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मार्च 2020: तुला लग्न के लिए कैसा रहेगा

मार्च 2020: तुला लग्न के लिए कैसा रहेगा

 

 

 

 

तुला लग्न वालों के लिए मार्च 2020 अच्छा रहेगा माह की शुरुवात में लग्नेश शुक्र आपके सप्तम स्थान से गोचर करेंगे साथ ही तीसरे भाव से गोचर कर रहे गुरु की पंचम दृष्टि भी आपके सप्तम स्थान पर रहेगी सप्तम भाव से हम जीवनसाथी, विवाह, मित्रता व नौकरी का विचार करते हैं अतः जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के लिए बात चल सकती है व जिनका विवाह पक्का हो गया है उनका विवाह हो सकता है, यदि आप पुरुष है तो आपकी कोई महिला मित्र बन सकती है, सप्तमाधिपति मंगल तीसरे भाव में केतु के साथ युत है अतः मन पर थोड़ा नियंत्रण रखें, गुप्त संबंध बनने के योग बनते हैं, नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नौकरी प्राप्त होगी, माह के शुरुवात में सूर्य व बुध आपके पंचम स्थान से गोचर करेंगे अतः आय में वृद्धि होगी, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके प्रेम संबंध मजबूत होंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, 14 मार्च को सूर्य गोचर बदलकर आपके छठे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, यदि आप कारोबार की वृद्धि हेतु कर्ज लेना चाहते हैं तो निवेदन करने के लिए यह समय अच्छा रहेगा, वाहन सावधानी से चलाएं क्योंकि शनि की तीसरी दृष्टि भी छठे भाव पर रहेगी, सूर्य पिता का भी कारक होता है जो कि छठे भाव रोग व शत्रु के भाव से गोचर करेगा जिस पर शनि की भी दृष्टि रहेगी अतः पिता के स्वास्थ्य में समस्या रह सकती है व उनकी दवाइयों पर धन व्यय होगा, पिता से वैचारिक मतभेद भी संभव है, यात्राओं के योग बनेंगे, सरकारी कर्मचारियों के साथ फालतू विवाद में न पड़ें।

 

 

 

माह के शुरुवात में गुरु, मंगल व केतु की तीसरे भाव में युति रहेगी फलस्वरूप यदि आपके कोई छोटे भाई-बहन हैं तो उनकी उन्नति होगी, नवम से राहु का गोचर भी शुभ रहेगा, भाग्य की वृद्धि होगी, बड़े भाई-बहन से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, आवेश में आने से बचें, आप इस माह काफी मेहनत करेंगे व आपको मेहनत का पूर्ण फल भी प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, आय में वृद्धि के योग बनेंगे 22 मार्च को मंगल गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में अपनी उच्च राशि मकर में आ जाएंगे ग्रंथकारों के अनुसार चतुर्थ भाव से मंगल का गोचर शुभ नही होता किन्तु अपनी उच्च राशि से गोचर करने के कारण से मंगल के अशुभ फल में कमी आएगी अतः घर के माहौल में कुछ तनाव की स्थिति के बाद भी शांति अनुभव होगी, जो लोग नया घर लेना चाहते हैं उनके लिए यह समय अच्छा रहेगा, 22 मार्च से 27 मार्च तक आप अपने जीवनसाथी, प्रेमी/प्रेमिका के काफी करीब आ जाएंगे व उनसे आपके संबंध मधुर होंगे, किसी रोमैंटिक यात्रा पर भी जा सकते हैं, आय में वृद्धि होगी, 28 मार्च को शुक्र गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे तब स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाहन सावधानी से चलाएं एक्सीडेंट होने के योग बनेंगे, दवाइयों पर धन अधिक व्यय होगा, यदि आप महिला है तो स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, हार्मोंस से संबंधित समस्या हो सकती है, विपरीत परिस्थितियों से होते हुए उन्नति प्राप्त होगी, 30 मार्च को गुरु भी गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में अपनी नीच राशि मकर में आकर मंगल व शनि से युति करेंगे जिससे मंगल-गुरु व शनि-गुरु का नीचभंग राजयोग बनेगा अतः उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे जिसको कि मैं विस्तार से अपनी अगली पोस्ट (मासिक गोचरफल अप्रैल 2020) में लिखूँगा।

 

कुल मिलाकर तुला लग्न वालों के लिए मार्च 2020 अच्छा रहेगा जिसमें प्रमोशन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, नए मित्र बनेंगे, दवाइयों पर धन व्यय होगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, गुप्त संबंध बन सकते हैं, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, आय में वृद्धि होगी, प्रेमियों के लिए भी यह माह अच्छा सिद्ध होगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, जब भी चंद्र आपके 6, 8, 12 भावों से गोचर करेंगे तब विशेष सावधान रहें, मेरे अनुसार यदि तुला लग्न के व्यक्ति नित्य दुर्गा सप्तशती का पाठ करें व गुरुवार के दिन गाय को केला खिलाएं तो बेहद शुभ रहेगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470

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मार्च 2020: सिंह लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

मार्च 2020: सिंह लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

 

 

