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ग्रह के बड़े बदलाव की ओर संकेत जल्द शुरू होगा तृतीय विश्व युद्ध

ग्रह के बड़े बदलाव की ओर संकेत जल्द शुरू होगा तृतीय विश्व युद्ध

 

ग्रह दे रहे बड़े बदलाव के संकेत
ग्रह दे रहे बड़े बदलाव के संकेत

 

यदि वर्ष 2020 से गोचर का अध्यन किया जाए तो 36 वर्ष बाद शनि पुनः अपनी राशि मकर में प्रवेश कर रहे हैं साथ ही इसी वर्ष राहु और केतु का भी एक बड़ा राशि परिवर्तन हो रहा है तथा इस बार गुरु भी अपनी नीच राशि में गोचर करते हुए भी पूरे गोचर काल नीचभंग राजयोग का फल देंगे तथा केतु का वृश्चिक राशि से होने वाला गोचर प्राकृतिक आपदा, आग, भूकंप, तूफान, एक्सीडेंट देखने को मिलेंगे वहीं राहु का वृषभ राशि से गोचर शुभ रहने वाला है यदि तिथियों को देखा जाए तो 2020 का जोड़ 4 प्राप्त होता है जो कि राहु का अंक होता है अर्थात 2020 राहु के प्रभाव में रहेगा और राहु का वायु तत्व राशि से गोचर अनेक प्राकृतिक आपदा की ओर संकेत कर रहा था जो कि हमें वर्ष 2020 में देखने को भी मिला और अभी आगे भी देखने को मिलेगा।

 

1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2029 तक समय बहुत बड़े बदलाव लेकर आएगा जिसमें भी फरवरी 2022 विशेष माह सिद्ध होगा यह वही माह रहेगा जो कि इतिहास के पन्नों में लिखा जाएगी क्योंकि इसी दिन से रूस का यूक्रेन/अमेरिका/चीन के मध्य युद्ध का आरंभ होगा जो कि तृतीय विश्व युद्ध में तब्दील हो जाएगा इस बार दो महाशक्तियों के मध्य का युद्ध बहुत बड़े बदलाव लेकर आएगा, अभी अमेरिका विश्व विजेता के रूप में सभी के समक्ष है तथा विश्व के देशों में सबसे शक्तिशाली देश है किंतु यह बदलाव अमेरिका के पतन व रूस के उत्थान का समय होगा जिसमें  अमेरिका  की तरफ से ब्रिक्स देशों से भी दुश्मनी लेना शामिल हो सकता है हालांकि रूस यूक्रेन, अमेरिका व चाइना को युद्ध में हराकर विश्व विजेता बनेगा तथा क्षेत्र विस्तार को लेकर समस्त विश्व में युद्ध के हालात बनेंगे जिसमें रूस सबसे आगे रहेगा तथा रूस के पास ऐसी शक्तियाँ होंगी जिनसे जीत पाना पूरे विश्व में किसी के लिए भी संभव नही होगा।

 

भारत पर विश्व युद्ध से पड़ने वाले प्रभाव:-

 

तृतीय विश्व युद्ध

 

यदि तृतीय विश्व युद्ध का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा यह विचार करें तो भारत की कुंडली जो कि 15 अगस्त 1947 को दोपहर 12 बजे की कुंडली है उसके अनुसार शुरुवात में भारत प्रत्यक्ष रूप से इस युद्ध में भाग नही लेगा और उम्मीद बहुत कम ही है कि भारत अप्रत्यक्ष रूप से भी इस युद्ध में भाग ले किंतु यदि किसी कारण वश भारत को इस युद्ध में भाग लेना पड़ा तो भारत विश्व विजेता बनकर उभरेगा तथा आर्थिक दृष्टिकोण से भारत पूरे विश्व में सबसे अधिक शक्तिशाली बनकर उभरेगा, यह 1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2029 तक का समय रूस, भारत व चाइना के उत्थान का समय सिद्ध होगा जिनमे इन तीनों देश में काफी विकास देखने को मिलेगा जिसमें भारत नंबर 1 बनकर विश्व पर शासन करेगा तथा भारत आर्थिक स्थिति पूरे विश्व में सबसे मजबूत रहेगी।

 

भारत-चीन सीमा विवाद:-

 

भारत-चीन सीमा विवाद
भारत-चीन सीमा विवाद

 

भारत-चीन सीमा विवाद पर सबकी नजरें हैं क्योंकि युद्ध के हालात बनते जा रहे हैं और अक्टूबर 2020 तक युद्ध होने के भी योग बन रहे हैं किंतु मैं आप सभी को यह ज्ञात करा दूँ कि भारत और चीन के मध्य युद्ध की संभावना बहुत कम है और यदि होता भी है तो भारत विजयी होगा तथा इस बार भारत के किसी भी हिस्से पर चीन कब्जा नही कर सकेगा।

 

रूस के राष्ट्रपति पर सूक्ष्म भविष्यवाणी:-

 

रूस के राष्ट्रपति के क्या कहते हैं सितारे
रूस के राष्ट्रपति के क्या कहते हैं सितारे

 

आने वाले 10 वर्ष रूस के राष्ट्रपति के बहुत शुभ रहने वाला है अतः अभी 10 वर्षों तक रूस में सत्ता परिवर्तन की कोई संभावना दूर-दूर तक नही बन रही और इन 10 वर्षों में रूस उन्नति व विकास के नए अध्याय लिखेगा और विश्व का सबसे शक्तिशाली देश बनकर उभरेगा और रूस व भारत के बीच मित्रता एक नए मुकाम तक पहुँचेगी।

 

आगे जैसी प्रभु इच्छा🙏🏻

 

जय श्री राम।

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ग्रह पीड़ा निवारण हेतु वैदिक उपाय, दान व व्रत

ग्रह पीड़ा निवारण हेतु वैदिक उपाय, दान व व्रत

 

नव ग्रह पीड़ा निवारणार्थ उपाय
नव ग्रह पीड़ा निवारणार्थ उपाय

 

बहुत से लोग ज्योतिषी के पास जाते हैं तो वह बताते हैं कि आपका अमुक ग्रह खराब है अतः आज मैं आप सभी को सभी ग्रहों के दान व व्रत बताता हूँ जिन्हें आप सरलता से कर के जो ग्रह आपकी कुंडली में अशुभ हों उनको प्रसन्न कर सकते हैं तो चलिए जानते हैं वैदिक ज्योतिष में विभिन्न ग्रहों के सरल उपायों के बारे में जिन्हें आप बहुत ही सरलता से कर के ग्रहों को प्रसन्न कर सकते हैं:-

