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शनि के मकर राशि से गोचर के दौरान वर्ष 2022 में गोचर व पाद बोधक फल

शनि के मकर राशि से गोचर के दौरान वर्ष 2022 में गोचर व पाद बोधक फल
शनि के मकर राशि से गोचर के दौरान वर्ष 2022 में गोचर व पाद बोधक फल

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार श्री शुभ सम्वत् २०७६ माघ कृष्ण अमावस्या तिथि शुक्रवार दिनांक २४ जनवरी २०२० को शनि देव प्रातः ०९:५२ पर मार्गी गति से गोचर करते हुए मकर राशि में प्रवेश किए थे उस समय तात्कालिक चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र एवं मकर राशि में स्थित थे।

श्री शुभ सम्वत् २०७९ वैशाख कृष्ण चतुर्दशी तिथि शुक्रवार दिनांक २९ अप्रैल २०२२ को प्रातः ०७:४३ पर शनि देव कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे उस संत तात्कालिक चंद्रमा रेवती नक्षत्र व मीन राशि में स्थित रहेंगे।

श्री शुभ सम्वत् २०७९ ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी तिथि शनिवार दिनांक ४ जून २०२२ को शनि वक्री होकर श्री शुभ सम्वत् २०७९ कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि, रविवार दिनांक २३ अक्टूबर २०२२ को प्रातः ०९:३७ पर शनि पुनः मार्गी होंगे तथा इसी अवधि के दौरान वक्र गति से गोचर करते हुए शनि आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी तिथि दिनांक १२ जुलाई २०२२ को पुनः मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

विशेष तथ्य यह है कि वक्री शनि की अवधि में विपरीत फल समझना चाहिए अर्थात शुभ स्थान पर अशुभ फल और अशुभ स्थान पर शुभ फल तो चलिए जानते हैं ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार शनि का गोचर व पाद बोधक फल:-

१ जनवरी से २९ अप्रैल २०२२ तक मकर में शनि का पाद बोधक फल

१ जनवरी से २९ अप्रैल २०२२ तक मकर में शनि का पाद बोधक फल
१ जनवरी से २९ अप्रैल २०२२ तक मकर में शनि का पाद बोधक फल

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मेष, कर्क व वृश्चिक राशि वालों को ताम्रपद से शनि का यह गोचर आर्थिक व व्यवसायिक क्षेत्र में प्रगति, पूर्व निर्धारित कार्यों में सफलता व भौतिक सुख साधनों में वृद्धिकारक रहेगा किंतु जीवन में कड़े संघर्ष व मानसिक तनाव बने रहेंगे।

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार वृषभ, कन्या व धनु राशि वालों के लिए रजतपाद से शनि का गोचर किसी नए कार्य का शुभारंभ, आजीविका के साधनों में वृद्धि, जन संपर्क में वृद्धि व पारिवारिक सुख-शांति प्रदान करने वाला होगा किंतु स्वास्थ्य की कुछ समस्याएं व चिंता भी बनी रह सकती है।

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मिथुन, तुला व कुंभ राशि वालों के लिए लौहपाद से शनि का गोचर संघर्षपूर्ण जीवन को दर्शाता है अतः आजीविका के लिए श्रम-संघर्ष, पारिवारिक तनाव व अत्यधिक परिश्रम से सफलता प्राप्त होने के योग बनेंगे साथ ही किसी अस्थाई संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे।

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार सिंह, मकर व मीन राशि वालों के लिए शनि का स्वर्णपाद से गोचर कुछ कष्टप्रद रहेगा अतः यश-प्रतिष्ठा में कमी व किसी प्रियजन या पारिवारिक जन का विछोह या उनसे दूरी के योग बनेंगे किंतु वर्ष के अंतिम भाग में कड़े संघर्ष व अत्यधिक प्रयास से बड़ी सफलता प्रदान करने वाले होंगे।

 

मकर राशिस्थ शनि का गोचरफल संक्षेप में

मकर राशिस्थ शनि का गोचरफल संक्षेप में
मकर राशिस्थ शनि का गोचरफल संक्षेप में

यह गोचरफल १ जनवरी २०२२ से २९ अप्रैल २०२२ तथा १२ जुलाई २०२२ से १४ फरवरी २०२३ तक का है तो चलिए जानते हैं मकरस्थ शनि का सूक्ष्म गोचरफल

मेष राशि:-

मेष राशि वाले व्यक्तियों के लिए दशमस्थ शनि शुभ रहेगा अतः श्रम व संघर्ष की स्थिति बनी रहने के बाद भी समय-समय पर धन की प्राप्ति होती रहेगी तथा आर्थिक सफलता होते हुए भी सम्पत्तिबक क्षय होने का भय बना रहेगा और आपका व्यक्तित्व आत्मनिर्भर रहेगा।

वृषभ राशि:-

वृषभ राशि वाले व्यक्तियों के लिए नवमस्थ शनि पूज्य है, छोटे भाई-बहनों के साथ व्यर्थ विवाद में न पड़ें अन्यथा चित्त अशांत रहेगा, मान-सम्मान में हानि होने के योग हैं, तीर्थाटन निष्प्रयोजन होने से असंतोष एवं धर्म के प्रति अनास्था रहेगी साथ ही कलह एवं व्याधियों से जीवन में सुख की कमी अनुभव हो सकती है।

मिथुन राशि:-

मिथुन राशि वालों के लिए अष्टमस्थ शनि अशुभ है अतः जीवन में कष्ट, वाद-विवाद व कलह की स्थिति बनी रहेगी तथा राजकीय पक्ष से विरोध का सामना करना पड़ सकता है, स्त्री को कष्ट, स्वास्थ में उतार-चढ़ाव के योग बनेंगे साथ ही जिन व्यक्तियों की कुंडली में अशुभ ग्रह की दशा व अंतर्दशा चल रही होगी उन्हें अपने जीवनसाथी से वियोग भी सहन करना पड़ सकता है, महिलाओं को उदर में विशेष समस्या रह सकती है।

कर्क राशि:-

कर्क राशि वाले व्यक्तियों के लिए सप्तमस्थ शनि पूज्य है अतः आर्थिक समस्याओं में कुछ कमी, रुके हुए धन की प्राप्ति या आय में वृद्धि के योग बनेंगे किंतु किसी प्रकार के दुःख व कलह के कारण से मन में अशांति अनुभव होगी।

सिंह राशि:-

सिंह राशि वाले व्यक्तियों के षष्ठस्थ शनि शुभ है अतः यश कीर्ति तथा कार्य में कड़े परिश्रम से लाभ एवं सफलता के योग बनेंगे, पुराने रोग से छुटकारा मिलेगा तथा स्वास्थ्य उत्तम रहेगा किंतु वाहनादि से चोटादि का भय रहेगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी किंतु सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें।

