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धनु राशि: जानिए, धनु राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

धनु राशि: जानिए, धनु राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

 

धनु राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
धनु राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

 

धनु राशि वाले व्यक्तियों की नाक, कान, चेहरा व कंठ अपेक्षाकृत बड़ा होता है साथ ही ऐसे व्यक्ति किसी न किसी कार्य में लगे रहते हैं अर्थात एक जगह खाली नही बैठते तथा धनु राशि वाले व्यक्ति बोलने में बहुत प्रगल्भ और त्यागी होते हैं, धनु राशि वाले व्यक्तियों की लंबाई सामान्य से कुछ कम रहती है किंतु यदि लग्नेश लग्न में ही स्थित हो या गुरु की लग्न पर दृष्टि हो तो ऐसे व्यक्तियों का कद लंबा होता है, धनु राशि वाले व्यक्ति कुछ झुक कर चलते हैं साथ ही ऐसे व्यक्ति साहसी और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने वाले होते हैं, धनु राशि वाले व्यक्तियों को समझा कर ही अपने वश में किया जा सकता है अर्थात धनु राशि वाले व्यक्ति दाम, दंड और भेद से चिढ़ते हैं तथा प्रेम के लिए कुछ भी कर देते हैं, धनु राशि वाले व्यक्ति विद्वान, धार्मिक, जनप्रिय, देव भक्त, सभा में व्याख्यान देने वाले, श्रेष्ठ, पवित्र, काव्य कुशल, नाच-गाने के शौकीन, कुशल, कुल दीपक, दानी, भाग्यवान, सच्चे मित्र, निष्कपट, दयावान, स्पष्ट वक्ता, क्लेश सहन करने वाले, शांत स्वभाव, अल्प भोजी, निर्मल बुद्धि, कोमल भाषी, धनी, कार्य तत्पर, प्रीति से वशीभूत, फुर्तीले और भविष्य वक्ता होते हैं, धनु राशि वाले व्यक्तियों को बल से वश में नही किया जा सकता है, धनु राशि वाले व्यक्तियों के किसी अंग में तिल व मस्से के निशान रहते हैं तथा इनके पैर के तलवे छोटे होते हैं, धनु राशि वाले व्यक्तियों के तीन विवाह संभव होते हैं (कुंडली में बहु विवाह के योग होने पर) और संतान कम होती है, धनु राशि वाले व्यक्ति कई प्रकार के व्यवसाय को करने वाले तथा अनेक कारीगरी और कलाओं में प्रवीण होते हैं, बृहस्पति वार इनके लिए बेहद शुभ होता है और ऐसे व्यक्ति प्रायः व्यापार करते हैं।

 

धनु राशि वाले व्यक्तियों के लिए १, ८, १३, १८, ४८ वर्ष अनिष्टकारी होते हैं प्रथम वर्ष में शरीर पीड़ा व १३ वें वर्ष में महा दुःख होता है यदि चंद्रमा को शुभ ग्रह की दृष्टि हो तो इन फलों में कमी होती है तथा तृतीय व अष्टम भाव भी बली हो तो धनु राशि वाले व्यक्तियों को १०० वर्ष की औसत आयु प्राप्त हो सकती है कुछ ग्रंथकारों नें यहाँ विभिन्न मत रखे हैं उनके अनुसार धनु राशि वाले व्यक्तियों की औसत आयु ८८ तो कुुुछ नेे ७५ तो कुछ ग्रंथकारों ने ८६ वर्ष बतलाया है, धनु राशि वाले व्यक्तियों के लिए तृतीया, अष्टमी और त्रयोदशी तिथि अनिष्टकारी होती है, सोमवार का दिन बेहद अशुभ होता है, मेष, सिंह, कर्क और वृश्चिक राशि वाले व्यक्ति इनके मित्र, वृष, मिथुन, कन्या व तुला राशि वाले शत्रु होते हैं, आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष, उपरोक्त तिथियाँ, हस्त नक्षत्र व रात्रि का समय अनिष्टकारी होता है।

 

जय श्री राम।

 

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470, 7007245896

Email:- pooshark@astrologysutras.com

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तुला राशि: जानिए, तुला राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

तुला राशि: जानिए, तुला राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

 

तुला राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
तुला राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

 

तुला राशि वाले व्यक्ति देवताओं और ब्राह्मणों के भक्त किंतु चंचल स्वभाव और कृश शरीर वाले होते हैं, ऐसे व्यक्तियों का कद सामान्यतः लंबा होता है तथा ऐसे व्यक्ति खरीद-फरोख्त में होशियार, धैर्यवान, इंसाफ पसंद करने वाले तथा प्रायः दो नाम वाले होते हैं, तुला राशि वाले व्यक्ति घूमने-फिरने के शौकीन होते हैं, इनकी संतान प्रायः कम ही होती है साथ ही तुला राशि वालों का भाग्योदय कुछ विलंब के साथ होता है, तुला राशि वाले व्यक्ति भोगी, धार्मिक, चतुर, बुद्धिमान, कला में कुशल, राजा प्रिय, पितृ सेवी, वस्तुओं का संग्रह करने वाले, विद्वान, धनी, अत्यंत बोलने वाले, मित्रों से युक्त, संगीत, कविता व युद्ध के प्रेमी, सभा-सोसाइटी और कंपनी इत्यादि में रुचि रखने वाले, अपने जीवन के प्रत्येक कार्य में अन्य किसी पर भरोसा रखने वाले, लंबे कद वाले, बलवान, उन्नत नासिका वाले और वायु प्रकृति से पीड़ित होते हैं, तुला राशि वाले व्यक्तियों को सर, उदर एवं चर्म रोग संभव रहता है साथ ही इन्हें जल भय भी रहता है, तुला राशि वाले व्यक्ति स्त्री के अधीन, बहु स्त्री भोगी अर्थात दो विवाह करने वाले, कृषि करने में चतुर तथा क्रय-विक्रय से लाभ प्राप्त करने वाले होते हैं।