 

सूर्य ग्रह के उपाय:-

 

सूर्य ग्रह के उपाय
सूर्य ग्रह के उपाय

 

१. गेहूँ, माणिक, सोना, लाल वस्त्र, ताम्रपात्र का राविवार के दिन दान करने से सूर्य प्रसन्न होते हैं।

 

२. शुक्ल पक्ष के राविवार के दिन से आरंभ कर नित्य सूर्योदय से 1 घंटे तक स्नानादि कर सूर्य को जल देने व अदित्यहिर्दय स्तोत्र का पाठ करने से सूर्य प्रसन्न होते हैं।

 

३. नित्य कपिला गाय को रोटी व गुड़ खिलाने से सूर्य ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

४. राविवार के दिन किसी भी मंदिर में रक्त चंदन दान करने से भी सूर्य प्रसन्न होते हैं।

 

५. शुक्ल पक्ष के राविवार से व्रत का आरंभ कर 11 या 21 राविवार तक व्रत करने से भी सूर्य प्रसन्न होते हैं।

 

चंद्र ग्रह के उपाय:-

 

चंद्र ग्रह के उपाय
चंद्र ग्रह के उपाय

 

१.  चीनी, चावल, श्वेत वस्त्र, दूध, दहीं, मिश्री, चांदी, मोती का दान करने से चंद्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

. प्रदोष का व्रत करने से भी चंद्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. शंख में जल भरकर स्नान करने से भी चंद्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

४. सोमवार के दिन किसी भी मंदिर में श्वेत चंदन दान करने से भी चंद्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

नोट:- माता-पिता की सेवा करने से सूर्य व चंद्र दोनों ग्रह प्रसन्न होते हैं क्योंकि ज्योतिष में सूर्य को पिता व चंद्र को माता का कारक माना गया है।

 

मंगल ग्रह के उपाय:-

 

मंगल ग्रह के उपाय
मंगल ग्रह के उपाय

 

१. गेहूँ, गुड़, ताम्रपात्र, मूँगा, केसर का दान करने से मंगल ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

२. मंगलवार के दिन किसी भी मंदिर में लाल पुष्प व रक्त चंदन दान करने से मंगल ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. गणेश चतुर्थी व विनायक चतुर्थी का व्रत करने से भी मंगल ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

नोट:- बड़े भाई की सेवा करने से मंगल ग्रह प्रसन्न होते हैं क्योंकि ज्योतिष में मंगल ग्रह को बड़े भाई का कारक माना गया है।

 

बुध ग्रह के उपाय:-

 

बुध ग्रह के उपाय
बुध ग्रह के उपाय

 

१. पन्ना, हरी वस्तु, हरा वस्त्र, हरी मूँग, कपूर, फल का दान करने से बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

. बुधवार के दिन किन्नर को हरी चूड़ी व हरी साड़ी दान करने से भी बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. बुधवार के दिन गाय को हरा साग खिलाने से भी बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

४. बुधवार का व्रत करने से भी बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

गुरु ग्रह के उपाय:-

 

गुरु ग्रह के उपाय
गुरु ग्रह के उपाय

 

१. पीली वस्तु, पीला वस्त्र, केला, पोखराज, पीला मीठा, हल्दी का दान करने से गुरु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

२. किसी विद्यार्थी को गुरुवार के दिन पुस्तक, पेन, पेंसिल का दान करने से भी गुरु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. गुरुवार के दिन चने की दाल खिलाने से भी गुरु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

४. एकादशी का व्रत करने से भी गुरु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

शुक्र ग्रह के उपाय:-

 

शुक्र ग्रह के उपाय
शुक्र ग्रह के उपाय

 

१. चावल, दूध, दहीं, मिश्री, हीरा, स्फटिक का दान करने से शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

२. शुक्रवार के दिन गाय को चावल और चीनी पकाकर खिलाने से भी शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. 14 वर्ष से छोटी कन्या को चॉकलेट, चिप्स, परफ्यूम, हेयर क्लिप का दान करने से भी शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

४. शुक्रवार के दिन सफेद पुष्प का किसी भी मंदिर में दान करने से शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

५. शुक्रवार का व्रत करने से भी शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

शनि ग्रह के उपाय:-

 

शनि ग्रह के उपाय
शनि ग्रह के उपाय

 

. गाय को सरसों के तेल की बनी रोटी व गुड़ खिलाने से शनि ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

२. शनिवार के दिन काला वस्त्र, काली उर्द, शहद, आम का अचार, काली चप्पल, काला छाता, नीलम, लोहा, काला तिल कस्तूरी का दान करने से भी शनि ग्रह प्रसन्न होते है।

 

३. शनिवार के दिन पीपल वृक्ष के समकक्ष तेल का दीपक अर्पित कर “ॐ नमः शिवाय:” मंत्र का जाप व शनि स्तोत्र का पाठ करने से भी शनि ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

. शनिवार का व्रत करने से भी शनि ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

राहु ग्रह के उपाय:-

 

राहु ग्रह के उपाय
राहु ग्रह के उपाय

 

१. गेहूँ, गोमेद, काला वस्त्र, सरसों तेल, काला कंबल, काला तिल का दान करने से शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

२. बुधवार व शनिवार के दिन मछली को आटा और काला तिल मिलाकर खिलाने से भी राहु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. पिंजरे में बंद पक्षी को स्वतंत्र करने से भी राहु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

. शिवलिंग पर चाँदी के सर्प के जोड़े को अर्पित करने से राहु प्रसन्न होते हैं।

 

विशेष:- राहु के उपाय बुधवार के दिन करना चाहिए।

 

केतु ग्रह के उपाय:-

 

केतु ग्रह
केतु ग्रह के उपाय

 

१. काला वस्त्र, लहसुनिया, सोना, लोहा का दान करने से केतु ग्रह प्रसन्न रहते हैं।

 

२. नित्य चीटियों को नारियल का बुरादा डालने से भी केतु ग्रह प्रसन्न होते हैं।

 

३. रुद्राक्ष, चाँदी की बनी कोई वस्तु धारण करने से भी केतु के अशुभ फल में कमी आती है।

 

विशेष:-

 

१. दान की वस्तु आपके श्रद्धा व सामर्थ्य अनुसार है।

 

२. शनि, राहु व केतु के उपाय सूर्यास्त बाद करना चाहिए।

 

