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Vipareet Raj Yoga: Raj Yoga which gives happiness like a king and rich

Vipareet Raj Yoga
Vipareet Raj Yoga

 

Many yogas have been discussed in astrology, one of them is Vipareet Rajyoga, about which most of the people know, as it is clear from the name that Vipareet Rajyoga means adverse as well as Rajyoga. The person born in this yoga achieves great success through many adverse circumstances and experiences all the pleasures like a king, so let’s know when the Vipareet Raj Yoga is formed and what are some of its important rules?

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Vipareet Raj Yoga is formed from opposite houses in the horoscope. The 3rd, 6th, 8th and 12th houses of the horoscope are called Vipareet houses. When the lords of these houses placed in each other’s house, then Vipareet Rajyoga is formed, but there are some rules for this Rajyoga. In which this yoga shows its full result, there are three types of Vipareet Raj Yoga, Harsh, Saral and Vimal, so let’s know about those rules: –

 

1. When the lord of the sixth house is sutuated in the eighth or twelfth house and has conjuncted with malefic/inauspicious planet or aspecting the lord of the sixth house and the lord of the ascendant aspecting the ascendant, then Harsha Vipareet Rajyoga is formed.

2. When the lord of the 8th house is situated in the 6th or 12th house and conjuncted with malefic/inauspicious planets or aspecting the lord of the 6th house and the lord of the ascendant aspecting the ascendant, Saral Vipareet Rajyoga is formed.

3. When the lord of the twelfth house is situated in the sixth or eighth house and conjuncts with malefic/inauspicious planet or aspects the lord of the sixth house and the lord of the ascendant aspects the ascendant, it creates a Vimal Vipareet Rajyoga.

 

Some important rules of Vipareet Raj Yoga: –

 

Some important rules of Vipareet Raj Yoga
Some important rules of Vipareet Raj Yoga

 

1. If the lord of 3rd, 6th, 8th, 12th house situated in an inauspicious place with auspicious planet or aspected by auspicious planet, then Vipareet Rajyoga is not formed.

2. If Vipareet Rajyoga is being formed but ascendant lord is weak and ascendant lord does not aspect the Ascendant, then Vipareet Rajyoga does not give auspicious results.

3. If a planet is situated in his debilitated sign in the 3rd, 6th or 8th house and the lord of the ascendant aspects the ascendant, then Vipareet Rajyoga is formed.

4. If the lord of 6th, 8th or 12th house is situated in his debilitated sign or is situated in his enemy sign or lord of these house are combust & ascendant lord is aspecting the ascendant, then Vipareet Rajyoga is formed.

5. If the lord of the 6th, 8th and 12th houses aspects the Ascendant while situated in his debilitated sign, and at the same time the lord of the Ascendant aspects the Ascendant, then the Vipareet Rajyoga is formed.

 

A person born in Vipareet Raj Yoga overcomes many types of struggles and adverse circumstances, gets rich and gets happiness like a king, as well as gets good reputation in the society, let’s understand this yoga with some examples of horoscope.

 

Dr. Rajendra Prasad Birth Chart
Dr. Rajendra Prasad Birth Chart

 

In Dr. Rajendra Prasad’s Kundli, the lord of the eighth house situated in the sixth house with Saturn is forming Saral Vipareet Rajyoga and Sun is also aspecting the Moon and the Lord of the Ascendant is aspecting the Ascendant, which is creating a complete Vipareet Rajyog, Dr. Rajendra Prasad remained a very simple hearted person due to the Vipareet Rajyoga and became the President twice.

 

Queen Victoria Birth Chart
Queen Victoria Birth Chart

 

In Queen Victoria’s Kundli, the 8th lord Jupiter is situated in his debilitated sign and is aspecting the Ascendant (see important rule no. 4) and forming Vipareet Rajyoga, as a result of which Victoria became queen at the age of 13 and ruled for 56 years…

 

Let’s try to understand Vipareet Rajyoga with another horoscope:-

 

Indira Gandhi Birth Chart
Indira Gandhi Birth Chart

 

In this horoscope, Saturn, the eighth lord, is situated in his enemy sign in the ascendant and Jupiter, the owner of the sixth house, is in his enemy sign in the benefic position, as well as Moon being the lord of the ascendant, is aspecting the ascendant, which shows the Vipareet Rajyoga. This is the horoscope of Indira Gandhi. There is no need of Introduction, the meaning of explanation is this, that if the lord of the ascendant is strong, then only the full result of Vipareet Rajyoga is achieved.

