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सिंह राशि 2026: जानिए अवसर-चुनौतियाँ व उपाय

सिंह राशि वालों के लिए वर्ष 2026 आत्मविश्वास और सफलताओं से भरा रहेगा तो वहीं नेतृत्व करने की क्षमता का भी विकास होगा किंतु शनि के कारण से घरेलू वातावरण में कुछ तनाव व कार्यक्षेत्र में भागा-दौड़ी का दौर भी जारी रहेगा, जनवरी माह में पदोन्नति/प्रमोशन के अच्छे योग बनते दिखते हैं और सहयोगियों का साथ भी प्राप्त होगा किंतु कभी-कभी मन में व्यथा संभव रहेगी और फरवरी माह में धनागमन में कुछ उतार-चढ़ाव के साथ स्थान परिवर्तन या यात्रा के योग बनेंगे तो वहीं संभव है कि परिवार में कुछ अशांति अनुभव होने से मन में चिंता बने या जीवनसाथी के स्वास्थ्य में थोड़ी परेशानी अनुभव हो सकती है, संतान के साथ व्यर्थ विवाद में से बचें व वाहन सावधानी से चलाएं, मार्च 2026 भी आपका सामान्य मिला-जुला रहने से थोड़ा सा भविष्य को लेकर चिंताएं मन में अनुभव हो सकती है, कार्यस्थल पर गंभीरता से विचार कर लिए गए निर्णयों से लाभ होगा 25 मार्च बाद से परिस्थितियों में थोड़ा सुधार संभव रहेगा फलस्वरूप अप्रैल माह में धनार्जन सामान्य से कुछ बेहतर रहने से मन में राहत सी अनुभव होगी एवं श्रेष्ठ लोगों के साथ संगति से सामाजिक व राजनैतिक जीवन में लाभ प्राप्त होगा एवं सफलता प्राप्ति हेतु मेहनत थोड़ी अधिक करनी पड़ेगी, स्वास्थ्य का थोड़ा ध्यान रखें व नित्य व्यायाम करें।

मई माह में उन्नति के रास्ते धीरे-धीरे खुलते जाएंगे और आपको सौम्य व्यवहार से लाभ प्राप्त होगा साथ ही अचानक धन लाभ होने खर्च-आय के बीच सामंजस्य बैठने से मन में भी कुछ राहत अनुभव होगी, वाणी पर विशेष नियंत्रण व अति उतावलापन का त्याग करने से आगे की उन्नति के मार्ग खुलेंगे, जून माह में विशेष किसी के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें अन्यथा बड़ी हानि संभव रहेगी और घरेलू वातावरण को लेकर भी थोड़ी चिंता सी मन में अनुभव हो सकती है, जुलाई माह कुछ राहत भरा रहेगा फिर भी जीवन में भागा-दौड़ी का दौर जारी रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें और भविष्य की योजनाओं का निर्माण करें यह माह आपके लिए परिश्रम से भरपूर रहने के कारण से किए गए प्रयासों से लाभ व आगे की उन्नति के रास्ते खुलेंगे तो वहीं अगस्त माह में भी धन का लाभ होने से मन में कुछ राहत व जीवन की दैनिक दिनचर्या में प्रभाव बनाने में सफल रहेंगे लेकिन कार्यस्थल पर बीच-बीच में कुछ संघर्षपूर्ण परिस्थिति का यदा-कदा सामना करना पड़ सकता है जहाँ आपके धैर्य व संयम के साथ अच्छे से विचार कर लिए गए निर्णयों से ही लाभ संभव रहेगा, सितंबर माह में उथल-पुथल देखने को मिल सकती है और कार्य की अधिक व्यस्तता के कारण से देह/शरीर में थकान, दैनिक दिनचर्या में असुविधा व नींद और भूख और गैस से थोड़ी दिक्कत भी इस माह में परेशान कर सकती है, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें और कहीं भी हल्की सी लापरवाही करने से बचें अन्यथा बड़ी हानि संभव रहेगी।

अक्टूबर माह में आप सामाजिक व राजनैतिक प्रभाव बनाये रखने में सफल रहेंगे और कुछ धन का लाभ अचानक होने से आय-व्यय में थोड़ी समानता आने से मन में राहत अनुभव होगी और दैवीय सहयोग प्राप्त होने से कार्यक्षेत्र में सफलता एवं समाज में यश की वृद्धि होगी, यह समय भूमि-बांड-SIP में निवेश के लिए भी अच्छा रहेगा, हालांकि नवंबर माह में पुनः एक बार थोड़ा उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है और किसी पड़ोसी से मन-मुटाव की संभावना रहेगी, चुगल-खोरी, चोर भय, मातृ विरोध व धन हानि इस माह में संभव रहेगी, क्रोध एवं आलस्य का त्याग करें और व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, दिसंबर माह में गंभीरतापूर्वक हर मामले को जाँच-परख कर लिए गए निर्णयों से लाभ संभव है, कार्यक्षेत्र में कुछ अवरोध उत्पन्न होने की संभावना है हालांकि आपका आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा और प्रयास से सफलता भी प्राप्त होगी और माह अंत मे दैवीय सहायता प्राप्त होने से मन में कुछ शांति अनुभव होगी एवं कार्यक्षेत्र में सफलता एवं उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे।

वर्ष 2026 के इन अशुभ तिथियों में रखें विशेष ध्यान

जनवरी:- 3, 4, 8, 12, 13, 15 व 23।
फरवरी:- 1, 4, 10, 15, 20 व 28।
मार्च:- 3, 8, 9, 13, 23 व 25।
अप्रैल:- 6, 8, 19, 28 व 29।
मई:- 7, 6, 8, 9, 12, 24, 26 व 29।
जुलाई:- 7, 9, 15, 24, 27 व 29।
अगस्त:- 2, 7, 10, 16, 25, 26 व 30।
अक्टूबर:- 3, 5, 8, 13, 21 व 30।
नवंबर:- 21, 28, 29 व 30।
दिसंबर:- 4, 8, 11, 21, 25, 27 व 30।

वर्ष 2026 के इन शुभ दिन करें नए कार्य की शुरुवात

फरवरी:- 15, 18 व 21।
अप्रैल:- 7, 9 व 21।
जून:- 3, 5, 7, 9, 10, 12, 22 व 27।
सितंबर:- 2, 6, 22, 24 व 30।