सिंह लग्न वालों के लिए मार्च 2020 मिला-जुला रहेगा माह की शुरुवात में लग्नेश सूर्य सप्तम भाव में बुध के साथ युति कर के गोचर करेंगे अतः आपके जीवनसाथी के स्वभाव में तेजी रहेगी, सिंह लग्न वालों की कुंडली में सप्तमेश शनि होता है, शनि का स्वभाव ही हठी होता है अतः सिंह लग्न वाले व्यक्तियों के जीवनसाथी थोड़े जिद्दी व हठी होते हैं और माह की शुरुवात में सूर्य का सप्तम स्थान से गोचर उनके स्वभाव में और तेजी लाएगा जिस कारण से उनके साथ विवाद हो सकते हैं अतः जीवनसाथी के स्वाभिमान का सम्मान करें, 24 जनवरी से शनि भी गोचर बदलकर आपके छठे भाव से गोचर कर रहे हैं सप्तमाधिपति का छठे भाव से गोचर रहेगा अतः छुपे हुए शत्रुओं का भी आपके दामपत्य जीवन पर प्रभाव पड़ेगा, छठे भाव से शनि का गोचर शत्रुओं से हानि कराता है अतः शत्रुओं से सावधान रहें, यात्राओं के योग बनेंगे, माह की शुरुवात में शुक्र का भाग्य स्थान से गोचर रहेगा जो कि शुभ रहेगा, किसी महिला की सहायता से भाग्योदय होगा, छोटी बहन यदि है तो उनकी उन्नति होगी, माता का सहयोग प्राप्त होगा।

 

 

माह की शुरुवात में गुरु, मंगल व केतु का पंचम भाव से गोचर रहेगा अतः विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के लिए बात चल सकती है, जो लोग लंबे समय से कोई वाहन खरीदना चाहते हैं उन्हें वाहन सुख प्राप्त होगा, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, गुरु की पंचम दृष्टि भाग्य स्थान पर रहेगी जहाँ से कर्मेश शुक्र का गोचर हो रहा है अतः जो लोग सौंदर्य, फाइनेंस, मार्केटिंग, बैंकिंग से जुड़ा कार्य करते हैं उनके लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, आय में वृद्धि होगी, एकादश भाव से राहु का गोचर अचानक से धन लाभ कराएगा, बड़े भाई-बहन यदि है तो उनकी उन्नति होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें क्योंकि छठे भाव से शनि का गोचर छोटी-मोटी बीमारियाँ देता रहता है और पंचम से गोचरस्थ गुरु की लगन पर दृष्टि आपके वजन को बढ़ा सकती है, 14 मार्च को सूर्य गोचर बदलकर आपके अष्टम स्थान में आ जाएंगे जिस कारण से तनाव में वृद्धि होगी, सूर्य पिता का कारक होता है और अष्टम से सूर्य का गोचर पिता के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नही कहा जाता अतः पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जो लोग पार्टनरशिप में कोई कार्य करते हैं उनके लिए 14 मार्च से समय तनाव भरा हो सकता है, 22 मार्च को मंगल गोचर बदलकर आपके छठे भाव में आ जाएंगे मंगल अग्नि ग्रह है और छठे भाव से मंगल का गोचर शत्रुओं को जलाकर राख कर देता है अतः शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को भाग्य का साथ मिलना शुरू हो जाएगा, रक्त जनित विकार हो सकता है अतः खान-पान पर थोड़ा ध्यान दें, कोई लंबी यात्रा हो सकती है।

 

कुल मिलाकर सिंह लग्न वालों के लिए मार्च 2020 मिला-जुला रहेगा लंबी यात्राओं के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी, महिलाओं से लाभ प्राप्त होगा, माह के शुरुवात में शत्रुओं से हानि संभव है किंतु 22 मार्च से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, विवाह के लिए बात चल सकती है, तनाव लेने से बचें, तामसिक चीजों से परहेज करें, जीवनसाथी के स्वाभिमान का सम्मान करें, जीवनसाथी के स्वभाव में तेजी के कारण से विवाद संभव है, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, 14 से 18 मार्च तक का समय काफी तनाव भरा हो सकता है अतः यह समय थोड़ा सावधान रहें व अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ख्याल रखें, मेरे  अनुसार यदि सिंह लग्न के व्यक्ति लक्ष्मी चालीसा व आदित्य हिर्दय स्तोत्र का नित्य पाठ करें व नित्य सूर्य को जल दें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
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मूलांक 6: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

मूलांक 6: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

 

मूलांक 6 वाले व्यक्ति दीर्घायु, सबल, हंसमुख और दूसरों को सम्मोहित करने में निपुण होते हैं जितनी तेजी से मूलांक 6 वाले व्यक्ति दूसरों को सम्मोहित कर लेते हैं उतनी तेजी से अन्य किसी मूलांक के व्यक्ति नही कर सकते है, इस मूलांक के व्यक्ति यौवन-ज्वार से पूर्ण व रति क्रीड़ा में चतुर होते हैं, विपरीत लिंगी व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करने में ये निपुण होते हैं ये स्वभाव से मिलनसार व शीघ्र ही सबके साथ घुल-मिल जाने वाले होते हैं, कलाकार का हिर्दय एवं सौंदर्य वृत्ति इनमें जन्मजात होती है, अधिक से अधिक सुंदर बने रहना इनका स्वभाव होता है, अव्यवस्था, गंदगी एवं असभ्यता से इन्हें चिढ़ होती है, सुरुचिपूर्ण एवं सलीकेदार कपड़े पहनना एवं बन-ठनकर रहने की प्रवति होती है, भौतिक सुखों में पूर्णतयः आस्था रखते हुए ऐसे व्यक्ति जीवन का सही आनंद उठाते हैं।

