स्वप्न फल विचार—Astrology Sutras
स्वप्न फल विचार—Astrology Sutras

बहुत लोगों के मन में अकसर यह प्रश्न उठता है कि मैंने आज यह स्वप्न देखा इसका क्या फल होगा अतः इस लेख को मैं चार भाग में विभाजित कर स्वप्न फल के विषय पर लिखता हूँ सर्वप्रथम स्वप्न फलों के संबंध में निम्न बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:-
◆ रात्रि 3 बजे से सूर्योदय के पूर्व के स्वप्न 7 दिन में फल प्रदान करते हैं।
◆ मध्यरात्रि के स्वप्न 1 मास में फल प्रदान करते हैं।
◆ मध्यरात्रि से पहले के स्वप्न 1 वर्ष में अपना फल प्रदान करते हैं।
◆ दिन के फल महत्वहीन होते हैं।
विशेष:- एक रात में एक से अधिक स्वप्न दृश्य हों तो अंतिम स्वप्न ही फलदाई होता होता है, अस्वस्थ और असंयमी के स्वप्न व्यर्थ होते हैं।
स्वप्न फल विचार:-

भाग:-१
१. दाँत टूटते देखना:- दुःख और झंझटों का सामना होना।
२. दरवाजा खोलना:- किसी बड़े मित्र से मित्रता होना।
३. दलदल देखना:- व्यर्थ चिंता बढ़े।
४. सुपाड़ी देखना:- रोग से मुक्त होना।
५. धुंआ देखना:- हानि एवं विवाद होना।
६. रस्सी देखना:- यात्रा करें। (अति परेशानी हो)
७. रोटी खाना:- पदोन्नति एवं धन बढ़े।
८. प्रकाश देखना:- उच्च कोटि के साधु से मुलाकात होना।
९. रुई देखना:- स्वस्थ होना, किसी बीमारी से छुटकारा मिलना।
१०. खेती देखना:- लापरवाह होना, संतान प्राप्त होना।
११. भूकंप देखना:- संतान को कष्ट एवं दुःख होना।
१२. सीढ़ी देखना:- सुख-संपत्ति बढ़े।
१३. सुराही देखना:- बुरा संग हो।
१४. चश्मा लगाना:- विद्वत्ता बढ़े।
१५. लाठी देखना:- नाम कमाना।
१६. खाई देखना:- धन एवं प्रसिद्धि प्राप्त होना।
१७. ऊंचाई देखना:- घर में कलह होना।
१८. कुत्ता देखना:- उत्तम मित्र प्राप्त होना।
१९. कलम देखना:- महान व्यक्ति से मुलाकात होना।
२०. टोपी देखना:- दुःख दूर हो, उन्नति हो।
२१. धनुष खींचना:- लाभप्रद यात्रा हो।
२२. कोयला देखना:- व्यर्थ किसी झगड़े में फँसना।
२३. कीचड़ में फँसना:- कष्ट व धम व्यय हो।
२४. बैल या गाय देखना:- मोटी देखें तो लाभ, पतली देखें तो प्रसिद्धि प्राप्त हो।
२५. घर बनाना:- प्रसिद्धि प्राप्त हो।
२६. घास का मैदान देखना:- खूब धन एकत्र करना।
२७. घोड़ा देखना:- संकट दूर हो।
२८. लोहा देखना:- किसी धनवान व्यक्ति से लाभ होना।
२९. घोड़े पर सवार होना:- नौकरी व व्यापार में उन्नति होना।
३०. लोमड़ी देखना:- किसी संबंधी से धोखा मिलना।
३१. मोती देखना:- लड़की पैदा हो।
३२. मुर्दे से बात करना:- मुराद पूरी हो।
३३. बाजार देखना:- दरिद्रता दूर हो।
३४. बड़ी दीवार देखना:- सम्मान मिले।
३५. दीवार में कील ठोंकना:- वृद्ध से लाभ हो।
३६. दतुवन करना:- पाप का प्रायश्चित हो, सुख हो।
३७. खूँटा देखना:- धर्म की ओर अभिरुचि बड़े।
३८. धरती पर विस्तर लगाना:- दीर्घायु हो, सुख-वृद्धि हो।
३९. ऊँची जगह पर चढ़ना:- पदोन्नति एवं प्रसिद्धि प्राप्त हो।
४०. बिल्ली देखना:- चोर या शत्रु से पाला पड़े।
शेष अगले भाग में…..।
जय श्री राम।
Astrologer:- Pooshark Jetly
Astrology Sutras (Astro Walk Of Hope)
Mobile:- 9919367470