३. व्रत का तात्पर्य अन्न के त्याग से है अतः व्रत के दिन आप दूध व जल का ही सेवन करें।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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पोखराज धारण विधि व लग्न अनुसार उपयोगिता

पोखराज धारण विधि व लग्न अनुसार उपयोगिता

 

पोखराज रत्न
पोखराज रत्न

 

भाग:-१

 

 

पोखराज बृहस्पति का रत्न होता है किंतु इस संबंध में कुछ मतभेद देखने को मिलता है कि बृहस्पति का रत्न श्वेत अर्थात सफेद पोखराज है या पीला इस मतभेद को दूर करने के लिए मैं बृहज्जातक के अध्याय 2 के पंचम श्लोक की व्याख्या करता हूँ:-

 

“वर्णास्ताम्रसिताती रक्त हरितव्यापीत चित्रा सीता”

“बहवयम्बवग्निज केशवेंद्र शाचिका: सूर्यादिनाथा: क्रमात्””

 

अर्थात:- लाल, श्वेत, रक्त वर्ण, हरा, पीलापन लिए हुए तरह-तरह के रंग और काला ये सूर्य से क्रमानुसार शनि तक के रंग हैं, आचार्य वरामिहिर जी के इस श्लोक से यह स्पष्ट है कि बृहस्पति का रंग “पीला” है अतः बृहस्पति का रत्न “पीला पोखराज” है।

 

पोखराज कौन धारण कर सकता है:-

 

जिनकी कुंडली में बृहस्पति शुभ भावों के स्वामी हों उन जातक/जातिका को समयानुसार या आवश्यकतानुसार पीला पोखराज धारण करना शुभ फलदाई होता है तथा जिनकी कुंडली में बृहस्पति अशुभ भावों के स्वामी हों उनको पीला पोखराज नही धारण करना चाहिए।

 

धारण विधि:-

 

पोखराज धारण विधि
पोखराज धारण विधि

 

पोखराज को स्वर्ण की अँगूठी में बनवाना सर्वश्रेष्ठ रहता है पोखराज 3 रत्ती से कम धारण नही किया जाता है और यदि 7 या 12 रत्ती का पोखराज धारण किया जाए तो यह और भी शुभ रहता है कुछ विद्वानों का मत है कि पोखराज 6, 11 व 15 रत्ती का धारण नही करना चाहिए।

शुक्ल पक्ष के बृहस्पतिवार को सूर्यास्त से 1 घंटे पूर्व श्रद्धापूर्वक “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का 19,000 की संख्या में मंत्र जाप कर के तर्जनी उंगली में धारण करना चाहिए।

 

नोट:- जो व्यक्ति पोखराज धारण करने में असमर्थ हों वह पीला मोती, पीला जरकन, सुनैला, हल्दी की गाँठ, केले की जड़ भी धारण कर सकते हैं।

 

विशेष:- पोखराज के साथ हीरा, नीलम, गोमेद, वैदूर्य धारण नही करना चाहिए।

 

लग्न अनुसार पोखराज की उपयोगिता:-

 

पोखराज धारण करने के लाभ
पोखराज धारण करने के लाभ

 

मेष लग्न के लिए बृहस्पति नवम व द्वादश भावों के स्वामी होते हैं नवम भाव अर्थात त्रिकोण का स्वामी होने के कारण से बृहस्पति को इस लग्न के लिए शुभ माना गया है अतः पोखराज धारण करने से जातक को बुद्धि, बल, ज्ञान, उच्च शिक्षा, धन, मान-प्रतिष्ठा तथा भाग्य में उन्नति प्राप्त होती है, बृहस्पति की महादशा में यह रत्न और भी शुभ फलदाई हो जाता है तथा यदि इसे लग्नेश मंगल के रत्न मूँगा के साथ धारण किया जाए तो यह और भी शुभ फलदाई हो जाता है।

 

वृषभ लग्न के लिए बृहस्पति अष्टम और एकादश भाव के स्वामी होते हैं किंतु वृषभ लग्न के स्वामी शुक्र और बृहस्पति में नैसर्गिक शत्रुता है तथा वृषभ लग्न के लिए बृहस्पति अष्टमेश होने के कारण से भी शुभ नही होता फिर भी यदि वृषभ लग्न की कुंडली में यदि बृहस्पति द्वितीय, चतुर्थ, पंचम, नवम व लग्न में स्थित हों तो बृहस्पति की दशा में पोखराज धारण करने से धन लाभ में वृद्धि होती है।

 

मिथुन लग्न के बृहस्पति सप्तम और दशम भाव के स्वामी होने के कारण से केन्द्राधिपति दोष से दूषित हो जाते हैं फिर भी यदि मिथुन लग्न की कुंडली में बृहस्पति यदि लग्न, द्वितीय, एकादश या केंद्र अथवा त्रिकोण में स्थित हों तो बृहस्पति की दशा में पोखराज धारण करने से संतान सुख, समृद्धि में वृद्धि व धन लाभ की प्राप्ति होती है परंतु स्वास्थ्य की समस्या निरंतर बनी रह सकती है क्योंकि मिथुन लग्न की कुंडली वालों के लिए बृहस्पति प्रवल मारकेश होते हैं।

 

कर्क लग्न वालों के लिए बृहस्पति षष्ठ और नवम भाव के स्वामी होते हैं नवम भाव अर्थात त्रिकोण के स्वामी होने के कारण से कर्क लग्न वालों के लिए बृहस्पति शुभ होते हैं अतः कर्क लग्न वालों के लिए पोखराज रत्न संतान सुख, ज्ञान में वृद्धि, भाग्योन्नति, पितृ सुख, ईश्वर भक्ति की भावना तथा धन में वृद्धि करता है यदि बृहस्पति की महादशा में इसे धारण किया जाए तो विशेष रूप से फलदाई होता है तथा यदि पोखराज के साथ मोती या मूँगा धारण किया जाए तो यह बेहद शुभ सिद्ध होता है।

 

पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए सिंह से मीन लग्न तक के लिए पोखराज की उपयोगिता जल्द ही अगले भाग में प्रकाशित करूँगा।

 

जय श्री राम।

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10 सितंबर 2020 मंगल होंगे वक्री इन राशि वालों की समस्याएं बढ़ाने वाला होगा मंगल का वक्री गोचर

10 सितंबर 2020 मंगल होंगे वक्री इन राशि वालों की समस्याएं बढ़ाने वाला होगा मंगल का वक्री गोचर

 

 

मंगल मेष में वक्री 10 सितंबर
मंगल मेष में वक्री 10 सितंबर

 