 

 

मूलांक 6 वाले व्यक्ति धन का अभाव रहते हुए भी ये दिल खोलकर खर्च करते हैं साथ ही धन संचय करने में भी ये निपुण होते हैं और शीघ्र ही लोगों में लोकप्रिय हो जाते हैं तथा सांसारिक होते हुए भी हिर्दय से उदार व नीतिज्ञ होते हैं, दूसरों की प्रगति इन्हें सहन नही होती, यह स्पर्धा तो कभी-कभी हठ का भी रूप धारण कर लेती है जिससे इन्हें हानि भी उठानी पड़ती है, इनमे दूसरों को प्रभावित करने की अद्भुद क्षमता होती है तथा ये दूसरों से इस ढंग से बात करते हैं कि सामने वाला हां बोल देता है, इनका सुडौल व आकर्षक शरीर, नम्र वाणी, मोहक व्यक्तित्व तथा चेहरे की सौम्यता इन्हें सफलता देने में विशेष सहायक होती है।

 

मूलांक 6 वालों के लिए शुभ तारीखें:-

 

प्रत्येक मास की 6, 15 व 24 तारीख इनके लिए शुभ होती है परंतु 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24, 27 व 30 तारीख भी इनके लिए अनुकूल रहती है।

 

मूलांक 6 वालों के लिए शुभ दिवस:-

 

बुधवार व शुक्रवार इनके लिए शुभ होता है साथ ही यदि इन्ही दिनों में शुभ तारीख भी मिल जाए तो वो दिन और अनुकूल हो जाता है।

 

मूलांक 6 वालों के लिए शुभ वर्ष:-

 

जीवन का 6, 15, 24, 33, 42, 51, 60, 69 तथा 78 वां वर्ष इनके लिए परिवर्तनकारी व श्रेष्ठ रहता है।

 

मूलांक 6 वालों के लिए शुभ रत्न:-

 

मूलांक 6 वालों के लिए हीरा सबसे शुभ रत्न होता है।

 

मूलांक 6 वालों के लिए प्रधान देवी:-

 

मूलांक 6 वालों के लिए दुर्गा जी प्रधान देवी होती हैं अतः मूलांक 6 वालों को नित्य “दुर्गा सप्तशती” का पाठ करना चाहिए।

 

जय श्री राम।

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मार्च 2020: कर्क लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

मार्च 2020: कर्क लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

 

कर्क लग्न वालों के लिए मार्च 2020 मिला-जुला रहेगा माह की शुरुवात में सूर्य व बुध आपके अष्टम भाव से गोचर करेंगे सूर्य आपकी कुंडली में धनेश होता है साथ ही सूर्य आत्मा व पिता का भी कारक होता है जब भी धनेश अष्टम से गोचर करता है तो दवाइयों पर धन व्यय कराता है अतः मार्च 2020 में आपका धन पिता व दवाइयों पर व्यय होगा, किसी बात को लेकर तनाव भी रह सकता है अतः तनाव लेने से बचें, कमर के आस-पास स्किन में कोई समस्या हो सकती है, अष्टम स्थान जीवनसाथी के कुटुंब का भाव है जहाँ अग्नि ग्रह गोचर कर रहे हैं अतः ससुराल पक्ष से कोई विवाद हो सकता है, छठे भाव में गुरु, मंगल व केतु की युति रहेगी अतः आपको कर्ज लेना पड़ सकता है, छठे स्थान पर गुरु अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर करेंगे जो कि आपकी कुंडली के छठे भाव को बली करेंगे साथ ही मंगल का भी गोचर छठे भाव से रहेगा, छठा भाव शत्रु का भाव है और छठे भाव से मंगल का गोचर शत्रुओं पर विजय दिलवाता है अतः शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, संतान को कष्ट संभव है, जो महिलाएं गर्भावस्था में वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, धार्मिक यात्राएं हो सकती है।

 

माह की शुरुवात में शुक्र का कर्म स्थान से गोचर रहेगा अतः व्यापारियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, किसी महिला के सहयोग से उन्नति के मार्ग खुलेंगे, जो लोग नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं व नौकरी परिवर्तन करना चाहते हैं वह 30 मार्च 2020 तक और इंतजार कर लें तो अच्छा रहेगा क्योंकि द्वादश भाव से राहु का गोचर नए कार्य की शुरुवात में बाधाएं उत्पन्न करता है साथ ही गुरु का भी छठे भाव से गोचर समस्याएं दे सकता है, गुरु की पंचम दृष्टि कर्म स्थान व नवम दृष्टि धन स्थान पर होने से कार्यक्षेत्र में आ रही समस्याओं से कुछ हद तक राहत देगा व आपका कार्य मंद गति से ही किन्तु चलता रहेगा, सप्तम स्थान से शनि का गोचर कार्य के सिलसिले से भागा-दौड़ी कराएगा, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, जिनकी उम्र 36 वर्ष के आस-पास है उनके लिए शनि का यह गोचर उन्नतिकारक सिद्ध होगा व एक बड़ी सफलता प्रदान करेगा, अनिद्रा की शिकायत रह सकती है।

 

