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वक्री शनि 27 मई 2021 जानें विभिन्न राशियों पर वक्री शनि के फल

वक्री शनि 27 मई 2021 जानें विभिन्न राशियों पर वक्री शनि के फल

 

शनि के वक्री अवस्था में गोचर से विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव
शनि के वक्री अवस्था में गोचर से विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

 

“ऋषिकेश पंचांग (काशी) अनुसारकर्म व न्याय के देवता शनि 27 मई 2021 गुरुवार को दिन के ०७:०९ पर मकर राशिश्रवण नक्षत्र के द्वितीय चरण में वक्री हो जाएंगे तथा 29 सितंबर 2021 को रात्रि के ०१:२६ पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में मार्गी हो जाएंगे, शनि न्याय, नियम, कर्मादि के ग्रह हैं जिनके वक्री होने से विभिन्न राशियों पर भिन्न-भिन्न प्रभाव पड़ेगा तो चलिए जानते हैं विभिन्न राशियों पर वक्री शनि के गोचर से क्या प्रभाव पड़ेगा।

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए शनि दशम व एकादश भाव के स्वामी होकर दशम भाव से ही वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः इस दौरान कार्यक्षेत्र में कुछ अड़चनें आ सकती है, कार्यक्षेत्र में मन लगाकर दैनिक नियमों का पालन करते हुए कार्य करें, आय में वृद्धि के योग बनेंगे, सामाजिक कार्यों को पूर्ण निष्ठा से करें, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे जो कि अनिष्टकारी सिद्ध होंगी अतः यात्राओं को टालने का प्रयास करें, विद्यार्थियों के लिए यह समय काफी अच्छा रहने वाला है, नियमों का पालन करें।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए शनि नवम व दशम भाव के स्वामी अर्थात राजयोगकारक ग्रह होकर भाग्य स्थान से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे शनि विरक्ति का ग्रह है अतः इस दौरान धर्म-कर्म के क्षेत्र में मन में भटकाव रहेगा अतः पूजा-पाठ व जप-तप-दान आदि पूर्णतया नियम से करें, मन को एकाग्र करने हेतु कुछ देर ध्यान करें, कार्यक्षेत्र के लिए शनि का वक्री अवस्था से गोचर शुभफलदाई रहेगा, दाम्पत्य जीवन में चले आ रहे विवाद खत्म होंगे, यदि आप पहले से घर लेने का सोच रहे हैं तो यह समय आपके लिए बेहद शुभ रहेगा।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए शनि अष्टम व नवम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः सेहत का विशेष ख्याल रखें, कुछ देर ध्यान करें जिससे मन शांत रहेगा, भोजन आदि का विशेष ख्याल रखें, पशु-वाहन व हथियार से सावधानी बरतें, छोटे भाई-बहन व मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, कार्यक्षेत्र के लिहाज से शनि का वक्री अवस्था में गोचर मिला-जुला फल देगा, धर्म-कर्म व भाग्य में वृद्धि होगी, आय के साथ व्यय में वृद्धि होगी जिस कारण से कुछ तनाव रह सकता है अतः तनाव लेने से बचें।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए शनि सप्तम व अष्टम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे जिस कारण से दाम्पत्य जीवन में कलह-क्लेश की स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, दाम्पत्य जीवन की मर्यादाओं का पालन करें, इस दौरान आपको जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होता रहेगा, पैतृक संपत्ति प्राप्त होने या अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, यदि आप किसी नए कार्य का आरंभ करना चाहते हैं तो आपके लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए शनि षष्ठ व सप्तम भाव के स्वामी होकर षष्ठ भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे जिस कारण से आप जीवनसाथी के वशीभूत हो सकते हैं कहने का आशय यह है कि इस दौरान आपके जीवनसाथी आप पर हावी होने का प्रयास करेंगे, यदि आपके कोर्ट-कचहरी में कोई मुकदमा चल रहा है तो यह समय आपके लिए अशुभ रहने वाला है, स्वास्थ्य के लिहाज से आपके लिए यह अच्छा समय रहेगा, जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उनको अत्यधिक प्रयास करना चाहिए क्योंकि आपका इसी समय के प्रयासों का आपको निकट भविष्य में शुभ फल की प्राप्ति कराएगा, पैतृक संपत्ति मिलने के योग है।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए शनि पंचम व षष्ठ भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे जिस कारण से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे व्यक्तियों को और अधिक अत्यधिक प्रयास करना चाहिए क्योंकि आपका इसी समय के प्रयासों का आपको निकट भविष्य में शुभ फल की प्राप्ति कराएगा, प्रेमयों के मध्य विवादपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होने से मन अप्रसन्न रहेगा, स्वास्थ्य के प्रति पूर्णतया सचेत रहें विशेषतः उदर संबंधित जैसे अपच आदि की समस्या हो सकती है, खान-पान का विशेष ख्याल रखें, व्यय में वृद्धि होने के कारण से आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव रहने के योग हैं, विद्यार्थियों के लिए यह समय बहुत ही शुभ रहने वाला है।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए शनि चतुर्थ व पंचम के स्वामी अर्थात राजयोगकारक ग्रह होकर चतुर्थ भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे साथ ही लग्न को अपनी उच्च राशि तुला में देखने के कारण से यह समय आपके लिए बेहद शुभ रहेगा आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, किसी संपत्ति को क्रय करने का विचार बना रहे हैं तो इस समय में खरीदना आपके लिए शुभ रहेगा, पारिवारिक निर्णयों को लेते वक्त थोड़ा सतर्क रहें, माता-पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए इस समय बेहद शुभ रहेगा, आय वृद्धि के योग बनेंगे।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि तृतीय व चतुर्थ भाव के स्वामी होकर तृतीय भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः यह समय आपके लिए बेहद शुभ रहेगा स्थान परिवर्तन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, यदि आप कोई संपत्ति खरीदना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए शुभ रहेगा, आय में वृद्धि होगी, कार्यक्षेत्र में बदलाव संभव रहेगा, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, शनि के मार्गी अवस्था में पुनः आने पर ही कार्यक्षेत्र में बदलाव करना शुभ रहेगा, छोटे भाई-बहन का ख्याल रखें, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वाले व्यक्तियों के लिए शनि द्वितीय व तृतीय भाव के स्वामी होकर द्वितीय भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः यह वक्री गोचर काल आपके लिए शुभ रहेगा नए मित्र बनेंगे व नए मित्रों से लाभ भी होगा, भाग्य का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त होगा, आय के साथ व्यय में भी वृद्धि होगी, आध्यात्मिक उन्नति के योग बनेंगे, कार्यक्षेत्र में बदलाव करने का सोच रहे हैं तो शनि के मार्गी होने तक रुक जाएं।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए शनि प्रथम तथा द्वितीय भाव के स्वामी होकर प्रथम भाव अर्थात लग्न से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः इस वक्री गोचर काल आपको सेहत का विशेष ख्याल रखना चाहिए, दैनिक दिनचर्या का पालन करें, मिर्च-मसले वाले व्यंजनों से परहेज करें, कार्यक्षेत्र में अत्यधिक परिश्रम करने पर बड़ी सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे, अहंकार करने से बचें, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें अन्यथा दाम्पत्य जीवन में कलह-क्लेश की स्थितियाँ उत्पन्न होंगी, भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, पैतृक संपत्ति मिलने के योग बनेंगे।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए शमी प्रथम व द्वादश भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे कारण वश व्यय में वृद्धि होगी, दान (सरसों तेल व काली उर्द) करें लाभ होगा, धर्म-कर्म से मन हटेगा अतः धर्म-कर्म के प्रति समर्पित रहें, आध्यात्म की ओर झुकाव रहेगा, स्वास्थ्य में पहले से बेहतर अनुभव करेंगे किंतु स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, कार्यक्षेत्र में बदलाव संभव है।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए शनि एकादश व द्वादश भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः आय के साथ व्यय में वृद्धि होगी, आपका धन आपके कार्य की वृद्धि में व्यय हो सकता है, मान-सम्मान व ख्याति में वृद्धि होगी, स्थान परिवर्तन करना बेहद शुभ रहेगा, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें, मन एकाग्र करने हेतु कुछ देर ध्यान करें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह वक्री गोचर काल बेहद शुभ रहेगा, विद्यार्थियों के लिए यह समय मिला-जुला रहेगा, संतान को कष्ट संभव है, संतान को समझने का प्रयास करें अन्यथा तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी।

