही हुई है इस बात से श्री कृष्ण जी प्रसन्न होकर बर्बरीक को आशीर्वाद देते हैं कि आज से तुम “श्याम” नाम से जाने जाओगे क्योंकि जो हारे का सहारा हो वही “श्याम” है अतः कलयुग में सभी लोग तुम्हारी मेरे नाम “श्याम” से पूजा करेंगे व जो भक्त तुम्हारी पूजा करेगा उसके सारे कष्ट दूर होंगे व उन्हें हर कार्य में सफलता प्राप्त होगी।

 

 

 

 

बर्बरीक के खाटूश्याम नाम का रहस्य:-

 

बर्बरीक का शीश श्री कृष्ण जी द्वारा  “खाटू नगर” के पर्वत पर स्थित किया गया था जिस कारण से उन्हें खाटूश्याम के नाम से भी जाना जाता है।

 

क्यों की जाती है खाटूश्याम की पूजा:-

 

स्कंद पुराण के अनुसार:-

 

तत्सतथेती तं प्राह केशवो देवसंसदि।

शिरस्ते पूजयिषयन्ति देव्या: पूज्यो भविष्यसि।।

(स्कंद पुराण, कौ. ख. ६६.६५)

 

भावार्थ:- हे वीर! ठीक है तुम्हारे शीश की पूजा होगी और तुम देवरूप में पूजित होकर प्रिसिद्धि को प्राप्त करोगे।

 

खाटूश्याम जी का यह मंदिर राजस्थान राज्य के सीकर जिले में स्थित है तथा इनके प्रमुख देवता श्री कृष्ण जी और प्रमुख उत्सव फाल्गुन महोत्सव है इनके अन्य नाम खाटू नरेश, मोर्विनंदन व मोरछड़ी धारक है, मोर पंखों से बनी छड़ी को हमेशा अपने पास रखने के कारण से इनका नाम मोरछड़ी कहलाया।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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सूर्य का मिथुन राशि से गोचर 14 जून 2020: जानें किन राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा—Astrology Sutras

सूर्य का मिथुन राशि से गोचर 14 जून 2020: जानें किन राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा—Astrology Sutras

 

 

सूर्य 14 जून 2020 की रात्रि के 11 बजकर  52 मिनट 58 सेकंड पर वृषभ राशि को छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे जिस कारण से सूर्य की वृषभ की सक्रांति समाप्त होकर सूर्य की मिथुन की सक्रांति लगेगी, सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की सक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, सूर्य एक राशि में 30 दिन तक गोचर करते हैं जिसका विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है तो चलिए जानते हैं सूर्य के मिथुन राशि  से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-

 