14 मार्च को सूर्य गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि के नए स्त्रोत बनते दिखेंगे, पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा किन्तु पिता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं क्योंकि नवम भाव में आया हुआ सूर्य पिता व गुरु का पूर्ण सुख नही देता है अतः पिता के साथ फालतू विवाद से बचें, 22 मार्च को मंगल भी गोचर बदलकर आपके सप्तम भाव में अपनी उच्च राशि मकर में आ जाएंगे अतः नौकरी पेशा लोगों की स्थिति में कुछ सुधार होना शुरू होगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे किन्तु जीवनसाथी के स्वभाव में कुछ तेजी भी रहेगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, आय में वृद्धि होगी, यदि आपकी कोई संतान विवाह योग्य हो गयी है तो उसके विवाह के लिए मन में विचार आएंगे, संतान की उन्नति होगी, व्यापारियों के लिए भी अच्छा समय रहेगा, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें और फालतू विवाद से बचें, 29 मार्च को शुक्र भी गोचर बदलकर आपके लाभ स्थान में आ जाएंगे अतः जिनका विवाह हो गया है व संतान की इच्छा रखते हैं उनके लिए शुक्र का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, कन्या संतति की प्राप्ति होगी व उसके भाग्य से धन की भी वृद्धि होगी, यदि आपकी कोई कन्या संतान है तो उसकी उन्नति होगी व उसके विवाह के लिए बात चल सकती है, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उससे विवाह करना चाहते हैं तो शुक्र का यह गोचर प्रेम विवाह के लिए शुभ रहेगा, प्रेमियों के बीच नजदीकियाँ बढ़ेंगी, 30 मार्च को गुरु भी गोचर बदलकर आपके सप्तम भाव पर अपनी नीच राशि मकर में आ जाएंगे जहाँ उच्च राशि से गोचरस्थ मंगल व स्वराशि गोचरस्थ शनि से युति कर के नीचभंग राजयोग बनाएंगे अतः यह समय नया व्यापार शुरू करने के लिए अच्छा रहेगा, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन कि उम्मीदें बढ़ेंगी, नौकरी परिवर्तन के लिए लंबे समय से किए गए प्रयास सार्थक सिद्ध होंगे, स्वास्थ्य में सुधार होगा, संतान सुख प्राप्त होगा।

 

कुल मिलाकर कर्क लग्न वालों के लिए मार्च 2020 मिला-जुला रहेगा माह की शुरुवात में तनाव की स्थिति बनेगी, जीवनसाथी से विवाद होंगे, पिता के स्वास्थ्य में परेशानी रहेगी, पिता व दवाइयों पर धन व्यय होगा किन्तु जैसे-जैसे माह खत्म होगा परेशानियां धीरे-धीरे कम होंगी, माह के अंत में पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, नया कारोबार शुरू करने के लिए शुभ समय की शुरुवात होगी, प्रेमियों के लिए अच्छा समय रहेगा, प्रेम विवाह के योग बनेंगे, संतान सुख प्राप्त होगा, जब भी चन्द्र आपके 6, 8, 12 भावों से गोचर करेंगे तब अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, मेरे अनुसार यदि कर्क लग्न के व्यक्ति नित्य सुमदरकाण्ड व विष्णुसहस्त्र नाम का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।

जय श्री राम।

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मार्च 2020: मिथुन लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

मार्च 2020: मिथुन लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

 

 

