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गुरु-शनि राशि परिवर्तन: ‘स्थान हानि’ और ‘स्थान वृद्धि’ का अद्भुत शास्त्रीय रहस्य

महर्षि पराशर कृत: गुरु-शनि राशि परिवर्तन और स्थान प्रभाव का अद्भुत विश्लेषण

Astrology Sutras के सभी पाठकों को जय श्री राम! महर्षि पराशर द्वारा रचित ‘बृहत् पराशर होरा शास्त्र’ (BPHS) ज्योतिष शास्त्र का आधार स्तंभ है। इसमें ग्रहों की स्थिति, उनके भाव फल और एक-दूसरे के राशियों में बैठने के परिणामों का अत्यंत सूक्ष्म वर्णन मिलता है।

आज हम ज्योतिष के उस गहरे सूत्र की चर्चा करेंगे जिसे अक्सर अनुभवी ज्योतिषी ही समझ पाते हैं—“गुरु शनि के घर में स्थान हानि करता है और शनि गुरु के घर में स्थान वृद्धि करता है।” यहाँ इसका विस्तृत विश्लेषण और शास्त्रीय तर्क प्रस्तुत हैं।

१. गुरु और शनि: एक विरोधाभासी संबंध

BPHS के अनुसार, बृहस्पति (गुरु) और शनि के बीच का संबंध ‘सम’ (Neutral) है। लेकिन ‘स्थान’ (घर) के आधार पर इनके फल बदल जाते हैं:

  • गुरु का स्वभाव: विस्तार, ज्ञान और जीव का कारक है। यह जहाँ बैठता है, वहाँ ‘आकाश तत्व’ के कारण भौतिक फलों में कभी-कभी कमी (स्थान हानि) कर देता है।
  • शनि का स्वभाव: संकोच, अनुशासन और कर्म का कारक है। यह जहाँ बैठता है, वहाँ स्थायित्व (Sustainability) प्रदान करता है।

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२. गुरु द्वारा शनि के घर में ‘स्थान हानि’ (सिद्धान्त)

ज्योतिष का सूत्र है: ‘स्थान हानि करो जीव’। जब गुरु शनि की राशियों (मकर और कुंभ) में होता है, तो स्थिति कुछ इस प्रकार होती है:

“मकरे नीचतां याति सुरपूज्यः सदा नृणाम्। स्वल्पो लाभो व्ययो भूयात् स्थानहानिः प्रजायते॥”

अर्थ: मकर राशि में गुरु ‘नीच’ का होकर अपनी विस्तार शक्ति खो देता है। फलस्वरूप, जातक को प्रतिष्ठा की कमी या उस भाव के सुख की हानि (स्थान हानि) सहनी पड़ती है।

३. शनि द्वारा गुरु के घर में ‘स्थान वृद्धि’ (सिद्धान्त)

इसके विपरीत, शनि जब गुरु की राशियों (धनु और मीन) में बैठता है, तो वह ‘स्थान वृद्धि’ करता है:

“चापे झषे च संस्थितः सौरिः शुभफलप्रदः। राज्यं कीर्तिं च कुरुते स्थानवृद्धिं च निश्चितम्॥”

अर्थ: धनु और मीन राशियों में स्थित शनि जातक को राज्य, कीर्ति और उस भाव की निश्चित वृद्धि कराता है।

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४. विस्तृत विवेचन और पराशरीय दृष्टिकोण

  • गुरु की ‘स्थान हानि’: गुरु ‘जीव’ है और शनि का घर ‘कठोर कर्म’ का। जब जीव संघर्षपूर्ण क्षेत्र में जाता है, तो उसे ‘स्थान हानि’ महसूस होती है।
  • शनि की ‘स्थान वृद्धि’: शनि जब गुरु के घर में होता है, तो वह ‘धर्म’ से जुड़ जाता है। यहाँ वह व्यक्ति को गंभीर विचारक और सफल प्रशासक बनाता है।

५. तालिका: गुरु-शनि का राशि प्रभाव

ग्रह राशि (स्वामी) प्रभाव परिणाम
गुरु मकर (शनि) नीच / स्थान हानि सुखों में कमी, संघर्ष, मान-हानि
शनि धनु (गुरु) शुभ / स्थान वृद्धि पद-प्रतिष्ठा, उन्नति, न्याय

६. निष्कर्ष

महर्षि पराशर का यह सूत्र सिखाता है कि ज्योतिष में केवल ‘मित्र-शत्रु’ नहीं, बल्कि ‘तत्व’ का मिलन मुख्य है। गुरु आकाश है जिसे सीमाएं पसंद नहीं, इसलिए वह शनि की सीमाओं में घुटता है। शनि अंधकार है जिसे ज्ञान मिलने पर वह सही दिशा में विकसित होता है।

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) – शास्त्र प्रमाण सहित

Q1: गुरु शनि के घर में स्थान हानि क्यों करता है?

बृहत् पराशर होरा शास्त्र के अनुसार, गुरु विस्तार (Expansion) का कारक है और शनि की राशियाँ (मकर, कुंभ) अनुशासन और सीमाओं (Limitations) की हैं। मकर में गुरु नीच का हो जाता है, जिससे उस भाव के भौतिक सुखों और फलों में कमी (स्थान हानि) होती है।

Q2: शनि गुरु के घर में स्थान वृद्धि क्यों करता है?

शनि जब गुरु की राशियों (धनु, मीन) में होता है, तो वह धर्म और ज्ञान से जुड़ जाता है। यहाँ शनि अपने अनुशासन के साथ गुरु के शुभ प्रभाव को ग्रहण करता है, जिससे उस भाव के फलों में स्थायित्व और वृद्धि (स्थान वृद्धि) होती है।

Q3: क्या मकर राशि का गुरु हमेशा बुरा फल देता है?

नहीं, मकर का गुरु नीच का होने के कारण भौतिक सुखों में ‘स्थान हानि’ तो करता है, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से यह जातक को अत्यंत विद्वान, गंभीर और कर्मठ भी बनाता है। हालांकि, सामाजिक मान-प्रतिष्ठा के लिए जातक को अपने जीवन में अधिक संघर्ष करना पड़ता है।

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विवाह मुहूर्त 2026: ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी से जानें शुभ मुहूर्त व शास्त्र सम्मत नियम

विवाह मुहूर्त 2026: केवल 50 शुभ लग्न! खरमास-अधिमास का संकट और ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी की गणना

॥ श्री गणेशाय नमः ॥
॥ ॐ नमः शिवाय ॥

विवाह मुहूर्त 2026 (Vivah Muhurat 2026 List): वर्ष 2026 (विक्रम संवत 2082-83) उन परिवारों के लिए थोड़ी चिंता का विषय बन गया है जिनके घर शहनाइयां बजने वाली हैं। अक्सर लोग मुझसे यह प्रश्न कर रहे हैं कि “गुरु जी, क्या वास्तव में इस साल विवाह के शुभ दिन बहुत कम हैं?”

यह बात शत-प्रतिशत सत्य है। जहाँ सामान्य वर्षों में विवाह के 80-90 मुहूर्त होते हैं, वहीं 2026 में ग्रहों की विचित्र चाल—विशेषकर गुरु-शुक्र के अस्त होने और अधिमास (पुरुषोत्तम मास) के कारण—केवल 50 शुद्ध विवाह मुहूर्त ही निकल रहे हैं। ‘मुहूर्त चिंतामणि’ स्पष्ट निर्देश देता है:

“गुरौ भार्गवे वा अस्तं गते, बाल्ये वार्धके वा… न कुर्यात् शुभकर्म तत्।”
अर्थात्: जब गुरु या शुक्र अस्त हों या बाल्य अवस्था में हों, तो विवाह आदि मंगल कार्य वर्जित हैं।

🪐 2026 में विवाह मुहूर्त कम क्यों हैं? (Planetary Analysis)

इस वर्ष पंचांग में तीन बड़ी खगोलीय घटनाएं घट रही हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना दांपत्य जीवन के लिए भारी पड़ सकता है:

  • बाल्यकाल दोष (जनवरी): नववर्ष की शुरुआत में शुक्र देव उदित तो हो रहे हैं, किंतु शक्तिहीन (बाल्यावस्था) होने के कारण जनवरी में विवाह वर्जित रहेगा। शहनाइयाँ 3 फरवरी बाद बजेंगी।
  • अधिमास का अवरोध: 17 मई से 15 जून 2026 तक ‘पुरुषोत्तम मास’ रहेगा। शास्त्र कहते हैं यह महीना केवल ‘हरि-भजन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ है, विवाह आदि मांगलिक कार्य वर्जित हैं।
  • ग्रहों का अस्त होना: जुलाई के बाद गुरु और शुक्र के अस्त होने से चातुर्मास से पहले ही विवाह बंद हो जाएंगे।
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📅 विवाह मुहूर्त 2026 लिस्ट (शुभ तिथियां)

सभी व्यक्तियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, मैंने ऋषिकेश काशी पंचांग के आधार पर यह मुहूर्त्त तालिका (Table) तैयार की है। इसमें त्रिबल शुद्धि का पूरा ध्यान रखा गया है:

माह (Month) शुभ विवाह तिथियां (Dates) विशेष (Remarks)
फरवरी 2026 4, 5, 6, 10, 11, 12, 13, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26 ✨ सर्वश्रेष्ठ माह (Most Muhurats)
मार्च 2026 4, 5, 6, 9, 10, 11, 12, 13, 14 15 से खरमास शुरू
अप्रैल 2026 20, 21 अत्यल्प मुहूर्त
मई 2026 3, 5, 6, 7, 8
(12 मई को विवाह न करें – नक्षत्र वेध)
सावधानी बरतें
जून 2026 19, 20, 21, 22, 23, 24 अधिमास के बाद
जुलाई 2026 1 से 8 जुलाई तक चातुर्मास से पहले
नवंबर 2026 20, 21, 22, 23, 24 देवोत्थान एकादशी के बाद
दिसंबर 2026 1 से 12 दिसंबर वर्ष का समापन

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🔱 सुखी दांपत्य का रहस्य: विवाह से पहले भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद लेना अनिवार्य है। 2026 में महाशिवरात्रि पर बन रहा है दुर्लभ संयोग।

जरूर पढ़ें: महाशिवरात्रि 2026: शुभ मुहूर्त और 4 प्रहर की पूजा विधि (सम्पूर्ण जानकारी)

🔮 सलाह: क्या करें, क्या न करें?

  • गोधूलि वेला का भ्रम: कई लोग कहते हैं कि “गोधूलि बेला में मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती”। यह पूर्णतः गलत धारणा है। ‘नारद संहिता’ के अनुसार, यदि दिन में ग्रह दोष है, तो गोधूलि में भी विवाह नहीं करना चाहिए।
  • कुंडली मिलान: चूंकि इस वर्ष मुहूर्त अत्यंत सीमित हैं, इसलिए गुण मिलान में रत्ती भर भी कोताही न बरतें। नाड़ी दोष और भकूट दोष का परिहार विद्वान ज्योतिषी से अवश्य करवा लें।

।। जय श्री राम ।।

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अंक ज्योतिष: साप्ताहिक राशिफल (1-7 फरवरी 2026): जानें, किस मूलांक वालों की एकदम से बदलेगी किस्मत

साप्ताहिक अंक राशिफल: 1 फरवरी से 7 फरवरी 2026 | Weekly Numerology Prediction

।। ॐ सूर्याय नमः ।।

यह सप्ताह (1 फरवरी – 7 फरवरी) सूर्य (1) और केतु (7) के ऊर्जा चक्र के बीच गुजरेगा। चूँकि वर्ष का अंक 1 (2026 = 10 = 1) है और सप्ताह की शुरुआत भी 1 तारीख (सूर्य) से हो रही है, इसलिए यह सप्ताह नई शुरुआत, आत्म-विश्वास और सत्ता का प्रतीक है।

जानें, आपके मूलांक के लिए यह सप्ताह क्या संदेश लेकर आया है:

📅 फरवरी का पंचांग:

इस महीने महाशिवरात्रि और बसंत पंचमी जैसे बड़े त्यौहार आ रहे हैं। क्या आपने तिथियां नोट कर लीं?

👉 यहाँ देखें: फरवरी 2026 के प्रमुख व्रत, पर्व व त्यौहार की पूरी लिस्ट


🔢 मूलांक 1 (जन्मतिथि: 1, 10, 19, 28)

(स्वामी: सूर्य)

  • सामान्य: यह सप्ताह आपके लिए ‘राजयोग’ जैसा प्रभाव लेकर आया है। सप्ताह की शुरुआत (1 तारीख) आपकी ही ऊर्जा से हो रही है। रुका हुआ आत्मविश्वास वापस लौटेगा।
  • करियर व धन: कार्यस्थल पर आपके नेतृत्व (Leadership) की प्रशंसा होगी। यदि पदोन्नति की बात चल रही थी, तो इस सप्ताह शुभ समाचार मिल सकता है। सरकारी कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी।
  • प्रेम व संबंध: जीवनसाथी के साथ अहंकार के टकराव (Ego Clash) से बचें।
  • स्वास्थ्य: आँखों और सिरदर्द की समस्या परेशान कर सकती है।

शुभ रंग: नारंगी (Orange) | शुभ दिन: रविवार

🔢 मूलांक 2 (जन्मतिथि: 2, 11, 20, 29)

(स्वामी: चन्द्रमा)

  • सामान्य: फरवरी (महीना 2) और आपका मूलांक 2—यह ‘द्विगुणी चन्द्रमा’ का प्रभाव बना रहा है। आप अत्यधिक भावुक (Emotional) रहेंगे। अंतर्ज्ञान (Intuition) बहुत प्रबल रहेगा।
  • करियर व धन: कला, संगीत या लेखन से जुड़े लोगों के लिए यह स्वर्णिम सप्ताह है। निवेश में जल्दबाजी न करें, मन डांवाडोल रह सकता है। किसी महिला मित्र के सहयोग से धन लाभ संभव है।
  • प्रेम व संबंध: पुराने गिले-शिकवे दूर होंगे। रिश्तों में मिठास आएगी।
  • स्वास्थ्य: कफ और सर्दी-जुकाम (Cold & Cough) से सावधान रहें। ठंडी चीजों से परहेज करें।

शुभ रंग: सफेद (White) | शुभ दिन: सोमवार

🔢 मूलांक 3 (जन्मतिथि: 3, 12, 21, 30)

(स्वामी: बृहस्पति)

  • सामान्य: ज्ञान और विस्तार का सप्ताह है। आपकी सलाह (Advice) दूसरों के लिए रामबाण सिद्ध होगी।
  • करियर व धन: शिक्षा, बैंकिंग और धर्म से जुड़े लोगों को विशेष सम्मान मिलेगा। रुका हुआ धन वापस आने के प्रबल योग हैं। कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए मंगलवार (3 तारीख) सर्वश्रेष्ठ है।
  • प्रेम व संबंध: परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। बड़ों का आशीर्वाद बना रहेगा।
  • स्वास्थ्य: लीवर या पेट से जुड़ी छोटी-मोटी दिक्कत हो सकती है। भोजन सात्विक रखें।

शुभ रंग: पीला (Yellow) | शुभ दिन: गुरुवार

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🔢 मूलांक 4 (जन्मतिथि: 4, 13, 22, 31)

(स्वामी: राहु)

  • सामान्य: यह सप्ताह ‘अप्रत्याशित घटनाओं’ (Surprises) का है। जो सोचा नहीं था, वह हो सकता है। योजनाएं अचानक बदलनी पड़ सकती हैं।
  • करियर व धन: शेयर बाजार या तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को अचानक लाभ हो सकता है। कार्यस्थल पर षड्यंत्र से बचें; अपनी गुप्त बातें किसी से साझा न करें।
  • प्रेम व संबंध: गलतफहमी के कारण रिश्तों में खटास आ सकती है। संवाद स्पष्ट रखें।
  • स्वास्थ्य: मानसिक तनाव और अनिद्रा (Insomnia) की समस्या हो सकती है। ध्यान (Meditation) अवश्य करें।