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए सूर्य पंचम भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे अतः विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, पिता के स्वास्थ्य में समस्या संभव रहेगी, पराक्रम में वृद्धि होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, लंबे समय से रुके कार्य पूर्ण होंगे, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, व्यापारियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, यदि आप धन कहीं निवेश करना चाहते हैं तो उसके लिए यह अच्छा समय रहेगा, फालतू विवाद में न पड़ें, नेत्रों में जलन या दर्द की समस्या रह सकती है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, माता का सहयोग मिलेगा।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होकर पहले भाव से गोचर करेंगे अतः जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, यात्राओं के योग बनेंगे, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, किसी अप्रिय घटना के घटित होने से मन अप्रसन्न रहेगा, पैसा निवेश करने या किसी को उधार देने से बचें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कुल मिलाकर सूर्य का यह गोचर आपके लिए मिला-जुला रहेगा।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे अतः खर्चों में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कोई भी निर्णय सोच-समझ कर ही लें, व्यर्थ के विवाद में न पड़ें, सरकारी कर्मचारियों से फालतू विवाद में न पड़ें तथा यदि बिजली बिल या कोई कर बाकी हो तो उसे भर दें अन्यथा अचानक से कोई समस्या खड़ी हो सकती है, मित्रों व वरिष्ठ अधिकारियों से विवाद संभव रहेगा।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य प्रथम भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, परिवार के सदस्यों का सहयोग प्राप्त होगा, जो लोग लंबे समय से नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं उन्हें कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, प्रेमियों के लिए सूर्य का यह गोचर मिला-जुला रहेगा, संतान की उन्नति होगी।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य द्वादश भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे अतः कार्य के सिलसिले से यात्राओं के योग बनेंगे, कार्यक्षेत्र के लिए सूर्य का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, लंबे समय से रुके कार्य पूर्ण होंगे, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी, घर में खुशियों का माहौल रहेगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, तनाव लेने से बचें।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए सूर्य एकादश भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप परिश्रम से भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी फिर भी मन में एक असंतोष बना रहेगा, पिता व गुरु से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, छुपे शत्रुओं से सावधान रहें, मित्रों व परिवार के सदस्यों से विवाद संभव रहेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कोई भी निर्णय या कहीं भी पैसा लगाने से पहले अच्छे से सोच-विचार कर लें।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, ज्वर व सर दर्द की शिकायत संभव रहेगी, खान-पान पर नियंत्रण रखें अन्यथा पाचन क्रिया में कुछ गड़बड़ी संभव हो सकती है, जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यदि आप नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं तो कुछ समय और इंतजार कर लें अन्यथा अचानक से कोई समस्या आ सकती है।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए सूर्य नवम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप पेट व गुदा से संबंधित कोई परेशानी संभव रहेगी, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, क्रोध पर नियंत्रण रखें, कार्यक्षेत्र में कुछ तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है अतः तनाव लेने से बचें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें कुल मिलाकर धनु राशि वालों को सूर्य के इस गोचर काल के दौरान सतर्क रहना चाहिए व शांत मन से सभी समस्याओं के सामाधान के बारे में विचार करना चाहिए उपाय के तौर पर सूर्य को नित्य जल देकर अदित्यहिर्दय स्तोत्र का पाठ करें।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होकर छठे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप दवाईयों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, विपरीत परिस्थितियों से होते हुए सफलता प्राप्त होगी, रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, त्वचा से संबंधित कोई परेशानी संभव है।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे अतः शत्रुओं से सावधान रहें, गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें, किसी को भी कर्ज देने या किसी से भी कर्ज लेने से बचें, किसी पर भी अधिक विश्वास करने से बचें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए सूर्य छठे/षष्ठ भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे अतः माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त कार्यभार रह सकता है, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें व स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

 

जय श्री राम।

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मृत्यु भाव में आयु कारक शनि का फल

मृत्यु भाव में आयु कारक शनि का फल भाग:-१

 

अष्टम भाव में स्थित शनि का फल
अष्टम भाव में स्थित शनि का फल

 