मिथुन लग्न वालों के लिए मार्च 2020 अच्छा रहेगा माह की शुरुवात में लग्नेश बुध भाग्य स्थान से सूर्य के साथ गोचर करेंगे अतः भाग्य की वृद्धि होगी, वर्तमान में बुध वक्री अवस्था से गोचर कर रहे हैं जिस कारण से भाग्य का पूर्ण सहयोग नही मिल पा रहा था किंतु 9 मार्च को बुध मार्गी होंगे फलस्वरूप भाग्य का आपको पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, धार्मिक यात्राएं हो सकती है, पिता की भी उन्नति होगी, यदि आपके कोई छोटे भाई-बहन है तो उनकी उन्नति होगी, जो लोग फाइनेंस, बैंक, मार्केटिंग से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं उनके लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, एकादश भाव से शुक्र का गोचर भी आपके लिए शुभ रहेगा अतः यदि आपका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं तो कन्या रत्न की प्राप्ति होगी, यदि आपकी संतान है तो उनकी उन्नति होगी, प्रेमियों के लिए भी यह समय बहुत अच्छा सिद्ध होगा क्योंकि पंचम भाव से हम प्रेम का विचार करते हैं जहाँ शुक्र अपनी मूल त्रिकोण राशि तुला को देख रहे हैं, नए मित्र बन सकते हैं, विद्यार्थियों के लिए यह समय अच्छा सिद्ध होगा।
मिथुन लग्न वालों के लिए अष्टम से शनि का गोचर रहेगा मेरा ऐसा मत है कि जब भी गोचरवश शनि अष्टम में आता है तो भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को जेल यात्रा कराता है क्योंकि अष्टम स्थान बंधन का भी भाव होता है अतः जिनका कार्य भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है वह मार्च महीने में थोड़ा सावधान रहें, शनि मंद ग्रह है और अष्टम का शनि शनै-शनै मृत्यु की ओर लेकर जाता है अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाहन सावधानी से चलाएं, जिनकी उम्र 55-60 के ऊपर है उनको कमर या जोड़ों या पैर में दर्द की शिकायत हो सकती है, 30 मार्च को गुरु भी गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे अतः जिनकी उम्र अधिक है या जिन्हें दिल की बीमारी या रक्तचाप संबंधित बीमारी है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।
माह की शुरुवात में गुरु, मंगल व केतु की युति सप्तम स्थान में रहेगी जिन पर लग्न से गोचरस्थ राहु की पूर्ण दृष्टि रहेगी अतः नौकरी पेशा लोगों के लिए यह माह अच्छा रहेगा, आय में वृद्धि होगी व आय के नए स्त्रोत बनेंगे, यदि आप पार्टनरशिप में नए कार्य की शुरुवात करना चाहते हैं तो जीवनसाथी को साझेदार बनाकर करें अत्यंत लाभ होगा क्योंकि कर्मेश गुरु सप्तम भाव में अपनी मूल त्रिकोण राशि से गोचर करेंगे अर्थात केंद्र का स्वामी, केंद्र से ही गोचर करेगा जो कि लाभकारी सिद्ध होगा, जीवनसाथी से लाभ प्राप्त होगा किन्तु सप्तम स्थान पर मंगल व केतु की युति को दामपत्य जीवन के लिहाज से शुभ नही माना जाता है अतः जीवनसाथी से विवाद हो सकता है, इस माह जीवनसाथी का स्वभाव आक्रामक रहेगा जो कि विवाद व तनाव की स्थिति उत्पन्न करेगा, 29 मार्च को शुक्र गोचर बदलकर आपके द्वादश भाव में अपनी राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे जिस कारण से यात्राओं के योग बनेंगे, जो विद्यार्थी पढ़ाई के लिए बाहर जाना चाहते हैं उनके लिए 29 मार्च के बाद का समय अच्छा रहेगा किन्तु शिक्षा में कुछ व्यवधान भी आ सकते हैं, धार्मिक यात्रा होंगी, 14 मार्च को सूर्य गोचर बदलकर आपके कर्म स्थान में आ जाएंगे अतः नए कार्य की शुरुवात हो सकती है, आय में वृद्धि होगी, समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा, पिता की उन्नति होगी।
कुल मिलाकर मिथुन लग्न वालों के लिए मार्च 2020 अच्छा रहेगा जिसमें उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, संतान की उन्नति होगी, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उन्हें कन्या रत्न की प्राप्ति होगी, जीवनसाथी से लाभ प्राप्त होगा किन्तु जीवनसाथी से विवाद भी हो सकते हैं, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को जेल यात्रा हो सकती है, जीवनसाथी को साझेदार बनाकर नया कार्य शुरू करने से लाभ प्राप्त होगा, जो लोग नए कार्य की शुरुवात हेतु कर्ज लेना चाहते हैं उनके लिए 4 मार्च से 12 मार्च अच्छा समय रहेगा इसमें आप कर्ज के लिए निवेदन कर सकते हैं व आपका कर्ज भी स्वीकृत होने की पूर्ण संभावना रहेगी, जब भी चंद्र आपके 6, 8, 12 भावों से गोचर करें तब थोड़ा सावधान रहें, खर्चों पर नियंत्रण रखें, फालतू विवाद से बचें, मेरे अनुसार यदि वृषभ लग्न के व्यक्ति गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें व नित्य विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें तो शुभ रहेगा।

विशेष:- 

यदि नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं या नौकरी परिवर्तन करना चाहते हैं तो 29 मार्च तक कर लें क्योंकि 30 मार्च को गुरु गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे जो कि नया कारोबार शुरू करने, नौकरी परिवर्तन करने के लिए शुभ नही रहेगा।
जय श्री राम।
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मूलांक 5 क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

मूलांक 5 क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

 

मूलांक 5 एक विचार प्रधान अंक है, जिसके धनी व्यक्ति नई से नई युक्तियां, नए से नए विचार एवं सर्वथा नूतन तर्कों से अनुप्राणित करते हैं, ऐसे व्यक्ति क्रियाशील रहते हैं, ये झुकते नही अपितु झुकाने पर विश्वास रखते हैं, दूसरों को बहुत जल्दी सम्मोहित कर लेना मूलांक 5 वाले व्यक्तियों के जीवन का सबसे बड़ा गुण होता है, कुछ ही क्षणों की बातचीत में ये दूसरों को अपना बना लेते हैं और उन्हें अपना घनिष्ठ मित्र भी बना लेते हैं, यात्राएं इनके जीवन का विशेष अंग होती है, परंतु ये अपने काम-काज में इतने अधिक व्यस्त रहते हैं कि चाह कर भी यात्राओं के लिए समय नही निकाल पाते हैं।

 

