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भाग्यांक 5 वाले व्यक्ति पूर्णतयः परिवर्तनवादी कहे जा सकते हैं क्योंकि ये पूर्णतः सजग व चैतन्य होते हैं, एक जगह टिककर बैठना इनके वश की बात नही व एक जगह या एक ही परिस्थिति में जमकर कार्य करना भी इनके स्वभाव में नही, एक ही वातावरण में कार्य करना इन्हें सहन नही होता क्योंकि इनका एक ही मूल मंत्र रहता है वह यह कि “परिवर्तन ही जीवन है”इनके स्वभाव, आदत एव विचारों के प्रति भी कोई पक्की धारणा नही बताई जा सकती क्योंकि “क्षणे रुष्टा क्षणे तुष्टा” इनका जीवन है यदि भाग्यांक 5 के व्यक्ति अधिकारी हैं तो इनके मातहत हर दम सशंकित रहते है क्योंकि ऐसे व्यक्ति यदि किसी से प्रसन्न हो जाएं तो उस पर सब कुछ लुटा देते हैं और यदि किसी से क्रोधित हो जाएं तो उससे सब कुछ छीन लेने में भी जरा सा नही हिचकिचाते हैं, जीवन को जीने का इनका एक विशिष्ट प्रकार है, इनकी विशेष रुचियाँ हैं, आदतें हैं तथा कार्य-पद्धति है जिनमें ये हसक्षेप कतई नही पसंद करते हैं।
अंक ज्योतिष
छोटा कार्य, छोटे विचार, छोटी योजना भाग्यांक 5 वालों को पसंद नही, इनका प्रत्येक कार्य बड़े धरातल पर होता है व इनकी योजना विस्तृत होती है तथा लाखों-करोड़ों से छोटी बात करना ये अपना अपमान समझते हैं, ये जितने उत्साह से कार्य प्रारंभ करते हैं, उतनी ही निराशा से कार्य को बीच में ही अधूरा छोड़ देते हैं और इसके बाद उस ओर कतई ध्यान नही देते फलस्वरूप इन पर सहज ही विश्वास कर लेना कठिन होता है, इन्हें यात्राएं बहुत प्रिय होती है तथा भाग्यांक 5 वाले व्यक्ति ऐसे कार्य पसंद नही करते जिनमे यात्रा न हो, मित्रों के ये पक्के मित्र होते हैं और समय पड़ने पर मित्रों के लिए सब कुछ लुटा देने में भी गौरव अनुभव करते हैं, ऐसे व्यक्ति अत्यन्त कुशल एजेंट सिद्ध हो सकते हैं, ऐसे सभी कार्य जो यात्रा से संबंधित हो तथा जहाँ ये अधिक से अधिक लोगों के संपर्क में आते हों उनमें ज्यादा सफल हो जाते हैं, दामपत्य जीवन में ये वफादार नही रह सकते हैं, कुछ नवीन और अनोखे की टोह में लगे रहते हैं, तड़क-भड़क, शान-शौकत, दिखावा एवं प्रदर्शन इन्हें प्रिय होता है, इनके वस्त्र कीमती एवं सुरुचिपूर्ण होते हैं, फिजूल खर्च के द्वारा इनका बजट सदा गड़बड़ाया रहता है तथा शनै:-शनै: इनका दामपत्य जीवन कटु हो जाता है।
मकर लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में लग्नेश शनि लग्न से स्वराशि गोचर कर शशनामक योग बनाएंगे साथ ही गुरु की शनि से युति नीचभंग राजयोग का निर्माण करेंगी और लग्न से ही मंगल का अपनी उच्च राशि मकर से गोचर रूचक नामक योग बनाएगा फलस्वरूप पिछले काफी समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलेगी, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके लिए विवाह के योग बनेंगे, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे विवाह करना चाहते हैं तो प्रेम विवाह के योग बनेंगे, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, बेरोजगार लोगों को नौकरी प्राप्त होगी, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, आपके कार्य से सीनियर खुश रहेंगे व आपके कार्य की सराहना भी करेंगे, गर्म चीजों के सेवन से बचें व वाहन सावधानी से चलाएं, पैर, जोड़ों या कमर में दर्द की समस्या रह सकती है, आपकी मेहनत का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा, घर में खुशियों का माहौल रहेगा, माता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, घर में कोई शुभ कार्य भी हो सकता है, जीवनसाथी की वाणी थोड़ी तेज रहेगी, माह के शुरुवात में बुध का दूसरे भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप वाणी पर नियंत्रण रखें व बहुत सोच-समझकर ही बोलें अन्यथा फालतू के विवाद से तनाव की स्थिति उत्पन्न होगी, दवाईयों पर धन व्यय होगा 7 अप्रैल को बुध गोचर बदलकर आपके तीसरे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे व आप उनके साथ खुशनुमा पल बिताएंगे, भाई-बहन के साथ फालतू विवाद से बचें, शत्रुओं से सावधान रहें, भाग्य की वृद्धि होगी, पिता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, मित्रों से विवाद संभव रहेगा 25 अप्रैल को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके चतुर्थ भाव में आ जाएंगे जिस कारण से माता के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा व स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी जिस कारण से व्यर्थ के विवाद होंगे, कोई शुभ समाचार प्राप्त होने के योग बनेंगे, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा।
मकर राशि
माह के शुरुवात में सूर्य का तीसरे भाव से गोचर रहेगा जिस कारण से आपका पराक्रम बढ़ा-चढ़ा रहेगा, छोटे भाई-बहन के स्वास्थ्य में कुछ परेशानी संभव रहेगी 13 अप्रैल को सूर्य गोचर बदलकर चतुर्थ भाव में अपनी उच्च राशि मेष से गोचर करेंगे जो लोग लंबे समय से वाहन खरीदना चाहते हैं उनके लिए वाहन प्राप्ति के अच्छे योग बनेंगे, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, कार्यस्थल पर आपके ऊपर कार्य का अतिरिक्त बोझ रहने के कारण से थकान अनुभव होगी, आलस्य का त्याग करें, किसी उच्च अधिकारी या सरकारी कर्मचारी से व्यर्थ के विवाद से बचें, माह के शुरुवात में शुक्र का गोचर पंचम भाव से रहेगा शुक्र आपकी कुंडली में राजयोगकारक होकर पंचम भाव से स्वराशि गोचर करेंगे फलस्वरूप आपको अपने किसी करीबी मित्र से प्रेम हो सकता है, प्रेम संबंधों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी व जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे, जो लोग कला, सौंदर्य से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं उनके लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा, शुक्र का यह गोचर लगभग 4 माह तक आपके पंचम भाव से रहेगा फलस्वरूप शुक्र का यह गोचर आपके प्रेम संबंधों व जीवनसाथी के साथ आपके संबंधों में मधुरता लाएगा व उनसे लंबे समय से चले आ रहे विवाद खत्म होंगे, माह के शुरुवात में राहु का छठे भाव से गोचर रहेगा अतः छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें व व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, सर दर्द, नेत्रों में तकलीफ की भी समस्या रह सकती है।
