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अक्षय नवमी 2025: जानिए अक्षय नवमी का महत्व व शुभ मुहूर्त्त

कार्तिक माह में देवउठनी एकादशी से दो दिन पहले पड़ने वाली नवमी को आंवला नवमी, इच्छा नवमी और अक्षय नवमी के नाम से जाना जाता है, इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के पेड़ की भी पूजा की जाती है अक्षय का अर्थ ही है कभी न नष्ट होने वाला अतः अक्षय नवमी पर किए गए दान-पुण्य, व्रत व अन्य शुभ कार्यों से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है।

अक्षय नवमी शुभ मुहूर्त्त

“ऋषिकेश पंचांग (काशी)” अनुसार वर्ष 2025 में कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि 29 अक्टूबर की मध्य रात्रि 04:52 पर लगेगी जो कि 30 अक्टूबर की मध्य रात्रि 04:41 तक रहेगी अतः अक्षय नवमी 30 अक्टूबर को मनाई जाएगी इस दिन प्रातः 07:46 से 10:02 तक वृश्चिक लग्न और श्रवण नक्षत्र में पूजन मुहूर्त्त है।

इसके अतिरिक्त स्थिर लग्न कुंभ दोपहर 01:56 से 03:27 और वृषभ लग्न शाम 06:32 से रात्रि 08:28 का समय भी पूजन के लिए उत्तम है।

अक्षय नवमी का महत्व

धर्म शास्त्रों के अनुसार मान्यता है कि अक्षय नवमी के दिन किया गया पुण्य, दान या जप-तप कभी नष्ट नहीं होता तथा इस दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन पकाकर करने से उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त होता है और सुख-समृद्धि के रास्ते बनते हैं।​

अक्षय नवमी के दिन आंवले वृक्ष, भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी के साथ तुलसी की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति, अक्षय पुण्य फल और सौभाग्य की प्राप्ति होती है साथ ही आर्थिक स्थिरता भी बनी रहती है।

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धनतेरस 2025: जानिए खरीददारी व पूजन शुभ मुहूर्त्त

कार्तिक माह के कृष्ण त्रयोदशी को धनतेरस, धन्वंतरि जयंती के रूप में मनाते हैं जिसे धन त्रयोदशी और यमदीपदान त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है, स्कंदपुराण के वैष्णव खण्ड के 52 वें अध्याय के अनुसार:-

कार्तिकस्य तु मासस्य कृष्णपक्षे त्रयोदशी।

यमदीपं प्रयच्छेत प्रीत्यर्थं प्रेत्य न याम्यगः॥

अर्थात्:- कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी को यमराज के लिए दीपदान करना चाहिए, ऐसा करने वाला व्यक्ति मृत्यु के बाद यमलोक के कष्टों से मुक्त रहता है।

धर्मसिंधु व निरण्यामृत के अनुसार:-

।।धन्वन्तरिजयन्त्यां स्नानदानजपहोमादिकं विधिवत् कुर्यात्।।

अर्थात्:- धन्वन्तरि जयन्ती के दिन स्नान, दान, जप, होम आदि शास्त्रविधि से करना चाहिए।

वर्ष 2025 में कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी 18 अक्टूबर को दोपहर 01:21 पर लग रही है जो 19 अक्टूबर रविवार को दोपहर 01:55 तक रहेगी, इसी दिन शनि प्रदोष (पुत्र प्राप्ति के लिए किया जाने वाला व्रत) का अद्भुत संयोग बन रहा है।

खरीददारी का शुभ मुहूर्त्त:-

धनतेरस अर्थात् 18 अक्टूबर को दोपहर 01:21 पर त्रयोदशी तिथि लग रही है यह पर्व धनागमन और पूजन के लिए विशेष होता है इसलिए खरीददारी के लिए दोपहर 01:22 बाद का पूरा दिन शुभ है, फिर भी खरीदा गया धन व संपत्ति लंबे समय तक स्थिर बनी रहे इसके लिए स्थिर लग्न की प्रधानता होती है अतः स्थिर लग्न में सोना, चाँदी, सोने-चाँदी से बने आभूषण, गृह, संपत्ति, वाहन, गृहप्रवेश व विवाह आदि करना शुभ होता है।

प्रथम मुहूर्त्त:- दोपहर 02:42 से शाम 04:13 तक कुंभ लग्न में।

द्वितीय मुहूर्त्त:- शाम 07:18 से रात्रि 09:14 तक वृषभ लग्न में।

 

धनतेरस पूजन शुभ मुहूर्त्त:-

स्थिर लग्न में भगवान गणेश, धन्वन्तरि, माँ लक्ष्मी व कुबेरादि का पूजन स्थिर प्रभाव देने वाला होता है, पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान धन्वन्तरि, माँ लक्ष्मी व कुबेर आदि का पूजन करने से वर्ष भर घर में धन-धान्य एवं समृद्धि बनी रहती है लक्ष्मी तंत्र में कहा भी गया है:-

त्रयोदश्यां तु यः पूज्यां लक्ष्मीं धान्यसमन्विताम्।
तस्य कुबेरसहिता सदा वासं प्रयच्छति॥

अर्थात्:- त्रयोदशी तिथि के दिन लक्ष्मी व कुबेरादि पूजन से धन-धान्य व संपत्ति सदा बनी रहती है।

18 अक्टूबर 2025 को सूर्यास्त शाम 05:42 पर होगा अतः प्रदोषकाल रात्रि 08:06 तक पूजन से जुड़े सभी कार्य संपन्न कर लेना अत्यंत शुभ रहेगा जिससे माँ लक्ष्मी व गणेश जी का वास भी स्थिर रहे एवं गणेश, लक्ष्मी, धन्वन्तरि व कुबेरादि पूजन मुहूर्त्त शाम 07:18 से रात्रि 09:14 तक वृषभ लग्न में रहेगा।

Astrologer Pooshark Jetly

(Founder of Astrology Sutras)

 

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Diwali 2025: जानिए, दीपावली पूजन शुभ मुहूर्त्त व राशि अनुसार दीपावली विशेष उपाय

कार्तिक कृष्ण अमावस्या को प्रदोषकाल में दीपावली का पर्व मनाया जाता है साथ ही इस दिन दीपदान और लक्ष्मी पूजन आदि कर्म किया जाता है, वर्ष 2025 में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी 20 अक्टूबर 2025 सोमवार को दोपहर 02:55 तक है इसके बाद अमावस्या तिथि लग रही है जो अगले दिन मंगलवार 21 अक्टूबर 2025 की शाम 04:26 तक रहेगी।

धर्मसिन्धु के अनुसार:-

“पूर्वत्रैव प्रदोषव्यापतौ लक्ष्मीपूजनादौ पूर्वा”

अर्थात प्रदोष व्यापिनी अमावस्या में दीपदान व लक्ष्मीपूजनादि कृत्य करना चाहिए इस वर्ष प्रदोष व्यापिनी अमावस्या 20 अक्टूबर को मिल रही है जो संपूर्ण रात्रि रहेगी अतः इस वर्ष दीपावली का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

