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शरीर पर उपस्थित मस्से का महत्व

शरीर पर उपस्थित मस्से का महत्व

 

तिल और मस्सों का रहस्य
तिल और मस्सों का रहस्य

 

जिस प्रकार से शरीर पर उपस्थित तिल का शुभाशुभ फल होता है व उनका अपना महत्व होता है ठीक उसी प्रकार शरीर पर उपस्थित मस्से का भी अपना एक अलग महत्व होता है व शरीर के अनेक भागों पर मस्से के होने के अलग-अलग फल हमारे शास्त्रों ने बताए हैं तो चलिए जानते हैं शरीर के किस स्थान पर मस्सा होने का क्या फल होता है:-

१. सिर पर मस्सा होने से धन लाभ होता है।

२. चेहरे के पृष्ठ भाग पर मस्सा हो तो व्यक्ति सौभाग्यशाली होता है।

३. मस्तिष्क पर मस्सा होने से व्यक्ति धनी होता है।

४. भौंह पर मस्से का होना दुर्भाग्य का सूचक होता है, यदि दोनों भौंहों के मध्य मस्सा हो तो ऐसा व्यक्ति दुष्ट होता है परंतु इनका परिचय क्षेत्र काफी बड़ा होता है, यदि महिला के भौंह पर मस्सा हो तो वह महिला जल्द ही वैधव्य को प्राप्त करती है।

५. पलक पर मस्से का होना अनेक प्रकार के दुःख की ओर संकेत करता है।

६. नेत्रों पर मस्सा प्रियजन से मिलाप होने का संकेत देता है।

७. मस्तिष्क, कनपटी या नेत्र हड्डी के जोड़ स्थान पर मस्सा हो तो ऐसा व्यक्ति सब कुछ त्याग कर सन्यासी होता हो जाता है।

८. यदि नाक व कान पर मस्सा हो तो ऐसा व्यक्ति आभूषण प्रिय होता है और ऐसे व्यक्ति धार्मिक प्रवत्ति के होते है।

९. यदि गाल पर मस्सा हो तो उसका पुत्र लुंज होता है।

१०. दाढ़ी पर मस्सा होना धन लाभ का सूचक होता है।

११. गले पर मस्से का होना व्यक्ति को खान-पान का शौकीन बनाता है।

 

शरीर पर तिल व मस्से और आपका व्यक्तित्व
शरीर पर तिल व मस्से और आपका व्यक्तित्व

 

१२. हिर्दय व वक्ष स्थल पर मस्से का होना पुत्र-सुख का सूचक होता है ऐसे व्यक्ति को संतान में एक पुत्र अवश्य ही प्राप्त होता है।

१३. पसली व उसके आस-पास का मस्सा दुःख का सूचक होता है।

१४. कंधे का मस्सा व्यक्ति को आकर्षक व्यक्तित्व परन्तु अकर्मण्य बनाता है।

१५. पीठ पर मस्से का होना दुःख और चिंताओं से मुक्ति प्रदान कराने का सूचक होता है।

१६. बाँह पर मस्से का होना शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने का सूचक होता है ऐसे व्यक्ति प्रत्येक शत्रु का दमन करने में सक्षम होते हैं।

१७. कलाई का मस्सा व्यक्ति के स्वम् के लिए अशुभ होता है ऐसे व्यक्ति अकसर अपने आपको ही कष्ट देते रहते हैं।

१८. हाथ की अंगुलियों का मस्सा सौभाग्य का सूचक होता है।

१९. पेट पर मस्से का होना सर्जरी का सूचक होता है ऐसे व्यक्ति के जीवनकाल में कम से कम एक सर्जरी की संभावना बनी रहती है।

२०. नाभि पर मस्से का होना चोरी व अग्नि से धन नाश का सूचक होता है।

२१. घुटने पर मस्से का होना गठिया रोग या शत्रुओं से पराजित होने का सूचक होता है।

२२. पिंडलियों पर मस्से का होना गठिया रोग व दुर्घटना से चोट लगने का सूचक होता है।

२३. ऐड़ी पर मस्से का होना चरित्र हनन का सूचक होता है।

विशेष:-

पुरुषों के शरीर पर मस्सा, तिल का दक्षिण भाग पर होना शुभ तथा नारियों के लिए बाएं भाग पर होना शुभ माना जाता है।

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)

Mobile:- 9919367470

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शरीर पर स्थित तिल और आपका व्यक्तित्व

शरीर पर स्थित तिल और आपका व्यक्तित्व

 

भाग:-१

 

शरीर पर तिल और आपका व्यक्तित्व
शरीर पर तिल और आपका व्यक्तित्व

 

हमारे शरीर पर पाए जाने वाले तिल व मस्से विभिन्न प्रकार के होते हैं जिसमें गोलाकार मस्से उत्तम प्रकार के व्यक्तित्व के परिचायक हैं, नुकीले और तिरछे तिल व मस्से अच्छे नही होते हैं यदि तिलों का रंग हल्का भूरा है तो उसे सौभाग्य का प्रतीक मानते हैं, शरीर पर पाया जाने वाला प्रत्येक तिल अपनी अलग-अलग विशेषता और महत्व रखता है, अत्यधिक काले तिल को जीवन में कठिनाई और समस्याओं का प्रतीक माना गया है शरीर पर पाए जाने वाले तिलों की स्थिति से आप अपने व दूसरों के स्वभाव व व्यवहार का सरलता से अनुमान लगा सकते हैं:-

 

तिल के निशान का फलकथन
तिल के निशान का फलकथन

 

माथे पर तिल:-

 