शुभ रंग: धुएं जैसा (Smoky Grey) | शुभ दिन: शनिवार

🔢 मूलांक 5 (जन्मतिथि: 5, 14, 23)

(स्वामी: बुध)

  • सामान्य: यह सप्ताह ‘संचार और यात्रा’ (Communication & Travel) का है। आपकी वाणी में गजब का आकर्षण होगा।
  • करियर व धन: बिज़नेस में नई डील फाइनल हो सकती है। मीडिया और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए समय शानदार है। धन का प्रवाह अच्छा रहेगा, लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे।
  • प्रेम व संबंध: नए मित्र बनेंगे। प्रेम संबंधों में चंचलता बनी रहेगी।
  • स्वास्थ्य: नसों (Nerves) में खिंचाव या त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है।

शुभ रंग: हरा (Green) | शुभ दिन: बुधवार

🔢 मूलांक 6 (जन्मतिथि: 6, 15, 24)

(स्वामी: शुक्र)

  • सामान्य: यह सप्ताह ‘विलासिता और सुख’ (Luxury) का है। आप खुद को सजाने-संवारने और घर की साज-सज्जा पर ध्यान देंगे।
  • करियर व धन: फैशन, ज्वेलरी या लग्जरी प्रोडक्ट्स के कारोबार में लाभ होगा। ऑफिस में माहौल खुशनुमा रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है।
  • प्रेम व संबंध: रोमांस के लिए यह सप्ताह सर्वश्रेष्ठ है। विवाह योग्य जातकों को अच्छा प्रस्ताव मिल सकता है।
  • स्वास्थ्य: शुगर (Diabetes) के मरीज अपना खास ख्याल रखें।

शुभ रंग: चमकीला सफेद/गुलाबी | शुभ दिन: शुक्रवार

🔱 शिव भक्तों के लिए विशेष:

आगामी महाशिवरात्रि पर ग्रहों का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यदि आप राहु-केतु या शनि दोष से परेशान हैं, तो यह आर्टिकल जरूर पढ़ें:

👉 महाशिवरात्रि 2026: शुभ मुहूर्त और 4 प्रहर की पूजा विधि (सम्पूर्ण जानकारी)

🔢 मूलांक 7 (जन्मतिथि: 7, 16, 25)

(स्वामी: केतु)

  • सामान्य: सप्ताह का अंत (7 तारीख) आपके अंक से होगा। यह सप्ताह ‘आत्म-मंथन’ (Introspection) का है। आप भीड़भाड़ से दूर एकांत पसंद करेंगे।
  • करियर व धन: शोध (Research) और ओकल्ट (Occult) से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थान परिवर्तन या यात्रा का योग बन रहा है।
  • प्रेम व संबंध: आप अपनी दुनिया में खोए रहेंगे, जिससे पार्टनर को उपेक्षा महसूस हो सकती है।
  • स्वास्थ्य: पैरों में दर्द या जोड़ों की समस्या परेशान कर सकती है।

शुभ रंग: चितकबरा (Variegated) | शुभ दिन: रविवार

🔢 मूलांक 8 (जन्मतिथि: 8, 17, 26)

(स्वामी: शनि)

  • सामान्य: यह सप्ताह ‘कर्म और न्याय’ का है। मेहनत ज्यादा होगी, लेकिन उसका फल भी ठोस मिलेगा। शॉर्टकट अपनाने से बचें।
  • करियर व धन: प्रॉपर्टी या लोहे से जुड़े व्यापार में लाभ होगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी।
  • प्रेम व संबंध: रिश्तों में गंभीरता रहेगी। पुराने, परिपक्व रिश्ते मजबूत होंगे।
  • स्वास्थ्य: वात जनित रोग (गैस, गठिया) उभर सकते हैं।

शुभ रंग: नीला/काला | शुभ दिन: शनिवार

🔢 मूलांक 9 (जन्मतिथि: 9, 18, 27)

(स्वामी: मंगल)

  • सामान्य: ऊर्जा का स्तर बहुत ऊंचा रहेगा। आप हर काम को फटाफट निपटाना चाहेंगे। क्रोध पर काबू रखना इस सप्ताह की सबसे बड़ी चुनौती है।
  • करियर व धन: पुलिस, सेना या खेल जगत से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल है। जमीन-जायदाद के सौदे से लाभ हो सकता है।
  • प्रेम व संबंध: आवेश में आकर पार्टनर को कुछ कड़वा न कहें। भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा।
  • स्वास्थ्य: रक्त विकार (Blood issues) या चोट-चपेट लगने का भय है। वाहन सावधानी से चलाएं।

शुभ रंग: लाल (Red) | शुभ दिन: मंगलवार

📊 साप्ताहिक लकी मीटर (Quick View)

सभी मूलांक का शुभ रंग और दिन।

मूलांक (Root No) शुभ रंग (Lucky Color) शुभ दिन (Lucky Day)
1 🟠 नारंगी (Orange) रविवार
2 ⚪ सफेद (White) सोमवार
3 🟡 पीला (Yellow) गुरुवार
4 🌫️ स्लेटी (Smoky Grey) शनिवार
5 🟢 हरा (Green) बुधवार
6 🌸 गुलाबी/सफेद शुक्रवार
7 🦓 चितकबरा (Variegated) रविवार
8 🔵 नीला/काला शनिवार
9 🔴 लाल (Red) मंगलवार

✨ उपाय सभी के लिए:

इस सप्ताह सूर्य देव का प्रभाव प्रबल है। प्रतिदिन सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं और “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का 11 बार जाप करें। इससे करियर में आ रही बाधाएं दूर होंगी।

।। शुभम भवतु ।।

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Basant Panchami 2026: 23 जनवरी को है वसंत पंचमी, जानें सरस्वती पूजा का ‘कुंभ लग्न’ वाला श्रेष्ठ मुहूर्त।

23 जनवरी को बसंत पंचमी: भोर 2:29 से पुण्य काल

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को ‘बसंत पंचमी’ के रूप में मनाया जाता है, यह पर्व विद्या, ज्ञान और वाणी की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित है।

महत्व: यह पर्व भारतीय संस्कृति में ऋतु परिवर्तन, नवचेतना, सृजनशीलता, कला और बौद्धिक जागरण का प्रतीक है।

बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026: करें यह एक उपाय, मेष से मीन तक चमकेगी किस्मत

तिथि का समय (शुभ मुहूर्त):

  • पंचमी तिथि का आरंभ: 22 जनवरी की मध्यरात्रि के बाद (यानी 23 जनवरी की भोर) 01:17 बजे।
  • पंचमी तिथि की समाप्ति: 23 जनवरी की मध्यरात्रि 12:09 बजे तक प्रभावी रहेगी, इस प्रकार 23 जनवरी को पूरा दिन पंचमी तिथि विद्यमान रहेगी।

श्रेष्ठ मुहूर्त (पूजा का सबसे उत्तम समय)

 

समय: प्रातः 07:56 बजे से दोपहर 09:25 बजे तक कुंभ लग्न में।

विशेष संयोग: इस वर्ष बसंत पंचमी पर मकर राशि में सूर्य और मीन राशि में चंद्रमा का संयोग बन रहा है, साथ ही ‘पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र’ और ‘शिव योग’ का विशेष प्रभाव है।

यह समय ज्ञान, विद्या और बौद्धिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

विशेष रूप से 23 जनवरी 2026 को प्रातः 07:56 बजे से दोपहर 01:59 बजे तक श्री सरस्वती पूजन और विद्यारंभ (पढ़ाई शुरू करने) के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त प्राप्त है।

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शास्त्रीय नियम:

शास्त्रीय सिद्धांत ‘तिथिं समनु प्राप्त उदयं याति भास्कर:’ के अनुसार, चूँकि 23 जनवरी को पंचमी तिथि का संयोग सूर्योदय से हो रहा है, इसलिए यही दिन (23 जनवरी) बसंत पंचमी पर्व और श्री सरस्वती पूजन के लिए मुख्य रूप से मान्य रहेगा।

मध्यरात्रि के समय पंचमी तिथि शेष रहने से 24 जनवरी को सूर्योदय तक विद्यारंभ, ज्ञान-दान, जप-तप एवं पूजन आदि कर्म किए जा सकते हैं।