 

जय श्री राम।

 

Astrologer:- Pooshark Jetly

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Mobile:- 9919367470, 7007245896

Email:- pooshark@astrologysutras.com

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तुला राशि: जानिए, तुला राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

तुला राशि: जानिए, तुला राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

 

तुला राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
तुला राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

 

तुला राशि वाले व्यक्ति देवताओं और ब्राह्मणों के भक्त किंतु चंचल स्वभाव और कृश शरीर वाले होते हैं, ऐसे व्यक्तियों का कद सामान्यतः लंबा होता है तथा ऐसे व्यक्ति खरीद-फरोख्त में होशियार, धैर्यवान, इंसाफ पसंद करने वाले तथा प्रायः दो नाम वाले होते हैं, तुला राशि वाले व्यक्ति घूमने-फिरने के शौकीन होते हैं, इनकी संतान प्रायः कम ही होती है साथ ही तुला राशि वालों का भाग्योदय कुछ विलंब के साथ होता है, तुला राशि वाले व्यक्ति भोगी, धार्मिक, चतुर, बुद्धिमान, कला में कुशल, राजा प्रिय, पितृ सेवी, वस्तुओं का संग्रह करने वाले, विद्वान, धनी, अत्यंत बोलने वाले, मित्रों से युक्त, संगीत, कविता व युद्ध के प्रेमी, सभा-सोसाइटी और कंपनी इत्यादि में रुचि रखने वाले, अपने जीवन के प्रत्येक कार्य में अन्य किसी पर भरोसा रखने वाले, लंबे कद वाले, बलवान, उन्नत नासिका वाले और वायु प्रकृति से पीड़ित होते हैं, तुला राशि वाले व्यक्तियों को सर, उदर एवं चर्म रोग संभव रहता है साथ ही इन्हें जल भय भी रहता है, तुला राशि वाले व्यक्ति स्त्री के अधीन, बहु स्त्री भोगी अर्थात दो विवाह करने वाले, कृषि करने में चतुर तथा क्रय-विक्रय से लाभ प्राप्त करने वाले होते हैं।

 

तुला राशि वाले व्यक्तियों के लिए १, ३, ५, ६, १५, २५, २६, ३६, ४६ व ५६ वां वर्ष अनिष्टकारी होता है प्रथम वर्ष में ज्वर, तृतीय वर्ष में अग्नि भय, वें वर्ष में ज्वर पीड़ा, १५ वें वर्ष में सामान्य पीड़ा और २५ वें वर्ष में अधिक पीड़ा रहती है, यदि चंद्रमा को शुभ ग्रह देखते हैं और आयु सुख को करने वाले अन्य योग न बनते हो और उपर्युक्त बताए गए वर्षों को पार कर लें तो ८५ वर्ष की औसत आयु प्राप्त करते हैं कुछ ग्रंथकारों के अनुसार तुला राशि वाले व्यक्तियों की आयु ६५ वर्ष ११ माह की होती है तथा इन्हें मृत्यु उपरांत ख्याति अवश्य ही मिलती है, तुला राशि वाले व्यक्तियों के लिए चतुर्थी, नवमी व चतुर्दशी तिथि अनिष्टकारी होती है तथा मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ राशि वालों से मित्रता एवं कर्क व सिंह राशि वालों से शत्रुता रहती है, रत्नों में इनके लिए हीरा शुभदायी होता है, वैशाख मास, शुक्ल पक्ष, अष्टमी तिथि, शुक्रवार व आश्लेषा नक्षत्र और दिन का प्रथम प्रहर इनके लिए अनिष्टकारी होता है।