मंगल को ज्योतिष शास्त्र में सेनापति का दर्जा प्राप्त है मंगल मेष व वृश्चिक राशि के स्वामी व बल, पराक्रम, रक्त, हिंसा व क्रोध के कारक भी होते हैं 10 सितंबर 2020 को प्रात: 3 बजकर 51 मिनट पर मंगल मेष राशि में व्रकी हो जाएंगे तथा 13 नवंबर तक वक्री गोचर कर 14 नवंबर 2020 को पुनः मार्गी हो जाएंगे इसी दौरान मंगल 4 अक्टूबर 2020 को वक्री गोचर करते हुए पुनः मीन राशि में प्रवेश कर 13 नवंबर 2020 तक वक्री तथा 14 नवंबर 2020 से मार्गी होकर 24 दिसंबर तक गोचर करेंगे और 24 दिसंबर को ही गोचर बदलकर एक बार पुनः मेष राशि में प्रवेश करेंगे तो चलिए जानते हैं मंगल के वक्री अवस्था में गोचर करने से विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

 

वक्री मंगल का मेष राशि से गोचर
वक्री मंगल का मेष राशि से गोचर

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर तनावपूर्ण रह सकता है अतः तनाव लेने से बचें, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, आलस्य का त्याग करें, फोड़े-फुंसी की समस्या रह सकती है, प्रॉपर्टी से जुड़े कार्य कुछ समय के टालने का प्रयास करें।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या दे सकता है अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, मंगल के वक्री गोचर के दौरान आपको अत्यधिक प्रयास करना पड़ सकता है, दामपत्य जीवन मिला-जुला रहेगा, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर जीवनसाथी से क्षणिक विवाद कराने वाला हो सकता है अतः जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, अचानक धन हानि के योग बनेंगे, जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में लाभ होगा, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर अधिक शुभ नही है अतः व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, व्यापार में कुछ बदलाव के योग बनेंगे, जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों पर अच्छे से सोच-विचार कर लें तथा संभव हो कुछ समय के लिए टालने का प्रयास करें।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए मंगल का वक्री अवस्था में गोचर सामान्य रहेगा विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर मे किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के मंगल का वक्री अवस्था से गोचर सामान्य रहेगा कार्यस्थल पर अत्यधिक कार्यभार रहने से थकान अनुभव होगी, नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, आवेश में आने से बचें, जीवनसाथी की वाणी थोड़ी गर्माहट लिए हुए होगी जिस कारण से तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, बड़े भाई-बहन से कुछ सहयोग प्राप्त होने से कुछ राहत अनुभव होगी।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर सामान्य रहेगा जिसमें आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, यदि आप पार्टनरशिप में नया कार्य आरंभ करना चाहते हैं तो अभी कुछ समय रुक जाए, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें अन्यथा परिवार में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर शुभ सिद्ध होगा लंबे समय से चली आ रही बीमारी से राहत मिलेगी फिर भी स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें, क्रोध पर नियंत्रण रखें क्योंकि आपका क्रोध ही आपका सबसे बड़ा शत्रु है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, किसी उच्च अधिकारी या अपने सीनियर से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए मंगल का वक्री अवस्था में गोचर सामान्य रहेगा प्रेम संबंधों में कुछ कड़वाहट आ सकती है, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, व्यय में वृद्धि होगी, तामसिक चीजों के सेवन से परहेज करें, फोड़े-फुंसी, घाव, रक्त जनित विकार, स्किन एलर्जी, महिलाओं को हार्मोन्स से जुड़ी समस्या रह सकती है अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए मंगल का वक्री गोचर शुभ सिद्ध होगा जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव है, आर्थिक दृष्टिकोण से यह समय उत्तम सिद्ध होगा, यदि आप नए कार्य का आरंभ करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए बेहद शुभ रहेगा, मित्रों पर अधिक विश्वास करने से बचें, जो लोग भूमि क्रय करना चाहते हैं उनके लिए भूमि क्रय करने के योग बनेंगे।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए मंगल का वक्री अवस्था से गोचर बेहद शुभ नही रहेगा अतः वाहन सावधानी से चलाएं, चोट या फोड़े-फुंसी होने की संभावना रहेगी, क्रोध पर नियंत्रण रखें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, छोटे भाई-बहन से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, आवेश में आकर निर्णय लेने से बचें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए मंगल का वक्री अवस्था में गोचर शुभ सिद्ध होगा उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, व्यापारियों के लिए यह समय अच्छा सिद्ध होगा, सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी, भूमि से जुड़े मामले लाभदायक सिद्ध होंगे, विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, संतान को कष्ट संभव है, गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।

 

जय श्री राम।

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भारत में विनाशकारी प्राकृतिक आपदा की आशंका जानें किन जगहों पर आएगी प्राकृतिक आपदा व भारत-चीन सीमा विवाद से जुड़ी भविष्यवाणी

भारत में विनाशकारी प्राकृतिक आपदा की आशंका जानें किन जगहों पर आएगी प्राकृतिक आपदा व भारत-चीन सीमा विवाद से जुड़ी भविष्यवाणी

 

भूकंप की आशंका
भूकंप की आशंका

 

वर्ष 2020 के सितंबर, अक्टूबर व नवंबर माह के गोचर के अनुसार भारत पर सितंबर माह में राहु-केतुके गोचर परिवर्तन के समय के आस-पास अर्थात सितंबर 2020 के अंतिम भाग या अक्टूबर 2020 के प्रथम सप्ताह में प्राकृतिक आपदा भूकंप के रूप में आ सकती है यह भूकंप भारत के पश्चिम व उत्तर-पूर्व दिशा में महसूस किया जा सकता है जिसकी तीव्रता 5.02 से अधिक मापी जाएगी।

 

 

भारत-चीन सीमा विवाद
भारत-चीन सीमा विवाद

 