कुल मिलाकर मकर लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 अच्छा रहेगा जिसमें विवाह के योग बनेंगे, प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी, जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे व नजदीकियाँ बढ़ेंगी, पैर, जोड़ों, कमर, नेत्र व सर दर्द की शिकायत रह सकती है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, प्रेम विवाह के योग बनेंगे, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे व जिनकी संतान है उनके संतान की उन्नति होगी, प्रमोशन के योग बनेंगे, माह की 5, 6, 13, 14, 25,26, 27, 28, 29 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मकर लग्न के व्यक्ति नित्य सूर्य को जल दें साथ ही गणेश संकट नाशन स्तोत्र और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें तो बेहद शुभ रहेगा।
7 अप्रैल 2020 बुध का मीन राशि से गोचर जानें बुध के इस गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा
बुध का मीन राशि से गोचर
वैदिक ज्योतिष में बुध को राजकुमार का पद प्राप्त है जो कि हमेशा सूर्य के सानिध्य में ही रहते हैं, बुध 7 अप्रैल को 14 बजकर 16 मिनट पर कुंभ राशि को छोड़कर पुनः मीन राशि में चले जाएंगे जहाँ 25 अप्रैल तक रहेंगे, बुध मिथुन व कन्या राशि के स्वामी होते हैं और कन्या राशि में ही उच्च के भी होते हैं मीन राशि बुध की नीच राशि होती है, बुध बुद्धि व विवेक के कारक होते हैं अतः बुध के नीच राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रकार से प्रभाव पड़ेग तो चलिए जानते हैं बुध के इस गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-
बुध के मीन राशि का गोचरफल
मेष राशि:-
मेष राशिफल
मेष राशि वसलों के लिए बुध तीसरे व छठे भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप यात्राओं के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी किन्तु उनसे वैचारिक मतभेद भी हो सकते हैं, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, यदि आप कार्य वृद्धि हेतु कर्ज लेना चाहते हैं तो यह अच्छा समय सिद्ध होगा, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, तनाव लेने से बचें, धन अधिक व्यय होगा, फिजूल की यात्राओं को टालने का प्रयास करें।
वृषभ राशि:-
वृषभ राशिफल
वृषभ राशि वालों के लिए बुध दूसरे व पंचम भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे शास्त्रकारों का मत है कि लाभ स्थान से गोचर कर रहे ग्रह सदैव शुभ फलदाई होते हैं जिससे बुध के नीच राशि से गोचर की अशुभता में कमी आएगी फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, बड़े भाई-बहन को कष्ट संभव है, कुटुंब/परिवार में कलह की स्थिति उत्पन्न होने से मन अशांत रहेगा, संतान की उन्नति होगी, विद्यार्थियों के लिए बुध का यह गोचर शुभ सिद्ध होगा, कार्य के सिलसिले से भागा-दौड़ी बनी रहेगी।
मिथुन राशि:-
मिथुन राशिफल
मिथुन राशि वालों के लिए बुध पहले व चतुर्थ भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे अतः पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, पार्टनरशिप में नए कार्य की शुरुवात करने का विचार कर सकते हैं, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, ससुराल पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त होने के योग बनेंगे, फिजूल के खर्चों को टालें, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, कोई संपत्ति जैसे T.V, मोबाइल, Home Theator खरीद सकते हैं, घर में खुशियों का माहौल रहेगा।
कर्क राशि:-
कर्क राशिफल
कर्क राशि वालों के लिए बुध द्वादश व तीसरे भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप खर्चों में वृद्धि होगी, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे, छोटे भाई-बहन से संबंध मधुर होंगे, जिम्मेदारियों का दबाब बढ़ेगा, फालतू विवाद से बचें।
राशिफल
सिंह राशि:-
सिंह राशिफल
सिंह राशि वालों के लिए बुध दूसरे व एकादश भाव के स्वमी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, दवाईयों पर धन व्यय होगा, कुटुंब से मतभेद संभव है, ससुराल पक्ष से व्यर्थ के विवाद हो सकते हैं, खर्चों में वृद्धि होगी, वाह सावधानी से चलाएं, संतान का सहयोग प्राप्त होगा, कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ेगी।
कन्या राशि:-
कन्या राशिफल
कन्या राशि वालों के लिए बुध पहले व दसवें घर के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप स्वास्थ्य में सुधार होगा, सोच-समझकर कोई भी निर्णय लें अन्यथा भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा फिर भी उनसे आपके संबंध मधुर रहेंगे व नजदीकियाँ बढ़ेंगी, मित्रों से धोखा मिल सकता है, प्रेमियों के लिए यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, पार्टनरशिप में नए कार्य की शुरुवात न करें।
तुला राशि:-