जय श्री राम।

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T20 World Cup 2026: कौन जीतेगा फाइनल? ऋषिकेश पंचांग अनुसार सटीक भविष्यवाणी

ग्रह गोचर और आकाशीय स्थिति (Rishikesh Panchang Data Analysis)

ऋषिकेश पंचांग द्वारा उपलब्ध विवरण अनुसार 7 फरवरी को सूर्य मकर, चंद्र दिन 02:23 से तुला राशि, मंगल मकर, बुध कुंभ, गुरु मिथुन, शुक्र कुंभ, शनि मीन व राहु कुंभ राशि में रहेंगे जहाँ काशी के सूर्योदय प्रातः 06:30 पर मिथुन गुरु स्पष्ट 25°15″18′ (वक्री), मीन शनि स्पष्ट 01°20″56′ और कुंभ राहु स्पष्ट 15°50″51′ रहेगा तो वहीं मकर मंगल स्पष्ट 17°35″22′, कुंभ बुध स्पष्ट 07°14″00′, कुंभ शुक्र स्पष्ट 02°09″39′ और मकर सूर्य स्पष्ट 23°49″49′ रहेगा।

फाइनल मैच 8 मार्च के दिन ग्रह स्थिति स्थिति ऋषिकेश पंचांग काशी अनुसार सूर्योदयकालीन ग्रह विवरण सूर्य कुंभ स्पष्ट 23°06″11′, चंद्र तुला राशि संपूर्ण दिन-रात्रि, कुंभ मंगल स्पष्ट 10°05″35′, कुंभ बुध स्पष्ट 24°51″26′ (वक्री), मिथुन गुरु स्पष्ट 23°31″45′ (मार्गी), मीन शुक्र स्पष्ट 08°19″20′, मीन शनि स्पष्ट 04°35″40′ और कुंभ राहु स्पष्ट 14°18″37 रहेगा।

गुरु 5 मार्च की रात्रि 07:02 पर मिथुन राशि में मार्गी हो रहे हैं और बुध 2 मार्च को कुंभ राशि में दिन 03:43 पर वक्री हो जाएंगे।

कुंभ राशि में ‘अंगारक योग’ और ‘जड़त्व योग’:

8 मार्च को कुंभ राशि में मंगल (10°05’35”) और राहु (14°18’37”) के बीच मात्र 4 डिग्री का अंतर है और साथ में वक्री बुध (24°51’26”) और सूर्य (23°06’11”) भी हैं।

प्रभाव: यह योग “अति-आक्रामकता” (Over-aggression), “बुद्धि भ्रम” (Confusion) और “विवाद” का निर्माण करता है जो टीम आवेश में खेलेगी, वह फाइनल में आत्मघाती निर्णय (Self-destructive decisions) लेगी साथ ही बुध का वक्री होना यह बताता है कि ‘रिव्यू’ (DRS) और ‘टॉस’ के निर्णय मैच पलटेंगे।

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मीन राशि में ‘परम राजयोग’ (Venus Exalted + Saturn):

शुक्र मीन राशि में 08°19’20” पर है (शुक्र 27° तक उच्च का होता है, यह परम शक्तिशाली स्थिति है) साथ में शनि भी (04°35’40”) है, शुक्र “सौंदर्य और रणनीति” का कारक है और शनि “न्याय” का अतः यह युति 11वें या 10वें भाव वाले देश के लिए “एकतरफा जीत” (Jackpot Win) सुनिश्चित करती है।

मिथुन राशि में ‘मार्गी गुरु’ (Jupiter Direct):

5 मार्च को गुरु का 23°31’45” पर मार्गी होना दैवीय सहायता (Divine Luck) का सूचक है।

दो सबसे बड़ी घटनाएं टूर्नामेंट का रुख बदलेंगी:

बुध का वक्री होना (2 मार्च, कुंभ राशि): कुंभ राशि में बुध का वक्री होना और वहां पहले से मौजूद राहु और मंगल के साथ युति करना एक “विस्फोटक योग” बना रहा है।

गुरु का मार्गी होना (5 मार्च, मिथुन राशि): फाइनल से ठीक 3 दिन पहले देवगुरु बृहस्पति का मिथुन राशि में 23°31′ पर मार्गी (Direct) होना ‘गेम-चेंजर’ है।

टूर्नामेंट की शुरुआत (7 फरवरी):

उच्च राशि का मंगल (Exalted Mars in Capricorn): मंगल मकर राशि में 17°35′ पर अत्यंत शक्तिशाली है अतः टूर्नामेंट की शुरुआत में गेंदबाजों (Bowlers) का दबदबा रहेगा और लो-स्कोरिंग मैच एवं आक्रामक खेल देखने को मिल सकता है, छोटी टीमें बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर देंगी।

टूर्नामेंट का मध्य और अंत (फाइनल – 8 मार्च):

कुंभ राशि में ग्रहों का जमावड़ा (Stellium in Aquarius): फाइनल के समय सूर्य, मंगल, वक्री बुध और राहु—ये चार ग्रह कुंभ (वायु तत्व) राशि में होंगे साथ ही फाइनल के दिन चंद्रमा तुला राशि (वायु तत्व) में होगा और मिथुन राशि का गुरु: गुरु भी वायु तत्व (मिथुन) में है।

वायु त्रिकोण (Grand Air Trine): फाइनल के दिन कुंभ राशि में (सूर्य, मंगल, बुध, राहु), तुला राशि में (चंद्रमा) और मिथुन राशि में (गुरु) के बीच एक शक्तिशाली ‘वायु त्रिकोण’ बन रहा है।

प्रभाव: फाइनल मैच अत्यंत रोमांचक और हाई-स्कोरिंग होगा, बल्लेबाजों का बोलबाला रहेगा और गेंद हवा में ज्यादा रहेगी (Sixes/Fours)।

देशों की कुंडली का ‘लग्न’ और ‘राशि’ आधारित विश्लेषण

स्वतंत्र भारत की कुंडली (वृषभ लग्न – Taurus Ascendant) और अन्य देशों के इंटरनेट पर प्राप्त विवरण के आधार पर यह गणना की गई है:

🇮🇳 भारत (INDIA)

लग्न: वृषभ (Taurus), नाम राशि कन्या (Virgo) का प्रभाव।

8 मार्च की गणना:

भारत के वृषभ लग्न के लिए, शुक्र (लग्नेश) अपनी उच्च राशि मीन में 11वें भाव (House of Gains) में बैठे है साथ ही शनि (योगकारक – 9वें और 10वें घर का स्वामी) भी 11वें भाव में शुक्र के साथ है अतः जब लग्नेश (Self) और भाग्येश (Luck) दोनों ‘लाभ भाव’ में उच्च अवस्था में मिलते हैं, तो इसे “महालक्ष्मी योग” और “अखंड साम्राज्य योग” कहते हैं, परिणामस्वरूप भारत का पक्ष 94% से 98% मजबूत रहेगा और गुरु (धन भाव में मार्गी) धन और प्रतिष्ठा दोनों दिलाएंगे, लेकिन नॉकआउट चरण में ‘वक्री बुध’ के कारण अंतिम क्षणों में निर्णय (Decision Making) में सावधानी भी विशेष रखनी होगी अन्यथा सुपर 8 की शुरुवात में ही भारी हार के कारण से थोड़ा खतरा अनुभव होगा।

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🇦🇺 ऑस्ट्रेलिया (AUSTRALIA)

ऑस्ट्रेलिया का लग्न तुला (Libra) मानते हुए क्योंकि ​1 जनवरी 1901 को जब सिडनी (Sydney) में ‘कॉमनवेल्थ ऑफ ऑस्ट्रेलिया’ की घोषणा आधिकारिक रूप से लागू हुई थी उस समय तुला लग्न पूर्व क्षितिज पर उदित था अतः यदि तुला लग्न मानें तो कुंभ राशि (5वां घर – बुद्धि) में मंगल+राहु+वक्री बुध का “विस्फोट” हो रहा है, इसका अर्थ है “गलत रणनीति”। ऑस्ट्रेलिया ग्रुप स्टेज में अपनी ही बनाई योजना में फंस सकता है, शुक्र (लग्नेश) छठे घर (शत्रु भाव) में है, यह संघर्ष दिखाता है, लेकिन जीत के लिए लग्नेश का केंद्र या त्रिकोण में होना आवश्यक था।

