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विपरीत राजयोग: धनवान व राजा के समान सुख देने वाला राजयोग

ज्योतिष में बहुत से योग पर चर्चा करी गयी है उनमें से एक विपरीत राजयोग भी है जिसके बारे में अधिकतर लोग जानते हैं जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि विपरीत राजयोग अर्थात विपरीत भी है और राजयोग भी है इस योग में जन्मा व्यक्ति अनेक विपरीत परिस्थितियों से होते हुए बड़ी सफलता प्राप्त करते हैं व राजा के समान सभी सुखों का अनुभव करते हैं तो चलिए जानते हैं विपरीत राजयोग कब बनता है और उसके कुछ महत्वपूर्ण नियम क्या है?

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विपरीत राज योग कुंडली के विपरीत भावों से बनते हैं कुंडली के ३, ६, ८ व १२ भावों को विपरीत भाव कहा गया है जब इन भावों के स्वामी एक-दूसरे के भाव में बैठें तो विपरीत राजयोग बनता है लेकिन इस राजयोग के कुछ नियम हैं जिनमे ही यह योग अपना पूर्ण फल दिखाता है विपरीत राज योग तीन प्रकार हर्ष, सरल और विमल होते हैं तो चलिए जानते हैं उन नियमों के बारे में:-

१. षष्ठ भाव का मालिक जब अष्टम या द्वादश भाव में बैठे हो और पाप/अशुभ ग्रह के साथ युति किए हों या षष्ठ भाव के मालिक को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो हर्ष विपरीत राजयोग होता है।

२. अष्टम भाव का स्वामी जब षष्ठ और द्वादश भाव में बैठा हो और पाप/अशुभ ग्रह के साथ युति किए हों या षष्ठ भाव के मालिक को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो सरल विपरीत राजयोग होता है।

३. द्वादश भाव का स्वामी जब षष्ठ या अष्टम भाव में बैठें हों और पाप/अशुभ ग्रह के साथ युति किए हों या षष्ठ भाव के मालिक को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो यह विमल विपरीत राजयोग बनाता है।

विपरीत राजयोग कुछ महत्वपूर्ण नियम:-

 

विपरीत राजयोग के कुछ महत्वपूर्ण नियम
विपरीत राजयोग के कुछ महत्वपूर्ण नियम

 

१. यदि ३, ६, ८, १२ स्थान के मालिक अशुभ स्थान में शुभ ग्रह के साथ बैठे या शुभ ग्रह की दृष्टि उन पर हो तो विपरीत राजयोग नही बनता।

२. यदि विपरीत राजयोग बन रहा हो लेकिन लग्नेश कमजोर हो और लग्नेश की लग्न पर दृष्टि न हो तो विपरीत राजयोग के शुभ फल नही होते है।

३. ३, ६ या ८ भाव में कोई ग्रह नीच राशि में बैठे हों और लग्नेश लग्न को देखते हैं तो विपरीत राजयोग बनता है।

४. ६, ८ या १२ भावों के स्वामी नीच राशि में बैठे हों या शत्रु राशि में बैठे हों या अस्त हों और लग्न को देखते हों तो विपरीत राजयोग बनता है।

५. ६, ८ व १२ भाव के मालिक यदि अपनी नीच राशि में बैठकर लग्न को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो विपरीत राजयोग बनता है।

विपरीत राजयोग में जन्मा व्यक्ति अनेक प्रकार के संघर्षों व विपरीत परिस्थितियों को पार करते हैं धनवान व राजा के समान सुख प्राप्त करता है साथ ही समाज में अच्छी मान-प्रतिष्ठा प्राप्त करता है, चलिए इस योग को कुछ उदाहरण कुंडली से समझते हैं।

 

डॉ० राजेन्द्र प्रसाद जी लग्न कुंडली
डॉ० राजेन्द्र प्रसाद जी लग्न कुंडली

 

डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी की कुंडली में अष्टम भाव के मालिक ग्रह षष्ठ स्थान में शनि के साथ बैठकर सरल विपरीत राजयोग बना रहा है और सूर्य की दृष्टि भी चंद्रमा पर है एवं लग्नेश गुरु की दृष्टि लग्न पर है जो कि पूर्ण विपरीत राजयोग बना रहे है सरल विपरीत राजयोग होने के कारण से डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद बहुत सरल हिर्दय के व्यक्ति रहे और 2 बार राष्ट्रपति बने।

 

क्वीन विक्टोरिया लग्न कुंडली
क्वीन विक्टोरिया लग्न कुंडली

 

Queen Victoria जी की कुंडली में अष्टमेश गुरु भाग्य स्थान पर नीच राशि में बैठकर लग्न को देख रहे हैं (महत्वपूर्ण नियम संख्या ४ देखें) और विपरीत राजयोग बना रहे हैं जिसके फलस्वरूप विक्टोरिया जी १३ वर्ष की उम्र में महारानी बनी और ५६ वर्षों तक शासन किया।

 

चलिए एक और कुंडली से विपरीत राजयोग को समझने का प्रयास करते हैं:-

 

इंदिरा गाँधी लग्न कुंडली
इंदिरा गाँधी लग्न कुंडली

 

इस कुंडली में अष्टमेश शनि लग्न में शत्रु राशि में बैठे हैं और षष्ठ स्थान के मालिक गुरु लाभ स्थान पर शत्रु राशि में हैं साथ ही चंद्रमा लग्नेश बनकर लग्न को देख रहे हैं जो कि विपरीत राजयोग को दर्शाता है यह इंदिरा गांधी जी की कुंडली है परिचय की आवश्यकता नही, समझाने का मतलब यह है कि यदि लग्नेश बली हो तभी विपरीत राजयोग का पूर्ण फल मिलता है।

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
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Email:- astrologerpoosharkjetly@astrologysutras.com, pooshark@astrologysutras.com, info@astrologysutras.com
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वार्षिक राशिफल 2023: जानिए मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए 2023 कैसा रहेगा–Astrology Sutras