Jai Shri Ram.

Astrologer:- Pooshark Jetly
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Email:- astrologerpoosharkjetly@astrologysutras.com, pooshark@astrologysutras.com, info@astrologysutras.com
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विपरीत राजयोग: धनवान व राजा के समान सुख देने वाला राजयोग

ज्योतिष में बहुत से योग पर चर्चा करी गयी है उनमें से एक विपरीत राजयोग भी है जिसके बारे में अधिकतर लोग जानते हैं जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि विपरीत राजयोग अर्थात विपरीत भी है और राजयोग भी है इस योग में जन्मा व्यक्ति अनेक विपरीत परिस्थितियों से होते हुए बड़ी सफलता प्राप्त करते हैं व राजा के समान सभी सुखों का अनुभव करते हैं तो चलिए जानते हैं विपरीत राजयोग कब बनता है और उसके कुछ महत्वपूर्ण नियम क्या है?

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विपरीत राज योग कुंडली के विपरीत भावों से बनते हैं कुंडली के ३, ६, ८ व १२ भावों को विपरीत भाव कहा गया है जब इन भावों के स्वामी एक-दूसरे के भाव में बैठें तो विपरीत राजयोग बनता है लेकिन इस राजयोग के कुछ नियम हैं जिनमे ही यह योग अपना पूर्ण फल दिखाता है विपरीत राज योग तीन प्रकार हर्ष, सरल और विमल होते हैं तो चलिए जानते हैं उन नियमों के बारे में:-

१. षष्ठ भाव का मालिक जब अष्टम या द्वादश भाव में बैठे हो और पाप/अशुभ ग्रह के साथ युति किए हों या षष्ठ भाव के मालिक को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो हर्ष विपरीत राजयोग होता है।

२. अष्टम भाव का स्वामी जब षष्ठ और द्वादश भाव में बैठा हो और पाप/अशुभ ग्रह के साथ युति किए हों या षष्ठ भाव के मालिक को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो सरल विपरीत राजयोग होता है।

३. द्वादश भाव का स्वामी जब षष्ठ या अष्टम भाव में बैठें हों और पाप/अशुभ ग्रह के साथ युति किए हों या षष्ठ भाव के मालिक को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो यह विमल विपरीत राजयोग बनाता है।

विपरीत राजयोग कुछ महत्वपूर्ण नियम:-

 

विपरीत राजयोग के कुछ महत्वपूर्ण नियम
विपरीत राजयोग के कुछ महत्वपूर्ण नियम

 

१. यदि ३, ६, ८, १२ स्थान के मालिक अशुभ स्थान में शुभ ग्रह के साथ बैठे या शुभ ग्रह की दृष्टि उन पर हो तो विपरीत राजयोग नही बनता।

२. यदि विपरीत राजयोग बन रहा हो लेकिन लग्नेश कमजोर हो और लग्नेश की लग्न पर दृष्टि न हो तो विपरीत राजयोग के शुभ फल नही होते है।

३. ३, ६ या ८ भाव में कोई ग्रह नीच राशि में बैठे हों और लग्नेश लग्न को देखते हैं तो विपरीत राजयोग बनता है।

४. ६, ८ या १२ भावों के स्वामी नीच राशि में बैठे हों या शत्रु राशि में बैठे हों या अस्त हों और लग्न को देखते हों तो विपरीत राजयोग बनता है।

५. ६, ८ व १२ भाव के मालिक यदि अपनी नीच राशि में बैठकर लग्न को देखते हों साथ ही लग्नेश लग्न को देखते हों तो विपरीत राजयोग बनता है।

विपरीत राजयोग में जन्मा व्यक्ति अनेक प्रकार के संघर्षों व विपरीत परिस्थितियों को पार करते हैं धनवान व राजा के समान सुख प्राप्त करता है साथ ही समाज में अच्छी मान-प्रतिष्ठा प्राप्त करता है, चलिए इस योग को कुछ उदाहरण कुंडली से समझते हैं।