दीपावली पूजन शुभ मुहूर्त्त:-

दीपावली पूजन शुभ मुहूर्त्त
दीपावली पूजन शुभ मुहूर्त्त

दीपावली पूजन का मुख्यकाल प्रदोषकाल होता है जिसमें स्थिर लग्न की प्रधानता होती है अतः वृषभ, सिंह व कुंभ लग्न में दीपावली, लक्ष्मी, गणेश व कुबेरादि देवताओं का पूजन करना चाहिए।

प्रथम मुहूर्त्त वृषभ लग्न में शाम 07:10 से रात्रि 09:06 तक है।

द्वितीय मुहूर्त्त अर्धरात्रि सिंह लग्न में रात्रि 01:38 से 03:52 तक है।

तृतीय मुहूर्त्त 21 अक्टूबर को दोपहर 02:56 से 04:05 तक है।

 

राशि अनुसार दीपावली विशेष उपाय:-

जानिए राशि अनुसार दीपावली विशेष उपाय
जानिए राशि अनुसार दीपावली विशेष उपाय

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मेष राशि:- मेष राशि वाले व्यक्तियों के लिए गुड़, मसूर दाल, लाल या पीला मीठा व केले का दान किसी ब्राह्मण को दान करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि:- वृषभ राशि वाले व्यक्तियों के लिए चावल, चीनी, दहीं व खीर का किसी जरूरतमंद को दान करना शुभ रहेगा साथ ही दहीं का तिलक भी मस्तक पर करने से मन शांत होगा।

मिथुन राशि:- मिथुन राशि वाले व्यक्तियों के लिए हरे वस्त्र व हरी दाल किसी ब्राह्मण को दान करना चाहिए।

कर्क राशि:- कर्क राशि वाले व्यक्तियों को किसी महिला को खीर एवं किसी ब्राह्मण को केले का दान करना शुभ रहेगा।

सिंह राशि:- सिंह राशि वाले व्यक्तियों के लिए गेहूँ, गुड़ और वस्त्र किसी भिखारी को दान करना शुभ रहेगा।

कन्या राशि:- कन्या राशि वाले व्यक्तियों के लिए साबुत धनिया, कांसे का बर्तन व हरी सब्जियों का किसी जरूरतमंद को दान करना शुभ रहेगा।

तुला राशि:- तुला राशि वाले व्यक्तियों के लिए किसी विद्यार्थी को पुस्तक, पेन, पेंसिल और चॉकलेट का दान करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि वाले व्यक्तियों के लिए चने की दाल, गुड़, किशमिश का किसी ब्राह्मण को दान करना शुभ रहेगा।

धनु राशि:- धनु राशि वाले व्यक्तियों के लिए पीले वस्त्र, केसर युक्त खीर व केले का किसी ब्राह्मण को दान करना शुभ रहेगा।

मकर राशि:- मकर राशि वाले व्यक्तियों के लिए काली दाल, कंबल व सरसों का तेल किसी जरूरतमंद को दान करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि:- कुंभ राशि वाले व्यक्तियों के लिए चप्पल, हरी सब्जी, काली दाल, अनाज व सरसों का तेल किसी वृद्ध व्यक्ति या जरूरतमंद को दान करना शुभ रहेगा।

मीन राशि:- मीन राशि वाले व्यक्तियों के लिए हल्दी, बेसन, पीला मीठा, कंबल व केला कुसी ब्राह्मण को दान करना शुभ रहेगा।

Astrologer Pooshark Jetly

(Founder of Astrology Sutras)

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मंगल का मकर राशि से गोचर 5 फरवरी 2024—Astrology Sutras

मंगल का मकर राशि से गोचर 5 फरवरी 2024---Astrology Sutras
मंगल का मकर राशि से गोचर 5 फरवरी 2024—Astrology Sutras

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार भूमि पुत्र मंगल, लोहितांग के नाम से भी जाने जाते हैं जो कि शिव जी के पसीने से उत्पन्न हुए थे और देवी पृथ्वी के आग्रह करने पर शिव जी ने उन्हें सौंपा था, मंगल ग्रह को नव ग्रहों में सेनापति के नाम से जाना जाता है जो कि शक्ति, पराक्रम व ऊर्जा के ग्रह हैं इनका वर्ण रक्त अर्थात लाल है यदि मंगल किसी व्यक्ति की कुंडली में द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम व द्वादश भाव में हो तो कुज दोष जिसे हम सभी मंगल दोष के नाम से जानते हैं बनता है जो कि दामपत्य जीवन के लिए शुभ नही माना जाता है किंतु यदि यही मंगल राजयोगकारक हो जाए तो अनेक प्रकार शुभ प्रभावी हो जाता है, मेष व वृश्चिक मंगल की स्वराशि है अर्थात मेष व वृश्चिक राशि का स्वामित्व मंगल ग्रह के पास है, मंगल ग्रह मकर राशि में उच्च के तो कर्क राशि में नीच के हो जाते हैं “ऋषिकेश पंचांग (काशी)” के अनुसार मंगल ग्रह 5 फरवरी 2024 को शाम 05:53 पर अपनी उच्च राशि मकर जो कि शनि के स्वामित्व वाली राशि है में प्रवेश करेंगे और इस गोचरकाल में बुध के साथ 18 फरवरी और शुक्र के साथ 6 मार्च तक संबंध बनाएंगे और 15 मार्च की सुबह 4:28 पर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे तो चलिए जानते हैं मंगल के मकर राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-

 

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मेष राशि:-

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए मंगल का दशम भाव से गोचर शुभ है लेकिन बुध के साथ संबंध रहने के कारण से 18 फरवरी तक बीच-बीच में कुछ चिंता देने वाला भी रह सकता है, कार्य के सिलसिले से यात्रा के योग बनेंगे, मेष राशि से ही गुरु का गोचर और अब शनि के साथ मंगल की मेष राशि को दृष्टि स्वाभिमान और क्रोध में वृद्धि को दर्शाती है अतः अपने क्रोध, स्वाभिमान, वाणी पर थोड़ा नियंत्रण रखने का प्रयास करना चाहिए, मंगल का शुक्र से संबंध शुभ रहेगा नवविवाहित लोगों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार मिलने के योग रहेंगे और जो लोग विवाह योग्य हो गए है और कुंडली से दशा भी विवाह योग दर्शाती है तो इस गोचरकाल में अच्छे रिश्ते मिलने के योग बनेंगे, स्थान परिवर्तन/नौकरी परिवर्तन के योग हैं, घरेलू वातावरण में कुछ तनाव अनुभव हो सकता है या किसी के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव के कारण से कुछ चिंता अनुभव हो सकती है, बेरोजगारों को नौकरी मिलने के योग रहेंगे और प्रेमी वर्ग के लिए यह गोचर मिला-जुला रहेगा अपने पार्टनर के स्वभाव में कुछ तेजी अनुभव हो सकती है।

 