वार्षिक राशिफल 2023 मिथुन लग्न व मिथुन राशि
वार्षिक राशिफल 2023 मिथुन लग्न व मिथुन राशि

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए वर्ष 2023 सामान्य रूप से मिश्रित फल देने वाला रहेगा वर्ष के आरंभ में गुरु का कर्म स्थान और शनि का अष्टम स्थान से गोचर रहेगा जिस कारण से दामपत्य जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव बने रहेंगे व कार्यक्षेत्र में भी किसी प्रकार का तनाव रह सकता है लेकिन शनि और मंगल जनवरी के मध्य भाग में शुभ होकर कुछ राहत देने वाले रहेंगे 30 दिसंबर दाम्पत्य जीवन में सुधार होना धीरे-धीरे शुरू होने के योग रहेंगे, 19 फरवरी 2023 को शनि गोचर बदलकर भाग्य स्थान में आ जाएंगे जो कि शुभ रहेंगे, 22 फरवरी से 15 अप्रैल का समय विद्यार्थियों व प्रेमियों के लिए शुभ रहेगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं और लंबे समय से विवाह हेतु प्रयासरत है उनके विवाह हेतु कहीं बात पक्की होने के योग रहेंगे, 19 अप्रैल को गुरु गोचर बदलकर मेष राशि में आ जाएंगे जहाँ राहु पहले से ही बैठे हुए हैं और शनि की भी दृष्टि गुरु और राहु पर लाभ स्थान में रहने के कारण से आय को लेकर मन में कुछ चिंता सी अनुभव हो सकती है साथ ही बड़े भाई-बहन से विचारों में भिन्नता या उनके स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव रह सकता है।

 

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ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार 29 जनवरी से 26 फरवरी, 8 मई से 29 जून, 1 नवंबर से 28 नवंबर और 15 दिसंबर से 31 दिसंबर का समय कुछ मिले-जुले फल देने वाला रहेगा यदि संभव हो तो इस समय में किसी भी शुभ कार्य हेतु या नौकरी परिवर्तन या कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें तो अधिक शुभ रहेगा 8 मई से 29 जून के मध्य किसी करीबी मित्र से या कार्यक्षेत्र में किसी मित्र द्वारा धोखा मिलने के योग रहेंगे, 30 अक्टूबर तक केतु का पंचम स्थान से गोचर समय-समय पर कुछ चिंता देने वाला रहेगा लेकिन अचानक से किसी बड़ी सफलता के प्राप्त होने के योग रहेंगे, अप्रैल से अक्टूबर 2022 के मध्य संतान से विचारों में भिन्नता या संतान के स्वास्थ्य में कुछ समस्या रह सकती है साथ ही प्रेमियों के मध्य भी कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है।

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन लग्न व मिथुन राशि वाले जो व्यक्ति लंबे समय से किसी प्रॉपर्टी को खरीदने का विचार कर रहे हैं लेकिन किसी न किसी कारण से नही ले पा रहे हैं उनके लिए प्रॉपर्टी खरीदने के अच्छे योग रहेंगे, अक्टूबर 2023 में राहु और केतु का गोचर परिवर्तन शुभ रहेगा कर्म स्थान से राहु का गोचर कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता के योग बनाएगा तो वहीं चतुर्थ स्थान से केतु का गोचर यात्रा के योग को दर्शाता है, माता जी के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के योग बनेंगे, नवदम्पत्तियों को वर्ष के मध्य भाग के बाद संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त होगा, जो लोग प्रेम विवाह के लिए प्रयास कर रहे हैं वर्ष के मध्य भाग के बाद उनके विवाह पक्का होने के योग रहेंगे, 22 फरवरी से 15 अप्रैल, 31 मार्च से 6 जून और 19 अक्टूबर से 5 नवंबर के समय विद्यार्थियों व प्रेमियों के लिए बहुत शुभ रहेगा, जो लोग दादा-दादी या नाना-नानी बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं उन्हें इस वर्ष शुभ समाचार प्राप्त होगा, वर्ष के मध्य व अंतिम भाग में घर में किसी शुभ कार्य के होने के योग रहेंगे, 31 मार्च से 6 जून और 8 से 24 जुलाई के मध्य बड़ा लाभ मिलने के योग रहेंगे, जो लोग नौकरी परिवर्तन का प्लान कर रहे हैं या किसी नए कारोबार का आरंभ करना चाहते हैं उनके लिए यह बहुत शुभ समय रहेगा, 27 जुलाई के बाद का समय विवाहित व्यक्तियों के लिए अच्छा रहेगा व पुराने चले आ रहे तनाव खत्म होंगे, 2 जनवरी से 13 जनवरी, 28 फरवरी से 26 मार्च और 24 अप्रैल से 15 मई के समय बुध अस्त रहेंगे अतः इस समय में जीवन में कुछ उलझने अनुभव हो सकती हैं वर्ष पर्यंत गणेश संकटनाशन स्त्रोत्र का पाठ करना बेहद शुभ रहेगा।

आगे हरि इच्छा प्रवल🙏

जय श्री राम।
Astrologer Pooshark Jetly
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Yearly Horoscope 2023: Know how 2023 will be for Gemini Ascendant and Gemini people

Yearly Horoscope Of Gemini Ascendant & Gemini People
Yearly Horoscope Of Gemini Ascendant & Gemini People

 

According to astrologer Pooshark Jetly ji, the year 2023 will give generally mixed results for the Gemini Ascendant and Gemini people, in the beginning of the year, Jupiter will transit through the work place and Saturn will transit through the eighth house, due to which there will be some ups and downs in married life and there can be some kind of tension in the workplace too, but Saturn and Mars will be auspicious in the middle of January and will give some relief. Improvement in married life will start gradually from 30th December, Shani transit will change on 19 February 2023 and will come to the place of fortune which will be auspicious, Time from February 22 to April 15 will be auspicious for students and lovers, people who have become marriageable and have been trying for marriage for a long time, there will be chances of getting something confirmed for their marriage, on April 19, Jupiter transit will change to Aries, where Rahu is already sitting And due to Saturn is giving his aspect on Guru and Rahu in the Income house, there may be some worry in the mind regarding income, as well as there may be difference of views with elder brother and sister or some ups and downs in their health.

