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नव ग्रहों की प्रसन्नता हेतु नहाने पूर्व करें यह उपाय

नव ग्रहों की प्रसन्नता हेतु नहाने पूर्व करें यह उपाय

 

नव ग्रह की प्रसन्नता हेतु नहाने के पूर्व करें यह उपाय
नव ग्रह की प्रसन्नता हेतु नहाने के पूर्व करें यह उपाय

 

हमारे जीवन में नव ग्रहों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है सूर्यादि नव ग्रहों की शुभ स्थिति से व्यक्ति को अनेक प्रकार के सुख व वैभव की प्राप्ति होती है हमारे महर्षियों ने नव ग्रहों को प्रसन्न करने हेतु अनेक उपाय बताए हैं आज मैं उन्ही में से प्रत्येक ग्रहों को प्रसन्न करने के खास उपाय बता रहा हूँ जिन्हें आपको नहाने के पूर्व करना होता है तो चलिए जानते हैं उन उपायों के बारे में जिनसे हम नव ग्रहों को प्रसन्न कर सकते हैं:-

 

१. सूर्य को प्रसन्न करने हेतु पानी में लाल चंदन, मुलेठी, इलायची, केसर या गुलाब के फूल डालकर स्नान करना चाहिए ऐसा करने से सूर्य के अशुभ फलों में कमी आती है।

 

२. चंद्रमा को प्रसन्न करने हेतु नहाने के पानी में श्वेत चंदन, श्वेत पुष्प, कपूर या इत्र आदि डालकर स्नान करना चाहिए ऐसा करने से व्यक्ति का मन स्थिर रहता है तथा चंद्रमा के अशुभ फलों में कमी आती है।

 

३. मंगल को प्रसन्न करने हेतु लाल चंदन, हींग या गुलाब की पंखुड़ियाँ डालकर स्नान करना चाहिए ऐसा करने से मंगल के अशुभ फलों में कमी आती है।

 

४. बुध को प्रसन्न करने हेतु जल में जायफल, चंदन, गोरोचन, दूर्वा घास या अक्षत डालकर स्नान करना चाहिए ऐसा करने से बुध के अशुभ प्रभावों में कमी आती है।

 

५. गुरु को प्रसन्न करने हेतु जल में हल्दी, केसर, पीला चंदन या पीले पुष्प डालकर स्नान करना चाहिए ऐसा करने से गुरु के अशुभ फलों में कमी आती है।

 

६. शुक्र को प्रसन्न करने के लिए जल में कच्चा दूध, इलायची, श्वेत चंदन या श्वेत पुष्प डालकर स्नान करना चाहिए ऐसा करने से शुक्र के अशुभ फलों में कमी आती है।

 

७. शनि को प्रसन्न करने हेतु जल में काला तिल, सौंफ या सरसों तेल की कुछ बूंदे डालकर स्नान करना चाहिए ऐसा करने से शनि के अशुभ फलों में कमी आती है।

 

८. राहु को प्रसन्न करने हेतु जल में दूर्वा घास, कस्तूरी, लोबान या गज दंत आदि डालकर स्नान करना चाहिए ऐसा करने से राहु के अशुभ फलों में कमी आती है।

 

९. केतु को प्रसन्न करने हेतु जल में लाल चंदन, सरसों के दाने या कुशा डालकर स्नान करना चाहिए ऐसा करने से केतु के अशुभ फलों में कमी आती है।

 

जय श्री राम।

 

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470, 7007245896

Email:- pooshark@astrologysutras.com

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वैदिक ज्योतिष के यह 10 अचूक उपाय कर के आप किसी भी ग्रह के दुष्प्रभाव को कम कर सकते हैं

वैदिक ज्योतिष के यह 10 अचूक उपाय कर के आप किसी भी ग्रह के दुष्प्रभाव को कम कर सकते हैं

 

नव ग्रहों के उपाय
नव ग्रहों के उपाय

 

वैदिक ज्योतिष में प्रत्येक ग्रहों के अनगिनत उपाय बताए गए हैं उनमें से मैं आप सभी को 10 ऐसे उपाय बताने जा रहा हूँ जिन्हें प्रत्येक व्यक्ति नित्य बड़ी सरलता के साथ कर सकते हैं तथा इन उपायों से नव ग्रह के उपाय हो जाते हैं तो चलिए जानते हैं वह 10 कौन से उपाय है जिनसे हम ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम कर सकते हैं।

 

वैदिक ज्योतिष के 10 अचूक उपाय:-

 

 

१. नित्य शिवलिंग पर दुग्ध मिश्रित जल से अभिषेक करने के बाद चावल मिश्रित काला तिल “ॐ नमः शिवायः” मंत्र का जाप करना चाहिए।

 

२. नित्य गणेश जी को दूर्वा घास अर्पित कर “गणेश संकटनाशन स्तोत्र” का पाठ करना चाहिए तथा पूजा संपन्न होने पर प्रसाद स्वरूप गणेश जी के चरणों से दूर्वा घास की 1 पत्ती लेकर बाहर जाना चाहिए इसे अपने पास रखकर घर के बाहर निकलने से मार्ग में आने वाली सारी नकारात्मक ऊर्जा आपसे दूर रहती है।

 

३. नित्य किसी भी वृक्ष के नीचे (जहाँ चीटियाँ हों) नारियल का बुरादा डालने से बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

 

४. नित्य पूजा संपन्न करने के पश्चात और सूर्यास्त के समय घर के दक्षिण भाग पर तेल का दीपक अपने पितरों को अर्पित करने से पितरों के आशीर्वाद से सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

 

५. नित्य आदित्य हिर्दय स्तोत्र का पाठ कर के (ब्राह्मणों को प्रातः संध्या करने के बाद नित्य आदित्य हिर्दय का स्तोत्र पढ़ना चाहिए) ही घर के बाहर निकलना चाहिए ऐसा करने से व्यक्ति को प्रत्येक कार्य में विजय प्राप्त होती है। (पद्म पुराण के अनुसार राम जी ने युद्ध के अंतिम दिवस आदित्य हिर्दय स्तोत्र का पाठ कर ही रावण पर विजय प्राप्त की थी।)

 

६. नित्य गौ ग्रास गाय को देने के बाद ही भोजन आरंभ करना चाहिए इससे माँ लक्ष्मी की कृपा बरसती है जिससे मन प्रसन्न रहता है।

 

७. गाय को नित्य हरा साग, गुण, चावल खिलाना चाहिए।

 

८. प्रदोष व्रत से चंद्रमा व गणेश चतुर्थी व विनायक चतुर्थी के व्रत से मंगल के शुभ प्रभाव प्राप्त होते हैं।

 

९. हर शनिवार किसी कुष्ठ रोगी को कुछ दान देना चाहिए तथा पीपल वृक्ष के समक्ष तिल के तेल का दीपक (काला तिल मिश्रित) अर्पित कर शनि स्त्रोत का पाठ करना चाहिए इससे शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

 

१०. नित्य हनुमान जी को घी का दीपक अर्पित कर सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए इससे जीवन की प्रत्येक बाधाओं से मुक्ति मिलती है तथा असाध्य कार्य भी सरलता से संपन्न होते हैं।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470