 

डॉ० राजेन्द्र प्रसाद जी लग्न कुंडली
डॉ० राजेन्द्र प्रसाद जी लग्न कुंडली

 

डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी की कुंडली में अष्टम भाव के मालिक ग्रह षष्ठ स्थान में शनि के साथ बैठकर सरल विपरीत राजयोग बना रहा है और सूर्य की दृष्टि भी चंद्रमा पर है एवं लग्नेश गुरु की दृष्टि लग्न पर है जो कि पूर्ण विपरीत राजयोग बना रहे है सरल विपरीत राजयोग होने के कारण से डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद बहुत सरल हिर्दय के व्यक्ति रहे और 2 बार राष्ट्रपति बने।

 

क्वीन विक्टोरिया लग्न कुंडली
क्वीन विक्टोरिया लग्न कुंडली

 

Queen Victoria जी की कुंडली में अष्टमेश गुरु भाग्य स्थान पर नीच राशि में बैठकर लग्न को देख रहे हैं (महत्वपूर्ण नियम संख्या ४ देखें) और विपरीत राजयोग बना रहे हैं जिसके फलस्वरूप विक्टोरिया जी १३ वर्ष की उम्र में महारानी बनी और ५६ वर्षों तक शासन किया।

 

चलिए एक और कुंडली से विपरीत राजयोग को समझने का प्रयास करते हैं:-

 

इंदिरा गाँधी लग्न कुंडली
इंदिरा गाँधी लग्न कुंडली

 

इस कुंडली में अष्टमेश शनि लग्न में शत्रु राशि में बैठे हैं और षष्ठ स्थान के मालिक गुरु लाभ स्थान पर शत्रु राशि में हैं साथ ही चंद्रमा लग्नेश बनकर लग्न को देख रहे हैं जो कि विपरीत राजयोग को दर्शाता है यह इंदिरा गांधी जी की कुंडली है परिचय की आवश्यकता नही, समझाने का मतलब यह है कि यदि लग्नेश बली हो तभी विपरीत राजयोग का पूर्ण फल मिलता है।

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
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वार्षिक राशिफल 2023: जानिए मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए 2023 कैसा रहेगा–Astrology Sutras

वार्षिक राशिफल 2023 मिथुन लग्न व मिथुन राशि
वार्षिक राशिफल 2023 मिथुन लग्न व मिथुन राशि

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार मिथुन लग्न व मिथुन राशि वालों के लिए वर्ष 2023 सामान्य रूप से मिश्रित फल देने वाला रहेगा वर्ष के आरंभ में गुरु का कर्म स्थान और शनि का अष्टम स्थान से गोचर रहेगा जिस कारण से दामपत्य जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव बने रहेंगे व कार्यक्षेत्र में भी किसी प्रकार का तनाव रह सकता है लेकिन शनि और मंगल जनवरी के मध्य भाग में शुभ होकर कुछ राहत देने वाले रहेंगे 30 दिसंबर दाम्पत्य जीवन में सुधार होना धीरे-धीरे शुरू होने के योग रहेंगे, 19 फरवरी 2023 को शनि गोचर बदलकर भाग्य स्थान में आ जाएंगे जो कि शुभ रहेंगे, 22 फरवरी से 15 अप्रैल का समय विद्यार्थियों व प्रेमियों के लिए शुभ रहेगा, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं और लंबे समय से विवाह हेतु प्रयासरत है उनके विवाह हेतु कहीं बात पक्की होने के योग रहेंगे, 19 अप्रैल को गुरु गोचर बदलकर मेष राशि में आ जाएंगे जहाँ राहु पहले से ही बैठे हुए हैं और शनि की भी दृष्टि गुरु और राहु पर लाभ स्थान में रहने के कारण से आय को लेकर मन में कुछ चिंता सी अनुभव हो सकती है साथ ही बड़े भाई-बहन से विचारों में भिन्नता या उनके स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव रह सकता है।

 