यदि भारत व चीन सीमा विवाद के बारे में बात की जाए तो नवंबर 2020 तक युद्ध के हालात बने हुए हैं अतः युद्ध की आशंका रहेगी और समय-समय पर सीमा उलंघन के कारण से दोनों देशों के मध्य टकरार बना रह सकता है यह भी संभव है कि युद्ध न हो फिर भी दोनों देशों के बीच माहौल गरम बना रहेगा जिसमें भारत का पलड़ा भारी रहेगा क्योंकि भारत की वृषभ लग्न की कुंडली है जिसमें शनि भाग्येश होकर भाग्य स्थान से गोचर करेंगे जो कि भाग्य की वृद्धि करेंगे साथ ही पराक्रम भाव को देखने के कारण से भारत के पराक्रम में वृद्धि भी करेंगे तथा राहु का भी गोचर भारत की कुंडली के लग्न से रहेगा वृषभ लग्न कुंडली में राहु का लग्न से गोचर शुभ होता है तथा राहु की नवम दृष्टि भाग्य स्थान पर होने से भाग्य स्थान से गोचरस्थ शनि पर भी दृष्टि रहेगी जो कि भाग्य वृद्धि का सूचक है ज्योतिष में राहु को ज्योतिष में राजनीति का कारक माना गया है जिसकी भाग्य स्थानस्वराशि गोचर कर रहे शनि पर दृष्टि भारत को राजनीति पक्ष में कुछ उथल-पुथल के साथ सफलता देगा कुल मिलाकर भारतचीन सीमा विवाद में विजय भारत की ही होगी और चीन इस बार भारत के किसी भी हिस्से में कब्जा नही कर सकेगा।

 

यह भविष्यकथन भारत की कुंडली पर सितंबर 2020, अक्टूबर 2020 व नवंबर 2020 के गोचर को ध्यान रखकर निकाला गया है आगे जैसी प्रभु इच्छा🙏🏻

 

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2 सितंबर 2020 बुध का उच्च राशि कन्या से गोचर जानें बुध के इस गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा

2 सितंबर 2020 बुध का उच्च राशि कन्या से गोचर जानें बुध के इस गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा

 

बुध का कन्या राशि से गोचर
बुध का कन्या राशि से गोचर

 

वैदिक ज्योतिष में बुध को राजकुमार का पद प्राप्त है जो कि हमेशा सूर्य के सानिध्य में ही रहते हैं, बुध 2 सितंबर की प्रातः 12 बजकर 3 मिनट 5 सेकंड पर सिंह राशि को छोड़कर कन्या राशि में चले जाएंगे जहाँ 22 सितंबर की शाम 4 बजकर 54 मिनट 58 सेकंड तक रहेंगे, बुध मिथुन व कन्या राशि के स्वामी होते हैं और कन्या राशि में ही उच्च के भी होते हैं मीन राशि बुध की नीच राशि होती है, बुध बुद्धि व विवेक के कारक होते हैं अतः बुध के कन्या राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रकार से प्रभाव पड़ेंगे तो चलिए जानते हैं बुध के इस गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-

 

बुध कन्या में जानें राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव
बुध कन्या में जानें राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए बुध तीसरे व छठे भाव के स्वामी होकर षष्ठ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, बुद्धि-विवेक द्वारा शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष से लाभ संभव रहेगा, कर्ज देने व कर्ज लेने से बचें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, त्वचा से संबंधित परेशानी संभव है, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बुध का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए बुध दूसरे व पंचम भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह उत्तम समय रहेगा, जिनका कार्य बैंकिंग, फाइनेंस, मार्केटिंग से जुड़ा हुआ है उनके लिए बुध का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, प्रेमियों के मध्य संबंध मधुर होंगे तथा लंबे समय से चले आ रहे विवाद समाप्त होंगे, जीवनसाथी के साथ रोमैंटिक पल बिताएंगे, कार्यों में अचानक से कोई व्यवधान उत्पन्न हो सकता है, बुध के इस गोचरकाल के दौरान आप नई चीजों को सीखने व कुछ नया करने का सोच सकते हैं, भविष्य को लेकर कुछ प्लान कर सकते हैं।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए बुध पहले व चतुर्थ भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, जीवनसाथी के साथ किसी रोमैंटिक यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, विद्यार्थियों के लिए बुध का यह गोचर अत्यंत शुभ रहेगा, पिता जी के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, अचानक से किसी कार्य में बाधा आना संभव है।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए बुध तीसरे व द्वादश भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप छोटी यात्राओं के योग बनेंगे व उन यात्राओं से लाभ भी प्राप्त होगा, छोटे भाई-बहन से चले आ रहे विवाद समाप्त होंगे, भाग्य का पूर्ण सहयोग नही प्राप्त हो सकेगा, छोटे भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, बुद्धि व विवेक द्वारा उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी, विद्यार्थियों के लिए यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए बुध दूसरे व एकादश भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, वाणी का लोहों पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा जिसके कारण से आपके रुके हुए कार्य भी पूर्ण होंगे, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, परिवार के सदस्यों के साथ अच्छा समय बीतेगा व परिवार में लंबे समय से चले आ रहे विवाद समाप्त होंगे, घर में किसी नए मेहमान का आगमन संभव है, व्यर्थ के खर्चों पर नियंत्रण रखें।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए बुध पहले व दशम भाव के स्वामी होकर लग्न से गोचर करेंगे फलस्वरूप स्वास्थ्य में सुधार होगा, आय में वृद्धि के योग बनेंगे, जीवनसाथी से विवाद संभव रहेगा, नौकरी पेशा लोगों को कार्यस्थल पर थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, परिवार के लोग आपके व्यवहार से खुश होंगे वहीं सामाजिक जीवन में भी लोग आपसे आकर्षित हो सकते हैं, किसी भी कार्य को लेकर बहुत अधिक सोच-विचार करने से बचें अन्यथा आपके कार्यों में अड़चन आ सकती है।

 

तुला राशि:-

 

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए नवम व द्वादश भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप यात्राओं के योग बनेंगे, आप धार्मिक यात्रा पर भी जा सकते हैं, खर्चों पर नियंत्रण रखें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, बुध के इस गोचर काल के दौरान आपके समझ अनेक प्रकार की उलझनें पैदा हो सकती है जिससे आपको निर्णय लेने में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, तनाव लेने से बचें व स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कोई पुरानी बीमारी पुनः उभर कर सामने आ सकती है, विद्यार्थियों के लिए बुध का यह गोचर मिला-जुला रहेगा।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध अष्टम व एकादश भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों से लाभ प्राप्त होने के योग बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, बुध के इस गोचर काल के दौरान मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है, परिवार का माहौल सामान्य रहेगा, बड़े भाई-बहन से सहयोग प्राप्त होगा।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए बुध सप्तम व दशम भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आपका कार्य बैंकिंग, फाइनेंस, टीचिंग से जुड़ा हुआ है तो बुध का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, प्रमोशन की बात चल सकती है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव है, बुध के इस गोचर के दौरान आप में स्वार्थ भावना जागृत हो सकती है जिस कारण घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए षष्ठ और नवम भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप धर्म-आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें हालाँकि आपको शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी फिर भी सतर्क रहें, भाग्य का ओरण सहयोग प्राप्त होगा फिर भी आपके कार्य में अचानक से कोई व्यवधान उत्पन्न हो सकता है, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव है, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए बुध पंचम व अष्टम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप लंबे समय से चली आ रही बीमारी से राहत मिलेगी, संतान को कष्ट संभव है, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए बुध का यह गोचर मिला-जुला रहेगा, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, ससुराल पक्ष से चले आ रहे विवाद समाप्त होंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, परिवार में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः सूझ-बूझ से काम लें व तनाव लेने से बचें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए बुध चतुर्थ व सप्तम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, प्रेमियों के लिए बुध का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, जो प्रेमी युगल विवाह के बंधन में बंधना चाहते हैं वह बुध के इस गोचर काल में अवश्य प्रयास करें।