अष्टम भाव मृत्यु, पतन, गूढ़ विद्या, पैतृक संपत्ति, दुःख का भाव होता है ऐसी  स्थिति में शनि का अष्टम भाव में बैठना इन सभी को प्रभावित करता है शनि आयु का कारक होता है अतः अष्टम भाव में स्थित शनि आयु की वृद्धि करता है साथ ही ऐसे व्यक्तियों की अप्रत्याशित मृत्यु नही होती कहने का आशय यह है कि ऐसे व्यक्तियों की अचानक से मृत्यु नही होती है साथ ही अष्टम भाव में स्थित शनि मंद गति से उन्नति का सूचक होता है क्योंकि अष्टम में बैठा शनि हमारी कुंडली के तीन मुख्य भावों दशम भाव, द्वितीय भाव व पंचम भाव को देखता है जिस कारण से ऐसे व्यक्तियों की उन्नति मंद गति से होती है, ऐसे व्यक्तियों को पैतृक संपत्ति कुछ संघर्ष के उपरांत प्राप्त होती है तथा कुटुंब में मतभेद बना रहता है जिस कारण से ऐसे व्यक्तियों को तनावपूर्ण स्थितियों का भी सामना करना पड़ता है, अष्टम भाव में स्थित शनि आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ाता है तथा ऐसे व्यक्तियों को धर्म-आध्यात्म में अच्छी रुचि रहती है, अष्टम भाव में स्थित शनि की तीसरी दृष्टि दशम भाव पर पड़ती है जिस कारण से ऐसे व्यक्तियों को अत्यधिक परिश्रम कर के ही बड़ी सफलता प्राप्त होती है तथा ऐसे व्यक्ति संघर्ष करते हुए व विपरीत परिस्थितियों से होते हुए सफल होते हैं साथ ही ऐसे व्यक्ति छोटे कार्य से शुरुवात कर के बड़ी उन्नति को प्राप्त करते हैं, अष्टम भाव में स्थित शनि की सप्तम दृष्टि दूसरे भाव अर्थात धन भाव पर पड़ती है जो यह दर्शाता है कि ऐसे व्यक्ति यदि शनि ग्रह से जुड़ा कार्य करते हैं तो शीघ्र सफलता की संभावना बढ़ जाती है परंतु यदि शनि अशुभ भावों का स्वामी हो तो ऐसे व्यक्तियों को शनि से जुड़े कार्य को करने से बचना चाहिए साथ ही ऐसे व्यक्तियों के कुटुंब/परिवार में तनावपूर्ण स्थितियाँ अकसर बनी रहती है, अष्टम भाव में स्थित शनि की दसवीं दृष्टि पंचम भाव में पड़ती है जो यह दर्शाता है कि विपरीत परिस्थितियों से हुए शिक्षा पूर्ण होगी तथा ऐसे व्यक्तियों के संतान को किसी प्रकार का कष्ट रहता है या संतान विलंब से या कुछ कठिनाइयों के साथ प्राप्य होती है, यहाँ एक बात और ध्यान देने योग्य यह है कि अष्टम भाव, पंचम भाव से चतुर्थ होता है अर्थात यह भाव विद्या के सुख का भाव है अतः मेरे मत व अनुभव के अनुसार ऐसे व्यक्तियों का कार्यक्षेत्र उनकी विद्या से अलग होता है कहने का आशय यह है कि अधिकतर कुंडलियों में यह देखने मे आया है कि ऐसे व्यक्ति जो विद्या अर्जित करते हैं वह काम नही कर पाते हैं, अष्टम भाव में स्थित शनि चर्म रोग का भी सूचक होता है।

 

अष्टम भाव और शनि

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मेष लग्न की कुंडली में यदि अष्टम भाव में शनि स्थित हो तो व्यक्ति मेहनती होता है तथा आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह स्थिति शुभ होती है अर्थात कर्म और आर्थिक दृष्टिकोण से शनि की अष्टम भाव में स्थिति मेष लग्न वालों के लिए शुभ होती है किंतु ऐसे व्यक्तियों को संतान विलंब से प्राप्त होती है, यदि वृषभ लग्न की कुंडली में शनि अष्टम भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों को कार्य क्षेत्र में कुछ परिश्रम के साथ सफलता प्राप्ति के योग बनते हैं तथा पिता सुख में कुछ कमी रहती है किंतु कर्म और आर्थिक दृष्टिकोण से यह स्थिति शुभ होती है वृषभ लग्न के व्यक्तियों की कुंडली के अष्टम भाव में स्थित शनि कुछ विलंब के साथ संतान सुख देता है, यदि मिथुन लग्न की कुंडली में शनि अष्टम भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों को परिवार का पूर्ण सहयोग नही प्राप्त हो पाता तथा ऐसे व्यक्ति धन का सही तरह से इस्तेमाल नही कर पाते और कुछ परेशानी के साथ संतान सुख प्राप्त करते हैं किंतु आयु में वृद्धि होती है, यदि कर्क लग्न की कुंडली में शनि अष्टम भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्तियों के जीवनसाथी का रुझान अपने परिवार की तरफ अधिक रहता है और यदि लग्नेश चंद्रमा पर भी शनि की दृष्टि हो तो यह स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा ऐसे व्यक्तियों के कार्यक्षेत्र में व्यवधान अधिक आते हैं साथ ही धनार्जन में भी अनेक बाधाएं आती हैं साथ ही ऐसे व्यक्तियों की वाणी कुछ कटुता लिए होती है और संतान सुख में कुछ कमी अनुभव होती है किंतु यदि दसवें, दूसरे व पंचम भाव पर मंगल की भी दृष्टि हो तो यह स्थिति कुछ हद तक शुभप्रद होती है तथा इन समस्याओं में कुछ कमी आती है।

 

पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए इसका दूसरा भाग जल्द ही प्रकाशित करूँगा।

 

जय श्री राम।

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जून 2020: मीन लग्न व मीन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: मीन लग्न व मीन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मीन लग्न
मीन लग्न

