Puja Sangrah

देवउठनी एकादशी व्रत कथा
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देवउठनी एकादशी व्रत कथा

November 1, 2025

एक राजा थे जिनके राज्य में सभी लोग एकादशी का व्रत रखा करते थे प्रजा, नौकर-चाकरों से लेकर पशुओं तक को एकादशी के दिन अन्न नहीं दिया जाता था, एक दिन किसी दूसरे राज्य का एक व्यक्ति राजा के पास आकर बोला हे महाराज! कृपा करके मुझे नौकरी पर रख लीजिए मुझे नौकरी की अत्यंत […]

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सोलह सोमवार व्रत, कथा और उद्यापन विधि
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सोलह सोमवार व्रत-कथा और उद्यापन विधि

October 30, 2025

सोलह सोमवार व्रत भगवान शिव व माँ गौरी की कृपा प्राप्त करने का मुख्य व्रत है जिससे जीवन में सुख-शांति, आर्थिक समृद्धि, वैवाहिक खुशहाली और सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है विशेषकर अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए और विवाहित महिलाएं अपने दाम्पत्य जीवन में मधुरता तथा पति की लंबी आयु के लिए […]

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रक्षा स्तोत्रम्
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रामरक्षास्तोत्रम्

October 29, 2025

विनियोग: अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमंत्रस्य बुधकौशिक ऋषि: श्रीसीतारामचंद्रो देवता अनुष्टुप् छन्द: सीता शक्ति: श्रीमान् हनुमान् कीलकं श्रीरामचंद्रप्रीत्यर्थे श्रीरामरक्षास्तोत्र पाठे विनियोग:। ध्यानम् ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थं पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्। वामाङ्‌कारूढसीतामुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं नानालङ्‌कारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डनं रामचंद्रम्॥ ॥इति ध्यानम्॥ चरितं रघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम्। एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्॥१॥ ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम्। जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमण्डितम्॥२॥ सासितूणधनुर्बाणपाणिं नक्तं चरान्तकम्। स्वलीलया जगत्त्रातुमाविर्भूतमजं विभुम्॥३॥ रामरक्षां पठेत्प्राज्ञ: पापघ्नीं […]

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दारिद्र्यनाशनं सिद्धिलक्ष्मीस्तोत्रम्
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दारिद्र्यनाशनं सिद्धिलक्ष्मीस्तोत्रम्

October 26, 2025

।।श्री गणेशाय नमः।। ॐ अस्य श्रीसिद्धिलक्ष्मीस्तोत्रस्य हिरण्यगर्भ ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, सिद्धिलक्ष्मीर्देवता, मम समस्त दुःखक्लेशपीडादारिद्र्यविनाशार्थं सर्वलक्ष्मीप्रसन्नकरणार्थं महाकालीमहालक्ष्मीमहासरस्वतीदेवताप्रीत्यर्थं च सिद्धिलक्ष्मीस्तोत्रजपे विनियोगः। ॐ सिद्धिलक्ष्मी अङ्गुष्ठाभ्यां नमः। ॐ ह्रीं विष्णुहृदये तर्जनीभ्यां नमः। ॐ क्लीं अमृतानन्दे मध्यमाभ्यां नमः। ॐ श्रीं दैत्यमालिनी अनामिकाभ्यां नमः। ॐ तं तेजःप्रकाशिनी कनिष्ठिकाभ्यां नमः। ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं ब्राह्मी वैष्णवी माहेश्वरी करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः। एवं हृदयादिन्यासः। ॐ […]

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श्री लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम्

October 26, 2025

देव्युवाच- देवदेव! महादेव! त्रिकालज्ञ! महेश्वर! करुणाकर देवेश! भक्तानुग्रहकारक!॥ अष्टोत्तर शतं लक्ष्म्याः श्रोतुमिच्छामि तत्त्वतः॥ ईश्वर उवाच- देवि! साधु महाभागे महाभाग्य प्रदायकम्। सर्वैश्वर्यकरं पुण्यं सर्वपाप प्रणाशनम्॥ सर्वदारिद्र्य शमनं श्रवणाद्भुक्ति मुक्तिदम्। राजवश्यकरं दिव्यं गुह्याद्-गुह्यतरं परम्॥ दुर्लभं सर्वदेवानां चतुष्षष्टि कलास्पदम्। पद्मादीनां वरान्तानां निधीनां नित्यदायकम्॥ समस्त देव संसेव्यं अणिमाद्यष्ट सिद्धिदम्। किमत्र बहुनोक्तेन देवी प्रत्यक्षदायकम्॥ तव प्रीत्याद्य वक्ष्यामि समाहितमनाश्शृणु। अष्टोत्तर शतस्यास्य […]

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शिवकृतम् दुर्गास्तोत्रम्
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शिवकृतम् दुर्गास्तोत्रम्

October 25, 2025

रक्ष रक्ष महादेवि दुर्गे दुर्गतिनाशिनि। मां भक्तमनुरक्तं च शत्रुग्रस्तं कृपामयि॥१॥ विष्णुमाये महाभागे नारायणि सनातनि। ब्रह्मस्वरूपे परमे नित्यानन्दस्वरूपिणी॥२॥ त्वं च ब्रह्मादिदेवानामम्बिके जगदम्बिके। त्वं साकारे च गुणतो निराकारे च निर्गुणात्॥३॥ मायया पुरुषस्त्वं च मायया प्रकृतिः स्वयम्। तयोः परं ब्रह्म परं त्वं बिभर्षि सनातनि॥४॥ वेदानां जननी त्वं च सावित्री च परात्परा। वैकुण्ठे च महालक्ष्मीः सर्वसम्पत्स्वरूपिणी॥५॥ मर्त्यलक्ष्मीश्च क्षीरोदे कामिनी […]

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