कन्या राशि:-

कन्या राशि वाले व्यक्तियों के लिए पंचमस्थ शनि पूज्य है, अत्यधिक परिश्रम एवं संघर्ष से ही सफलता मिलना संभव है, कुसंगति से बुद्धि विवेक नष्ट होगा, जीवनसाथी के साथ संबंधों में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, आर्थिक पक्ष कमजोर अनुभव होगा, जिन व्यक्तियों की कुंडली में अशुभ ग्रह की दशा चल रही होगी उनके लिए शनि का यह मकर से गोचर अत्यंत कष्टकारी रहेगा।

तुला राशि:-

तुला राशि वालों के चतुर्थस्थ शनि अशुभ है अतः दुःख एवं कलह के कारण मन अशांत रहेगा, सामाजिक एवं राजकीय पक्ष से असहयोग एवं विरोध प्राप्त होगा, आर्थिक पक्ष कमजोर रहेगा, नौकरी पेशा लोगों के लिए स्थान परिवर्तन संभव है।

वृश्चिक राशि:-

वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए तृतीयस्थ शनि शुभ है किंतु श्रम एवं संघर्ष की स्थिति बनी रहेगी, कभी-कभी चिंता और व्यय की अधिकता और असफलता से कष्ट मिलेगा, ससुराल पक्ष से तनाव, पत्नी से वाद-विवाद और कलह तथा पिता से असंतोष प्राप्त होगा।

धनु राशि:-

धनु राशि वाले व्यक्तियों के लिए द्वितीयस्थ शनि पूज्य है, शनि की साढ़ेसाती का अंतिम दौर कुछ झंझटों के साथ सफलता व धन वृद्धि का सूचक है, स्थान परिवर्तन संभव रहेगा, जीवन में किसी खुशी का आगमन होगा, मन में कुछ चिंता बनी रहेगी किंतु चिंता का समाधान खोजने में सफल होंगे, धैर्य व संयम के साथ निर्णय लें।

मकर राशि:-

मकर राशि वालों के लिए लग्नस्थ शनि शुभ है, साढ़ेसाती का द्वितीय चरण है अतः सुख-दुःख समान रूप से प्राप्त होते रहेंगे, मानसिक शक्ति कुछ कमजोर रह सकती है, जीवनसाथी व परिवार के किसी भी व्यक्ति से विवाद संभव रहेगा, आलस्य का त्याग करें, अत्यधिक मेहनत करने पर बड़ी सफलता प्राप्त होगी।

कुंभ राशि:-

कुंभ राशि वाले व्यक्तियों के लिए द्वादशस्थ शनि अशुभ है अतः विघ्न व कष्ट बने रहेंगे, संतान पक्ष को व्याधियों से कष्ट होगा, जिन व्यक्तियों की कुंडली में अशुभ ग्रह की दशा और अंतर्दशा चल रही है उनके लिए संतान के प्रति विशेष चिंता वाला समय रहने की संभावना है।

मीन राशि:-

मीन राशि वाले व्यक्तियों के लिए लाभस्थ शनि शुभ है फलस्वरूप लंबे समय से बीमार चल रहे व्यक्तियों के स्वास्थ्य में कुछ सुधार होना शुरू होगा, नए पद की प्राप्ति या अधिकार में वृद्धि संभव है, पत्नी पक्ष से सहयोग प्राप्त होगा, धन की प्राप्ति संभव है, स्त्री व संतान सुख प्राप्त होगा।

जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
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मार्च 2022 में शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले विशिष्ट योग

माह की 1 से 13 तारीख तक बुध व शुक्र का शुभ प्रभाव होने से मंदी का रुख दिखाकर शेयर्स के भाव में तेजी आएगी परन्तु जल्द ही शेयर मार्केट में पुनः मंदी लौटने लगेगी अतः माह के प्रथम सप्ताह में विदेश कंपनियाँ भारतीय मार्केट में प्रवेश करेंगी जिसके फलस्वरूप क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से पेट्रोल व डीजल आदि के मूल्यों में वृद्धि देखने को मिलेगी, इंफोसिस, इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट, वालमार्ट एवं तकनीकी उपकरण बनाने वाली कंपनियों के शेयर्स में तेजी आएगी।

मार्च 2022 में शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले विशिष्ट ग्रह योग
मार्च 2022 में शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले विशिष्ट ग्रह योग

 

14 मार्च को सूर्य की मीन की सक्रांति पड़ेगी अतः होटल चेन से जुड़ी कंपनियाँ, रिलायंस ग्रुप, परफेटी, रेडीज, टाटा ग्रुप, विप्रो, डाबर, बैजनाथ, बजाज, बिरला ग्रुप, सत्यम कंप्यूटर आदि के भावों में तेजी दिखाकर बाद में मंदी आएगी, माह के तीसरे सप्ताह में डाबर, रैनबैक्सी, सिप्ला, हिंदुस्तान लीवर, यस बैंक, एस. बी. आई. आदि के शेयरों में तेजी रहेगी, ए.सी.सी., अम्बुजा सीमेंट, आई.पी.सी.एल., आई.बी.पी., इंफोसिस में भी तेजी रहेगी, ऑटो मोबाइल सेक्टर, सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनीयों से संबंधित शेयर्स में अच्छी मंदी देखने को मिल सकती है।

मार्च माह के अंतिम भाग में सौंदर्य प्रसाधन, खाद्य बनाने वाली कंपनियाँ, फर्नीचर, घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनीयाँ से जुड़े शेयरों में निवेश्वकर्ण उपयुक्त रहेगा, मेटल मार्केट, रिलायंस ग्रुप के शेयर्स, जेन टेक, टी.सी.एस और अति सक्रिय शेयर्स की सूची में एक्सिस बैंक, एच.सी.एल टेक, बजाज ऑटो, पावर ग्रिड कॉर्प, नेस्ले, अल्ट्राटेक सीमेंट आदि शेयर्स तेज होंगे अतः इन शेयर्स में निवेश करना लाभप्रद रहेगा।

जय श्री राम।
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राहु-केतु का कष्टकारी गोचर लाभ हेतु करें यह उपाय

राहु और केतु का वर्तमान गोचर अनेक प्रकार से कष्टदाई रहा है क्योंकि इस बार केतु का गोचर वृश्चिक अर्थात अग्नि तत्व ग्रह मंगल की राशि से था जिस कारण से राहु को सदैव ही नियंत्रण में रखने वाला केतु इस बार स्वम् नियंत्रण के बाहर था जिसको नियंत्रित राहु कर रहे हैं।

राहु के पास सर तो केतु के पास धर अर्थात शरीर है वैदिक ज्योतिष में राहु को अशुभ फल देने वाला ग्रह बताया गया है तो वहीं केतु को शुभ फल देने वाला ग्रह बताया गया है किंतु केतु, राहु के ठीक सामने अर्थात राहु से सप्तम में स्थित होने के कारण से वह भी अशुभ फल देने वाला ग्रह बन जाता है और इस बार राहु के पूर्ण अशुभ फल केतु भी प्रदान कर रहे हैं।