उपाय

1. नित्य हनुमान जी को किशमिश का भोग और घी का दीपक अर्पित कर के संकटमोचन हनुमाष्टक व हनुमान चालीसा का पाठ करें।
2. नित्य गाय को रोटी व गुड़ खिलाएं।
3. अमावस्या व शनिवार के दिन किसी भिखारी को नमकीन दान करें।

जय श्री राम।

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कर्क राशि 2026: अवसर चुनौतियाँ व उपाय

कर्क राशि वालों के लिए वर्ष 2026 परिवर्तनकारी सिद्ध होगा जहाँ वर्ष की शुरुवात में गुरु का द्वादश भाव से गोचर कुछ नए परिवर्तन का सूचक रहेगी तो वर्ष के मध्य भाग में गुरु का कर्क राशि से गोचर निश्चय ही भाग्य की वृद्धि करने वाला रहेगा तो वहीं छठे भाव से चार ग्रहों का गोचर कुछ नए अवसर प्रदान करने वाला रहेगा, जनवरी से मार्च का समय ग्रह किसी नए कार्य के आरंभ को दर्शाता है और थोड़ा बुद्धि-विवेक द्वारा लिए गए निर्णय से जटिल समस्याओं का भी समाधान निकालने में सफल रहेंगे व मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और किसी वरिष्ठ व्यक्ति के संपर्क में आने से आगे की उन्नति के रास्ते खुलेंगे, यह समय तीर्थाटन के लिए भी उत्तम रहेगा और कारोबार के क्षेत्र में कुछ प्रयास से सफलता प्राप्त होगी एवं जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी और चंद्र का प्रभाव विशेष होने के कारण से मन का सुख कुछ-कुछ समय पर बदलता रहेगा फिर भी किसी महत्वपूर्ण कार्य के बनने से आत्मबल में वृद्धि होगी, अप्रैल के माह में सूझ-बूझ के साथ निर्णय लेने से लाभ होगा क्योंकि इस समय ग्रहों का अधिक सहयोग प्राप्त होता नही दिखता, कारोबार के क्षेत्र में किसी अनजान व्यक्ति की सलाह लेने और किसी पर भी अधिक विश्वास करने से बचें व किसी भी अंतिम निर्णय पर जाने से पहले अच्छे से विचार-विमर्श अवश्य करें।

मई के माह में पूर्व के किए गए प्रयास सार्थक सिद्ध होंगे एवं घर में किसी मेहमान के आगमन से घर का माहौल भी खुशनुमा बना रहेगा और मन के अंदर किसी नई योजना को लेकर उमंग बना रहेगा और कार्यक्षेत्र में बदलाव या स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे साथ ही विद्यार्थी वर्ग को भी इस माह कुछ विशेष प्रयास करना पड़ेगा, जून के माह में भाग्य का सहयोग प्राप्त होने पर भी मन के अंदर किसी न किसी प्रकार का असंतोष बना रहेगा और कुछ कठिन प्रयास से कार्यक्षेत्र में उन्नति प्राप्त होगी एवं यात्राओं के योग भी बनेंगे, इस माह खर्चों में आकस्मिक वृद्धि देखने को मिल सकती है, अनावश्यक खर्चों को टालने का प्रयास करें, जलाई से सितंबर के मध्य धैर्य, गंभीरता एवं सहनशीलता के रहने पर व्यापारिक स्थिति में लाभ प्राप्त होगा और परिवार का सहयोग भी प्राप्त होगा साथ ही धर्म में रुचि भी बढ़ेगी और नए वस्त्र-आभूषण पर धन ख़र्च के योग बनेंगे साथ ही अच्छे लोगों की संगति के कारण से मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और मनचाही जगह घूमने का भी अवसर प्राप्त होगा किंतु सितंबर मध्य भाग के बाद ग्रह प्रभाव थोड़ा कमजोर रहने के कारण से अचानक संभव है कि किसी बनते हुए कार्य में रुकावट आए जिसमें धैर्य से काम लेने पर सफलता प्राप्त होगी तो अक्टूबर माह में आप किसी नए कार्य को शुरू करने को लेकर आप थोड़ा उत्सुक रह सकते हैं और मन के अंदर भी कुछ सुख व संतोष की वृद्धि संभव रहेगी एवं शत्रुओं पर भी प्रभाव बनेगा फिर भी मन के अंदर कोई डर सा कभी-कभी अनुभव हो सकता है।

कर्क राशिफल 2026

नवंबर माह व्यापारी वर्ग व सरकारी नौकरी करने वालों के लिए अच्छा रहेगा इस समय आत्मविश्वास में काफी वृद्धि देखने को मिल सकती है और कार्यक्षेत्र में प्रशंसा भी होगी तो दिसंबर 2026 में कर्क राशि वाले व्यक्ति अत्यधिक व्यस्त रह सकते हैं जिस कारण से उनकी दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित होगी और किसी अजनबी व्यक्ति से मुलाकात भी संभव रहेगी एवं भौतिकवादी वस्तुओं को क्रय करने में धन अधिक खर्च होगा।

वर्ष 2026 के इन अशुभ तिथियों पर रखें विशेष ध्यान

जनवरी:- 2, 5, 8, 9, 12, 13, 14, 20 व 23।
फरवरी:- 1, 7, 8, 9, 10, 19, 20 व 27।
मार्च:- 8, 9, 10, 18, 23 व 26।
अप्रैल:- 3, 6, 9, 11, 19, 21, 29 व 30।
जून:- 3, 5, 8, 9, 11, 23, 27 व 30।
जुलाई:- 2, 5, 7, 12, 16 व 28।
सितंबर:- 3, 6, 9, 11, 27 व 30।
अक्टूबर:- 5, 7, 14, 20, 25 व 30।
नवंबर:- 4, 8, 12, 22 व 29।
दिसंबर:- 2, 8, 16, 18, 24, 27 व 28।

वर्ष 2026 के शुभ दिन करे नए कार्य की शुरुवात

मार्च:- 22, 24, 25, 28 व 29।
मई:- 2, 5, 7, 11, 15, 17, 19, 23 व 30।
अगस्त:- 3, 6, 9, 18, 19, 20, 23 व 30।

उपाय

1. नित्य विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और विष्णु जी को पीले मीठे का भोग एवं घी का दीपक अर्पित करें।
2. प्रदोष व्रत करें।
3. पूर्णिमा के दिन किसी महिला को खीर का दान करें।