परिणाम: ग्रुप स्टेज से बाहर होंगे। मंगल-राहु की युति अंतिम 4 ओवरों में इनके गेंदबाजों की दिशा भ्रमित (Lose Line & Length) कर सकती है।

🇵🇰 पाकिस्तान (PAKISTAN)

पाकिस्तान की कुंडली मेष (Aries) लग्न की है और मेष लग्न के लिए, उनका स्वामी मंगल (10°), राहु (14°) के मुख में फंसा हुआ है (कष्ट में है)। जिस कारण से इसे “पाप-कर्तरी” दोष भी लग रहा है।

परिणाम: टीम का प्रदर्शन सामान्य या निराशाजनक रहेगा और आंतरिक कलह एवं खराब कप्तानी के कारण आलोचना झेलते हुए ग्रुप स्टेज पार करेंगे लेकिन सफर सुपर 8 में जल्दी खत्म हो जाएगा।

🏴󠁧󠁢󠁥󠁮󠁧󠁿 इंग्लैंड (ENGLAND) & 🇿🇦 दक्षिण अफ्रीका (SOUTH AFRICA)

इंग्लैंड का यदि कुंभ लग्न माना जाए तो उनकी अपनी ही राशि (कुंभ) में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध का “ग्रहण” लगा है। यह उनके प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने (Injury) का संकेत है, सेमीफाइनल तक पहुंचने की प्रबल दावेदार।

दक्षिण अफ्रीका का यदि मीन लग्न माना जाए तो मीन राशि के शनि और शुक्र उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेंगे, और सुपर 8 तक भारत जैसी टीम को कड़ी चुनौती देने में सफल रहेंगे, लेकिन कुंभ राशि का ‘पाप प्रभाव’ उनके 12वें भाव (व्यय/हानि) को सक्रिय कर रहा है अतः अहम मौके पर मैच ‘गंवा’ देंगे (Choke)।

​🇳🇿 न्यूजीलैंड (NEW ZEALAND)

मीन राशि से शनि का गोचर और लग्नेश गुरु (Jupiter) 5 मार्च को मिथुन राशि (चौथे भाव) में मार्गी होना यह घरेलू सुख और टीम की एकता के लिए अच्छा है, मीन राशि (मीन) में उच्च का शुक्र (Exalted Venus) और शनि विराजमान होने व शुक्र के “मालव्य महापुरुष योग” बनाने से न्यूजीलैंड को टूर्नामेंट में सबसे बेहतरीन “फिल्डिंग” और “अनुशासित खेल” (Disclipined Cricket) वाली टीम बनाएगा लेकिन 12वें भाव (कुंभ राशि) में मंगल, राहु, सूर्य और वक्री बुध का “विस्फोटक योग” बन रहा है 12वां भाव “हानि और व्यय” का है।

परिणाम: न्यूजीलैंड टूर्नामेंट में बहुत ही शानदार और तकनीकी खेल दिखाएगा (Top 4 contender) लेकिन नॉकआउट मैच में, विशेषकर अंतिम ओवरों में, 12वें भाव का राहु उनके हाथ से जीता हुआ मैच छीन लेगा।

🇱🇰 श्रीलंका (SRI LANKA)

श्रीलंका का पारंपरिक लग्न कुंभ (Aquarius) माना जाता है और कुंभ लग्न होने के कारण, 8 मार्च को उनकी ही राशि (Lagna) में चार बड़े ग्रह—सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध बैठे हैं और लग्न में मंगल (10°05′) और राहु (14°18′) की युति मस्तिष्क को अस्थिर करती है।

वक्री बुध का प्रभाव: लग्नेश शनि दूसरे भाव (मीन) में है, लेकिन बुद्धि का कारक बुध लग्न में वक्री है।

परिणाम: श्रीलंका की टीम “आत्मघाती क्रिकेट” (Self-Destructive Cricket) खेलेगी और किसी बड़े मैच में 200+ रन बना सकती हैं तो किसी मैच में 100 के अंदर आउट भी हो सकती हैं, खिलाड़ियों के बीच तालमेल की कुछ कमी मुख्य समय पर देखने को मिल सकती है और वक्री बुध के कारण कप्तान मैदान पर गलत फील्ड प्लेसमेंट कर सकते है जिस कारण से श्रीलंका कुछ बड़े उलटफेर कर सकती है, लेकिन मंगल-राहु की युति उन्हें टूर्नामेंट के सुपर-8 से ही बाहर का रास्ता दिखा सकता है।

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🇧🇩 बांग्लादेश (BANGLADESH)

बांग्लादेश का धनु (Sagittarius) प्रभावी माना जाता है। कुंभ राशि (तीसरे घर – पराक्रम/साहस) में मंगल और राहु का होना “अत्यधिक साहस” देता है और लग्नेश गुरु 7वें भाव (विपक्ष के घर) में है और मार्गी है, तीसरे भाव का राहु और मंगल बांग्लादेश को “जायंट किलर” (Giant Killer) बना सकता है और बांग्लादेश द्वारा किसी एक बड़ी टीम (संभवतः पाकिस्तान या इंग्लैंड) का खेल बिगाड़ने की संभावना दिखती है लेकिन, लग्नेश गुरु का 7वें भाव (सप्तम) में होना यह दर्शाता है कि विपक्षी टीम हमेशा उन पर हावी रहेगी, साथ ही मीन राशि (चौथा भाव) में शनि-शुक्र का होना उनके देश में आंतरिक दबाव (Fans Pressure) को दर्शाता है, लेकिन बांग्लादेश वर्ल्डकप खेले संभावना थोड़ी कम ही दिखती है।

परिणाम: बांग्लादेश का प्रदर्शन सामान्य से अच्छा रहेगा, और वह आक्रामक खेल खेलने की कोशिश करेंगे, साथ ही “नागिन डांस” जैसे विवाद (मंगल-राहु प्रभाव) फिर हो सकते हैं। लेकिन बांग्लादेश सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर रहेगी, लेकिन यह भी है कि जिस ग्रुप में होंगे, वहां का समीकरण (Points Table) बिगाड़ देंगे।

कप्तानों पर विशेष दृष्टि (Rishikesh Panchang अनुसार)

सूर्यकुमार यादव (भारत कप्तान): उनकी कुंडली में गुरु का प्रभाव है। 5 मार्च को गुरु का मार्गी होना उनके “निर्णय लेने की क्षमता” को अभेद्य (Unbeatable) बना देगा।

मिचेल मार्श/अन्य कप्तान: वक्री बुध और राहु का कुंभ में होना विपक्षी कप्तानों की बुद्धि को “स्थिर” नहीं रहने देगा, जिस कारण से वह टॉस जीतकर गलत फैसला ले सकते हैं।

भविष्यवाणी (Final Prediction)

ऋषिकेश पंचांग के सूर्योदयकालीन स्पष्ट ग्रहों की गहन गणना यह स्पष्ट करती है कि 8 मार्च 2026 को “सितारे” पूरी तरह से भारत के पक्ष में हैं।

निर्णायक तर्क:

भारत (वृषभ लग्न) के लिए लग्नेश शुक्र का 11वें भाव में उच्च होना किसी भी अन्य देश के योग से 100 गुना अधिक शक्तिशाली है।

विपक्षी (ऑस्ट्रेलिया/इंग्लैंड)

कुंभ राशि में बने ‘मंगल-राहु’ के विध्वंसक योग के कारण मानसिक दबाव में टूट सकते हैं।

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🏆 विजेता:

सभी नियमों और सूक्ष्म गणनाओं के अनुसार, T20 विश्व कप 2026 की ट्रॉफी “भारत (INDIA)” द्वारा उठाने की प्रबल संभावना बनती है।

(नोट: फाइनल मैच में भारत टॉस हार सकता है, लेकिन मैच निश्चित रूप से जीतेगा।)