राहु-केतु का कष्टकारी गोचर
राहु-केतु का कष्टकारी गोचर

 

राहु व केतु के गोचर परिवर्तन के समय धनु लग्न व वृश्चिक राशि थी जहाँ चंद्रमा का अष्टमेश होकर अपनी नीच राशि में बैठना व पीड़ित होना समस्याओं को और बढ़ाने का सूचक था, ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है “चंद्रमा मनसो जात:” अर्थात चंद्रमा मन का कारक होता है जिस कारण से राहु व केतु के इस कष्टकारी गोचर के कारण से स्वास्थ्य जनित समस्याएं व मानसिक अशांति बनी रही किंतु यह स्थिति अब जल्द ही सामान्य होने लगेगी 9 अप्रैल 2022 की मध्य रात्रि 4 बजकर 21 मिनट को राहु व केतु का गोचर परिवर्तन होगा इसके बाद से स्थिति कुछ सामान्य होने लगेगी जिसका असर कोरोना पर भी देखने को मिलेगा।

 

राहु-केतु के कुछ अचूक उपाय:-

राहु-केतु के कुछ विशेष उपाय
राहु-केतु के कुछ विशेष उपाय

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार राहु व केतु का यह गोचर अनेक प्रकार से विपत्तियों को उत्पन्न करने वाला था जिसमें प्राकृतिक आपदाओं व महामारी के प्रकोप का सभी जनमानस को सामना करना पड़ा साथ ही कारोबार में अड़चन व अन्य किसी भी माध्यम से मानसिक अशांति और अंदर कुछ घिराव के कारण से हानि व पराक्रम की हानि का सामना जनमानस को करना पड़ा अतः आज मैं आप सभी को कुछ ऐसे उपाय बता रहा हूँ जिनको करने से आप सभी को अवश्य ही लाभ प्राप्त होगा।

उपाय:-

१. 4 अमावस्या नियम से सूर्यास्त बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर नारियल को बहते पानी में प्रवाहित करें।

२. नित्य शिवलिंग पर जल मिश्रित दुग्धाभिषेक करें तदोपरांत चावल मिश्रित काला तिल “ॐ नमः शिवाय:” मंत्र का जप करते हुए शिवलिंग पर अर्पित करें और विल्वपत्र अर्पित करते हुए विलवाष्टकम् का पाठ करें।

३. 4 शनिवार नियम से काली उर्द, शहद, किशमिश, आम का मीठा अचार व मेवा युक्त कोई नमकीन कुछ दक्षिणा के साथ किसी भिखारी/जमादार/नौकर को दान करें।

४. बुधवार के दिन कबूतर को दाना डालें।

५. बुधवार व अमावस्या तिथि के दिन सूर्यास्त बाद कुत्ते को कोई ताकत की चीज जैसे दूध/पनीर/खोआ आदि खिलाएं।

जय श्री राम।

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बसंत पंचमी 5 फरवरी 2022: जानिए शुभ मुहर्त

बसंत पंचमी 5 फरवरी 2022: जानिए शुभ मुहर्त

 

बसंत पंचमी 5 फरवरी 2022: जानिए शुभ मुहर्त
बसंत पंचमी 5 फरवरी 2022: जानिए शुभ मुहर्त

 

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि, बसंत पंचमी के नाम से विख्यात है इस वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि ४ फरवरी को प्रातः ०६:४३ पर लग रही है जो कि जो कि ५ फरवरी की प्रातः ०६:४५ तक रहेगी बसंत पंचमी की पूजा दिन के मध्य भाग में करी जाती है और ५ फरवरी को दिन के मध्य भाग में पंचमी तिथि मिल रही है और ६ फरवरी को दिन के मध्य भाग में षष्ठी तिथि मिल रही है अतः इस वर्ष बसंत पंचमी जिसे श्री पंचमी भी कहते हैं ५ फरवरी २०२२ को मनाई जाएगी।

धर्म शास्त्रों के अनुसार बसंत पंचमी को श्री पंचमी भी कहा जाता है इस दिन अबूझ मुहर्त होने के कारण से किसी भी मांगलिक कार्यक्रम को करने के साथ किसी नई वस्तु का क्रय या किसी नए कार्य का आरंभ भी किया जा सकता है बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी माता सरस्वती के पूजन का विधान है इस दिन माता सरस्वती की पूजा करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है तथा जिन विद्यार्थियों की शिक्षा में अवरोध उत्पन्न हो रहे हों उन्हें बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए।

सुखद दाम्पत्य जीवन हेतु करें यह उपाय

 

सुखद दाम्पत्य जीवन हेतु करें यह उपाय
सुखद दाम्पत्य जीवन हेतु करें यह उपाय

 

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी के दिन कामदेव के मंत्र “ॐ नमो भगवते कामदेवाय, यस्य यस्य दृश्यो भवामि, यश्च यश्च मम मुखम पछ्यति तत मोहयतु स्वाहा” मंत्र का 1 माला जप करने व कामदेव और देवी रति की पूजा करने से दाम्पत्य जीवन में मधुरता आती है।

 

पूजा शुभ मुहर्त

 

पूजा शुभ मुहर्त
पूजा शुभ मुहर्त

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार बसंत पंचमी/सरस्वती पूजन/कामदेव पूजन शुभ मुहर्त प्रातः ०६:४० से १२:११ तक रहेगा जिसकी कुल अवधि ५ घंटे ३१ मिनट रहेगी इसमें भी विशेष प्रातः ०८:२५ से ०९:५३ कुंभ लग्न (स्थिर लग्न) में पूजन करना अत्यंत शुभ रहेगा।

नोट:- यदि किसी कारण वश ऊपर बताए गए मुहर्त में पूजा न कर सकें तो बसंत पंचमी के दिन अबूझ मुहर्त रहने के कारण किसी भी समय माता सरस्वती की पूजा कर सकते हैं।

 

बसंत पंचमी का सूक्ष्म पंचांग “ऋषिकेश पंचांग” (काशी अनुसार)

 

बसंत पंचमी सूक्ष्म पंचांग
बसंत पंचमी सूक्ष्म पंचांग

 

दिनमान:- २७:२३
तिथि:- चतुर्थी प्रातः ०६:४३ तक तदोपरांत पंचमी
नक्षत्र:- उत्तराभाद्रपद रात्रि ०७:०५ तक तदोपरांत रेवती
योग:- सिद्ध रात्रि ०८:४३ तक तदोपरांत साध्य
करण:- विष्टि उपरांत वव
चंद्र:- मेष
सूर्योदय:- ०६:३१
सूर्यास्त:- ०५:२९
चन्द्रास्त:- ०९:५५

 

५ फरवरी के कुछ विशेष योग

बसंत पंचमी, तक्षक पूजा, रतिकाम महोत्सव, भद्रा प्रातः ०६:४३ तक, पंचक, सरस्वती पूजन।