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मिथुन राशि 2026: जानिए अवसर चुनौतियाँ व उपाय

मिथुन राशि वालों के लिए वर्ष 2026 ऊर्जावान और परिवर्तनकारी रहेगा जहाँ वर्ष के आरंभ में गुरु का आपकी राशि से गोचर और वर्ष के मध्य में धन स्थान में उच्च राशि से गोचर निश्चय ही कार्यक्षेत्र में नए अवसर व आय में वृद्धि के माध्यम बनाएगा तो भाग्य स्थान से शनि व राहु का संबंध भी जीवन में भागा-दौड़ी बनाए रखेंगे किंतु यदि पूर्व नियोजित तरह से कार्य को कुछ गुप्त युक्तियों द्वारा किया जाए तो शनि-राहु के काफी सकारात्मक प्रभाव मिलने से राहत अनुभव होगी, व्यय भाव से चंद्र का गोचर मन में अनेक विचारों के आदान-प्रदान का सूचक है अतः आपका इस वर्ष मन स्थिर नही रहेगा और कभी-कभी खर्च की अधिकता काफी बढ़ जाने से मन में खर्च संचालन को लेकर चिंता बन सकती है तो कभी ज्वर या कफ प्रकृति से जुड़ी समस्या बन सकती है कुल मिलाकर धनेश का व्यय भाव में उच्च राशि में होना वर्ष भर खर्च की अधिकता व यात्राओं के योग को दर्शाता है, जनवरी माह में आपकी सक्रियता समाज में बढ़ती हुई दिखेगी साथ ही स्वास्थ्य भी पहले के मुताबिक और स्वस्थ रहेगा एवं सत्कर्म द्वारा मानसिक शांति एवं लाभ प्राप्त होगा, फरवरी माह में संभव है कि व्यावसायिक क्षेत्र में पुराने किसी मित्र का सहयोग प्राप्त हो साथ ही परिवार में भी किसी शुभ समाचार के प्राप्त होने से मन में प्रसन्नता अनुभव होगी, विद्यार्थी वर्ग के लिए यह माह काफी अच्छा रहेगा, मार्च माह में भी भाग्य का सहयोग प्राप्त होने से कारोबार वृद्धि के लिए किए गए प्रयास सफल होंगे व बेरोजगारों को नौकरी भी प्राप्त होगी और खान-पान का ध्यान रखें व नित्य व्यायाम करें।

अप्रैल व मई का माह मिथुन राशि वालों के लिए थोड़ा मिला-जुला सा रहने की संभावना दिखती है जिसमें चंद्र के विशेष तौर पर पीड़ित रहने के कारण से मन में चिंता व खर्चों में आकस्मिक वृद्धि संभव रहेगी, किसी कर्ज को लेने से पहले थोड़ा विचार करना अधिक शुभ रहेगा, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें, विद्यार्थी वर्ग के लिए भी यह समय थोड़ा मन की स्थिरता में कमी लिए हुए हो सकता है और कार्यक्षेत्र में भी किसी उलझन के कारण से मन में अशांति संभव है, परिवार में महिलाओं एवं सरकारी कर्मचारियों के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, मई के अंतिम सप्ताह से कुछ राहत धीरे-धीरे मिलने से मन हल्का सा स्थिर होगा व स्वास्थ्य में भी सुधार होने से देह में कुछ स्फूर्ति बनेगी, जून के माह में विद्यार्थी वर्ग को कुछ कड़े परिश्रम से सफलता प्राप्त होने के योग बनते हैं, किसी व्यक्ति विशेष का सहयोग संभव है, इस माह में आपके किये गए प्रयासों द्वारा आपको समाज में यश प्राप्त होगा फिर भी स्वास्थ्य को लेकर कभी-कभी चिंता भी अनुभव होती रहेगी, जुलाई माह में आपके जीवन में व्यस्तता अधिक रहने के कारण से अंदरूनी रूप से थकान अनुभव होगी साथ ही धैर्य व संयम के लिए गए फैसलों से लाभ होगा, किसी उच्च वर्ग के अधिकारी या सरकारी कर्मचारी के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचिए।

मिथुन राशिफल 2026

अगस्त से अक्टूबर माह के समय ग्रह स्थिति शुभ रहने से जीवन में बदलाव का एक दौर शुरू होगा साथ ही आपके व्यक्तित्व में भी परिवर्तन आएगा और आपके अंदर उत्साह एवं विश्वास दोनों बने रहने से जीवन की दैनिक दिनचर्या में भी प्रभाव बनाने में सफल रहेंगे, खान-पान का थोड़ा ध्यान रखें हालांकि स्वास्थ्य से जुड़ी कोई विशेष दिक्कत इस समय कम ही दिखती है किंतु जीवनसाथी या परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव सा बना रह सकता है, शत्रुओं पर चतुराई के साथ लिए गए फैसलों से लाभ होगा तथा आत्मबल में वृद्धि होगी, संभव है कि किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव हो या किसी यात्रा पर निकलने का प्लान बने, अपने आचरण की पवित्रता बनाये रखने से समाज में यश की वृद्धि होगी, नवंबर व दिसंबर के माह में ग्रह स्थिति बहुत शुभ न रहने के कारण से आर्थिक स्थिति व धनागमन को लेकर थोड़ी चिंता अनुभव हो सकती है या खर्चों में आकस्मिक वृद्धि के कारण से खर्च संचालन को लेकर कुछ चिंता सी अनुभव हो सकती है, संतान व परिवार के सदस्यों के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें व वाहन सावधानी से चलाएं, धैर्य व गंभीरता पूर्वक विचार कर लिए गए निर्णयों से लाभ संभव रहेगा, कार्यक्षेत्र में भी कुछ व्यवधान या बाधा संभव है अतः लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचिए, माह के अंतिम भाग से कुछ राहत मिलने व यात्रा के योग बनते हैं।

वर्ष 2026 के इन अशुभ तिथियों पर रखें विशेष ध्यान

जनवरी:- 5, 7, 8, 15, 16, 24, 25 व 26।
फरवरी:- 8, 9, 10, 12, 14, 18 व 19।
मार्च:- 2, 3, 5, 12, 13, 14, 21 व 22।
अप्रैल:- 4, 6, 8, 12, 14 व 17।
मई:- 3, 5, 8, 11, 13, 16 व 26।
जून:- 2, 5, 10, 14, 17, 19 व 21।
जुलाई:- 3, 7, 16, 23 व 28।
अगस्त:- 7, 9, 12, 14, 16, 18, 22, 23, 26 व 29।
अक्टूबर:- 3, 5, 7, 11, 14, 21 व 30।
नवंबर:- 2, 5, 10, 13, 15, 18, 21, 24 व 29।