मूलांक 5 वाले व्यक्तियों का मस्तिष्क उर्वर तथा बुद्धि प्रखर होती है परंतु त्वरित निर्णय लेना इनका सबसे बड़ा गुण होता है, ये अपरिचित से अपरिचित व्यक्ति को देखते ही भाँप जाते हैं कि वह किस उद्देश्य से आया है और मुझसे क्या चाहता है और उसके लिए इन्हें क्या प्रतिक्रिया देनी है, इतनी जल्दी निर्णय ले लेना इनके मस्तिष्क की विशेषता कही जा सकती है, मूलांक 5 वाले व्यक्ति अपने आप को बहुत जल्दी ही हर स्थिति के अनुकूल बना लेते हैं, जैसी परिस्थिति होती है, उसी के अनुसार अपने आपको ढाल लेना इनकी सबसे बड़ी विशेषता कही जा सकती है, पूर्णतः एकाग्र होकर कार्य में जुट जाना इनकी दुसरीं सबसे बड़ी विशेषता होती है, मूलांक 5 वाले व्यक्ति जो भी कार्य हाथ में लेते हैं उसे तब तक नही छोड़ते जब तक कि वह कार्य पूर्णतः संपन्न न हो जाए, ऐसे व्यक्ति को जीवन में एक से अधिक आजीविका से द्रव्य प्राप्त होता है कहने का आशय यह है कि मूलांक 5 वाले के व्यक्तियों की आय का माध्यम एक से अधिक होता है, इनका मस्तिष्क मुख्यतः व्यापार प्रधान होता है तथा बालू के भी पैसे बना लेना इनके मस्तिष्क की सबसे बड़ी विशेषता होती है।

 

मूलांक 5 वालों के लिए शुभ तिथियां:-

 

मूलांक 5 वालों के लिए प्रत्येक मास की 5, 14 व 23 तारीखें शुभ होती हैं।

 

मूलांक 5 वालों के लिए शुभ वर्ष:-

 

मूलांक 5 वालों के लिए 5, 14, 23, 32, 41, 59, 68, 77 व 86वां वर्ष जीवन का परिवर्तनकारी एवं श्रेष्ठ रहता है, इसके अतिरिक्त 1, 10, 19, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82 व 91वां वर्ष भी श्रेष्ठ रहता है इन्ही वर्षों में मूलांक 5 वालों के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएं घटित होती हैं।

 

मूलांक 5 वालों के लिए शुभ दिवस:-

 

मूलांक 5 वालों के लिए बुधवार तथा शुक्रवार शुभ दिन रहते हैं।

 

मूलांक 5 वालों के लिए शुभ रंग:-

 

मूलांक 5 वालों के लिए हल्का हरा रंग बेहद शुभ होता है अतः कोई भी शुभ कार्य के लिए जाते समय इन्हें हल्के हरे रंग का वस्त्र पहनना चाहिए।

 

मूलांक 5 वालों के लिए प्रधान देवता/देवी:-

 

मूलांक 5 वालों के लिए लक्ष्मी जी प्रधान देवी होती है अतः मूलांक 5 वालों को नित्य लक्ष्मी जी की उपासना करनी चाहिए।

जय श्री राम।

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मार्च 2020 वृषभ लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

मार्च 2020 वृषभ लग्न वालों के लिए कैसा रहेगा

 

वृषभ लग्न वालों के लिए मार्च 2020 मिला-जुला रहेगा माह की शुरुवात में लग्नेश शुक्र का द्वादश भाव से गोचर रहेगा अतः अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें क्योंकि लग्न आपका शरीर है और द्वादश भाव आपके शरीर का व्यय अर्थात द्वादश भाव आपके स्वास्थ्य के व्यय को बताता है कहने का आशय यह है कि लग्नेश जब भी व्यय भाव से गोचर करता है तो स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं देता है, यात्राओं के योग बनेंगे, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी माह के शुरुवात में बुध व सूर्य का गोचर आपके कर्म स्थान से होगा अतः आप अपने बुद्धि व विवेक से अपने कार्य को करेंगे तथा आपके कार्य में आ रही बाधाओं को युक्ति की शक्ति से दूर कर सकेंगे, यदि आपकी संतान है तो उनका किसी उच्च अधिकारी से विवाद हो सकता है, वाहन का सुख प्राप्त होगा, मित्रों व परिवार के साथ मनोरंजन में धन व्यय होगा, दूसरों के पैसों से मौज-मस्ती करेंगे, 14 मार्च को सूर्य गोचर बदलकर आपके लाभ भाव से गोचर करेंगे अतः यह समय विद्यार्थियों के लिए अच्छा सिद्ध होगा, वाणी में तेजी आएगी, माता से लाभ प्राप्त होगा।

 

 

माह के शुरुवात में तीन ग्रहों गुरु, मंगल व केतु का गोचर आपके अष्टम भाव से रहेगा गोचर से अष्टम में आया हुआ गुरु शुभ नही होता अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें क्योंकि मंगल व गुरु का अष्टम से गोचर रहेगा जिन पर राहु की पूर्ण दृष्टि रहेगी साथ ही शुक्र भी आपके व्यय भाव से गोचर करेंगे अतः जिन्हें दिल की बीमारी है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, वाहन सावधानी से चलाएं एक्सीडेंट होने के योग हैं, सर्जरी होने के भी योग बनेंगे, पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है, सप्तम भाव जीवनसाथी का भाव होता है गोचर से सप्तमेश का अष्टम में आना शुभ नही होता, जीवनसाथी से विवाद हो सकते हैं, अष्टम भाव, सप्तम भाव से दूसरा भाव होता है सप्तम भाव जीवनसाथी को दर्शाता है व अष्टम भाव जीवनसाथी के कुटुंब अर्थात आपके ससुराल वालों का भाव होता है अतः मंगल, गुरु व केतु की युति ससुराल पक्ष से तनाव की स्थिति उत्पन्न कर सकती है, अष्टम भाव जीवनसाथी की वाणी का भी भाव होता है अतः जीवनसाथी की वाणी में तेजी रहेगी, अष्टम भाव अनैतिक संबंध को भी दर्शाता है और शुक्र का द्वादश भाव से गोचर रहेगा शुक्र भोग-विलास का ग्रह है और द्वादश भाव शैया सुख का भाव है अतः अनैतिक संबंध बनने के भी योग रहेंगे, किसी महिला द्वारा अपमानित भी होना पड़ सकता है, दूसरे भाव से राहु का गोचर मुख व दाँत से जुड़ी समस्या दे सकता है, वाणी पर नियंत्रण रखें विशेषतः जब आप पूरे परिवार के साथ बैठे हों क्योंकि दूसरे भाव से गोचरस्थ राहु वाणी दोष देता है जिस कारण से विरोध का सामना करना पड़ता है, तामसिक चीजों से परहेज करें।