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मौनी अमावस्या 2022: मनोकामना पूर्ति हेतु राशि अनुसार करें यह उपाय

मौनी अमावस्या 2022: मनोकामना पूर्ति हेतु राशि अनुसार करें यह उपाय

मौनी अमावस्या 2022: मनोकामना पूर्ति हेतु राशि अनुसार करें यह उपाय
मौनी अमावस्या 2022: मनोकामना पूर्ति हेतु राशि अनुसार करें यह उपाय

 

माघ मास की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या कहा जाता है इस वर्ष माघ मास की अमावस्या तिथि 31 जनवरी 2022 की दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर लग रही है जो कि 1 फरवरी 2022 के दिन में 11 बजकर 16 मिनट तक रहेगी अतः इस वर्ष मौनी अमावस्या 1 फरवरी 2022 को मनाई जाएगी।

मौनी अमावस्या के दिन काशी में दशाश्वमेध घाट या प्रयाग में त्रिवेणी संगम या समुद्र में मौन व्रत रखकर स्नान करना चाहिए, इस बार मौनी अमावस्या के दिन दुर्लभ संयोग बन रहा है क्योंकि मौनी अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ने से और भी विशेष हो जाती है क्योंकि धर्म शास्त्रों के अनुसार यदि मंगलवार के दिन अमावस्या पड़े तो उस दिन गंगा स्नान करने से करोड़ों सूर्य ग्रहण में स्नान करने के समान फल की प्राप्ति होती है, पापवार तथा अमावस्या की युति दुर्भिक्ष तथा प्रजा के लिए भयकारक होती है।

 

मनोकामना पूर्ति हेतु राशि अनुसार करें यह उपाय:-

मौनी अमावस्या 2022: मनोकामना पूर्ति हेतु राशि अनुसार करें यह उपाय
मनोकामना पूर्ति हेतु राशि अनुसार करें यह उपाय

 

इस बार मौनी अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ने से अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है इस दिन राशि अनुसार कुछ विशेष उपाय करने से मनोकामना की पूर्ति होती है साथ ही क्रूर ग्रहों के अशुभ फल में कमी आती है तो चलिए जानते हैं मनोकामना पूर्ति हेतु राशि अनुसार उपाय:-

 

मेष राशि:-

मेष राशि वाले जातक गाय को मसूर की दाल भीगा कर खिलाएं व ब्राह्मण को तिल और गेहूँ का दान करें साथ ही पीपल वृक्ष को सरसों के तेल का दीपक अर्पित कर संकटमोचन हनुमाष्टक का पाठ करना चाहिए।

वृषभ राशि:-

वृषभ राशि वाले जातक गाय को पके हुए चावल में चीनी मिलाकर खिलाएं व ब्राह्मण को जौं और चीनी का दान करें और पीपल वृक्ष को सरसों के तेल का दीपक अर्पित कर सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।

मिथुन राशि:-

मिथुन राशि वाले जातक गाय को हरा चारा खिलाएं व ब्राह्मण को काला तिल, हरी दाल, तिलकुट आदि का दान करें और यदि संभव हो तो किन्नर को हरी चूड़ी व हरी साड़ी दान करना आपके लिए विशेष शुभ रहेगा।

कर्क राशि:-

कर्क राशि वाले जातकों को शकर व श्वेत मीठे का किसी ब्राह्मण को दान करना बेहद शुभ रहेगा साथ ही सूर्यास्त बाद काले कुत्ते को पनीर/मलाई/खोया अर्थात कोई ताकत की चीज खिलाना आपके लिए बेहद शुभ रहेगा।

सिंह राशि:-

सिंह राशि वाले जातकों को सूर्यास्त बाद किसी भिखारी को काला जूता, गेहूँ व काले कंबल का दान करना बेहद शुभ रहेगा साथ ही यदि संभव हो तो चाँदी का एक जोड़ा सर्प बहते पानी में प्रवाहित करना आपके लिए शुभ रहेगा।

कन्या राशि:-

कन्या राशि वाले जातकों के लिए सूर्यास्त बाद विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ कर बहते पानी में नारियल को प्रवाहित करना बेहद शुभ रहेगा साथ ही यदि किसी ब्राह्मण को गेहूँ, जौं, तिलकुट, हरी दाल दान करना अत्यंत शुभ रहेगा।

तुला राशि:-

तुला राशि वाले जातकों को 12 वर्ष से छोटी कन्याओं को चॉकलेट/चिप्स आदि का दान करना बेहद शुभ रहेगा साथ ही किसी ब्राह्मण को आटा, चीनी, जौं, श्वेत तिल, कुशा, श्वेत मीठा आदि का दान करना बेहद शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि:-

वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए किसी भिखारी को काली चप्पल, काले कंबल आदि का दान करना शुभ रहेगा साथ ही किसी ब्राह्मण को मसूर की दाल, ताम्र का कोई पात्र, शकर व सुराही का दान करना बेहद शुभ रहेगा।

धनु राशि:-

धनु राशि वाले जातकों के लिए किसी ब्राह्मण को पीला मीठा, पीला वस्त्र, पीला मीठा आदि का दान करना व सूर्यास्त बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर बहते पानी में नारियल को प्रवाहित करना विशेष रूप से शुभ फलदायक रहेगा।

मकर राशि:-

मकर राशि वाले जातकों के लिए काली उर्द, किशमिश, शहद, आम का अचार, मेवा युक्त कोई नमकीन किसी भिखारी/जमादार/नौकर को दान करना व सूर्यास्त बाद पीपल वृक्ष को सरसों के तेल का दीपक अर्पित कर नव ग्रह स्तोत्र का पाठ करना बेहद शुभ रहेगा।

कुंभ राशि:-

कुंभ राशि वाले जातकों के लिए लौह से बने उत्पाद, काला तिल व सरसों तेल का दान करना शुभ रहेगा साथ ही सूर्यास्त बाद शनि स्तोत्र का पाठ करना विशेष रूप से शुभ फलदाई होगा।

मीन राशि:-

मीन राशि वाले जातकों के लिए विष्णु जी के मंदिर में पीली वस्तुओं का दान करना व शिवलिंग पर मधु से अभिषेक कर मधुराष्टकं का पाठ करना विशेष रूप से शुभ फलदाई रहेगा।

 

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बुध का मिथुन राशि से गोचर 4 जुलाई 2021: जानिए, विभिन्न राशियों में पड़ने वाले प्रभाव

बुध का मिथुन राशि से गोचर 4 जुलाई 2021: जानिए, विभिन्न राशियों में पड़ने वाले प्रभाव

 

बुध का मिथुन राशि से गोचर

 

