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नजर दोष व उसके बचाव हेतु उपाय भाग:१—-Astrology Sutras

नजर दोष व उसके बचाव हेतु उपाय भाग:१—-Astrology Sutras

 

नजर दोष दूर करने के उपाय
नजर दोष दूर करने के उपाय

 

किसी व्यक्ति के साथ अच्छा होते-होते अचानक से बुरा होने लगता है जैसे कारोबार का मंद पड़ जाना, छोटे बच्चों का दूध न पीना, शिक्षा में व्यवधान आने लगना, बच्चों का स्वभाव अचानक से चिड़चिड़ा हो जाना, स्वास्थ्य में परेशानियाँ यह सभी नजर दोष के लक्षण होते हैं, ऐसा माना जाता है कि नजर लगने से व्यक्ति के अंदर की सकारात्मक ऊर्जा कम होने लगती है तथा वह नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव में आ जाते हैं।

 

ज्योतिष शास्त्र के वराह संहिता ग्रंथ के शगुन विचार में नजर दोष का विस्तृत उल्लेख मिलता है अतः मैं वराह संहिता के शगुन विचार के अंतर्गत कुछ उपाय जिन्हें मैंने अपने अनुभव में सटीक पाया है वह आप सभी को बताता हूँ।

 

नजर दोष के उपाय
नजर दोष के उपाय

 

बच्चों को नजर लगे तो करें यह उपाय:-

 

१. यदि आपका बच्चा अचानक से दूध पीना बंद कर दे तो थोड़ा सा दूध बच्चे के सर पर से 3 बार उतारकर कुत्ते को पिलाने से नजर दोष से मुक्ति मिलती है।

 

२. यदि आपको किसी पर शक हो कि अमुक व्यक्ति की नजर मेरे बच्चे पर लगी है तो अपने बच्चे के सर पर से उक्त व्यक्ति का हाथ फिरवाने से लाभ मिलता है।

 

भोजन पर लगे नजर तो करें यह उपाय:-

 

यदि घर के किसी सदस्य के भोजन पर नजर लग गयी हो अर्थात उसे भूख न लगती हो या कुछ भी खाने से पेट खराब होने लगे तो उन सदस्य (जिनके भोजन पर नजर लगी हो) को थाल में से सभी भोज्य पदार्थ का कुछ-कुछ अंश एक पत्तल पर निकालकर उसे किसी तिराहे या चौराहे पर रख आएं।

 

विशेष:- यह उपाय करने के दौरान जब तक आप घर पुनः वापस आकर हाथ, पैर और मुँह न धो लें तब तक आपको पीछे मुड़कर नही देखना चाहिए।

 

यदि आपके व्यापार को नजर लग जाए तो करें यह उपाय:-

 

. यदि आपके व्यापार पर किसी की नजर लग गयी हो जिससे आपका चलता हुआ व्यापार एकदम से मंद पड़ जाए तो अपने कार्यस्थल पर मंगलवार और शनिवार के दिन नींबू-मिर्च लटका दें।

 

विशेष:- नींबू-मिर्च प्लास्टिक वाले नही होने चाहिए।

 

२. यदि आपकी नौकरी पर किसी की नजर लग गयी हो तो नित्य गणेश जी के चरणों में अर्पित दूर्वा घास अपनी जेब या पर्स में रखें लाभ होगा।

 

यदि घर के किसी सदस्य को नजर दोष के कारण स्वास्थ्य में समस्या आ रही हो तो करें यह उपाय:-

 

१. यदि घर के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में नजर दोष के कारण से कोई समस्या निरंतर बनी रह रही हो तो उन सदस्य (जिनके स्वास्थ्य में नजर दोष के कारण से समस्या आ रही हो) उनको एक जगह लिटाकर फिटकरी के एक छोटे से टुकड़े को उनके सर से पैर तक 7 बार उतारें तथा प्रत्येक बार पैर के तलवे से फिटकरी का स्पर्श अवश्य कराएं तदोपरांत उस फिटकरी को गोहरी व देसी घी के माध्यम से जला दें तत्काल लाभ होगा।

 

२. जिन व्यक्ति को नजरदोष के कारण से स्वास्थ्य में समस्या निरन्तर बनी रह रही हो उनके सर पर से राई और 7 लाल मिर्च को 7 बार उतार कर जला दें लाभ होगा।