 

मीन लग्न व मीन राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य व शुक्र का तीसरे भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में अधिक प्रयास करना होगा व मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, छोटे भाई-बहन के स्वास्थ्य का ख्याल रखें व उनसे व्यर्थ विवाद न करें, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर चतुर्थ भाव में चले जाएंगे जहाँ राहु व बुध पहले से ही गोचर कर रहे हैं अतः घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यदि आप नया घर लेने का सोच रहे हैं तो सितंबर तक रुक जाएं क्योंकि चतुर्थ भाव से राहु का गोचर वास्तु दोष से निर्मित घर दिलवा सकता है, यदि माता जी को न्यूरो से संबंधित या हिर्दय से संबंधित कोई समस्या हो तो उनके स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे तब थोड़ा विशेष सावधानी बरतें, घर मे किसी मेहमान का आगमन भी संभव रहेगा, 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण आपके लिए अधिक शुभ नही है अतः उस दिन कोई भी रिस्क लेने से बचें, माह के शुरुवात में केतु का दशम भाव से गोचर अचानक कोई बड़ी सफलता दिलवा सकता है, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, माह के शुरुवात में मंगल का द्वादश भाव से गोचर रहेगा अतः यात्राओं के योग बनेंगे, स्थान पदिवर्तन के योग बनेंगे, खर्चों में वृद्धि होगी, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, गर्म चीजों व बाहर के बने व्यंजनों से परहेज करें, 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके लग्न में आ जाएंगे अतः क्रोध पर नियंत्रण रखें, यदि आपके या आपके माता के स्वास्थ्य में कोई समस्या हो तो होमियोपैथिक दवाओं की तरफ रुख करें अन्यथा सर्जरी के योग बनेंगे, भाग्य का सहयोग मिलेगा, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा।

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

माह के शुरुवात में गुरु व शनि का एकादश भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, जो लोग तकनीकी क्षेत्र से जुड़े हुए है या शनि से जुड़ा कोई व्यापार करते हैं तो लाभ होगा, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे अपने प्रेम का इजहार करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए काफी अच्छा रहेगा, 30 जून को गुरु गोचर बदलकर पुनः आपके दशम भाव में आ जाएंगे अतः उस दिन थोड़ा सावधान रहें व कोई भी रिस्क लेने से बचें।

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

कुल मिलाकर मीन लग्न व मीन राशि वालों के लिए सामान्य रहेगा जिसमें विवाह के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, संतान की उन्नति होगी, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, छोटे भाई-बहन व माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, बाहर के बने व्यंजन व गर्म चीजों के सेवन से बचें, क्रोध पर नियंत्रण रखें, लोगों की बातों में आने से बचें, तनाव लेने से बचें, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, माह की 2, 3, 5, 11, 12, 21, 25, 26, 27 व 30 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मीन लग्न  व मीन राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल दें व श्री सूक्त का पाठ करें और नित्य गाय को कोई साग और गुड़ खिलाएं तो लाभ होगा।

 

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जून 2020: कुंभ लग्न व कुंभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: कुंभ लग्न व कुंभ राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

 

कुंभ लग्न
कुंभ लग्न

 

कुंभ लग्न व कुंभ राशि वालों  के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य व शुक्र  का चतुर्थ स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप नौकरी पेशा लोगों के लिए उन्नति के नए मार्ग बनेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, माता की वाणी में तेजी अनुभव होगी, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, 14 जून  को सूर्य  गोचर बदलकर पंचम भाव में चले जाएंगे अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, माह के शुरुवात में बुध व राहु का पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप कड़े संघर्ष के उपरांत बड़ी सफलता प्राप्त होगी, विद्यार्थियों के लिए यह माह मिला-जुला रहेगा, प्रेमियों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, 18 जून  को बुध  वक्री हो जाएंगे अतः थोड़ा सावधान रहें व बाहर के बने हुए सामान खाने से बचें, माह के शुरुवात में मंगल का लग्न से गोचर रहेगा फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आप लंबे समय से प्रमोशन या नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं तो यह माह आपके लिए अच्छा सिद्ध होगा, भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति भी होगी, कर्म स्थान का स्वामी मंगल  लग्न से गोचर करेंगे अतः बेरोजगार लोगों को कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, क्रोध पर नियंत्रण रखें, 18 जून को मंगल  गोचर बदलकर आपके दूसरे भाव में चले जाएंगे अतः वाणी पर नियंत्रण रखें अन्यथा वाणी के कारण कुछ दिक्कतें व तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, तामसिक चीजों के सेवन से बचें, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा।