 

जय श्री राम।

 

Astrologer:- Pooshark Jetly

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विक्रम संवत २०७८ के मासिक शिवरात्रि व्रत व पूजन विधि

विक्रम संवत २०७८ के मासिक शिवरात्रि व्रत व पूजन विधि

 

विक्रम संवत २०७८ के मासिक शिवरात्रि व्रत
विक्रम संवत २०७८ के मासिक शिवरात्रि व्रत

 

प्रति मास कृष्ण पक्षीय निशीथ काल व्यापिनी चतुर्दशी के दिन मासिक शिवरात्रि व्रत किया जाता है समाज में फाल्गुन तथा श्रावण मास पूजा विशेष प्रचलित है “ईशान संहिता” के अनुसार फाल्गुन मास में ज्योतिर्लिंग का प्रादुर्भाव हुआ था:-

 

शिवलिङ्गतयोद्भूतः कोटि सूर्य समप्रभः।

 

इसलिए उसे महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है जनश्रुतियों के अनुसार श्रावण मास में शिव जी ने संसार की रक्षा हेतु विषपान किया था और विष की विकलता में इधर-उधर भागने लगे तब सभी ने विष की गर्मी से बचाने हेतु शिव जी का गंगाजल से रुद्राभिषेक किया था तभी से गंगाजल द्वारा रुद्राभिषेक की परंपरा शुरू हुई थी, गंगाजल से शिव अभिषेक आराधना में सर्वोत्तम माना जाता है गंगाजल के अतिरिक्त रत्नोदक, इक्षुरस (गन्ने का रस), दुग्ध, पंचामृत (दूध, दहीं, घी, चीनी, शहद) आदि अनेक द्रव्यों से किया जाता है।

 

वृहद् धर्मपुरण अ. ५७ में तो यहाँ तक लिखा है कि शिवलिङ्ग में सभी देवताओं का पूजन करें:-

 

शिवलिङ्गSपि सर्वेषां देवानां पूजनं भवेत्।

सर्वलोक मये यस्याच्छिव शक्तिविर्भु: प्रभु:।।

 

पंचाक्षर मन्त्र:- “नमः शिवाय”

षडाक्षर मंत्र:- “ॐ नमः शिवाय”

 

मासशिवरात्रि व्रत

 

मासिक शिवरात्रि व्रत तारीखें
मासिक शिवरात्रि व्रत तारीखें

 

१. वैशाख ९ मई २०२१ (रविवार)

२. ज्येष्ठ ८ जून २०२१ (मंगलवार)

३. आषाढ़ ८ जुलाई २०२१ (गुरुवार)

४.श्रावण (विशेष) ६ अगस्त २०२१ (शुक्रवार)

५. भाद्रपद ५ सितंबर २०२१ (रविवार)

६. आश्विन ४ अक्टूबर २०२१ (सोमवार)

७. कार्तिक २ नवंबर २०२१ (मंगलवार)

८. मार्गशीर्ष २ दिसंबर २०२१ (गुरुवार)

९. पौष १ जनवरी २०२२ (शनिवार)

१०. माघ ३० जनवरी २०२२ (रविवार)

११.फाल्गुन महाशिवरात्रि (विशेष)१ मार्च २०२२ (मंगलवार)

१२. चैत्र ३० मार्च २०२२ (बुधवार)

 

शिवरात्रि पूजन विधि:-

 

शिवरात्रि व्रत व पूजन विधि
शिवरात्रि व्रत व पूजन विधि

 

सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर स्नानादि कर के भगवान शिव का जलाभिषेक व पंचामृत स्नान करना चाहिए तदोपरांत चंदन, भस्म, रोली, जौं, काला तिल, अक्षत शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए तथा जनेऊ, बड़ी सुपाड़ी, वस्त्र, इत्र, गुलाब के पुष्प, विल्वपत्र, दूर्वा, भांग व धतूरा अर्पित करना चाहिए उसके बाद नैवेध अर्पित कर शिव जी का पूजन करना चाहिए और आरती कर पूजा संपन्न करनी चाहिए, अभीष्ट लाभ हेतु रुद्राभिषेक, रुद्रार्चन कर सकते हैं।

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली

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भृगु सूत्र आधारित सूर्य का द्वितीय भाव में फल

भृगु सूत्र आधारित सूर्य का द्वितीय भाव में फल

 

द्वितीय भाव में सूर्य का फल
द्वितीय भाव में सूर्य का फल

 

अनेक ग्रंथों में सूर्यादि सभी ग्रहों के विभिन्न स्थानों में फल बताएं गए हैं पिछले लेख में मैंने भृगु सूत्र आधारित सूर्य के प्रथम भाव में फल को बताया था अतः उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए सूर्य के द्वितीय भाव में फल को लिख रहा हूँ:-

 

 

१.यदि कुंडली के द्वितीय भाव में सूर्य हो तो व्यक्ति प्रायः मुख के रोगों से पीड़ित रहता है साथ ही उसके जीवन के २५ वें वर्ष में राजदंड के कारण (न्यायालय की आज्ञा से) से धन की हानि होती है यह सामान्य फल है किंतु यदि सूर्य अपनी उच्च राशि (मेष) या स्वराशि (सिंह) का होकर द्वितीय भाव में स्थित हो तो मुख रोग तथा राजदंड से धन का नाश नही होता है।

 

२.यदि द्वितीय भाव में सूर्य के साथ पाप ग्रह बैठे हों तो व्यक्ति नेत्र रोगी होता है साथ ही थोड़ा विद्वान तथा रोगी शरीर वाला होता है।

 

३.यदि द्वितीय भाव में स्थित सूर्य पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो व्यक्ति धनी होता है और उसकी कुंडली के अनेक दोषों (बुरे फल) का नाश हो जाता है तथा उसके नेत्रों में भी कोई रोग नही होता है।

 