 

पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए इसका दूसरा भाग जल्द ही प्रकाशित करूँगा।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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काशी में स्थित बटुक भैरव का हरियाली एवं जल बिहार श्रृंगार महादेव के बालरूप दर्शन कर भक्त हुए निहाल

काशी में स्थित बटुक भैरव का हरियाली एवं जल बिहार श्रृंगार महादेव के बालरूप दर्शन कर भक्त हुए निहाल

 

बाबा बटुक भैरव
बाबा बटुक भैरव

 

वाराणसी (काशी ) के कमच्छा क्षेत्र में महादेव के बालरूप बटुक भैरव जी का प्रसिद्ध मंदिर है जहाँ प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी हरियाली एवं जल बिहार श्रृंगार किया गया आज के दिन के बाबा के इस श्रृंगार की भक्तगण सदैव प्रतीक्षा करते हैं, हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी प्रातः 5 बजे बटुक भैरव जी का पंचामृत से स्नान करा कर मंगला आरती संपन्न की गई तथा रात्रि 9 बजे बटुक भैरव जी की महा आरती 1008 दीपों एवं सवा किलो कपूर के साथ संपन्न की गई तथा 51 डमरूओं के साथ आरती गान किया गया।

 

जय श्री राम।

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सूर्य का सिंह राशि से गोचर 16 अगस्त 2020: जानें किन राशि वालों की चमक जाएगी किस्मत

सूर्य का सिंह राशि से गोचर 16 अगस्त 2020: जानें किन राशि वालों की चमक जाएगी किस्मत

 

सूर्य का सिंह राशि से गोचर
सूर्य का सिंह राशि से गोचर

 

सूर्य 16 अगस्त 2020 को रात्रि के 7 बजकर 27 मिनट पर कर्क राशि को छोड़कर अपनी  स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे जिस कारण से सूर्य की कर्क की सक्रांति समाप्त होकर सूर्य की सिंह की सक्रांति लगेगी, सूर्य के गोचर परिवर्तन को सूर्य की सक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, सूर्य एक राशि में 30 दिन तक गोचर करते हैं जिसका विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है तो चलिए जानते हैं सूर्य के सिंह राशि से गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-

 

सूर्य के सिंह राशि में गोचर से पड़ने वाले प्रभाव
सूर्य के सिंह राशि में गोचर से पड़ने वाले प्रभाव

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के सूर्य पंचम भाव के स्वामी होकर पंचम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप संतान की उन्नति होगी व संतान का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, प्रेमियों के मध्य क्षणिक विवाद संभव रहेगा, आय सामान्य रहेगी, वाणी पर नियंत्रण रखें।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी होकर चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे अतः माता का सहयोग मिलेगा, दामपत्य जीवन सामान्य रहेगा, प्रमोशन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, स्वास्थ्य का ख्याल रखें व तामसिक चीजों से परहेज करें।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा व उनकी उन्नति भी होगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, किसी उच्च अधिकारी से मुलाकात संभव है, यात्राओं के योग बनेंगे, आवेश में आकर कोई भी निर्णय लेने से बचें, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना पड़ेगा।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव से गोचर करेंगे आय वृद्धि के योग बनेंगे, वाणी पर नियंत्रण रखें, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा, वाहन सावधानी से चलाएं, नेत्रों में जलन, दर्द या चोट लगने की संभावना रहेगी, अचानक धन लाभ हो सकता है।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य पहले भाव के स्वामी होकर प्रथम भाव अर्थात लग्न से गोचर करेंगे फलस्वरूप देह में स्फूर्ति बनी रहेगी, मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे, क्रोध व वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, सर दर्द या ज्वर होने की संभावना रहेगी।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य द्वादश भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव से गोचर करेंगे यात्राओं के योग बनेंगे, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद न करें, जीवनसाथी से क्षणिक विवाद संभव रहेगा, सर दर्द, ज्वर, नेत्रों में जलन, दर्द या चोट लगने की संभावना रहेगी, आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए सूर्य एकादश भाव के स्वामी होकर एकादश भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप आय में वृद्धि होगी, नौकरी पेशा लोगों के प्रमोशन की बात चल सकती है, मित्रों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा व उनसे लाभ भी होगा, जीवनसाथी से विवाद संभव रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, बड़े भाई-बहन यदि हैं तो उनका पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, नए कार्य की शुरुवात हो सकती है।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे दशम भाव में सूर्य को दिग्बल प्राप्त होने के कारण से सूर्य अत्यधिक शक्तिशाली फल का दाता बन जाता है फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में सीनियर आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त हो सकती है, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, प्रमोशन व नौकरी परिवर्तन के योग बनेंगे, क्रोध पर नियंत्रण रखें, माता के स्वास्थ्य में कुछ समस्या रह सकती है।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए सूर्य नवम भाव के स्वामी होकर नवम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा, आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी, पिता से वैचारिक मतभेद संभव है, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, सांतान प्राप्ति के योग बनेंगे, भाई-बहन से वैचारिक मतभेद संभव है।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप पैतृक संपत्ति प्राप्त होने के योग बनेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, जीवनसाथी के वाणी व स्वभाव में तेजी अनुभव होगी जिस कारण उनसे क्षणिक विवाद संभव है, गर्म चीजों के सेवन से परहेज करें, पेट की समस्या हो सकती है।