 

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

माह के शुरुवात में शनि व गुरु  का द्वादश भाव से गोचर नीचभंग राजयोग  बनाएगा और यह दोनों ही ग्रह वक्री अवस्था से गोचर करेंगे अतः छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, तनाव लेने से बचें, लोग पीठ-पीछे आपके खिलाफ षड्यंत्र रचेंगे अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, यात्राओं के योग बनेंगे, खर्चों में वृद्धि होगी, शत्रुओं पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, 3 से 18 जून  के मध्य धन लाभ के योग बनेंगे व 19 से 30 जून  के मध्य बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, वाहन सुख प्राप्त हो सकता है, भाग्य का पूर्ण सहयोग 26 जून  तक नही प्राप्त हो सकेगा अतः अपना प्रयास जारी रखें, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, 21 से 24 जून  तक विशेष सावधानी बरतें व तनाव लेने से बचें तथा स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।

 

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुल मिलाकर कुंभ लग्न व कुंभ राशि  वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें धन लाभ के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें व बाहर के बने पदार्थ खाने से बचें, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, वाहन सूख प्राप्त होने के योग बनेंगे, माह की 1, 5, 9, 10, 21, 22, 23, 24, 28 व 29 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि कुंभ लग्न व कुंभ राशि  वाले व्यक्ति यदि नित्य शनि स्त्रोत्र का पाठ करें व शिवलिंग पर दुग्ध मिश्रित जल से अभिषेक कर चावल मिश्रित काला तिल “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए अर्पित करें और अमावस्या के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर के बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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जून 2020: मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मकर लग्न गोचरफल
मकर लग्न गोचरफल

 

मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप संतान को किसी प्रकार का कष्ट संभव रहेगा, गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, धन लाभ के योग बनेंगे 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर छठे भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें, विपरीत परिस्थितियों से होते हुए सफलता प्राप्त होगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, माह के शुरुवात में शुक्र का भी पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, प्रेमियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उन्हें विवाह के लिए प्रपोज करना चाहते हैं तो यह माह आपके लिए शुभ रहेगा, विद्यार्थियों को कुछ परिश्रम के साथ सफलता मिलेगी, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, माह के शुरुवात में मंगल का दूसरे भाव से गोचर रहेगा अतः वाणी पर नियंत्रण रखें व बहुत सोच-विचार कर ही कुछ बोलें अन्यथा व्यर्थ के विवाद होंगे व बनते हुए कार्य बिगड़ सकते हैं, आय वृद्धि के योग बनेंगे, माता का सहयोग प्राप्त होगा, छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे व उनका सहयोग भी प्राप्त होगा, 18 जून को मंगल गोचर बदलकर तीसरे भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, आवेश में आने से बचें, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना होगा और मेहनत का पूर्ण फल भी प्राप्त होगा, तामसिक चीजों के सेवन से बचें, ज्वर/सर दर्द, फोड़े-फुंसी होने या किसी प्रकार से चोट लगने की संभावना रहेगी, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में राहु व बुध का गोचर छठे भाव में रहेगा अतः छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, नेत्रों में दर्द/जलन की शिकायत भी रह सकती है, द्वादश भाव से केतु का गोचर आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ाएगा, 18 जून से भाग्य का पूर्ण सहयोग नही प्राप्त हो सकेगा।

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

माह के शुरुवात में गुरु व शनि का लग्न से गोचर नीचभंग राजयोग बनाएगा अतः विवाह के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, नौकरी पेशा लोगों को अतिरिक्त कार्यभार के कारण से कुछ थकान अनुभव होगी तथा तनावपूर्ण स्थितियाँ भी उत्पन्न होगी अतः तनाव लेने से बचें, माह के मध्य भाग में सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना करेंगे, 21 जून का सूर्यग्रहण आपके लिए शुभ सिद्ध होगा फिर भी इस दिन कोई जोखिम भरा कार्य करने से बचें तथा स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, 7 व  8 जून को खर्चों में वृद्धि के कारण तनाव बना रह सकता है, 21 व 22 जून को स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व जीवनसाथी से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, 25, 26 व 27 जून भी तनावपूर्ण रह सकता है अतः तनाव लेने से बचें।