आगे हरि इच्छा बलबान🙏🏻

ज्योतिष संभावनाओं पर आधारित होती है अतः क्रिकेट अनिश्चिताओं का खेल है अतः इस लेख को आधार मानकर शेयर, जुए, सट्टे आदि में पैसे न निवेश करें, यदि आप ऐसा करते हैं और आपको नुकसान होता है, तो इस परिस्थिति में आप स्वम् जिम्मेदार होंगे, इसमें वेबसाइट Astrology Sutras, और ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी की कोई जिम्मेदारी या जबाबदेही नही रहेगी।

जय श्री राम।

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18 जनवरी को जन्में लोगों का व्यक्तित्व: स्वभाव, करियर और लव लाइफ (January 18 Birthday Personality)

18 जनवरी को जन्में लोग: “बर्फ और आग” का अद्भुत संगम

18 जनवरी को जन्में व्यक्ति शनि (Saturn) और मंगल (Mars) की ऊर्जा का एक दुर्लभ मिश्रण होते हैं इनकी सूर्य राशि मकर होती है जिनके स्वामी शनि होते हैं तो मूलांक (1+8= 9) होने से मंगल का भी विशेष प्रभाव रहता है इसलिए, इन लोगों में ‘शनि का अनुशासन’ और ‘मंगल का जोश’ दोनों देखने को मिलता है।

प्रमुख विशेषताएं (Key Personality Traits)

महत्वाकांक्षी और निडर (Ambitious & Fearless): 18 जनवरी को जन्में लोग जन्मजात योद्धा होते हैं ये जीवन में बड़ी चुनौतियों से नहीं डरते अकसर जहाँ दूसरे लोग हार मान लेते हैं वहाँ से इनकी शुरुआत होती है।

बाहर से सख्त, अंदर से नरम (Fire & Ice Personality): मकर राशि होने के कारण ये बाहर से बहुत गंभीर और सख्त दिख सकते हैं, लेकिन अंदर से ऐसे व्यक्ति बहुत भावुक और परवाह करने वाले होते हैं साथ ही इनके व्यक्तित्व में एक चुम्बकीय आकर्षण (Charisma) होता है जो लोगों को अपनी ओर खींचता है।

स्वाभिमानी (Self-Respecting): 18 जनवरी को जन्में व्यक्ति किसी के अधीन काम करना पसंद नहीं करते इन्हें अपने नियमों पर चलना पसंद होता है और यदि कोई इनके आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाए तो ये उसे आसानी से माफ़ नहीं करते।

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करिअर और आर्थिक जीवन (Career & Financial Life)

मंगल और शनि के प्रभाव के कारण, ऐसे उन क्षेत्रों में बहुत सफल होते हैं जहाँ पावर और अनुशासन की जरूरत होती है।

उपयुक्त करिअर: सेना, पुलिस, प्रशासन (IAS/IPS), राजनीति, इंजीनियरिंग, और रियल एस्टेट।

18 जनवरी को जन्में व्यक्ति अच्छे Team Leader और Manager साबित होते हैं।

आर्थिक स्थिति: शुरुआती जीवन में इन्हें संघर्ष करना पड़ सकता है, लेकिन 30-35 की उम्र के बाद इनकी आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत हो जाती है, ऐसे व्यक्ति मेहनत की कमाई पर भरोसा करते हैं और बुढ़ापे तक काफ़ी संपत्ति बना लेते हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन (Love & Marriage Compatibility)

रिश्तों में वफादारी: प्रेम के मामले में ये थोड़े रूढ़िवादी (Conservative) हो सकते हैं, ऐसे व्यक्ति फ्लर्ट करना पसंद नहीं करते और गंभीर रिश्तों की तलाश में रहते हैं।

चुनौतियाँ: इनका गुस्सैल स्वभाव (मंगल के कारण) कभी-कभी वैवाहिक जीवन में तनाव पैदा कर सकता है जिस कारण से इन्हें ऐसे साथी की जरूरत होती है जो शांत स्वभाव का हो।

बेस्ट मैच: वृषभ (Taurus), कन्या (Virgo) और कर्क (Cancer) राशि वाले लोग इनके लिए सबसे अच्छे जीवनसाथी साबित होते हैं।

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ताकत और कमजोरियाँ (Strengths & Weaknesses)

ताकत (Strength)

फौलादी इच्छाशक्ति (The Iron Will): 18 जनवरी को जन्में व्यक्ति “कभी न मरने वाली भावना” (Never-say-die spirit) के साथ पैदा होते हैं, अक्सर ऐसे व्यक्ति जितना तेजी से नीचे गिरते हैं, उतनी ही तेजी से संभलकर उठते भी हैं क्योंकि मकर राशि जहाँ गिरकर संभलने का धैर्य देती है, वहीं मंगल दोबारा लड़ने का साहस देता है, ऐसे व्यक्ति उन कामों को करना अधिक पसंद करते हैं जिन्हें दुनिया “असंभव” कहती है।

मूक महत्वाकांक्षा (Silent Ambition): ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार 18 जनवरी को जन्में व्यक्ति “पहाड़ी बकरी” (Mountain Goat) के तरह होते हैं, जो धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से पहाड़ की चोटी पर पहुँचती है अर्थात बड़ी उन्नति प्राप्त करते हैं, ऐसे व्यक्ति अपनी योजनाओं को गुप्त रखते हैं तथा एक ‘लॉन्ग टर्म विजन’ बनाकर उसके प्रति पूर्ण रूप से समर्पित रहते हैं।

संगठन और प्रशासन (Organizational Genius): शनि “व्यवस्था” का कारक होता है अतः अव्यवस्था (Chaos) के बीच व्यवस्था बनाने में ऐसे व्यक्ति माहिर होते हैं, चाहे वह घर का बजट हो या किसी बड़ी कंपनी का मैनेजमेंट, ऐसे व्यक्ति चीजों को सिस्टम में लाना जानते हैं और अधिकतर लोग भी संकट के समय आपकी तरफ देखते हैं क्योंकि आप परिस्थितियों से घबराते नहीं, बल्कि समाधान निकालते हैं।

कमजोरियाँ (Weaknesses)

आंतरिक द्वंद्व (The Internal Conflict): ऐसे व्यक्तियों के अंदर एक युद्ध सा चलता रहता है, मंगल कहता है— “अभी करो, तुरंत करो!” और शनि कहता है— “रुको, सोचो और फिर करो।” जिस कारण से कारण ऐसे व्यक्ति अक्सर मानसिक तनाव (Mental Anxiety) और अनिद्रा का शिकार हो जाते हैं साथ ही कभी-कभी बाहर से बहुत शांत दिखते होने पर भी, अंदर से ज्वालामुखी की तरह उबल रहे होते हैं, यह दमित ऊर्जा (Repressed Energy) स्वास्थ्य के लिए कई बार बड़ी दिक्कतें देने वाली भी होती हैं।

क्षमा न कर पाना (Unforgiving Nature): मंगल एक “योद्धा” है, और एक योद्धा अपने शत्रुओं को नहीं भूलता जिस कारण से यदि कोई आपके आत्मसम्मान को ठेस पहुँचा दे, तो आप उसे शायद ही कभी माफ़ करते हैं, आप बदला लेने की भावना नहीं रखते तो भी, उस व्यक्ति के लिए अपने दिल के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर देते हैं, यह स्वभाव कभी-कभी आपको अपनों से दूर भी कर देता है।

अत्यधिक भौतिकवाद (Materialistic Tendencies): मकर राशि पृथ्वी तत्व (Earth Sign) है जिस कारण से कभी-कभी ऐसे व्यक्ति सफलता को केवल ‘पैसे’ और ‘पद’ से तोलने लगते हैं और करिअर की दौड़ में अक्सर अपने परिवार, भावनाओं और छोटी-छोटी खुशियों को नजरअंदाज करते हैं।

18 जनवरी को जन्में व्यक्तियों के शुभ तत्व (Lucky Elements for Jan 18 Born)

शुभ रंग: गहरा लाल (Maroon) और नीला।
शुभ दिन: मंगलवार और शनिवार।
शुभ अंक: 9, 18, 27 और 8।
शुभ रत्न (Gemstone): नीलम (Blue Sapphire) या गार्नेट (Garnet)।