वर्ष 2026 के शुभ दिन करें नए कार्य की शुरुवात

मई:- 2, 6, 9, 15, 17, 23 व 28।
जून:- 22, 24, 25, 27 व 30।
सितंबर:- 4, 6, 12, 16, 21 व 24।
दिसंबर:- 21, 22 व 30।

उपाय

1. नित्य गणेश जी को दूर्वा और घी का दीपक अर्पित कर के गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

2. संकष्टी और वैनायकी गणेश चतुर्थी व्रत भाग्य वृद्धि हेतु सहायक रहेगा।

3. शनिवार और अमावस्या के दिन किसी भिखारी को नमकीन दान करें और कुत्ते को पनीर खिलाएं।

जय श्री राम।

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जनवरी 2026 के प्रमुख व्रत-पर्व व त्यौहार

1 जनवरी 2026:- प्रदोष व्रत, अंग्रेजी नव वर्ष आरंभ।
2 जनवरी 2026:- मिथुन राशि के चंद्र दिन 08:42 पर, व्रत की पूर्णिमा, भद्रा शाम 06:12 से रात्रि शेष 05:08 तक।
3 जनवरी 2026:- स्नान-दान की पूर्णिमा, शाकम्भरी जयंती।
4 जनवरी 2026:- कर्क राशि के चंद्र दिन 11:35 पर।
5 जनवरी 2026:- भद्रा प्रारंभ रात्रि 11:56 पर, मूल प्रारंभ दिन 03:29 पर।
6 जनवरी 2026:- सिंह राशि के चंद्र दिन 03:49 पर, श्री संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत, बड़ी गणेश चौथ, चंद्रोदय रात्रि 08:35 पर (काशी), भद्रा समाप्ति दिन 11:18 पर, मूल।
7 जनवरी 2026:- मूल समाप्ति दिन 03:33 पर।
8 जनवरी 2026:- कन्या राशि के चंद्र रात्रि 10:19 पर, गदा योग।
9 जनवरी 2026:- भद्रा दिन 10:21 से रात्रि 10:44 तक।
10 जनवरी 2026:- श्री रामनंदाचार्य एवं स्वमी विवेकानंद जयंती।
11 जनवरी 2026:- तुला राशि के चंद्र दिन 07:16 पर।
12 जनवरी 2026:- भद्रा प्रारंभ रात्रि 02:53 पर।
13 जनवरी 2026:- वृश्चिक राशि के चंद्र शाम 06:17 पर, लोहड़ी पर्व (पंजाब), भद्रा समाप्ति 03:51 पर।
14 जनवरी 2026:- षट्तिला एकादशी व्रत सभी का, मकर राशि में सूर्य का प्रवेश, मकर संक्रांति, खरमास समाप्त, सूर्य उत्तरायण, शिशिर ऋतु प्रारंभ, पोंगल, बिहू, मूल प्रारंभ रात्रि शेष 04:01 पर।
15 जनवरी 2026:- धनु राशि के चंद्र रात्रि शेष 06:05 पर, तिल द्वादशी, मूल।
16 जनवरी 2026:- प्रदोष व्रत, भद्रा प्रारंभ रात्रि 10:10 से, मूल, मास शिवरात्रि।
17 जनवरी 2026:- भद्रा समाप्ति दिन 11:02 पर, मूल समाप्ति दिन 08:27 पर, बाबे लालू जी की पहली चोटी।
18 जनवरी 2026:- मकर राशि के चंद्र शाम 04:53 पर, स्नान-दान व श्राद्ध की अमावस्या, मौनी अमावस्या, काशी-प्रयाग मौन होकर स्नान करना चाहिए।
19 जनवरी 2026:- गुप्त नवरात्रि प्रारंभ।
20 जनवरी 2026:- कुंभ राशि के चंद्र व पंचक प्रारंभ रात्रि 10:30 पर।
21 जनवरी 2026:- गौरी तृतीया, पंचक।
22 जनवरी 2026:- वैनायकी गणेश चतुर्थी व्रत, भद्रा दिन 01:39 से रात्रि 01:17 तक, पंचक।
23 जनवरी 2026:- मीन राशि के चंद्र दिन 07:41 पर, बसंत पंचमी, श्री सरस्वती पूजन, श्री पंचमी, रतिकाम महोत्सव, वागेश्वरी जयंती, पंचक।
24 जनवरी 2026:- मूल प्रारंभ दिन 12:49 पर, पंचक, श्री बाबे लालू जी की दूसरी चोटी।
25 जनवरी 2026:- मेष राशि के चंद्र व पंचक समाप्ति दिन 11:47 पर, रथ सप्तमी, अचला सप्तमी, भद्रा प्रारंभ रात्रि 08:44 पर, मूल, श्री बाबे लालू जी की कढ़ाई।
26 जनवरी 2026:- भीमाष्टमी, भद्रा समाप्ति दिन 07:40 पर, मूल समाप्ति दिन 10:16 पर, भारतीय गणतंत्र दिवस।
27 जनवरी 2026:- वृषभ राशि के चंद्र दिन 02:30 पर, श्री हरसुब्रम्ह जयंती, महानन्दा नवमी।
28 जनवरी 2026:- सर्वार्थ सिद्धि योग, भद्रा प्रारंभ रात्रि 12:50 पर।
29 जनवरी 2026:- मिथुन राशि के चंद्र शाम 04:46 पर, जया एकादशी व्रत, भद्रा समाप्ति दिन 11:39 पर।
30 जनवरी 2026:- तिल द्वादशी, प्रदोष व्रत।
31 जनवरी 2026:- कर्क राशि के चंद्र रात्रि 07:30 पर, भद्रा प्रारंभ रात्रि शेष 05:19 पर, श्री बाबे लालू जी की तीसरी चोटी।

जय श्री राम।

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वर्ष 2026: देश के लिए चतुर्दिक विकास का एक अवसर