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

कुल मिलाकर मकर लग्न व मकर राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, प्रेमियों के लिए प्रेम विवाह के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विद्यार्थियों को कुछ परिश्रम के साथ सफलता प्राप्त होगी, तनाव लेने से बचें, नेत्रों में दर्द/जलन, ज्वर/सर दर्द, फोड़े-फुंसी या किसी प्रकार से चोट लगने की संभावना रहेगी, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, माह की 5, 7, 21, 22, 25, 26, 27 व 30 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें मेरे अनुसार यदि मकर लग्न व मकर राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य गणेश स्तोत्र का पाठ करें व सूर्य को जल देकर अदित्यहिर्दय स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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जून 2020: धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

धनु लग्न
धनु लग्न मासिक गोचरफल

 

धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य का छठे भाव से गोचर रहेगा अतः सरकारी अफसरों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, यदि कोर्ट-कचहरी में कोई मामला चल रहा है तो उसमें विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके सप्तम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, जीवनसाथी के स्वभाव में तेजी अनुभव होगी, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, माह के शुरुवात में शुक्र का छठे भाव से गोचर रहेगा जो कि वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः महिलाओं के साथ व्यर्थ विवाद में न पड़ें, दवाइयों या शत्रुओं पर धन व्यय हो सकता है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जिन्हें हार्मोन्स से जुड़ी समस्या हो व गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, माह के शुरुवात में बुध व राहुका सप्तम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप विवाह के योग बनेंगे, यदि आपके विवाह में बाधाएं आ रही है तो राहु के उपाय करें लाभ होगा, कार्यस्थल पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, मित्रों पर अधिक विश्वास करने से बचें, 18 जून को बुध वक्री होकर आपके सप्तम भाव से गोचर करेंगे अतः कार्यक्षेत्र से जुड़े निर्णय सोच-समझकर ही लें, जीवनसाथी की वाणी कटु रह सकती है, राजनीति से जुड़े लोगों के लिए यह माह अच्छा रहेगा, 21 जून को सूर्य ग्रहण है जो कि आपके लिए शुभ नही रहेगा अतः उस दिन यदि संभव हो तो यात्राओं को टालने का प्रयास करें।

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

माह के शुरुवात में गुरु व शनि आपके धन भाव अर्थात दूसरे भाव से गोचर कर नीचभंग राजयोग बनाएंगे किंतु दोनों ही ग्रह वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, धन लाभ के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी, वाहन सावधानी चलाएं क्योंकि तीसरे भाव से गोचर कर रहे मंगल की चौथी दृष्टि छठे भाव रोग व शत्रु भाव पर रहेगी जहाँ सूर्य व शुक्र पहले से ही गोचर कर रहे हैं और शनि की भी सप्तम दृष्टि अष्टम भाव पर रहेगी अतः 18 जून तक एक्सीडेंट होने के योग बनेंगे, परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा, आय में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, माह के शुरुवात में लग्न से केतु का गोचर रहेगा फलस्वरूप आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, यदि आपकी कुंडली में केतु अच्छी स्थिति में है तो आत्मसम्मान में वृद्धि होगी, माह के शुरुवात में मंगल का तीसरे भाव से गोचर रहेगा अतः आवेश में आने से बचें, पराक्रम में वृद्धि होगी व मेहनत का पूर्ण फल भी प्राप्त होगा, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनका सहयोग मिलेगा व उनकी उन्नति भी होगी, माह की 2, 8, 16, 23 व 29 तिथियों को अचानक धन लाभ के योग बनेंगे या कहीं से रुका हुआ पैसा मिल सकता है।