 

वृषभ लग्न वालों के लिए शनि दशम व नवम भाव अर्थात केंद्र व त्रिकोण के स्वामी होकर राजयोगकारक हो जाते हैं जो कि आपके नवम भाव से गोचर करेंगे दशम भाव हमारा कर्म भाव है और नवम उसका द्वादश भाव है, द्वादश भाव से हम यात्राओं का विचार करते हैं अतः कार्य के सिलसिले से यात्राएं हो सकती है, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, 22 मार्च को मंगल गोचर बदलकर आपके नवम भाव में अपनी उच्च राशि में आ जाएंगे जिससे आपका भाग्य प्रबल होगा, जीवनसाथी से चले आ रहे विवाद खत्म होंगे, जीवनसाथी के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बनेगा किन्तु छोटे भाई-बहन से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, 29 मार्च को शुक्र गोचर बदलकर आपके लग्न में आ जाएंगे जिस कारण से स्वास्थ्य में सुधार होगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, खर्चों में कुछ कमी आएगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, 30 मार्च को गुरु गोचर बदलकर आपके नवम भाव में अपनी नीच आ जाएंगे जिस कारण से आपके नवम भाव में नीचभंग राजयोग बनेगा फलस्वरूप अचानक से उन्नति के मार्ग खुलेंगे, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उन्हें संतान सुख प्राप्त होगा व जिनकी संतान है उनके संतान की उन्नति होगी, स्वास्थ्य में सुधार होगा, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह के लिए बात चल सकती है।

 

कुल मिलाकर वृषभ लग्न वालों के लिए मार्च 2020 मिला-जुला रहेगा माह की शुरुवात में संघर्ष की स्थितियां उत्पन्न होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, वाहन सावधानी से चलाएं, महिलाओं से सचेत रहें, कार्यक्षेत्र में आप अपनी बुद्धि व विवेक द्वारा उन्नति के नए अवसर की तलाश करेंगे व वर्तमान में आ रही समस्याओं का समाधान कर सकेंगे, वाहन का सुख प्राप्त होगा, मित्रों व परिवार के सदस्यों के साथ सुख-सुविधाओं व मौज-मस्ती पर धन व्यय होगा, जीवनसाथी से मतभेद होंगे किन्तु जैसे-जैसे माह अंत की ओर बढ़ेगा स्थितियां नियंत्रण में आने लगेगी, जब भी चन्द्र आपकी कुंडली के 6, 8 व 12 भाव से गोचर करेंगे तब विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि आप विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें व अमावस्या के दिन बहते पानी में नारियल बहाएं तो शुभ रहेगा।

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
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मूलांक 4: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

मूलांक 4: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

मूलांक 4 के व्यक्ति निरंतर क्रियाशील रहते हैं, इनके कार्य क्षेत्र में बाधाएं बहुत आती है किंतु उन्ही बाधाओं से झूझते हुए यह बड़ी सफलता भी प्राप्त करते हैं, इनके भाग्योन्नति में निरंतर उतार-चढ़ाव आते रहते हैं किन्तु ये हार नही मानते और भाग्य की उन्नति के लिए निरंतर क्रियाशील रहते हैं, मूलांक 4 के व्यक्ति स्वभाव से क्रोधी और तुनकमिजाज के होते हैं, मन से हटकर जरा सा भी कार्य हो जाने पर आपे से बाहर हो जाते हैं किंतु जितनी तीव्रता से इन्हें क्रोध चड़ता है उतनी ही तीव्रता से शांत भी हो जाता है, मूलांक 4 के व्यक्ति अपनी गुप्त बातों को मन मे दबाकर रखते हैं, इनके मन मे क्या योजना है या अगले ही पल में यह क्या कदम उठाने वाले हैं इसकी भनक तब तक लोगों को नही लगती जब तक कि उनकी वह योजना क्रियान्वित न हो जाए।

 

इनके जीवन में शत्रुओं की कोई कमी नही रहती, यह एक शत्रु को परास्त करते हैं तो इनके दस नए शत्रु तैयार हो जाते हैं, यद्दपि वे पीठ पीछे कुचक्र रचेंगे, षड्यंत्र करेंगे परंतु सामने से कोई हानि नही पहुँचा सकेंगे क्योंकि मूलांक 4 वालों का व्यक्तित्व ही कुछ ऐसा होता है कि इनके शत्रु स्वतः परास्त हो जाते हैं।