विशेष:- कोई भी रत्न बिना कुंडली दिखाए पहनने पर नुकसान भी करता है अतः कुंडली या हाथ दिखाकर एवं उचित परामर्श लेकर ही रत्न धारण करें।

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18 जनवरी को जन्में व्यक्ति “Self-Made” होते हैं इनका जीवन संघर्षों से भरा रहता है लेकिन हर संघर्ष के बाद एक बड़ी उन्नति भी प्राप्त होती है साथ ही ऐसे व्यक्ति समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाते हैं और अक्सर उच्च पदों पर पहुँचते हैं।

जय श्री राम।

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Akshaya Tritiya May 3, 2022: This time 5 great yogas are being made on Akshaya Tritiya

Akshay Tritiya 2022
Akshay Tritiya 2022

 

According to Jyotirvid Pooshark Jetly, Akshaya Tritiya is celebrated on Vaishakh Shukla Tritiya. Due to Vaishakh Shukla Tritiya date being on 3rd May 2022, this time Akshaya Tritiya will be celebrated on 3rd May 2022. This festival of auspicious bath donation for auspicious works. It will be celebrated in Rohini Nakshatra on Tuesday. According to Jyotirvid Pooshark Jaitley ji, this time an auspicious situation of 5 Mahayoga is being formed with 5 planets, which include Ubhayachari, Kedar, Vimal, Shubh Kartari and Sumukh Yoga, as well as the combination of date and constellation being complete day-night. And the whole day will be auspicious for investments etc.

To Read in Hindi:- Click Here

 

According to Jyotirvid Pooshark Jetly ji, this year on Akshaya Tritiya, Sun, Moon and Venus will remain in their exalted signs, Guru and Shani will remain in their own sign, that is, due to which two auspicious yogas named Matang and Shobhan are also being formed, due to which Akshaya Tritiya But this great coincidence is happening for the first time. According to astrological fabrication, due to Tritiya date on Tuesday, Siddhi Yoga is being formed, success is definitely achieved in every work done in this yoga, according to mythological beliefs, on the day of Akshaya Tritiya, Lord Shiva gave treasure to Kuber and wealth to Mother Lakshmi. She was given the boon of being a goddess.

It will be auspicious to buy property and gold and silver:-

 

 

According to Jyotirvid Pooshark Jetly Ji, Tritiya Tithi is also called Jaya Tithi i.e. the date of success. Lohitang i.e. son of land is the factor of Mars property, so on Akshaya Tritiya it is very auspicious to buy precious metals, land-buildings, vehicles, Jewellery, machinery, clothes, utensils, furniture and start a job or new business.

According to Jyotirvid Pooshark Jetly ji, the work done on Akshaya Tritiya gives renewable fruits, it is believed that the metal purchased on this day is never destroyed. According to the scriptures, buying gold and silver on the day of Akshaya Tritiya increases happiness and prosperity and there is always happiness in the family.

Note:- According to Jyotirvid Pooshark Jaitley ji, if there is Rohini Nakshatra on Vaishakh Shukla Tritiya Tithi, then the power of the wicked from the earth is weakened, as well as good yield of paddy, so this year, due to the combination of Rohini Nakshatra, there will be a good crop of paddy.

Long live Rama.

Astrologer Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 7007245896, 9919367470

Email:- pooshark@astrologysutras.com, info@astrologysutras.com

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According to Astrology what is “Fate” and “Karma”?

What is Fate!!!


Is there a thing called fate? Or is it a screen behind which the clever, the unlawful, the weak-willed persons conceal their wrong doing by holding God or Karma responsible for their faults? Is fate a way of shedding responsibilities and claiming redressal for wrong doing by explanations that “Nature” or “Fate” compelled them to do what they did? Let’s look into this problem in the light of following facts:

• The universe is complicatedly arranged and diligently run functioning. The operations run evenly because every component of this vast operation is assigned a specific task(s). Each human birth takes place to carry out its devoted task in accordance with its Karma. This allocation of task(s) is “Fate” or “Destiny”.

• If events are not being determined in advance, they cannot be forecasted. The fact that something, some event, due to take place at a future date, can be predicted, gives credence to the existence of “Fate”.

• The circumstances and the environment of the house where one is born are pre-determined. To be born with a silver spoon in the mouth or in poor, poverty-laden circumstances is “Fate” or “Destiny”.

Conclusion: There is a force, call it what you may, that shapes human lives. Hindu Astrology takes a giant intellectual step and identifies this force as Karma. The present is conditioned by the past Karma and the Karma, which we do in the present, shapes our future.

 

What is the Karma theory!!!


The Vedas teach us “Do Not Fear” because our God bless us in “Abhaya Mudra” which is fearless posture. Upanishads tells us “Moksha is not for Cowards”. We fear death, we fear misfortune, we fear the unknown and we fear everything. Karma theory puts things in a perspective where we begin to realize that we are the part of a properly conceived, meticulously planned and brilliantly executed “grand design”. We are acting out our roles as sketched out by the great designer.
The karma theory rests on three pillars and they are:
• Reincarnation
• Man’s inescapable propensity to do Karma; an action less existence is not possible.
• Fruits of action have to be enjoyed/suffered. That is the only way in which the cycle of action and its results gets spent.

A man inevitably enjoys the good or bad results of his Karma, unspent they do not decrease even in eons.
These 3 pillars very subtly but in a very perceptible fashion encourage the human beings to grip up and fight the “fear” and attain “Moksha”, without reincarnation there can b no Astrology. For Astrology is merely reading the karmic patterns which has a link with the past life(s) and also with the future life(s).

The karmic pattern is woven skillfully in a horoscope, so as to indicate the balance of Karma that he native is carrying as well as his mission or task in this life. How is it done?

Let us see-

All of us are “a replica” of Universe. The five elements, fire, water, earth, air and ether (A very improper word for Aakash element) Constitutes the universe and we are also an amalgam of these five elements. It, therefore, stands to reason that we are a small part of a Grand Design, place in the fashion so that we can make our contribution. Each one of he humans has desires and wishes to fulfill them. Each one of us is motivated differently and reacts in a different manner to a given situation. It is outer manifestation of the Karmic pattern and the inner motivations to exhaust the fruits of past Karmas and to do Karma that lead to emancipation is seen in a horoscope when we divide it into four parts as under:
(A) Dharma (B) Artha (C) Kama (D) Moksha

In a horoscope houses 1st, 5th, 9th are the houses of Dharma; 2nd, 6th,10th are the Artha houses, 3rd, 7th, 11th are the Kama houses and 4th, 8th 12th are the Moksha houses.

The signs and planets occupying and influencing these houses indicate the Karma patterns. If the majority of planets are in Artha and Kama houses, the native’s inclinations and motivations are oriented in that direction. He has desires (Kama) and the money (Artha) and if they match at the right time in the native’s chronological growth, he can enjoy then to the full. This is the pattern, which is laid out in the horoscope. On the other hand, a native due to achieve emancipation would have a planetary distribution in his Dharma and Moksha segments. Various combinations are possible and that is why we see people having differing outlooks and Motivations.