 

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According to astrologer Pooshark Jetly, 29 January to 26 February, 8 May to 29 June, 1 November to 28 November and 15 December to 31 December will give mixed results. It will be more auspicious if you avoid taking any major decision or job change. Between May 8 and June 29, there will be chances of being cheated by a close friend or a friend in the workplace, till October 30, the transit of Ketu through the fifth house will give some worries time to time, but suddenly there will be some big success. Between April and October 2023, there may be difference of opinion with the child or there may be some problem in the health of the child, as well as some stressful situations may arise between the lovers. People with Gemini Ascendant and Gemini Sign who have been thinking of buying a property for a long time but are not able to do so due to one or the other reason, there will be good chances of buying a property, the transit of Rahu and Ketu in October 2023 is auspicious. The transit of Rahu will be from the place of work, will create the sum of great success in the field of work and the transit of Ketu from the fourth place shows the yoga of travel, Take care of the health of the mother, those who have become marriageable, there will create the yogas for their marriage, newly married couples will get good news related to children after middle of the year. Those who are trying for love marriage, after the middle part of the year, their marriage will be confirmed. February 22 to April 15, March 31 to June 6 and October 19 to November 5 will be very auspicious for students and lovers, those who are waiting to become grandparents will get good news this year In the middle and last part of the year, there will be chances of some auspicious work in the house, there will be chances of getting big benefits between March 31 to June 6 and July 8 to 24, those who are planning to change jobs or start a new business. This will be a very auspicious time for them. The time after July 27 will be good for married people and old tension will end, Mercury will be retrograde from January 2 to January 13, February 28 to March 26 and April 24 to May 15, so there will be some problems in life during this time. You may experience entanglement, it will be very auspicious to recite Ganesh Sankatnashan Stotra throughout the year.

Hail Of Lord Rama.

Astrologer Pooshark Jetly
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विक्रम संवत्त 2079: जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव भाग:-१ Astrology Sutras

विक्रम संवत्त २०७९ का वार्षिक राशिफ़ल
विक्रम संवत्त २०७९ का वार्षिक राशिफ़ल

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार विक्रम संवत्त २०७९ की शुरुवात में राहु वृषभ और केतु वृश्चिक राशि से गोचर करेंगे, ९ अप्रैल २०२२ की मध्य रात्रि ४:३१ पर राहु मेष राशि (कृत्तिका १ चरण) और केतु तुला राशि (विशाखा ३ चरण) में प्रवेश करेंगे तथा वर्ष पर्यन्त इन्ही राशि में रहेंगे साथ ही देव गुरु बृहस्पति वर्ष के आरंभ में कुंभ राशि से गोचर करेंगे जो कि ९ अप्रैल २०२२ को दिन के ८:२१ पर मीन राशि (पूर्वाभाद्रपद ४ चरण) में प्रवेश करेंगे और वर्ष पर्यन्त मीन राशि से गोचर करेंगे तो चलिए जानते हैं कि विक्रम संवत्त २०७९ विभिन्न राशियों के लिए कैसा रहेगा।

भाग:-१

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए यह वर्ष उन्नति कारक रहेगा, लंबी दूरी की यात्राएं संभव रहेंगी, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, मेष राशि वाले व्यक्तियों की इस वर्ष लोकप्रियता के साथ चिंताएं भी बढ़ने के योग रहेंगे, पित्त विकार या संधिवात से परेशानी संभव रहेगी, घर-परिवार में सामंजस्य बना रहेगा, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें व महिलाओं पर अधिक विश्वास करने से बचें, राज-समाज में मान सम्मान बढेगा, कारोबारी गतिविधियाँ अच्छे ढंग से चलती रहेंगी, कुटुंब में चले आ रहे तनाव कम होंगे, बड़े व्यवसायियों के मध्य मेल-जोल से नए व्यवसाय के मार्ग प्रशस्त होंगे, विद्यार्थियों के लिए अध्यन क्षेत्र में अभिरुचि कम होगी, दामपत्य जीवन में तालमेल बना रहेगा, नौकरी पेशा लोगों के लिए यह वर्ष थोड़ा संघर्ष पूर्ण रह सकता है, सितंबर मास के आस-पास गृहस्थी में खुशी रहेगी, गृहस्थ जीवन के लिए प्रतीक्षा कर रहे लोगों को शुभ समाचार प्राप्त होने की संभावना रहेगी किंतु मित्रों से धन की हानि संभव रहेगी, अक्टूबर मास में कोर्ट-कचहरी के मुकदमों से व्यथा संभव है, हिंदी मास के १, ३, ८, ११ मास कष्टदायक रह सकते हैं।