वर्ष 2026 के आरंभ मतलब 31 जनवरी की रात 12:00 बजे की कुंडली देखी जाए तो कन्या लग्न और वृषभ राशि व रोहिणी नक्षत्र के प्रथम चरण में वर्ष 2026 का प्रवेश होगा, वर्ष प्रवेश कुंडली “ऋषिकेश पंचांग” (काशी) के अनुसार लग्नेश बुध चतुर्थ भाव में शुक्र, मंगल व सूर्य के साथ स्थित रहेंगे प्रायः चार ग्रहों का एक स्थान पर होना अत्यंत शुभ होता है और इन ग्रहों के संबंध के अनुसार इस वर्ष देश में धर्म का विस्तार होगा और आमजन भी इस वर्ष देवता, गौ एवं ब्राह्मणों की सेवा में लगे रहेंगे किंतु प्रजा में कुछ दुर्जनों के कारण से महिला वर्ग कुछ चिंतित रहेंगी लेकिन गुरु की दृष्टि भी शुभ है अतः प्रशासन महिला सुरक्षा के लिए विशेष प्रयत्नशील रहेंगे, सुख भाव में चार ग्रहों का योग होने के और गुरु की स्वराशि दृष्टि होने के कारण से यह वर्ष भारत के लिए उन्नतिकारक सिद्ध होगा तथा दूसरे देशों से आयात-निर्यात में वृद्धि होने से आर्थिक स्थिति देश के विकास की गति भी अच्छी बनी रहेगी एवं भारत की कूटनीति एवं विदेश नीति भी मजबूत होगी साथ ही संभव है कि भारत विश्व पटल पर अग्रिम पटल में खड़ा नजर आएगा।

वर्ष प्रवेश कुंडली के षष्ठ भाव में राहु व शनि स्थित हैं जो शत्रुहंता योग बनाती है फलस्वरूप भारत का शत्रु राष्ट्रों पर प्रभाव बढ़ेगा और शत्रुगण परास्त होंगे किंतु षष्ठ भाव में राहु की स्थिति के कारण से भारत के विरुद्ध कुछ षड्यंत्र शत्रु देश द्वारा रचे जा सकते हैं हालांकि भारत गुप्त युक्ति व नीति द्वारा उचित उत्तर देने में सफल रहेगा और दवा के क्षेत्र में भी भारत इस वर्ष कुछ विशेष उपकरणों को खरीदने के साथ-साथ नए-नए शोधों में सफलता प्राप्त कर नई उपलब्धि प्राप्त करेगा, हालांकि शनि-राहु का रोग स्थान में संबंध किसी नए महामारी व विषाणु संक्रमण द्वारा जनमानस में रोग का कुछ भय प्रकट करने वाला रहेगा।

भारत की कर्क राशि है और राशि से षष्ठ स्थान पर चार ग्रह का योग एवं वर्ष प्रवेश कुंडली से चतुर्थ भाव में चार ग्रहों का योग निश्चय ही भारत के लिए आर्थिक उन्नति के अनेक नए अवसर व देश के चतुर्दिक विकास को सहायक रहेगा और देश की सुरक्षा भी अत्यंत सुदृढ़ होगी, शनि-राहु तथा मंगल के बीच त्रिएकादश योग बन रहा है जो विश्व पटल पर प्राकृतिक आपदा, आतंकवादी घटनाएं, दैवीय आपदाएं, तीव्र भूकम्प और आग से जान-माल की हानि, वाहन दुघर्टनाएं की संभावना भी बनती दिखती है तथा राजनीति पटल पर भी किसी वरिष्ठ नेता, राजनेता, कलाकार की स्वास्थ्य में बाधा या आयु पर संकट के योग भी बन रहे हैं, इस वर्ष रबी और खरीफ की फसलें सामान्य से अच्छी रहेंगी और सर्राफा बाजार में काफी तेजी देखने को मिलेगी किंतु शेयर मार्केट में अस्थिरता का दौर बना रहने से वर्ष के प्रथम मध्य भाग में विशेष भारी निवेश करना जोखिम भरा रह सकता है।

जय श्री राम।

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वृषभ राशि 2026: जानिए अवसर चुनौतियाँ व उपाय

वृषभ राशि वालों के लिए वर्ष 2026 मिश्रित फल देने वाला रहेगा जहाँ नए अवसरों के साथ अनेक चुनौतियाँ भी आएंगी, गुरु का मिथुन और कर्क राशि से गोचर निःसंदेह व्यवसाय में धनलाभ के योग को दर्शाता है साथ ही किसी संपत्ति के क्रय करने के भी योग बनेंगे और नौकरी पेशा वालों की पदोन्नति होने की अच्छी संभावना रहेगी साथ ही सहयोगियों का भी समर्थन प्राप्त होगा तो वहीं वजन पड़ने या पाचन क्रिया में कुछ दिक्कत की समस्या, तनाव, आकस्मिक धन खर्च में वृद्धि व घर के बड़े-बुजुर्ग या बच्चों की स्वास्थ्य को लेकर कुछ चिंता सी अनुभव हो सकती है, जनवरी माह में खर्चों में वृद्धि की संभावना दिखती है, किसी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, व्यापारियों व नौकरी पेशा लोगों की स्थिति में सुधार भी जनवरी के मध्य भाग से संभव रहेगा और यश की प्राप्ति होगी तो फरवरी माह में ग्रहों की शुभ स्थिति के कारण से धन लाभ व राजकीय व न्यायालय से जुड़े कार्यों में सफलता प्राप्त होगी एवं व्यापार में भी कुछ सुधार होगा किंतु विपरीत परिस्थितियों में धैर्य की परीक्षा भी रहेगी।

मार्च व अप्रैल माह में स्त्री से सुख व सहयोग प्राप्त होगा और धन लाभ के भी साधन बनेंगे और शत्रु पक्ष भी थोड़ा कमजोर बना रहेगा एवं वाणी की चतुराई से कार्य सिद्ध होंगे, विद्यार्थी वर्ग के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा और पारिवारिक कार्यों में भी सफलता प्राप्त होगी किंतु क्रोध की अधिकता या स्वाभिमान के वृद्धि के कारण से परिवार में क्षणिक तनाव भी संभव रहेगा, दूसरों के बीच अपनी लोकप्रियता बढ़ाने का यह अच्छा समय रहेगा और कुछ गुप्त युक्तियों के बल पर समाज में अच्छा मान प्राप्त होगा, मई व जून के महीने में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं जैसे अपच, बुखार, मानसिक चिंता, वाहन या पशु आदि से चोट की संभावना रहेगी तो परिवार के सदस्य से अचानक कलह होने से मन में अशांति अनुभव हो सकती है, व्यवसाय में परिवर्तन जून के मध्य भाग बाद करना शुभ रहेगा और जून माह के प्रथम सप्ताह बाद से ग्रह स्थिति शुभ होने से नए अवसर प्राप्त होंगे एवं परिवार के अंदर भी सुख के साधनों में वृद्धि होगी और किसी प्रकार का शुभ समाचार भी प्राप्त हो सकता है।