वृषभ राशि:-

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए मंगल का भाग्य स्थान से गोचर शुभ है भाग्य का सहयोग मिलेगा, यात्रा के योग हैं, मंगल के इस गोचरकाल के दौरान प्रयासों में बाधा उत्पन्न हो सकती है लेकिन मंगल भाग्य स्थान में उच्च राशि में स्थित रहेंगे जिस कारण से कुछ प्रयास से बाधा पर विजय भी प्राप्त होगी, आय में वृद्धि के योग है जो व्यक्ति तकनीकी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उनके लिए यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी व जो लोग विवाह योग हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, खर्च में अधिकता के कारण से आमदनी और खर्च के बीच सामंजस्य बैठाने में कुछ परेशानी अनुभव हो सकती है, सोच-विचार कर लिए गए फैसले भविष्य में उन्नति के नए अवसर प्रदान करने वाले रहेंगे, दाम्पत्य जीवन में किसी गलतफहमी के चलते कुछ तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न होने की संभावना रहेगी, विद्यार्थी व प्रेमी वर्ग के लिए मंगल का यह गोचर औसत फल देने वाला रहेगा।

 

मिथुन राशि:-

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए मंगल का अष्टम भाव से गोचर बहुत अधिक शुभ फल देने वाला प्रतीत नही होता आपकी राशि से अष्टम स्थान में शुक्र और बुध से संबंध रहने के कारण से स्वास्थ्य जनित समस्याएं परेशान कर सकती है, चर्म/रक्त/उदर से जनित कोई दिक्कत अनुभव हो सकती है साथ ही मंगल का संबंध द्वितीय स्थान से भी होनेक कारण से परिवार व धन की स्थिति को लेकर भी हल्का तनाव अनुभव हो सकता है हालांकि मंगल की दृष्टि तृतीय स्थान पर मित्र राशि में रहेगी और गुरु भी तृतीय स्थान को देखेंगे जिस कारण से आप अपने प्रयासों में वृद्धि करने में लगे रहेंगे और कुछ विशेष प्रयास द्वारा उन्नति के अवसर प्राप्त करेंगे, क्रोध पर थोड़ा नियंत्रण रखें विशेष कार्यस्थल पर, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होने के योग रहेंगे लेकिन कारोबारियों को थोड़ा उतार-चढ़ाव देखना पड़ सकता है भाग्य स्थान से शनि का गोचर शुभ रहने से भाग्य का निरंतर सहयोग प्राप्त होता रहेगा, यात्रा पर जाने के योग बनेंगे।

 

कर्क राशि:-

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए मंगल का सप्तम स्थान से गोचर मिला-जुला रहेगा दाम्पत्य जीवन में कुछ छोटे-छोटे उतार-चढ़ाव एक-दो मौके पर देखने को मिल सकते हैं, शनि का अष्टम स्थान से गोचर भी दाम्पत्य जीवन मे कुछ तनाव का सूचक है और बुध के साथ मंगल का संबंध वैचारिक मतभेद या जीवनसाथी के स्वास्थ्य में कुछ परेशानी देने वाला रहेगा, कारोबारियों के लिए मंगल का यह गोचर विशेष शुभ फल देने वाला रहेगा, जो लोग नौकरी प्रमोशन का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं उनके प्रमोशन के योग बनेंगे, मंगल की दृष्टि आपकी राशि में नीच राशि पर होने के कारण से आपके स्वभाव में कुछ चिड़चिड़ापन सा अनुभव हो सकता है, विद्यार्थी वर्ग के लिए मंगल का यह गोचर शुभ रहेगा और प्रेमियों के जीवन में बने हुए तनाव में 18 फरवरी के बाद से कमी आने के योग हैं, जो लोग घर लेने का लंबे समय से प्लान कर रहे हैं उनके लिए भी घर देखने का यह अच्छा समय रहेगा।

 

सिंह राशि:-

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए मंगल षष्ठ भाव से गोचर मिला-जुला रहेगा फिजूल खर्च की अधिकता के कारण से धन संचय को लेकर कुछ चिंता सी बन सकती है मंगल का षष्ठ भाव से गोचर कुछ विशेष प्रयास से सफलता के योग को दर्शाता है, शुरुवात में बुध के साथ संबंध होने के कारण से 18 फरवरी तक का समय विशेष रूप से उतार-चढ़ाव वाला रहेगा, जिन्हें चर्म से जुड़ी कोई समस्या हो उन्हें अपने खान-पान का विशेष ध्यान देना चाहिए, शत्रुओं पर कुछ बुद्धि और चतुराई के द्वारा सफलता प्राप्त होगी लेकिन खर्च को लेकर आय और व्यय में सामंजस्य बैठाने को लेकर तनाव अनुभव होगा साथ ही स्वभाव में गुस्सा भी अधिक अनुभव होगा, हालांकि बुध 18 फरवरी को कुंभ राशि में आकर शुभ हो जाएंगे जिससे नौकरीपेशा लोगों के उन्नति के मार्ग खुलेंगे, स्थान परिवर्तन या किसी यात्रा पर जाने के योग हैं, बेरोजगारों को भी फरवरी के मध्य भाग के बाद अच्छा अवसर प्राप्त हो सकता है, विद्यार्थियों के लिए भी मंगल का यह गोचर अच्छा रहेगा लेकिन दाम्पत्य जीवन और प्रेम संबंधों में व्यर्थ के विवाद भी बन सकते हैं।

 

कन्या राशि:-

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए मंगल का गोचर पंचम स्थान से होगा जो कि अधिकांश औसत रहेगा फिर भी आय वृद्धि के लिए कुछ विशेष प्रयास करना पड़ेगा, मंगल का संबंध आय स्थान पर नीच राशि और खर्च के स्थान पर मित्र राशि से होने के कारण से आय और व्यय में सामंजस्य बैठाने में कुछ दिक्कत अनुभव हो सकती है, यात्रा के योग बनेंगे और 18 फरवरी को बुध के कुंभ राशि में आने के बाद से मन में कुछ राहत अनुभव होगी, स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहें पशु/वाहन/धारदार वस्तु/अग्नि से चोट की संभावना बनती दिख रही है, आलस्य का त्याग करें व किसी भी कार्य को समय पर पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करें अन्यथा यदि आपका प्रमोशन या इन्क्रीमेंट होना है तो उसमें देरी हो सकती है, विद्यार्थी वर्ग के लिए मंगल का यह गोचर शुभ है लेकिन पंचम भाव से मंगल का गोचर गुस्से में वृद्धि का सूचक है अतः गुस्से के कारण से प्रेम जीवन में कुछ चिंता बन सकती है, अपने सहकर्मियों से व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें।

 