४.यदि द्वितीय भाव में सूर्य अपनी उच्च राशि (मेष) या स्वराशि (सिंह) का होकर स्थित हो तो ऐसा व्यक्ति बहुत धनवान होता है और उसे प्रचुर सम्पन्नता तथा वैभव की प्राप्ति होती है।

 

५.यदि द्वितीय भाव में सूर्य के साथ बुध भी स्थित हो तो व्यक्ति शीघ्रता पूर्वक बोलता है (यहाँ मूल में पवनवाक शब्द का प्रयोग हुआ है इसका अर्थ है कि जैसे तेज हवा चलती है ठीक उसी प्रकार तेज रफ्तार से बातचीत करने वाला)

 

६.यदि द्वितीय भाव में सूर्य स्थित हो व द्वितीय भाव का स्वामी स्वराशि या उच्च राशि में स्थित हो तो व्यक्ति वाग्मी (वार्तालाप में कुशल) होता है साथ ही इस योग में जन्मा व्यक्ति विविध विज्ञानों एवं कलाओं में निष्णात होता है ऐसा व्यक्ति ज्ञानवान तथा अच्छे नेत्र दृष्टि वाला होता है और राजयोग का पूर्ण सुख प्राप्त करता है।

 

जय श्री राम।

 

Astrologer:- Pooshark Jetly

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Astrology Sutras Remedies Recent Post कुछ अचूक टोटके व शाबर मंत्र

मकर सक्रांति के 10 अचूक उपाय—Astrology Sutras

मकर सक्रांति के 10 अचूक उपाय—Astrology Sutras

 

मकर सक्रांति के अचूक उपाय
मकर सक्रांति के अचूक उपाय

 

शास्त्रों के अनुसार सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की सक्रांति के नाम से जाना जाता है जब सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने उनके घर अर्थात मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर की सक्रांति अर्थात मकर सक्रांति का पर्व मनाया जाता है मकर सक्रांति के साथ ही खरमास का समापन व मांगलिक कार्यक्रमों का आरंभ हो जाता है चूँकि इस बार गुरु व शुक्र के अस्त रहने के कारण से मांगलिक कार्यक्रम के लिए शुभ मुहर्त 22 अप्रैल से प्राप्त होंगे, शास्त्रों में मकर सक्रांति के दिन कुछ विशेष उपायों का वर्णन मिलता है जिनसे अनेक परेशानियों से मुक्ति मिलती है तो चलिए जानते हैं कि ऐसे कौन से उपाय है जिनको करने से अनेक परेशानियों से मुक्ति मिलती है:-

 

१.  मकर सक्रांति के दिन सूर्योदय के पूर्व तिल स्नान (नहाने के पानी में तिल मिलाकर स्नान) करना चाहिए तथा उगते हुए सूर्य को ताँबे के पात्र में जल, कुमकुम, अक्षत, तिल, गुण व लाल पुष्प मिलाकर “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मन्त्र का जाप करने से सूर्य देव की कृपा से आरोग्यता की प्राप्ति होती है।

 

२.  मकर सक्रांति के दिन गरीबों व ब्राह्मणों को भोजन कराने से घर में अन्न की कभी कमी नही होती है।

 

३.  मकर सक्रांति के दिन गुण व कच्चा चावल बहते पानी में प्रवाहित करने से नजर दोष से मुक्ति व आरोग्यता की प्राप्ति होती है।

 

४.  मकर सक्रांति के दिन साफ लाल वस्त्र में गेहूँ और गुण को बाँधकर कुछ दक्षिणा के साथ ब्राह्मण व गरीबों को दान करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

 

५.  जिस किसी की कुंडली में सूर्य अशुभ स्थिति में हो उन्हें ताँबे का सिक्का या ताँबे का चौकोर टुकड़ा बहते पानी में सूर्य के मंत्र “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जप करते हुए प्रवाहित करने से लाभ मिलता है।

 

६.  मकर सक्रांति के दिन तिल युक्त जल पितरों को अर्पित करने, तिल से अग्नि में हवन करने, गरीबों को तिल का दान व भोजन (तिल युक्त खिचड़ी) कराने से अनन्य पुण्य की प्राप्ति होती है।

 

७. मकर सक्रांति के दिन गाय को तिल युक्त खिचड़ी खिलाने से सभी ग्रहों से उत्पन्न दोषों से मुक्ति मिलती है।

 

८. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य नीच राशि के हैं तो उन्हें मकर सक्रांति के दिन सूर्य यंत्र की विधि पूर्वक स्थापना करनी चाहिए तथा उस यंत्र को नित्य ताँबे के पात्र में जल, अक्षत, कुमकुम व लाल पुष्प मिलाकर अर्पित करते हुए 501 की संख्या में सूर्य मंत्र “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जप करना चाहिए इस उपाय से लाभ अवश्य प्राप्त होगा व धन, स्वास्थ्य, रक्त जनित विकार जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी तथा सामाजिक प्रतिष्ठा व मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।

 

९.  मकर सक्रांति के दिन गरीबों को खिचड़ी, कंबल, गरम वस्त्र, लकड़ी (अलाव जलाने हेतु), घी, दाल-चावल इत्यादि वस्तुओं का दान करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

 

१०.  मकर सक्रांति के दिन प्रातः स्नानादि कर के सूर्य को तांबे के पात्र से जल, कुमकुम, लाल पुष्प, अक्षत, तिल इत्यादि को मिलाकर अर्पित करने व अदित्यहिर्दय स्तोत्र का पाठ करने से सभी कष्टों से मुक्ति व कार्य में सफलता प्राप्त होती है।

 

जय श्री राम।

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राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-४ जानिए किन राशियों पर राहु व केतु की कृपा बरसेगी

राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-४ जानिए किन राशियों पर राहु व केतु की कृपा बरसेगी

 

राहु व केतु राशि परिवर्तन
राहु व केतु राशि परिवर्तन

 

भाग:-४

 

राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-१ जानिए किन राशियों पर राहु की कृपा बरसेगी

राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 20290: राहु को सदैव ही नियंत्रित करने वाले केतु इस बार खुद ही नियंत्रण के बाहर रहेंगे जिनको नियंत्रित राहु करेंगे जानिए, राहु व केतु गोचर परिवर्तन से किन-किन राशियों पर राहु व केतु की कृपा बरसेगी।

 

राहु व केतु का 12 राशियों पर प्रभाव
राहु व केतु का 12 राशियों पर प्रभाव

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर सामान्य रहेगा क्योंकि वर्तमान में अभी शनि के साढ़ेसाती का दूसरा चरण भी आपकी राशि पर चल रहा है हालांकि तुला, मकर व कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का उतना अशुभ प्रभाव नही पड़ता है किंतु यदि चंद्रमा का किसी भी प्रकार से शनि से संबंध बने तो साढ़ेसाती परेशानी देती है अन्यथा इन तीन राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती उतनी अशुभ नही होती हालांकि हम यहाँ राहु व केतु के गोचर परिवर्तन पर चर्चा कर रहे है अतः प्रेम संबंधों में कमी आएगी, प्रेमी व प्रेमिका से विवाद होते रहेंगे तथा यदि आप दोनों के मध्य काफी समय से विवाद चल रहा है तो वह विवाद संबधों को विच्छेद करा कर समाप्त होगा, प्रेमियों के मध्य गलतफहमियों के चलते विवाद होंगे, संतान को कष्ट, संतान से विवाद, संतान की शिक्षा में बाधाएं आएंगी, विद्यार्थियों के लिए राहु व केतु का यह गोचर मिला-जुला रहेगा शिक्षा में व्यवधान आएंगे, विद्यार्थियों के मन में क्या करें व क्या न करें को लेकर मन में संशय बना रहेगा, कुछ देर ध्यान करें इससे मन को एकाग्र करने में मदद मिलेगी हालांकि लाभ के लिहाज से यह गोचर शुभ सिद्ध होगा फलस्वरूप लाभ के अन्य माध्यम बनेंगे, लाभ में वृद्धि होगी, लंबे समय से कार्यक्षेत्र में (चाहे वह नौकरी पेशा व्यक्ति हों या व्यापारी) उन्नति के मार्ग में जो बाधाएं आ रही थी वह दूर होंगी, शेयर बाजार, जुआ व सट्टे से अकास्मिक धन लाभ के योग बनेंगे, राजनीति के क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी लाभ होगा आपकी वाणी का लोगों पर अच्छा प्रभाव भी पड़ेगा तथा उन्नति के अवसर भी प्राप्त होंगे, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, भाग्य में वृद्धि होगी, पिता से वैचारिक मतभेद व पिता के स्वास्थ्य में समस्या रहेगी, भ्रम की स्थितियाँ बनेंगी, मकर राशि वाले जातक/जातिकाओं के लिए इस गोचर काल की सबसे बड़ी समस्या भ्रामक स्थिति रहेगी अतः धैर्य व संयम से कार्य करें व कोई भी निर्णय बहुत सोच समझ कर लें तथा आवेश में आने से बचें यदि आपने भ्रामक स्थिति न बनने दी तो राहु व केतु का यह गोचर आपके लिए शुभ सिद्ध होगा, आय में वृद्धि होगी, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा का शनि से संबंध बन रहा है तो आपको बुद्धि व विवेक से हर कार्य करना होगा क्योंकि राहु आपके चित्त को शांत नही होने देंगे जिससे बनते कार्य बिगड़ेंगे, वहिं केतु आपको सही दिशा में प्रयत्न नही करने देंगे जिससे व्यापार व दामपत्य जीवन के सुख में बाधाएं आएंगी, यह गोचर आपके लिए 48% शुभ तथा 52% अशुभ रहेगा।

 

उपाय:- सुंदरकांड व बटुक भैरव स्तोत्र का नित्य पाठ करें तथा जिनकी कुंडली में चंद्रमा शनि से संबंध रखता हो वह इन उपायों के साथ प्रत्येक शनिवार को 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें लाभ होगा।

 

राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-२ जानिए किन राशियों पर राहु व केतु की कृपा बरसेगी

राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-२ जानिए, कर्क से कन्या राशि वालों के लिए राहु-केतु का यह गोचर कितना शुभ रहेगा।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर मिला-जुला रहेगा जिनकी कुंडली में चंद्रमा का शनि से संबंध बन रहा हो उनके लिए मुश्किलें ज्यादा रहेंगी अतः घर में कलह-क्लेश होंगे, मानसिक अशांति अनुभव होगी, कार्यक्षेत्र में हानि संभव है, नौकरी पेशा लोग बहुत ही सतर्कता के साथ कार्य करें, आपको अपने प्रियजनों का सहयोग कम मिलेगा, वाणी में तेजी रहेगी अतः वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखें, धैर्य व संयम से कार्य करें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, शत्रुओं से सावधान रहें, किसी से ऋण लेने से बचें, जिनकी कुंडली में चंद्रमा का शनि से संबंध नही है उनके लिए यह गोचर कुछ राहत देगा, कार्यक्षेत्र में विकास होगा, नौकरी परिवर्तन व स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, जिनका कार्य कमीशन, फाइनेंस, बैंकिंग, टीचिंग से जुड़ा हुआ है उनके लिए यह गोचर लाभप्रद सिद्ध होगा हालाँकि घर में कलह-क्लेश होते रहेंगे फिर भी चंद्रमा का शनि से संबंध न होने के कारण से आपकी सोच-विचार करने की शक्ति जागृत रहेगी, राजनीति से या सामाजिक वर्ग से जुड़े लोग अपनी वाणी पर विशेष नियंत्रण करें तथा शराब, माँसाहार का सेवन न करें क्योंकि इनका सेवन आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला सिद्ध होगा, शत्रुओं से सावधान रहें, यह गोचर आपके लिए 50% शुभ तथा 50% अशुभ रहेगा।

 

उपाय:- हनुमान जी, गणेश जी व भैरव जी की नित्य पूजा करें व गणेश अथर्वशीर्ष, संकटमोचन हनुमाष्टक और भैरव स्तोत्र का नित्य पाठ करने से लाभ होगा।