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ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार 29 जनवरी से 26 फरवरी, 8 मई से 29 जून, 1 नवंबर से 28 नवंबर और 15 दिसंबर से 31 दिसंबर का समय कुछ मिले-जुले फल देने वाला रहेगा यदि संभव हो तो इस समय में किसी भी शुभ कार्य हेतु या नौकरी परिवर्तन या कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें तो अधिक शुभ रहेगा 8 मई से 29 जून के मध्य किसी करीबी मित्र से या कार्यक्षेत्र में किसी मित्र द्वारा धोखा मिलने के योग रहेंगे, 30 अक्टूबर तक केतु का पंचम स्थान से गोचर समय-समय पर कुछ चिंता देने वाला रहेगा लेकिन अचानक से किसी बड़ी सफलता के प्राप्त होने के योग रहेंगे, अप्रैल से अक्टूबर 2022 के मध्य संतान से विचारों में भिन्नता या संतान के स्वास्थ्य में कुछ समस्या रह सकती है साथ ही प्रेमियों के मध्य भी कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती है।

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन लग्न व मिथुन राशि वाले जो व्यक्ति लंबे समय से किसी प्रॉपर्टी को खरीदने का विचार कर रहे हैं लेकिन किसी न किसी कारण से नही ले पा रहे हैं उनके लिए प्रॉपर्टी खरीदने के अच्छे योग रहेंगे, अक्टूबर 2023 में राहु और केतु का गोचर परिवर्तन शुभ रहेगा कर्म स्थान से राहु का गोचर कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता के योग बनाएगा तो वहीं चतुर्थ स्थान से केतु का गोचर यात्रा के योग को दर्शाता है, माता जी के स्वास्थ्य का ख्याल रखें, जो लोग विवाह योग्य हो गए हैं उनके विवाह के योग बनेंगे, नवदम्पत्तियों को वर्ष के मध्य भाग के बाद संतान से जुड़ा शुभ समाचार प्राप्त होगा, जो लोग प्रेम विवाह के लिए प्रयास कर रहे हैं वर्ष के मध्य भाग के बाद उनके विवाह पक्का होने के योग रहेंगे, 22 फरवरी से 15 अप्रैल, 31 मार्च से 6 जून और 19 अक्टूबर से 5 नवंबर के समय विद्यार्थियों व प्रेमियों के लिए बहुत शुभ रहेगा, जो लोग दादा-दादी या नाना-नानी बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं उन्हें इस वर्ष शुभ समाचार प्राप्त होगा, वर्ष के मध्य व अंतिम भाग में घर में किसी शुभ कार्य के होने के योग रहेंगे, 31 मार्च से 6 जून और 8 से 24 जुलाई के मध्य बड़ा लाभ मिलने के योग रहेंगे, जो लोग नौकरी परिवर्तन का प्लान कर रहे हैं या किसी नए कारोबार का आरंभ करना चाहते हैं उनके लिए यह बहुत शुभ समय रहेगा, 27 जुलाई के बाद का समय विवाहित व्यक्तियों के लिए अच्छा रहेगा व पुराने चले आ रहे तनाव खत्म होंगे, 2 जनवरी से 13 जनवरी, 28 फरवरी से 26 मार्च और 24 अप्रैल से 15 मई के समय बुध अस्त रहेंगे अतः इस समय में जीवन में कुछ उलझने अनुभव हो सकती हैं वर्ष पर्यंत गणेश संकटनाशन स्त्रोत्र का पाठ करना बेहद शुभ रहेगा।

आगे हरि इच्छा प्रवल🙏

जय श्री राम।
Astrologer Pooshark Jetly
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Akshaya Tritiya May 3, 2022: This time 5 great yogas are being made on Akshaya Tritiya

Akshay Tritiya 2022
Akshay Tritiya 2022

 

According to Jyotirvid Pooshark Jetly, Akshaya Tritiya is celebrated on Vaishakh Shukla Tritiya. Due to Vaishakh Shukla Tritiya date being on 3rd May 2022, this time Akshaya Tritiya will be celebrated on 3rd May 2022. This festival of auspicious bath donation for auspicious works. It will be celebrated in Rohini Nakshatra on Tuesday. According to Jyotirvid Pooshark Jaitley ji, this time an auspicious situation of 5 Mahayoga is being formed with 5 planets, which include Ubhayachari, Kedar, Vimal, Shubh Kartari and Sumukh Yoga, as well as the combination of date and constellation being complete day-night. And the whole day will be auspicious for investments etc.