तुला राशि:-

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए चतुर्थ स्थान से मंगल का गोचर अधिकांश अच्छा रहेगा कार्यक्षेत्र में बाधाओं के बनने पर भी आप कुछ बुद्धि व चतुराई द्वारा लिए गए फैसले से उन्नति के योग बनेंगे, आय में वृद्धि के योग हैं साथ ही जो लोग लंबे समय से नौकरी के प्रयास में लगे हैं उन्हें अच्छी नौकरी मिलने के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य में कुछ परेशानी संभव है, शनि का आपकी राशि से पंचम गोचर होने के कारण से अभी कार्यक्षेत्र में संतुष्टि मिलना थोड़ा मुश्किल रहेगा लेकिन मंगल का अपनी उच्च राशि से गोचर के कारण से सोच-विचार कर लिए गए निर्णय आगे के लिए शुभ रहेंगे, जो लोग घर खरीदने का प्लान कर रहे हैं उनके लिए यह अच्छा समय रहेगा और मंगल-शुक्र का संबंध घर के योग बनाएगा, कार्य के सिलसिले से यात्रा के योग बनेंगे और 18 फरवरी के बाद से खर्चों में कुछ वृद्धि अनुभव होगी, प्रेमी वर्ग व विद्यार्थी वर्ग के लिए भी मंगल का यह गोचर सामान्य फल करने वाला रहेगा, प्रेमी-प्रेमिका के मध्य व्यर्थ विवाद होने के योग रहेंगे साथ ही घरेलू वातावरण में भी जीवनसाथी के स्वभाव में कुछ तेजी अनुभव हो सकती है।

 

वृश्चिक राशि:-

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल का तृतीय स्थान से गोचर अधिकांश शुभ रहेगा मंगल के इस गोचरकाल के दौरान आपका भाग्य थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रहेगा लेकिन पराक्रम स्थान पर मंगल के अपने उच्च राशि से गोचर के कारण से आप हर बाधाओं को पार करने में सफल रहेंगे फिर भी पग-पग पर कुछ दिक्कत अनुभव होती रहेगी, जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें मंगल का यह गोचर व्यापारी वर्ग के लिए भी अच्छा रहेगा मंगल की कर्म स्थान पर सूर्य की राशि पर दृष्टि शुभ है साथ ही मंगल-शुक्र का संबंध यात्रा को भी दर्शाता है अतः कार्य से जुड़ी कोई यात्रा संभव रहेगी, मंगल-शुक्र का तृतीय स्थान से संबंध के कारण से विपरीत लिंग के प्रति झुकाव बढ़ने के योग रहेंगे साथ ही प्रेमियों के लिए भी मंगल का यह गोचर शुभ रहेगा, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन और स्थान परिवर्तन के योग हैं जो व्यक्ति लंबे समय से नौकरी परिवर्तन या स्थान परिवर्तन चाह रहे हैं मंगल का यह गोचर उनके लिए शुभ रहेगा, फिजूल खर्च, क्रोध व वाणी पर थोड़ा नियंत्रण रखना इस गोचरकाल के दौरान अधिक शुभ रहेगा।

 

धनु राशि:-

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए मंगल का द्वितीय स्थान से गोचर अधिकांश शुभ रहेगा फिर भी खर्च की अधिकता के कारण से आय और व्यय के बीच सामंजस्य बैठाने में कुछ दिक्कत अनुभव हो सकती है, वाणी पर नियंत्रण रखें, दामपत्य जीवन अधिकांश अच्छा रहेगा व मंगल का द्वितीय स्थान से बुध और शुक्र के साथ संबंध स्थान परिवर्तन या यात्रा के योग को दर्शाता है जिस कारण से यात्रा होने के योग रहेंगे, मंगल का धन स्थान से बुध के साथ संबंध होने के कारण से स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव अनुभव हो सकते हैं, मंगल की दृष्टि संतान स्थान पर रहेगी जहाँ गुरु बैठे हैं और शनि की दृष्टि भी है जिस कारण से संतान को लेकर कुछ चिंता बन सकती है लेकिन मंगल के अपनी ही राशि में गुरु को देखने के कारण से संतान का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और संतान के स्वभाव में कुछ क्रोध की अधिकता अनुभव हो सकती है, मंगल की आयु स्थान को नीच राशि पर दृष्टि उदर, रक्त या चर्म से जुड़ी कुछ शिकायत दे सकती है अतः खान-पान का ध्यान रखें, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा व पेशेवर जीवन से मंगल का यह गोचर अच्छा रहेगा और कुछ प्रयास से उन्नति के मार्ग खुलेंगे, मंगल के इस गोचरकाल के दौरान धन संचय होना थोड़ा मुश्किल लगता है लेकिन परिवार में खुशनुमा माहौल रहने से घरेलू वातावरण से मन प्रसन्न रहेगा फिर भी मंगल-बुध का दूसरे स्थान से गोचर आपकी वाणी में कुछ तेजी दे सकता है जिस कारण से दामपत्य जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव बन सकते हैं, विद्यार्थियों के लिए मंगल का यह गोचर शुभ रहेगा।

 

मकर राशि:-

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए मंगल का उन्ही की राशि से गोचर शुभ फल देने वाला रहेगा भाग्य का सहयोग मिलेगा व आय वृद्धि के योग बनेंगे, बेरोजगारों के लिए मंगल का यह गोचर शुभ रहेगा और जो लोग लंबे समय से पदोन्नति के प्रयास में लगे हैं उन्हें प्रमोशन मिल सकता है लेकिन मंगल का आपकी ही राशि से गोचर क्रोध में अधिकता, स्वभाव में चिडचिडापन दे सकता है साथ ही बुध के संबंध होने के कारण से कुछ मौकों पर व्यर्थ की चिंता भी बन सकती है, माता के स्वास्थ्य में कुछ तेजी अनुभव होगी व दामपत्य जीवन में भी उतार-चढ़ाव बन सकता है, विद्यार्थी वर्ग व प्रेमियों के लिए मंगल का यह गोचर शुभ रहेगा, नवविवाहित लोगों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा और मंगल के इस गोचरकाल की अवधि में आप मेहनत बहुत करेंगे और थोड़ा धैर्य व संयम के साथ लिए हुए निर्णय आगे की उन्नति के मार्ग प्रशस्त करेंगे।

 

कुंभ राशि:-

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए मंगल का द्वादश स्थान से गोचर मिले-जुले फल देने वाला रहेगा खर्चों में वृद्धि होगी और स्वास्थ्य जनित कुछ समस्याएं भी बन सकती है या दवा पर धन खर्च होने के योग रहेंगे, शत्रुओं से व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें अन्यथा तनाव अधिक बन सकता है मंगल की तृतीय स्थान को दृष्टि होने के कारण से कुछ विशेष प्रयास द्वारा शत्रुओं पर विजय पर कारोबार में उन्नति के योग बनेंगे, कार्य के सिलसिले से यात्राएं होंगी व नौकरी परिवर्तन के योग रहेंगे, कर्म स्थान के मालिक द्वादश भाव और तृतीय भाव से संबंध बनाएंगे साथ ही सप्तम स्थान पर मंगल-गुरु संबंध होने के कारण से कार्य के सिलसिले से यात्रा के योग बनेंगे साथ ही जो लोग लंबे समय से विदेश यात्रा का प्लान कर रहे हैं उन्हें विदेश यात्रा के अवसर प्राप्त हो सकते हैं, विवाह के लिए रिश्ते देखने के लिए यह अच्छा समय रहेगा साथ ही कार्यक्षेत्र में कुछ परिवर्तन द्वारा उन्नति के मार्ग खुलेंगे, कार्यस्थल पर लोगों विशेष अपने से ऊपर के पद पर विराजमान व्यक्ति के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, विद्यार्थियों व प्रेमियों के लिए मंगल का यह गोचर सामान्य रहेगा।