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए बुध नवम व द्वादश भाव के स्वामी होकर छठे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप मेहनत का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें व तनाव लेने से बचें, यात्राओं के योग बनेंगे, अनैतिक संबंध बनाने से बचें, संतान की उन्नति होगी, कार्यस्थल पर फालतू विवाद करने से बचें, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें।
वृश्चिक राशि:-
वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध अष्टम व एकादश भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप संतान को कष्ट संभव है, विद्यार्थियों के शिक्षा में व्यवधान आ सकता है, आय में वृद्धि होगी, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, व्यापार वृद्धि हेतु यात्रा पर जाने के योग बनेंगे यदि संभव हो तो इन यात्राओं को टालने का प्रयास करें क्योंकि इनसे विशेष लाभ प्राप्त होता नही दिख रहा, कार्यक्षेत्र में अचानक से किसी बाधा के उत्पन्न होने के योग बनेंगे अतः संयम से काम लें और सोच-समझ कर कोई निर्णय लें।
गोचरफल
धनु राशि:-
धनु राशिफल
धनु राशि वालों के लिए बुध सप्तम व दशम भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप चिंताओं में वृद्धि होगी, खर्च अधिक होंगे, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा व सीनियर आपके कार्य की प्रशंसा भी करेंगे, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें अन्यथा किसी गलतफहमी के चलते व्यर्थ के विवाद हो सकते हैं साथ ही उनके स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहें, पिता की उन्नति होगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।
मकर राशि:-
मकर राशिफल
मकर राशि वालों के लिए बुध छठे व नवम भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, छोटे भाई-बहन से विवाद संभव है, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, शत्रुओं से सावधान रहें, मित्रों से विवाद होंगे जिस कारण से दोस्ती भी टूट सकती है, समाज मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, सीनियर आपके कार्य से खुश रहेंगे व आपके कार्य की सराहना करेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे।
कुंभ राशि:-
कुंभ राशिफल
कुंभ राशि वालों के लिए बुध पंचम व अष्टम भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, दवाईयों पर धन व्यय होगा, कुटुंब से वैचारिक मतभेद होंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, आवेश में आने से बचें, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, तामसिक चीजों व नशीले पदार्थों के सेवन से बचें, धर्म के कार्यों में धन व्यय होगा।
मीन राशि:-
मीन राशिफल
मीन राशि वालों के लिए बुध चतुर्थ व सप्तम भाव के स्वामी होकर लग्न से गोचर करेंगे जिस कारण से स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, नए मित्र बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, लोगों को सलाह देने से बचें, यदि आप पार्टनरशिप में नया कार्य शुरू करना चाहते हैं तो बुध का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा, जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें, संयम से काम करें व कोई भी निर्णय लेने से पूर्व उसके हर पहलू पर विचार करें।
वृश्चिक लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 अच्छा रहेगा माह के शुरुवात में शुक्र का सप्तम स्थान से गोचर मालव्य योग बनाएगा जिस पर गुरु की दृष्टि भी रहेगी फलस्वरूप दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी व जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, नए मित्र बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन को लेकर बात चल सकती है, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, कार्य के सिलसिले से यात्राएं होंगी, जीवनसाथी के साथ रोमैंटिक यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, माह के शुरुवात में सूर्य का गोचर आपके पंचम स्थान में रहेगा फलस्वरूप संतान से विवाद संभव रहेगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, केंद्र के स्वामी सूर्य का पंचम भाव अर्थात त्रिकोण से गोचर मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगा, पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, 13 अप्रैल को सूर्य गोचर बदलकर आपके छठे भाव में अपनी उच्च राशि में आ जाएंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, माह के शुरुवात में बुध का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा जिससे मन में प्रसन्नता की लहर दौड़ेगी, घर में खुशियों का माहौल रहेगा, 7 अप्रैल को बुध गोचर बदलकर आपके पंचम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप संतान के साथ वैचारिक मतभेद होंगे, गर्भवती महिलाओं को इस समय अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा, शिक्षा में कोई व्यवधान संभव रहेगा, आय में वृद्धि होगी, बड़ी बहन यदि विवाह योग्य हो गयी हैं तो उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है।
वृश्चिक राशि
25 अप्रैल को बुध पुनः गोचर बदलकर छठे भाव में आ जाएंगे जिस कारण से स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, दवाईयों पर धन व्यय होगा, कार्य के सिलसिले हेतु कर्ज के लिए आवेदन करना पड़ सकता हैं, माह के शुरुवात में मंगल, गुरु व शनि का तीसरे भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप आपका पराक्रम बढ़ा रहेगा, आवेश में आने से बचें, गुरु व शनि का नीचभंग राजयोग आपके छोटे भाई-बहन के लिए भी अच्छा सिद्ध होगा अतः उनकी उन्नति के योग बनेंगे व उनका सहयोग भी आपको प्राप्त होगा, तीसरे भाव से मंगल व शनि का एक साथ गोचर छोटे भाई-बहन से क्षणिक विवाद के भी योग बनाएगा अतः फालतू विवाद से बचें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, ज्वर/बुखार की समस्या रह सकती है, भाग्य की वृद्धि होगी, सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी किन्तु फिर भी यह माह कार्यक्षेत्र में आपके लिए संघर्ष बनाए रखेगा।
