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लोहड़ी पर्व में अग्नि में क्यों डालते हैं “रेवड़ी-फुल्ले”? जाने: लोहड़ी पर नवान्न भोग का महत्व

लोहड़ी पर अग्नि में “रेवड़ी-फुल्ले” (तिल, गुड़ और मक्का) डालने की परंपरा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व है सनातन संस्कृति में अग्नि को देवताओं और मनुष्यों के बीच का माध्यम माना गया है।

अग्नि: देवताओं का मुख (हव्यवाहन)

सनातन धर्म और वेदों के अनुसार, अग्नि देव को ‘हव्यवाहन’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है- हवि (भोग) को देवताओं तक पहुँचाने वाला, मान्यता: लोहड़ी की पवित्र अग्नि में हम जो भी सामग्री (रेवड़ी, मूंगफली, फुल्ले) “स्वाहा” कहकर डालते हैं, वह सीधे देवताओं (विशेषकर सूर्य देव और अग्नि देव) को प्राप्त होती है यह रस्म ईश्वर के प्रति कृतज्ञता को प्रकट करने का तरीका है कि उनकी कृपा से फसल अच्छी हुई और घर में अन्न-धन की वर्षा हुई।

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‘नवान्न’ का भोग (नई फसल का स्वागत)

लोहड़ी मुख्य रूप से एक कृषि पर्व है इस समय खेतों में रबी की फसल (जैसे गेहूँ, सरसों, चना) लहलहाने लगती है और मक्का, तिल व गन्ने की कटाई हो चुकी होती है जिस कारण से नए अन्न का ईश्वर को भोग अर्पित किया जाता है।

रेवड़ी और फुल्ले ही क्यों?

रेवड़ी (तिल और गुड़) और फुल्ले (मक्का) इसी मौसम की नई उपज हैं और भारतीय संस्कृति में नियम है कि घर में आया नया अन्न सबसे पहले देवताओं एवं अग्नि को समर्पित किया जाता है, उसके बाद ही स्वयं ग्रहण किया जाता है इसे ‘नवान्न यज्ञ’ का एक लोक-स्वरूप माना जा सकता है।

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शब्द का रहस्य: तिल + रोड़ी = लोहड़ी

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ‘लोहड़ी’ शब्द की उत्पत्ति भी इन्हीं सामग्रियों से हुई है: तिल + रोड़ी = तिलोड़ी, समय के साथ यह शब्द ‘तिलोड़ी’ से बदलकर ‘लोहड़ी’ हो गया अतः इस त्यौहार का मूल नाम ही उन वस्तुओं पर आधारित है जो अग्नि को समर्पित की जाती हैं।

पौराणिक कथा: माता सती का त्याग

एक पौराणिक मान्यता के अनुसार, यह अग्नि माता सती की याद में भी प्रज्वलित की जाती है मान्यता है कि राजा दक्ष ने जब महायज्ञ किया और भगवान शिव का अपमान किया था, तब माता सती ने योगाग्नि से स्वयं को भस्म कर लिया था, लोक मान्यताओं में लोहड़ी की अग्नि उसी त्याग और देवी शक्ति का प्रतीक मानी जाती है, इसलिए इसमें आहुति देकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

अग्नि में “रेवड़ी-फुल्ले” डालना और “आदर आए, दलिदर जाए” (अर्थात सम्मान आए और दरिद्रता जाए) कहना, वास्तव में सूर्य और अग्नि देव से आने वाले वर्ष के लिए समृद्धि का वरदान माँगने की एक वैदिक प्रक्रिया है।

जय श्री राम।

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12 January Birthday Personality: आज जन्मे लोगों का भविष्यफल, स्वभाव और करिअर

12 जनवरी को जन्मे व्यक्ति अद्भुत प्रतिभा के धनी होते हैं जहाँ एक तरफ शनि का प्रभाव आप पर बना रहता है तो वहीं, दूसरी तरफ अंकशास्त्र के अनुसार 12 तारीख का योग (1+2=3) होता है, जिनके स्वामी बृहस्पति होते है, शनि और बृहस्पति (गुरु) का यह दुर्लभ संयोग इस दिन जन्मे व्यक्तियों को ‘अनुशासन’ और ‘ज्ञान’ का एक बेहतरीन मिश्रण प्रदान करता है चलिए, विस्तार से 12 जनवरी को जन्मे व्यक्तियों के व्यक्तित्व को जानने का प्रयास करते हैं।

मुख्य व्यक्तित्व (General Personality)

12 जनवरी को जन्मे व्यक्तियों के अंदर एक गजब का आत्मविश्वास और ऊर्जा देखने को मिलती है साथ ही ऐसे व्यक्ति ज्ञान और गंभीरता का संगम होते हैं जहाँ एक तरफ गुरु के प्रभाव के कारण से आप ज्ञानी तो होते ही हैं साथ ही हमेशा कुछ नया सीखने की चाह रखते हैं तो वहीं, दूसरी तरफ शनि का प्रभाव आपको गंभीर, व्यावहारिक और जमीन से जुड़ा हुआ (Grounded) व्यक्तित्व देता है।

महत्वाकांक्षी (Ambitious):- आप जीवन में सामान्य बनकर रहना पसंद नहीं करते और आप ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करते हैं साथ ही उन्हें पाने के लिए कड़ी मेहनत करने से पीछे नहीं हटते क्योंकि शनि कर्म के कारक ग्रह होते हैं जिस कारण से आपको कर्मठी बनाते हैं।

स्पष्टवादी:- आप अपनी बात को घुमा-फिराकर कहने के बजाय सीधे तौर पर कहना पसंद करते हैं, हालांकि कभी-कभी लोग इसे आपकी कठोरता मान लेते हैं लेकिन आपको बातों को स्पष्ट रूप से कहना और सुनना अधिक पसंद आता है क्योंकि शनि जहाँ न्याय कारक ग्रह होता है जिस कारण से वाणी से अधिकतर सत्य वचन ही बोलने पर विश्वास रखते हैं और गुरु के कारण से वाणी में तनिक स्वाभिमान भी झलकता है।

सामाजिक छवि:- 12 जनवरी को जन्में व्यक्ति मिलनसार स्वभाव के होते हैं साथ ही दोस्तों के बीच लोकप्रिय रहते हैं, लेकिन ऐसे व्यक्ति अधिकतर भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपना अलग अस्तित्व बनाने में विश्वास रखते हैं।

करिअर और आर्थिक स्थिति (Career & Finance)

12 जनवरी को जन्मे व्यक्ति उन क्षेत्रों में विशेष सफलता प्राप्त करते हैं जहाँ बुद्धिमत्ता और प्रबंधन (Management) की आवश्यकता होती है।