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा स्वास्थ्य संबंधित सावधानियां रखें, परिवार में धार्मिक कार्य संपन्न होंगे, भाई-बहन से सहयोग प्राप्त होगा, नवीन संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे, माता-पिता का सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थी वर्ग का पढ़ाई के प्रति रुझान बढ़ेगा, संतान पक्ष से भावनात्मक लगाव बनेगा, अदालत के मामलों में धीमी गति से प्रगति होगी, वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा, नौकरी पेशा लोगों की स्थिति में सुधार होगा, राजनीतिक क्षेत्र में मतभेद बढ़ेंगे, मन कुछ अशांत एवं बोझिल बना रहेगा, सरकारी कार्य पूर्ण होने से आगे का मार्ग प्रशस्त होगा, घर का वातावरण सुखद बना रहेगा, शेयर बाजार का व्यवसाय करने वालों को इस वर्ष अच्छा मुनाफा होगा, बढ़ती जिम्मेदारियों को संभालने में आप समय के साथ सक्षम होते जाएंगे, देश-विदेश से शुभ समाचार प्राप्त होंगे, हिंदी मास के २,५, १० मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों पर शनि की ढैया का प्रभाव रहेगा, कुछ कठिन परिश्रम से संघर्ष के बाद सफलता प्राप्त होगी, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, वर्ष के मध्य में लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, कार्यक्षेत्र की परेशानी के कारण से मानसिक परेशानी बढ़ने की संभावना रहेगी, स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें, भाई-बहनों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार बनास रहेगा, भूमि-मकान-वाहन के क्रय-विक्रय के लिए लाभकारक स्थितियाँ बनेंगी, विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता रहेगी, वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी के मध्य वैचारिक मतभेद बने रह सकते हैं, धार्मिक कार्यों से लाभ होगा, पड़ोसी के व्यवहार से अनंदाभूति का अनुभव होगा, कानूनी विवाद को मध्यस्थता से सुलझाने की कोशिश करें, नए कार्य में सावधानी बरतें, अकस्माक लाभ प्राप्त होने के योग बनेंगे, हिंदी मास के ४, ८, १२ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

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कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए यह वर्ष उत्तम रहेगा, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, धन लाभ में आने वाली परेशानियाँ कम होंगी, इष्ट मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, भौतिक सुख-साधनों पर अधिक खर्च होगा, घरेलू समस्याओं का समाधान होगा, माता-पिता के साथ अच्छे संबंध स्थापित होंगे, प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात होने की संभावना रहेगी, विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा, शिक्षा के प्रति मन में जिज्ञासा उत्पन्न होगी, संतान पक्ष के साथ सामान्य मतभेद हो सकते हैं, कोर्ट-कचहरी वाले मामलों में समाधान प्राप्त होगा, वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी अपने दायित्वों के प्रति उदासीन न रहकर सकारात्मक विचार धारा मन में बैठाने का प्रयास करें, नौकरी पेशा लोगों के लिए यह उत्तम समय रहेगा, इच्छित वस्तु का सुख प्राप्त होगा, साझे काम से लाभ मिलेगा, सेहत पर मौसम का प्रभाव पड़ने से स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव संभव रहेगा, परदेश से शुभ समाचार की प्राप्ति संभव है, बनते-बिगड़ते परिवेश से नए आयाम मिलेंगे, दीर्घकालीन विवाद सुलझने के योग बनेंगे, हिंदी मास के २, ३, ९ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए यह वर्ष उन्नतिकारक रहेगा, घर-परिवार में कही का वातावरण बनेगा, रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है, विदेश से लाभ होगा, आर्थिक उन्नति के लिए प्रयासरत रहें, संगीत, गायन, चित्रकला आदि मनोरंजन के साधनों में रुचि बढ़ेगी, भाई-बहनों का पारस्परिक सौहार्द बना रहेगा, नवीन संपत्तियों के क्रय-विक्रय करने के लिए अच्छी स्थितियाँ उत्पन्न होंगी, विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा, प्रेमियों में एक-दूसरे के मध्य सामंजस्य बना रहेगा, संतान की उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे, दामपत्य सुख में वृद्धि होगी, विरोधी पक्ष का दबाब कम होगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, व्यवसाय में उन्नति व नौकरी पेशा लोगों की पदोन्नति होने के योग बनेंगे, पुराने रोग-ऋणादि से छुटकारा मिल सकता है, मित्रों के साथ यात्रा का अवसर प्राप्त होने के योग बनेंगे, असफलता को परिश्रम से सफलता में बदलने में सफल होंगे, योजना पूर्ति में मदद मिलेगी, वाहनादि का सुख प्राप्त होगा, हिंदी मास के ३, ६, ११ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए यह वर्ष शांतिकारक रहेगा, अच्छे उद्देश्य हेतु किए गए प्रयासों में सफलता प्राप्त होगी, शल्य चिकित्सा के योग बनेंगे अतः स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, जीवन साथी के स्वास्थ्य में भी उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, विवादपूर्ण माहौल से दूरी बनाकर रखें, विद्यार्थियों को कुछ कठिन परिश्रम से सफलता प्राप्त होने के योग हैं, संतान पक्ष से थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता रहेगी, कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में विजय प्राप्त होगी, दाम्पत्य जीवन में प्रेम बना रहेगा, भूमि-मकान आदि खरीदने के योग बनेंगे, भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, माता-पिता का स्वास्थ्य कुछ बाधायुक्त रह सकता है, उदर जनित समस्याएं रह सकती हैं अतः अत्यधिक मिर्च-मसाले वाले व्यंजनों से सावधानी बरतें, व्यवसायियों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा, अपने बल-पौरुष द्वारा परिस्थितियों पर काबू पाने का प्रयास करें, नए संपर्क से लाभ होगा, मई माह के आस-पास रुका हुआ धन प्राप्त होने के योग बनेंगे, योजनाएं राजनीतिक सहयोग से पूर्ण होंगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, मन में नए विचारों का उदय होगा, चौराग्नि भय व्याप्त रहेगा, अकास्मिक लाभ के योग बनेंगे, पड़ोसियों के साथ संबंधों में सुधार होगा, आशा पर निराशा हावी हो सकती है अतः खुद को मजबूत बनाकर अपने प्रयासों में कमी न आने दें, राज-समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी, यात्राओं के योग बनेंगे, विरोधियों के कुचक्र रचना से बचें, जनवरी २०२३ के आस-पास बिगड़े काम बनने की पूर्ण आशा रहेगी, हिंदी मास के २, ४, ९ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
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चैत्र नवरात्रि 2022: जानें घट स्थापना शुभ मुहर्त व पूजन विधि

चैत्र नवरात्रि 2022
चैत्र नवरात्रि 2022

 