 

कुंभ राशि:-

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप दामपत्य जीवन मिला-जुला रहेगा, पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, क्रोध व वाणी पर नियंत्रण रखें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए सूर्य छठे भाव के स्वामी होकर छठे भाव से गोचर करेंगे फलस्वरूप शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा समय सिद्ध होगा, सरकारी कर्मचारियों से व्यर्थ विवाद में न पड़ें, जिनकी उम्र 55 वर्ष से अधिक है वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा।

 

जय श्री राम।

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अंतर्दशा निकालने की सबसे सरल विधि—-Astrology Sutras

अंतर्दशा निकालने की सबसे सरल विधि—-Astrology Sutras

 

दशा और आपके प्रश्न
दशा और आपके प्रश्न

 

दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सरल विधि—-Astrology Sutras

दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सबसे सरल विधि जानें, कैसे ज्ञात किया जाए कि व्यक्ति का जन्म किस दशा में हुआ है व उस दशा का भोग्यवर्ष क्या होगा।

 

प्रत्येक ग्रह की दशा में ९ ग्रह की अंतर्दशा होती है जैसे सूर्य की महादशा में पहली अंतर्दशा सूर्य की, दूसरी चंद्र की, तीसरी मंगल की, चतुर्थ राहु की, पांचवीं गुरु की, छठी शनि की, सातवीं बुध की, आठवीं केतु की व नौवीं शुक्र की इसी प्रकार अन्य ग्रहों में भी समझना चाहिए आशय यह है कि जिस ग्रह की दशा हो उससे सूर्य, चंद्र, भौम के क्रमानुसार अन्य नवग्रहों की अन्तर्दशाएँ होती हैं।

 

अंतर्दशा निकालने का एक सबसे सरल नियम यह है कि दशा-दशा का परस्पर गुणा कर १० से भाग देने से लब्ध मास और शेष को ३ से गुणा करने से दिन होंगे

 

विंशोत्तरी दशा वर्ष:-

 

दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सरल विधि—-Astrology Sutras

दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सबसे सरल विधि जानें, कैसे ज्ञात किया जाए कि व्यक्ति का जन्म किस दशा में हुआ है व उस दशा का भोग्यवर्ष क्या होगा।

 

१. सूर्य:- ६ वर्ष
२. चंद्र:- १० वर्ष
३. मंगल:- ७ वर्ष
४. राहु:- १८ वर्ष
५. गुरु:- १६ वर्ष
६. शनि:- १९ वर्ष
७. बुध:- १७ वर्ष
८. केतु:- ७ वर्ष
९. शुक्र:- २० वर्ष

 

उदहारण:-

 

सूर्य की दशा में अंतर्दशा निकालनी हो तो सूर्य के दशा वर्ष का सूर्य के ही दशा वर्षों से गुणा किया तो:-

 

६×६= ३६

३६÷१०= ३ मास, शेष ६

६×३= 18 दिन

अर्थात ३ मास १८ दिन सूर्य की अंतर्दशा रहेगी।

 

