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शुक्र प्रदोष व्रत 30 जनवरी 2026 : व्रत विधि, नियम और उपाय | धन-विवाह के लिए

शुक्र प्रदोष व्रत: सौभाग्य, सुख-समृद्धि और आरोग्य का महासंगम (पौराणिक विश्लेषण)

साम्भसदा शिवाय नमः!
शास्त्रों में काल की गणना केवल समय नहीं, बल्कि ऊर्जा का प्रवाह है। जब त्रयोदशी तिथि का दिव्य योग शुक्रवार के साथ मिलता है, तो उसे ‘शुक्र प्रदोष’ या ‘भृगुवारा प्रदोष’ कहा जाता है। शिव पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार, प्रदोष काल वह समय है जब महादेव कैलाश पर प्रसन्न मुद्रा में तांडव नृत्य करते हैं और ब्रह्मांड की समस्त शक्तियां उनमें समाहित होती हैं।

📜 पौराणिक प्रमाण और महात्म्य

  • शिव पुराण (विद्येश्वर संहिता): इसमें स्पष्ट उल्लेख है कि “त्रयोदशी व्रत करे हमेशा, तन नहिं राखे रहे कलेशा।” यह व्रत जन्म-जन्मांतर के शारीरिक और मानसिक कष्टों को भस्म कर देता है।
  • स्कंद पुराण: शुक्र प्रदोष को विशेष रूप से ‘ऐश्वर्य प्रदायक’ माना गया है। शुक्र (Venus) सुख और वैभव का कारक है, अतः यह व्रत दरिद्रता नाश के लिए अचूक अस्त्र है।
प्रदोष का प्रकार विशेष फल
सोम प्रदोष मानसिक शांति और आरोग्य
भौम प्रदोष ऋण मुक्ति (Loan Removal)
शुक्र प्रदोष 💰 अपार धन, वैभव और सुखी दांपत्य

🙏 शुक्र प्रदोष व्रत की शास्त्र सम्मत विधि

  • प्रातः काल: ब्रह्म मुहूर्त्त में उठकर सफेद वस्त्र धारण करें (सफेद रंग शुक्र और शिव दोनों को प्रिय है)।
  • प्रदोष काल पूजन: सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व और 45 मिनट बाद का समय ‘प्रदोष काल’ है। इस समय पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें।
  • भोग: महादेव को सफेद मिठाई, खीर या मखाने का भोग लगाएं।

❓ FAQs: जिज्ञासुओं के प्रश्न और शास्त्रीय उत्तर

प्रश्न 1: शुक्र प्रदोष व्रत के दिन क्या खाना चाहिए?
उत्तर: फलाहार में सफेद वस्तुएं (मखाना, साबूदाना, दूध) श्रेष्ठ हैं। तामसिक भोजन (प्याज-लहसुन) और नमक का त्याग करें। यदि स्वास्थ्य अनुमति न दे, तो सेंधा नमक ले सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या पीरियड्स (Periods) में व्रत कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, व्रत का संकल्प मानसिक होता है। उपवास जारी रखें, परंतु मूर्ति स्पर्श न करें। मन ही मन ‘साम्भसदा शिवाय नमः’ का जप करें।

प्रश्न 3: क्या यह व्रत विवाह के लिए भी है?
उत्तर: जी हाँ! ‘लिंग पुराण’ के अनुसार, माता पार्वती ने शिव को पाने हेतु तप किया था। शुक्र प्रदोष पर गौरी-शंकर की पूजा से सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है।

🔮 विशेष ज्योतिषीय परामर्श

शुक्र प्रदोष के दिन ‘शिवाष्टकम्’ का पाठ आपके शुक्र ग्रह को बलवान करता है।

धन प्राप्ति उपाय: यदि जीवन में धन की कमी है या दांपत्य कलह है, तो उत्तर दिशा की ओर मुख करके घी का दीपक जलाएं और 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।

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नमो नीलकंठाय, नमो महादेवाय!