 

मीन राशि:-

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए मंगल का एकादश स्थान से गोचर शुभ रहेगा आय में वृद्धि के योग बनेंगे व बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी साथ ही शुक्र और बुध से संबंध होने के कारण से कार्यक्षेत्र में किसी महिला का सहयोग मिल सकता है, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं और घर में रिश्ते देखे जा रहे हैं उनका विवाह पक्का होने के अच्छे योग रहेंगे, प्रेमियों व विद्यार्थियों के लिए मंगल का यह गोचर बहुत शुभ नही दिखाई देता जिस कारण से मन में चिंता अनुभव होगी लेकिन शुक्र-मंगल का संबंध होने के कारण से प्रेमियों के मध्य क्षणिक विवाद के बाद सुलह होने और विद्यार्थियों को कुछ प्रयास से अच्छी सफलता मिलने के योग रहेंगे, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए मंगल का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा साथ ही शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त होगी, पेशेवर लोगों के लिए मंगल का यह गोचर उन्नति कारक और धन का लाभ कराने वाला रहेगा लेकिन फिर भी कभी-कभी खर्च की अधिकता के कारण से खर्च संचालन को लेकर कुछ चिंता सी अनुभव हो सकती है क्योंकि शनि की भी साढ़ेसाती का प्रभाव बना रहेगा फिर भी मंगल की अपनी राशि पर शुभ दृष्टि के कारण से आप ख़र्च का संचालन कुछ बुद्धि योग द्वारा करने में सफल रहेंगे।

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:- 9919367470
Email- pooshark@astrologysutras.com

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बुध का मकर राशि से गोचर 31 जनवरी 2024

बुध का मकर राशि से गोचर 31 जनवरी 2024
बुध का मकर राशि से गोचर 31 जनवरी 2024

 

वाणी व बौद्धिक क्षमता के कारक ग्रह बुध “ऋषिकेश पंचांग” के अनुसार 31 जनवरी को दिन 12 बजकर 11 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे और 18 फरवरी तक मकर राशि में रहेंगे इसी दौरान सूर्य भी मकर राशि में रहेंगे जिससे सूर्य और बुध के संयोग से बुधादित्य योग भी बनेगा और बुध अपनी इस अवधि के दौरान 5 फरवरी से मंगल और 11 फरवरी से शुक्र के साथ भी संबंध बनाएंगे तो चलिए जानते हैं बुध ग्रह के मकर राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-

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मेष राशि

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मेष राशि वालों के लिए बुध का गोचर दशम भाव से शुभ रहेगा लेकिन मंगल और बुध में शत्रुता होने के कारण से कार्यक्षेत्र में या कारोबार/नौकरी को लेकर कुछ चिंता सी बनी रहेगी, नौकरी परवर्तन के लिए जो जातक/जातिका लंबे समय से इंतजार कर रहे थे उनके लिए बुध का यह गोचर शुभ रहेगा और नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, बेरोजगारों के लिए भी बुध का यह गोचर अच्छा रहेगा, बुध की दृष्टि चतुर्थ भाव भी रहने के कारण से घरेलू वातावरण को लेकर कुछ चिंता सी बन सकती है या गृहस्थ सुख के अंदर कुछ स्वास्थ्य जनित समस्याओं के कारण से चिंता बन सकती है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यात्रा के योग बनेंगे।

 

वृष राशि

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार वृषभ राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर भाग्य स्थान से रहेगा जो कि शुभ है भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा लेकिन फिजूल खर्च की अधिकता के कारण से धन की स्थिति को लेकर कुछ चिंता सी अनुभव हो सकती है, आय वृद्धि के योग बनेंगे साथ ही यदि आपके मन में कारोबार वृद्धि के लिए कुछ प्लान है तो उसको इम्पलीमेंट करने का यह सही समय रहेगा, यात्रा के योग है, जो लोग विदेश यात्रा के लिए काफी समय से प्रयास कर रहे हैं उनके विदेश यात्रा में आ रही बाधा दूर होगी, प्रेम संबंधों के लिए बुध का यह गोचर शुभ रहेगा और 5 फरवरी से मंगल का बुध से संबंध प्रेम संबंधों को मजबूत करने वाला रहेगा, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बुध का यह गोचर विशेष शुभ रहेगा पदोन्नति के योग रहेंगे, स्वास्थ्य के लिहाज से बुध का यह गोचर अच्छा है लेकिन उदर या उदर के आस-पास के हिस्से या चर्म से जुड़ी थोड़ी समस्या बन सकती है।

 

मिथुन राशि

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मिथुन राशि वालों के लिए बुध का अष्टम भाव से गोचर थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है स्वास्थ्य के लिहाज से बुध का यह गोचर बहुत अधिक शुभ संकेत नही दे रहा और मंगल का संबंध होने पर परिवार को लेकर कुछ चिंता सी बन सकती है और मिथुन राशि वाले जातक/जातिका के स्वभाव में भी कुछ तेजी अनुभव होगी साथ ही फिजूल खर्च भी इस दौरान अधिक रह सकते हैं, खान-पान का विशेष ध्यान रखें, जीवनसाथी की वाणी में थोड़ी तेजी अनुभव हो सकती है या ससुराल पक्ष से किसी से विचारों में भिन्नता के कारण से कुछ मतभेद बन सकता है, व्यर्थ विवाद मे पड़ने से बचें व कुछ-कुछ देर पर नेत्रों को भी कुछ आराम दें।

 

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कर्क राशि

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार कर्क राशि वालों के लिए बुध का सप्तम भाव से गोचर सामान्य रूप से मिला-जुला रहेगा तीसरे और बाहरवें भाव के मालिक बुध का सप्तम भाव से गोचर खर्चों में कुछ वृद्धि और दाम्पत्य जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव के योग को दर्शाता है, नौकरी परिवर्तन व पदोन्नति के योग रहेंगे, कार्य के सिलसिले से छोटी यात्रा भी हो सकती है, बुध के इस गोचर के दौरान आय में वृद्धि करने के लिए कुछ नए विचार बन सकते हैं, शुक्र और मंगल से बुध का संबंध होना यह बताता है कि जातक/जातिका कुछ नए माध्यम से पैसे अर्जित करने का प्लान कर सकते हैं, आय में वृद्धि के योग बनेंगे लेकिन बुध का गोचर छोटी अवधि के लिए रहने के कारण से अभी मन में कुछ असंतोष रहते हुए भी अंदर से एक नई ऊर्जा अनुभव होती रहेगी।

 

