मिथुन राशि वालों के लिए वर्ष 2026 ऊर्जावान और परिवर्तनकारी रहेगा जहाँ वर्ष के आरंभ में गुरु का आपकी राशि से गोचर और वर्ष के मध्य में धन स्थान में उच्च राशि से गोचर निश्चय ही कार्यक्षेत्र में नए अवसर व आय में वृद्धि के माध्यम बनाएगा तो भाग्य स्थान से शनि व राहु का संबंध भी जीवन में भागा-दौड़ी बनाए रखेंगे किंतु यदि पूर्व नियोजित तरह से कार्य को कुछ गुप्त युक्तियों द्वारा किया जाए तो शनि-राहु के काफी सकारात्मक प्रभाव मिलने से राहत अनुभव होगी, व्यय भाव से चंद्र का गोचर मन में अनेक विचारों के आदान-प्रदान का सूचक है अतः आपका इस वर्ष मन स्थिर नही रहेगा और कभी-कभी खर्च की अधिकता काफी बढ़ जाने से मन में खर्च संचालन को लेकर चिंता बन सकती है तो कभी ज्वर या कफ प्रकृति से जुड़ी समस्या बन सकती है कुल मिलाकर धनेश का व्यय भाव में उच्च राशि में होना वर्ष भर खर्च की अधिकता व यात्राओं के योग को दर्शाता है, जनवरी माह में आपकी सक्रियता समाज में बढ़ती हुई दिखेगी साथ ही स्वास्थ्य भी पहले के मुताबिक और स्वस्थ रहेगा एवं सत्कर्म द्वारा मानसिक शांति एवं लाभ प्राप्त होगा, फरवरी माह में संभव है कि व्यावसायिक क्षेत्र में पुराने किसी मित्र का सहयोग प्राप्त हो साथ ही परिवार में भी किसी शुभ समाचार के प्राप्त होने से मन में प्रसन्नता अनुभव होगी, विद्यार्थी वर्ग के लिए यह माह काफी अच्छा रहेगा, मार्च माह में भी भाग्य का सहयोग प्राप्त होने से कारोबार वृद्धि के लिए किए गए प्रयास सफल होंगे व बेरोजगारों को नौकरी भी प्राप्त होगी और खान-पान का ध्यान रखें व नित्य व्यायाम करें।
अप्रैल व मई का माह मिथुन राशि वालों के लिए थोड़ा मिला-जुला सा रहने की संभावना दिखती है जिसमें चंद्र के विशेष तौर पर पीड़ित रहने के कारण से मन में चिंता व खर्चों में आकस्मिक वृद्धि संभव रहेगी, किसी कर्ज को लेने से पहले थोड़ा विचार करना अधिक शुभ रहेगा, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, विद्यार्थी वर्ग के लिए भी यह समय थोड़ा मन की स्थिरता में कमी लिए हुए हो सकता है और कार्यक्षेत्र में भी किसी उलझन के कारण से मन में अशांति संभव है, परिवार में महिलाओं एवं सरकारी कर्मचारियों के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, मई के अंतिम सप्ताह से कुछ राहत धीरे-धीरे मिलने से मन हल्का सा स्थिर होगा व स्वास्थ्य में भी सुधार होने से देह में कुछ स्फूर्ति बनेगी, जून के माह में विद्यार्थी वर्ग को कुछ कड़े परिश्रम से सफलता प्राप्त होने के योग बनते हैं, किसी व्यक्ति विशेष का सहयोग संभव है, इस माह में आपके किये गए प्रयासों द्वारा आपको समाज में यश प्राप्त होगा फिर भी स्वास्थ्य को लेकर कभी-कभी चिंता भी अनुभव होती रहेगी, जुलाई माह में आपके जीवन में व्यस्तता अधिक रहने के कारण से अंदरूनी रूप से थकान अनुभव होगी साथ ही धैर्य व संयम के लिए गए फैसलों से लाभ होगा, किसी उच्च वर्ग के अधिकारी या सरकारी कर्मचारी के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचिए।

अगस्त से अक्टूबर माह के समय ग्रह स्थिति शुभ रहने से जीवन में बदलाव का एक दौर शुरू होगा साथ ही आपके व्यक्तित्व में भी परिवर्तन आएगा और आपके अंदर उत्साह एवं विश्वास दोनों बने रहने से जीवन की दैनिक दिनचर्या में भी प्रभाव बनाने में सफल रहेंगे, खान-पान का थोड़ा ध्यान रखें हालांकि स्वास्थ्य से जुड़ी कोई विशेष दिक्कत इस समय कम ही दिखती है किंतु जीवनसाथी या परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव सा बना रह सकता है, शत्रुओं पर चतुराई के साथ लिए गए फैसलों से लाभ होगा तथा आत्मबल में वृद्धि होगी, संभव है कि किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव हो या किसी यात्रा पर निकलने का प्लान बने, अपने आचरण की पवित्रता बनाये रखने से समाज में यश की वृद्धि होगी, नवंबर व दिसंबर के माह में ग्रह स्थिति बहुत शुभ न रहने के कारण से आर्थिक स्थिति व धनागमन को लेकर थोड़ी चिंता अनुभव हो सकती है या खर्चों में आकस्मिक वृद्धि के कारण से खर्च संचालन को लेकर कुछ चिंता सी अनुभव हो सकती है, संतान व परिवार के सदस्यों के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें व वाहन सावधानी से चलाएं, धैर्य व गंभीरता पूर्वक विचार कर लिए गए निर्णयों से लाभ संभव रहेगा, कार्यक्षेत्र में भी कुछ व्यवधान या बाधा संभव है अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचिए, माह के अंतिम भाग से कुछ राहत मिलने व यात्रा के योग बनते हैं।
वर्ष 2026 के इन अशुभ तिथियों पर रखें विशेष ध्यान
जनवरी:- 5, 7, 8, 15, 16, 24, 25 व 26।
फरवरी:- 8, 9, 10, 12, 14, 18 व 19।
मार्च:- 2, 3, 5, 12, 13, 14, 21 व 22।
अप्रैल:- 4, 6, 8, 12, 14 व 17।
मई:- 3, 5, 8, 11, 13, 16 व 26।
जून:- 2, 5, 10, 14, 17, 19 व 21।
जुलाई:- 3, 7, 16, 23 व 28।
अगस्त:- 7, 9, 12, 14, 16, 18, 22, 23, 26 व 29।
अक्टूबर:- 3, 5, 7, 11, 14, 21 व 30।
नवंबर:- 2, 5, 10, 13, 15, 18, 21, 24 व 29।
वर्ष 2026 के शुभ दिन करें नए कार्य की शुरुवात
मई:- 2, 6, 9, 15, 17, 23 व 28।
जून:- 22, 24, 25, 27 व 30।
सितंबर:- 4, 6, 12, 16, 21 व 24।
दिसंबर:- 21, 22 व 30।
उपाय
1. नित्य गणेश जी को दूर्वा और घी का दीपक अर्पित कर के गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
2. संकष्टी और वैनायकी गणेश चतुर्थी व्रत भाग्य वृद्धि हेतु सहायक रहेगा।
3. शनिवार और अमावस्या के दिन किसी भिखारी को नमकीन दान करें और कुत्ते को पनीर खिलाएं।
जय श्री राम।