 

राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020 भाग:-३ जानिए किन राशियों पर राहु व केतु की कृपा बरसेगी

राहु व केतु गोचर परिवर्तन 23 सितंबर 2020: *भाग:-३* राहु को सदैव ही नियंत्रित करने वाले केतु इस बार खुद नियंत्रण के बाहर रहेंगे जिनको नियंत्रित राहु करेंगे जानिए, राहु व केतु के गोचर परिवर्तन से तुला, वृश्चिक व धनु राशि में से किन पर राहु की कृपा बरसेगी व आपको क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए तथा उपाय।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए राहु व केतु का यह गोचर शुभ रहेगा बशर्ते आपकी कुंडली में राहु पीड़ित अवस्था में हो फलस्वरूप पराक्रम में वृद्धि होगी, भाग्य में वृद्धि होगी व भाग्य का पूर्ण सहयोग भी प्राप्त होगा, व्यापार में भी लाभ होगा व व्यापार की वृद्धि होगी, नए कार्य की शुरुवात होने के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, यदि आप क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, हॉकी, पुलिस, आर्मी से जुड़े हुए हैं तो यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ सिद्ध होगा, छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव रहेंगे, दामपत्य जीवन में क्षणिक विवाद होते रहेंगे, बड़े भाई-बहन का सम्मान करें, मन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होगी अतः अपने विवेक से कार्य करें व कोई भी निर्णय बहुत सोच-समझ कर ही लें, दिमाग आपका तेजी से कार्य करेगा, आपके ज्ञान में भी वृद्धि के योग बनेंगे, विद्यार्थियों के लिए भी यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, रुका हुआ धन प्राप्त होगा व ऐसे सभी कार्य जो लंबे समय से रुके हुए हैं अब पूर्ण होंगे, सरकारी नौकरी की जो लोग लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं उन्हें सरकारी नौकरी प्राप्त होने के योग बनेंगे, यात्राएं चाहे लंबी हो या छोटी लाभप्रद सिद्ध होंगी, धर्म का पालन करें व अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, बीते समय में आपको जो भी नुकसान हुए अब उनकी भरपाई होने के योग बनेंगे, यह गोचर आपके लिए 80% शुभ व 20% अशुभ रहेगा।

 

उपाय:- दशांश करें यहाँ दशांश का तात्पर्य अपने कमाई का दसवाँ हिस्सा किसी अनाथालय या वृद्धाश्रम में दान करने से हैं तथा शिव जी की पूजा व शिव परिवार की सेवा करें।

 

जय श्री राम।

 

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शुक्र का कर्क राशि से गोचर 1 सितंबर 2020: जानें किस राशि वालों पर क्या प्रभाव पड़ेगा व किन राशि वालों की चमकेगी किस्मत

शुक्र का कर्क राशि से गोचर 1 सितंबर 2020: जानें किस राशि वालों पर क्या प्रभाव पड़ेगा व किन राशि वालों की चमकेगी किस्मत

 

शुक्र का कर्क राशि से गोचर
शुक्र का कर्क राशि से गोचर

 

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को कला, वैभव, सौंदर्य, प्रेम, भौतिक सुख, का कारक माना गया है सामान्य शब्दों में समझा जाए तो हर प्रकार के सुख जिनसे प्राप्त होते हैं उन सभी के कारक शुक्र होते हैं यह देव गुरु वृहस्पति के भाई व दैत्यों के आचार्य हैं नव ग्रहों में एकमात्र शुक्र ही है जिन्हें मृत संजीवनी विद्या का ज्ञान है, 1 सितंबर 2020 मंगलवार को 2 बजकर 2 मिनट 01 सेकंड पर शुक्र गोचर बदलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे जिसके कारण से विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रकार के फल प्राप्त होंगे तो चलिए जानते हैं शुक्र के कर्क राशि से गोचर के दौरान किन राशियों को क्या फल प्राप्त होंगे:-

 

शुक्र के कर्क राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-

 