माह के शुरुवात में राहु का गोचर आपके अष्टम भाव से रहेगा अष्टम भाव से राहु का गोचर पेट व गले में कोई समस्या दे सकता है अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें, अष्टम भाव, सप्तम से दूसरा भाव होने के कारण से जीवनसाथी के वाणी का भाव है अतः उनकी वाणी थोड़ी कटुता लिए होगी जिस कारण से उनसे क्षणिक विवाद के योग बनेंगे, माह के शुरुवात में दूसरे भाव से केतु का गोचर रहेगा जिससे आपके द्वारा बोली गयी अधिकतर बातें सत्य सिद्ध होंगी, धन संचय के लिए अतिरिक्त प्रयास करना पड़ेगा, कुल मिलाकर वृश्चिक लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 अच्छा रहेगा जिसमें जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे व उनके साथ किसी रोमैंटिक यात्रा पर भी जाने के योग बनेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, कार्य वृद्धि या अन्य किसी कारण से कर्ज लेना पड़ सकता है, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, ज्वर/बुखार, पेट, गले, मुख से संबंधित परेशानियाँ रह सकती है, कार्यक्षेत्र में संघर्ष बना रहेगा, माह की 6, 7, 8, 9, 10, 14, 16, 17, 18, 19, 21, 28 व 29 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें यह समय स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे नही रहेंगे व इनमें तनाव की भी स्थितियाँ उत्पन्न होगी, किसी उच्च अधिकारी का विरोध सहन करना पड़ सकता है, मेरे अनुसार यदि वृश्चिक लग्न के व्यक्ति अमावस्या के दिन बहते पानी में विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर नारियल प्रवाहित करें व गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।
तुला लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 अच्छा रहेगा माह की शुरुवात में लग्नेश शुक्र का अष्टम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप लंबे समय से चली आ रही बीमारी से राहत मिलेगी, ससुराल पक्ष में कोई शुभ कार्य हो सकता है, जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे, आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, वाहन सावधानी से चलाएं, अष्टम भाव सप्तम से दूसरा भाव होने के कारण से पत्नी की वाणी का भी भाव होता है अतः जीवनसाथी के वाणी का लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा, माह के शुरुवात में सूर्य आपके छठे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, यदि आपने कर्ज के लिए निवेदन किया हुआ है तो आपका कर्ज स्वीकृत हो सकता है, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, नेत्रों में जलन या नेत्रों में चोट या सर दर्द की शिकायत हो सकती है अतः स्वास्थ्य का ख्याल रखें 13 अप्रैल को सूर्य गोचर बदलकर आपके सप्तम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, आय में वृद्धि होगी, मित्रों से लाभ प्राप्त होगा, यदि आपके बड़े भाई-बहन हैं तो उनसे लाभ प्राप्त होगा, माह के शुरुवात में बुध आपके पंचम भाव से गोचर करेंगे अतः विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे विवाह करना चाहते हैं तो प्रेम विवाह के लिए घर में बात करने का यह अच्छा समय सिद्ध होगा, संतान की उन्नति होगी, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, 7 अप्रैल को बुध गोचर बदलकर आपके छठे भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अतः तनाव लेने से बचें, यात्राओं के योग बनेंगे, सरकारी कर्मचारियों से फालतू विवाद में न पड़ें, पेट जनित कोई पीड़ा संभव रहेगी, वाणी पर नियंत्रण रखें, 25 अप्रैल को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके सप्तम भाव में आ जाएंगे जिससे दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी, बुद्धि व विवेक द्वारा कार्यक्षेत्र में उन्नति प्राप्त होगी, जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, कार्य के सिलसिले से यात्राएं होगी।
तुला राशि
माह के शुरुवात में गुरु, मंगल व शनि का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा जहाँ शनि व गुरु का नीचभंग राजयोग बनेगा साथ ही मंगल भी अपनी उच्च राशि से गोचर करेंगे फलस्वरूप जो लोग घर लेना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, वाहन प्राप्ति के योग बनेंगे, घर में खुशियों का माहौल रहेगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, नौकरी परिवर्तन व प्रमोशन के योग बनेंगे, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, माह के शुरुवात में राहु का नवम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, जीवनसाथी के भाई-बहन के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, तीसरे भाव से केतु का गोचर भाई-बहन से वैचारिक मतभेद का सूचक होता है अतः फालतू विवाद से बचें व आवेश में आकर निर्णय न लें, यदि आपके छोटे भाई-बहन हैं तो उनकी उन्नति होगी, संतान से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।