शक्ति की अधिष्ठात्री माता जगदंबा की आराधना का विशेष पर्व चैत्र शुक्ल प्रतिपदा माना गया है धर्म शास्त्रों के अनुसार इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी इस वर्ष चैत्र नवरात्र २ अप्रैल से शुरू हो रहा है जो कि पूरे ९ दिन चलेगा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक की अवधि शक्ति की अधिष्ठात्री माँ जगदंबा की साधना-आराधना को समर्पित रहेगा इसे शास्त्रों में वासंतिक या चैत्र नवरात्र कहा गया है।

महानिशा पूजन:-

 

महानिशा पूजन
महानिशा पूजन

 

महानिशा पूजन सप्तमी युक्त अष्टमी में करने का विधान है निशीथ व्यापिनी अष्टमी योग ८ अप्रैल की रात्रि को मिल रहा है जिसमें महानिशा पूजन आदि किया जाएगा, महाअष्टमी व्रत ९ अप्रैल को रखा जाएगा वहीं चैत्र शुक्ल नवमी १० अप्रैल की रात्रि १२ बजकर ०८ मिनट तक है इस दिन महानवमी व श्री रामनवमी के व्रत के साथ दोपहर में श्री राम का प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा, नवरात्रि का होम आदि १० अप्रैल को किया जाएगा व नवरात्र व्रत का पारण ११ अप्रैल को किया जाएगा।

आगमन व प्रस्थान विधान:-

 

आगमन व प्रस्थान विधान
आगमन व प्रस्थान विधान

 

शास्त्रों में कहा गया है:-

 

“शशिसूर्ये गजारुढ़ा, शनिभौमे तुरंगमे।”
“गुरौ शुक्रे च डोलायाम, बुधे नौका प्रकीर्तिता।।”

 

अर्थात नवरात्र के प्रथम दिन रविवार या सोमवार हो तो माता हाथी पर सवार होकर आती हैं, यदि प्रथम दिन शनिवार या मंगलवार हो तो माता घोड़े पर सवार होकर आती हैं, प्रथम दिन गुरुवार या शुक्रवार हो तो माता पालकी से आती हैं, प्रथम दिन बुधवार हो तो माता नौका पर सवार होकर आती हैं तथा इसी प्रकार माता का गमन रविवार व सोमवार को भैंसा पर, मंगलवार व शनिवार को मुर्गा पर, बुधवार व शुक्रवार को हाथी पर और गुरुवार को मानव कंधे पर होता है।

घट स्थापना वेला:-

 

घट स्थापना बेला
घट स्थापना बेला

 

घट स्थापना के लिए प्रातः वेला शुभ मानी गयी है ०२ अप्रैल २०२२ को घट्यादि ०६|१७ दिन (०८:२२) से वैधृति योग आ रहा है, वैधृति योग में नवरात्रारम्भ का निषेध है अतः कलश स्थापना पूजन प्रातः ०८:२२ के पूर्व या अभिजिन्मुहूर्त्त (दिन ११:३५ से १२:२५) में किया जा सकता है।

श्री कृष्ण ने अर्जुन को दिया था देवी माँ की आराधना का निर्देश:-

 

 

आत्मा की शक्ति को देवी कहते हैं समस्त भूत, भौतिक जगत को प्रकाशित करने वाली चेतना शक्ति ही पराम्बा भगवती दुर्गा हैं वैसे तो इनकी उपासना हर दिन होती है और त्रिदेव जगत की रक्षा हेतु इनकी आराधना करते हैं, महाभारत युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए स्वम् भगवान श्री कृष्ण जी ने अर्जुन को देवी माता पराम्बा की उपासना का निर्देश दिया था, वासंतिक नवरात्र शास्त्रों में वर्णित है, नौ रात्रियों का समूह होने से इसे नवरात्र कहा जाता है।

पूजन विधि:-

 

पूजन विधि
पूजन विधि

 

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि विशेष पर प्रातः नित्य कर्मादि-स्नानादि कर हाथ में गंध, अक्षत, पुष्प, जल लेकर संकल्पित होकर ब्रह्मा जी का आवहान करना चाहिए आगमन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, यज्ञोपवीत, गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेध, ताम्बूल, नमस्कार पुष्पांजलि व प्रार्थना आदि उपचारों से पूजन करना चाहिए, नवीन पंचांग से नव वर्ष के राजा, मंत्री, सेनाध्यक्ष, धनाधीप, दुर्गाधीप, संवत्सर निवास और फलाधीप आदि का फल श्रवण, निवास स्थान को ध्वजा, पताका व तोरण आदि से सुशोभित करना चाहिए।

जय श्री राम।
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विक्रम संवत् २०७९ का सम्वत्सर फल

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार इस वर्ष के प्रारंभ में “राक्षस” नामक संवत्सर रहेगा, वैशाख कृष्ण १३ गुरुवार दिनांक २८ अप्रैल २०२२ को २५|२९ इष्ट (दिन ३:४५) पर “नल” नामक संवत्सर का प्रवेश होगा किंतु वर्ष पर्यन्त संकल्पादि में “राक्षस” संवत्सर का ही विनियोग करना चाहिए, इस वर्ष के राजा “शनि” तथा मंत्री “गुरु” हैं, राजा तथा मंत्री में परस्पर समभाव है परंतु इस वर्ष राजा शनि है इसलिए प्रजा को कई प्रकार के कष्टों से गुजरना पड़ सकता है, जगल्लग्न के विचार से लग्नेश बुध, सूर्य व राहु के साथ हैं अतः प्रजा के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं बनेंगी, अमेरिका को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, गुरु पर शनि की दृष्टि से विमान दुर्घटना या भयंकर प्राकृतिक प्रकोप से हानि होगी, शनि व मंगल का द्विदादश योग विश्व के कुछ राष्ट्रों में किसी विषय को लेकर स्थिति उग्र रूप धारण कर सकती है मित्र देशों में भी राजनयिक संबंध अकस्मात बिगड़ सकते हैं ऐसी स्थिति में राष्ट्रों के ध्रुवीकरण की प्रवृत्ति जोर पकड़ेगी।

