दूसरे भाव में शनि का फल
कुंडली का दूसरा भाव वाणी, नेत्र, चेहरा, धन, परिवार/कुटुंब का भाव होता है ऐसी स्थिति में यदि शनि जैसा अलगाववादी ग्रह दूसरे भाव में बैठता है तो यह दर्शाता है कि ऐसे व्यक्ति की वाणी में सत्यता होगी और यदि शनि यदि अग्नि तत्व की राशि में स्थित हो तथा मंगल द्वारा देखा जाता हो […]
