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स्वप्न में ईश्वर दर्शन का फल–Astrology Sutras

स्वप्न में ईश्वर दर्शन का फल–Astrology Sutras

 

स्वप्न में ईश्वर दर्शन का फल
स्वप्न में ईश्वर दर्शन का फल

 

अधिकांश लोगों को स्वप्न में ईश्वर दिखाई देते हैं शास्त्रों के अनुसार स्वप्न में ईश्वर का दिखना बेहद शुभ होता है तो चलिए जानते हैं स्वप्न में ईश्वर के दिखाई देने के क्या फल होते हैं:-

 

१. यदि आप मुश्किल दौर से गुजर रहे हों तो उस स्थिति में ईश्वर का स्वप्न में दिखाई देना बेहद शुभ होता है इसका अर्थ यह होता है कि ईश्वर आपको धैर्य व संयम के साथ प्रयास करने और उम्मीद न खोने के संकेत दे रहे हैं।

 

२. यदि आप भक्ति के मार्ग से भटक गए हों और उस स्थिति में यदि स्वप्न में ईश्वर दिखाई दें तो इसका तात्पर्य यह होता है कि ईश्वर आपको भक्ति के मार्ग पर चलने का संकेत दे रहे हैं जो कि आपके कार्य सफलता में लाभप्रद सिद्ध होगा।

 

३. यदि आप स्वप्न में ईश्वर को अपने घर में ही दर्शन देते देखते हैं तो यह बेहद शुभ संकेत होता है जिसका तात्पर्य यह होता है कि आपके पूरे परिवार पर ईश्वर की कृपा बनी हुई है।

 

४. यदि आप स्वप्न में ईश्वर को अपने कार्यस्थल या स्कूल/कॉलेज पर दर्शन देते देखते हैं तो इसका तात्पर्य यह होता है कि आपको कार्यक्षेत्र में कड़ी मेहनत के उपरांत बड़ी सफलता प्राप्त होगी।

 

५. यदि स्वप्न में ईश्वर आपको कोई सलाह दे रहे हैं तो इसका तात्पर्य यह होता है कि ईश्वर आपको अपने अंतर्मन की बात सुनने का संकेत दे रहे हैं।

 

६. यदि स्वप्न में ईश्वर आप पर क्रोधित दिखाई देते हैं तो इसका तात्पर्य यह होता है कि आप कोई ऐसा कार्य कर रहे हैं जिससे ईश्वर आपसे रुष्ठ हैं तथा ईश्वर आपको वह कार्य न करने की सलाह दे रहे हैं।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470, 7007245896

Email:- pooshark@astrologysutras.com

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Astrology Sutras/Logics Recent Post कुछ अचूक टोटके व शाबर मंत्र

स्वप्न फल विचार—Astrology Sutras

स्वप्न फल विचार—Astrology Sutras

 

स्वप्न फल विचार
स्वप्न फल विचार

 

बहुत लोगों के मन में अकसर यह प्रश्न उठता है कि मैंने आज यह स्वप्न देखा इसका क्या फल होगा अतः इस लेख को मैं चार भाग में विभाजित कर स्वप्न फल के विषय पर लिखता हूँ सर्वप्रथम स्वप्न फलों के संबंध में निम्न बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:-

 

◆ रात्रि 3 बजे से सूर्योदय के पूर्व के स्वप्न 7 दिन में फल प्रदान करते हैं।

 

◆ मध्यरात्रि के स्वप्न 1 मास में फल प्रदान करते हैं।

 

◆ मध्यरात्रि से पहले के स्वप्न 1 वर्ष में अपना फल प्रदान करते हैं।

 

◆ दिन के फल महत्वहीन होते हैं।

 

विशेष:- एक रात में एक से अधिक स्वप्न दृश्य हों तो अंतिम स्वप्न ही फलदाई होता होता है, अस्वस्थ और असंयमी के स्वप्न व्यर्थ होते हैं।

 

स्वप्न फल विचार:-

 

स्वप्न शास्त्र
स्वप्न शास्त्र

 

भाग:-१

१. दाँत टूटते देखना:- दुःख और झंझटों का सामना होना।

२. दरवाजा खोलना:- किसी बड़े मित्र से मित्रता होना।

३. दलदल देखना:- व्यर्थ चिंता बढ़े।

४. सुपाड़ी देखना:- रोग से मुक्त होना।

५. धुंआ देखना:- हानि एवं विवाद होना।

६. रस्सी देखना:- यात्रा करें। (अति परेशानी हो)

७. रोटी खाना:- पदोन्नति एवं धन बढ़े।

८. प्रकाश देखना:- उच्च कोटि के साधु से मुलाकात होना।

९. रुई देखना:- स्वस्थ होना, किसी बीमारी से छुटकारा मिलना।

१०. खेती देखना:- लापरवाह होना, संतान प्राप्त होना।

११. भूकंप देखना:- संतान को कष्ट एवं दुःख होना।

१२. सीढ़ी देखना:- सुख-संपत्ति बढ़े।

१३. सुराही देखना:- बुरा संग हो।

१४. चश्मा लगाना:- विद्वत्ता बढ़े।

१५. लाठी देखना:- नाम कमाना।

१६. खाई देखना:- धन एवं प्रसिद्धि प्राप्त होना।

१७. ऊंचाई देखना:- घर में कलह होना।

१८. कुत्ता देखना:- उत्तम मित्र प्राप्त होना।

१९. कलम देखना:- महान व्यक्ति से मुलाकात होना।

२०. टोपी देखना:- दुःख दूर हो, उन्नति हो।

२१. धनुष खींचना:- लाभप्रद यात्रा हो।

२२. कोयला देखना:- व्यर्थ किसी झगड़े में फँसना।

२३. कीचड़ में फँसना:- कष्ट व धम व्यय हो।

२४. बैल या गाय देखना:- मोटी देखें तो लाभ, पतली देखें तो प्रसिद्धि प्राप्त हो।

२५. घर बनाना:- प्रसिद्धि प्राप्त हो।

२६. घास का मैदान देखना:- खूब धन एकत्र करना।

२७. घोड़ा देखना:- संकट दूर हो।

२८. लोहा देखना:- किसी धनवान व्यक्ति से लाभ होना।

२९. घोड़े पर सवार होना:- नौकरी व व्यापार में उन्नति होना।

३०. लोमड़ी देखना:- किसी संबंधी से धोखा मिलना।

३१. मोती देखना:- लड़की पैदा हो।

३२. मुर्दे से बात करना:- मुराद पूरी हो।

३३. बाजार देखना:- दरिद्रता दूर हो।

३४. बड़ी दीवार देखना:- सम्मान मिले।

३५. दीवार में कील ठोंकना:- वृद्ध से लाभ हो।

३६. दतुवन करना:- पाप का प्रायश्चित हो, सुख हो।

३७. खूँटा देखना:- धर्म की ओर अभिरुचि बड़े।

३८. धरती पर विस्तर लगाना:- दीर्घायु हो, सुख-वृद्धि हो।

३९. ऊँची जगह पर चढ़ना:- पदोन्नति एवं प्रसिद्धि प्राप्त हो।

४०. बिल्ली देखना:- चोर या शत्रु से पाला पड़े।

शेष अगले भाग में…..।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470