दशा का भोग्यकाल ज्ञात करने की सरल विधि

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए शुक्र दूसरे व सप्तम भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा साथ ही घर के में माहौल में खुशी का वातावरण रहने से मन प्रसन्न रहेगा, प्रेमियों के जीवन में भावुकता हावी हो सकती है अतः भावनाओ पर नियंत्रण रखें, सर्दी-जुकाम की समस्या रह सकती है।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र प्रथम व षष्ठ भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, संगीत, कला के प्रति रुझान बढ़ेगा, आपके मन में कुछ नया करने की चाह उत्पन्न होगी, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, जीवनसाथी के साथ कहीं घूमना जाने का सोच रहे हैं तो शुक्र का यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ सिद्ध होगा जिससे संबंधों में मधुरता आएगी, पुराने मित्रों व करीबी लोगों से मुलाकात संभव है, विद्यार्थियों के लिए भी शुक्र का यह गोचर काफी अच्छा रहेगा।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र पंचम व द्वादश भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, शिक्षा के क्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होंगी, परिवार का माहौल अच्छा रहने से मन प्रसन्न रहेगा, यदि आप किसी पारिवारिक व्यवसाय या साझेदारी में कोई व्यवसाय करते हैं तो शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ होगा, वाणी का लोगों पर प्रभाव पड़ेगा, यात्राओं के योग बनेंगे, व्यय में वृद्धि होगी, नेत्रों में किसी प्रकार की समस्या संभव है, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, खाने-पीने व यात्राओं पर धन व्यय होने के योग बनेंगे।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए शुक्र चतुर्थ व एकादश भाव के स्वामी होकर प्रथम भाव अर्थात लग्न से गोचर करेंगे फलस्वरूप बौद्धिक क्षमता से उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे व कला और संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, जिनका कार्य मीडिया, सौंदर्य उत्पादों से जुड़ा हुआ है उनके लिए शुक्र का यह गोचर काफी अच्छा रहेगा, परिवार में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा, शुक्र के इस गोचर के दौरान आप भौतिक सुखों को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहेंगे, स्वास्थ्य के लिहाज से भी शुक्र का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा फिर भी बाहर की चीजों का सेवन करने से परहेज करें।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए शुक्र तीसरे व दसवें भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे द्वादश भाव में शुक्र शुभ फल देता है क्योंकि काल पुरुष के द्वादश भाव में ही शुक्र उच्च के होते हैं फलस्वरूप जो लोग विदेशों से जुड़ा व्यापार करते हैं या विदेशी कंपनियों में काम करते हैं उनके लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, विदेश/परदेश यात्रा के भी योग बनेंगे, व्यय में वृद्धि होगी, किसी महिला या सुख के संसाधनों पर धन व्यय होगा, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, शुक्र के इस गोचर काल के दौरान आप आध्यात्मिक सुखों की जगह भौतिक सुखों को अधिक प्रधानता देंगे, बाईं नेत्र में किसी प्रकार की समस्या संभव है, स्वास्थ्य का भी विशेष ख्याल रखें।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए शुक्र दूसरे व नवम भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे जो कि बेहद शुभ रहेगा फलस्वरूप धन लाभ होने के योग बनेंगे, नौकरी पेशा व व्यापारी वर्ग के लोगों के लिए शुक्र का यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, परिवार के सदस्यों के साथ संबंध मधुर होंगे व घर के वातावरण में खुशियों का माहौल रहेगा, बड़ी बहन या किसी महिला से लाभ मिलने की संभावना रहेगी, लंबे समय से आपको जो स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं थी उनसे राहत मिलेगी, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, मनोरंजन देने वाले साधनों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए शुक्र पहले व अष्टम भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, किसी वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात संभव है, नौकरी पेशा लोगों के लिए प्रमोशन के योग बनेंगे, व्यापार वृद्धि हेतु भी आप कोई योजना बना सकते हैं जिससे आपको भविष्य में लाभ होगा, आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे जिससे आपके रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे व आपके लोगों से संबंध भी मधुर होंगे, विद्यार्थियों के लिए भी यह अच्छा समय रहेगा, पिता से चले आ रहे वैचारिक मतभेद समाप्त होंगे, स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र सप्तम व द्वादश भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर होगा फलस्वरूप आध्यात्म के प्रति आपका रुझान अधिक बड़ेगा, किसी ज्ञानी व्यक्ति से आपकी मुलाकात संभव रहेगी, धर्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, दामपत्य जीवन अच्छा रहेगा, घर में बड़ों-बुजुर्गों के साथ समय बिताना आपको अच्छा लगेगा व उनके साथ आपका अच्छा समय भी बीतेगा, जो लोग उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए भी शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, जो लोग संगीत, कला, सौंदर्य प्रकाशन से जुड़े हुए हैं उनके लिए भी शुक्र का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, यात्राओं के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए शुक्र षष्ठ व एकादश भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, शुक्र के इस गोचर के दौरान आपके शत्रु सक्रिय रहेंगे, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, किसी भी महिला से व्यर्थ विवाद न करें, स्वास्थ्य के लिहाज से शुक्र का यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा क्योंकि शुक्र ही इकलौता ऐसा ग्रह है जिसे मृत संजीवनी का ज्ञान है और अष्टम भाव आयु का विचार है अतः आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा व लंबे समय से चली आ रही बीमारी से राहत मिलेगी फिर भी अधिक मिर्च-मसाले, तामसिक चीजों से परहेज करें अन्यथा पेट/उदर से संबंधित परेशानी संभव है, दामपत्य जीवन अच्छा रहेगा, जीवनसाथी के साथ संबंधों को मजबूत करने और उन्हें समझने का यह अच्छा समय रहेगा क्योंकि अष्टम भाव जीवनसाथी की वाणी का भी भाव है जहाँ शुक्र जैसा सौम्य ग्रह वाणी में मधुरता देता है, किसी को उधार पैसा देने से बचें।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए शुक्र पंचम व दशम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, जो लोग साझेदारी में व्यापार करते हैं उनके लिए शुक्र का यह गोचर काफी अच्छा रहेगा, दामपत्य जीवन अच्छा रहेगा, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, मित्रों से मुलाकात संभव है, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, प्रेमियों के लिए भी शुक्र का यह गोचर अच्छा सिद्ध होगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे विवाह करना चाहते हैं तो यह समय अपने पार्टनर को प्रपोज करने के लिए शुभ रहेगा, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, प्रमोशन के भी योग बनेंगे, आपका व्यक्तित्व आकर्षक रहेगा जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र चतुर्थ व नवम भाव के स्वामी होकर छठे भाव से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, अधिक मिर्च-मसालों से बने पदार्थों से परहेज करें, कार्यक्षेत्र में अचानक से किसी समस्या के आने से तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी अतः तनाव लेने से बचें व कार्य पर ध्यान दें, पिता के स्वास्थ्य में भी समस्या संभव है अतः पिता के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें, किसी महिला से व्यर्थ विवाद में पड़ें, शुक्र के इस गोचर के दौरान आपके शत्रु सक्रिय रहेंगे, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, मामा पक्ष से विवाद संभव रहेगा, अचानक यात्राओं के योग बनेंगे व यात्राओं पर धन व्यय होगा, अनैतिक संबंध बनाने से बचें, शुक्र का यह गोचर आपके लिए अधिक शुभ नही है अतः नित्य लक्ष्मी चालीसा व श्रीसूक्त का पाठ करें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए शुक्र तीसरे व अष्टम भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, बुद्धि बल द्वारा उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, रचनात्मक कार्यों के प्रति झुकाव बड़ेगा, जो छात्र शोध कार्यों में लगे हैं उनके लिए भी शुक्र का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, प्रेमियों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, प्रेम जीवन में मधुरता आएगी किंतु अपने प्रेमी से अधिक वायदे करने से बचें, दामपत्य जीवन अधिकांश ठीक रहेगा।

 

जय श्री राम।

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घर की नकारात्मक ऊर्जा व ऊपरी बाधा दूर करने के 7 अचूक उपाय

