वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की साफ-सफाई के कुछ नियम जिनका ध्यान रखने से घर में सुख शांति बनी रहती है
वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस घर में रोज साफ-सफाई होती है वहाँ देवी लक्ष्मी का वास होता है अतः घर की साफ-सफाई हेतु वास्तु शास्त्र में कुछ नियम बताए गए हैं जिनका पालन किया जाए तो घर में सुख व समृद्धि के रास्ते खुल जाते हैं क्योंकि घर में रखी हर वस्तु का घर के सदस्यों की तरक्की, सेहत व मानसिक स्थिति पर असर पड़ता है।
साफ-सफाई का समय:-
वास्तु शास्त्र के अनुसार सूर्यास्त के बाद और ब्रह्म मुहूर्त्त में झाड़ू नही लगाना चाहिए और यदि किसी कारण से घर की साफ-सफाई करनी पड़े तो सफाई में निकले कचरे को सुबह सूर्योदय के बाद घर से बाहर फेकना चाहिए।
घर के सभी कोनों की सफाई:-
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का ईशान कोण और वायव्य कोण और उत्तर दिशा हमेशा साफ और खाली रहना चाहिए क्योंकि इन स्थानों पर धन के देवता कुबेर का वास होता है ।
छत या बालकनी की सफाई:-
घर की छत और बालकनी पर कभी भी कबाड़ या टूटी-फूटी चीजें नही रखनी चाहिए ऐसा करने से घर में दरिद्रता और बीमारी आती है।
बाथरूम की साफ-सफाई:-
वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम को हमेशा साफ रखना चहिए और बाथरूम में कहीं भी मकड़ी के जाल नही होने चाहिए क्योंकि घर का बाथरूम गंदा होने पर भी वास्तु दोष उत्पन्न होता है।