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

कुल मिलाकर धनु लग्न व धनु राशि वालों के लिए जून 2020 अच्छा रहेगा जिसमें विवाह के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, आत्मसम्मान में वृद्धि होगी, वाहन सावधानी से चलाएं, वाणी पर नियंत्रण रखें व व्यर्थ के विवाद में न पड़ें, तनाव लेने से बचें, माह की 4, 5, 6,व 18, 19, 20, 21, 23 व 24 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि धनु लग्न व धनु राशि वाले व्यक्ति यदि अमावस्या के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर नारियल को बहते पानी में प्रवाहित करें व व गणेश संकटनाशन स्तोत्र का नित्य पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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जून 2020: वृश्चिक लग्न व वृश्चिक राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जून 2020: वृश्चिक लग्न व वृश्चिक राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

वृश्चिक लग्न
वृश्चिक लग्न कुंडली

 

वृश्चिक लग्न व वृश्चिक राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य व शुक्र का गोचर आपके सप्तम भाव से रहेगा फलस्वरूप जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, कार्यक्षेत्र पर लोगों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, यदि आप कोई नया कार्य करना चाहते हैं तो जीवनसाथी को पार्टनर बना कर करें लाभ होगा, वाहन सावधानी से चलाएं, शुक्र के वक्री रहने के कारण से कार्यक्षेत्र में कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, 14 जून को सूर्य गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे अतः पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, माह के शुरुवात में बुध व राहु का गोचर अष्टम भाव में रहेगा और 14 जून से सूर्य भी अष्टम भाव से ही गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, पेट, गले व मुख से संबंधित कोई समस्या भी रह सकती है, 18 जून को बुध वक्री हो जाएंगे अतः कोई भी निर्णय सोच-समझकर ही लें, मामा पक्ष से विवाद संभव रहेगा, दवाईयों पर या फिजूल की चीजों पर धन व्यय होगा, यदि आपकी बड़ी बहन हैं तो उनसे व अपनी बुआ से व्यर्थ विवाद में न पड़ें।

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

माह के शुरुवात में मंगल का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा अतः घर में खुशियों का माहौल रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, अविवाहित लोगों के लिए रिश्ते की बात कहीं चल सकती है, धन लाभ के योग बनेंगे, 18 जून को मंगल गोचर बदलकर आपके पंचम भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों व प्रेमियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, नवदम्पत्तियों को लिए संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, संतान की उन्नति होगी, यात्राओं के योग बनेंगे, तामसिक चीजों से परहेज करें, माह के शुरुवात में शनि व गुरु की तीसरे भाव में युति नीचभंग राजयोग बनाएगी तथा दोनों ही ग्रह वक्री रहेंगे अतः छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे व उनका सहयोग भी प्राप्त होगा, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा फिर भी भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, 30 जून को गुरु गोचर बदलकर आपके दूसरे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप धन लाभ के योग बनेंगे (विस्तृत फल जुलाई गोचरफल में लिखूँगा), 21 जून को सूर्यग्रहण आपके लिए अधिक शुभ नही रहेगा अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, 1 व  2 जून आपके लिए अच्छा रहेगा जो लोग अपने प्रेमी/प्रेमिका से अपने प्रेम का इजहार करना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, मन में नए विचार आएंगे, 3 से 7 जून का समय स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नही है अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, कार्यस्थल पर भी तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, सीनियर से व्यर्थ विवाद करने से बचें, 8 से 13 जून का समय शुभ रहेगा जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, नौकरीपेशा लोगों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त हो सकती है, 14 से 18 जून तक यदि संभव हो सके तो यात्राओं को टालने का प्रयास करें, अपमानजनक स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः लोगों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, 19 से 30 जून तक का समय आपके लिए शुभ रहेगा आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, नौकरीपेशा लोगों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, धन लाभ के योग बनेंगे।

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

कुल मिलाकर वृश्चिक लग्न व वृश्चिक राशि वालों के लिए जून 2020 सामान्य रहेगा जिसमें तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, घर का वातावरण मिला-जुला रहेगा, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, संतान की उन्नति होगी, विद्यार्थियों व प्रेमियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, किसी के साथ व्यर्थ विवाद में न पड़ें, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, ससुराल पक्ष से विवाद संभव रहेगा, धन लाभ के योग बनेंगे, नवदंपत्तियों के विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, माह की  3 से 7, 14 से 18 व 21 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदिवृश्चिक लग्न व वृश्चिक राशिवाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल दें व अदित्यहिर्दय स्तोत्र का पाठ करें व संकटमोचन हनुमाष्टक का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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