इसी तरह सूर्य की दशा मे अन्य ग्रहों की अंतर्दशा:-

 

चंद्रमा:-

 

६×१०= ६०, ६०÷१०=मास

 

मंगल:-

 

६×७= ४२, ४२÷१०= मास शेष , २×३= ६ दिन अर्थात मास दिन

राहु:-

 

६×१८= १०८, १०८÷१०= १० मास शेष ८, ८×३= २४ दिन अर्थात १० मास २४ दिन

 

गुरु:-

 

६×१६= ९६, ९६÷१०= ९ मास शेष ६, ६×३= १८ दिन अर्थात मास १८ दिन

 

शनि:-

 

६×१९= ११४, ११४÷१०= ११ मास शेष , ४×३= १२ दिन अर्थात ११ मास १२ दिन

 

बुध:-

 

६×१७= १०२, १०२÷१०= १० मास शेष , २×३= ६ दिन अर्थात १० मास दिन

 

केतु:-

 

६×७= ४२, ४२÷१०= ४ मास शेष , २×३= ६ दिन अर्थात मास दिन

 

शुक्र:-

 

६×२०= १२०, १२०÷१०= १२ मास अर्थात वर्ष

 

इसी तरह से अन्य ग्रहों की दशा में भी अंतर्दशा निकाली जाती है।

 

दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सरल विधि—-Astrology Sutras

दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सबसे सरल विधि जानें, कैसे ज्ञात किया जाए कि व्यक्ति का जन्म किस दशा में हुआ है व उस दशा का भोग्यवर्ष क्या होगा।

 

 

जय श्री राम।

 

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दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सरल विधि—-Astrology Sutras

दशा व उसका भोग्यकाल निकालने की सरल विधि—-Astrology Sutras

 

दशा और आपके प्रश्न
दशा और आपके प्रश्न

 

जन्म के समय किस ग्रह की दशा थी और कितनी दशा भोग्य थी यह ज्ञात करने की सबसे सरल विधि को प्रस्तुत करता हूँ जो कि ज्योतिष के विद्यार्थियों के लिए तो वरदान साबित होगी ही साथ ही जनसामान्य भी इसको सरलता से ज्ञात कर सकेंगे तो सबसे पहले हम यह जानने का प्रयास करते हैं कि व्यक्ति का जन्म किस ग्रह की दशा में हुआ है।

 

किस ग्रह की दशा में हुआ व्यक्ति का जन्म:-

 

दशा ज्ञात करने की विधि
दशा ज्ञात करने की विधि

 

व्यक्ति के जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होंगे उस नक्षत्र के स्वामी की दशा में व्यक्ति का जन्म होता है।

 

नक्षत्र व उनके स्वामी का विवरण इस प्रकार है:-

 

१. कृतिका, उत्तराफाल्गुनी और उत्तराषाढ़ा के स्वामी सूर्य होते हैं जिनकी दशा 6 वर्ष की होती है।

 

२. रोहिणी, हस्त और श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा होते है जिनकी दशा 10 वर्ष की होती है।

 

३. मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल होते हैं जिनकी दशा 7 वर्ष की होती है।

 

४. आर्द्रा, स्वाती और शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु होते हैं जिनकी दशा 18 वर्ष की होती है।

 

५. पुनर्वसु, विशाखा और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुरु होते हैं जिनकी दशा 16 वर्ष की होती है।

 

६. पुष्य, अनुराधा और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि होते हैं जिनकी दशा 19 वर्ष की होती है।

 

७. आश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध होते हैं जिनकी दशा 17 वर्ष की होती है।

 

८. मघा, मूल और अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु होते हैं जिनकी दशा 7 वर्ष की होती है।

 

९. पूर्वाफाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा और भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र होते हैं जिनकी दशा 20 वर्ष की होती है।

 

दशा का भोग्यकाल ज्ञात करने की सरल विधि:-

 

दशा का भोग्यकाल ज्ञात करने की सरल विधि
दशा का भोग्यकाल ज्ञात करने की सरल विधि

 