वैदिक ज्योतिष में बुध को राजकुमार का पद प्राप्त है जो कि हमेशा सूर्य के सानिध्य में ही रहते हैं, बुध ०४ जुलाई को रात्रि के १० बजकर १८ मिनट पर वृषभ राशि को छोड़कर मिथुन राशि में चले जाएंगे जहाँ २४ जुलाई की दिन में १० बजकर २१ मिनट ५८ सेकंड तक रहेंगे, बुध मिथुन व कन्या राशि के स्वामी होते हैं और कन्या राशि में ही उच्च के भी होते हैं मीन राशि बुध की नीच राशि होती है, बुध बुद्धि व विवेक के कारक होते हैं अतः बुध के कन्या राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर विभिन्न प्रकार से प्रभाव पड़ेंगे तो चलिए जानते हैं बुध के इस गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए बुध तृतीय व षष्ठ भाव के स्वामी होकर तृतीय भाव से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मेष राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर शुभ फल देने वाला होगा फलस्वरूप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, शत्रुओं पर युक्ति व चतुराई के माध्यम से सफलता प्राप्त होगी, भाग्य की वृद्धि होगी, धर्म-आध्यात्म की ओर झुकाव बढेगा, बहन-बुआ व मासी के स्वास्थ्य में परेशानी संभव है।

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए बुध द्वितीय व पंचम भाव के स्वामी होकर द्वितीय से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार वृषभ राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर शुभ फल देने वाला होगा फलस्वरूप बुद्धि व विवेक द्वारा आय वृद्धि के नए स्त्रोत बनेंगे, जो लोग बैंकिंग, फाइनेंस, टीचिंग, एल. आई. सी. व दूरसंचार माध्यम से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं उनके लिए बुध का यह गोचर श्रेष्ठम फल देने वाला रहेगा, संतान की उन्नति होगी व संतान का सहयोग भी प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा अवसर रहेगा, कोरोना के कारण से जिनकी नौकरी छूट गयी थी उन्हें पुनः किसी नौकरी का अवसर प्राप्त हो सकता है, प्रेमियों के मध्य प्रेम बना रहेगा तथा दोनो अपनी समझ का परिचय देते हुए एक-दूसरे के साथ आनन्दमयी जीवन व्यतीत करेंगे।

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए बुध प्रथम भाव अर्थात लग्न व चतुर्थ भाव के स्वामी होकर लग्न से ही गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मिथुन राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर बेहद ही शुभ फल देने वाला होगा फलस्वरूप माता का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, अपनी युक्ति के बल पर आप कार्यक्षेत्र में उन्नति के नए अवसर निर्मित करने में सफल होंगे, स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, अच्छा रहेगा, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, आकस्मिक धन लाभ के योग बनेंगे तथा आय में वृद्धि के पूर्ण योग प्राप्त होते हैं।

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए बुध द्वादश व तृतीय भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार कर्क राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर मिला-जुला फल देने वाला होगा फलस्वरूप यात्राओं के योग बनेंगे, यात्रा हो सकती है, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है, आपके फोन में बुध के इस गोचरकाल के दौरान कुछ समस्या रह सकती है, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी या उनके कार्यक्षेत्र का कुछ विस्तार होगा।

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए बुध धनेश व लाभेश होकर लाभ स्थान से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार सिंह राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर बेहद ही शुभ फल देने वाला होगा फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, कोरोना के कारण जिनकी नौकरी चली गयी थी उनको पुनः नए अवसर प्राप्त होंगे, जिन व्यक्तियों का कार्य बैंकिंग, फाइनेंस, टीचिंग, एल. आई. सी. व दूरसंचार माध्यम आदि से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं उनके लिए बुध का यह गोचर बेहद शुभ फल देने वाला होगा, प्रेमियों के मध्य प्रेम बना रहेगा, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए बुध पहले व दशम भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार कन्या राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर शुभ फल देने वाला होगा फलस्वरूप कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा, बेरोजगारों तथा कोरोना के चलते जिनकी नौकरी चली गयी थी उन्हें नौकरी मिलने के पूर्ण योग बनते हैं, व्यापारियों के मुनाफे में वृद्धि होगी, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, संतान की उन्नति होगी, प्रेमियों व जीवनसाथी के लिए बुध का यह गोचर क्षणिक विवाद के योग बना रहा है अतः एक-दूसरे को समझने का प्रयास करें व अपने प्रेमी और जीवनसाथी को कुछ समय दें, स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, नौकरी व व्यवसाय में उन्नति होगी।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए नवम व द्वादश भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार तुला राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर सामान्य फल देने वाला होगा फलस्वरूप धर्म-आध्यात्म की ओर झुकाव बढेगा, धर्मिक यात्राओं के योग हैं या धर्म-कर्म आदि में धन व्यय होने के योग बनेंगे, स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा, पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, प्रेमियों के लिए बुध का यह गोचर शुभफलदाई होगा तथा उनके प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी, दाम्पत्य जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव संभव रहेगा।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध अष्टम व एकादश भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर सामान्य फल देने वाला होगा फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में विस्तार होगा व आय में वृद्धि होगी किंतु स्वास्थ्य के प्रति पूर्णतया सतर्क रहें, स्थान परिवर्तन के योग हैं, जो लोग ज्योतिष, बैंकिंग, फाइनेंस एल.आई.सी., टीचिंग व दूरसंचार माध्यम आदि से जुड़े हुए हैं उनके लिए बुध का यह गोचर आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद शुभ रहने वाला होगा, प्रेमियों के लिहाज से बुध का यह गोचर कुछ झंझटों के साथ प्रेम संबंधों में मधुरता लाने वाला होगा, विद्यार्थियों को उनकी मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए बुध सप्तम व दशम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार धनु राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर बेहद ही शुभ फल देने वाला होगा फलस्वरूप कार्यक्षेत्र का विस्तार, नौकरी में उन्नति, मित्रों से लाभ, पिता का सहयोग व मन में प्रसन्नता का अनुभव आदि शुभ फल प्राप्त होंगे, कोरोना के कारण जिनकी नौकरी चली गयी थी उन्हें नौकरी के नए अवसर प्राप्त होंगे, आय में वृद्धि होगी, दाम्पत्य जीवन में चले आ रहे विवाद समाप्त होंगे, प्रेमियों के मध्य प्रेम में प्रगाढ़ता आएगी, विद्यार्थियों के लिए बुध का यह गोचर सामान्य फल देगा, अत्यधिक परिश्रम करने पर बड़ी सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए षष्ठ और नवम भाव के स्वामी होकर षष्ठ भाव से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मकर राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर सामान्य फल देने वाला होगा फलस्वरूप भाग्य की शक्ति व चतुराई युक्त युति के द्वारा शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे व्यक्तियों को उनकी मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, जिनको स्वास्थ्य की समस्या लम्बे समय से चली आ रही थी उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा, गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें व अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें अन्यथा आपके गुप्त शत्रु आप पर हावी होने का पूर्ण प्रयास करेंगे, प्रेमियों के मध्य तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी, विद्यार्थियों के लिए बुध का यह गोचर शुभफलदाई रहेगा।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए बुध पंचम व अष्टम भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार कुंभ राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर सामान्यतः शुभ फल देने वाला होगा फलस्वरूप जो लोग ज्योतिष, बैंकिंग, फाइनेंस एल.आई.सी., टीचिंग व दूरसंचार माध्यम आदि से जुड़े हुए हैं उनके लिए बुध का यह गोचर उन्नतिकारक होगा, संतान को किसी प्रकार का कष्ट संभव है, प्रेमियों के लिए यह समय मिला-जुला रहेगा, विद्यार्थियों को कुछ नया सीखने को मिलेगा जिसमें वो रुचि भी लेंगे, धर्म-आध्यात्म की ओर झुकाव बढेगा, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार मिल सकता है, किसी अप्रिय घटना घटित होने की संभावना रहेगी।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए बुध चतुर्थ व सप्तम भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मीन राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर सामान्यतः शुभ फल देने वाला होगा फलस्वरूप दाम्पत्य जीवन में चले आ रहे विवाद समाप्त होंगे, नौकरी में उन्नति होगी, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं से प्रस्ताव आ सकता है, जो लोग प्रेम विवाह करना चाहते हैं उनके लिए भी यह गोचर शुभ रहेगा, कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा व आय में वृद्धि होगी, घर में किसी महिला मेहमान के आने की संभावना रहेगी।