वृषभ राशिफल 2026
वृषभ राशिफल 2026

जुलाई व अगस्त माह में व्यापारिक क्षेत्र में किसी मित्र का सहयोग व मित्र के सहयोग से आर्थिक लाभ के योग बनेंगे, भूमि पर निवेश करने के लिए यह अच्छा समय रहेगा, संभव है कि इस समय आप पर कुछ अतिरिक्त कार्यभार भी रहे और आप किसी विशेष विषय पर लोगों का नेतृत्व कर सकते हैं, वरिष्ठ व्यक्तितियों की सलाह से लाभ सम्भव है फिर भी सामाजिक मान-प्रतिष्ठा प्राप्त करने हेतु कड़ा संघर्ष भी बना रहेगा, किसी भी प्रकार के आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें, सितंबर व अक्टूबर माह में विशेष उथल-पुथल देखने को मिल सकती है और अत्यधिक व्यस्तता व कार्यभार के कारण से शरीर व मन में थकान अनुभव हो सकती है, व्यर्थ की यात्राओं को टालने का प्रयास करें और किसी भी परिस्थिति में धैर्य बनाए रखें, मुकदमे वगैरह में भी यह माह साधारण रहेगा फिर भी शत्रुओ पर प्रभाव बना रहेगा, अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करने से बचें कुल मिलाकर सितंबर और अक्टूबर माह बहुत अच्छा नही है जिसमें क्लेश और मन को असंतोष के योग हैं अतः इस समय पर धैर्य व संयम के साथ लिए फैसले लाभकारी सिद्ध होंगे और गुप्त युक्तियों एवं बुद्धि-विवेक द्वारा लाभ प्राप्त होगा।

नवंबर माह से वृषभ राशि वालों को पुनः राहत मिलने लगेगी, परिवार के माहौल में सुख के साधन में वृद्धि होगी और आप भी कलात्मक कार्यों में रुचि लेंगे साथ ही किसी अनूठे कार्य की तरफ मन का खिंचाव भी संभव रहेगा साथ-साथ आपका आध्यात्मिक पक्ष भी मजबूत होगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी जिससे आर्थिक लाभ के योग बनेंगे, दिसंबर माह भी शुभ रहने से मन के अंदर कुछ स्थिरता अनुभव होगी व धन लाभ और किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, राजनीति क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों को विशेष लाभ होगा एवं शत्रु पक्ष कमजोर होंगे एवं वाणी की चतुराई द्वारा बड़ा मान प्राप्त होगा, अपनी दिनचर्या का ध्यान रखें।

वर्ष 2026 के इन अशुभ दिनों पर रखें विशेष ध्यान

जनवरी:- 2, 3, 7 8, 12, 13, 26 व 27।
फरवरी:- 1, 2, 3, 11, 12, 13, 24, 25, 26, 27 व 28।
मार्च:- 1, 2, 11, 12, 15 व 26।
मई:- 2, 4, 6, 8, 10, 13, 15 व 29।
जून:- 3, 6, 9, 10, 13 व 14।
जुलाई:- 2, 6, 8, 10 व 28।
अगस्त:- 10, 13, 16 व 30।
सितंबर:- 3, 6, 9, 12, 15, 18 व 28।
नवंबर:- 3, 6, 9, 11, 17, 23 व 27।
दिसंबर:- 6, 12, 18, 24, 26, 28 व 29।

वर्ष 2026 के शुभ दिन करें नए कार्य की शुरुवात

अप्रैल:- 12, 14, 15, 28 व 29।
जून:- 16, 18, 21, 26, 29 व 30।
अक्टूबर:- 2, 5, 11, 13, 16, 21, 23, 26 व 29।

उपाय विशेष

1. नित्य विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
2. प्रदोष व्रत करें।
3. मंगलवार के दिन गाय को रोटी-गुड़ खिलाएं।

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मेष राशि 2026: जानिए अवसर चुनौतियाँ व उपाय

वर्ष 2026 मेष राशि वाले व्यक्तियों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होगा क्योंकि गुरु का वर्ष भर मिथुन व कर्क राशि से गोचर भाग्य व आमदनी में वृद्धि के अवसर प्रदान करेगा तो शनि का द्वादश भाव से गोचर कुछ अधिक भागा-दौड़ी के साथ धन वृद्धि के एक नए अवसर भी लेकर आएगा, जनवरी से मार्च 2026 के दौरान आप खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे फिर भी राहु-चंद्र संबंध आपके लिए मन की अस्थिरता और व्यर्थ के तनाव के साथ मन में कुछ उलझनों को भी दर्शाती है जिस कारण से खुद के अंदर कहीं न कहीं कुछ कमजोरी सी अनुभव हो सकती है तो अप्रैल से जुलाई का समय भाग्यवर्धक रहेगा, अगस्त से दिसंबर के समय शनि का शुभ प्रभाव निश्चय ही करिअर उन्नति में सहायक सिद्ध रहेगा, जनवरी माह में उच्च वर्ग के किसी व्यक्ति का सहयोग प्राप्त हो सकता है साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ किसी नए कार्य के आरंभ व विस्तार के योग रहेंगे तो फरवरी माह में व्यापार की प्रगति एवं धन वृद्धि के अवसर प्राप्त होंगे साथ ही संभव है कि अचानक पिछले काफी समय से रुका कार्य पूर्ण होने की संभावनाएं बनती दिखें, स्थान परिवर्तन के योग भी फरवरी माह से अधिक मजबूत रहेंगे और जो व्यक्ति नौकरी परिवर्तन के प्रयास में लगे हैं उन्हें अच्छी नौकरी मिलने के योग रहेंगे।

