अक्षय नवमी 2025: जानिए अक्षय नवमी का महत्व व शुभ मुहूर्त्त

कार्तिक माह में देवउठनी एकादशी से दो दिन पहले पड़ने वाली नवमी को आंवला नवमी, इच्छा नवमी और अक्षय नवमी के नाम से जाना जाता है, इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के पेड़ की भी पूजा की जाती है अक्षय का अर्थ ही है कभी न नष्ट होने वाला अतः अक्षय नवमी पर किए गए दान-पुण्य, व्रत व अन्य शुभ कार्यों से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है।

अक्षय नवमी शुभ मुहूर्त्त

“ऋषिकेश पंचांग (काशी)” अनुसार वर्ष 2025 में कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि 29 अक्टूबर की मध्य रात्रि 04:52 पर लगेगी जो कि 30 अक्टूबर की मध्य रात्रि 04:41 तक रहेगी अतः अक्षय नवमी 30 अक्टूबर को मनाई जाएगी इस दिन प्रातः 07:46 से 10:02 तक वृश्चिक लग्न और श्रवण नक्षत्र में पूजन मुहूर्त्त है।

इसके अतिरिक्त स्थिर लग्न कुंभ दोपहर 01:56 से 03:27 और वृषभ लग्न शाम 06:32 से रात्रि 08:28 का समय भी पूजन के लिए उत्तम है।

अक्षय नवमी का महत्व

धर्म शास्त्रों के अनुसार मान्यता है कि अक्षय नवमी के दिन किया गया पुण्य, दान या जप-तप कभी नष्ट नहीं होता तथा इस दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन पकाकर करने से उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त होता है और सुख-समृद्धि के रास्ते बनते हैं।​

अक्षय नवमी के दिन आंवले वृक्ष, भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी के साथ तुलसी की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति, अक्षय पुण्य फल और सौभाग्य की प्राप्ति होती है साथ ही आर्थिक स्थिरता भी बनी रहती है।