Astrologer Pooshark Jetly

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विक्रम संवत्त 2079: जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव भाग:-१ Astrology Sutras

विक्रम संवत्त २०७९ का वार्षिक राशिफ़ल
विक्रम संवत्त २०७९ का वार्षिक राशिफ़ल

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार विक्रम संवत्त २०७९ की शुरुवात में राहु वृषभ और केतु वृश्चिक राशि से गोचर करेंगे, ९ अप्रैल २०२२ की मध्य रात्रि ४:३१ पर राहु मेष राशि (कृत्तिका १ चरण) और केतु तुला राशि (विशाखा ३ चरण) में प्रवेश करेंगे तथा वर्ष पर्यन्त इन्ही राशि में रहेंगे साथ ही देव गुरु बृहस्पति वर्ष के आरंभ में कुंभ राशि से गोचर करेंगे जो कि ९ अप्रैल २०२२ को दिन के ८:२१ पर मीन राशि (पूर्वाभाद्रपद ४ चरण) में प्रवेश करेंगे और वर्ष पर्यन्त मीन राशि से गोचर करेंगे तो चलिए जानते हैं कि विक्रम संवत्त २०७९ विभिन्न राशियों के लिए कैसा रहेगा।

भाग:-१

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए यह वर्ष उन्नति कारक रहेगा, लंबी दूरी की यात्राएं संभव रहेंगी, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, मेष राशि वाले व्यक्तियों की इस वर्ष लोकप्रियता के साथ चिंताएं भी बढ़ने के योग रहेंगे, पित्त विकार या संधिवात से परेशानी संभव रहेगी, घर-परिवार में सामंजस्य बना रहेगा, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें व महिलाओं पर अधिक विश्वास करने से बचें, राज-समाज में मान सम्मान बढेगा, कारोबारी गतिविधियाँ अच्छे ढंग से चलती रहेंगी, कुटुंब में चले आ रहे तनाव कम होंगे, बड़े व्यवसायियों के मध्य मेल-जोल से नए व्यवसाय के मार्ग प्रशस्त होंगे, विद्यार्थियों के लिए अध्यन क्षेत्र में अभिरुचि कम होगी, दामपत्य जीवन में तालमेल बना रहेगा, नौकरी पेशा लोगों के लिए यह वर्ष थोड़ा संघर्ष पूर्ण रह सकता है, सितंबर मास के आस-पास गृहस्थी में खुशी रहेगी, गृहस्थ जीवन के लिए प्रतीक्षा कर रहे लोगों को शुभ समाचार प्राप्त होने की संभावना रहेगी किंतु मित्रों से धन की हानि संभव रहेगी, अक्टूबर मास में कोर्ट-कचहरी के मुकदमों से व्यथा संभव है, हिंदी मास के १, ३, ८, ११ मास कष्टदायक रह सकते हैं।

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा स्वास्थ्य संबंधित सावधानियां रखें, परिवार में धार्मिक कार्य संपन्न होंगे, भाई-बहन से सहयोग प्राप्त होगा, नवीन संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे, माता-पिता का सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थी वर्ग का पढ़ाई के प्रति रुझान बढ़ेगा, संतान पक्ष से भावनात्मक लगाव बनेगा, अदालत के मामलों में धीमी गति से प्रगति होगी, वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा, नौकरी पेशा लोगों की स्थिति में सुधार होगा, राजनीतिक क्षेत्र में मतभेद बढ़ेंगे, मन कुछ अशांत एवं बोझिल बना रहेगा, सरकारी कार्य पूर्ण होने से आगे का मार्ग प्रशस्त होगा, घर का वातावरण सुखद बना रहेगा, शेयर बाजार का व्यवसाय करने वालों को इस वर्ष अच्छा मुनाफा होगा, बढ़ती जिम्मेदारियों को संभालने में आप समय के साथ सक्षम होते जाएंगे, देश-विदेश से शुभ समाचार प्राप्त होंगे, हिंदी मास के २,५, १० मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों पर शनि की ढैया का प्रभाव रहेगा, कुछ कठिन परिश्रम से संघर्ष के बाद सफलता प्राप्त होगी, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, वर्ष के मध्य में लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, कार्यक्षेत्र की परेशानी के कारण से मानसिक परेशानी बढ़ने की संभावना रहेगी, स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें, भाई-बहनों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार बनास रहेगा, भूमि-मकान-वाहन के क्रय-विक्रय के लिए लाभकारक स्थितियाँ बनेंगी, विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता रहेगी, वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी के मध्य वैचारिक मतभेद बने रह सकते हैं, धार्मिक कार्यों से लाभ होगा, पड़ोसी के व्यवहार से अनंदाभूति का अनुभव होगा, कानूनी विवाद को मध्यस्थता से सुलझाने की कोशिश करें, नए कार्य में सावधानी बरतें, अकस्माक लाभ प्राप्त होने के योग बनेंगे, हिंदी मास के ४, ८, १२ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

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कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए यह वर्ष उत्तम रहेगा, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, धन लाभ में आने वाली परेशानियाँ कम होंगी, इष्ट मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, भौतिक सुख-साधनों पर अधिक खर्च होगा, घरेलू समस्याओं का समाधान होगा, माता-पिता के साथ अच्छे संबंध स्थापित होंगे, प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात होने की संभावना रहेगी, विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा, शिक्षा के प्रति मन में जिज्ञासा उत्पन्न होगी, संतान पक्ष के साथ सामान्य मतभेद हो सकते हैं, कोर्ट-कचहरी वाले मामलों में समाधान प्राप्त होगा, वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी अपने दायित्वों के प्रति उदासीन न रहकर सकारात्मक विचार धारा मन में बैठाने का प्रयास करें, नौकरी पेशा लोगों के लिए यह उत्तम समय रहेगा, इच्छित वस्तु का सुख प्राप्त होगा, साझे काम से लाभ मिलेगा, सेहत पर मौसम का प्रभाव पड़ने से स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव संभव रहेगा, परदेश से शुभ समाचार की प्राप्ति संभव है, बनते-बिगड़ते परिवेश से नए आयाम मिलेंगे, दीर्घकालीन विवाद सुलझने के योग बनेंगे, हिंदी मास के २, ३, ९ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए यह वर्ष उन्नतिकारक रहेगा, घर-परिवार में कही का वातावरण बनेगा, रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है, विदेश से लाभ होगा, आर्थिक उन्नति के लिए प्रयासरत रहें, संगीत, गायन, चित्रकला आदि मनोरंजन के साधनों में रुचि बढ़ेगी, भाई-बहनों का पारस्परिक सौहार्द बना रहेगा, नवीन संपत्तियों के क्रय-विक्रय करने के लिए अच्छी स्थितियाँ उत्पन्न होंगी, विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा, प्रेमियों में एक-दूसरे के मध्य सामंजस्य बना रहेगा, संतान की उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे, दामपत्य सुख में वृद्धि होगी, विरोधी पक्ष का दबाब कम होगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, व्यवसाय में उन्नति व नौकरी पेशा लोगों की पदोन्नति होने के योग बनेंगे, पुराने रोग-ऋणादि से छुटकारा मिल सकता है, मित्रों के साथ यात्रा का अवसर प्राप्त होने के योग बनेंगे, असफलता को परिश्रम से सफलता में बदलने में सफल होंगे, योजना पूर्ति में मदद मिलेगी, वाहनादि का सुख प्राप्त होगा, हिंदी मास के ३, ६, ११ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए यह वर्ष शांतिकारक रहेगा, अच्छे उद्देश्य हेतु किए गए प्रयासों में सफलता प्राप्त होगी, शल्य चिकित्सा के योग बनेंगे अतः स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, जीवन साथी के स्वास्थ्य में भी उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, विवादपूर्ण माहौल से दूरी बनाकर रखें, विद्यार्थियों को कुछ कठिन परिश्रम से सफलता प्राप्त होने के योग हैं, संतान पक्ष से थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता रहेगी, कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में विजय प्राप्त होगी, दाम्पत्य जीवन में प्रेम बना रहेगा, भूमि-मकान आदि खरीदने के योग बनेंगे, भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, माता-पिता का स्वास्थ्य कुछ बाधायुक्त रह सकता है, उदर जनित समस्याएं रह सकती हैं अतः अत्यधिक मिर्च-मसाले वाले व्यंजनों से सावधानी बरतें, व्यवसायियों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा, अपने बल-पौरुष द्वारा परिस्थितियों पर काबू पाने का प्रयास करें, नए संपर्क से लाभ होगा, मई माह के आस-पास रुका हुआ धन प्राप्त होने के योग बनेंगे, योजनाएं राजनीतिक सहयोग से पूर्ण होंगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, मन में नए विचारों का उदय होगा, चौराग्नि भय व्याप्त रहेगा, अकास्मिक लाभ के योग बनेंगे, पड़ोसियों के साथ संबंधों में सुधार होगा, आशा पर निराशा हावी हो सकती है अतः खुद को मजबूत बनाकर अपने प्रयासों में कमी न आने दें, राज-समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी, यात्राओं के योग बनेंगे, विरोधियों के कुचक्र रचना से बचें, जनवरी २०२३ के आस-पास बिगड़े काम बनने की पूर्ण आशा रहेगी, हिंदी मास के २, ४, ९ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
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