जय श्री राम।

 

Astrologer:- Pooshark Jetly

 

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ग्रह दोष और वास्तु दोष को दूर करते हैं यह 5 पौधे–Astrology Sutras

ग्रह दोष और वास्तु दोष को दूर करते हैं यह 5 पौधे–Astrology Sutras

 

ग्रह दोष और वास्तु दोष दूर करते हैं यह 5 पौधे
ग्रह दोष और वास्तु दोष दूर करते हैं यह 5 पौधे

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार वास्तु शास्त्र में पौधों का विशेष महत्व है आज हम आप सभी को 5 ऐसे पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें लगाने से वास्तु दोष व ग्रह दोष दोनों दूर हो जाते हैं तो चलिए जानते हैं उन पौधों के बारे में:-

 

पारिजात:-

 

पारिजात
पारिजात

 

धर्म शास्त्रों में भी पारिजात पौधे के महत्व का विस्तृत वर्णन है अनेक धर्म-शास्त्रों के अनुसार पारिजात वृक्ष को मनोकामना पूर्ति वाला वृक्ष बताया गया है वास्तु शास्त्र के अनुसार पारिजात का पौधा घर में लगाने से सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है व घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है जो भी व्यक्ति पारिजात के पौधे को नित्य जल व पुष्प अर्पित करते हैं उन्हें धन की कभी कमी नही होती व उनका जीवन सुखदाई रहता है।

 

तुलसी:-

 

तुलसी
तुलसी

 

धर्म-शास्त्रों में तुलसी का भी विशेष महत्व बताया गया है वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी का वृक्ष लगाने से ग्रह दोष व वास्तु दोष स्वतः ही नष्ट हो जाते हैं तथा घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है साथ ही जो व्यक्ति नित्य प्रातः बेला व सूर्यास्त के समय तुलसी वृक्ष को जल, पुष्प व दीप अर्पित करते हैं उन पर माता लक्ष्मी की असीम कृपा रहती है।

 

शमी:-

 

शमी
शमी

 

शमी वृक्ष को लेकर अनेक लोगों के मन में भ्रामक स्थितियाँ देखने को मिलती है कारण शमी वृक्ष के देवता शनि देव होते हैं किंतु यह कहना कि शमी वृक्ष घर में नही लगाना चाहिए सर्वथा अनुचित है वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि घर के मुख्य द्वार के बाईं तरफ़ शमी वृक्ष लगाकर नित्य जल, पुष्प व सरसों के तेल का दीपक अर्पित किया जाए तो व्यक्ति पर शनि देव की विशेष कृपा रहती है तथा घर में नकारात्म ऊर्जा प्रवेश नही कर पाती है।

 

आंवला:-

 

आंवला
आंवला

 

वास्तु शास्त्र में आंवले के वृक्ष को भी अत्यंत शुभ माना गया है धर्म-शास्त्रों के अनुसार आंवले के वृक्ष में देवी-देवताओं का वास होता है धर्म-शास्त्रों के अनुसार आंवला वृक्ष विष्णु जी को अति प्रिय है इस वृक्ष को यदि घर में लगाकर नित्य इनकी पूजा की जाए तो व्यक्ति पर विष्णु जी की असीम कृपा बनी रहती है तथा घर में कभी धन की कमी नही होती है।

 

मनी प्लांट:-

 

मनी प्लांट
मनी प्लांट

 

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के दक्षिण-पूर्व दिशा में मनी प्लांट लगाना चाहिए यह जितनी तेजी से बढ़ा होता है घर में उतनी ही तीव्रता से सुख व समृद्धि की भी वृद्धि होती है साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का सदैव ही वास रहता है तथा घर के मुखिया की चिंताओं में कमी आती है।

 

जय श्री राम।

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गुरु वक्री 2 जुलाई 2021 जानें विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

गुरु वक्री 2 जुलाई 2021 जानें विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

 

गुरु कुंभ राशि में वक्री
गुरु कुंभ राशि में वक्री

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार वैदिक ज्योतिष में गुरु को सबसे शुभ ग्रह माना गया गुरु विवाह, संतान व धन, भाग्य का कारक माना गया है गुरु एक राशि में 13 माह तक गोचर करते हैं “ऋषिकेश पंचांग” के अनुसार देव गुरु बृहस्पति 2 जुलाई 2021 को दिन के ०८:२३ पर वक्री अवास्था में गोचर करना आरंभ कर देंगे और 10 अक्टूबर 2021 को मध्य रात्रि ०३:०३ पर पुनः मार्गी हो जाएंगे इस प्रकार गुरु 3 माह 8 दिवस तक वक्री अवस्था में गोचर करेंगे तो चलिए जानते हैं गुरु के वक्री अवास्था से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए गुरु नवम व द्वादश भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से वक्री अवस्था गोचर करेंगे फलस्वरूप यात्राओं व परिवार पर धन व्यय होगा, घर के किसी बुजुर्ग सदस्य के स्वास्थ्य की समस्या चिंता का कारण बन सकती है, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा, जिन व्यक्तियों की शिक्षा में किसी कारण वश रुकावटें आ गईं थी उनकी शिक्षा पुनः आरंभ होगी, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, आय में मामूली वृद्धि होगी, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, भाई-बहन से अनेक अवसर पर विवाद हो सकते हैं, जिन व्यक्तियों का विवाह हो गया है व संतान की चाह रखते हैं उन्हें संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, पार्टनरशिप में किसी कार्य को आरंभ करने से बचें।