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According to Jyotirvid Pooshark Jetly ji, this year on Akshaya Tritiya, Sun, Moon and Venus will remain in their exalted signs, Guru and Shani will remain in their own sign, that is, due to which two auspicious yogas named Matang and Shobhan are also being formed, due to which Akshaya Tritiya But this great coincidence is happening for the first time. According to astrological fabrication, due to Tritiya date on Tuesday, Siddhi Yoga is being formed, success is definitely achieved in every work done in this yoga, according to mythological beliefs, on the day of Akshaya Tritiya, Lord Shiva gave treasure to Kuber and wealth to Mother Lakshmi. She was given the boon of being a goddess.

It will be auspicious to buy property and gold and silver:-

 

 

According to Jyotirvid Pooshark Jetly Ji, Tritiya Tithi is also called Jaya Tithi i.e. the date of success. Lohitang i.e. son of land is the factor of Mars property, so on Akshaya Tritiya it is very auspicious to buy precious metals, land-buildings, vehicles, Jewellery, machinery, clothes, utensils, furniture and start a job or new business.

According to Jyotirvid Pooshark Jetly ji, the work done on Akshaya Tritiya gives renewable fruits, it is believed that the metal purchased on this day is never destroyed. According to the scriptures, buying gold and silver on the day of Akshaya Tritiya increases happiness and prosperity and there is always happiness in the family.

Note:- According to Jyotirvid Pooshark Jaitley ji, if there is Rohini Nakshatra on Vaishakh Shukla Tritiya Tithi, then the power of the wicked from the earth is weakened, as well as good yield of paddy, so this year, due to the combination of Rohini Nakshatra, there will be a good crop of paddy.

Long live Rama.

Astrologer Pooshark Jetly

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विक्रम संवत्त 2079: जानिए विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव भाग:-१ Astrology Sutras

विक्रम संवत्त २०७९ का वार्षिक राशिफ़ल
विक्रम संवत्त २०७९ का वार्षिक राशिफ़ल

 

ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार विक्रम संवत्त २०७९ की शुरुवात में राहु वृषभ और केतु वृश्चिक राशि से गोचर करेंगे, ९ अप्रैल २०२२ की मध्य रात्रि ४:३१ पर राहु मेष राशि (कृत्तिका १ चरण) और केतु तुला राशि (विशाखा ३ चरण) में प्रवेश करेंगे तथा वर्ष पर्यन्त इन्ही राशि में रहेंगे साथ ही देव गुरु बृहस्पति वर्ष के आरंभ में कुंभ राशि से गोचर करेंगे जो कि ९ अप्रैल २०२२ को दिन के ८:२१ पर मीन राशि (पूर्वाभाद्रपद ४ चरण) में प्रवेश करेंगे और वर्ष पर्यन्त मीन राशि से गोचर करेंगे तो चलिए जानते हैं कि विक्रम संवत्त २०७९ विभिन्न राशियों के लिए कैसा रहेगा।

भाग:-१

 

मेष राशि:-

 

मेष राशिफल
मेष राशिफल

 

मेष राशि वालों के लिए यह वर्ष उन्नति कारक रहेगा, लंबी दूरी की यात्राएं संभव रहेंगी, किसी संपत्ति के क्रय करने के योग बनेंगे, मेष राशि वाले व्यक्तियों की इस वर्ष लोकप्रियता के साथ चिंताएं भी बढ़ने के योग रहेंगे, पित्त विकार या संधिवात से परेशानी संभव रहेगी, घर-परिवार में सामंजस्य बना रहेगा, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें व महिलाओं पर अधिक विश्वास करने से बचें, राज-समाज में मान सम्मान बढेगा, कारोबारी गतिविधियाँ अच्छे ढंग से चलती रहेंगी, कुटुंब में चले आ रहे तनाव कम होंगे, बड़े व्यवसायियों के मध्य मेल-जोल से नए व्यवसाय के मार्ग प्रशस्त होंगे, विद्यार्थियों के लिए अध्यन क्षेत्र में अभिरुचि कम होगी, दामपत्य जीवन में तालमेल बना रहेगा, नौकरी पेशा लोगों के लिए यह वर्ष थोड़ा संघर्ष पूर्ण रह सकता है, सितंबर मास के आस-पास गृहस्थी में खुशी रहेगी, गृहस्थ जीवन के लिए प्रतीक्षा कर रहे लोगों को शुभ समाचार प्राप्त होने की संभावना रहेगी किंतु मित्रों से धन की हानि संभव रहेगी, अक्टूबर मास में कोर्ट-कचहरी के मुकदमों से व्यथा संभव है, हिंदी मास के १, ३, ८, ११ मास कष्टदायक रह सकते हैं।

वृषभ राशि:-

 

वृषभ राशिफल
वृषभ राशिफल

 

वृषभ राशि वालों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा स्वास्थ्य संबंधित सावधानियां रखें, परिवार में धार्मिक कार्य संपन्न होंगे, भाई-बहन से सहयोग प्राप्त होगा, नवीन संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे, माता-पिता का सहयोग प्राप्त होगा, विद्यार्थी वर्ग का पढ़ाई के प्रति रुझान बढ़ेगा, संतान पक्ष से भावनात्मक लगाव बनेगा, अदालत के मामलों में धीमी गति से प्रगति होगी, वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा, नौकरी पेशा लोगों की स्थिति में सुधार होगा, राजनीतिक क्षेत्र में मतभेद बढ़ेंगे, मन कुछ अशांत एवं बोझिल बना रहेगा, सरकारी कार्य पूर्ण होने से आगे का मार्ग प्रशस्त होगा, घर का वातावरण सुखद बना रहेगा, शेयर बाजार का व्यवसाय करने वालों को इस वर्ष अच्छा मुनाफा होगा, बढ़ती जिम्मेदारियों को संभालने में आप समय के साथ सक्षम होते जाएंगे, देश-विदेश से शुभ समाचार प्राप्त होंगे, हिंदी मास के २,५, १० मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

मिथुन राशि:-

 

मिथुन राशिफल
मिथुन राशिफल

 

मिथुन राशि वालों पर शनि की ढैया का प्रभाव रहेगा, कुछ कठिन परिश्रम से संघर्ष के बाद सफलता प्राप्त होगी, व्यर्थ के विवाद में पड़ने से बचें, वर्ष के मध्य में लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, कार्यक्षेत्र की परेशानी के कारण से मानसिक परेशानी बढ़ने की संभावना रहेगी, स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें, भाई-बहनों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार बनास रहेगा, भूमि-मकान-वाहन के क्रय-विक्रय के लिए लाभकारक स्थितियाँ बनेंगी, विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता रहेगी, वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी के मध्य वैचारिक मतभेद बने रह सकते हैं, धार्मिक कार्यों से लाभ होगा, पड़ोसी के व्यवहार से अनंदाभूति का अनुभव होगा, कानूनी विवाद को मध्यस्थता से सुलझाने की कोशिश करें, नए कार्य में सावधानी बरतें, अकस्माक लाभ प्राप्त होने के योग बनेंगे, हिंदी मास के ४, ८, १२ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

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कर्क राशि:-

 

कर्क राशिफल
कर्क राशिफल

 

कर्क राशि वालों के लिए यह वर्ष उत्तम रहेगा, भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा, धन लाभ में आने वाली परेशानियाँ कम होंगी, इष्ट मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, भौतिक सुख-साधनों पर अधिक खर्च होगा, घरेलू समस्याओं का समाधान होगा, माता-पिता के साथ अच्छे संबंध स्थापित होंगे, प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात होने की संभावना रहेगी, विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा, शिक्षा के प्रति मन में जिज्ञासा उत्पन्न होगी, संतान पक्ष के साथ सामान्य मतभेद हो सकते हैं, कोर्ट-कचहरी वाले मामलों में समाधान प्राप्त होगा, वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी अपने दायित्वों के प्रति उदासीन न रहकर सकारात्मक विचार धारा मन में बैठाने का प्रयास करें, नौकरी पेशा लोगों के लिए यह उत्तम समय रहेगा, इच्छित वस्तु का सुख प्राप्त होगा, साझे काम से लाभ मिलेगा, सेहत पर मौसम का प्रभाव पड़ने से स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव संभव रहेगा, परदेश से शुभ समाचार की प्राप्ति संभव है, बनते-बिगड़ते परिवेश से नए आयाम मिलेंगे, दीर्घकालीन विवाद सुलझने के योग बनेंगे, हिंदी मास के २, ३, ९ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

सिंह राशि:-

 

सिंह राशिफल
सिंह राशिफल

 

सिंह राशि वालों के लिए यह वर्ष उन्नतिकारक रहेगा, घर-परिवार में कही का वातावरण बनेगा, रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है, विदेश से लाभ होगा, आर्थिक उन्नति के लिए प्रयासरत रहें, संगीत, गायन, चित्रकला आदि मनोरंजन के साधनों में रुचि बढ़ेगी, भाई-बहनों का पारस्परिक सौहार्द बना रहेगा, नवीन संपत्तियों के क्रय-विक्रय करने के लिए अच्छी स्थितियाँ उत्पन्न होंगी, विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा, प्रेमियों में एक-दूसरे के मध्य सामंजस्य बना रहेगा, संतान की उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे, दामपत्य सुख में वृद्धि होगी, विरोधी पक्ष का दबाब कम होगा, धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे, व्यवसाय में उन्नति व नौकरी पेशा लोगों की पदोन्नति होने के योग बनेंगे, पुराने रोग-ऋणादि से छुटकारा मिल सकता है, मित्रों के साथ यात्रा का अवसर प्राप्त होने के योग बनेंगे, असफलता को परिश्रम से सफलता में बदलने में सफल होंगे, योजना पूर्ति में मदद मिलेगी, वाहनादि का सुख प्राप्त होगा, हिंदी मास के ३, ६, ११ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

कन्या राशि:-

 

कन्या राशिफल
कन्या राशिफल

 

कन्या राशि वालों के लिए यह वर्ष शांतिकारक रहेगा, अच्छे उद्देश्य हेतु किए गए प्रयासों में सफलता प्राप्त होगी, शल्य चिकित्सा के योग बनेंगे अतः स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, जीवन साथी के स्वास्थ्य में भी उतार-चढ़ाव संभव रहेगा, विवादपूर्ण माहौल से दूरी बनाकर रखें, विद्यार्थियों को कुछ कठिन परिश्रम से सफलता प्राप्त होने के योग हैं, संतान पक्ष से थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता रहेगी, कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में विजय प्राप्त होगी, दाम्पत्य जीवन में प्रेम बना रहेगा, भूमि-मकान आदि खरीदने के योग बनेंगे, भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा, माता-पिता का स्वास्थ्य कुछ बाधायुक्त रह सकता है, उदर जनित समस्याएं रह सकती हैं अतः अत्यधिक मिर्च-मसाले वाले व्यंजनों से सावधानी बरतें, व्यवसायियों के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा, अपने बल-पौरुष द्वारा परिस्थितियों पर काबू पाने का प्रयास करें, नए संपर्क से लाभ होगा, मई माह के आस-पास रुका हुआ धन प्राप्त होने के योग बनेंगे, योजनाएं राजनीतिक सहयोग से पूर्ण होंगी, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, मन में नए विचारों का उदय होगा, चौराग्नि भय व्याप्त रहेगा, अकास्मिक लाभ के योग बनेंगे, पड़ोसियों के साथ संबंधों में सुधार होगा, आशा पर निराशा हावी हो सकती है अतः खुद को मजबूत बनाकर अपने प्रयासों में कमी न आने दें, राज-समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी, यात्राओं के योग बनेंगे, विरोधियों के कुचक्र रचना से बचें, जनवरी २०२३ के आस-पास बिगड़े काम बनने की पूर्ण आशा रहेगी, हिंदी मास के २, ४, ९ मास कष्टप्रद रह सकते हैं।

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly
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