घर की नकारात्मक ऊर्जा व ऊपरी बाधा दूर करने के 7 अचूक उपाय

 

ऊर्जा दो प्रकार की होती है एक सकारात्मक और दूसरी नकारात्मक जो कि क्रमशः देव और असुर की श्रेणी में आती है बहुत से लोग मेरे पास आते हैं कि मेरे घर में किसी ने कुछ कर दिया है या मेरे घर पर किसी की नजर लग गयी है या मेरे घर में कभी-कभी किसी और के होने का भी अहसास होता है तो आज मैं इसी संदर्भ में कुछ सरल से उपाय बताता हूँ जिनसे आप घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर कर सकते हैं तो चलिए जानते हैं वह कौन से उपाय हैं जिन्हें करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है:-

 

घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के उपाय
घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के उपाय

 

१. हनुमान जी की पंचमुखी मूर्ति या फोटो को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नही होता है।

 

२. यदि आपके घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा हो तो गोहरी (गाय की सूखी गोबर) में हल्का सा गंगाजल गायत्री मंत्र पढ़कर छिड़क दें तदोपरान्त उसमें सेंधा नमक, फिटकरी व कपूर का छोटा टुकड़ा डालकर जला दें तथा उससे जो धुंआ निकले उससे पूरे घर को गायत्री मंत्र पढ़ते हुए शुद्ध करें ऐसा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।

 

३. घर के मध्य भाग में तुलसी का पौधा लगाकर नित्य उसका पूजन करने से भी घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।

 

४. जिस घर में नित्य सुंदरकांड का पाठ व हनुमान जी की आरती होती है वहाँ नकारात्मक ऊर्जा वास नही करती है।

 

५. घर के दक्षिण भाग में सूर्यास्त बाद नित्य पितरों को दीपक अर्पित करने से भी पितरों के आशीर्वाद से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।

 

६. नित्य घर में गंगाजल का छिड़काव करने से भी सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।

 

७. नित्य पूजा घर में पूजन समय शंखनाद करने से भी सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।

 

जय श्री राम।

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सितंबर 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

सितंबर 2020: मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मेष लग्न कुंडली
मेष लग्न कुंडली

 

मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए सितंबर 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरूवात में मंगल का लग्न से गोचर रूचक नामक पंचमहापुरुष योग बनाएगा जिस पर गुरु की दृष्टि भी रहेगी फलस्वरूप स्वास्थ्य में सुधार होगा, खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे, नई चुनातियों का सामना करना पड़ सकता है व इन चुनौतियों पर विजय प्राप्त करते हुए उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, क्रोध पर नियंत्रण रखें, 10 सितंबर को मंगल वक्री हो जाएंगे अतः स्वास्थ्य में कुछ परेशानियाँ अनुभव होगी, घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है जिस कारण से मन अप्रसन्न रहेगा, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, माह के शुरुवात में सूर्य व बुध का पंचम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, संतान का सहयोग प्राप्त होगा किंतु संतान के स्वास्थ्य में कुछ परेशानियाँ संभव रहेगी, 2 सितंबर को बुध गोचर बदलकर आपके छठे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर बुद्धि व विवेक द्वारा विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त होने के योग बनेंगे, 16 सितंबर को सूर्य भी गोचर बदलकर आपकी कुंडली के छठे भाव में आ जाएंगे अतः सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, ज्वर, सर दर्द, नेत्रों में जलन/दर्द की समस्या रह सकती है, 22 सितंबर को बुध पुनः गोचर बदलकर आपकी कुंडली के सप्तम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवनसाथी से विवाद संभव रहेगा, जिनका कार्य बैंकिंग व फाइनेंस से जुड़ा हुआ है उनके लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा, माह के शुरुवात में शुक्र का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा अतः घर में किसी मेहमान के आगमन के योग बनेंगे, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, घर में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा, सीनियर आपके कार्य से खुश रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, प्रेमियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, यदि आप अपने प्रेमी/प्रेमिका को प्रपोज करना चाहते हैं तो 14, 19, 20 व 21 सितंबर का दिन आपके लिए शुभ रहेगा।

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

माह के शुरुवात में शनि का दशम भाव से गोचर शश नामक योग बनाएगा अतः मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, यदि आपका फाइनेंस से जुड़ा हुआ कार्य है तो यह माह आपके लिए अच्छा रहेगा, शेयर बाजार में पैसा लगाने से बचें, माह के शुरूवात में गुरु व केतु का गोचर नवम भाव से रहेगा फलस्वरूप आध्यत्म की ओर झुकाव बड़ेगा, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, जो लोग उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह माह अच्छा सिद्ध होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए है उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, 23 सितंबर को राहु व केतु गोचर बदलकर क्रमशः दूसरे व अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें अन्यथा बनते हुए कार्य बिगड़ सकते हैं, वाहन सावधानी से चलाएं, तामसिक चीजों से परहेज करें, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, 25 सितंबर को अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, 14 सितंबर को परिवार वालों के साथ अच्छा समय बीतेगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, 19 से 21 सितंबर का समय भी आपके लिए अच्छा रहेगा, किसी मेहमान के आगमन के योग बनेंगे, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे व नजदीकियाँ बढ़ेंगी, घर में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा।

 

Mesh rashi
मेष राशिफल

 

कुल मिलाकर मेष लग्न व मेष राशि वालों के लिए सितंबर 2020 सामान्य रहेगा जिसमें किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, घर में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है 10 सितंबर के बाद स्वास्थ्य का ख्याल रखें व क्रोध और वाणी पर नियंत्रण रखें, दामपत्य जीवन अधिकांश ठीक रहेगा, वाहन सावधानी से चलाएं, माह की 3, 4, 5, 17, 18, 21, 22 व 23 तिथियाँ अधिक शुभ नही है अतः इस दौरान कोई भी रिस्क लेने से बचें, मेरे अनुसार मेष लग्न व मेष राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल दें व सुंदरकांड का पाठ करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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