माथे पर, सीधी तरफ तिल महिलाओं की सफलता, ऐश्वर्य व प्रतिष्ठा का प्रतीक है ऐसे व्यक्ति को क्रोध अधिक आता है व बहुत तीव्र गति से आता है, ऐसे व्यक्ति आत्मविश्वासी होते हैं साथ ही ऐसे व्यक्ति धनवान भी होते हैं परंतु फिजूल खर्चों पर अपना धन भी व्यय करते रहते हैं, यदि तिल या मस्सा बाईं ओर हो तो वह समस्याओं व कठिनाइयों का प्रतीक होता है।

 

आँख का तिल:-

 

आँख के ऊपर का तिल व्यक्ति के ठंडे स्वभाव का प्रतीक है किंतु ऐसे व्यक्ति धोखेबाज भी होते हैं।

 

भौंह का तिल:-

 

भौंह का तिल व्यक्ति के जीवन में संघर्ष परंतु सफलता बताता है, ऐसे व्यक्ति को अपने घर में तथा घर के बाहर भी सफलता मिलती हैं, आँख के बाहरी कोने का तिल व्यक्ति के ईमानदार होने का सूचक होता है तथा बाईं ओर का तिल आराम का सूचक होता है।

 

नाक का तिल:-

 

नाक पर स्थित तिल व्यक्ति को सरल चित्त बनाता है ऐसे व्यक्ति जीवन में सफल भी होते हैं, इनका विवाह अच्छी जगह, अच्छे खानदान में होता है, अचानक ऐसे व्यक्तियों को कल्पना से अधिक धन प्राप्त होता है, नाक के सीधी (दाईं) ओर का तिल यात्राओं की सूचना देता है, नाक पर बाई ओर का तिल बताता है कि ऐसा व्यक्ति विश्वास के काबिल नही होता है क्योंकि ऐसे व्यक्ति धोखा-धड़ी में निपुण होते हैं, नाक की नोक का तिल अत्यधिक क्रोध व झगड़ालू प्रवृत्ति का सूचक होता है।

 

गाल पर तिल:-

 

यदि महिला के दाएं गाल पर तिल हो तो अच्छा होता है जिससे उन्हें अच्छा घर-बार मिलता है, उनका मित्रों/सहेलियों में सम्मान होता है, यदि तिल महिला के बाईं गाल पर लाल रंग का हो तो उसे धन दौलत मिलती है परंतु यदि इसी भाग पर काला तिल हो तो मन-पसंद जगह पर विवाह होता है और यदि गाल के दोनों तरफ तिल हो तो उन्हें प्रत्येक कार्य में सफलता मिलती है।

 

शरीर पर तिल के निशान का महत्व
शरीर पर तिल के निशान का महत्व

 

होंठ पर तिल:-

 

महिलाओं के ऊपरी होंठ पर तिल उन्हें खुशहाल जीवन व धन प्रदान करता है, वैसे भी ऐसी महिला हंसमुख स्वभाव वाली होती हैं, महिलाओं के निचले होंठ पर तिल का होना अशुभ होता है।

 

कानों पर तिल:-

 

कानों पर तिल का होना धन-दौलत से संपन्न किन्तु घुमक्कड़ प्रवृत्ति के व्यक्तित्व की निशानी होती है ऐसे लोगों को प्रसिद्धि भी प्राप्त होती है, यदि तिल कान के अंदर स्थित है तो यह व्यक्ति की ऐश-परस्ती, मौज-मस्ती परंतु धोखा व फरेब पसंदी का सूचक है परंतु, महिलाओं के कानों पर तिल का होना अच्छे घर-बार व धन-दौलत का प्रतीक होता है।

 

गर्दन पर तिल:-

 

गर्दन पर तिल का होना अच्छा होता है यह तिल जीवन भर खुशहाली व धन-दौलत प्रदान करता है।

 

सीने पर तिल:-

 

सीने का तिल बुद्धिमत्ता व उत्तम सोच-विचार का सूचक होता है, महिलाओं के दाएं पुश्त पर तिल अधिक संतान की इच्छा बताता है ऐसे तिल वाली स्त्रियों की मृत्यु अक्सर अपने पति से पहले हुआ करती है, ऐसे व्यक्ति आराम-तलब व झगड़ालू भी होते हैं, यदि तिल बाईं तरह है तो ऐसे व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं परंतु उनका भाग्य हमेशा उत्तम ही रहता है।

 

ठोड़ी पर तिल:-

 

पुरुष की ठोड़ी पर तिल उसके अच्छे भाग्य का सूचक होता है, “शास्त्रों के अनुसार श्री राम चन्द्र जी के ठोड़ी पर भी तिल था” जिन स्त्रियों के ठोड़ी पर तिल हो वो अकसर अधिक संतान की इच्छा रखा करती हैं।

 

पसलियों पर तिल:-

 

जिन लोगों की पसलियों पर तिल होता है उनको सफलता पाने के लिए अत्यधिक परिश्रम करना पड़ता है।

 

कंधों पर तिल:-

 

ऐसे लोग फितरती, घूमने-फिरने के लिए हमेशा बेचैन रहते हैं ऐसे व्यक्तियों का अधिक समय तक एक ही स्थान पर टिक पाना संभव नही होता है, सैर-सपाटा और अधिकतर यात्राएं करते रहते हैं, यदि तिल दाएं कंधे पर हो तो अच्छी जगह, अच्छे खानदान में विवाह का सूचक होता है, पुरुषों के बाएं कंधे पर तिल उसे मस्त-मौला स्वभाव का बनाता है परंतु ऐसे व्यक्ति विषम परिस्थितियों में भी प्रसन्नचित्त पाए जाते हैं और घबराहट इनसे दूर भागती है।

 

“पोस्ट की लंबाई को ध्यान में रखते हुए इस लेख को दो भागों में प्रकाशित करूँगा।”

 

जय श्री राम।

Astrologer:- Pooshark Jetly

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