मेष राशि वालों के लिए मार्च 2026 सामान्य रहने से इस माह स्वास्थ्य साधारण सा रह सकता है और विद्यार्थी वर्ग का भी शिक्षा से मन हटेगा और चंचलता, तनाव के कारण प्राप्त होंगे जिससे जीवन की दैनिक दिनचर्या भी बाधक रहेगी, अप्रैल माह में भी क्लेश, बिना मतलब झगड़े-झंझट व मन में बैर भावना के कारण से मन अशांत रहेगा लेकिन क्रोध और वाणी पर विशेष नियंत्रण रखने से अप्रैल माह में धन लाभ के योग बनेंगे साथ ही स्वास्थ्य भी कुछ उत्तम रहने से देह में स्फूर्ति बनी रहेगी, मई व जून के महीना पूर्वनियोजित/पहले से प्लान किये हुए कार्यों को करने का यह उत्तम समय रहेगा, कारोबार की वृद्धि हेतु किए गए प्रयास सफल होंगे और कार्य से जुड़ी यात्राएं भी इस समय संभव रहेगी और मन के अंदर स्फूर्ति एवं उत्साह बना रहेगा किंतु पेट और आँखों से जुड़ी समस्या भी कुछ परेशान कर सकती है, इस समय लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचना चाहिए और अपनी बातों को गुप्त रखना चाहिए साथ ही मन के अंदर हीन भावना यदि बने तो उसको रोकने का प्रयास करें, जुलाई व अगस्त का समय मेष राशि वाले व्यक्तियों के लिए अच्छा रहेगा जिसमें सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव बनाने में सफल रहेंगे और किसी दैवीय शक्ति के सहयोग से कार्य में सफलता प्राप्त होगी एवं मन के अंदर भी थोड़ा संतोष बनेगा और नए व्यवसाय का आरंभ या कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा, इन माह में परिवार के अंदर भी खुशनुमा माहौल रहने से मन प्रसन्न रहेगा और घर के अंदर मनोरंजन के साधन भी प्राप्त होंगे।

मेष राशिफल 2026
मेष राशिफल 2026

मेष राशि वाले व्यक्तियों के लिए सितंबर-अक्टूबर का समय मिला-जुला रहने से पारिवारिक उलझन और रोजगार के मार्ग में कुछ असंतोष बना रहेगा और व्यर्थ विवाद के कारण से कुछ हानि भी संभव रहेगी, इस समय पर यात्राओं को भी टालने का प्रयास करना चाहिए संभव है कि किसी विश्वसनीय द्वारा धोखा या रिश्तेदारों से कुछ तनाव भी इस समय बना रहे अतः इस समय धैर्य और संयम के साथ चलने से लाभ होगा और स्वास्थ्य लाभ हेतु व्यायाम अत्यंत शुभ रहेगा, नवंबर और दिसंबर के माह में पुनः मन में कुछ शांति अनुभव होगी साथ ही आप राजनैतिक प्रभाव बनाए रखने में सफल रहेंगे एवं दैवीय शक्ति के सहयोग से देह के अंदर स्फूर्ति व मन में उत्साह बना रहेगा और कार्यक्षेत्र में विस्तार होने के साथ-साथ आय में वृद्धि के भी साधन प्राप्त होंगे, दिसंबर के दूसरे भाग में खर्च में वृद्धि संभव है और विरोधियों से थोड़ी हानि की संभावना रहेगी अतः विरोधियों से सावधान रहें।

वर्ष 2026 के इन अशुभ दिनों पर रखें विशेष ध्यान

जनवरी:- 2, 3, 5, 9, 10, 11, 22, 29 व 30।
फरवरी:- 2, 3, 4, 2, 13, 25, 26, 27 व 28।
मई:- 7, 9, 12, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 27 व 29।
जुलाई:- 2, 4, 7, 10, 13, 15, 21, 24, 25 व 28।
अक्टूबर:- 3, 4, 7, 12, 16, 19, 21, 23, 27, 28 व 30।
नवंबर:- 2, 7, 8, 10, 15, 16, 18, 19, 21, 24, 27 व 30।

वर्ष 2026 के शुभ दिन

मार्च:- 3, 4, 5, 11, 12, 13, 28 व 29।
अप्रैल:- 2, 4, 6, 13, 14, 16, 18, 20, 22, 25 व 28।
जून:- 1, 4, 6, 22, 24 व 30।
अगस्त:- 3, 5, 7, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 23, 29, 30 व 31।
सितंबर:- 4, 6, 12, 15, 20 व 22।
दिसंबर:- 5, 10, 15, 20 व 25।

उपाय

1. नित्य सूर्य को जल अर्पित करें।
2. हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करें।
3. अमावस्या के दिन मछलियों को दाना डालें।

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दिसंबर 2025 के प्रमुख व्रत-पर्व व त्यौहार

1 दिसंबर 2025:- मेष राशि के चंद्र व पंचक समाप्ति शाम 06:55 पर, एकादशी व्रत सभी के लिए, गीता जयंती, भद्रा समाप्ति दिन 02:21 पर, मूल।

2 दिसंबर 2025:- भौम प्रदोष व्रत, मूल समाप्ति शाम 05:22 पर।

3 दिसंबर 2025:- वृषभ राशि के चंद्र रात्रि 10:21 पर, पिशाच मोचन (काशी) यात्रा।

4 दिसंबर 2025:- स्नान-दान-व्रत की पूर्णिमा, श्री विद्या एवं दत्तात्रेय जयंती, भद्रा दिन 07:40 से शाम 06:29 तक।

5 दिसंबर 2025:- मिथुन राशि के चंद्र रात्रि 12:31 पर, मृत्युबाण आरंभ रात्रि 07:01 से।

6 दिसंबर 2025:- मृत्युबाण समाप्ति शाम 06:35 पर, वज्र योग, द्विपुष्कर योग दिन 11:51 तक।

7 दिसंबर 2025:- कर्क राशि के चंद्र मध्य रात्रि 03:35 पर, भद्रा दिन 11:53 से रात्रि 10:55 तक।

8 दिसंबर 2025:- श्री संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत, चंद्रोदय रात्रि 08:58 पर (काशी)।

9 दिसंबर 2025:- मूल प्रारंभ दिन 08:30 पर।

10 दिसंबर 2025:- सिंह राशि के चंद्र दिन 08:02 पर, भद्रा प्रारंभ रात्रि 07:10 पर, मूल।

11 दिसंबर 2025:- भद्रा समाप्ति दिन 06:59 पर, मूल दिन 07:37 तक।

12 दिसंबर 2025:- कन्या राशि के चंद्र दिन 02:45 पर, रुक्मिणी अष्टमी, अष्टका श्राद्ध।