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ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार वर्ष लग्न के विचार लग्नेश नीच राशि में है और शनि की दृष्टि होने से यह ग्रह स्थिति विश्व में अघटित घटना चक्र का आभास कराएगी और किसी राष्ट्र विशेष में भूकम्प, जलप्लव आदि प्राकृतिक प्रकोप से जन-धन की हानि होगी, यूरोपीय देशों की ग्रह स्थिति से पश्चिम जर्मनी, फ्रांस, इटली, रोम, स्प्रेन, ब्रिटेन, आयरलैंड में कहीं भूकम्प आदि प्राकृतिक प्रकोप होगा, मुस्लिम राष्ट्रों में आंतरिक संघर्ष से सत्ता परिवर्तन के योग हैं, नव वर्ष प्रवेश में भारत की प्रभाव राशि मकर है लेकिन वृश्चिक लग्न में नव वर्ष का उदय होने से पश्चिमी प्रांत विशेष में कहीं ९ मास तक दुर्भिक्ष की स्थिति बनी रहेगी, उत्तर में विपरीत जलवायु के कारण फसलें प्रभावित होंगी, सोना-चांदी धातु में महँगाई अधिक बढ़ेगी, लोगों में विविध प्रकार के रोगों की व्याप्ति अधिक होगी, चोरी-डकैती, लूटमार एवं भ्रष्टाचार की वारदातें अधिक घटित होंगी।

 

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार आर्द्राप्रवेशाङ्ग के विचार से आर्द्रा प्रवेश कुंडली में धनु लग्न है, लग्नेश गुरु सुख भाव में जलराशि में हैं एवं चंद्र भी जल राशि में है भारत के पश्चिमी एवं पूर्वी भागों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, हरियाणा व पंजाब आदि के अधिक क्षेत्रों में गर्मी का तापमान अधिक रहेगा व भीषण गर्मी पड़ेगी, पश्चिमी-पूर्वी भारत में मानसून की वर्षा तय समय पर होगी तो कहीं दुर्भिक्ष सूखा पड़ेगा इसलिए समाज व सरकार को सावधान रहने की आवश्यकता है, जलीय ग्रह शुक्र स्वराशि होकर बुध के साथ हैं अतः कहीं भूस्खलन आदि प्राकृतिक प्रकोप से हानि होगी, शारदधान्य एवं ग्रैष्मिकधान्य के विचार से शरद ऋतु की फसलें पर्याप्त होंगी, ग्रीष्मकाल की फसलों में प्राकृतिक प्रकोप से हानि संभव है।

Astrologer:- Pooshark Jetly
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अश्विनी नक्षत्र एवं उसका फलादेश

अश्विनी नक्षत्र एवं उसका फलादेश
अश्विनी नक्षत्र एवं उसका फलादेश

 

अश्विनी नक्षत्र जिसे अंग्रेजी में केस्टर और पोलोक्स कहा जाता है यह 27 नक्षत्रों में प्रथम नक्षत्र है जिसका विस्तार मेष राशि में 0 से 13 अंश 20 कला तक है इनके स्वामी मंगल व दशा स्वामी केतु होते हैं तथा इनके देवता अश्विनी कुमार है, अश्विनी नक्षत्र क्षत्रिय वर्ण, चतुष्पद वश्य व देव गण के अंतर्गत आता है इसकी योनि अश्व है जो कि महिषी से वैर रखता है, अश्विनी नक्षत्र का रंग रक्त समान लाल और नामाक्षर चू, चे, चो, ला है तथा अश्विनी नक्षत्र का प्रतीक अश्व का सिर है।

अश्विनी नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति अच्छा व्यवहार करने वाले, सुंदर, बड़े नेत्रों वाले, बड़े माथे वाले, बुद्धिमान, भगवान से डरने वाले, सामान्य नाक वाले, निर्णय लेने में सशक्त किंतु बच्चों जैसा व्यवहार करने वाले, त्वरित क्रियान्वन वाले होते हैं तथा इनका कर्मक्षेत्र प्रायः चिकित्सक (विशेष अनुभव पर आधारित), साहसिक कार्य, खेलों से संबंधित कार्य, सैन्य व सेना से संबंधित और कानून से संबंधित कार्य करने वाले होते हैं।

अश्विनी नक्षत्र के व्यक्ति ऊर्जावान होने के साथ-साथ उत्साहित रहते हैं और इन्हें छोटे-मोटे कामों से संतुष्टि नही मिल पाती, इन्हें बड़े और अत्यधिक कार्यों को करने में अत्यंत आनंद आता है तथा प्रत्येक कार्य को अति शीघ्र संपन्न करने में रुचि रहती है, अश्विनी नक्षत्र के व्यक्ति अत्यंत रहस्मई होते हैं साथ ही इनमें क्रोध की भी अधिकता रहती है, अश्विनी नक्षत्र के व्यक्तियों को प्रेम से अपने वश में किया जा सकता है किंतु इन्हें क्रोध दिखाने या क्रोध से इन्हें आने वश में करने के प्रयास में व्यक्ति खुद की हानि कर बैठते हैं, अश्विनी नक्षत्र के व्यक्ति खुद के द्वारा लिए गए निर्णयों से कभी पीछे नही हटते और किसी अन्य की बातों में आकर अपने कार्यशैली में बदलाव नही लाते और लोगों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, अश्विनी नक्षत्र के व्यक्ति अच्छे मित्र होते हैं तथा गुप्तचर विभाग, कलाकार, प्रशिक्षण, अध्यापन आदि क्षेत्र से भी धनार्जन करते हैं साथ ही चिकित्सा, सुरक्षा विभाग, साहित्य और संगीत में भी इन्हें अत्यंत रुचि रहती है और अपने जीवनकाल में एकाधिक माध्यम से धनार्जन करते हैं, अश्विनी नक्षत्र के व्यक्तियों के जीवन में 30 वर्ष की आयु तक प्रायः उतार-चढ़ाव बने रहते हैं।