कुल मिलाकर तुला लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 अच्छा रहेगा जिसमें भूमि/वाहन के योग बनेंगे, प्रमोशन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, आवेश में आने से बचें, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, नए मित्र बनेंगे, माह की 5 से 8, 13 से 16 व 25, 27, 30 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि तुला लग्न के व्यक्ति दुर्गा सप्तशती का नित्य पाठ करें व नित्य गाय को हरा चारा और गुड़ दें तो लाभ होगा।
कन्या लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 सामान्य रहेगा माह के शुरुवात में लग्नेश बुध छठे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप तनाव की स्थितियाँ उत्पन्न होगी अतः तनाव लेने से बचें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी 7 अप्रैल को बुध गोचर बदलकर आपके सप्तम स्थान में आ जाएंगे जिससे जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मधुर होंगे, नौकरी पेशा लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, नए मित्र बनेंगे, स्वास्थ्य में सुधार होगा, 25 अप्रैल को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप तनाव की स्थितियाँ पुनः उत्पन्न होगी, यदि आपको hypertention या nuro से जुड़ी कोई समस्या हो तो अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, त्वचा से संबंधित परेशानियाँ हो सकती है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, माह के शुरुवात में सूर्य का गोचर आपके सप्तम स्थान से रहेगा फलस्वरूप कार्य के सिलसिले से कोई यात्रा संभव रहेगी, जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, जो लोग जन्मस्थान के बाहर रहते हैं उनके लिए सूर्य का यह गोचर उन्नति के नए मार्ग खोलेगा किन्तु जीवनसाथी के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें 13 अप्रैल को सूर्य गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में चले जाएंगे फलस्वरूप पेट से संबंधित कोई परेशानी संभव रहेगी, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, घर में तनाव का माहौल रहने से मन अशांत रहेगा।
कन्या राशि
माह के शुरुवात में शुक्र का नवम भाव से गोचर रहेगा अतः धन लाभ के योग बनेंगे, किसी महिला के द्वारा भाग्योदय होगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, जिनका विवाह हो गया है व संतान की इच्छा है उन्हें संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, कुटुंब अर्थात परिवार का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, धनेश का भाग्य स्थान से गोचर आय वृद्धि के योग बनाएगा, माह के शुरुवात में मंगल, गुरु व शनि का पंचम भाव से गोचर संतान प्राप्ति के योग बनाएगा, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, तामसिक चीजों के सेवन से बचें अन्यथा 25 अप्रैल के बाद से स्वास्थ्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, आय में वृद्धि होगी, यदि आपके बड़े भाई-बहन है व विवाह योग्य हो गए हैं तो उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, वाणी पर नियंत्रण रखें, गुरु व शनि का नीचभंग राजयोग आपके पंचम भाव से रहेगा जो कि बेहद शुभ रहेगा फलस्वरूप यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे विवाह करना चाहते हैं तो प्रेम विवाह के योग बनेंगे, संतान की उन्नति होगी व आपके संतान शिक्षा प्राप्ति हेतु कहीं बाहर भी जा सकते हैं।
माह के शुरुवात में राहु का दशम भाव से गोचर बेहद शुभ रहेगा फलस्वरूप किसी उच्च अधिकारी या सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे व आपके कार्य की सराहना करेंगे, प्रमोशन को लेकर बात चल सकती है, चतुर्थ भाव से केतु का गोचर माता के स्वास्थ्य में कुछ समस्या दे सकता है, स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, कुल मिलाकर कन्या लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 सामान्य रहेगा जिसमें यदि आप पर कोई ऋण है तो उससे छुटकारा मिल सकता है, आय में वृद्धि होगी, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, तनाव लेने से बचें व स्वास्थ्य का ख्याल रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा माह की 1, 2, 3, 10, 11, 21, 22, 23, 25, 26 व 27 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि कन्या लग्न के व्यक्ति नित्य सूर्य को जल दें व गाय को रोटी-गुड़ खिलाएं और एकादशी का व्रत कर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें तो लाभ होगा।
सिंह लग्न वालों के अप्रैल 2020 मिला-जुला रहेगा माह के शुरुवात में लग्नेश सूर्य आपके अष्टम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, सूर्य पर शनि की भी दृष्टि रहने के कारण से स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा व तनाव की स्थितियाँ बनी रहेंगी, पिता से वैचारिक मतभेद संभव है, पिता के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें अन्यथा जब बुध अष्टम भाव से गोचर करेंगे तब दवाईयों पर धन व्यय होगा, सर दर्द व नेत्रों से जुड़ी समस्या भी संभव रहेगी, 13 अप्रैल को सूर्य गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप भाग्य की वृद्धि होगी, पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, धार्मिक कार्यों में धन व्यय होने के योग बनेंगे, छोटे भाई-बहन यदि हैं तो उनकी उन्नति होगी व उनसे आपके संबंध मधुर होंगे, माह के शुरुवात में बुध का गोचर आपके सप्तम भाव से रहेगा फलस्वरूप जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, धन लाभ होने के योग बनेंगे, बड़ी बहन से भी धन लाभ होने के योग बनेंगे 7 अप्रैल को बुध गोचर बदलकर आपके अष्टम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप दवाईयों पर धन व्यय होगा, कुटुंब से मतभेद संभव रहेगा, कर्ज लेने की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है, तनाव लेने से बचें, 25 अप्रैल को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप बुद्धि व विवेक द्वारा भाग्य की वृद्धि होगी, आय में वृद्धि होगी, कुटुंब का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, यदि आपके कोई छोटे भाई-बहन है व विवाह योग्य हो गए हैं तो उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है।
