Loading...
Categories
Festivals

Maghi Purnima 2026: सूर्य-चंद्र का दुर्लभ महासंयोग! 1 फरवरी को करें ये काम, मिलेगा अक्षय पुण्य

माघी पूर्णिमा 2026: सूर्य और चंद्रमा का दुर्लभ महासंयोग! इस बार स्नान-दान से चमकेगी किस्मत

हिन्दू धर्म में माघ महीने की पूर्णिमा का विशेष महत्व है, लेकिन वर्ष 2026 की माघी पूर्णिमा सामान्य नहीं है। इस बार ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी बन रही है जो इस दिन को “अक्षय फलदायी” (कभी न खत्म होने वाला पुण्य) बना रही है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस वर्ष पूर्णिमा पर सूर्य और चंद्रमा का एक दुर्लभ योग बन रहा है, जो श्रद्धालुओं को आरोग्य, धन और मानसिक शांति प्रदान करेगा।


📅 कब है माघी पूर्णिमा और शुभ मुहूर्त? (Shubh Muhurat)

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ और समापन इस प्रकार है:

  • पूर्णिमा आरंभ: 1 फरवरी, प्रातः 05:19 बजे से
  • पूर्णिमा समापन: 2 फरवरी, भोर 03:46 बजे तक
  • विशेष: उदया तिथि के अनुसार, माघी पूर्णिमा का स्नान और दान 1 फरवरी (रविवार) को मान्य होगा।

🌟 क्यों खास है इस बार की पूर्णिमा? (The Rare Sun-Moon Yoga)

अक्सर पूर्णिमा आती है और चली जाती है, लेकिन इस बार तीन महा-संयोग एक साथ बन रहे हैं:

  • सूर्य-चंद्र योग: पूर्णिमा तिथि के स्वामी ‘चंद्रमा’ हैं और रविवार का दिन ‘सूर्य देव’ का है। 1 फरवरी को रविवार होने के कारण सूर्य (आत्मा) और चंद्रमा (मन) का अद्भुत मिलन हो रहा है। यह योग मान-सम्मान और मानसिक शांति देता है।
  • पुष्य नक्षत्र का प्रभाव: इस दिन मघा नक्षत्र की जगह अत्यंत शुभ ‘पुष्य नक्षत्र’ का योग बन रहा है। पुष्य नक्षत्र में किया गया कोई भी कार्य “अक्षय” (जिसका कभी नाश न हो) माना जाता है।
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: यह योग आपकी पूजा और दान का फल कई गुना बढ़ा देगा।
  • शुक्र का उदय: 1 फरवरी की शाम 06 बजकर 05 मिनट पर शुक्र पश्चिम दिशा में उदित होंगे।

Join Astrology Sutras WhatsApp Channel For All Updates


🙏 माघी पूर्णिमा पर क्या करें? (Rituals for Wealth & Health)

अगर आप जीवन में तनाव या आर्थिक तंगी महसूस कर रहे हैं, तो इस दिन ये 3 काम जरूर करें:

  • पवित्र स्नान: यदि गंगा या प्रयागराज जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल और काला तिल मिलाकर स्नान करें। इससे शनि और चंद्र दोष दूर होते हैं।
  • भगवान विष्णु की पूजा: माघी पूर्णिमा पर श्री हरि विष्णु की पूजा का विधान है। उन्हें पीले पुष्प, तुलसी दल, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करना इस दिन सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
  • सूर्य को अर्घ्य: चूंकि यह रविवार है, इसलिए स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल चढ़ाएं। इससे ‘आरोग्य’ (Health) और ‘तेज’ की प्राप्ति होती है।

💍 शहनाई का इंतज़ार खत्म: शुरू होंगे मांगलिक कार्य

माघी पूर्णिमा का दिन केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि खुशियों की शुरुआत का भी दिन है।

काफी समय से अस्त चल रहे शुक्र तारा (Venus) का उदय इसी दिन 1 फरवरी की शाम 06:05 बजे होगा।
शुक्र के उदय होते ही विवाह, मुंडन, और गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी और शहनाइयां गूंजने लगेंगी।


निष्कर्ष (Conclusion)

इस माघी पूर्णिमा को साधारण न समझें। सूर्य और चंद्रमा का यह आशीर्वाद आपके जीवन के अंधकार को मिटाने के लिए आ रहा है। 1 फरवरी को सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और अपनी क्षमता अनुसार दान (विशेषकर तिल या गर्म कपड़े) जरूर करें।

Join Astrology Sutras WhatsApp Channel For All Updates

क्या आप जानना चाहते हैं कि यह पूर्णिमा आपकी राशि पर क्या असर डालेगी?
अपनी व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण के लिए यहाँ क्लिक करें।