जन्म के समय किसी ग्रह की कितनी दशा भोग्य थी यह ज्ञात करने के लिए सर्वप्रथम यह देखिए कि जन्म के समय किस नक्षत्र में है और जन्म के बाद कितने समय/घड़ी तक उस नक्षत्र में रहेगा, जितने समय/घड़ी तक चंद्रमा उस नक्षत्र में और रहेगा उन घड़ियों/समय को महादशा के मान से गुणा कर के 60 से भाग देने पर हमें यह ज्ञात हो जाता है कि दशा का भोग्यकाल कितना रहेगा।

 

उदाहरण:-

 

मान लीजिए जन्म के समय पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ व उसके 20 घड़ी शेष थे ऊपर मैंने बताया है कि पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु होते हैं जिनकी दशा 16 वर्ष की होती है अतः अब हम गुरु की कितनी दशा मनुष्य जन्म के बाद भोगेगा यह निकालते है:-

 

 20×16           16
                    ———— =    ——— = 5 शेष 4
    60               6

 

अर्थात 5 वर्ष 4 माह और वह व्यक्ति जन्म के बाद गुरु की दशा भोगेगा।

 

जय श्री राम।

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जुलाई 2020: मीन लग्न व मीन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

जुलाई 2020: मीन लग्न व मीन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

 

मीन लग्न
मीन लग्न

 

मीन लग्न व मीन राशि वालों के लिए जुलाई 2020 मिला-जुला रहेगा माह के शुरुवात में सूर्य, बुध व राहु का चतुर्थ भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप घर के माहौल में तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होगी जिससे मन अप्रसन्न रहेगा, मन में बेचैनी बनी रह सकती है, माता से विवाद व माता को कष्ट संभव रहेगा, 23 सितंबर तक कोई भी भूमि या मकान न खरीदें यदि अति आवश्यक को तो किसी अच्छे वास्तु सलाहकार से सलाह कर के ही लें, यदि माता जी को न्यूरो से संबंधित या हिर्दय से संबंधित कोई समस्या हो तो उनके स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, 16 जुलाई को सूर्य गोचर बदलकर पंचम भाव से चले जाएंगे अतः संतान से विवाद संभव रहेगा, गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए 16 जुलाई से 15 अगस्त तक का समय मिला-जुला रहेगा, माह के शुरुवात में गुरु व केतु का दशम भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप आपके कर्मस्थान में वृद्धि होगी, लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए 19 नवंबर से पहले गुरु प्रमोशन के अच्छे योग बनाएगा, भूमि सुख प्राप्त होने के योग बनेंगे, माह के शुरुवात में शुक्र का तीसरे भाव से गोचर रहेगा फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में अधिक प्रयास करना होगा व मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त होगा, छोटी यात्राओं के योग बनेंगे, मन में नए विचार आएंगे, पड़ोस के किसी विपरीत लिंग के व्यक्ति के प्रति आकर्षण बड़ेगा, 6 जुलाई के दिन तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न होंगी अतः तनाव लेने से बचें, पिता को कष्ट व पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे किंतु फिजूल खर्चों में धन व्यय होगा, 8 से 10 जुलाई का समय बहुत शुभ नही है अतः तनाव लेने से बचें, आपकी इच्छा के अनुसार परिणाम न मिलने से मन अप्रसन्न रहेगा व मन में असंतोष बना रहेगा, 12 जुलाई के दिन आप अनेक चुनौतियों पर विजय प्राप्त करेंगे, यह दिन आपके लिए बेहद शुभ रहेगा, यदि आपके मन में कार्य की उन्नति हेतु कोई अच्छा प्लान है तो इस दिन उसको जरूर आजमाएं सफलता की संभावना अधिक रहेगी।

