ज्योतिष में चांडाल योग: एक सरल व्याख्या
ज्योतिष शास्त्र में ‘चांडाल योग’ को लेकर अक्सर गलतफहमियां रहती हैं और आधुनिक ज्योतिषी इसके सही अर्थ को नजरअंदाज कर देते हैं। इस कारण इसका व्यावहारिक महत्व कम हो गया है।
शब्द का अर्थ और इतिहास
’चांडाल’ शब्द ‘चंद’ से बना है। इसका मतलब है- उग्र, गुस्सैल, या भावुक। यानी, चांडाल का अर्थ हुआ ऐसा व्यक्ति जिसके कर्म क्रूर या कठोर हों।
प्राचीन काल में, अलग-अलग जातियों के मेल से जन्मे बच्चों (जैसे महाभारत के कर्ण) को समाज में अक्सर अपमान सहना पड़ता था। इस मानसिक प्रताड़ना के कारण उनका स्वभाव कठोर हो जाता था। इसी कठोर स्वभाव के कारण उन्हें ‘चांडाल’ जैसे गुणों वाला कहा गया। बाद में, शूद्र पिता एवं ब्राह्मण माता की संतान को ‘चांडाल’ कहा जाने लगा। यही कारण है कि आज भी शनि ग्रह के बुरे प्रभाव को दूर करने के लिए इन्हीं लोगों को दान देने का नियम है।
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ज्योतिष में चांडाल योग कैसे बनता है?
ज्योतिष के प्रमुख ग्रंथों के अनुसार, कुंडली में यह योग मुख्य रूप से दो स्थितियों में बनता है:
1. जब शुक्र या चंद्रमा केंद्र में हों और राहु लग्न (पहले घर) में बैठा हो।
2. जब बृहस्पति (गुरु) के साथ राहु या केतु हों, और उन पर पापी ग्रहों की नजर हो, या बृहस्पति बहुत कमजोर हो।
इस योग का फल क्या होता है?
इस योग का सबसे मुख्य प्रभाव व्यक्ति के काम और करिअर पर पड़ता है।
पारिवारिक पेशे से दूरी: जिस व्यक्ति की कुंडली में चांडाल योग होता है, वह अपने पिता या पूर्वजों का काम नहीं अपनाता। उदाहरण के लिए, यदि पिता एक प्रसिद्ध डॉक्टर हैं, तो बेटा डॉक्टर नहीं बनेगा।
हर वर्ग पर लागू: यह नियम सिर्फ अच्छे कामों पर ही नहीं, बल्कि साधारण कार्यों पर भी लागू होता है, मतलब साधारण काम करने वाले का बेटा भी पिता का काम नहीं करेगा।
बृहस्पति का प्रभाव: यदि यह योग बृहस्पति (गुरु) के कारण बन रहा है, तो इसका असर और गहरा होता है। भले ही व्यक्ति अच्छे और संस्कारी परिवार (जैसे ब्राह्मण) में पैदा हुआ हो, वह अपने कुल की परंपराओं से हटकर काम करता है।
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अगर किसी की कुंडली में चांडाल योग है, तो यह पक्का है कि वह अपने पूर्वजों के नक्शेकदम पर नहीं चलेगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वह गरीब या असफल होगा।
अगर कुंडली मजबूत है, तो वह अपने पिता के क्षेत्र से अलग किसी दूसरे क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है। यह योग सिर्फ इतना ही बताता है कि बच्चा अपने पिता के बिजनेस या नौकरी में जाएगा या नहीं।
जय श्री राम।