 

मूलांक 4 वालों के लिए शुभ तारीखें:-

 

प्रत्येक मास की 4, 13, 22 और 31 तारीख शुभ एवं उन्नति कारक होती हैं।

 

मूलांक 4 वालों के लिए शुभ दिवस:-

 

शनिवार व रविवार कार्यसिद्धि के लिए श्रेष्ठ है।

 

मूलांक 4 वालों के लिए शुभ वर्ष:-

 

मूलांक 4 वालों के लिए 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67, 76 तथा 85वां वर्ष जीवन का महत्वपूर्ण वर्ष होता है साथ ही 8, 17, 26, 35, 44, 53, 62 और 71वां वर्ष भी महत्वपूर्ण होता है, जीवन की मुख्य-मुख्य घटनाएं इन्ही वर्षों में घटित होती है।

 

जय श्री राम।
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मूलांक 3: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

मूलांक 3: क्या कहता है आपका व्यक्तित्व

 

मूलांक 3 साहस, शक्ति एवं दृढ़ता का प्रतीक है, इस अंक को प्रतिष्ठापक तथा संघर्ष का जीवन उदहारण के रूप में कहा जा सकता है, इन्हें पग-पग पर संघर्ष करना पड़ता है, विचारों को व्यवस्थित रूप से अभिव्यक्त करने में मूलांक 3 के व्यक्ति बड़े ही कुशल होते हैं, अपनी भावनाओं एवं विचारों का जिस उत्तम रीति से ये दिग्दर्शन करा सकते हैं वैसे अन्य कोई मूलांक के व्यक्ति नही करा सकते, इनके पास द्रव्य संग्रह भी बड़ी कठिनाई से हो पाता है, मूलांक 3 के व्यक्ति दिन-रात परिश्रम कर के कमाने में लगे रहते हैं किंतु यह जितना भी कमाते है सब खर्च हो जाता है अर्थात मूलांक 3 वाले व्यक्ति की संग्रह शक्ति कमजोर होती है यह जल्दी कुछ भी संग्रह नही कर पाते हैं।
मूलांक 3 वालों में स्वार्थ भावना कुछ विशेष होती है, काम पड़ने पर यह विरोधियों से घुल-मिल जाते हैं और काम निकल जाने पर उसे छिटकाते भी देर नही लगाते, मूलांक 3 वाले व्यक्तियों की महत्वकांक्षाएं बढ़ी-चढ़ी रहती है, अति शीघ्र उन्नति के शिखर पर पहुँच जायूँ यही इनकी महत्त्वकांक्षा होती है, छोटा पद, छोटा कोष और छोटा कार्य इन्हें पसंद नही होता है, रक्त से संबंधित व्यक्ति एवं भाइयों से इन्हें विशेष लाभ नही होता, यह बात अलग है कि लचीले स्वभाव के कारण से ये सबके साथ निभा जाते हैं परंतु फिर भी पारिवारिक घनिष्ठता में संदेह ही रहता है, मूलांक 3 वाले व्यक्ति जरा सा भी ऊँचा पद या प्रभुत्व मिलने पर स्वेच्छाचारिता की ओर बढ़ने लगते हैं पर इसके साथ ही ये बुद्धिमान, ईमानदार एवं उदार हिर्दय वाले होते हैं।

मूलांक 3 वालों के लिए शुभ तारीखें:-

मूलांक 3 वालों के लिए प्रत्येक मास की 3, 12, 21 तथा 30 तारीख शुभ होती है।

मूलांक 3 वालों के लिए शुभ वर्ष:-

मूलांक 3 वालों के लिए 3, 12, 21, 30, 33, 36, 48, 57, 66, 75 व 84 वर्ष बेहद भाग्योदयकारक होता है तथा इन वर्षों में उन्नति प्राप्त होती है।

मूलांक 3 वालों के लिए प्रधान ग्रह:-

मूलांक 3 वालों के लिए देव गुरु बृहस्पति प्रधान ग्रह होते हैं जो साहस, शक्ति एवं श्रम के अतिरिक्त विद्या, ज्ञान व धर्म के भी प्रतीक हैं।

मूलांक 3 वालों के लिए शुभ रत्न:-

मूलांक 3 वालों के लिए पोखराज सबसे शुभ रत्न होता है जो कि इनके भाग्योदय में विशेष सहायक सिद्ध होता है।

मूलांक 3 वालों के लिए प्रधान देवता:-

मूलांक 3 वालों के लिए विष्णु जी प्रधान देवता है अतः मूलांक 3 वालों को नित्य “विष्णु सहस्त्रनाम” का पाठ करना चाहिए।

मूलांक 3 वालों के लिए अशुभ तिथि:-

मूलांक 3 वालों के लिए प्रत्येक मास की 1, 7, 16 व 25 तिथि अशुभ होती है अतः इस दिन कोई भी शुभ कार्य की शुरुवात नही करनी चाहिए।

 

 

 

 

मूलांक 3 वालों के लिए अशुभ वर्ष:-

मूलांक 3 वालों के लिए 4, 7, 13, 16, 22, 25, 31, 34, 40, 43, 49, 52, 58, 61, 67, 70, 76 व 79 वर्ष अशुभ होते हैं अतः इन वर्षों में थोड़ा सावधान रहें।
जय श्री राम।
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