अश्विनी नक्षत्र के लिए विनाशकारी नक्षत्र धनिष्ठा नक्षत्र जिसका स्वामी मंगल होता है इसके अतिरिक्त कृत्तिका, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, विपत्त और मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा प्रतियरी नक्षत्र होते हैं साथ ही पुनर्वसु, विशाखा और पूर्वाभाद्रपद बाधाओं वाले नक्षत्र होते हैं, अश्विनी नक्षत्र वालों के लिए पुष्य, अश्लेषा, अनुराधा, ज्येष्ठा, उत्तराभाद्रपद व रेवती मित्र और अतिमित्र नक्षत्र होते हैं।

ॐ नमो भगवते रुद्राय।

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गुरु अस्त 22 फरवरी 2022 जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

गुरु अस्त 22 फरवरी 2022 जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव
गुरु अस्त 22 फरवरी 2022 जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार वैदिक ज्योतिष में गुरु को विशेष स्थान प्राप्त है यह ज्ञान, विद्या, विवाह, पति, संतान व धर्म के कारक होते हैं देव गुरु बृहस्पति 22 फरवरी 2022 को दिन के 3 बजकर 48 मिनट पर पश्चिम दिशा में अस्त हो जाएंगे जो कि 23 मार्च 2022 को दिन के 1 बजकर 26 मिनट पर पूर्व दिशा में उदित होंगे जिससे विभिन्न राशियाँ प्रभावित होंगी तो चलिए जानते हैं गुरु के अस्त होने पर विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव:-

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए गुरु के लाभ स्थान में अस्त होने के कारण से जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, आय को लेकर कुछ चिंता बनी रह सकती है, यात्राओं व धार्मिक कार्यों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन की जिम्मेदारी आप पर आ सकती है व आपके सहयोग से उनको लाभ भी होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं व विवाह हेतु रिश्ता देख रहे हैं उन्हें अपने प्रयास में थोड़ी और तेजी लाने की आवश्यकता होगी, घर के किसी बुजुर्ग सदस्य के स्वास्थ्य की वजह से मन में कुछ अशांति अनुभव होगी, कार्यस्थल पर व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए गुरु के दशम भाव में अस्त होने के कारण से कार्य क्षेत्र में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे व कार्यक्षेत्र में कुछ तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ेगा, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, भविष्य में किसी यात्रा के लिए योजना बन सकती है, स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता रहेगी, संतान या किसी बुजर्ग पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें व तामसिक चीजों के सेवन से परहेज करें, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क रहें व अधिक मिर्च-मसाले व चिकनाई भरे पदार्थों से परहेज करें।

 

उपाय:- 2 गुरुवार किसी ब्राह्मण को पीला वस्त्र और पीला मीठा कुछ दक्षिणा के साथ दान करें।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के नवम भाव में गुरु के अस्त होने के कारण से भाग्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, धार्मिक कार्यों या धार्मिक यात्रा पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, पिता के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, छोटे भाई-बहन के साथ वैचारिक मतभेद संभव होंगे, अचानक किसी सफलता के मिलने से मन प्रसन्न रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, माता-पिता व बड़ों की सलाह लाभदायक सिद्ध होगी।

 