सिंह राशि

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार सिंह राशि वालों के लिए बुध का षष्ठ भाव से गोचर खर्च में वृद्धि, व्यर्थ की चिंता, स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या का सूचक है, कार्यक्षेत्र में भी कुछ उतार-चढ़ाव बन सकते है जिस कारण से मन में अशांति अनुभव हो सकती है, शुक्र से बुध का संबंध बनने पर स्थान परिवर्तन या नौकरी परिवर्तन के योग रहेंगे, किसी यात्रा पर भी जा सकते हैं, व्यापारियों के लिए यह गोचर शुभ फल देने वाला रहेगा फिर भी बुध के षष्ठ भाव से गोचर के कारण से अभी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए कुल मिलाकर बुध के इस गोचरकाल अवधि में कुछ विशेष प्रयास से उन्नति संभव रहेगी।

 

कन्या राशि

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार कन्या राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर पंचम भाव से अधिकांश शुभ रहेगा इस गोचरकाल में कार्यक्षेत्र में मन अच्छा लगेगा लेकिन आय की तुलना में ख़र्च की अधिकता के कारण से चिंता बनी रह सकती है, शुक्र-बुध का संबंध धन लाभ के योग दर्शाता है लेकिन बुध-मंगल संबंध बहुत शुभ न होने के कारण से स्वास्थ्य से जुड़ी उदर जनित कुछ समस्या रह सकती है, कार्य के सिलसिले से यात्रा के योग बनेंगे और बुद्धि में कुछ तेजी अनुभव होगी, आवेश में आकर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें, प्रेमियों के लिए बुध का यह गोचर अच्छा रहेगा व आपसी मन-मुटाव दूर होंगे।

 

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तुला राशि

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार तुला राशि वालों के लिए चतुर्थ भाव से बुध का गोचर स्थान परिवर्तन और नौकरी परिवर्तन के योग को दर्शाता है जो जातक/जातिका लंबे समय से नौकरी परिवर्तन का प्रयास काफी समय से कर रहे हैं उनके लिए बुध का यह गोचर शुभ रहेगा, घर-परिवार के सदस्यों के साथ एकत्रित होने पर कुछ आनंद के पल भी अनुभव होंगे, मांगलिक कार्यक्रम के योग बनते दिख रहे हैं साथ ही जो लोग लंबे समय से घर लेने का प्लान कर रहे हैं उन्हें इस गोचरकाल की अवधि में अच्छा घर मिल सकता है, करोबार के लिहाज से भी यह गोचर अच्छा रहेगा और बेरोजगारों को भी नौकरी के नए अवसर प्राप्त होंगे और भाग्य का अच्छा सहयोग प्राप्त होगा।

 

वृश्चिक राशि

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध का गोचर तृतीय भाव से रहेगा जो कि यात्राओं व खर्चों में वृद्धि के योग को दर्शाता है फिर भी बुध के इस गोचरकाल की अवधि में आप खर्च का संचालन अच्छे से करने में सफल रहेंगे, नौरीपेशा लोगों व व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा और स्थान परिवर्तन, नौकरी परिवर्तन या लम्बी दूरी की यात्रा पर जाने के योग रहेंगे, शुक्र-बुध का संबंध महिला पक्ष से सहयोग का सूचक है अतः महिलाओं का सहयोग आपको प्राप्त होता रहेगा लेकिन घरेलू वातावरण के अंदर कुछ चिंता सी अनुभव हो सकती है, प्रेम संबंधों के लिहाज से यह गोचर बहुत शुभ नही है अतः आपसी संबंधों में व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचिए।

 

धनु राशि

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार धनु राशि वालों के लिए बुध का द्वितीय भाव से गोचर शुभ है आय में वृद्धि के योग बनेंगे व नौकरी परिवर्तन या प्रमोशन के योग रहेंगे, यात्राओं के योग है थोड़ी लंबी दूरी की यात्रा संभव है, दाम्पत्य जीवन अच्छा रहेगा व बुध-शुक्र-मंगल संबंध होने के कारण से जीवनसाथी के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी लेकिन मंगल के बुध के साथ 5 फरवरी से होने पर वाणी में कुछ तेजी व स्वभाव में कुछ क्रोध की अधिकता या चिड़चिड़ापन सा अनुभव हो सकता है, स्वास्थ्य का ख्याल रखे, धनु राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर कुछ विशेष प्रयास द्वारा उन्नति का सूचक है, व्यर्थ की चिंता से बचे व खान-पान का थोड़ा ध्यान रखें।

 

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मकर राशि

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मकर राशि पर से ही बुध का गोचर आध्यात्मिक झुकाव की तरफ दर्शाता है अतः धर्म-आध्यात्म के प्रति आपकी रुचि बन सकती है लेकिन क्रोध में कुछ अधिकता भी रह सकती है, जिन भी जातक/जातिका को नसों से जुड़ी समस्या हो उन्हें इस गोचरकाल अवधि में स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा अधिक सतर्क रहना चाहिए, बुध के इस गोचरकाल के दौरान आपकी बुद्धि में कुछ तेजी रहेगी और बुद्धि एवं चतुराई द्वारा उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, बेरोजगार लोगों को इस गोचरकाल में नौकरी मिलने के अच्छे योग रहेंगे व प्रेमियों के मध्य पिछले कुछ समय से चले आ रहे तनाव में भी कमी अनुभव होगी लेकिन चर्म से जुड़ी कुछ समस्या बनने की संभावना भी रहेगी।

 

कुंभ राशि

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार कुंभ राशि वालों के लिए द्वादश भाव से बुध का गोचर स्थान परिवर्तन के योग को दर्शाता है साथ ही यदि आपकी कुंडली में ग्रह शुभ स्थिति में हैं तो बुध के इस गोचरकाल में अप्रत्याशित रूप से धन का लाभ होने के योग रहेंगे लेकिन द्वादश भाव से गोचर के कारण से व्यर्थ की चिंता और कलह के कारण से मानसिक शांति में कुछ कमी अनुभव हो सकती है व स्वास्थ्य से संबंधित भी कुछ शिकायत बन सकती है, कार्यक्षेत्र में कार्य की अधिकता के कारण से काम में अच्छे से मन लगाने में कुछ परेशानी अनुभव हो सकती है, प्रेमियों के लिए भी बुध का यह गोचर बहुत शुभ प्रतीत नही होता, जो विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु बाहर या विदेश जाना चाहते हैं उनके लिए बुध का यह गोचर शुभ रहेगा, खान-पान का थोड़ा ध्यान रखना स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा रहेगा।

 

मीन राशि

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मीन राशि वालों के लिए बुध का एकादश भाव से गोचर शुभ रहेगा और आय में वृद्धि के योग बनेंगे साथ ही इस गोचरकाल में आप अपने बौद्धिक क्षमता का परिचय लोगों को देने में सफल रहेंगे लेकिन क्रोध व आवेश में आने से बचें और गर्म चीजों के सेवन से थोड़ा परहेज करें, नवविवाहित लोगो के लिए संतान प्लान करने का यह अच्छा समय रहेगा, नौकरी पेशा व्यक्ति जो लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे उन्हें कुछ शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है या पदोन्नति के अवसर खुलते प्रतीत होंगे, व्यापारियों के लिए भी बुध का यह गोचर अच्छा रहेगा और कुछ प्रयास से व्यापार की वृद्धि करने में सफल रहेंगे।

