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प्रेत बाधा निवारण के संबंध में अचूक अनुष्ठान

बहुत से व्यक्ति मेरे पास आते हैं कि उनके परिवार जन किसी भूत-प्रेत बाधा के प्रभाव में हैं जिससे उनकी बहुत ही दयनीय स्थिति हो गयी है और बहुत से तांत्रिक व अनेक विद्वानों के पास जाने से भी कोई राहत नही मिलती अतः उन सभी प्रेरणा व अपने आराध्य श्री हनुमान जी की कृपा से आज मैं कुछ ऐसे अचूक उपाय व अनुष्ठान बता रहा हूँ जिसको पूर्ण श्रद्धा से करने से भूत-प्रेत-पिशाच बाधा से तत्काल मुक्ति मिल जाती है तो चलिए जानते हैं उन उपायों के बारे में:-

 

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ग्यानघन।
जासु हिर्दय आगार बसहिं राम सर चाप धर।।

 

प्रतिदिन ११ माला के हिसाब से ४९ दिवस तक इसका जप करना चाहिए साथ ही श्री हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने बैठकर पंचोपचार से उनकी पूजा कर के कम से कम ७ शनिवार तक प्रत्येक शनिवार को हनुमान चालीसा का १०८ बार पाठ करना चाहिए।

 

६४ यंत्र
६४ यंत्र

 

इस ६४ यंत्र को भोजपत्र पर लाल चंदन जिसे रक्त चंदन भी कहते हैं से लिखकर उसे मँढ़वा कर सभी कमरों में टाँग देना चाहिए व प्रेत की सद्गति हेतु भागवत का सप्ताह अनुष्ठान के रूप में एक पाठ और श्री विष्णु सहस्रनाम के १०८ पाठ कराने चाहिए।

 

जय श्री राम।