सिंह राशि
माह के शुरुवात में शुक्र का गोचर आपके दशम भाव से होगा जो कि आपके कर्म स्थान के लिए बेहद शुभ रहेगा फलस्वरूप मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, यदि आप वाहन, सौंदर्य, फाइनेंस, LIC से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं तो शुक्र का यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ रहेगा, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, वाहन प्राप्ति के योग बनेंगे, जो लोग लंबे समय से घर खरीदना चाहते हैं उनके लिए शुक्र का यह गोचर लाभप्रद सिद्ध होगा, माह के शुरुवात में मंगल, शनि व गुरु का छठे भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, विद्यार्थियों को मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, परिवार के सदस्यों पर धन व्यय होगा, धार्मिक कार्यों में धन व्यय होने के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं क्योंकि छठे भाव से गोचर कर रहे शनि की तीसरी दृष्टि अष्टम भाव पर रहेगी फलस्वरूप एक्सीडेंट होने के योग बनेंगे, आग, पशु, वाहन व हथियार से चोट लग सकती है, विपरीत परिस्थितियों से होते हुए उन्नति के मार्ग खुलेंगे, खर्चों में वृद्धि होगी, क्रोध पर नियंत्रण रखें, ज्वर/बुखार की भी समस्या हो सकती है।
माह के शुरुवात में राहु का लाभ स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें क्योंकि पंचम से केतु का गोचर रहेगा और पंचमाधिपति गुरु जो कि अष्टम भाव के भी स्वामी है छठे भाव में अपनी नीच राशि से गोचर करेंगे, संतान को कष्ट भी संभव है, जटिल कार्यों अर्थात ऐसे सभी कार्य जिनको करने में दिमाग से अधिक परिश्रम करना पड़े उनमें रुचि बढ़ेगी, कुल मिलाकर सिंह लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 मिला-जुला रहेगा जिसमें मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, आय में वृद्धि होगी, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अच्छा समय रहेगा किन्तु स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं रहेगी, दवाईयों पर धन व्यय होगा, परिवार के सदस्यों के ऊपर धन व्यय होगा, वाहन, पशु, अग्नि, हथियार से सावधान रहें, तनाव लेने से बचें, माह की 18, 19, 23, 24, 25, 27 व 29 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि सिंह लग्न के व्यक्ति नित्य सूर्य को जल दें व गणेश गायत्री मंत्र का नित्य एक माला जाप करें तो लाभ प्राप्त होगा।
कर्क लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020 सामान्य रहेगा माह की शुरुवात में धनेश सूर्य का भाग्य स्थान में रहेगा फलस्वरूप आय में वृद्धि के योग बनेंगे दूसरे भाव से कुटुंब का भी विचार किया जाता है अतः कुटुंब का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा व कुटुंब के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी 13 अप्रैल को सूर्य गोचर बदलकर आपके दशम भाव अर्थात कर्म स्थान में आ जाएंगे फलस्वरूप मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, जो लोग लंबे समय से प्रमोशन या नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं उनके लिए 13 अप्रैल से 13 मई तक समय बेहद शुभ रहेगा व इस दौरान नौकरी परिवर्तन व प्रमोशन होने के अच्छे योग बनेंगे, पिता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा व पिता की भी उन्नति होगी, जो लोग सरकारी नौकरी करते हैं उनके भी प्रमोशन के योग बनेंगे, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी 13 अप्रैल से 13 मई तक का समय अच्छा सिद्ध होगा, माह के शुरुवात में शुक्र का लाभ स्थान से गोचर रहेगा जहाँ शुक्र 29 जून तक गोचर करेंगे अतः इस दौरान किसी महिला के सहयोग से आय वृद्धि के योग बनेंगे व महिलाओं से विशेष लाभ प्राप्त होगा, जो लोग लंबे समय से भूमि व वाहन क्रय करना चाहते हैं उनके लिए भी यह समय अच्छा सिद्ध होगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, यदि आप किसी से प्रेम करते हैं व उनसे विवाह करना चाहते हैं तो शुक्र का यह गोचर प्रेम विवाह के अच्छे योग बनाएगा, यदि आपकी कोई बड़ी बहन है व विवाह योग्य हो गईं हैं तो उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है।
कर्क राशिफल
माह के शुरुवात में मंगल का सप्तम भाव से गोचर रूचक योग व शनि का सप्तम भाव से गोचर शश नामक योग बनाएगा फलस्वरूप नौकरी पेशा लोगों के लिए उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे मंगल पंचमेश व कर्मेश होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे अतः यदि आप पार्टनरशिप में नए कार्य की शुरुवात करना चाहते हैं तो पत्नी या संतान को पार्टनर बना कर नए कार्य की शुरुवात करें बेहद शुभ रहेगा, संतान की उन्नति होगी, जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे, नए मित्र बन सकते हैं, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें, शनि सप्तम व अष्टम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे अतः वाहन सावधानी से चलाएं व जिनकी उम्र 55-60 से अधिक है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, माह