 

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जय श्री राम।

Astrologer Pooshark Jetly
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शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर 2023: धट स्थापना मुहर्त्त

नवरात्रि घट स्थापना मुहर्त्त
नवरात्रि घट स्थापना मुहर्त्त

 

शक्ति की अधिष्ठात्री माँ जगदंबा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र अश्विन शुक्ल प्रतिपदा 15 अक्टूबर 2023 को मनाया जाएगा, किसी भी तिथि का क्षय न होने के कारण नवरात्र पूरे 9 दिन का रहेगा लेकिन 23 अक्टूबर को दोपहर 3:10 बजे दशमी तिथि मिल रही है जिस कारण से इस समय के पूर्व ही माता का पाठ , पूजन, हवन और कन्या पूजन किया जाएगा।

21 अक्टूबर 2023 को महानिशा पूजन, 22 अक्टूबर को महाष्टमी व्रत और देवी अन्नपुर्णा की परिक्रमा किया जाएगा, महानवमी व्रत, पूजा और हवन 23 अक्टूबर को किया जाएगा, 15 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि को प्रतिपदा तिथि में शाम 6:45 तक चित्रा नक्षत्र और दोपहर 11:55 तक वैधृति योग है जिस कारण से कलश स्थापना अभिजीत मुहर्त्त दिन 11:42 से दोपहर 12:30 के मध्य करना अत्यंत शुभ रहेगा।

दशहरा, शमी पूजन, अपराजिता पूजन, नीलकंठ दर्शन संबंधित धार्मिक कार्य 24 अक्टूबर को किया जाएगा और मूर्ति विसर्जन भी 24 अक्टूबर के दिन होगा।

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Vipareet Raj Yoga: Raj Yoga which gives happiness like a king and rich

Vipareet Raj Yoga
Vipareet Raj Yoga

 

Many yogas have been discussed in astrology, one of them is Vipareet Rajyoga, about which most of the people know, as it is clear from the name that Vipareet Rajyoga means adverse as well as Rajyoga. The person born in this yoga achieves great success through many adverse circumstances and experiences all the pleasures like a king, so let’s know when the Vipareet Raj Yoga is formed and what are some of its important rules?

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Vipareet Raj Yoga is formed from opposite houses in the horoscope. The 3rd, 6th, 8th and 12th houses of the horoscope are called Vipareet houses. When the lords of these houses placed in each other’s house, then Vipareet Rajyoga is formed, but there are some rules for this Rajyoga. In which this yoga shows its full result, there are three types of Vipareet Raj Yoga, Harsh, Saral and Vimal, so let’s know about those rules: –

 

1. When the lord of the sixth house is sutuated in the eighth or twelfth house and has conjuncted with malefic/inauspicious planet or aspecting the lord of the sixth house and the lord of the ascendant aspecting the ascendant, then Harsha Vipareet Rajyoga is formed.

2. When the lord of the 8th house is situated in the 6th or 12th house and conjuncted with malefic/inauspicious planets or aspecting the lord of the 6th house and the lord of the ascendant aspecting the ascendant, Saral Vipareet Rajyoga is formed.

3. When the lord of the twelfth house is situated in the sixth or eighth house and conjuncts with malefic/inauspicious planet or aspects the lord of the sixth house and the lord of the ascendant aspects the ascendant, it creates a Vimal Vipareet Rajyoga.

 

Some important rules of Vipareet Raj Yoga: –

 

Some important rules of Vipareet Raj Yoga
Some important rules of Vipareet Raj Yoga

 

1. If the lord of 3rd, 6th, 8th, 12th house situated in an inauspicious place with auspicious planet or aspected by auspicious planet, then Vipareet Rajyoga is not formed.

2. If Vipareet Rajyoga is being formed but ascendant lord is weak and ascendant lord does not aspect the Ascendant, then Vipareet Rajyoga does not give auspicious results.

3. If a planet is situated in his debilitated sign in the 3rd, 6th or 8th house and the lord of the ascendant aspects the ascendant, then Vipareet Rajyoga is formed.

4. If the lord of 6th, 8th or 12th house is situated in his debilitated sign or is situated in his enemy sign or lord of these house are combust & ascendant lord is aspecting the ascendant, then Vipareet Rajyoga is formed.

5. If the lord of the 6th, 8th and 12th houses aspects the Ascendant while situated in his debilitated sign, and at the same time the lord of the Ascendant aspects the Ascendant, then the Vipareet Rajyoga is formed.

 

A person born in Vipareet Raj Yoga overcomes many types of struggles and adverse circumstances, gets rich and gets happiness like a king, as well as gets good reputation in the society, let’s understand this yoga with some examples of horoscope.

 

Dr. Rajendra Prasad Birth Chart
Dr. Rajendra Prasad Birth Chart

 

In Dr. Rajendra Prasad’s Kundli, the lord of the eighth house situated in the sixth house with Saturn is forming Saral Vipareet Rajyoga and Sun is also aspecting the Moon and the Lord of the Ascendant is aspecting the Ascendant, which is creating a complete Vipareet Rajyog, Dr. Rajendra Prasad remained a very simple hearted person due to the Vipareet Rajyoga and became the President twice.

 

Queen Victoria Birth Chart
Queen Victoria Birth Chart

 

In Queen Victoria’s Kundli, the 8th lord Jupiter is situated in his debilitated sign and is aspecting the Ascendant (see important rule no. 4) and forming Vipareet Rajyoga, as a result of which Victoria became queen at the age of 13 and ruled for 56 years…

 

Let’s try to understand Vipareet Rajyoga with another horoscope:-

 

Indira Gandhi Birth Chart
Indira Gandhi Birth Chart

 

In this horoscope, Saturn, the eighth lord, is situated in his enemy sign in the ascendant and Jupiter, the owner of the sixth house, is in his enemy sign in the benefic position, as well as Moon being the lord of the ascendant, is aspecting the ascendant, which shows the Vipareet Rajyoga. This is the horoscope of Indira Gandhi. There is no need of Introduction, the meaning of explanation is this, that if the lord of the ascendant is strong, then only the full result of Vipareet Rajyoga is achieved.

Jai Shri Ram.

Astrologer:- Pooshark Jetly
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विपरीत राजयोग: धनवान व राजा के समान सुख देने वाला राजयोग

ज्योतिष में बहुत से योग पर चर्चा करी गयी है उनमें से एक विपरीत राजयोग भी है जिसके बारे में अधिकतर लोग जानते हैं जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि विपरीत राजयोग अर्थात विपरीत भी है और राजयोग भी है इस योग में जन्मा व्यक्ति अनेक विपरीत परिस्थितियों से होते हुए बड़ी सफलता प्राप्त करते हैं व राजा के समान सभी सुखों का अनुभव करते हैं तो चलिए जानते हैं विपरीत राजयोग कब बनता है और उसके कुछ महत्वपूर्ण नियम क्या है?