उपाय:- आटे की लोई में हल्दी लगाकर गाय को गुरुवार के दिन खिलाएं।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के अष्टम भाव में गुरु के अस्त होने के कारण से जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी जिससे आंतरिक रूप से कुछ थकान अनुभव हो सकती है, स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्क रहें तथा बातों को दिल पर लेने से बचें, दवाईयों पर धन व्यय हो सकता है, आय के साथ व्यय में वृद्धि होगी, धर्म-आध्यात्म से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय मिला-जुला रहेगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर में किसी मेहमान के आगमन की संभावना रहेगी, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन गाय को केला खिलाएं।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए गुरु के सप्तम भाव में अस्त होने के कारण से जीवन में कुछ ठहराव आने की संभावना रहेगी, जो व्यक्ति विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कोई रिश्ता आ सकता है किंतु रिश्ता पक्का होने में कुछ संदेह रहेगा, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, प्रेमियों के लिए गुरु के अस्त होने के कारण से कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, विद्यार्थियों के लिए शिक्षा से संबंधित कार्य हेतु किसी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी फिर भी आय को लेकर मन में कुछ चिंता अनुभव हो सकती है, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा फिर भी बीच-बीच में आंतरिक रूप से कुछ थकान अनुभव हो सकती है, छोटी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन मधुराष्टकं का पाठ करें।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए गुरु के षष्ठ भाव में अस्त होने के कारण से स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, कार्य क्षेत्र में जिस जोश के साथ प्रयास करेंगे उसके विपरीत फल की प्राप्ति हो सकती है, कार्य क्षेत्र में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बनेंगे व यात्राओं पर धन व्यय होगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, दाम्पत्य जीवन में उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, जो व्यक्ति नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं वह कुछ समय रुक जाएं तो ज्यादा शुभ रहेगा, घर के किसी बुजुर्ग या बच्चों पर धन व्यय होने की संभावना रहेगी।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन गाय को चने की दाल भीगा कर खिलाएं।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए गुरु के पंचम भाव में अस्त होने के कारण से शिक्षा में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न होने की संभावना रहेगी, गर्भिणीयों को अपने स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्क रहना चाहिए, अत्यधिक चिकनाई वाले व्यंजनों से परहेज करें, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, धर्म-आध्यात्म के प्रति झुकाव बढेगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी किंतु आय को लेकर कुछ चिंता या घिराव अनुभव होगा, स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्क रहें, संतान को कष्ट संभव रहेगा, उदर जनित कोई समस्या रह सकती है।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन विष्णु जी को केले का भोग लगाकर विष्णु चालीसा का पाठ करें।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु के चतुर्थ भाव में अस्त होने के कारण से घर के माहौल में कभी-कभी तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कार्य स्थल पर किसी उच्चाधिकारी से व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, माता के स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, व्यय में वृद्धि होगी, यात्राओं के योग बनेंगे, जो लोग लंबे समय से स्थान परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं उनके अस्थाई स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, घर के बड़े या संतान या धार्मिक कार्यों में धन व्यय हो सकता है, अकास्मिक व्यय में वृद्धि के कारण से कुछ चिंता या घिराव अनुभव हो सकती है, आंतरिक रूप से खुद को असहज अनुभव कर सकते हैं।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए गुरु के तृतीय भाव में अस्त होने के कारण से स्वास्थ्य जनित समस्याएं उत्पन्न हो सकती है, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, छोटे-छोटे खर्चों के आकस्मिक उत्पन्न हो जाने के कारण से आपका बजट बिगड़ सकता है, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु रिश्ता आ सकता है किंतु रिश्ता पक्का होने में संदेह रहेगा, आय के साथ व्यय में वृद्धि होगी, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, पिता के स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त होने के योग बनेंगे, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में मधुरता आएगी।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन गाय को आटे की लोई में हल्दी लगाकर खिलाएं।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए गुरु के द्वितीय भाव में अस्त होने के कारण से कुटुंब में कलहपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है जिस कारण से मानसिक रूप से अशांति अनुभव होगी, घर के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में समस्या भी चिंता का कारण बन सकती है, व्यय में वृद्धि होगी, यात्राओं पर धन व्यय होगा, कार्य के सिलसिले से यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, आप अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें, दवाईयों पर धन व्यय हो सकता है, गूढ़ विद्या व गूढ़ रहस्यों को जानने में रुचि होगी, घर के किसी बुजुर्ग की सलाह आपके लिए कारगर सिद्ध हो सकती है, ससुराल पक्ष के साथ संबंधों में मधुरता आएगी।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन गाय को चने की दाल भीगा कर खिलाएं।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए गुरु के लग्न अर्थात प्रथम भाव में ही अस्त होने के कारण से कुछ थकान अनुभव हो सकती है, क्रोध पर नियंत्रण रखें, दाम्पत्य जीवन में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, घर के किसी सदस्य की जिम्मेदारी आप पर आ सकती है, संतान के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, धर्म-आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी, रिश्तों के लिए वार्ता करते समय वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें व किसी गुरु या पिता की सलाह से काम लें लाभ होगा, मित्रों से धोखा मिलने की संभावना रहेगी अतः मित्रों पर अधिक विश्वास करने से बचें, प्रेमियों व विद्यार्थियों के लिए भी गुरु के अस्त होने के कारण से उतार-चढ़ाव वाली परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन विष्णु चालीसा का पाठ करें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए गुरु के द्वादाश भाव में अस्त होने के कारण से शत्रुओं द्वारा हानि पहुँचने की संभावना रहेगी, किसी के द्वारा झूठा आरोप लगाने के कारण से मान में हानि संभव है, यात्राओं के योग बनेंगे, व्यय में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्क रहें, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, नेत्रों में किसी प्रकार की समस्या संभव है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

 

जय श्री राम।
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गुलाब के फूल के 5 चमत्कारी टोटके: रातों-रात दूर होगी धन की कमी और कर्ज की समस्या!

गुलाब के चमत्कारी यह 5 टोटके दिलाते हैं कई समस्याओं से छुटकारा (Gulab Ke Totke)

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार गुलाब का पुष्प सभी देवी-देवताओं को अत्यंत प्रिय है गुलाब के फूलों की सुगंध प्रसन्नता का आभास तो कराती है साथ ही यदि गुलाब के कुछ टोटके धन के साथ अनेक समस्याओं से राहत भी दिलाती है तो चलिए जानते हैं गुलाब के उन चमत्कारी टोटकों के बारे में:-


🌹 गुलाब के 5 अचूक और चमत्कारी टोटके

१. शुक्रवार की संध्या को लक्ष्मी जी को गुलाब के पुष्प अर्पित कर श्री सूक्त का पाठ कर व आरती कर गुलाब को घर की तिजोरी में रखने से माँ लक्ष्मी जी की कृपा से कभी धन की कमी नही होती।

२. शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार से शुरू कर 11 मंगलवार नियम से हनुमान जी को 11 गुलाब पुष्प अर्पित कर सुंदरकांड का पाठ करने से मनोकामना पूर्ण होती है।

🏠 घर में सुख-शांति के लिए

क्या आपके घर में भी है वास्तु दोष? (Vastu Dosh)

तरक्की में आ रही है रुकावट या परिवार में रहता है क्लेश? बिना तोड़-फोड़ के घर का वास्तु दोष दूर करने के अचूक और प्रामाणिक उपाय यहाँ जानें।

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३. यदि घर के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में लंबे समय से समस्या चली आ रही हो और वह काफी दवाइयां करने के बाद भी ठीक ना हो रही हो तो पान के 1 पत्ते में गुलाब और बताशे रखकर रोगी के ऊपर से 7 बार उतारकर उसे जला देने से रोगी के स्वास्थ्य में लाभ होता है।

४. 5 रक्त अर्थात लाल रंग के पंखुड़ियों वाले गुलाब और श्वेत वस्त्र लें तत्पश्चात श्वेत वस्त्र के चार कोनों पर 4 गुलाब बाँध दें और 1 गुलाब वस्त्र के मध्य भाग में बांधकर उसकी पोटली बना लें और उसे बहते पानी में प्रवाहित कर दें इस टोटके से शीघ्र ही कर्ज से मुक्ति मिलती है व घर में सुख समृद्धि आती है।

५. शुक्ल पक्ष के मंगलवार के दिन लाल चंदन, लाल गुलाब व रोली एक लाल कपड़े में बांधकर हनुमान जी को अर्पित कर नियम से 7 दिवस तक हनुमान चालीसा का पाठ कर 7वें दिन उस लाल पोटली को घर की तिजोरी में रखने से बरकत हमेशा बनी रहती है।

जय श्री राम।

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