के शुरुवात में गुरु का गोचर भी सप्तम भाव से रहेगा फलस्वरूप जीवनसाथी के स्वास्थ्य में समस्या रह सकती है, यदि आप विवाह योग्य हो गए हैं तो आपके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, खान-पान का ख्याल रखें व यदि संभव हो सके तो नित्य कुछ देर व्यायाम करें क्योंकि गुरु की सप्तम दृष्टि लग्न पर रहने से वजन बढ़ सकता है जिस कारण से स्वास्थ्य में परेशानी संभव रहेगी, माह के शुरुवात में बुध का गोचर छठे भाव से रहेगा जिस कारण से भाई-बहन के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेगा, तनाव लेने से बचें व फालतू विवाद से बचें 7 अप्रैल को बुध गोचर बदलकर आपके भाग्य स्थान में आ जाएंगे जिससे छोटे भाई-बहन से चले आ रहे विवाद खत्म होंगे व उनकी सेहत में कुछ सुधार होगा व उनकी उन्नति होगी, इस दौरान आपके द्वारा भाग्य वृद्धि हेतु किए गए प्रयास सार्थक सिद्ध होंगे व बुद्धि-विवेक द्वारा लंबे समय से रुके कार्य पूर्ण होंगे 25 अप्रैल को बुध पुनः गोचर बदलकर आपके दशम भाव में आ जाएंगे फलस्वरूप पिता के सहयोग से आपका कोई लंबे समय से रुका कार्य पूर्ण होगा, मामा पक्ष से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, कार्य के सिलसिले से यात्राओं के योग बनेंगे व उन यात्राओं से लाभ भी प्राप्त होगा, माह के शुरुवात में राहु का द्वादश भाव से गोचर रहेगा अतः कोई भी निर्णय सोच-समझकर लें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, माह के शुरुवात में केतु का छठे भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, मामा पक्ष से विवाद संभव रहेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
कुल मिलाकर कर्क लग्न वालों के लिए अप्रैल 2020सामान्य रहेगा जो कि कर्म स्थान के लिए अच्छा किन्तु स्वास्थ्य के लिहाज से मिला-जुला रहेगा जिसमें नौकरी परिवर्तन व प्रमोशन के योग बनेंगे, पिता की उन्नति होगी, संतान से लाभ प्राप्त होगा, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, भूमि व वाहन प्राप्ति के योग बनेंगे, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, प्रेम विवाह के योग बनेंगे, स्वास्थ्य का ख्याल रखें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, मामा पक्ष से विवाद संभव है, माता व जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, माह की 12, 13, 14, 16, 17, 18, 19, 27, 28, 29, 30 कष्टदायक सिद्ध हो सकती है अतः इन तिथियों पर विशेष सावधानी बरते मेरे अनुसार यदि कर्क लग्न के व्यक्ति अमावस्या के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें व बहते हुए पानी में नारियल प्रवाहित करें और नित्य गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें तो लाभ होगा।
शुक्र का वृषभ राशि से गोचर 28 मार्च 2020: जानें किस राशि वालों पर क्या प्रभाव पड़ेगा व किन राशि वालों की चमकेगी किस्मत
शुक्र का वृषभ राशि से गोचर
वैदिक ज्योतिष में शुक्र को कला, वैभव, सौंदर्य, प्रेम, भौतिक सुख, का कारक माना गया है सामान्य शब्दों में समझा जाए तो हर प्रकार के सुख जिनसे प्राप्त होते हैं उन सभी के कारक शुक्र होते हैं यह देव गुरु वृहस्पति के भाई व दैत्यों के आचार्य हैं नव ग्रहों में एकमात्र शुक्र ही है जिन्हें मृत संजीवनी विद्या का ज्ञान है, 28 मार्च 2020 शनिवार की दोपहर को 3 बजकर 35 मिनट 54 सेकंड पर शुक्र गोचर बदलकर वृषभ राशि में गोचर करेंगे जिसके कारण से विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रकार के फल प्राप्त होंगे तो चलिए जानते हैं शुक्र के मेष राशि से गोचर के दौरान किन राशियों को क्या फल प्राप्त होंगे:-
शुक्र का गोचर परिवर्तन
मेष राशि:-
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शुक्र दूसरे व सातवें भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, नए मित्र बनेंगे, यदि आप पार्टनरशिप में काम करते हैं तो शुक्र का यह गोचर आपके लिए लाभप्रद सिद्ध होगी, दूसरा भाव वाणी का भाव है अतः शुक्र के दूसरे भाव से गोचर के दौरान लोगों पर आपकी वाणी का भी अच्छा प्रभाव पड़ेगा, नए वस्त्र व आभूषण पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
वृषभ राशि:-
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र पहले व छठे भाव के स्वामी होकर लग्न से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, प्रेमियों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, वाणी पर नियंत्रण रखें, महिलाओं से व्यर्थ के विवाद में पड़े अन्यथा अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह समय शुभ रहेगा, जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है।
मिथुन राशि:-
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र द्वादश व पंचम भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप यात्राओं पर धन व्यय होगा, किसी दूसरे व्यक्ति के धन से सुख के साधन प्राप्त होंगे, विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण बढ़ेगा, जो लोग शिक्षा प्राप्ति हेतु बाहर जाना चाहते हैं उनके बाहर जाकर पढ़ाई करने के योग बनेंगे, यदि आप महिला है तो खान-पान का विशेष ख्याल रखें, हार्मोन्स से जुड़ी समस्या हो सकती है, गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, प्रेमी/प्रेमिका व जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी।
कर्क राशि:-