 

तुला राशि वाले व्यक्तियों के लिए १, ३, ५, ६, १५, २५, २६, ३६, ४६ व ५६ वां वर्ष अनिष्टकारी होता है प्रथम वर्ष में ज्वर, तृतीय वर्ष में अग्नि भय, वें वर्ष में ज्वर पीड़ा, १५ वें वर्ष में सामान्य पीड़ा और २५ वें वर्ष में अधिक पीड़ा रहती है, यदि चंद्रमा को शुभ ग्रह देखते हैं और आयु सुख को करने वाले अन्य योग न बनते हो और उपर्युक्त बताए गए वर्षों को पार कर लें तो ८५ वर्ष की औसत आयु प्राप्त करते हैं कुछ ग्रंथकारों के अनुसार तुला राशि वाले व्यक्तियों की आयु ६५ वर्ष ११ माह की होती है तथा इन्हें मृत्यु उपरांत ख्याति अवश्य ही मिलती है, तुला राशि वाले व्यक्तियों के लिए चतुर्थी, नवमी व चतुर्दशी तिथि अनिष्टकारी होती है तथा मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ राशि वालों से मित्रता एवं कर्क व सिंह राशि वालों से शत्रुता रहती है, रत्नों में इनके लिए हीरा शुभदायी होता है, वैशाख मास, शुक्ल पक्ष, अष्टमी तिथि, शुक्रवार व आश्लेषा नक्षत्र और दिन का प्रथम प्रहर इनके लिए अनिष्टकारी होता है।

 

जय श्री राम।

 

Astrologer:- Pooshark Jetly

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Email:- pooshark@astrologysutras.com

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कन्या राशि: जानिए, कन्या राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

कन्या राशि: जानिए, कन्या राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

 

कन्या राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी मुख्य बातें
कन्या राशि वाले व्यक्तियों के जीवन से जुड़ी मुख्य बातें

 

कन्या राशि वाले व्यक्ति सत्य में रत (सत्य का पालन करने वाले), प्रिय वचन बोलने वाले होते हैं साथ ही कन्या राशि वाले व्यक्तियों के नेत्रों में लज्जा रहती है, कन्या राशि वाले व्यक्ति शास्त्रों को जानने वाले, विद्वान, दूसरे के द्रव्यों व दूसरे के मकान का सुख भोगने वाले होते हैं तथा इनके कंधे कुछ ढीले होते हैं तथा इन्हें पुत्र संतति भी थोड़ी होती है, कन्या राशि वाले व्यक्ति कुटुंब और मित्रों को आनंद देने वाले, धनी, अनेक कलाओं में कुशल, गुरु भक्त, देव-ब्राह्मण भक्त, धर्म-कर्म का पालन करने वाले, शास्त्रज्ञ, बुद्धिमान, प्रियभाषी, अनेक शत्रुओं से युक्त, मेधावी, उन्नत शरीर तथा कुछ गौर वर्ण वाले होते हैं, कन्या राशि वाले व्यक्तियों के गले, बाहु, पीठ अथवा लिङ्ग स्थान में तिल आदि के चिन्ह होते हैं तथा व्यक्ति कफ प्रकृति वाला तथा उदर रोगी होता है साथ ही कन्या राशि वाले व्यक्ति अत्यधिक कामी होने के कारण विपरीत लिंगी के साथ अत्यधिक प्रसन्न रहते हैं, कन्या राशि वालों के मित्र अधिक होते हैं किंतु इन्हे मित्रों का पूर्ण सुख नही मिल पाता तथा ऐसे व्यक्तियों को औषधि एवं भोजन के पदार्थों के व्यवसाय से अधिक लाभ होता है इसके अतिरिक्त शिक्षक एवं प्रोफेसर आदि में भी इनकी अच्छी उन्नति होती है, कन्या राशि वाले व्यक्ति पराई संपत्ति को भोगने वाले और अपने अधीन व्यक्तियों द्वारा भाग्यशाली सिद्ध होते हैं।

 

कन्या राशि वालों के लिए २, ३, ५, ९, १२, १३, १५, २१, २२, ३० व ४२ वां वर्ष अनिष्टकारी होता है तृतीय वर्ष में अग्नि भय, पांचवें वर्ष में नेत्र पीड़ा, वें या १३ वें वर्ष में किसी पदार्थ एवं दरवाजा आदि गिरने से चोट का भय, १५ वें वर्ष में सर्प भय, २१ वें वर्ष में वृक्ष अथवा दीवार से चोट का भय और ३० वें वर्ष में बाण, शस्त्र अथवा किसी कीट से चोट आदि का भय रहता है, यदि चंद्रमा पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो या चंद्रमा अच्छी स्थिति में हो या कुंडली के तृतीय व अष्टम भाव में शनि या शुक्र शुभ स्थिति में हो तो ऊपर लिखी हुई घटनाओं से व्यक्ति जीवित रह जाता है तथा ७९-८० वर्ष की औसत आयु को प्राप्त करता है, कन्या राशि वालों के लिए चतुर्थी, नवमी, द्वादशी एवं त्रयोदशी तिथि तथा कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि अशुभ होती है, बुधवार शुभ तथा मंगलवार अशुभ होता है, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, चतुर्थी, नवमी, द्वादशी, त्रयोदशी व कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि अनिष्टकारी होती है।

 

जय श्री राम।

 

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