13 दिसंबर 2025:- उत्पात योग, अन्वष्टका श्राद्ध।

14 दिसंबर 2025:- तुला राशि के चंद्र रात्रि 11:58 पर, भद्रा दिन 09:13 से रात्रि 08:46 तक।

15 दिसंबर 2025:- सफला एकादशी व्रत सभी के लिए।

16 दिसंबर 2025:- सूर्य की धनु संक्रांति व खरमास प्रारंभ।

17 दिसंबर 2025:- वृश्चिक राशि के चंद्र दिन 11:07 पर, प्रदोष व्रत, भद्रा प्रारंभ मध्य रात्रि 02:26 पर।

18 दिसंबर 2025:- मास शिवरात्रि व्रत, भद्रा दिन में 03:31 तक, मूल प्रारंभ रात्रि 08:41 पर।

19 दिसंबर 2025:- धनु राशि के चंद्रमा रात्रि 10:55 पर, स्नान-दान-श्राद्ध की अमावस्या, मूल।

20 दिसंबर 2025:- मूल समाप्ति रात्रि 01:13 पर।

21 दिसंबर 2025:- मित्र योग, बाबा मुकुंद का बासी बनाना।

22 दिसंबर 2025:- मकर राशि के चंद्र दिन 09:32 पर, श्री बाबा मुकुंद का पूजन व बासी खाना।

23 दिसंबर 2025:- वैनायकी गणेश चतुर्थी व्रत, भद्रा प्रारंभ रात्रि 10:43 पर।

24 दिसंबर 2025:- कुंभ राशि के चंद्र व पंचक प्रारंभ शाम 05:55 पर, भद्रा समाप्ति दिन 10:53 पर।

25 दिसंबर 2025:- महामना मालवीय जयंती, बड़ा दिन (क्रिसमस), पंचक।

26 दिसंबर 2025:- मीन राशि के चंद्र रात्रि 11:51 पर, पंचक।

27 दिसंबर 2025:- भद्रा दिन 08:53 से रात्रि 08:09 तक, मूल प्रारंभ रात्रि शेष 04:32 पर, पंचक।

28 दिसंबर 2025:- मेष राशि के चंद्र व पंचक समाप्ति रात्रि 03:49 पर, महाभद्राष्टमी, शाकम्भरी नवरात्रि प्रारंभ, मूल।

29 दिसंबर 2025:- साम्ब दशमी (उड़ीसा), मूल समाप्ति रात्रि 01:48 पर।

30 दिसंबर 2025:- पुत्रदा एकादशी व्रत सभी के लिए, भद्रा दिन 02:20 से रात्रि 01:13 तक, श्री तैलंग स्वामी जयंती।

31 दिसंबर 2025:- वृष राशि के चंद्र प्रातः 06:26 पर, कूर्म द्वादशी।

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Astrology Sutras/Logics

तीसरे भाव में स्थित शनि का फल भाग 2

यदि तीसरे भाव में उच्च राशि का शनि हो जो कि सिंह लग्न की कुंडली में संभव है तो व्यक्ति उत्तम प्रबंधनकर्ता व अच्छा शासक होता है जो कि अपने ग्रुप को अच्छे से manage करता है सिंह लग्न की कुंडली में शनि सप्तमेश होता है अब यहाँ देखिए कि सप्तमेश उच्च राशि का पराक्रम भाव में बैठा है जो कि यह दर्शाता है कि आपका जीवनसाथी मजबूत दिमाग या इरादों वाला होगा अगर यहाँ शनि वक्री हो जाए तो स्थिति और खराब हो जाएगी क्योंकि ऐसी स्थिति में जीवनसाथी को समझा पाना या उनके आगे अपनी बात अच्छे से रख पाना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि आपका लग्न भी सिंह है तो समस्या आती ही है।

शनि का प्रथम भाव में फल भाग:- 1

यदि तीसरे भाव में शनि शुभ वर्ग का हो तो ऐसा व्यक्ति शास्त्रों को जानने वाला और अनुसंधानकर्ता होता है मतलब कि उसकी रुचि रिसर्च में होती है, यदि नीच राशि का शनि तीसरे भाव में हो जो कि कुंभ लग्न में ही संभव है तो व्यक्ति दूषित मन वाला होता है अब यहाँ देखिए कि लग्नेश ही नीच राशि का हो गया तो वह बुरे विचार व्यक्ति के मन में पहले लाता है हालांकि दो सौम्य ग्रह या शुभ ग्रह की दृष्टि शनि पर पड़ जाए तो काफी हद तक इससे छुटकारा मिल जाता है।

शनि का प्रथम भाव में फल भाग:-2

यदि नीच नवांश का शनि तीसरे भाव में हो तो ऐसा व्यक्ति अपनी बातों से लोगों को मूर्ख बनाता है, यदि वर्गोत्तम शनि तीसरे भाव में हो तो व्यक्ति अत्यधिक स्वाभिमानी होता है, यदि पाप वर्ग का शनि तीसरे भाव में हो व्यक्ति भाव रहित होता है अर्थात न काहु से दोस्ती, न काहु से वैर वाली स्थिति होती है जो कि शुभ है।

शनि का द्वितीय भाव में फल

यदि मित्र राशि का शनि तीसरे भाव में हो तो ऐसा व्यक्ति दूसरों को परामर्श देने वाला व न्यायवक्ता होता है, यदि मित्र नवांश का शनि तीसरे भाव में हो तो ऐसा व्यक्ति गुणवान व धनवान दोनों होता है।

शनि का तीसरे भाव में फल भाग:-1

यदि शत्रु राशि का शनि तीसरे भाव में हो तो ऐसे व्यक्ति को किसी न किसी प्रकार की लत अवश्य रहती है भले वो चाय की हो या नशे की या अन्य किसी प्रकार की हो, यदि शत्रु नवांश का शनि तीसरे भाव में हो तो ऐसा व्यक्ति दीनता का प्रदर्शन करने वाला होता है और स्वराशि का शनि व्यक्ति को शत्रुओ पर विजय दिलाने वाला होता है।

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शनि के तीसरे भाव में प्राप्त होने वाले यह फल मेरे अनुभव के आधार पर हैं जिनको कि मैंने आप सभी को समझाने का एक प्रयास किया है उम्मीद करता हूँ आप सभी को शनि के तीसरे भाव में मिलने वाले फल आप सभी को बिना कठिनाई के समझ में आए होंगे।

जय श्री राम।