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विपरीत राज योग कुंडली के विपरीत भावों से बनते हैं कुंडली के ३, ६, ८ व १२ भावों को विपरीत भाव कहा गया है जब इन भावों के स्वामी एक-दूसरे के भाव में बैठें तो विपरीत राजयोग बनता है लेकिन इस राजयोग के कुछ नियम हैं जिनमे ही यह योग अपना पूर्ण फल दिखाता है विपरीत राज योग तीन प्रकार हर्ष, सरल और विमल होते हैं तो चलिए जानते हैं उन नियमों के बारे में:-

१. षष्ठ भाव का मालिक जब अष्टम या द्वादश भाव में बैठे हो और पाप/अशुभ ग्रह के साथ युति किए हों या षष्ठ भाव के मालिक को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो हर्ष विपरीत राजयोग होता है।

२. अष्टम भाव का स्वामी जब षष्ठ और द्वादश भाव में बैठा हो और पाप/अशुभ ग्रह के साथ युति किए हों या षष्ठ भाव के मालिक को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो सरल विपरीत राजयोग होता है।

३. द्वादश भाव का स्वामी जब षष्ठ या अष्टम भाव में बैठें हों और पाप/अशुभ ग्रह के साथ युति किए हों या षष्ठ भाव के मालिक को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो यह विमल विपरीत राजयोग बनाता है।

विपरीत राजयोग कुछ महत्वपूर्ण नियम:-

 

विपरीत राजयोग के कुछ महत्वपूर्ण नियम
विपरीत राजयोग के कुछ महत्वपूर्ण नियम

 

१. यदि ३, ६, ८, १२ स्थान के मालिक अशुभ स्थान में शुभ ग्रह के साथ बैठे या शुभ ग्रह की दृष्टि उन पर हो तो विपरीत राजयोग नही बनता।

२. यदि विपरीत राजयोग बन रहा हो लेकिन लग्नेश कमजोर हो और लग्नेश की लग्न पर दृष्टि न हो तो विपरीत राजयोग के शुभ फल नही होते है।

३. ३, ६ या ८ भाव में कोई ग्रह नीच राशि में बैठे हों और लग्नेश लग्न को देखते हैं तो विपरीत राजयोग बनता है।

४. ६, ८ या १२ भावों के स्वामी नीच राशि में बैठे हों या शत्रु राशि में बैठे हों या अस्त हों और लग्न को देखते हों तो विपरीत राजयोग बनता है।

५. ६, ८ व १२ भाव के मालिक यदि अपनी नीच राशि में बैठकर लग्न को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो विपरीत राजयोग बनता है।

विपरीत राजयोग में जन्मा व्यक्ति अनेक प्रकार के संघर्षों व विपरीत परिस्थितियों को पार करते हैं धनवान व राजा के समान सुख प्राप्त करता है साथ ही समाज में अच्छी मान-प्रतिष्ठा प्राप्त करता है, चलिए इस योग को कुछ उदाहरण कुंडली से समझते हैं।

 

डॉ० राजेन्द्र प्रसाद जी लग्न कुंडली
डॉ० राजेन्द्र प्रसाद जी लग्न कुंडली

 

डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी की कुंडली में अष्टम भाव के मालिक ग्रह षष्ठ स्थान में शनि के साथ बैठकर सरल विपरीत राजयोग बना रहा है और सूर्य की दृष्टि भी चंद्रमा पर है एवं लग्नेश गुरु की दृष्टि लग्न पर है जो कि पूर्ण विपरीत राजयोग बना रहे है सरल विपरीत राजयोग होने के कारण से डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद बहुत सरल हिर्दय के व्यक्ति रहे और 2 बार राष्ट्रपति बने।

 

क्वीन विक्टोरिया लग्न कुंडली
क्वीन विक्टोरिया लग्न कुंडली

 

Queen Victoria जी की कुंडली में अष्टमेश गुरु भाग्य स्थान पर नीच राशि में बैठकर लग्न को देख रहे हैं (महत्वपूर्ण नियम संख्या ४ देखें) और विपरीत राजयोग बना रहे हैं जिसके फलस्वरूप विक्टोरिया जी १३ वर्ष की उम्र में महारानी बनी और ५६ वर्षों तक शासन किया।

 

चलिए एक और कुंडली से विपरीत राजयोग को समझने का प्रयास करते हैं:-

 

इंदिरा गाँधी लग्न कुंडली
इंदिरा गाँधी लग्न कुंडली

 

इस कुंडली में अष्टमेश शनि लग्न में शत्रु राशि में बैठे हैं और षष्ठ स्थान के मालिक गुरु लाभ स्थान पर शत्रु राशि में हैं साथ ही चंद्रमा लग्नेश बनकर लग्न को देख रहे हैं जो कि विपरीत राजयोग को दर्शाता है यह इंदिरा गांधी जी की कुंडली है परिचय की आवश्यकता नही, समझाने का मतलब यह है कि यदि लग्नेश बली हो तभी विपरीत राजयोग का पूर्ण फल मिलता है।

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Email:- astrologerpoosharkjetly@astrologysutras.com, pooshark@astrologysutras.com, info@astrologysutras.com
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महाशिवरात्रि 2023 व्रत पर्व विशेष पर शनि प्रदोष का विशेष संयोग—Astrology Sutras

महाशिवरात्रि 2023 व्रत पर्व विशेष पर शनि प्रदोष का विशेष संयोग---Astrology Sutras
महाशिवरात्रि 2023 व्रत पर्व विशेष पर शनि प्रदोष का विशेष संयोग—Astrology Sutras

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती का विवाहोत्सव महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान आशुतोष का विवाह आदि शक्ति के साथ संपन्न हुआ था इस दिन जो भी भक्त श्रद्धा व भक्ति भाव से देवाधिदेव महादेव एवं माता पार्वती की पूजा करते हैं उन्हें सभी पापों से मुक्ति और मृत्यु उपरांत भगवान आशुतोष के चरणों में स्थान प्राप्त होता है।

वर्ष 2023 में फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी 17 फरवरी की रात्रि 08:05 पर लग रही है जो कि 18 फरवरी की शाम 05:43 तक रहेगी इसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी जो कि 19 फरवरी की दोपहर 03:39 तक रहेगी निर्णय सिंधु के अनुसार चतुर्दशी तिथि में प्रदोष व्यापिनी होने पर महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है अतः वर्ष 2023 में महाशिवरात्रि त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी अर्थात 18 फरवरी को मनाई जाएगी।

वर्ष 2023 में पर्व विशेष पर शनि प्रदोष का अद्भुद संयोग बन रहा है जो कि अत्यंत शुभ संयोग है तिथि विशेष पर व्रत-रात्रि जागरण व चार प्रहर में चार विविध प्रकार से शिव जी व माता पार्वती जी के पूजन-अर्चन का विधान है व्रत का पारण 19 फरवरी को चतुर्दशी तिथि में ही किया जाएगा।

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
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