उपयुक्त कार्यक्षेत्र:- 12 जनवरी को जन्में व्यक्ति एक बेहतरीन शिक्षक, वकील, जज, सलाहकार (Consultant) या लेखक बन सकते हैं साथ ही इसके अलावा बैंकिंग, फाइनेंस और आईटी (IT) सेक्टर में भी आप उच्च पदों पर आसीन होकर अच्छी सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

नेतृत्व क्षमता:- 12 जनवरी को जन्में व्यक्तियों के अंदर जन्म से ही नेतृत्व (Leadership) के गुण होते हैं और ऐसे व्यक्ति किसी के अधीन काम करने के बजाय अपनी खुद की टीम लीड करना या अपना बिजनेस करना ज्यादा पसंद करते हैं।

आर्थिक स्थिति:- अधिकतर शुरुआती दौर में ऐसे व्यक्तियों को संघर्ष करना पड़ सकता है, क्योंकि शनि मंदगामी ग्रह होने से धीरे-धीरे उन्नति कराता है, लेकिन 30 वर्ष और विशेष 36 वर्ष की आयु के बाद का समय आर्थिक स्थिति अत्यंत शुभ रहता है साथ ही 36-38 वर्ष की आयूँ तक आर्थिक स्थिति भी काफी हद तक सुदृढ़ हो जाती है साथ ही ऐसे व्यक्ति धन संचय करने में भी माहिर होते हैं।

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प्रेम जीवन और संबंध (Love Life & Relationships)

12 जनवरी को जन्में व्यक्ति प्रेम के मामले में थोड़े संकोची, भावुक लेकिन बेहद वफादार होते हैं साथ ही अपने जीवनसाथी की अधिकतर भावनाओं को बिना कहे ही समझकर जिम्मेदारी का निर्वहन भी करते है क्योंकि शनि व गुरु का मिश्रित स्वभाव थोड़ा जिम्मेदार और गंभीर व्यक्तित्व देता है।

वफादारी:- ऐसे व्यक्ति फ्लर्ट करने में विश्वास नहीं रखते और जब किसी से जुड़ते हैं, तो वह रिश्ता लंबे समय तक या जीवनभर के लिए निभाने की बहुत प्रबल इच्छा रखते है।

व्यावहारिक प्रेमी:- ऐसे व्यक्ति अपने प्यार का इजहार फिल्मी तरीके से करने के बजाय, अपने पार्टनर की परवाह (Care) और सुरक्षा करके करते हैं।

चुनौती:- कभी-कभी ऐसे व्यक्ति अपने काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि पार्टनर को समय नहीं दे पाते, जिससे रिश्तों में थोड़ी खटास आ जाती है, ऐसे व्यक्तियों को वर्क-लाइफ बैलेंस बनाना सीखना चाहिए।

स्वास्थ्य (Health)

शनि के प्रभाव के कारण आपको हड्डियों और जोड़ों से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है घुटनों में दर्द, गठिया (Arthritis) या त्वचा संबंधी विकार (Skin issues) ऐसे व्यक्तियों को परेशान कर सकते हैं।

सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष (Strengths & Weaknesses)

सकारात्मक पक्ष:- 12 जनवरी को जन्में व्यक्ति अनुशासित, ईमानदार, रचनात्मक, जिम्मेदार और निर्णय लेने में सक्षम होते हैं जिससे इनके व्यक्तित्व का निरंतर समाज पर प्रभाव बना रहता है।

नकारात्मक पक्ष:- 12 जनवरी को जन्में व्यक्ति जिद्दी स्वभाव, तानाशाही रवैया (कभी-कभी), और अपनी भावनाओं को व्यक्त न कर पाने वाले होते हैं साथ ही बातों को अधिक समय सोचना भी इनके लिए कभी-कभी बड़ी चिंता का कारण बन जाता है।

12 जनवरी को जन्मे लोगों के लिए शुभ तत्व (Lucky Elements)

1. शुभ अंक (Lucky Numbers): 3, 12, 21, 30।
2. शुभ दिन (Lucky Days): गुरुवार और शनिवार।
3. शुभ रंग (Lucky Colors): बैंगनी, गहरा नीला और पीला।
4. शुभ रत्न (Lucky Stone): नीलम (Blue Sapphire) या पीला पुखराज (Yellow Sapphire)।

विशेष:- कोई भी रत्न बिना कुंडली दिखाए पहनने पर नुकसान भी करता है अतः कुंडली या हाथ दिखाकर एवं उचित परामर्श लेकर ही रत्न धारण करें।

विशेष उपाय (Astrological Remedies)

जीवन में सफलता और मानसिक शांति के लिए आपको निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:-

1. प्रत्येक गुरुवार भगवान विष्णु की पूजा करें व केसर का तिलक मस्तक पर लगाएं।
2. शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और गरीबों को दान दें।
3. अपने गुरुओं और माता-पिता का सम्मान करना आपके भाग्य वृद्धि हेतु अत्यंत शुभ रहेगा।

12 जनवरी को जन्मे जातक “सेल्फ मेड” (Self-made) इंसान होते हैं गुरु का ज्ञान और शनि की मेहनत मिलकर इन्हें जीवन के हर क्षेत्र में विजय दिलाती है और यदि ऐसे व्यक्ति अपनी जिद्द पर नियंत्रण रखें, तो दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं जिसे ऐसे व्यक्ति न कर सकें।

जय श्री राम।

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साप्ताहिक राशिफल (11-17 Jan 2026): किसे मिलेगा पैसा और किसे प्यार? जानें अपने मूलांक का हाल

नया साल 2026 (जिसका कुल योग 2+0+2+6 = 10 है, यानी सूर्य का साल) अपनी गति पकड़ चुका है और हम जनवरी के दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर रहे हैं, यह सप्ताह बहुत खास है क्योंकि इसकी शुरुआत 11 जनवरी से हो रही है अंक ज्योतिष में ’11’ को एक ‘मास्टर नंबर’ माना जाता है, जो अत्यधिक अंतर्ज्ञान (intuition) और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। यह सप्ताह (11 से 17 जनवरी) ऊर्जाओं के एक दिलचस्प बदलाव का गवाह बनेगा जहाँ सप्ताह की शुरुआत मास्टर नंबर की संवेदनशीलता और राहु (अंक 4, क्योंकि 11 तारीख का मूलांक 2 और आज का यूनिवर्सल डे नंबर 4 है) की अप्रत्याशितता के साथ हो रही है, वहीं सप्ताह का अंत सूर्य (अंक 1, क्योंकि 17 तारीख का मूलांक 8 और यूनिवर्सल डे नंबर 1 है) के नेतृत्व और स्पष्टता के साथ होगा।

अपना मूलांक कैसे जानें? 

यदि आपको अपना मूलांक नहीं पता, तो यह ज्ञात करना बहुत ही सरल है अपनी जन्म तारीख के अंकों को जोड़कर एकल अंक (single digit) प्राप्त करें।

उदाहरण:- यदि आपका जन्म किसी महीने की 15 तारीख को हुआ है, तो 1 + 5 = 6, अतः आपका मूलांक 6 है।

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साप्ताहिक अंक राशिफल: 11 जनवरी से 17 जनवरी, 2026

मूलांक 1 (सूर्य प्रधान: जन्म तारीख 1, 10, 19, 28)

यह सप्ताह आपके नेतृत्व गुणों को निखारने वाला है, सप्ताह की शुरुआत में (11-12 तारीख) कुछ मानसिक उलझनें रह सकती हैं, लेकिन मध्य सप्ताह से आप अपनी लय पकड़ लेंगे।

करिअर और वित्त: कार्यस्थल पर आपको नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, यदि आप किसी प्रोजेक्ट को लीड करने की सोच रहे थे, तो यह सही समय है, सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी आर्थिक रूप से यह सप्ताह स्थिर रहेगा लेकिन निवेश के फैसले सोच-समझकर लें।

प्रेम और संबंध: आपके अहंकार के कारण साथी के साथ थोड़ी तकरार हो सकती है अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और दूसरे का पक्ष भी सुनें।

स्वास्थ्य: आँखों और सिर दर्द से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है।

सप्ताह का उपाय: प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें और ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करें।

मूलांक 2 (चंद्रमा प्रधान: जन्म तारीख 2, 11, 20, 29)

क्योंकि यह सप्ताह 11 तारीख (जिसका मूलांक 2 है) से शुरू हो रहा है, यह हफ्ता आपके लिए अत्यधिक संवेदनशील रहने वाला है इस सप्ताह संभव है आप भावनाओं के ज्वार-भाटे महसूस करेंगे।

करिअर और वित्त: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ तालमेल बैठाने में थोड़ी कठिनाई आ सकती है और आप चीजों को व्यक्तिगत रूप से ले सकते हैं, कला, संगीत या रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह सप्ताह बेहतरीन है एवं धन का प्रवाह सामान्य रहेगा।

प्रेम और संबंध: आप अपने रिश्ते में अधिक गहराई और भावनात्मक जुड़ाव चाहेंगे, अगर साथी आपकी भावनाओं को नहीं समझ पा रहा है, तो निराशा हो सकती है, धैर्य रखें।

स्वास्थ्य: सर्दी, कफ या मानसिक तनाव आपको परेशान कर सकता है, मेडिटेशन जरूर करें।

सप्ताह का उपाय: सोमवार को शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं और चांदी के गिलास में पानी पिएं।

मूलांक 3 (बृहस्पति प्रधान: जन्म तारीख 3, 12, 21, 30)

यह सप्ताह ज्ञान अर्जन और विस्तार के लिए शानदार है, आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप भविष्य के लिए बड़ी योजनाएं बनाएंगे।

करिअर और वित्त: नौकरीपेशा लोगों के काम की प्रशंसा होगी, शिक्षा, परामर्श (consultancy) या कानून के क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा, रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं, यह समय नई स्किल्स सीखने के लिए उत्तम है।

प्रेम और संबंध: परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बीतेगा और घर के बड़ों से कोई महत्वपूर्ण सलाह मिल सकती है, दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य कुल मिलाकर अच्छा रहेगा, लेकिन खान-पान पर नियंत्रण न रखने से पेट की तकलीफ हो सकती है।

सप्ताह का उपाय: गुरुवार के दिन किसी मंदिर में पीली दाल या केले का दान करें, केसर का तिलक लगाएं।

मूलांक 4 (राहु प्रधान: जन्म तारीख 4, 13, 22, 31)

यह सप्ताह आपके लिए मिश्रित परिणाम लेकर आया है, ऊर्जा बहुत अधिक रहेगी, लेकिन दिशा का अभाव हो सकता है, अचानक होने वाली घटनाओं के लिए तैयार रहें।

करिअर और वित्त: कार्यक्षेत्र में अचानक कोई बड़ा बदलाव आ सकता है या कोई नया अवसर सामने आ सकता है तकनीकी क्षेत्र (IT, Engineering) से जुड़े लोगों के लिए समय अच्छा है, जल्दबाजी में कोई भी आर्थिक निर्णय न लें, धोखा मिल सकता है।

प्रेम और संबंध: रिश्तों में गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं, शक या वहम को अपने ऊपर हावी न होने दें, संवाद बनाए रखें।

स्वास्थ्य: अनिद्रा या बेचैनी महसूस हो सकती है, अत्यधिक सोचने (overthinking) से बचें।

सप्ताह का उपाय: बुधवार की शाम को पक्षियों को दाना डालें और माथे पर चंदन का तिलक लगाएं।

मूलांक 5 (बुध प्रधान: जन्म तारीख 5, 14, 23)

यह सप्ताह आपके लिए बहुत व्यस्त रहने वाला है, संचार (Communication) और नेटवर्किंग आपके लिए सफलता की कुंजी रहेगी।

करिअर और वित्त: व्यापार में नए संपर्क बनेंगे जो भविष्य में फायदेमंद साबित होंगे, मार्केटिंग, सेल्स और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए यह सुनहरा समय है, छोटी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं जो लाभदायक रहेगी, धन का आगमन अच्छा रहेगा।

प्रेम और संबंध: आप अपने चुलबुले स्वभाव से सबका मन मोह लेंगे, नए दोस्त बनेंगे, लव लाइफ में रोमांच बना रहेगा।

स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी कोई एलर्जी या नसों में खिंचाव महसूस हो सकता है।

सप्ताह का उपाय: बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं या गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

मूलांक 6 (शुक्र प्रधान: जन्म तारीख 6, 15, 24)

यह सप्ताह आपके लिए विलासिता, प्रेम और सौंदर्य पर केंद्रित रहेगा और आप जीवन के सुखों का आनंद लेने के मूड में रहेंगे।

करिअर और वित्त: फैशन, डिजाइनिंग, ब्यूटी या लग्जरी उत्पादों से जुड़े व्यवसाय में लाभ होगा, कार्यस्थल पर माहौल खुशनुमा रहेगा और आप अपने कार्यस्थल को सजाने या बेहतर बनाने पर खर्च कर सकते हैं।

प्रेम और संबंध: यह सप्ताह रोमांस के लिए बेहतरीन है, पार्टनर के साथ डेट पर जा सकते हैं या उन्हें कोई उपहार दे सकते हैं, वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी।

स्वास्थ्य: शुगर या हार्मोनल असंतुलन से जूझ रहे लोगों को अपना खास खयाल रखना चाहिए।

सप्ताह का उपाय: शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र पहनें और किसी गरीब कन्या को खीर खिलाएं।

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मूलांक 7 (केतु प्रधान: जन्म तारीख 7, 16, 25)

यह सप्ताह आत्म-निरीक्षण (Introspection) का है, आप बाहरी दुनिया से थोड़ा कटकर अपने भीतर झांकना चाहेंगे, आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह सर्वोत्तम समय है।

करिअर और वित्त: कार्यक्षेत्र में आपका मन कम लगेगा और आप एकांत में काम करना पसंद करेंगे, रिसर्च या शोध कार्यों में लगे लोगों को कोई बड़ी सफलता मिल सकती है, आर्थिक मामलों में कोई भी जोखिम न लें।

प्रेम और संबंध: आप थोड़े रहस्यमयी व्यवहार करेंगे जिससे आपका पार्टनर कन्फ्यूज हो सकता है, अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सीखें।

स्वास्थ्य: शारीरिक से ज्यादा मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है, तनाव और अवसाद से बचें।

सप्ताह का उपाय: प्रतिदिन कुछ समय ध्यान (Meditation) करें और कुत्तों को रोटी खिलाएं।

मूलांक 8 (शनि प्रधान: जन्म तारीख 8, 17, 26)

क्योंकि 2026 शनि का ही वर्ष है, यह सप्ताह आपके लिए महत्वपूर्ण है और आपको मेहनत का फल मिलेगा, लेकिन धैर्य रखना होगा, यह सप्ताह 17 तारीख (मूलांक 8) पर समाप्त हो रहा है, जो आपको सुखद अंत देगा।

करिअर और वित्त: सप्ताह की शुरुआत धीमी हो सकती है, काम का बोझ अधिक रहेगा लेकिन घबराएं नहीं, आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी और सप्ताह के अंत तक कोई अच्छी खबर मिल सकती है, प्रॉपर्टी या लोहे से जुड़े व्यापार में लाभ होगा।

प्रेम और संबंध: आप अपने रिश्तों को लेकर बहुत गंभीर रहेंगे, पार्टनर से वफादारी की उम्मीद करेंगे, रिश्तों में परिपक्वता आएगी।

स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द या पुरानी चोट का दर्द उभर सकता है, आलस्य त्यागें और व्यायाम करें।

सप्ताह का उपाय: शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि चालीसा का पाठ करें।

मूलांक 9 (मंगल प्रधान: जन्म तारीख 9, 18, 27)

ऊर्जा का स्तर बहुत ऊंचा रहेगा, आपको अपनी ऊर्जा को सही दिशा में चैनल करना होगा, अन्यथा यह क्रोध का रूप ले सकती है।

करिअर और वित्त: आप हर काम को जल्दी पूरा करना चाहेंगे पुलिस, सेना या खेल जगत से जुड़े लोगों के लिए समय अच्छा है कार्यस्थल पर वाद-विवाद से बचें, विशेषकर सप्ताह के शुरू में।

प्रेम और संबंध: आपके क्रोधी स्वभाव के कारण रिश्तों में खटास आ सकती है अतः धैर्य से काम लें और अपने पार्टनर पर हावी होने की कोशिश न करें।

स्वास्थ्य: रक्त विकार, चोट-चपेट या दुर्घटना का भय है, वाहन सावधानी से चलाएं।

सप्ताह का उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और मसूर की दाल का दान करें।

जय श्री राम।

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11 जनवरी जन्मदिन: दिखने में शांत, अंदर से तूफ़ान! जानिए इनका असली स्वभाव

क्या आपका या आपके किसी करीबी का जन्म 11 जनवरी को हुआ है? अंक ज्योतिष के अनुसार, प्रत्येक तारीख का अपना एक विशेष कंपन (Vibration) होता है 11 जनवरी को जन्मे लोग बेहद खास होते हैं क्योंकि ऐसे मकर राशि (Capricorn) के अनुशासन और अंक ज्योतिष के मूलांक 2 (चंद्रमा) की संवेदनशीलता का एक अद्भुत मिश्रण होते हैं।

शनि और चंद्रमा का योग

11 जनवरी को जन्मे लोग मकर राशि के अंतर्गत आते हैं, जिसके स्वामी शनि हैं वहीं, तारीख 11 का जोड़ (1+1=2) होता है, जिसका स्वामी चंद्रमा है इसके अलावा, अंक ज्योतिष में 11 को एक ‘मास्टर नंबर’ माना जाता है जहाँ शनि न्याय, अनुशासन और कड़ी मेहनत देता है तो दूसरी तरफ चंद्रमा कल्पना, भावनाएं और अंतर्ज्ञान (Intuition) देता है परिणामस्वरूप, आप बाहर से सख्त और अनुशासित दिख सकते हैं, लेकिन अंदर से बेहद कोमल और संवेदनशील होते हैं।

11 जनवरी को जन्में व्यक्तियों का सकारात्मक पक्ष

1. जबरदस्त अंतर्ज्ञान (Intuitive): मास्टर नंबर 11 के प्रभाव के कारण, आपकी छठी इंद्रिय (Sixth Sense) बहुत तेज होती है जिस कारण से आप लोगों के इरादों को बिना कहे ही सरलता से समझ लेते हैं।

2. दृढ़ निश्चयी (Determined): मकर राशि होने के कारण, आप अपने लक्ष्यों को लेकर बहुत जिद्दी और पक्के होते हैं और जल्दी हार नहीं मानते बल्कि अपने प्रत्येक प्रयास से कुछ नया सीखते हुए काम में परफेक्शन लाने का प्रयास करते हैं।
3. संतुलित व्यक्तित्व: आप व्यावहारिकता और आदर्शवाद के बीच संतुलन बनाए रखना जानते हैं जिस कारण से आपका व्यक्तित्व संतुलित सा रहता है।
4. वफादार मित्र: आप जल्दी किसी को दोस्त नहीं बनाते, लेकिन जब बनाते हैं, तो जीवन भर उनका साथ निभाते हैं और एक सच्चे मित्र बनकर समाज के सामने आते हैं।

11 जनवरी को जन्में व्यक्तियों का नकारात्मक पक्ष

1. अत्यधिक सोचना: चंद्रमा के प्रभाव के कारण आप छोटी-छोटी बातों को दिल पर जल्दी ले लेते हैं और तनावग्रस्त हो जाते हैं साथ ही आपके विचार भी जल्दी स्थिर नही हो पाते हैं।
2. नियंत्रण की चाह: आप चाहते हैं कि चीजें आपके हिसाब से हों, जिससे कभी-कभी लोग आपको ‘कठोर’ समझ लेते हैं।
3. भावनाओं को छिपाना: आप अपना दर्द दूसरों को दिखाने में असहज महसूस करते हैं जिस कारण से आप आंतरिक रूप से खुद को अधिकतर अशांत अनुभव करते हैं।
4. नजर दोष: आपके अकसर सोचे हुए कार्यों में अड़चन आने लगती है और जीवन में सब कुछ अच्छा चलते हुए भी एकदम से धीमा पड़ने लगता है।

करियर और कार्यक्षेत्र

11 जनवरी को जन्मे लोगों में गजब की रचनात्मकता और विश्लेषण क्षमता होती है आप उन क्षेत्रों में बहुत अच्छा करते हैं जहाँ ‘विजन’ और ‘मैनेजमेंट’ दोनों की जरूरत होती है।

उपयुक्त करिअर: शिक्षक, काउंसलर, मनोवैज्ञानिक, लेखक, एच.आर. मैनेजर (HR), या कला क्षेत्र।

व्यापार: आप एक अच्छे रणनीतिकार (Strategist) हैं, इसलिए अपना बिजनेस करना भी आपके लिए शुभ है।

लव लाइफ और रिश्ते

प्यार के मामले में आप थोड़े शर्मीले लेकिन बेहद रोमांटिक होते हैं, आप ‘फ्लर्ट’ करने में विश्वास नहीं रखते; आपको ‘स्थायित्व’ (Commitment) चाहिए होता है।

कैसा चाहिए साथी: आपको ऐसा पार्टनर चाहिए जो आपकी भावनाओं का सम्मान करे और आपकी खामोशी को समझ सके क्योंकि आप अधिकतर मौके पर अपनी भावनाएं व्यक्त नही कर पाते हैं।

अनुकूल राशियाँ: वृषभ, कन्या और कर्क।

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11 जनवरी को जन्मे लोगों के लिए शुभ तत्व (Lucky Elements)

1. शुभ रंग (Lucky Color): सफेद, क्रीम, और हल्का हरा।
2. शुभ दिन (Lucky Day): सोमवार (चंद्रमा का दिन) और शनिवार (शनि का दिन)।
3. शुभ अंक (Lucky Number): 2, 7, और 11.
4. शुभ रत्न (Lucky Stone): मोती (Pearl) मन की शांति के लिए, और मकर राशि होने के कारण नीलम (Blue Sapphire) भी पहन सकते हैं।

विशेष:- कोई भी रत्न बिना कुंडली दिखाए पहनने पर नुकसान भी करता है अतः कुंडली या हाथ दिखाकर एवं उचित परामर्श लेकर ही रत्न धारण करें।

11 जनवरी को जन्मे लोग “सपने देखने वाले यथार्थवादी” (Dreaming Realists) होते हैं, इनके पास दुनिया को बदलने की दृष्टि भी है और उसे पूरा करने की मेहनत भी, बस इनको अपनी भावनाओं पर थोड़ा नियंत्रण रखना सीखना होगा, फिर सफलता अपने आप मिलने लगेगी।

जय श्री राम।

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मीन राशि 2026: जानिए अवसर-चुनौतियाँ व उपाय

मीन राशि वालों के लिए वर्ष 2026 मिश्रित परिणाम लेकर आएगा जहाँ एक ओर शनिदेव आपकी राशि में बैठकर आपको अनुशासित बनाएंगे और कड़ी मेहनत करवाएंगे, वहीं दूसरी ओर वर्ष के मध्य में गुरु का उच्च राशि में गोचर आपके भाग्य के द्वार खोलेगा, जनवरी से मार्च माह में भाग्य का सहयोग बना रहने से कारोबार का मार्ग में उन्नति व बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी और पारिवारिक समस्याओं से छुटकारा भी मिलेगा साथ ही आपके स्वास्थ्य में भी सुधार होगा किंतु जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता मन में बन सकती है, अचानक किसी शुभ समाचार के प्राप्त होने की अच्छी संभावना रहेगी और वाहन का भी सुख प्राप्त होगा, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, अप्रैल माह में थोड़ा संघर्ष का दौर सा बन सकता है जिसमें कुछ विशेष प्रयास से कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी, धैर्य व संयम के साथ लिए फैसलों से लाभ होगा, ये एवं व्यय के बीच सामंजस्य बैठाने का प्रयास करें, मई व जून माह में कुछ विशेष प्रयास से रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे और किसी धार्मिक कार्य या धार्मिक यात्रा पर धन व्यय होगा, जून माह के मध्य भाग के आस-पास से ग्रहों की स्थिति थोड़ी कमजोर रहने से मन में अशांति, स्वास्थ्य में बाधा व दैनिक दिनचर्या में बाधा अनुभव हो सकती है हालांकि धर्म से जुड़े कार्यों को करने में रुचि बनी रहेगी व धर्म की शक्ति से आत्मविश्वास बना रहेगा।

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जुलाई माह में सतर्क रहने की आवश्यकता रहेगी क्योंकि अचानक किसी असामान्य परिस्थिति का सामना करना पड़ सकता है, कार्यक्षेत्र में भी अतिरिक्त कार्यभार या कोई महत्वपूर्ण कार्य की जिमनेदारी उठानी पड़ सकती है, स्वास्थ्य का ध्यान रखें, अगस्त माह में कार्यक्षेत्र के विस्तार के अच्छे योग रहेंगे किंतु सहयोगियों से असंतोष भी बना रहेगा और पैरों में चोट या दर्द की शिकायत सी रह सकती है, धैर्य व संयम के साथ गंभीरता पूर्वक लिए गए निर्णयों से लाभ होगा, सितंबर माह में भाग्य का सहयोग रहने से रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे फिर भी जीवन में भागा-दौड़ी का दौर बना रहेगा साथ ही शत्रुओं पर भी विजय भाग्य की शक्ति से प्राप्त होगी एवं किसी शुभ समाचार के प्राप्त होने के अच्छे योग रहेंगे हालांकि संतान पक्ष से थोड़ा असंतोष रह सकता है, अक्टूबर माह में भाग्य थोड़ा कमजोर रह सकता है अतः इस समय धीरे-धीरे उन्नति के रास्ते बनेंगे और प्रयासों में व्यवधान भी आते रहेंगे, कुछ देर नित्य ध्यान करने से आप समस्याओं से निपटने में सफल रहेंगे, नवंबर व दिसंबर माह में अनावश्यक खर्च की वृद्धि से आय-व्यय के बीच सामंजस्य बैठाने को लेकर थोड़ी दिक्कत अनुभव हो सकती है और सर दर्द या वायु से जुड़ी दिक्कत थोड़ी बहुत रह सकती है किंतु नवंबर के अंतिम भाग से भाग्य का सहयोग प्राप्त होने से आत्मविश्वास में वृद्धि व आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु किए गए प्रयास सफल होंगे।

वर्ष 2026 की इन अशुभ तिथियों में रखें विशेष ध्यान

जनवरी:- 7, 8, 9, 12, 15, 19, 26 व 28।
फरवरी:- 2, 3, 4, 8, 9, 12, 19 व 20।
मार्च:- 1, 2, 19, 20, 21, 26 व 27।
अप्रैल:- 6, 11, 16, 18, 27 व 30।
मई:- 20, 25, 28 व 30।
जून:- 7, 9, 16, 21, 27 व 30।
अगस्त:- 9, 13, 15, 20 व 28।
सितंबर:- 14, 17, 19, 21, 23, 25 व 30।
अक्टूबर:- 5, 8, 16, 19, 21 व 30।
नवंबर:- 6, 17, 19, 24, 27 व 30।
दिसंबर:- 4, 14, 17, 25, 29 व 30।

वर्ष 2026 के इन शुभ तिथियों में करें किसी भी नए कार्य की शुरुवात

जनवरी:- 14, 16, 21, 28 व 31।
मार्च:- 3, 18, 22, 23, 24, 25 व 30।
जुलाई:- 4, 8, 14, 23, 29 व 30।
अक्टूबर:- 2, 4, 6, 10 व 12।
नवंबर:- 4, 6, 7, 8, 10, 15 व 29।
दिसंबर:- 2, 3, 5, 18, 20, 22 व 31।

उपाय

1. नित्य किसी भिखारी को नमकीन, मीठा व पानी दान करें।
2. बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं।
3. पूर्णिमा व अमावस्या के दिन हनुमान जी के मंदिर में सिंदूर, घी व किशमिश सेवा हेतु दें।

जय श्री राम।

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फरवरी 2026 के प्रमुख व्रत-पर्व व त्यौहार

1 फरवरी 2026:- स्नान-दान व व्रत की पूर्णिमा, माघी पूर्णिमा, संत रविदास जयंती, ललिता जयंती, मूल प्रारंभ रात्रि 11:38 पर।
2 फरवरी 2026:- फाल्गुन कृष्ण पक्ष प्रारंभ, सिंह राशि के चंद्र रात्रि 11:26 पर, मूल।
3 फरवरी 2026:- मूल समाप्ति रात्रि 11:27 पर।
4 फरवरी 2026:- कन्या राशि के चंद्र रात्रि शेष 05:50 पर, भद्रा दिन 01:36 से रात्रि 01:28 तक।
5 फरवरी 2026:- श्री संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत, चंद्रोदय रात्रि 09:10 (काशी)।
6 फरवरी 2026:- आनंद योग।
7 फरवरी 2026:- तुला राशि के चंद्र दिन 02:33 पर, भद्रा समाप्ति रात्रि शेष 03:39 पर, श्री बाबे लालू जी की चौथी चोटी।
8 फरवरी 2026:- भानु सप्तमी, भद्रा समाप्ति शाम 04:29 पर।
9 फरवरी 2026:- वृश्चिक राशि के चंद्र रात्रि 01:23 पर, जानकी जयंती, अष्टका श्राद्ध।
10 फरवरी 2026:- श्री वत्स योग।
11 फरवरी 2026:- मूल प्रारंभ दिन 11:20 पर, भद्रा प्रारंभ रात्रि 10:29 पर।
12 फरवरी 2026:- धनु राशई के चंद्र दिन 01:12 पर, भद्रा समाप्ति दिन 11:33 पर, मूल।
13 फरवरी 2026:- विजया एकादशी व्रत सभी के लिए, कुंभ राशि में सूर्य की संक्रांति, मूल समाप्ति दिन 03:48 पर।
14 फरवरी 2026:- मकर राशि के चंद्र रात्रि 12:11 पर, शनि प्रदोष व्रत।
15 फरवरी 2026:- श्रीमहाशिवरात्रि व्रत, सर्वत्र शिव पूजन, श्री वैद्यनाथ जयंती, कृत्रिवासेश्वर दर्शन-पूजन रात्रि जागरण-यात्रा, भद्रा शाम 04:23 से रात्रि शेष 04:47 तक।
16 फरवरी 2026:- सिद्धि योग, योगी-साधु व नन्दी(बैल) पूजन व भोजन कराना।
17 फरवरी 2026:- कुंभ राशि के चंद्र व पंचक प्रारंभ दिन 09:03 पर, स्नान-दान व श्राद्ध की अमावस्या।
18 फरवरी 2026:- पंचक।
19 फरवरी 2026:- मीन राशि के चंद्र दिन 03:27 पर, फूलेरा दूज, श्री रामकृष्ण परमहंस जयंती, पंचक।
20 फरवरी 2026:- भद्रा प्रारंभ रात्रि 02:17 पर, मूल प्रारंभ रात्रि 09:03 पर, माँ पिताम्बर देवी का वार्षिक श्रृंगार, पंचक।
21 फरवरी 2026:- मेष राशि के चंद्र व पंचक समाप्ति रात्रि 07:45 पर, वैनायकी गणेश चतुर्थी व्रत, भद्रा समाप्ति दिन 01:30 पर, मूल।
22 फरवरी 2026:- मूल समाप्ति शाम 06:37 पर।
23 फरवरी 2026:- वृषभ राशि के चंद्र रात्रि 10:33 पर, गौरूपिणी षष्ठी (बंगाल), होलाष्टक प्रारंभ।
24 फरवरी 2026:- कामदा सप्तमी, भद्रा दिन 07:09 से शाम 05:58 तक।
25 फरवरी 2026:- मिथुन राशि के चंद्र रात्रि 12:50 पर, शुभ योग।
26 फरवरी 2026:- फगुदशमी (उड़ीसा)।
27 फरवरी 2026:- कर्क राशि के चंद्र रात्रि 03:30 पर, आमलकी एकादशी व्रत सभी के लिए, रंगभरी एकादशी, श्री काशी विश्वनाथ जी की विशेष पूजा-श्रृंगार व अबीर की सूखी होली (काशी), भद्रा दिन 11:02 से रात्रि 09:58 तक।
28 फरवरी 2026:- गोविंद द्वादशी, साँवा तिल्ले का बासी बनाना।

जय श्री राम।

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कुंभ राशि 2026: जानिए अवसर-चुनौतियाँ व उपाय

कुंभ राशि वालों के लिए वर्ष 2026 अत्यंत महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी रहने वाला है, यह वर्ष आपके लिए ‘रिकवरी’ और ‘आत्म-जागृति’ (Self-Awakening) का वर्ष साबित होने के योग बनते दिखते हैं वर्ष के शुरुवाती दौर में शनि का आपकी ही राशि से गोचर थोड़ा सा भागा-दौड़ी और मेहनत में बाधा रखेंगे हालांकि जनवरी मध्य भाग से मंगल के उच्च राशि के होने से लाभ मिलेगा और गुरु वर्ष भर परिवर्तन और कारोबार में उन्नति व यात्राओं के योग बनाएंगे, जनवरी अप्रैल के मध्य लोगों से संपर्क बनाकर काम करना लाभदायक रहेगा एवं इच्छाओं की पूर्ति हेतु कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी और किसी उच्च अधिकारी या किसी अन्य के सहयोग से किसी नए कार्य का आरंभ होने की प्रबल संभावना रहेगी और पारिवारिक समस्याओं से भी कुछ छुटकारा प्राप्त होगा एवं किसी रिश्तेदार या मित्र के आगमन से मन प्रसन्न रहेगा किंतु जीवनसाथी के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव व किसी अवांछित कार्य के कारण से दोषी ठहराए जाने से मन में अशांति अनुभव होगी अपने धैर्य को बनाए रखें, अप्रैल माह में पुनः भाग्य का सहयोग रहने से आर्थिक स्थिति में तनिक सुधार, मान-सम्मान की प्राप्ति व अधिकारों में वृद्धि की संभावना रहेगी और सत्संग से स्वास्थ्य में लाभ होगा।

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मई से जुलाई माह में उच्च अधिकारी का सहयोग प्राप्त होने से कार्यक्षेत्र में उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे और कुछ विशेष प्रयास से लाभ की प्राप्ति होगी फिर भी मई माह में भाग्य से उतना संतोष नही मिल सकेगा हालांकि जून और जुलाई माह राहत भरा रहने से आय-व्यय के बीच सामंजस्य बैठाने में आप काफी हद तक सफल रहेंगे और किसी महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ सकती है साथ ही किसी पुराने मित्र या प्रियजन से मिलने के कारण से मन भी थोड़ा प्रसन्नचित्त रहेगा, किसी प्रशासनिक अधिकारी से व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, अगस्त माह में ग्रह संयोग उत्तम रहने से स्त्री सुख उत्तम रहेगा एवं आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा औऱ शत्रुपक्ष भी कमजोर रहेंगे, विद्यार्थियों को शिक्षा में सफलता प्राप्त होगी किंतु जोखिम भरे निर्णय लेने से बचें, सितंबर माह आपके धैर्य व संयम की असल परीक्षा लिए हुए हो सकता है जिसमें अत्यधिक स्वाभिमान के कारण से भी कुछ नुकसान उठाना पड़ सकता है किंतु भाग्य का सहयोग भी मिलने से मन में हल्की राहत अनुभव होती रहेगी।

कुंभ राशिफल 2026
कुंभ राशिफल 2026

अक्टूबर माह में पुनः भाग्य का सहयोग मजबूत होने से यश में वृद्धि होगी एवं परिवार का भी सुख व सहयोग प्राप्त होगा किंतु अत्यधिक खर्च के कारण से मन में कुछ फिकर सी रहेगी फिर भी कोई बिगड़ा काम एकदम से बनने के कारण से मन में हर्ष संभव है हालांकि, नवंबर माह में पुनः भाग्य थोड़ा कमजोर रहने के कारण से व्यर्थ की यात्रा के योग बनेंगे और कुछ कठिन परिश्रम से दिनचर्या में प्रभाव प्राप्त होगा एवं कार्य में सफलता प्राप्त होगी फिर भी नवंबर मध्य भाग के बाद से ग्रहों का सहयोग धीरे-धीरे प्राप्त होने से आपके व्यक्तित्व का विकास होगा साथ ही आत्मविश्वास व मनोबल में वृद्धि होगी और यश में वृद्धि होगी, आर्थिक स्थिति में सुधार होने से दिसंबर माह में थोड़ा आपको राहत अनुभव होगी एवं विद्यार्थी वर्ग की अचानक कोई यात्रा संभव रहेगी, इस माह कोई भी निर्णय अच्छे से विचार कर ही लेना उचित रहेगा अन्यथा किसी बदनामी में भी फँस सकते हैं।

वर्ष 2026 के इन अशुभ तिथियों में रखें विशेष ध्यान

जनवरी:- 2, 3, 8, 9, 22 व 23।
फरवरी:- 7, 8, 9, 10, 19, 27 व 28।
मार्च:- 3, 5, 12, 15, 22 व 23।
अप्रैल:- 2, 4, 5, 8, 22, 23 व 25।
जून:- 4, 14, 21, 23, 25, 28 व 30।
जुलाई:- 4, 6, 13, 15, 17, 19 व 28।
अगस्त:- 1, 2, 5, 7, 9, 10, 13, 14, 15, 17, 22, 24, 27 व 30।
अक्टूबर:- 5, 7, 17, 26 व 27।
नवंबर:- 5, 6, 7, 9, 11, 16, 17, 18, 20, 23, 25, 28 व 30।

वर्ष 2026 के इन शुभ तिथियों में करें नए कार्य की शुरुवात

जनवरी:- 5, 8, 15 व 22।
मई:- 15, 18, 21, 22 व 28।
जुलाई:- 2, 5, 8, 12, 17 व 21।
सितंबर:- 3, 6, 11, 12, 13, 14, 15, 27 व 28।
दिसंबर:- 2, 3, 4, 11, 12, 13, 14, 22, 25 व 30।

उपाय

1. नित्य विष्णु जी को घी का दीपक व पीला फूल और पीले मीठे का भोग अर्पित कर के विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
2. प्रदोष व्रत करें।
3. बुधवार के दिन किसी स्टूडेंट को पेन-पेंसिल गिफ्ट करें।

जय श्री राम।

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मकर राशि 2026: जानिए अवसर-चुनौतियाँ व उपाय

मकर राशि वालों के लिए वर्ष 2026 अत्यंत महत्वपूर्ण बदलावों वाला रहेगा जिसमें आपके धैर्य की परीक्षा तो होगी ही साथ ही आपके छुपे टैलेंट के इस्तेमाल का भी अच्छा समय रहेगा वर्ष की शुरुवाती दौर में जहाँ शनि कुछ समय साढ़ेसाती का प्रभाव बनाकर रखेंगे जो परिवर्तन का सूचक होगी एवं गुरु का षष्ठ व सप्तम भाव से गोचर निश्चय ही कर्मक्षेत्र में सफलता का सूचक रहेगा जनवरी व फरवरी माह में आपके स्नेही स्वभाव के कारण से आपको लाभ होगा साथ ही परिवार व मित्रों का भी सहयोग प्राप्त होगा और किसी मनपसंद वस्तु के प्राप्त होने से मन में प्रसन्नता का भाव रहेगा साथ ही प्रेम संबंधों में भी कुछ मजबूती सी आएगी, संभव है कि कोई नई योजना मन में बने जिससे आगे चलकर लाभ होगा, करिअर के क्षेत्र में स्थान परिवर्तन व नौकरी परिवर्तन के योग रहेंगे और विद्यार्थी वर्ग को थोड़ा अधिक परिश्रम करना पड़ेगा, मार्च माह में कर्ज लेने व देने दोनों से बचें, धार्मिक कार्यों के प्रति रुचि बढ़ेगी और किसी नए कार्य के शुरुवात की भी अच्छी संभावनाएं बनेंगी, अप्रैल से जून माह में आपका आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा साथ ही प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी और परिवार में भी माहौल अच्छा रहने से मन में प्रसन्नता अनुभव होगी व भाग्य का सहयोग प्राप्त होते रहने के कारण से कारोबार के मार्ग में बड़ी उन्नति व आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा, किसी के साथ व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, घरेलू वातावरण के अंदर मई के मध्य भाग या जून के प्रारंभिक भाग में हल्का सा उतार -चढ़ाव संभव रहेगा और आय-व्यय के बीच सामंजस्य बैठाने को लेकर थोड़ी चिंता सी अनुभव होगी, स्वास्थ्य का ख्याल रखें व शेयर मार्केट में निवेश करने से बचें।

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जुलाई व अगस्त माह में आपकी बुद्धि की प्रतिभा का विकास होगा एवं विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता भी प्राप्त होगी एवं भाग्य का भी निरंतर सहयोग प्राप्त होते रहने से आय-व्यय के बीच कुछ सामंजस्य बैठाने में सफल रहेंगे, व्यर्थ की यात्राओं व फिजूल खर्चों पर नियंत्रण रखें, कुछ विशेष प्रयास से आय वृद्धि के नए मार्ग खुलेंगे, सितंबर माह में किसी को उधार दिया पैसा वापस मिल सकता है जिससे आर्थिक स्थिति में हल्का सा सुधार होगा किंतु दैनिक खर्चों में वृद्धि के भी योग बनते दिखते हैं, सरकारी कर्मचारी से व्यर्थ विवाद में पड़ने से बचें, अक्टूबर माह में नए वस्त्र या आभूषण या वाहन खरीदने के योग बनते हैं और अच्छे लोगों की संगति से लाभ प्राप्त होगा एवं दाम्पत्य जीवन भी अच्छा रहेगा, नवंबर व दिसंबर माह में हल्के उतार-चढ़ाव के साथ उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे व कुछ विशेष प्रयास से आय में वृद्धि होने के योग बनेंगे, आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा एवं भाग्य का सहयोग प्राप्त होने से किए गए प्रयास सफल सिद्ध होंगे किंतु दैनिक दिनचर्या में स्वास्थ्य बाधा बन सकता है अतः खान-पान का ध्यान रखें, धैर्य व संयम के साथ लिए गए निर्णयों से लाभ होगा।

वर्ष 2026 के इन अशुभ तिथियों में रखें विशेष ध्यान

जनवरी:- 6, 7, 8, 12, 13, 25 व 26।
फरवरी:- 2, 3, 13, 15, 26 व 28।
मार्च:- 2, 3, 4, 8, 10, 12, 15 व 20।
अप्रैल:- 18, 21, 27 व 28।
मई:- 2, 4, 6, 15, 23 व 30।
जून:- 3, 6, 11, 19, 27 व 28।
जुलाई:- 3, 5, 10, 20, 22, 25, 29 व 30।
अगस्त:- 3, 5, 11, 17, 20 व 30।
सितंबर:- 4, 7, 10, 11, 20, 21, 24, 28 व 30।
अक्टूबर:- 5, 9, 14, 19, 25 व 30।
नवंबर:- 2, 4, 10, 14, 25, 28 व 29।
दिसंबर:- 3, 8, 11, 16, 18, 19 व 27।

वर्ष 2026 के इन शुभ तिथियों में करें नए कार्य की शुरुवात

जनवरी:- 5, 14, 15, 27 व 31।
फरवरी:- 1, 11, 12, 14, 25 व 27।
मार्च:- 5, 7, 21, 22, 23 व 25।
जून:- 5, 7, 9, 13, 29 व 30।
सितंबर:- 5, 6, 14, 21, 22 व 29।
नवंबर:- 5, 13, 21, 27 व 30।
दिसंबर:- 4, 6, 8, 10, 19, 25, 30 व 31।

उपाय

1. शनिवार के दिन किसी भिखारी को नमकीन, मीठा व पानी का दान करें।
2. गणेश जी को नित्य दूर्वा व घी का दीपक अर्पित कर गणेश चालीसा का पाठ करें।
3. शुक्रवार के दिन 14 वर्ष से छोटी कन्या को चॉकलेट-चिप्स गिफ्ट करें।

जय श्री राम।

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मकर संक्रांति विशेष: इन दो योगों की युति होगी विशेष शुभफलदायी

सूर्य के प्रत्येक राशि परिवर्तन को सूर्य की संक्रांति नाम से जाना जाता है और सूर्य की सभी द्वादश संक्रांति का महापर्व मकर संक्रांति होती है इसी दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने उनके घर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और पूरे माह मकर राशि में रहते हैं और मकर की संक्रांति के दिन से ही उत्तरायण हो जाते हैं जिससे प्रकृति में भी परिवर्तन शुरू हो जाता है एवं शीत ऋतु का प्रकोप भी कम होता है साथ ही दिन की अवधि बढ़ने लगती है, मकर संक्रांति के दिन पवित्र तीर्थों में पवन नदी में स्नान-दान का विशेष महत्व होता है, वर्ष 2026 में सूर्य 14 जनवरी की रात्रि 09 बजकर 39 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे धर्मशास्त्रों के अनुसार सूर्य संक्रांति की घटना अत्यंत सूक्ष्म समय में होती है अतः हमारे मनीषियों ने संक्रांति से 8 से 16 घण्टे की अवधि को पुण्यकाल बतलाया है, जब सूर्य की संक्रांति दिन की हो तो 8 घण्टे व सूर्य की संक्रांति यदि रात की हो तो 16 घण्टे पुण्यकाल रहता है अतः मकर संक्रांति का पर्व 15 जुलाई को मनाया जाएगा एवं दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक मकर संक्रांति का पुण्य काल रहेगा।

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इन दो योगों की युति होगी विशेष शुभफलदायी

वर्ष 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी गुरुवार के दिन मनाया जाएगा सामान्य तौर पर गुरुवार के दिन खिचड़ी खाना व बनाना वर्जित होता है किंतु पर्व विशेष होने के कारण से गुरुवार के दिन खिचड़ी वर्जित होते हुए भी खिचड़ी का दान व भोजन शुभ रहेगा अतः लोग खिचड़ी बना सकते हैं, दान कर सकते हैं और खा भी सकते हैं।

मकर संक्रांति के दिन ही तिल द्वादशी भी पड़ रही है मान्यता है कि माघ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी को भगवान विष्णु के शरीर से तिल की उत्पत्ति हुई थी, इस बार मकर संक्रांति के दिन तिल द्वादशी और वृद्धि योग की युति होने से यह अत्यंत शुभफलदाई होगा जो मकर संक्रांति के दिन किए गए स्नान-दान के पुण्यों में कई गुणा वृद्धि करेगा।

आप सभी को मकर संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाएं।

जय श्री राम।