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बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026: करें यह एक उपाय, मेष से मीन तक चमकेगी किस्मत

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि बसंत पंचमी के नाम से विख्यात है, “ऋषिकेश पंचांग” (काशी) अनुसार इस वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 22 जनवरी की मध्य रात्रि 1 बजकर 17 मिनट से 23 जनवरी की रात्रि 12 बजकर 09 मिनट तक रहेगी शास्त्रों में सूर्योदय व्याप्त तिथि के अनुसार पर्व मनाने का विधान है अतः इस वर्ष 23 जनवरी को बसंत पंचमी मनाई जाएगी।

श्री पंचमी विशेष

शास्त्रों के अनुसार बसंत पंचमी को श्री पंचमी भी कहा जाता है इस दिन अबूझ मुहर्त होने के कारण से किसी भी मांगलिक कार्यक्रम को करने के साथ किसी नई वस्तु का क्रय या किसी नए कार्य का आरंभ भी किया जा सकता है बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी माता सरस्वती के पूजन का विधान है इस दिन माता सरस्वती की पूजा करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है तथा जिन विद्यार्थियों की शिक्षा में अवरोध उत्पन्न हो रहे हों उन्हें बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए।

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पूजन शुभ मुहूर्त्त

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार बसंत पंचमी/सरस्वती पूजन/कामदेव पूजन शुभ मुहर्त प्रातः 07:15 से 12:50 तक रहेगा जिसकी कुल अवधि 5 घंटे 35 मिनट रहेगी इसमें भी विशेष प्रातः 07:56 से 09:25 कुंभ लग्न (स्थिर लग्न) में पूजन करना अत्यंत शुभ रहेगा।

नोट:- यदि किसी कारण वश ऊपर बताए गए मुहर्त में पूजा न कर सकें तो बसंत पंचमी के दिन अबूझ मुहर्त रहने के कारण किसी भी समय माता सरस्वती की पूजा कर सकते हैं।

सुखद दाम्पत्य जीवन हेतु करें यह उपाय

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी के दिन कामदेव के मंत्र “ॐ नमो भगवते कामदेवाय, यस्य यस्य दृश्यो भवामि, यश्च यश्च मम मुखम पछ्यति तत मोहयतु स्वाहा” मंत्र का 1 माला जप करने व कामदेव और देवी रति की पूजा करने से दाम्पत्य जीवन में मधुरता आती है।

बसंत पंचमी का सूक्ष्म पंचांग “ऋषिकेश पंचांग” (काशी अनुसार)

दिनमान:- 26:46
तिथि:- पंचमी रात्रि 12:09 तक तदोपरांत षष्ठी
नक्षत्र:- पूर्वाभाद्रपद दिन 01:36 तक तदोपरांत उत्तराभाद्रपद
योग:- परिघ दिन 03:25 तक तदोपरांत शिव
करण:- वव उपरांत वालव
चंद्र:- मीन राशि पर दिन 07:41 से
सूर्योदय:- 06:39
सूर्यास्त:- 05:21
चन्द्रास्त:- 09:53

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बसंत पंचमी विशेष उपाय

मेष राशि (Aries): मेष राशि के जातक माँ सरस्वती को लाल रंग की कलम (Red Pen) अर्पित करें और ‘सरस्वती कवच’ का पाठ करें।

वृषभ राशि (Taurus): माँ सरस्वती को सफेद चंदन का तिलक लगाएं और सफेद फूल चढ़ाएं।

​मिथुन राशि (Gemini): माँ सरस्वती को हरे रंग का पेन अर्पित करें और उसे अपनी पढ़ाई या काम में इस्तेमाल करें।

​कर्क राशि (Cancer): माँ शारदा को खीर का भोग लगाएं और सफेद वस्त्र अर्पित करें।

​सिंह राशि (Leo): पूजा के समय सरस्वती चालीसा का पाठ करें और माँ को गुड़ का भोग लगाएं।

​कन्या राशि (Virgo): गरीब बच्चों को पढ़ाई की सामग्री (कॉपी-किताब/पेंसिल) दान करें।

तुला राशि (Libra): माँ सरस्वती को शहद (Honey) का भोग लगाएं और किसी ब्राह्मण को सफेद वस्त्र दान करें।

​वृश्चिक राशि (Scorpio): लाल रंग के फूलों की माला माँ सरस्वती को अर्पित करें और लाल कलम से अपनी मनोकामना एक कागज पर लिखकर माँ के चरणों में रखें।

​धनु राशि (Sagittarius): माँ सरस्वती को पीले रंग की मिठाई (बेसन के लड्डू) का भोग लगाएं और केसर का तिलक लगाएं।

​मकर राशि (Capricorn): माँ सरस्वती को नीले रंग के फूल (अपराजिता) चढ़ाएं और निर्धन विद्यार्थियों की मदद करें।

​कुंभ राशि (Aquarius): माँ सरस्वती की पूजा के बाद कच्चा अनाज (चावल/दाल) किसी जरूरतमंद को दान करें।

मीन राशि (Pisces): माँ सरस्वती को पीले फल (जैसे केला) अर्पित करें और ‘ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः’ मंत्र का जाप करें।

जय श्री राम।