 

उपाय:- नित्य गाय को केला खिलाएं।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए गुरु अष्टम व एकादश भाव के स्वामी होकर दशम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप कारोबार के क्षेत्र में कुछ झंझटों के साथ सफलता प्राप्त होगी, पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, यदि आपको हिर्दय या रक्त से संबंधित कोई समस्या हो तो अपने स्वास्थ्य के प्रति पूर्णतया सतर्क रहें, घर में किसी मेहमान के आगमन की संभावना रहेगी, यदि आप घर खरीदने का विचार कर रहे हैं तो अगस्त के मध्य भाग से सितंबर माह के मध्य भाग तक का समय आपके लिए बेहद शुभ रहेगा किंतु इस दौरान आपके माता जी के स्वभाव में कुछ तेजी रह सकती है, गुरु के वक्री अवस्था के दौरान सोच-विचार कर ही कोई निर्णय लेना आपके लिए उचित रहेगा, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।

 

उपाय:- विष्णु सहस्त्रनाम का नित्य पाठ करें।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए गुरु सप्तम व दशम भाव के स्वामी होकर नवम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप भाग्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, गुरु के वक्री अवस्था के दौरान आप धर्म का उचित रूप से पालन नही कर सकेंगे, बुद्धि व विवेक द्वारा लिए गए निर्णयों से लाभ मिलेगा किंतु आवेश में आने से बचें, स्वास्थ्य सामान्यतः ठीक रहेगा फिर भी स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहें व वाहन सावधानी से चलाएं, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, दाम्पत्य जीवन भी अधिकांश ठीक रहेगा किंतु किसी तीसरे व्यक्ति की बातों में आने से बचें, खान-पान का विशेष ख्याल रखें अन्यथा वजन बढ़ने की संभावना रहेगी जिस कारण से पैरों में दर्द की शिकायत रह सकती है।

 

उपाय:- नित्य गाय को आटे में हल्दी डालकर खिलाएं।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए गुरु षष्ठ व नवम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति पूर्णतया सतर्क रहना चाहिए, अत्यधिक चिकनाई व मिर्च-मसाले वाले भोजन से परहेज करें, जिन व्यक्तियों को हिर्दय या रक्त से संबंधित कोई समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्क रहें, गर्भवती महिलाओं को भी इस दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए, कार्य क्षेत्र में विपरीत परिस्थियों का सामना करना पड़ सकता है किंतु धैर्य व संयम रखने से आय वृद्धि के योग बनेंगे, घर के बुजुर्गों, संतान व पिता पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, घर में किसी मेहमान के आगमन की संभावना रहेगी।

 

उपाय:- नित्य सुंदरकांड का पाठ करें।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए गुरु पंचम व अष्टम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः गुरु के वक्री अवस्था से गोचर आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहना चाहिए हालांकि गुरु की लग्न पर दृष्टि रहने से कोई गंभीर समस्या नही होगी किंतु यदि आपको हिर्दय या रक्त या किडनी से संबंधित कोई समस्या है तो आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्कता बरतनी चाहिए, दाम्पत्य जीवन में कलह पूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, अकास्मिक धन लाभ के योग बनेंगे, नवदम्पत्तियों को संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, बातों को दिल पर लेने से बचें।

 

उपाय:- गुरुवार के दिन हल्दी की गाँठ दाहिने हाथ की भुजा पर बांधें।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए गुरु चतुर्थ व सप्तम भाव के स्वामी होकर षष्ठ भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप स्थान परिवर्तन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, तनाव लेने से बचें, गुरु के वक्री अवस्था से गोचर के दौरान आपकी सेहत थोड़ी नाजुक रह सकती है अतः खान-पान का विशेष ख्याल रखें, परिवार व बुजुर्गों पर धन व्यय हो सकता है, अचानक किसी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, आय में वृद्धि होगी, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, किसी उच्चाधिकारी या श्रेष्ठ जन की कृपा प्राप्त होगी, कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा किंतु अनेक अवसर पर बाधाएं भी उत्पन्न होंगी।

 

उपाय:- नित्य सुंदरकांड का पाठ करें।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए गुरु तृतीय व षष्ठ भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप यात्राओं के योग बनेंगे, इस दौरान गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण सतर्क रहना चाहिए, संतान को कष्ट संभव है, आय में वृद्धि होगी व भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, बड़े भाई-बहन व पिता की उन्नति होगी, विद्यार्थियों के लिए गुरु का वक्री होना मिला-जुला फल देगा जिस कारण से शिक्षा में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न हो सकता है, प्रेमियों के मध्य विवादपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी, जो लोग टीचिंग, बैंकिंग, ज्योतिष, शिक्षा से जुड़ी वस्तुएं आदि क्षेत्र से जुड़ा हुआ कार्य करते हैं उनके लिए गुरु का वक्री होना शुभफलदाई रहेगा, धर्म-आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी, पिता के स्वास्थ्य में समस्या रह सकती है अतः उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

 

उपाय:- प्रत्येक गुरुवार के दिन गाय को चने की दाल भीगाकर खिलाएं।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु दूसरे व पंचम भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः संतान के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, बुद्धि व विवेक द्वारा उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे, कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा, कार्य के सिलसिले से यात्रा संभव रहेगी, स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, यात्राओं पर धन व्यय होगा, गुरु के वक्री होने के कारण से आपके स्वास्थ्य में कुछ हल्का उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, चिकनाई व मिर्च-मसाले वाले पदार्थों से परहेज करें, धर्म-आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी व इनसे जुड़े कार्य करने वाले व्यक्तियों को उन्नति के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे।

 

उपाय:- प्रत्येक गुरुवार विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए गुरु प्रथम भाव अर्थात लग्न व चतुर्थ भाव के स्वामी होकर तृतीय भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप यात्राओं के योग बनेंगे, गुरु के वक्री अवस्था से गोचर के दौरान माता के स्वास्थ्य में कुछ समस्या संभव है, घर में खुशियों का माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा, गुरु के वक्री गोचरकाल में आपके स्वास्थ्य में कुछ सुधार होगा फिर भी अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें, लंबे समय से चली आ रही बीमारियों से राहत अनुभव होगी, मन प्रसन्न रहेगा किंतु व्यय की अधिकता के कारण से चिंता बनी रहेगी।

 

उपाय:- प्रत्येक गुरुवार गुरु मंत्र का 108 की संख्या में जप करें।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए गुरु तृतीय व द्वादश भाव के स्वामी होकर द्वितीय भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप व्यय में वृद्धि होगी व यात्राओं के योग बनेंगे, स्थान परिवर्तन की संभावना रहेगी, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, छोटे भाई-बहन की उन्नति होगी, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आएगी, बेरोजगारों को नौकरी के अवसर प्राप्त हो सकते हैं, नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे।