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए शुक्र एकादश व चतुर्थ भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, भूमि/वाहन का उत्तम सुख प्राप्त होगा, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव है, जिनका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उनके लिए संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, यदि आपकी कोई बड़ी बहन है तो उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, परिवार के साथ खुशनुमा पल बीतेगा।
सिंह राशि:-
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए शुक्र दशम व तृतीय भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, वाहन सुख प्राप्त होगा, कारोबार वृद्धि हेतु किए गए प्रयास सार्थक सिद्ध होंगे, माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, फालतू विवाद में न पड़ें, भाई-बहन का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, कार्यस्थल पर सीनियर से विवाद संभव है, घर में खुशियों का माहौल रहेगा व किसी नए मेहमान का आगमन संभव है।
कन्या राशि:-
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए शुक्र दूसरे व नवम भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे जिस कारण से शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ सिद्ध होगा आय में वृद्धि होगी, किसी महिला के सहयोग से भाग्योदय होगा, किसी महिला से धन लाभ भी हो सकता है, जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, परिवार के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं, व्यापारियों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, मन प्रसन्न रहेगा, नए मित्र बनेंगे, यदि आप लंबे समय से नौकरी परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं तो शुक्र का यह गोचर आपके नौकरी परिवर्तन के योग बनाएगा, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, यदि आपके छोटे भाई-बहन विवाह योग्य हो गए हैं तो उनके विवाह के योग बनेंगे।
तुला राशि:-
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए शुक्र पहले व अष्टम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, वाहन सावधानी से चलाएं, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, कारोबार में वृद्धि के योग बनेंगे, ससुराल पक्ष के लोगों से मुलाकात संभव है, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, लंबे समय से चली आ रही बीमारी से राहत मिलेगी।
वृश्चिक राशि:-
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र सप्तम व द्वादश भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप जीवनसाथी से संबंध मधुर होंगे व आपस में प्रेम बढ़ेगा, नए मित्र बनेंगे, नौकरी पेशा लोगों के लिए उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे, कार्य के सिलसिले से यात्राएं हो सकती है, सुख के संसाधनों में वृद्धि होगी, यदि आप पार्टनरशिप में कोई काम करते हैं तो शुक्र का यह गोचर लाभप्रद सिद्ध होगा, किसी महिला मित्र की सहायता से भाग्य में वृद्धि होगी, प्रेमियों के लिए शुक्र का यह गोचर शुभ रहेगा।
धनु राशि:-
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए शुक्र छठे व एकादश भाव के स्वामी होकर छठे भाव से गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, खर्चों में वृद्धि होगी, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा, जीवनसाथी से फालतू विवाद में न पड़ें, दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी, जीवनसाथी के साथ नजदीकियाँ बढ़ेंगी, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें।
मकर राशि:-
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए शुक्र पंचम व दशम भाव के स्वामी होकर राजयोगकारक हो जाते हैं जो कि आपके पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, प्रेमियों के लिए शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ रहेगा जिससे प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी, कारोबार में वृद्धि होगी, पिता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, आय में वृद्धि होगी, यदि आपका विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं तो संतान प्राप्ति के योग बनेंगे, बड़े भाई-बहन की भी उन्नति होगी, दामपत्य जीवन में मधुरता आएगी, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
कुंभ राशि:-
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र चतुर्थ व नवम भाव के स्वामी होकर राजयोगकारक हो जाते हैं जो कि आपके चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप माता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा व माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, वाहन का सुख प्राप्त होगा, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, समाज में मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, पिता की उन्नति होगी, परिवार वालों के साथ धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं, जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, मन प्रसन्न रहेगा।
मीन राशि:-
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए शुक्र तीसरे व छठे भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे स्वास्थ्य का ख्याल रखें, अचानक यात्राओं के योग बनेंगे व उन यात्राओं से लाभ भी होगा, किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि के अवसर प्राप्त होंगे, यदि संभव हो तो कुछ समय ध्यान करें जिससे मन शांत रहेगा, तनाव लेने से बचें, भाई-बहन की उन्नति होगी, आय में वृद्धि होगी, यदि आपका कार्य शुक्र ग्रह से जुड़ा हुआ है तो अचानक बड़ी सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे।