
ज्योतिर्विद पूषार्क जेतली जी के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती का विवाहोत्सव महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान आशुतोष का विवाह आदि शक्ति के साथ संपन्न हुआ था इस दिन जो भी भक्त श्रद्धा व भक्ति भाव से देवाधिदेव महादेव एवं माता पार्वती की पूजा करते हैं उन्हें सभी पापों से मुक्ति और मृत्यु उपरांत भगवान आशुतोष के चरणों में स्थान प्राप्त होता है।
वर्ष 2023 में फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी 17 फरवरी की रात्रि 08:05 पर लग रही है जो कि 18 फरवरी की शाम 05:43 तक रहेगी इसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी जो कि 19 फरवरी की दोपहर 03:39 तक रहेगी निर्णय सिंधु के अनुसार चतुर्दशी तिथि में प्रदोष व्यापिनी होने पर महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है अतः वर्ष 2023 में महाशिवरात्रि त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी अर्थात 18 फरवरी को मनाई जाएगी।
वर्ष 2023 में पर्व विशेष पर शनि प्रदोष का अद्भुद संयोग बन रहा है जो कि अत्यंत शुभ संयोग है तिथि विशेष पर व्रत-रात्रि जागरण व चार प्रहर में चार विविध प्रकार से शिव जी व माता पार्वती जी के पूजन-अर्चन का विधान है व्रत का पारण 19 फरवरी को चतुर्दशी तिथि में ही किया जाएगा।
जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
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