 

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सितंबर 2020: शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले विशिष्ट ग्रह योग

सितंबर 2020: शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले विशिष्ट ग्रह योग

 

ग्रह और शेयर बाजार
ग्रह और शेयर बाजार

 

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मास के आरंभ में ही बाजार का रुख गरम रहेगा, वाहन, उद्योग, मशीनरी, चाय, टेल्को, रिलाइंस एल एम एल, मेडिसिन आदि कंपनियों के शेयर्स में उछाल आएगा, 3 सितंबर को योग तेज कारक रहेगा तथा 6 से 11 सितंबर तक मंदी का भी योग है अतः शेयर बाजार में पैसा लगाने से बचें, सितंबर के दूसरे सप्ताह में गुरु के मार्गी होने से डाबर, डा. रेबीज, जॉनसन एंड जॉनसन के शेयर्स में उछाल आएगा तथा केमकल्स, औधौगिक बैंक, स्टील, सुगंध, टेली उद्योग मशीनरी आदि कंपनी के शेयर्स बाजार में गिरावट आएगी अतः पुराने शेयर्स की बिकवाली के लिए यह सप्ताह शुभ नही है।

 

16 सितंबर को सूर्य की कन्या सक्रांति पड़ रही है अतः शेयर खरीदने का यह बहुत शुभ समय है, सूचना प्रौधौगिकी, बी. एस. एन. एल., एम. टी. एन. एल., विदेशी मुद्रा में गिरावट, ब्याज दरें तेज, बैंकिंग, आई. टी. इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को बनाने वाली सभी कंपनियों के शेयर्स में तेजी का योग बनता है, माह के अंतिम सप्ताह में शनि मार्गी हो जाएंगे जिससे शेयर्स मार्केट में तेजी का प्रभाव दिखने लगेगा तथा इस बीच विशेष रूप से टेल्को, टिस्को, रिलाइंस, कॉटन, गारमेंट्स बनाने वाली कंपनियों के शेयर्स, रसायनिक पदार्थों में एवं गृहोपयोगी वस्तुओं को बनाने वाली कंपनियों के शेयर्स में खास तेजी रहेगी।

 

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जीवन में सर्वोच्च धन लाभ का समय: जानें कुंडली से कैसे ज्ञात किया जाए कि किस आयु में व्यक्ति को सर्वोच्च धन लाभ होता है

जीवन में सर्वोच्च धन लाभ का समय: जानें कुंडली से कैसे ज्ञात किया जाए कि किस आयु में व्यक्ति को सर्वोच्च धन लाभ होता है

 

 

जीवन यापन के लिए सबसे जरूरी धन होता है क्योंकि धन से ही हमें भोजन, भवन व सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं मेरे पास बहुत से व्यक्ति यह प्रश्न लेकर आते हैं कि जीवन की किस आयु में मेरे पास सर्वोच्च धन होगा तो चलिए आज इसी विषय पर मैं अपने ज्ञान व अनुभव पर आधारित सूत्र पर चर्चा करता हूँ जिसे आप सभी किसी भी जन्म कुंडली में लगा कर उस कुंडली के सर्वोच्च धन लाभ की आयु को ज्ञात कर सकते हैं।

 

सर्वोच्च धन लाभ से ही स्पष्ट हो जाता है कि हमें इस सूत्र में धन भाव  (कुंडली के द्वितीय भाव से धन का विचार किया जाता है) की आवश्यकता होगी तदोपरांत सुख भाव (कुंडली के चतुर्थ भाव से सुख का विचार किया जाता है), भाग्य भाव (कुंडली के नवम भाव से भाग्य भाव का विचार किया जाता है), लाभ भाव (कुंडली के एकादश भाव से लाभ का विचार किया जाता है) तथा लग्न का विचार किया जाता है:-

 

सूत्र:-

 

जन्म कुंडली के लग्न, द्वितीय, चतुर्थ, नवम व एकादश भाव में जो राशि हो उनको एक जगह लिख लें तदोपरांत उन भावों में जो ग्रह हो उनके मूलांक को लिख लें फिर उन दोनों  (भाव राशि के योगफल व ग्रहों  के मूलांक के योगफल)को जोड़ कर उनका योगफल ज्ञात कर लें और जो योगफल आए उसमें 12 से भाग दें दे तदोपरांत भाग देने पर जो शेषफल हमें ज्ञात हो उस शेषफल को धनेश जिस भाव में स्थित हो उस भाव से उतने भाव आगे जो राशि हो उस राशि के स्वामी की दशा में व्यक्ति सर्वोच्च धन लाभ प्राप्त करता है।

 

प्रश्न यह उठता है कि उक्त ग्रह की दशा में भी वह कौन सा समय होगा जब व्यक्ति अपने जीवन में सर्वोच्च धन लाभ प्राप्त करेंगे तो उक्त ग्रह की दशा में जब धन भाव में स्थित ग्रह की दशा आवे तब व्यक्ति को विशेष धन लाभ होता है।

 

अब प्रश्न यह उठता है कि यदि धन भाव में कोई भी ग्रह न स्थित हो तो वह समय कैसे ज्ञात किया जाए तो यदि धन भाव में यदि कोई भी ग्रह न स्थित हो तो धन भाव में जो राशि हो उसके स्वामी के मित्र ग्रह यदि धन भाव को देखें तो उन मित्र ग्रहों की अंतर्दशा में सर्वोच्च धन लाभ होता है।

 

