Astrology Sutras/Logics

षष्ठ भाव में स्थित शनि का फल
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रोग भाव में स्थित शनि का फल

May 10, 2020

रोग भाव में स्थित शनि का फल     कुंडली के छठे भाव से हम रोग, शत्रु, ऋण, संघर्ष, मामा का विचार करते हैं जहाँ बैठा शनि इन सभी को प्रवाभित करता है ग्रंथकारों के अनुसार यदि शनि छठे भाव में स्थित हो तो शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है, अचानक धन प्राप्त होने के […]

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सूर्य एक परिचय
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सूर्य: एक परिचय व सूर्य जनित रोग

May 8, 2020

सूर्य ग्रह: एक विस्तृत परिचय, स्वभाव और सूर्य जनित रोग (Sun Analysis in Hindi) ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा माना गया है। वराहमिहिर जी ने सूर्य को शहद के समान लाल रंग का बताया है। जब कड़ी धूप में सूर्य को देखें तो ऐसा ही प्रतीत होता है, और यदि सूक्ष्म दृष्टि […]

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पंचम भाव में स्थित शनि का फल
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संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग २

May 3, 2020

संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग २     भाग १ पढ़ने के लिए इस लिंक पर जाएं संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १     यदि पंचम भाव में उच्च राशि का शनि स्थित हो जो कि मिथुन लग्न की कुंडली में ही संभव है तो ऐसे व्यक्ति की संतान ईर्ष्यालु […]

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पंचम भाव में स्थित शनि का फल
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संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १

April 24, 2020

संतान भाव में नपुंसक ग्रह शनि भाग १     जन्म कुंडली के पंचम भाव से हम बुद्धि, विद्या, संतान, उदर, बौद्धिक क्षमता, पिछले जन्म का विचार करते हैं अतः इन भावों में स्थित शनि का स्थित होना इन सभी को प्रभावित करता है मेरे अनुभव में यह भी आया है कि यदि शनि पंचम […]

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चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल
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चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग २

April 22, 2020

चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग २     चतुर्थ भाव में स्थित शनि के फल मैंने दो भागों में विभक्त किया था जिसके पहले भाग की link को मैं इस पोस्ट में उपलब्ध करा रहा हूँ साथ ही उसी विषय पर आगे चर्चा करते हुए शनि के चतुर्थ भाव में विभिन्न स्थितियों […]

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नाड़ी दोष: क्या सच में है मृत्यु का भय? 3 प्रकार और परिहार - Nadi Dosh in Kundali
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शादी से पहले कुंडली में ‘नाड़ी दोष’ क्यों है खतरनाक? (जानें मृत्यु योग का सच और अचूक परिहार)

April 21, 2020

नाड़ी दोष व उसका परिहार नाड़ी दोष:- कुंडली मिलान की प्रकिया में अष्ट कूट का मिलान किया है वह अष्ट कूट क्रमशः वर्ण, वश्य, तारा, योनी, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी होते हैं इन अष्ट कूटों में प्रत्येक का अपना-अपना महत्व होता है, इस लेख में मैं नाड़ी पर चर्चा करता हूँ क्योंकि यह […]

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ग्रहों के कारकतत्व
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ग्रहों के कारकतत्व भाग १

April 21, 2020

ग्रहों के कारकतत्व भाग १     सूर्य:-   तांबा, सोना, पिता, धैर्य, शौर्य, आत्मा, प्रकाश, जंगल, मंदिर, हवन, उत्साह, शक्ति, पहाड़ में यात्रा, भगवान शिव से संबंधित कार्यों का कारक होता है।   चंद्र:-   अन्न, खेती, जल, गाय, माता का कुशल, फल, पुष्प, मोती, चांदी, वस्त्र, सफेद वस्तु, मुलायम वस्तु, यश, काँसा, दूध, […]

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ग्रह व उनके भाग्योदय वर्ष
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ग्रह व उनके भाग्योदय वर्ष: जानें कौन से ग्रह किस आयु में कराते हैं भाग्योदय

April 20, 2020

ग्रह व उनके भाग्योदय वर्ष: जानें कौन से ग्रह किस आयु में कराते हैं भाग्योदय     सूर्य:- यह सिंह राशि का स्वामी होता है मेष के 10 अंश पर उच्च स्थान और तुला के 10 अंश पर नीच का होता है यह भाग्योदय 22वें वर्ष में करवाता है इसका रत्न माणिक होता है। चंद्र:- […]

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चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल
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चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग १

April 20, 2020

चतुर्थ भाव में स्थित शनि का फल भाग १     कुंडली का चतुर्थ भाव सुख, माता, वाहन, भूमि, मानसिक स्थिति, घर के वातावरण, छाती, प्रारंभिक शिक्षा को दर्शाता है जहाँ बैठा शनि इन सभी को प्रभावित करता है क्योंकि शनि विरक्ति का कारक है चतुर्थ भाव में बैठा शनि व्यक्ति को बचपन में रोग-पीड़ा […]

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