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

माह के शुरुवात में शनि का लाभ स्थान से गोचर रहेगा फलस्वरूप प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, जो लोग तकनीकी क्षेत्र से जुड़े हुए है या शनि से जुड़ा कोई व्यापार करते हैं तो लाभ होगा, जीवन में भागा-दौड़ी बनी रहेगी, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, माह के शुरुवात में मंगल का लग्न से गोचर रहेगा अतः क्रोध पर नियंत्रण रखें, यदि आपके या आपके माता के स्वास्थ्य में कोई समस्या हो तो होमियोपैथिक दवाओं की तरफ रुख करें अन्यथा सर्जरी के योग बनेंगे, भाग्य का सहयोग मिलेगा, आध्यात्म की ओर झुकाव बड़ेगा, आप खुद को ऊर्जावान अनुभव करेंगे, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, घर में कलह-क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, मन मे बेचैनी बनी रह सकती है, 14 जुलाई का दिन काम-धंधे के लिए बहुत अच्छा रहेगा, किसी बड़े अधिकारी से मुलाकात संभव है, 13, 20 व 21 जुलाई को अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, 17 जुलाई का दिन प्रेमियों के लिए काफी अच्छा रहेगा, किसी विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण बड़ेगा, 21 जुलाई के दिन संतान को कष्ट संभव है, संतान व पिता से वैचारिक मतभेद संभव रहेगा, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा दिन रहेगा, 23 व 24 जुलाई के दिन स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें व ठंडे पदार्थों के सेवन से परहेज करें, संतान से विवाद न करें, 27 व 28 जुलाई को अपमानजनक स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है अतः व्यर्थ विवाद से बचें।

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

कुल मिलाकर मीन लग्न व मीन राशि वालों के लिए जुलाई 2020 मिला-जुला रहेगा बेरोजगारों को नौकरी प्राप्त होगी, नवदंपत्तियों को संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, छोटे भाई-बहन व माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, बाहर के बने व्यंजन व ठंडे चीजों के सेवन से बचें, क्रोध पर नियंत्रण रखें, लोगों की बातों में आने से बचें, तनाव लेने से बचें, विद्यार्थियों के लिए यह अच्छा समय रहेगा, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे, माह की 6, 8, 9, 20, 23, 24, 27 व 28 तिथियों पर विशेष सावधानी बरतें, मेरे अनुसार यदि मीन लग्न व मीन राशि वाले व्यक्ति यदि नित्य सूर्य को जल दें व अमावस्या के दिन विष्णुसहस्त्र नाम का पाठ कर बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें और विनायक चतुर्थी व गणेश चतुर्थी का व्रत करें तो लाभ होगा।

 

जय श्री राम।

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18 जून 2020: 3 ग्रहों के बाद अब बुध भी होंगे वक्री जानें बुध के वक्री होने पर क्या सावधानी बरतनी चाहिए—–Astrology Sutras

18 जून 2020: 3 ग्रहों के बाद अब बुध भी होंगे वक्री जानें बुध के वक्री होने पर क्या सावधानी बरतनी चाहिए—–Astrology Sutras

 

बुध मिथुन राशि में वक्री
बुध मिथुन राशि में वक्री

 

शनि, गुरु व शुक्र वर्तमान में वक्री अवस्था से गोचर कर रहे हैं और आज अर्थात 18 जून 2020 को प्रातः  9 बजकर 52 मिनट पर बुध भी वक्री हो जाएंगे तथा 12 जुलाई को पुनः मार्गी हो जाएंगे बुध बुद्धि, वाणी, चेतना, व्यापार, रेडियो, मोबाइल और त्वचा के कारक होते हैं अतः बुध के वक्री होने से विभिन्न राशियाँ भी प्रभावित होंगी तो चलिए जानते हैं बुध के वक्री अवस्था में गोचर के दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:-

 

मेषादि 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव
मेषादि 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए बुध तीसरे से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः बहुत सोच-समझकर ही कोई निर्णय लें व जोखिम लेने से बचें, छोटे भाई-बहन के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें।

 

उपाय:- नित्य गणेश जी को दूर्वा घास अर्पित कर गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें व संकठा चतुर्थी और विनायक चतुर्थी का व्रत करें।

 

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए बुध दूसरे भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः वाणी पर नियंत्रण रखें, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, संतान के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, कुछ परिश्रम के साथ सफलता प्राप्ति के योग बनेंगे।

 

उपाय:- गणेश अथर्वशीर्ष का नित्य पाठ करें।

 

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों के लिए बुध लग्न से ही वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः तनाव लेने से बचें व स्वास्थ्य का ख्याल रखें, त्वचा संबंधित कोई समस्या संभव है, वाहन सुख प्राप्त हो सकता है, व्यय में वृद्धि होगी।

 

उपाय:- गणेश स्तोत्र का पाठ करें।

 

कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए बुध द्वादश भाव से गोचर करेंगे अतः खर्चों पर नियंत्रण बना कर रखें, किसी से व्यर्थ विवाद में न पड़ें व लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, किसी नए कार्य के आरंभ के लिए यह अच्छा समय रहेगा।

 

उपाय:- गणेश गायत्री मंत्र का नित्य जाप करें।

 

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए बुध एकादश भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः यात्राओं पर धन व्यय होगा, आय वृद्धि के योग बनेंगे, मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, बुआ व बड़ी बहन के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।

 

उपाय:- नित्य गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें।

 

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए बुध दशम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः मन में किसी न किसी प्रकार का भय बना रह सकता है, लोगों पर अधिक विश्वास करने से बचें, पिता का सहयोग प्राप्त होगा, कार्यस्थल पर व्यर्थ के विवाद में न पड़ें।

 

उपाय:- नित्य गणेश गायत्री मंत्र का जाप करें।

 

तुला राशि:-

 

तुला राशिफल
तुला राशिफल

 

तुला राशि वालों के लिए बुध नवम भाव से वक्री होकर गोचर करेंगे अतः धार्मिक यात्राओं या धार्मिक कार्यों या कार्य के सिलसिले से की गई यात्राओं पर धन व्यय होगा, भाग्य वृद्धि हेतु अधिक प्रयास करना होगा, पिता के स्वास्थ्य में परेशानी संभव है, महिलाओं से व्यर्थ विवाद करने से बचें।

 

उपाय:- बुधवार के दिन कोई साग व शुक्रवार के दिन शकर मिश्रित चावल गाय को खिलाएं।

 

वृश्चिक राशि:-

 

वृश्चिक राशिफल
वृश्चिक राशिफल

 

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध अष्टम भाव से वक्री होकर गोचर करेंगे अतः स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, व्यर्थ विवाद में न पड़ें व तनाव लेने से बचें, जीवनसाथी की वाणी में तेजी अनुभव होगी, ससुराल पक्ष से विवाद संभव है, निवेश करने से बचें।

 

उपाय:- संकठा चतुर्थी व विनायक चतुर्थी का व्रत करें व नित्य गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें।

 

धनु राशि:-

 

धनु राशिफल
धनु राशिफल

 

धनु राशि वालों के लिए बुध सप्तम भाव से वक्री होकर गोचर करेंगे अतः विवाह में कुछ दिक्कतें आएंगी, जीवनसाथी को समझने का प्रयास करें, कार्यस्थल पर किसी से क्षणिक विवाद होने के कारण से तनाव रह सकता है, अचानक धन लाभ के योग बनेंगे।

 

उपाय:- नित्य गणेश जी को दूर्वा घास अर्पित करें व अर्पित की हुई दूर्वा घास से कुछ अपने पर्स या जेब में रखें।

 

मकर राशि:-

 

मकर राशिफल
मकर राशिफल

 

मकर राशि वालों के लिए बुध षष्ठ भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः तनाव लेने से बचें, जिन्हें न्यूरो से संबंधित समस्या हो वह अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, छुपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, मामा पक्ष से वैचारिक मतभेद संभव है।

 

उपाय:- गणेश चालीसा व शनि स्तोत्र का नित्य पाठ करें।

 

कुंभ राशि:

 

कुंभ राशिफल
कुंभ राशिफल

 

कुंभ राशि वालों के लिए बुध पंचम भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, विद्यार्थियों के लिए यह मिला-जुला समय रहेगा, संतान को कष्ट संभव है, अपने सीनियर से व्यर्थ विवाद में न पड़ें।

 

उपाय:- राम रक्षा स्तोत्र का नित्य पाठ करें व गणेश गायत्री मंत्र का नित्य जाप करें।

 

मीन राशि:-

 

मीन राशिफल
मीन राशिफल

 

मीन राशि वालों के लिए बुध चतुर्थ भाव से वक्री अवस्था में गोचर करेंगे अतः माता से विवाद संभव रहेगा, माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, घर में किसी मेहमान का आगमन संभव रहेगा, किसी अपरिचित की बातों में आने से बचें।

 

उपाय:- गणेश सहस्त्रनाम का नित्य पाठ करें।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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