 

उपाय:- प्रत्येक गुरुवार गाय को केला खिलाएं।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए गुरु द्वितीय व एकादश भाव के स्वामी होकर आपके प्रथम भाव अर्थात लग्न से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे फलस्वरूप स्वास्थ्य अच्छा रहेगा किंतु धन के कारणों से मन में कुछ चिंता बनी रहेगी, तनाव लेने से बचें, आय में वृद्धि व उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे जिनका लाभ आपको निकट भविष्य में अवश्य ही प्राप्त होगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह हेतु कहीं बात चल सकती है, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें, संतान की उन्नति होगी, भाग्य का सहयोग प्राप्त होता रहेगा किंतु मन में किसी प्रकार की चिंता बनी रहेगी जिस कारण से आप गुरु के वक्री गोचरकाल में उन्नति हेतु कुछ अधिक ही प्रयासरत रहेंगे, कभी-कभी अत्यधिक तनावपूर्ण माहौल उत्पन्न हो सकता है अतः नित्य कुछ देर ध्यान करें जिससे आपका मन शांत रह सके।

 

उपाय:- नित्य सुंदरकांड का पाठ करें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए गुरु प्रथम भाव अर्थात लग्न व दशम भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः इस दौरान आप व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें व खर्चों पर नियंत्रण रखें, यात्राएं, परिवार व बुजुर्गों पर धन व्यय होने के योग बनेंगे, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी फिर भी मन में किसी प्रकार की चिंता बनी रहेगी, माता के स्वास्थ्य में लाभ होगा, किसी मेहमान के घर आगमन की संभावना रहेगी, स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहें व चिकनाई और मिर्च-मसाले वाले व्यंजनों से परहेज करें, तनाव लेने से बचें, धर्म-आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी व इनसे जुड़े कार्य करने वाले व्यक्तियों की उन्नति होगी।

 

उपाय:- प्रत्येक गुरुवार मधुराष्टकं का पाठ करें।

 

जय श्री राम।

 

Astrologer:- Pooshark Jetly

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कन्या लग्न कुंडली के प्रथम, द्वितीय व तृतीय भाव में सूर्य का फल

कन्या लग्न कुंडली के प्रथम, द्वितीय व तृतीय भाव में सूर्य का फल

 

कन्या लग्न कुंडली के प्रथम, द्वितीय व तृतीय भाव में सूर्य का फल
कन्या लग्न कुंडली के प्रथम, द्वितीय व तृतीय भाव में सूर्य का फल

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी द्वारा लिखित यह ग्रह फल उनके स्वम् के अनुभव पर आधारित है यहाँ सिर्फ एक ही ग्रह के विभिन्न भावों में फल को बताया गया है अतः अन्य किसी ग्रह के युति व दृष्टि संबंध बनाने या नीचभंग राजयोग बनने से बताए गए फलों में कुछ बदलाव संभव रहेगा।

 

कन्या लग्न कुंडली के प्रथम भाव में सूर्य का फल:-

 

कन्या लग्न कुंडली के प्रथम भाव में सूर्य का फल
कन्या लग्न कुंडली के प्रथम भाव में सूर्य का फल

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार सूर्य के प्रथम भाव अर्थात लग्न (देह स्थान) पर मित्र बुध के स्वामित्व वाली कन्या राशि में स्थित होने के कारण से जातक/जातिका खर्चा अधिक करेंगे और जन्म स्थान के बाहर बड़ी भारी सफलता व मान-सम्मान और यश प्राप्त करेंगे किंतु सूर्य के व्ययेश होने के दोष के कारण से देह में दुर्बलता रहेगी और खर्च में कुछ परेशानी अनुभव होगी तथा सूर्य के सातवीं दृष्टि से सप्तम भाव स्त्री व रोजगार स्थान को मित्र गुरु के स्वामित्व वाली मीन राशि में देखने के कारण से जातक/जातिका को दाम्पत्य सुख में कुछ कमजोरी या परेशानी मिलेगी और रोजगार के मार्ग में कुछ हानि तथा कुछ कमी रहेगी।

 

कन्या लग्न कुंडली के द्वितीय भाव में सूर्य का फल:-

 

कन्या लग्न कुंडली के द्वितीय भाव में सूर्य का फल
कन्या लग्न कुंडली के द्वितीय भाव में सूर्य का फल

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार सूर्य के द्वितीय भाव धन व कुटुंब स्थान पर अपनी नीच राशि व शत्रु शुक्र के स्वामित्व वाली तुला राशि में स्थित होने के कारण से धन के कोष में भारी कमी और कष्ट के कारण जातक/जातिका को प्राप्त होंगे साथ ही सूर्य को व्ययेश व नीच राशि में होने दोनो का दोष होने से प्रवल दोष है अतः जातक/जातिका को धन व जन की हानि प्राप्त होगी और धन की शक्ति के लिए बाहरी स्थान का कुछ कमजोर संबंध प्राप्त होगा अर्थात अत्यधिक परिश्रम करने पर भी पूर्ण फल नही मिलेगा साथ ही दवाईयों व व्यर्थ की यात्राओं पर धन व्यय होगा और खर्च स्थान में कुछ परेशानी व कमजोरी प्राप्त होगी तथा सातवीं दृष्टि से सूर्य के अष्टम भाव आयु-मृत्यु व पुरातत्व स्थान को अपनी उच्च राशि व मित्र मंगल के स्वामित्व वाली मेष राशि में देखने के कारण से जातक/जातिका को जीवन में यश, प्रभाव और पुरातत्व शक्ति प्राप्त होगी।

 

कन्या लग्न कुंडली के तृतीय भाव में सूर्य का फल:-

 

कन्या लग्न कुंडली के तृतीय भाव में सूर्य का फल
कन्या लग्न कुंडली के तृतीय भाव में सूर्य का फल

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार सूर्य के तृतीय भाव भाई-बहन व पराक्रम स्थान पर अपने मित्र मंगल के स्वामित्व वाली वृश्चिक राशि में स्थित होने के कारण से जातक/जातिका पराक्रम शक्ति द्वारा खर्च का संचालन सुंदरता से करेंगे किंतु भाई-बहन के संबंधों में कमजोरी प्राप्त करेंगे और दैहिक पुरुषार्थ के स्थान में कुछ कमजोरी अनुभव करेंगे परंतु तृतीय भाव में गरम ग्रह बलवान हो जाता है इसलिए पुरुषार्थ शक्ति के संबंध में तथा खर्च के संबंध में बड़ी हिम्मत शक्ति प्राप्त होगी और सातवीं दृष्टि से सूर्य के नवम भाव भाग्य व धर्म स्थान को अपने शत्रु शुक्र के स्वामित्व वाली वृषभ राशि में देखने के कारण से जातक/जातिका को भाग्य स्थान में कुछ कमजोरी अनुभव होगी।

 

जय श्री राम।

 

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