अब प्रश्न यह उठता है कि यदि धन भाव में न तो कोई ग्रह बैठा हो और न ही धन भाव को कोई ग्रह देखता हो तब कैसे ज्ञात किया जाए कि व्यक्ति को सर्वोच्च धन लाभ कब होगा तो उस परिस्थिति में उक्त ग्रह की दशा में जब धनेश की अंतर्दशा आवे तब व्यक्ति को सर्वोच्च धन लाभ होता है।

ग्रहों के मूलांक:-

 

सूर्य से शनि तक सभी 7 ग्रहों के अपने-अपने मूलांक होते हैं किंतु राहु व केतु छाया ग्रह के होने से कारण से उनका कोई मूलांक नही होता अतः उनके मूलांक को 0 माना जाता है, ग्रहों के मूलांक:-

 

◆ सूर्य:- 7
◆ चंद्र:- 3
◆ मंगल:- 10
◆ बुध:- 6
◆ गुरु:- 9
◆ शुक्र:- 5
◆ शनि:- 1
◆ राहु:- 0
◆ केतु:- 0

 

चलिए इसको एक उदाहरण से समझते हैं:-

 

उदाहरण कुंडली
उदाहरण कुंडली

 

यह धनु लग्न की कुंडली है इसके द्वितीय भाव में 10, चतुर्थ भाव में 12, नवम भाव में 5, एकादश भाव में 7लग्न में 9 अंक है अतः उपरोक्त सूत्र के अनुसार इनको जोड़ने पर हमें 43 प्राप्त होगा।

 

अब इन्ही भावों में बैठे ग्रहों के मूलांक का योगफल ज्ञात करते हैं तो इस कुंडली के धन भाव में शुक्र व राहु, चतुर्थ, नवम व एकादश भाव में कोई ग्रह स्थित नही है, लग्न में सूर्य, शनि व बुध स्थित हैं अतः उपरोक्त सूत्र के अनुसार इन ग्रहों के मूलांक का योगफल ज्ञात करना चाहिए:-

 

शुक्र:- 5, सूर्य:- 7, शनि:- 1 व बुध:- 6 इन ग्रहों के मूलांक है जिनका योगफल 5+7+1+6= 19 प्राप्त होता है।

 

अब उपरोक्त बताए गए सूत्र के अनुसार प्रथम/लग्न, द्वितीय, चतुर्थ, नवम व एकादश भाव में स्थित अंक का योगफल व इन्ही भावों में स्थित ग्रह के मूलांक के योगफल को जोड़ देने पर 43+19= 62 प्राप्त होता है।

 

उपरोक्त बताए गए सूत्र के अनुसार हम अब इस योगफल में 12 का भाग देंगे:-

 

62÷12= 5

शेष:- 2

 

अब उपरोक्त कुंडली में बताए गए सूत्र अनुसार धनेश शनि लग्न में स्थित है और लग्न से द्वितीय भाव हमें धन भाव ही प्राप्त होता है जहाँ 10 लिखा हुआ है जिनके स्वामी शनि है अतः इस जातक/जातिका को शनि की दशा में सर्वोच्च धन लाभ होगा तथा धन भाव में शुक्र व राहु स्थित है अतः जब शनि की दशा में शुक्र व राहु की अंतर्दशा आएगी तब इन जातक/जातिका को अपने जीवनकाल का सर्वोच्च धन प्राप्त होगा।

 

विशेष:-

 

१. कभी-कभी 12 से भाग देने पर शेष 0 बचे तो इसका फल ज्ञात करने की अलग विधि होती है जिसको मैं अगले भाग में लिखूँगा।

 

२. यदि इस सूत्र को लगाने पर जिस ग्रह की दशा में व्यक्ति को सर्वोच्च धन लाभ प्राप्त होना है वह दशा बचपन में निकल गयी हो या जीवनकाल में वह दशा भोग्य ही न रहने वाली हो तो सर्वोच्च धन लाभ ज्ञात करने की अलग विधि होती है जिसे मैं अगले भाग में प्रकाशित करूँगा।

 

जय श्री राम।

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शुक्र का कर्क राशि से गोचर 1 सितंबर 2020: जानें किस राशि वालों पर क्या प्रभाव पड़ेगा व किन राशि वालों की चमकेगी किस्मत

शुक्र का कर्क राशि से गोचर 1 सितंबर 2020: जानें किस राशि वालों पर क्या प्रभाव पड़ेगा व किन राशि वालों की चमकेगी किस्मत

 

शुक्र का कर्क राशि से गोचर
शुक्र का कर्क राशि से गोचर

 

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को कला, वैभव, सौंदर्य, प्रेम, भौतिक सुख, का कारक माना गया है सामान्य शब्दों में समझा जाए तो हर प्रकार के सुख जिनसे प्राप्त होते हैं उन सभी के कारक शुक्र होते हैं यह देव गुरु वृहस्पति के भाई व दैत्यों के आचार्य हैं नव ग्रहों में एकमात्र शुक्र ही है जिन्हें मृत संजीवनी विद्या का ज्ञान है, 1 सितंबर 2020 मंगलवार को 2 बजकर 2 मिनट 01 सेकंड पर शुक्र गोचर बदलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे जिसके कारण से विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रकार के फल प्राप्त होंगे तो चलिए जानते हैं शुक्र के कर्क राशि से गोचर के दौरान किन राशियों को क्या फल प्राप्त होंगे:-

 

शुक्र के कर्क राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-

 

दशा का भोग्यकाल ज्ञात करने की सरल विधि

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए शुक्र दूसरे व सप्तम भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा साथ ही घर के में माहौल में खुशी का वातावरण रहने से मन प्रसन्न रहेगा, प्रेमियों के जीवन में भावुकता हावी हो सकती है अतः भावनाओ पर नियंत्रण रखें, सर्दी-जुकाम की समस्या रह सकती है।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र प्रथम व षष्ठ भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, संगीत, कला के प्रति रुझान बढ़ेगा, आपके मन में कुछ नया करने की चाह उत्पन्न होगी, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, जीवनसाथी के साथ कहीं घूमना जाने का सोच रहे हैं तो शुक्र का यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ सिद्ध होगा जिससे संबंधों में मधुरता आएगी, पुराने मित्रों व करीबी लोगों से मुलाकात संभव है, विद्यार्थियों के लिए भी शुक्र का यह गोचर काफी अच्छा रहेगा।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र पंचम व द्वादश भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, शिक्षा के क्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होंगी, परिवार का माहौल अच्छा रहने से मन प्रसन्न रहेगा, यदि आप किसी पारिवारिक व्यवसाय या साझेदारी में कोई व्यवसाय करते हैं तो शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ होगा, वाणी का लोगों पर प्रभाव पड़ेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, व्यय में वृद्धि होगी, नेत्रों में किसी प्रकार की समस्या संभव है, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, खाने-पीने व यात्राओं पर धन व्यय होने के योग बनेंगे।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए शुक्र चतुर्थ व एकादश भाव के स्वामी होकर प्रथम भाव अर्थात लग्न से गोचर करेंगे फलस्वरूप बौद्धिक क्षमता से उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे व कला और संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, जिनका कार्य मीडिया, सौंदर्य उत्पादों से जुड़ा हुआ है उनके लिए शुक्र का यह गोचर काफी अच्छा रहेगा, परिवार में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा, शुक्र के इस गोचर के दौरान आप भौतिक सुखों को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहेंगे, स्वास्थ्य के लिहाज से भी शुक्र का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा फिर भी बाहर की चीजों का सेवन करने से परहेज करें।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए शुक्र तीसरे व दसवें भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे द्वादश भाव में शुक्र शुभ फल देता है क्योंकि काल पुरुष के द्वादश भाव में ही शुक्र उच्च के होते हैं फलस्वरूप जो लोग विदेशों से जुड़ा व्यापार करते हैं या विदेशी कंपनियों में काम करते हैं उनके लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, विदेश/परदेश यात्रा के भी योग बनेंगे, व्यय में वृद्धि होगी, किसी महिला या सुख के संसाधनों पर धन व्यय होगा, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, शुक्र के इस गोचर काल के दौरान आप आध्यात्मिक सुखों की जगह भौतिक सुखों को अधिक प्रधानता देंगे, बाईं नेत्र में किसी प्रकार की समस्या संभव है, स्वास्थ्य का भी विशेष ख्याल रखें।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए शुक्र दूसरे व नवम भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे जो कि बेहद शुभ रहेगा फलस्वरूप धन लाभ होने के योग बनेंगे, नौकरी पेशा व व्यापारी वर्ग के लोगों के लिए शुक्र का यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, परिवार के सदस्यों के साथ संबंध मधुर होंगे व घर के वातावरण में खुशियों का माहौल रहेगा, बड़ी बहन या किसी महिला से लाभ मिलने की संभावना रहेगी, लंबे समय से आपको जो स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं थी उनसे राहत मिलेगी, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, मनोरंजन देने वाले साधनों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए शुक्र पहले व अष्टम भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, किसी वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात संभव है, नौकरी पेशा लोगों के लिए प्रमोशन के योग बनेंगे, व्यापार वृद्धि हेतु भी आप कोई योजना बना सकते हैं जिससे आपको भविष्य में लाभ होगा, आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे जिससे आपके रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे व आपके लोगों से संबंध भी मधुर होंगे, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, पिता से चले आ रहे वैचारिक मतभेद समाप्त होंगे, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र सप्तम व द्वादश भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर होगा फलस्वरूप आध्यात्म के प्रति आपका रुझान अधिक बड़ेगा, किसी ज्ञानी व्यक्ति से आपकी मुलाकात संभव रहेगी, धर्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, दामपत्य जीवन अच्छा रहेगा, घर में बड़ों-बुजुर्गों के साथ समय बिताना आपको अच्छा लगेगा व उनके साथ आपका अच्छा समय भी बीतेगा, जो लोग उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए भी शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, जो लोग संगीत, कला, सौंदर्य प्रकाशन से जुड़े हुए हैं उनके लिए भी शुक्र का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, यात्राओं के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए शुक्र षष्ठ व एकादश भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, शुक्र के इस गोचर के दौरान आपके शत्रु सक्रिय रहेंगे, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, किसी भी महिला से व्यर्थ विवाद न करें, स्वास्थ्य के लिहाज से शुक्र का यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा क्योंकि शुक्र ही इकलौता ऐसा ग्रह है जिसे मृत संजीवनी का ज्ञान है और अष्टम भाव आयु का विचार है अतः आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा व लंबे समय से चली आ रही बीमारी से राहत मिलेगी फिर भी अधिक मिर्च-मसाले, तामसिक चीजों से परहेज करें अन्यथा पेट/उदर से संबंधित परेशानी संभव है, दामपत्य जीवन अच्छा रहेगा, जीवनसाथी के साथ संबंधों को मजबूत करने और उन्हें समझने का यह अच्छा समय रहेगा क्योंकि अष्टम भाव जीवनसाथी की वाणी का भी भाव है जहाँ शुक्र जैसा सौम्य ग्रह वाणी में मधुरता देता है, किसी को उधार पैसा देने से बचें।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए शुक्र पंचम व दशम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, जो लोग साझेदारी में व्यापार करते हैं उनके लिए शुक्र का यह गोचर काफी अच्छा रहेगा, दामपत्य जीवन अच्छा रहेगा, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, मित्रों से मुलाकात संभव है, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, प्रेमियों के लिए भी शुक्र का यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे विवाह करना चाहते हैं तो यह समय अपने पार्टनर को प्रपोज करने के लिए शुभ रहेगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, प्रमोशन के भी योग बनेंगे, आपका व्यक्तित्व आकर्षक रहेगा जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र चतुर्थ व नवम भाव के स्वामी होकर छठे भाव से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, अधिक मिर्च-मसालों से बने पदार्थों से परहेज करें, कार्यक्षेत्र में अचानक से किसी समस्या के आने से तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी अतः तनाव लेने से बचें व कार्य पर ध्यान दें, पिता के स्वास्थ्य में भी समस्या संभव है अतः पिता के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें, किसी महिला से व्यर्थ विवाद में पड़ें, शुक्र के इस गोचर के दौरान आपके शत्रु सक्रिय रहेंगे, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, मामा पक्ष से विवाद संभव रहेगा, अचानक यात्राओं के योग बनेंगे व यात्राओं पर धन व्यय होगा, अनैतिक संबंध बनाने से बचें, शुक्र का यह गोचर आपके लिए अधिक शुभ नही है अतः नित्य लक्ष्मी चालीसा व श्रीसूक्त का पाठ करें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए शुक्र तीसरे व अष्टम भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, बुद्धि बल द्वारा उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, रचनात्मक कार्यों के प्रति झुकाव बड़ेगा, जो छात्र शोध कार्यों में लगे हैं उनके लिए भी शुक्र का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, प्रेमियों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, प्रेम जीवन में मधुरता आएगी किंतु अपने प्रेमी से अधिक वायदे करने से बचें, दामपत्य जीवन अधिकांश ठीक रहेगा।

 

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